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परिवहन विभाग के नियमों का हो रहा उल्लंघन

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भारत के संविधान का पालन करना हर नागरिक का कर्तव्य है। जो नियम व क़ानून न्यायालय ने बनाए हैं उनका पालन करना हर नागरिक को करना चाहिए। ऐसे में कुछ लोग पावर की चकाचौंद दिखाने में लिप्त कानून की धज्जियां उड़ाते हैं। कई लोग अपनी वाहन पर अवैध रूप से लाल बत्ती का प्रयोग करते है और कुछ लोग अपने निजी वाहन पर बोर्ड लगा कर अपने आप को सरकार मान लेते हैं। जब की वाहन पर बोर्ड लगाना व सरकारी विभाग का नाम लिखना निजी वाहन पर अवैध माना जाता है।
परिवहन विभाग की माने तो निजी वाहन पर लाल बत्ती व सरकारी विभाग का नाम लिखना नियम का वाइलेशन माना गया है। न्यायालय ने लाल बत्ती के प्रयोग को निर्धारित करते हुए कहाँ है कि वही लोग बत्ती का प्रयोग कर सकते हैं जो नियम के अंतगर्त आते हैं।
सहायक परिवहन आयुक्त एस के सिंह ने बताया कि ”जिला स्तर पर सिमित संख्या में मान अनुभव है जो लाल बत्ती का उपयोग कर सकते हैं”। अगर नियम के विरुद्ध कोई बोर्ड या लालबत्ती लगाता है तो यह उचित नही है। कभी कबार आम लोग और राजनितिक दलों के नेतागण लाल बत्ती लगा लेते हैं, वो भी बिना जानकारी के। जो लोग लाल बत्ती गैर कानूनी तरह से लगाते है तो उनका चलान काटा जाता है और बत्ती जब्त कर दी जाती है।
लाल बत्ती, गाड़ी के आगे बोर्ड व हूटर वो ही लोग लगा सकते हैं जो निर्धारित हैं। कोई अगर अनाधिकृत प्रयोग करता हैं तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। परिवहन विभाग ने 18 से 20 टीम  गठित कर रखी है जो समय-समय में चेकिंग करते हैं। पूरे प्रदेश में इन टीमों का काम यह है कि- गैर कानूनी तरीके से वाहन पर सरकारी नाम लिखा हुआ हो या लाल बत्ती का उपयोग कर रहे हो उनको रोक लगाकर कार्रवाई कि जाए।
यह है नियम:
मोटरयान अधिनियम, 1988 एंव केंद्रीय मोटरयान नियमावली, 1989 के प्रावधानो के अनुसार वाहनो में नम्बर प्लेट पर पंजीयन संख्या के अतिरिक्त कुछ भी अंकित किया जाना दण्डनीय अपराध है एंव किसी गैर सरकारी वाहन में नेमप्लेट लगाए जाने की व्यवस्था वर्तमान में नहीं है। समय-समय पर प्रवर्तन की कार्यवाही के दौरान ऐसा देखा गया कि विभिन्न गैर सरकारी निजी वाहन, टैक्सी एंव किराये के वाहनों में रजिस्ट्रेशन प्लेट के अतिरिक्त प्रभाव सूचक विभिन्न प्रकार की नाम पट्टिका, उत्तराखण्ड सरकार की मुहर का प्रयोग अनधिकृत रूप से किया जा रहा है। ऐसे वाहनो में नेमप्लेट भारत सरकार एंव  उत्तराखण्ड सरकार की मुहर/ चिन्ह का प्रयोग किया जाना नियमो के विरुद्ध है।

