Page 687

पार्किंग निर्माण को लेकर पेयजल मंत्री से मिले विधायक जोशी

0

मसूरी विधायक गणेश जोशी ने पेयजल मंत्री प्रकाश पंत से उनके न्यू कैंट स्थित आवास पर शुक्रवार को भेंट कर दिलाराम चैक में पार्किंग निर्माण की बात रखी। उन्होनें राजपुर रोड पर वाहनों की अधिकता को देखते हुए पार्किंग निर्माण किये जाने पर जोर दिया।
विधायक जोशी ने बताया कि प्रभारी मंत्री देहरादून मदन कौशिक की अध्यक्षता में हुई बैठक में विधायक राजपुर खजान दास के साथ संयुक्त रूप से यह मांग की गई थी कि राजपुर पार्किंग का निर्माण कार्य अतिशीघ्र प्रारम्भ किया जाए। प्रभारी मंत्री द्वारा अवगत कराया गया था कि यदि पेयजल विगाग द्वारा दिलाराम बाजार के पास भूमि उपलब्ध करा दी जाएगी तो नगर विकास के माध्यम से पार्किंग का निर्माण कराया जाएगा।
विधायक जोशी ने पेयजल मंत्री प्रकाश पंत को बताया कि पूर्व में मेरे कार्यालय के दौरान राजपुर रोड दिलराम चैक में जलंसस्थान के कार्यालय के पास पार्किंग स्वीकृत कराई गई थी किन्तु कांग्रेस सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने पेयजल मंत्री को बताया कि पार्किंग निर्माण के लिए यदि जलसंस्थान द्वारा भूमि उपलब्ध कराई जाएगी तो नगर विकास विभाग पार्किंग निर्माण करने के लिए तैयार है।
पेयजल मंत्री ने विधायक जोशी को आश्वस्त किया है कि दोनों विभागों के संयुक्त निरीक्षण के बाद जलसंस्थान की भूमि पर पार्किंग निर्माण की कार्रवाई की जाएगी।

विधानसभा भवन में 17 को होगा राष्ट्रपति पद के लिए मतदान

0

राष्ट्रपति निर्वाचन, 2017 के संबंध में मतदान दिनांक 17 जुलाई को होगा, मतदान विधान सभा भवन के कक्ष संख्या-321 में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक किया जाएगा।

बुधवार को विधानसभा सचिव और सहायक रिटर्निंग अॉफीसर जगदीश चंद्र ने जानकारी दी कि राष्ट्रपति निर्वाचन, 2017 के संबंध में उत्तराखंड विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों व संसद सदस्यों, जिन्हे निर्वाचन आयोग ने विशेषतया देहरादून में मत देने के लिए अधिकृत किया हो, उनकी सुविधा के लिए मतदान स्थल की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड विधान सभा के निर्वाचित सदस्य व संसद सदस्य भारत निर्वाचन आयोग के नियमानुसार निर्धारित प्रारूप पर आवेदन करने के पश्चात निर्वाचन आयोग की पूर्वानुमति के उपरांत ही किसी भी राज्य मुख्यालय मे स्थित निर्वाचन स्थल या संसद भवन कक्ष संख्या-62 नई दिल्ली में भी सुविधा प्राप्त कर सकते है।

भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश और निर्धारित प्रारूप समस्त निर्वाचकगणों को प्रेषित की जा चुकी है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदान के दिन मतदान स्थल पर मोबाइल फोन, कार्डलैस फोन, वायरलेस सेट तथा कैमरा आदि लाना वर्जित होगा। उन्होंने बताया कि निर्वाचकगण देहरादून,विधानसभा भवन के द्वितीय तल में अपना परिचय पत्र दिखा कर मतदेय कक्ष में प्रवेश करेंगे और मतदान करने के बाद मतदान कक्ष से बाहर निकल जाएंगे। 

