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अर्जुन अवार्ड ना मिलने पर खिलाडी गया हाईकोर्ट

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पैरा बैडमिन्टन विश्व चैंपियन, मनोज सरकार को अर्जुन अवार्ड ना देने के मामले में उच्च न्यायालय नैनीताल ने केंद्र सरकार को 4 सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए है। अदालत ने कहा है कि, “सरकार मनोज को अवार्ड ना देने के कारणों को भी स्पष्ट करें।”

आपको बतादे कि विश्व पैरा बैडमिन्टन चैंपियन मनोज सरकार ने अर्जुन/ द्रोणाचार्य अवार्ड चयन समिति पर पैरा बैडमिन्टन खिलाड़ियों से भेदभाव करने का आरोप लगाया था। मनोज के मुताबिक अर्जुन पुरस्कार के लिए सरकार ने एक क्राइटेरिया बना रखा है, पर अर्जुन अवार्ड चयन समिति ने सरकार के इस क्राइटेरिया को ही दरकिनार कर दिया।

मनोज सरकार का दावा था कि अंको के आधार पर अर्जुन अवार्ड के वो पहले हकदार है। बाकी खिलाड़ी अंको के मामले में उनसे काफी पीछे थे, पर अर्जुन अवार्ड चयन समिति ने मनोज के इस दावे को नजरंदाज कर दो ओलम्पियन वरुण भाटी व एम थंगवेलु को अर्जुन अवार्ड के लिए चुन लिया था और 29 अगस्त को केंद्र सरकार ने इन दोनों पैरा खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित भी कर दिया।

केंद्रीय खेल मंत्रालय और साई के इस फैसले के खिलाफ मनोज ने नैनीताल उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया,जिसके बाद अदालत ने केंद्र सरकार को 4 सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए है।

तो अब सीसीटीवी की मदद से पकड़े जाऐंगे ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले

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अगली बार जब आप सिग्नल तोड़ते हैं, तो आपको आश्चर्यचकित होने की जरुरत नहीं है अगर आपको अपने मोबाइल फोन पर ई-टिकट मिले तो। देहरादून जल्द ही ऐसे शहरों की सूची में शामिल होंगे जो ई-चालान बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरे का इस्तेमाल करते हैं। इस योजना के तहत,  ट्रैफिक नियमों को तोड़ने के कुछ मिनटों के अंदर ही एक ई-चालान मैसेज के माध्यम से नियम तोड़ने वाले को भेजा जाएगा।

संजय गुंजल, पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) प्रावधान और रखरखाव, ने कहा, “यातायात नियम तोड़ने वालों पर लगाम लगाने के लिए, हम एक बुद्धिमान चालान प्रणाली को लागू करेंगे जिसके तहत स्वचालित चालान यातायात तोड़ने को भेजे जाएंगे। पहले चरण में, यह प्रणाली देहरादून में एक व्यस्त जंक्शन पर स्थापित की जाएगी। “

सीसीटीवी आॅटोमेटेड चालान सिस्टम मे स्वचालित संख्या प्लेट मान्यता (एएनपीआर) और रेड लाइट उल्लंघन जांच (आरएलवीडी) प्रौद्योगिकी का उपयोग किया गया है।

गुंन्जयाल ने कहा कि आठ एपीएनआर कैमरे, प्रत्येक के लिए लगभग 8 लाख रुपये खर्च होंगे, जो सड़कों के दोनों किनारों पर लगाए जाऐंगे और उन्हें रीजनल परिवहन कार्यालय के सेंट्रलाइज्ड सर्वर के साथ जोड़ा जाएगा। सिस्टम वाहन मालिक के निवास और मोबाइल नंबर को खोजने के लिए आरटीओ डाटाबेस तक पहुंचने में सक्षम होगा।”निर्धारित सीमा से तेज गति वाले वाहनों की पहचान करने के लिए कैमरे को गति रडार से जोड़ा जाएगा सिस्टम अपराध के आधार पर ई-चालान प्रिंट करेगा, जो एसएमएस के माध्यम से उन्हें चेतावनी देने के बाद अपराधी के निवास पर भेज दिया जाएगा। “