विकासनगर क्षेत्र की महिला फारेस्ट गार्ड रिश्वत लेते गिरफ्तार

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विजिलेंस ने वन पंचायत सचिव का काम देख रहीं महिला फारेस्ट गार्ड को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी 1 लाख 88 हजार के चैक पर साइन करने के लिए सरपंच से 50 हजार की मांग कर रही थी। रिश्वत की पहली किश्त लेते हुए उसे रंगो हाथों पकड़ा गया।
विकासनगर क्षेत्र के कोटि गांव में वन पंचायत सचिव किरण को विजिलेंस की टीम ने 20 हज़ार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथो दबोचा । जयपाल शिकायतकर्ता से 50 हज़ार की रुपए की मांग करी थी जिसमे से 20 हजार एडवांस के लिए बोला। जयपाल ने तभी विजिलन्स को शिकायत कर बुधवार को विजिलन्स की टीम ने पैसे देने के तुरंत बाद किरण को रंगे हाथों पकड़ लिया। विजिलेंस की टीम देहरादून हेड ऑफिस में पूछ ताछ के लिए लाया गया। जयपाल को 1 लाख 88 हजार का चैक पास होना था। किरण ने जयपाल से 50 हजार की मांग करी थी।
आरोपी ने इससे पहले भी सरपंच से 55 हजार की रिश्वत ली थी।

शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू करने ”एसएसपी” खुद निकलीं

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देहरादून की यातायात व्यवस्था को सुचारू रुप से चलाने हेतु तथा विभिन्न स्थानों पर लगे जाम को खुलवाने के लिये खुद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वीटी अग्रवाल ने ट्रैफिक कंट्रोल रुम में जाकर यातायात व्यवस्था का सुचारू रुप से संचालन सुनिश्चत कराया। इस दौरान उनके द्वारा विभिन्न चौकों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की सहायता से जाम वाले स्थानों पर अधिकारियों को यातायात के सुचारू संचालन के दिशा-निर्देश दिये गये। जिसके  अच्छे परिणाम भी मिले।

इस को देखते हुए स्वीटी अग्रवाल ने कहा कि भविष्य में पीक आवर्स के दौरान यातायात के सम्बन्ध में ट्रैफिक कंट्रोल रुम द्वारा दिये गये आदेश-निर्देशों को प्राथमिकता दी जायेगी। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से राजधानी देहरादून ट्रैफिक की समस्या से जूझ रही है। इसके पीछे सड़कों की कमी और वाहनों की लगातार बढ़ती संखेया मुख्य कारण हैं।

काशीपुरः मर्दानियों ने पकडी कच्ची शराब कारोबारियों को पुलिस के हवाले किया

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काशीपुर। शराब की दुकान खोलने को लेकर मर्दानियों ने एक बार फिर हंगामा बरपाया। यहां सिर्फ विरोध ही नहीं किया बल्कि कच्ची शराब बेचने वालों को भी रंगे हाथों पुलिस के हवाले किया और कच्ची शराब का जखीरा तक पकडा दिया, जो सिधे तौर पर पुलिस की मिलीभगत की ओर इशारा कर रहा है। वहीं पुलिस कच्ची शराब कारोबारियों को बचाते नजर आ रही थी।

हाईवे से शराब की दुकानें हटाकर कारोबारियों ने जिस मोहल्ले में दुकान खोली, वहीं विरोध होने लगा है। काशीपुर में जैसे ही एक दुकान खोली गई, विरोध में लोग हाथों में डंडे लेकर प्रदर्शन करने लगे। इस पर शराब कारोबारी को दुकान बंद करने में भी भलाई नजर आई।

मामला ग्राम सभा हेमपुर स्माइल स्थित बंगाली कालोनी में आइजीएल कंपनी रोड पर शराब की दुकान खोलने के विरोध में महिलाओं सहित लोग हाथों में डंडे लेकर सड़क पर उतर आए। जैसे ही शराब कारोबारी ने दुकान खोली लोगों ने विरोध जताया। साथ ही जमकर हंगामा काटा।

लोगों के विरोध बढ़ते देख शराब कारोबारी दुकान बंद कर चलता बना। लोगों का कहना है कि आए दिन यहां शराब कारोबारी और शराब पीने वाले लोग उपद्रव करते हैं। साथ ही गाली-गलौच कर मारपीट करके माहौल खराब करते हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार रात भी शराब कारोबारी ने बच्चों के साथ मारपीट की थी। बीच-बचाव में आए एक युवक का सिर भी फूट गया।

शराब की दुकान हटाने के संबंध में लोग एसडीएम से भी मिल चुके हैं। उन्होंने शराब की दुकान हटाने के साथ ही मीट और कच्ची शराब बंद करने की भी मांग की। इस बीच पुलिस भी मौके पर पहुंच थी। वहीं महिलाओं ने कई धरों में पुलिस के साथ कच्ची शराब बरामद की और बेचने वालों को पुलिस को सोंपा।