धर्मनगरी में बड़े सेक्स रैकेट का पर्दाफाश, नौ हिरासत में

0

जिस्मफरोशी के धंधे को लेकर धर्मनगरी में छापेमारी अभियान जोरों पर है। बीती 8 जुलाई को 2 युवतियों और एक युवक की गिरफ्तारी के बाद आज फिर से एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 5 लड़कियों के साथ 4 युवकों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

बतादें कि हरिद्वार में बड़े पैमाने पर सेक्स रैकेट का धंधा जोरों पर चल रहा है। इसके बाद बीती 8 जुलाई को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल की छापेमारी में हरिद्वार क्षेत्र के होटल शिवा में जिस्मफरोशी के धंधे का पर्दाफाश किया गया। जिसमें होटल के कमरों से 2 लड़कियों के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया गया, जबकि पुलिस टीम को देख एक अन्य युवक फरार हो गया था। छापेमारी की इसी कड़ी में आज कोतवाली हरिद्वार पुलिस ने शिवमूर्ति गली स्थित सिंधु पैलेस होटल में संचालित हो रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में 5 लड़कियों के साथ 4 युवकों को हिरासत में लिया गया है। दरअसल, मायापुर पुलिस चैकी को इस बात की शिकायत मिली थी कि होटल में सेक्स रैकेट संचालित हो रहा है। सभी आरोपियों को चैकी लाकर पुलिस पूछताछ कर रही है।

हरीश रावत की मैंगो पार्टी पर किशोर का वार, बचाव में उतरे प्रीतम

0

हरीश रावत ने मैंगो पार्टी का आयोजन कर खूब सुर्खियां बटोरी थीं, जिस पर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने सवाल खड़ा किया है। हालांकि वर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष हरीश रावत के बचाव में उतर आए हैं।

पूर्व सीएम हरीश रावत विधानसभा चुनाव में पराजय का मुंह देखने के बाद कभी हरेला तो कभी मौंगो पार्टी का आयोजन कर पहाड़ और कार्यकताओं दोनों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखना चाहते हैं। वहीं कांग्रेस में हरीश विरोधी खेमा उनकी इस चाल को पार्टी के लिए नुकसानदायक बताकर उनपर लगतार हमला बोल रहे हैं।
शुक्रवार को देहरादून में पत्रकारों से बातचीत में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने मैंगो पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस अपनी पराजय को भूल भी नहीं पाई लेकिन कुछ लोग जगह-जगह अपने को चमकाने के लिए जश्न मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि धैर्य के साथ काम करना होगा। घर में अगर दुख है तो जश्न मनाना ठीक नहीं। उन्होंने अपनी बेटी का जन्मदिन का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी के हार के चलते में इस जश्न नहीं मनाया था।
वहीं किशोर के बयान पर पलटवार करते हुए वर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह पवार ने कहा कि ‘हार जीत तो चलता रहता है। इसका मतलब यह नहीं कि हम चुपचाप घर में बैठ जाएं। हमे नए सिरे से कांग्रेस कार्यकताओं में जोश भरना है।’ हरीश रावत का बचाव करते हुए प्रीतम ने कहा कि आम पार्टी से यदि उत्तराखण्ड के फलों और उत्पादों को प्रचार प्रसार मिलता है, तो ऐसे आयोजन बार-बार होते रहना चाहिए।
गुरुवार को यूपीए राष्ट्रपति उम्मीदवार मीरा कुमार के देहरादून दौरे के दौरान किशोर उपाध्याय नाराज होकर लौट गए थे। विपक्ष की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मीरा कुमार से मिलने गुरुवार को कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय भी मिलने पहुंचे लेकिन विधायकों के साथ मीरा कुमार की मीटिंग के दौरान गेट पर तैनात लोगों ने किशोर को अंदर नहीं जाने दिया। 

आधार बनवाने को भटक रहे स्कूली बच्चे

0

सरकार ने स्कूलों में बच्चों के लिए आधार अनिवार्य किया है। विभिन्न बोर्ड ने भी अपने सभी दस्तावेजों को आधार से लिंक किए जाने का कार्य शुरू कर दिया है। बच्चों को कोई परेशानी न हो इसकेे लिए स्कूलों को ही आधार केंद्र के रूप में तैयार किया गया लेकिन बोर्ड का यह फैसला स्कूल नहीं मान रहे हैैं। कुछ स्कूलों में तो बच्चों को बाहर से आधार कार्ड बनवाकर लाने को कहा जा रहा है।