एसएमएस में एक लिंक होता है जो ट्रैसर पुलिस की वेबसाइट पर मोटर यात्री को ले जाता है जहां डेबिट और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया जा सकता है।1 जनवरी से 31 जुलाई के बीच देहरादून पुलिस ने ट्रैफिक नियम तोड़ते हुए चालकों के लिए 151 चालान जारी किए। जबकि शहर की सड़कों पर तेजी से वाहन चलाने के लिए 1,347 चालान जारी किए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून, निवेदिता कुकरेती ने बताया, “एएनआरपी कैमरे एक विशेष जंक्शन से गुजरने वाले वाहनों की आवाजाही भी रिकॉर्ड करेंगे ताकि वाहनों में भागने वाले अपराधियों का पता लगाना भी आसान हो जाएगा।”

कुकरेती ने यह भी कहा कि नई प्रणाली स्थापित करने के लिए पुलिस दिलाराम चौक या कंवाली चौक चुन सकती है।इससे पहले, एक सीसीटीवी को असरोडी और जोगीवाला में स्वचालित चालान सक्षम करने के लिए स्थापित किया गया था, लेकिन यह पहल ज्यादा नहीं चल सकी क्योंकि एक कैमरा प्रणाली पूरी सड़क को कवर करने और अपराधियों को पकड़ने में सफल नहीं रही।

भारत-नेपाल सीमा पर नो मैन्स लैंड से हटाया जाएगा अतिक्रमण, ड्रोन से निगरानी

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भारत-नेपाल की सीमा को चाक चैबंद बनाने के लिए आयोजित की गई बाउंड्री वर्किंग ग्रुप की बैठक संपन्न हो गई। बैठक में पांच साल का लक्ष्य तैयार करते हुए इस अवधि में सीमा को चाक चैबंद बनाने का निर्णय लिया गया। ग्रुप की अगली बैठक वर्ष 2018 में नेपाल में आयोजित की जाएगी।

बुधवार को संपन्न हुई तीन दिवसीय बैठक में भारत-नेपाल सीमा पर नदी क्षेत्रों में 1222 पिलर के निर्माण पर सहमति बनाई गई। नदी क्षेत्रों में ये पिलर बाढ़ से गायब हो गए हैं। इनके निर्माण के साथ ही बाढ़ से बचाव के लिए इनका विशेष डिजाइन भी तैयार किया गया है और अन्य क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त व गायब हो चुके सीमा पिलर पर भी काम किया जाएगा।
बैठक में सीमा पर नो मैन्स लैंड में जगह-जगह पसरे अतिक्रमण को लेकर भी विशेष चर्चा की गई। तय किया गया कि सर्वे ऑफिसियल कमेटी (एसओसी) व फील्ड सर्वे टीम (एफएसटी) नए सिरे से अतिक्रमण चिन्हित करेगी और फिर उस पर दोनों देश कार्रवाई करेंगे। सीमा पर मौजूदा स्थिति यह है कि इसका 12 हेक्टेयर से अधिक भाग पूरी तरह गायब है।

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इसके अलावा भी नो मैन्स लैंड पर पक्के अतिक्रमण तक खड़े हो गए हैं। इनके चिन्हीकरण व हटाने की पूरी जिम्मेदारी एसओसी व एफएसटी को दी गई है। ग्रुप की बैठक में भारत की तरफ से नो मैन्स लैंड क्षेत्र में ड्रोन से निगरानी करने का प्रस्ताव भी रखा गया। इस पर सहमति तो मिल गई, लेकिन उड़ान की ऊंचाई व अन्य बातों को लेकर नेपाली दल ने अपनी सरकार के साथ विचार-विमर्श करने के बाद स्वीकृति देने की बात कही। तीन दिवसीय बैठक के इन तमाम कार्यवृत्त पर भारत के महासर्वेक्षक वीपी श्रीवास्तव व सर्वे ऑफ नेपाल के महानिदेशक गणेश प्रसाद भट्टा ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षर किए। 