बागेश्वर, शराब की दुकान खोलने के विरोध में गरजी महिलाए

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बागेश्वर, शराब की दुकान को हाइवे से हटाकर गांव में खोलने के विरोध में महिलाएं गरज पड़ीं। सैंज गांव की महिलाओं ने विकास भवन जाने वाली रोड पर एकत्र होकर जमकर नारेबाजी की।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हाईवे से शराब की दुकानें हटाई जा रही हैं। अब आसपास के गांवों में ठेकेदार दुकान के लिए स्थान तलाश रहे हैं। इसका ग्रामीणों में विरोध शुरू हो गया।

सैंज गांव की महिलाओं भी गांव में दुकान खोलने के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। महिलाओं का कहना है कि प्रशासन को गांव में शराब की दुकान और बियर बार को खोलने की इजाजत नहीं देनी चाहिए। पहले ही गांव में अधिकांश लोग शराब पीकर जीवन दांव पर लगा चुके हैं। शराब की दूकान का हर हाल में जमकर विरोध किया जायेगा।

देहरादून की सड़कों पर लगा जाम।

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अभी मॉनसून आया भी नही और देहरादून की सड़कों पर लग गया जाम। पूरे शहर जाम की चपेट में आ गया है। राजपुर रोड से सुभाष रोड सहित सर्वे चौक व दून अस्पताल के आस पास भी जाम लगा हैं। स्कूल की छुट्टी होने के कारण भी सड़को पर लोगो को जाम से परेशानी उठानी पड़ रही है, सड़के उतनी ही है लेकिन जनसंख्या बढ़ती जा रही है, ऐसे में सरकार क्या कड़े कदम उठाएगी, की अाने वाले दिनों मे जाम से निजात मिल सके?
बारिश होने के कारण लोग चारपहिया वाहनो को प्रयोग में लाए हैं, एक यह भी कारण है जाम का।अभी तो बारिश को पूरे 12 घण्टे भी नही हुए है अौर देश की राजधानी का जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। अगर जाम की बात करे तो यह शाम 7 बजे तक रहने का अनुमान है। आज घर से ना ही निकलने में फायदा है। और अगर निकले भी तो, घण्टाघर व सर्वे चौक और राजपुर रोड का रुख ना करें।

रिमझिम बारिश और ज़ायकेदार पहाड़ी खाना

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तपती गर्मी और लू के बाद एक बार फिर मौसम ने करवट बदली और पहाड़ी क्षेत्रों के साथ साथ मैदानी क्षेत्रों में रिमझिम बूंदा-बांदी हो रही हैं।ऐसे मौसम में अगर कुछ पहाड़ी खाना हो जाए तो उसका मज़ा ही कुछ और है।जी हां हम बात कर रहे हैं आपके पसंदीदा पहाड़ी खाने की जो इस मौसम में आपको तरोताजा कर देगा।

अगर आप खाने के शौकिन है तो यह मौसम आपके लिए एक अच्छा बहाना है स्वादिष्ट व्यंजनों को खाने का।

आइये आपको लेकर चले पहाड़ के कुछ मशहूर खाने की तरफः

पत्यूड़/पीनालू (अरबी)- अरबी को पहाड़ी भाषा में पीनालू कहते हैं।पहाड़ी क्षेत्रों जैसे इसका इस्तेमाल और कही इतना नहीं होता।पहाड़ी में इन पत्तों के पकौड़े बनाए जाते हैं जो बारिश के समय आपके खाने को और स्वादिष्ट बना देगा।इसके साथ ही इसकी मसालेदार सब्जी भी बनाई जाती है जो पहाड़ में भात(चावल) के साथ खाते हैं।जैसा कि हमने पहले बताया कि इस पत्ते का इस्तेमान पहाड़ी क्षेत्रों जितना कहीं और नहीं है मतलब अरबी के पत्तों के साथ आए दिन नए नए आविष्कार कर अलग अलग तरह के पकवान बनाएं जाते हैं।