बोर्ड के निर्देशों को भी कर रहे दरकिनार
आधार की अनिवार्यता के बाद सीबीएसई ने देशभर के स्कूलों को आधार फेसिलिटेशन सेंटर के रूप में कार्य करने के निर्देश दिए थे। जिसके चलते बच्चों और उनके अभिभावकों तक को आधार के लिए रजिस्टर कराने का काम स्कूलों को करना था। यह कार्य हुआ भी, लेकिन कुछ स्कूलों ने निर्देशों को दरकिनार कर दिया। राजधानी देहरादून मेें सीआईएससीई बोर्ड से जुड़े स्कूलों ने तो आधार को लेकर कोई सुविधा बच्चों को दी ही नहीं। यहां बच्चों को एग्जाम से जुड़ी प्रक्रिया को पूरी करने के लिए पहले आधार लाने की बात कही जा रही है।

अब और बढ़ गई समस्या
आधार बनाने की समस्या तब बड़ी हो गई जब सरकार ने सभी निजी केंद्रों पर आधार बनाने की प्रक्रिया को बंद करने के निर्देश दिए। उस पर स्कूलों में भी आधार कार्ड नहीं बनाए जा रहे हैं। जिस कारण बच्चों और अभिभावकों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।

जिंप पायनियर स्कूल, के प्रधानाचार्य जगदीश पांडे ने बताया कि, ‘बोर्ड की ओर से स्कूलों में आधार कार्ड बनाए जाने के निर्देशों के अनुसार सभी बच्चों के आधार स्कूल में ही बनवा दिए गए थे, यह जिम्मेदारी स्कूलों की थी कि बच्चों को आधार बनवाने के लिए भटकना न पड़े। अगर किसी स्कूल ने आधार नहीं बनवाए तो यह उसकी गलती है। बच्चों को समस्या होना लाजमी है।’

मुख्य शिक्षा अधिकारी, एसबी जोशी का कहना है कि, ‘छात्रों और अभिभावकों के लिए आधार अनिवार्य है। निजी स्कूलों को भी इस बाबत सूचित किया जा चुका है। अगर कोई स्कूल इसमें मनमानी करता है तो वो गलत है। ऐसे मामलों की शिकायत यदि विभाग के पास आएगी तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।’

आखिर दिखने ही लगी सरकार में दरारें

0

राज्य की भाजपा सरकार में यूं तो लंबे समय से अंदरुनी खींचतान चल रही है, लेकिन अब यह सतह पर आनी शुरू हो गई है। भाजपा में कांग्रेस छोड़कर शामिल हुए तमाम दिग्गज सरकार में मंत्री तो बने, लेकिन मनमाफिक विभाग नहीं मिलने और सत्ता में तवज्जो नहीं मिलने के कारण लंबे समय से असहज महसूस कर रहे हैं। काफी समय से लेकर इनको लेकर चर्चाओं का बाजार भी गर्म रहा। खासतौर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और मौजूदा सरकार में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज लगातार कैबिनेट बैठकों से नदारद दिखे।

मंत्रिमंडल की बैठक में सतपाल महाराज शामिल तो हुए, लेकिन कुछ मामलों को लेकर उनका दर्द बाहर आ गया। इस मामले को दबाने की कोशिश भी की गई, लेकिन चर्चाएं शुरू हुई तो सब बाहर आ गया। दरअसल, बदरीनाथ, केदारनाथ समेत राज्य के प्रमुख मंदिरों की व्यवस्थाओं व प्रबंधन के लिए प्राधिकरण के गठन के मामले में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और वन मंत्री हरक सिंह रावत के बीच जमकर बहस हुई और इस प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन पाई। सूत्रों के मुताबिक इस प्रस्ताव से वन मंत्री हरक सिंह रावत सहमत नहीं हुए। इस मामले में पर्यटन मंत्री के साथ उनकी बहस हुई। सूत्रों के मुताबिक बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति उक्त दोनों मंदिरों के संचालन का जिम्मा उठा रही है। समिति में वर्तमान में कांग्रेस से जुड़े प्रतिनिधियों का दबदबा है।

