गर्मी का सीजन आने से पहले ही धधकने लगे चमोली के जंगल

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अभी गर्मी का मौसम शुरू भी नहीं हुआ है और चमोली जिले की पहाड़ियां बर्फ से ढकी हुई हैं। इसके बावजूद चमोली जिले के अधिकांश जंगल वनाग्नि से धधक रहे हैं। वनाग्नि से वन्य प्राणियों का जीवन तो संकटमय बना हुआ है कि जंगलों में लगी आग से निकलने वाले धुएं से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से भी जूझना पड़ रहा है। हालांकि वन विभाग के कर्मचारी और ग्रामीण आग बुझाने का प्रयास कर रहे हैं।
आजकल चमोली जिले के दशोली विकास खंड के पीपलकोटी क्षेत्र के कम्यार के जंगलों के साथ ही जोशीमठ के उर्गम घाटी के जंगल वनाग्नि से धू-धू कर जल रहे हैं। उर्गम क्षेत्र के ग्रामीण रघुवीर सिंह का कहना है कि पिछले दो दिनों से उर्गम घाटी के भर्की, भेटा, अरोसी के जंगलों में भंयकर आग लगी हुई है। ग्रामीण उसको बुझाने का प्रयास भी कर रहे हैं लेकिन आग इतनी ज्यादा लगी हुई है कि उस पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका है।
ग्रामीणों का कहना है कि आग के कारण वन्य प्राणी भी अपनी जान बचाने के लिए निचले स्थानों की ओर आने लगे हैं। धुएं के कारण लोगों को सांस लेने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले दो दिनों से पीपलकोटी के सामने की पहाड़ी के राम चाडा, डांडा, बंडीधूरा, सल्ला कम्यार के  आस पास के जंगल धू-धू कर जल रहे हैं। आग अलग-अलग स्थानों पर लग रही है। केदारनाथ वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाले इन जंगलों में किसने आग लगाई वन विभाग इसकी तहकीकात में लगा हुआ है।
वन विभाग कम्यार की महिला मंगल दल के साथ मिलकर जंगलों में लगी आग को बुझाने का प्रयास कर रहा है। वन दरोगा नरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि रेंज के सभी वन कर्मी, अधिकारी, महिला मंगल दल कम्यार के साथ मिलकर जंगलों में लगी आग को बुझाने में लगे हैं। वन दरोगा ने बताया कि जंगलों में आग लगाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश जारी है।
खास बात यह है कि पहाड़ों में जिस तरह से इस बार भारी हिमपात हुआ है और अभी भी ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फ साफ दिखायी दे रही है उससे अंदाजा लगाया जा रहा था कि इस बार वनाग्नि से जंगल प्रभावित नहीं होंगे लेकिन इसके अभी गर्मी शुरू भी नहीं हुई है और जंगल धू-धू कर जलने लगे हैं।
क्या कहते हैं स्वास्थ्य अधिकारी
हवा में धुएं के घुलने के कारण सांस संबंधी सभी प्रकार की बीमारियां सामने आती हैं। धुएं के कारण दम घुटने की समस्या सबसे ज्यादा सामने आती है। इससे खांसी, जुखाम आदि की भी परेशानी हो सकती है।