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आलू के गुटके – य़ू तो आलू के गुटके हर मौसम में लोगों की पहली पसंद है लेकिन बारिश के साथ इसकी डिमांड और बढ़ जाती है।आलू के गुटके बनाने के लिए पहले आलू को उबालकर उसमें पहाड़ी जखिया का तड़का लगाते हैं और उपर से मसाले मिलाने के बाद यह एक स्वाद से लबालब व्यंजन बनकर तैयार होता है।पहाड़ में लोग इसको पूरी और रोटी के साथ खाना पसंद करते हैं।

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थच्यूली मूली- वैसे तो आपने मूली को सलाद के तौर पर इस्तेमाल होते देखा होगा लेकिन पहाड़ में इसको अलग तरह से बनाते और खाते हैं।इसको बनाना बहुत आसान है सिर्फ मूली को सिलबट्टे पर हलका सा कुटकुटा कर इसमें मेथी दाने से छौंका लगाते है।यह व्यंजन थ्चयूला मूली के नाम से जाना जाता है और बहुत ही स्वास्थयवर्धक होता है।

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उड़द दाल के पकौड़े- अगर आप पहाड़ी है तो आप दाल के पकौड़ों के महत्व को जानते होंगे।दाल के पकौड़े ना केवल एक पकवान है बल्कि इसका महत्व पहाड़ी लोगों के लिए इससे बढ़कर है।किसी भी शुभ अवसर पर पकौड़े बनाने का पहाड़ में रिवाज है।चाहें शादी हो या पूजा-पाठ या फिर जन्मदिन दाल के पकौड़े बनाना एक शुभ रिवाज है।रिमझिम बारिश में स्वादिष्ट पकौड़ों के साथ चाय मिल जाए तो दिन बन जाता है।

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कंडाली साग- पहाड़ों में उगने वाला बिच्छु घास एक जंगली पौधा है।लेकिन यह पहाड़ी घरों में पकवान बनाने के लिए इस्तेमाल होता है।बिच्छु घास से बनाया जाने वाला यह साग खाने में बहुत ही स्वादिष्ट और फायदेमेंद होता है।

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झोली (पहाड़ी कढ़ी)- झोली उत्तराखंड राज्य का एक पारंपरिक खाना है। झोली यानि कढ़ी, जिसे गरम चावल के साथ खाते हैं।स्वादिष्ट कढ़ी को बनाने के लिए बेसन और दही का इस्तेमाल किया जाता है।दही के साथ बनाने की वजह से यह पेट के लिए लाभकारी होता है और इसे देसी घी के साथ खाने में इसका स्वाद दोगुना हो जाता है।

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अगर आप सच में खाने का शौक रखते हैं तो इनमें से कुछ ना कुछ तो ऐसा होगा जो आपको पसंद आएगा।तो अब आप मौसम का लुत्फ लें और बनाए कुछ पहाड़ी व्यंजन जो खाने में तो स्वादिष्ट है ही, सेहत के लिए भी लाभकारी है।

 

लोगों को परफेक्ट मुस्कान देते हैं ये डाॅ “स्माइल”

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”ऐसे चेहरे के साथ कौन करेगा मुझसे शादी” अपने बाएं होठ की तरफ दिखाते हुए कहते हैं यह 24 साल के धनीराम। कौन सी लड़की मेरी तरफ आकर्षित होगी? उदास होकर सोचने लगते हैं। मैं, धनीराम से लैंणडोर क्मयूनिटी अस्पताल में मिली जब वह अपने होठों के लिये करेक्टिव सर्जरी के बारे में पता लगाने पिथौरागड़ से आए थे।

धनीराम ने बताय कि उन्हें किसी ने डा.बोन लोथा के बारे में बताया, जो एक सर्जन हैं और उन जैसे मरीजों की मदद करते हैं। डा.लोथा, कटे होठ व तालू का आपरेशन और प्लास्टिक सर्जरी में माहिर है। डा.लोथा, मसूरी आने से पहले यमन में भी यमन स्माइल का अभिन्न अंग रह चुके है।डा.बोन लोथा 56 साल के है।डा.बोन लोथा डिमपुर नागालैंड के रहने वाले हैं लेकिन वर्ष 1997 में मसूरी में काम किया था इसलिए हमेश से ही वापस मसूरी में ही काम करना चाहते थे।डा.लोथा 2015 से मसूरी के अस्पताल में काम कर रहे हैं और अब तक उन्होंने लगभग 3000 लोगों का आपरेशन कर मरीजों को उनकी असली मुस्कान लौटाई है।