सुभारती मेडिकल कॉलेज में दाखिले पर लगी रोक हटी

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एमबीबीएस में दाखिले के इच्छुक राज्य के युवाओं के लिए एक अच्छी खबर है। दून स्थित श्रीदेव सुमन सुभारती मेडिकल कॉलेज में दाखिले पर लगी रोक हट गई है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के उस आदेश को खारिज कर दिया जिसमें कॉलेज में दो सत्र के लिए प्रवेश पर रोक लगा दी थी। अदालत ने कहा कि केंद्र व एमसीआइ मेरिट के आधार पर कॉलेज में 150 छात्रों के प्रवेश की अनुमति दे। ये प्रक्रिया पांच सितंबर तक पूरी की जाए।

चीफ जस्टिस दीपक मिश्र, जस्टिस अमित्व रॉय व जस्टिस एएम खानविलकर की पीठ ने केंद्र को लताड़ते हुए कहा कि जब आपसे कहा गया था कि प्रवेश के मामले में अड़ंगा न डालें तो फिर ऐसा क्यों किया गया। कॉलेज को प्रवेश करने से रोकने वाली अथॉरिटी को लताड़ते हुए कहा कि ऐसा लगता ही नहीं कि आदेश जारी करते समय विवेक का पालन किया गया। केवल खुद को बड़ा दिखाने के लिए आदेश जारी कर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने श्रीदेव सुमन सुभारती मेडिकल कॉलेज में दो सत्रों 2017-18, 2018-19 में प्रवेश पर रोक लगा दी थी। 14 अगस्त को जारी आदेश में केंद्र का कहना था कि कॉलेज में ढांचागत व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हैं, इसलिए प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती है। केंद्र ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को भी कहा था कि वह सिक्टोरिटी के तौर पर जमा की गई दो करोड़ की धनराशि को जब्त करे। हालांकि पीठ ने यह भी कहा कि कॉलेज की ढांचागत व्यवस्थाएं जांचने का काम वह एमसीआइ के साथ करे। इसके लिए अदालत की पाबंदी नहीं है। 

सीएम के जनता दरबार में अधिकारी नदारद, जनता नाराज

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हल्द्वानी- सूबे के मुखिया जनता की समस्याओं के समाधान के लिए जनता दरबार के माध्यम से हर शहर पहुंच रहे हैं और कोशिश कर रहे हैं कि जनता कि समस्याओं का समाधान आसानी से हो सके मगर जब विभागीय अधिकारी ही कुछ करने को तैयार नहीं है तो एसे में जनत दरबार के मायने ही नहीं रहते, बिना अधिकारियों की मौजूदगी में लग रहे सीएम के जनता दरबार से फरियादियों को नाराज और खाली हाथ ही लौटना पड रहा है।

हल्द्वानी में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जनता की समस्याओं को सुनने के लिए जनता दरबार लगाया। लेकिन हैरानी की बात तो ये हैं कि इस जनता दरबार में लोगों की परेशानियां सुनने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद ही नहीं थे। जिससे लोगों में जनता दरबार को लेकर नाराजगी देखने को मिली। हल्द्वानी के बीजेपी कार्यालय में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जन समस्याओं के निराकरण के लिए जनता दरबार लगाया। लेकिन इस जनता दरबार में सीएम के अलावा संबंधित विभागों के किसी भी अधिकारी को नहीं बुलाया गया, जिससे यह आयोजन सिर्फ ज्ञापन लेने तक ही सिमट कर रह गया।

जनता दरबार में पहुंचे फरियादियों का कहना है कि जब तक समस्या सीधे अधिकारियों के सामने नहीं रखी जाएंगी। तब तक समाधान की उम्मीद कैसे कर सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के जनता दरबार का आयोजन कर महज खानापूर्ति की गर्इ है। बीजेपी कार्यकर्ता खुद भी इस तरीके के आयोजन को लेकर नाखुश दिखे।

उत्तराखंड में केवल संस्कृत जानने वाले को ही योग शिक्षक बनाया जाएगा: शिक्षा मंत्री

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संस्कृत को रोजगारपरक बनाया जाएगा। इसी के तहत सरकार ने फैसला किया है कि राज्य में केवल संस्कृत जानने वाले को ही योग शिक्षक बनाया जाएगा। प्रदेश के प्रवेश द्वारों, सभी विभागों में नाम पट्टी भी हिंदी के साथ संस्कृत में भी होंगीं। कक्षा एक से आठ तक अब सभी स्कूलों में संस्कृत अनिवार्य होगी। शिक्षा मंत्री ने पत्रकार वार्ता में दी जानकारी।