प्रदेश में भाजपा सरकार बनते ही समिति को भंग किया गया था, लेकिन हाईकोर्ट सरकार के आदेश को रद कर चुका है। प्राधिकरण का गठन होने की सूरत में समिति का अस्तित्व पर खतरा पैदा होना स्वाभाविक माना जा रहा है। कभी महाराज के करीबियों में शुमार पूर्व विधायक गणेश गोदियाल समिति के अध्यक्ष हैं। गोदियाल और महाराज में अब छत्तीस का आंकड़ा है। सूत्रों की मानें तो महाराज के उक्त प्रस्ताव पर हरक के अलावा कुछ मंत्रियों की सहमति भी नहीं रही। फिलहाल दोनों मंत्रियों के उलझने से सियासी गलियारों में कई तरह की चर्चाएं गर्म हो गई हैं। पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में गठित इस प्राधिकरण में एक भी पद सृजित नहीं किया गया था। कुल मिलाकर इस पूरे मामले को सियासी नजर से देखें तो आने वाले वक्त में मंत्रियों की दबी हुई कुंठा और बाहर आ सकती है। हाल ही में कृषि मंत्री सुबोध उनियाल भी किसानों की मौत को लेकर बयानबाजी कर सरकार के सुरों से अलग सुर में अपनी आवाज उठा चुके हैं। 

कांवड़ मेला: दो स्पेशल ट्रेन का संचालन 15 जुलाई से

0

कांवड़ मेले में कांवड़ियों की भीड़ बढ़ती जा रही है। इसे देखते हुए रेलवे की ओर से कांवड़ स्पेशल ट्रेनें संचालित की गई हैं। दिल्ली-हरिद्वार के बीच जहां दस जुलाई से एक पैसेंजर ट्रेन संचालित हो रही है वहीं 15 से 21 जुलाई तक दो और ट्रेनें संचालित होंगी। इधर रूटीन ट्रेनों में भी कांवड़ियों की जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है।