कटे होंठ व तालू का आपरेशन सरकारी अस्पतालों में मुफ्त होता है। धनीराम को पूरा भरोसा था कि डा.लोथा से मिलकर उसे मदद मिलेगी। धनीराम के पास पैसों की कमी होने के बाद भी वह मसूरी आया, केवल डा.लोथा से मिलने, अाखिर क्यों? उसका जवाब था, ’12 साल पहले एक सर्जन ने मेरे कटे होंठ का आपरेशन किया था लेकिन आपरेशन के बाद दोबारा जांच ना होने की वजह से मेरे कटे होंठ और नाक वैसे ही रह गए।अब मैं शादी करना चाहता हूँ, लेकिन ठीक होकर।’

24 घंटे के अंदर, लैंडोर क्मयूनिटी अस्पताल बिना किसी इंतजार के एक्शन में आया और एक दिन के अंदर धनीराम की करेक्टिव सर्जरी हो गई। धनीराम की आर्थिक देखकर, खर्चा मिशन हास्पिटल ने कम कर दिया।

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डा.लोथा बताते है कि, ‘ वो क्लैफ्ट मरीजों की मदद कर रहे है साथ ही जिनको सेकेंड्री इलाज और ऐस्थेटिक करेक्शन की जरुरत है उन्हें भी मदद करते हैं। हमने धनीराम का प्राइमरी इलाज करा और आज वो दुबारा अपने टांके निकलवाने आये। धनीराम आपरेशन के बाद खुश नजर आए और साथ साथ हमें भी खुशी हुई।’

आज डा लोथा कटे होंठ व तालू करेक्शन के लिए ऐसा नाम है जिसकी तारीफ जितनी की जाये, कम है।डा.लोथा से मिलने के लिए हर उम्र के लोगों का तांता लगा रहता है। इस क्षेत्र में उनकी निपुणता को देखते हुए हर मरीज की यह आशा होती है कि डाॅक्टर उनकी ‘परफेक्ट मुस्कान’ वापस दिला दें, जिसका इंतजार इन सबको वर्षों से है।

 

मौसम विभाग ने 5-जिलों के लिये जारी किया अलर्ट

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मौसम विभाग ने बुधवार और गुरूवार को प्रदेश में कई स्थानों पर ओले बरसने की चेतावनी जारी की है। साथ ही ज्यादा ऊंचाई वाले पांच जिलों में इस दौरान भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगो को सावधान रहने को कहा है। देहरादून मौसम केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के मुताबिक बुधवार और गुरूवार को पूरे प्रदेश में ठीक ठाक बारिश हो सकती है। इस दौरान देहरादून समेत अन्य जिलों में कई स्थानों पर एक दो बार ओले की बारिश भी ही सकती है। इसके अलावा उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर में आज और कल कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। सिंह के मुताबिक शुक्रवार को बारिश का दायरा हल्का होगा। जबकि मौसम पूरी तरह साफ शनिवार तक ही हो पाएगा।

पिछले एक हफ्ते में प्रदेश में मौसम की मार ने लोगों को परेशान कर दिया था। तापमान बढ़ने की वजह से मौसम बहुत ही गर्म हो गया था लेकिन बीते मंगलवार की शाम से मैदानी क्षेत्रों में ठंडी हवाएं और बुधवार सुबह की बारिश ने एक बार फिर मौसम को सुहावना बना दिया है।आने वाले दो दिन के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।

हल्द्वानी एनएच 109 हाइवे में पेड़ गिरने से युवक की मृत्यु

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हल्द्वानी। हाईवे पर पेड़ गिरने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई है। गौरापडाव के पास एनएच 109 में गिरा विशालकाय पेड़। पेड़ गिरने से एक दर्जन बाइकों कार सहित कई अन्य वाहन भी हुए क्षतिग्रस्त। पेड़ गिरने से हाइवे में लगा जाम, प्रशासन जाम खुलवाने में जुटा। यह धटना सुशीला तिवारी अस्पताल के पास हुई । पुलिस मौके पर पहुंच गई है। टीपी नगर चौकी क्षेत्र की घटना।