आपको बतादें कि इससे पहले उत्तराखंड में राज्य विधानसभा का बोर्ड अब संस्कृत भाषा में बदल दिया गया है।उत्तराखंड में बीजेपी सरकार बनने के बाद 8 जून को शुरु हुए राज्य विधान सभा सत्र के पहले दिन देहरादून स्थित विधान भवन पहुंचे विधायकों और अन्य लोगों को उस समय झटका लगा जब विधानसभा के ऊपर लगा हुआ बोर्ड नया मिला। इस नए बोर्ड पर हिंदी के साथ साथ संस्कृत भाषा में उत्तराखंड विधानसभा लिखा था।

इसके अलावा मुख्यमंत्री रावत ने कहा था कि हमें अपनी संस्कृति तथा सभ्यता को आगे बढ़ाने के लिए निरन्तर प्रयास करने होगे, नई पीढ़ी का रूझान भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति की ओर ले जाना होगा, इसके लिए भारतीय शिक्षक मण्डल का महत्वपूर्ण योगदान होगा। सीएम ने कहा कि हमें भारतीय परम्पराओं को आगे बढ़ाना होगा अौर उन्होंने कहा कि शोध के क्षेत्र में नये आयाम स्थापित करने होंगे।

वहीं इसपर कांग्रेस को प्रवक्ता सुरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि “सरकार संस्कृत को बढ़ावा देने की बात करती है लेकिन कितने मंत्री अपने बच्चों को संस्कृत पढाऐंगें।अगर सरकार सच में कुछ बदलाव चाहती है तो पहले अपने घरों से करें,अपने बच्चों को अंग्रेजी स्कूलों से निकालें फिर इसपर कुछ बात हो सकती है।सरकार दूसरे के बच्चों के लिए संस्कृत और अपने बच्चों के लिए इंग्लिश मीडियम।

पूर्व सीएम हरीश रावत दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में भर्ती

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हरीश रावत को आज दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में एडमिट किया गया।डाक्टर अभी हरीश रावत को एक दिन के लिए अंडर आबजर्वेशन रखा है उसके बाद ही यह निर्णय लिया जाएगा कि अंब्रेला फिल्टर करना है कि नहीं।अंब्रेला फिल्टर एक ऐसा इंजेक्शन है जिससे शरीर के अंदर हो रहे क्लाट को खत्म किया जा सकता है।लेकिन इसका निणर्य अभी डाक्टरों पर छोड़ा गया है।

इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सीएमआई हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे। लगभग एक महीने पहले मोटर साइकिल दुर्घटना के कारण ब्लड क्लाट बन जाने के कारण डाॅक्टोरं ने उनको आवजर्वेशन में रखा था। मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र कुमार ने बताया कि, “पूर्व सीएम हरीश रावत जी नई दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में भर्ती, प्रातः12.40 बजे जोलीग्रंट ऐयरपोर्ट से रवाना हुवे। 24 घंटे तक ऑब्ज़रवेशन में रखे गए ,चिंता की कोई बात नहीं है। हम सब उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की ईश्वर से कामना करते हैं।

आपको बतादें कि पिछले महीन 20 जुलाई को तेज़ रफ़्तार बाइक की चपेट में आकर पूर्व सीएम चोटिल हुए थे। हरीश रावत घर के बाहर टहल रहे थे तभी एक बाइक सवार ने उन्हें टक्कर मार दी थी। जिससे उनके पैर में मोच आ गई, हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री उस समय पूरी तरह से ठीक थे।