दिल्ली-हरिद्वार ट्रेन 10 जुलाई से ट्रैक पर दौड़ रही है। यह ट्रेन देर रात 12.45 बजे रुड़की पहुंचती है। अप में हरिद्वार-दिल्ली का रुड़की पहुंचने का समय तड़के 3.13 बजे निर्धारित है। अप और डाउन में इस ट्रेन का रुड़की स्टेशन पर दो मिनट का स्टॉपेज है। इसके अलावा हरिद्वार-दिल्ली के बीच 64557 डाउन और 64558 अप के अलावा, 04060 अप-डाउन 15 से 21 जुलाई तक संचालित होंगी। 64557 डाउन दिल्ली से चलकर 11.08 बजे रुड़की पहुंचेगी, जबकि अप में 64558 देर रात 2.42 बजे हरिद्वार से रुड़की आएगी। इसका भी स्टेशन पर दो मिनट का स्टॉपेज है। 04060 अप-डाउन में गजरौला होते हरिद्वार आएगी। जबकि वापसी रुड़की होकर करेगी।
कांवड़ स्पेशल के अलावा रुटीन ट्रेनों में भी बड़ी तादाद में कांवड़ पहुंच रहे हैं। स्टेशन पर ट्रेन के आते ही बम-बम भोले की गूंज सुनाई पड़ रही है। हालांकि रेलवे की ओर से ट्रेनों की छतों पर कांवड़ियों को चढ़ने से रोका जा रहा है। स्टेशन अधीक्षक एसके वर्मा ने बताया कि कांवड़ स्पेशल के संचालन से शिवभक्तों को राहत मिली है। उन्होंने बताया कि स्टेशन पर साफ-सफाई, सुरक्षा आदि के विशेष इंतजाम किये गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की दिक्कत न हो।
रेलवे की ओर से जोधपुर और बीकानेर से हरिद्वार के लिए साप्ताहिक विशेष ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है। इनके फेरे भी बढ़ाए गए हैं। 04831 और 04832 जोधपुर-हरिद्वार जोधपुर साप्ताहिक स्पेशल के 22 फेरे और 04735 और 36 बीकानेर-हरिद्वार बीकानेर साप्ताहकि के 24 फेरे का संचालन होगा।
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी की ओर से जारी विज्ञप्ति में जानकारी दी गई है कि 04831, 22 जुलाई से 30 सितंबर तक प्रत्येक शनिवार को जोधपुर से दोपहर डेढ़ बजे प्रस्थान कर अगले दिन पूर्वाह्न 10.45 बजे हरिद्वार पहुंचेगी। वापसी में 04832, 23 जुलाई से एक अक्टूबर तक प्रत्येक रविवार को हरिद्वार से शाम पौने पांच बजे प्रस्थान कर अगले दिन पूर्वाह्न पौने बारह बजे जोधपुर पहुंचेगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में ज्वालापुर स्टेशन पर भी रुकेगी।
ट्रेन 04735 बीकानेर-हरिद्वार 14 जुलाई से 29 सितंबर तक प्रत्येक शुक्रवार को बीकानेर से शाम पौने आठ बजे प्रस्थान कर अगले दिन पूर्वाह्न 10.25 बजे हरिद्वार पहुंचेगी। वापसी में 04736, 15 जुलाई से 30 सितंबर तक प्रत्येक शनिवार को हरिद्वार से रात 7.50 पर प्रस्थान करके अगले दिन सुबह 9.25 पर बीकानेर पहुंचेगी।

टेली रेडियोलाॅजी पद्धति दूर करेगी विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी

0
उत्तराखण्ड में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के समाधान के लिये राज्य सरकार ने आधुनिक तकनीकी को विकल्प के तौर पर उपयोग में लिए जाने का निर्णय लिया गया है। इस क्रम में टेली रेडियोलाॅजी पद्धति को राज्य के चिकित्सालयों में प्रारम्भ किया जायेगा। टेली रेडियोलाॅजी के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में तैनात चिकित्सकों द्वारा उपचारित किए जा रहे रोगियों के बारे में जांच एवं विशेषज्ञ मत प्राप्त किए जा सकेगें एवं इस प्रकार रोगी तथा चिकित्सक दोनों के लिए यह पद्धति लाभदायक होगी। भारत में यह पद्धति लागू कराने वाला उत्तराखण्ड पांचवा राज्य है। इससे पूर्व हरियाणा, आसाम, मेघालय एवं आन्ध्रप्रदेश में यह पद्धति कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 135 रेडियोलाॅजिस्ट के पद स्वीकृत है जिसके सापेक्ष कुल 33 रेेडियोलाॅजिस्ट ही कार्यरत है।टेली रेडियोलाॅजी से रेडियोलाॅजिस्ट की कमी दूर होने के साथ-साथ चिकित्सकीय परामर्श का एक सस्ता विकल्प तो है ही साथ ही साथ इस पद्धति से मरीज का 30-40 मिनट के अन्तर्गत सम्पूर्ण परीक्षण किया जा सकता है तथा परीक्षण की रिपोर्ट भी संबंधित चिकित्सक तक पहुंचा जा सकती है।
टेली रेडियोलाॅजी सिस्टम की कार्य प्रणाली की जानकारी देते हुए अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य उत्तराखण्ड शासन श्री ओम प्रकाश ने बताया कि, ‘इस प्रणाली के माध्यम से दूरस्थ चिकित्सा इकाई पर भर्ती मरीज का एक्स-रे, सी.टी. तथा एम.आर.आई. एक निर्धारित उच्च गुणवत्ता केन्द्र पर कराया जा सकता है। टेली रेडियोलाॅजी से प्राप्त रिपोर्ट को विशेषज्ञ रेडियोलाॅजिस्ट इलैक्ट्राॅनिक माध्यम से देख सकते है और अपनी राय तथा परामर्श दूरस्थ चिकित्सालय पर तैनात चिकित्सक को सरलता से बता सकते है। इस प्रकार उपचार लेने वाले मरीज को भी बिना रेडियोलाॅजिस्ट से मिले हुए सम्पूर्ण जांच तथा परीक्षण की सूचना प्राप्त हो जाती है।’