जर्मनी के राजदूत और प्रतिनिधिमंडल ने ऋषिकेश पहुंचकर की गंगा आरती

नमामि गंगा प्रोजेक्ट के तहत अब विदेशी भी गंगा की स्वच्छता एवं निर्मलता के लिए आगे कदम बढ़ाने लगे हैं। इसी कड़ी में जर्मनी के राजदूत डॉक्टर मार्टिन ने साथ आए प्रतिनिधिमंडल ने ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पहुंचकर विशेष गंगा आरती में शिरकत की, साथ ही गंगा स्वच्छता के संकल्प पत्र पर हस्ताक्षर किए। गौरतलब है कि जर्मनी के सहयोग से गंगा की सफाई के लिए तकनीकी सहायता दी जाएगी, जिसके लिए जर्मनी के राजदूत के संग एक प्रतिनिधिमंडल ऋषिकेश पहुंचा है, जो जर्मनी की राइन नदी की तर्ज पर गंगा नदी की स्वच्छता एवं निर्मलता के लिए टेक्निकल सपोर्ट करेगा।
ऋषिकेश पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी राष्ट्र के भारत गणराज्य में राजदूत डाॅ मार्टीन नै के साथ एक प्रतिनिधि मण्डल ने पूजा आर्चना कर गंगा के स्वच्छता की कामना की। इस अवसर पर उत्तराखण्ड विधान सभा अध्यक्ष श्री प्रेम चन्द अग्रवाल ने त्रिवेणी घाट ऋषिकेश, में डाॅ मार्टीन नै के साथ आये प्रतिनिधि मण्डल का गंगाजलि एवं रूद्रक्ष की माला पहना कर स्वागत किया साथ ही गंगा की स्वच्छता पर आधारित संकल्प पत्र पर संयुक्त रूप से हस्ताक्षर भी किये। इसके बाद प्रतिनिधि मण्डल ने पूर्णानंद इण्टर काॅलेज में गंगा की स्वच्छता पर आधारित छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार कि गई चित्रकला की प्रर्दशनी का उदघाटन कर वृक्षारोपण भी किया।
इस अवसर पर श्री पूर्णानन्द इण्टर काॅलेज में इण्डो-जर्मान डवलप्मेन्ट कारपोरेशन सपोर्ट टू गंगा रिजोवेशन के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम के अवसर पर उत्तराखण्ड विधान सभा अध्यक्ष श्री प्रेम चन्द अग्रवाल ने कहा है कि, “गंगा की स्वच्छता एवं पवित्रता हम सब का दायित्व है। जर्मनी के लोगो के लिए राईन नदी भी गंगा की तरह ही पवित्र है इस नदी में भी अत्यधिक प्रदुषण हो गया था परन्तु जर्मनी की सरकार ने विगत कई वर्ष पूर्व इस नदी को अपनी तकनीक के माध्यम से स्वच्छ करके दिखाया है। गंगा की स्वच्छता के लिए जर्मनी की उस तकनीक को भारत सरकार ने भी स्वीकार किया हैै, और नमामि गंगे के तहत आज तकनीकी रूप से गंगा की स्वच्छता को लेकर जर्मनी का यह प्रतिनिधि मण्डल ऋषिकेश आया है।”
इस अवसर पर जर्मनी राष्ट्र के भारत गणराज्य में राजदूत डाॅ मार्टीन नै की पत्नी डाॅ गैब्रियल नै, मिस मार्टिना बुकार्ड, मिस एनेट, मिस तान्या फिल्डमैन, अपर सचिव, पेयजल एवं परियोजन निदेशक डाॅ राघव लंगर, डी.एफ.ओ. श्री रहुल कुमार, रेंजर स्पर्श काला, श्री अनिरू़द्ध कुमार,श्री उत्तम सिंह नेगी आदि लोग उपस्थित थें।

‘चंदा मामा दूर के’ में नवाजुद्दीन नहीं होंगे

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अभी कुछ दिनों पहले ही नवाजुद्दीन ने मीडिया को बताया था कि आने वाली फिल्म ‘चंदा मामा दूर के’ में वे अपने कैरिअर का सबसे रोमांचित और साहसिक रोल करने जा रहे हैं। भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम पर बन रही इस फिल्म को लेकर अब नवाजुद्दीन के सुर बिल्कुल बदल गए हैं और अब उनका कहना है कि वे इस फिल्म का हिस्स नहीं हैं।

नवाज ये कह रहे हैं कि वे कभी इस फिल्म का हिस्सा नहीं थे, न ही उन्होंने इस फिल्म की बाबत कोई अनुबंध पत्र साइन किया था। नवाज का दावा है कि फिल्म के निर्माता उनके संपर्क में नहीं हैं। दूसरी ओर इस फिल्म से जुड़ी हर खबर में बतौर कलाकार नवाजुद्दीन के नाम की चर्चा हो रही है।