दून के भाई-बहन ने कोरिया में दिखाया कमाल

0

अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में दून के दो खिलाड़ियों ने पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। दक्षिण कोरिया के चुनचाइन शहर में आयोजित इस प्रतियोगिता में 41 एवं 29 किलो वर्ग में शिवांग चौधरी और स्नेहा चौधरी ने रजत पदक हासिल किया, दोनों भाई-बहन हैं।

प्रतियोगिता में 182 देशों के खिलाडिय़ों ने हिस्सा लिया। 41 किलो वर्ग में दून के शिवांग चौधरी का फाइनल मुकाबला रुस, ड्रेनमा एवं कोरिया के खिलाड़ियों के साथ हुआ। जबकि, स्नेहा की भिड़ंत इंडोनेशिया, कोरिया एवं रुस के खिलाड़ियों के साथ हुई, जहां दोनों ने रजत पदक जीता।

स्नेहा पूर्व में थाईलैंड में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड जीत चुकी हैं। शिवांग चौधरी उत्तराखंड स्टेट लेवल पर सब जूनियर चैंपियन रहे हैं। उनके अलावा सीनियर वर्ग के 58 किलो भार वर्ग ग्रुप में बागेश्वर के गजेंद्र परिहार ने कांस्य पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया है।

मनरेगा कार्यो में नियमित भुगतान न होने से आक्रोश

0

उत्तराखंड के जनपद चमोली में मनरेगा योजना में मजदूरी का भुगतान नियमित न होने से मनरेगा श्रमिकों को इस योजना को लेकर अविश्वास की स्थिति पैदा होने लगी है। जबकि विकास विभाग के अधिकारियों का दावा है कि उनके द्वारा वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए 68 करोड़ 40 लाख का भुगतान कर दिया गया है।

चमोली जनपद में मनरेगा कार्यों के लिए वित्तीय वर्ष 2016-17 में लगभग 93 करोड़ 34 लाख के कार्य किए गए हैं। जिसके सापेक्ष में विकास विभाग द्वारा 68 करोड़ 40 लाख का श्रमिकों का भुगतान किये जाने तथा 21 करोड़ की सामग्री के लिये भुगतान किये जाने का दावा किया जा रहा है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा श्रमिक खातों में धनराशि न आने की शिकायत कर रहे हैं। मनरेगा भुगतान को लेकर कई बार ग्राम पंचायत प्रतिनिधि प्रदर्शन और आंदोलन भी कर चुके हैं। लेकिन वर्तमान तक भी मामले का निस्तारण नहीं किया गया है।

ग्राम पंचायत मैड़-ठेली के प्रधान सुरेंद्र सिंह का कहना है कि, ‘ग्राम पंचायत में वर्ष 2016 में हुए गोठ सुधार कार्य का अभी तक भुगतान नहीं हो पाया है। जबकि ब्लॉक के अधिकारियों की ओर से खातों में भुगतान करने की बात कही जा रही है।  चमोली जिले के जिला विकास अधिकारी आनंद सिंह का कहना है कि, ‘मनरेगा योजना के तहत हुए कार्यों में श्रमिको की मजदूरी का 68 करोड़ 40 लाख की धनराशि भुगतान किया जा चुका है। लेकिन श्रमिकों की भुगतान न होने शिकायत के बाद अब बैंक और पोस्ट ऑफिस के अधिकारियों के साथ बैठक की जा रही है। साथ ही ग्राम प्रधानों से भुगतान से छूटे श्रमिकों की सूची मांगी गई है। शीघ्र समस्या का निस्तारण कर लिया जाएगा।’