सुशांत सिंह जब इस फिल्म के लिए ट्रेनिंग लेने अमेरिकन अंतरिक्ष सेंटर नासा में गए, तो भी इन खबरों में नवाज को फिल्म का सह-कलाकार बताया गया। सुशांत के बाद इस फिल्म के एक और अहम कलाकार आर माधवन ने भी नासा जाकर ट्रेनिंग ली, तो खबरों में नवाब का नाम आया। पिछले चार महीनों से लगातार आ रही फिल्म की खबरों में नवाब का नाम शामिल रहा है।

फिल्म से जुड़े सूत्रों का कहना है कि नवाब इस फिल्म में काम कर रहे थे और अपने रोल से खुश थे, लेकिन उनकी दो शर्तों ने सारा मामला बिगाड़ दिया। नवाज ने अचानक इस फिल्म के लिए तय अपनी फीस में तीन गुने की बढ़ोत्तरी की मांग कर दी और ये भी शर्त लगा दी कि उनके साथ फिल्म में उनकी पसंद की कोई हीरोइन का ट्रैक भी जोड़ा जाए।

फिल्म के निर्माताओं ने नवाज की दोनों मांगों को स्वीकार नही किया, तो नवाज ने घोषणा कर दी कि वे कभी इस फिल्म का हिस्सा नहीं थे। इस फिल्म का निर्देशन कर रहे संजय पूरन सिंह ने खुलकर बात नहीं की, लेकिन नवाज के गैरपेशेवर तरीकों पर दुख व्यक्त किया। इस फिल्म की शूटिंग अक्तूबर से अमेरिका में शुरू होने जा रही है।

साइलेंट फिल्म में काम करेंगे सुनील शेट्टी

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साइलेंट फिल्म में काम करेंगे सुनील शेट्टी लगभग साढ़े तीन साल के अंतराल के बाद पिछले शुक्रवार को सुनील शेट्टी फिल्म ए जेंटलमैन में नजर आए, जिसमें सिद्धार्थ मल्होत्रा ने डबल रोल किया था और जैक्लीन फर्नांडिज इस फिल्म की हीरोइन थीं। इस फिल्म को बाक्स आफिस पर भले ही बड़ी सफलता न मिली हो, लेकिन अब सुनील नए सिरे से अपने करियर की नई फिल्मों का सिलसिला शुरू कर रहे हैं।

इसी सिलसिले के तहत सुनील शेट्टी को लेकर खबर मिली है कि हाल ही में उन्होंने एक ऐसी फिल्म में काम करने को लेकर सहमति दी है, जिसमें सुनील शेट्टी सहित 25 से ज्यादा कलाकार काम करेंगे, लेकिन परदे पर किसी कलाकार का कोई संवाद नहीं होगा। इस साइलेंट फिल्म का निर्देशन अनंत महादेवन करेंगे जिनके साथ सुनील शेट्टी लाल सलाम फिल्म में काम कर चुके हैं, जो नक्सलवाद पर बनी थी।

सुनील शेट्टी अभी इस फिल्म को लेकर बहुत ज्यादा बातें नहीं करना चाहते। उनका सिर्फ इतना कहना है कि ये बेहद रोमांचक फिल्म है। कई सालों पहले साउथ के दिग्गज सितारे कमल हासन ने पुष्पक नाम से साइलेंट फिल्म बनाई थी। कहा जाता है कि सुनील शेट्टी की साइलेंट फिल्म अगले साल जनवरी से शुरू होगी। इस बीच इस फिल्म का निर्देशन करने जा रहे अनंत महादेवन की फिल्म अक्सर 2 रिलीज होने वाली है। 6 अक्तूबर को रिलीज होने जा रही इस फिल्म में मैच फिक्सिंग कांड में विवादित रहे पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी श्रीसंत पहली बार परदे पर कदम रखने वाले हैं। जरीन खान इस फिल्म की हीरोइन हैं। हाल ही में इस फिल्म का ट्रेलर लांच हुआ।