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बीसीसीआई-यूपीसीए ही रणजी मुकाबले पर असमंजस में

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Dehradun
Stadium

भले ही राज्य सरकार उत्तर प्रदेश व महाराष्ट्र के बीच होने वाले रणजी मुकाबले को रायपुर स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में कराने के लिए तैयारियों में जुटने के दावे कर रही हो, लेकिन स्थिति ये है कि अब तक इस मुकाबले को खुद बीसीसीआई व यूपीसीए (उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन) के बीच ही असमंजस बना हुआ है। इतना ही नहीं, उत्तराखंड के पास भी अब तक बीसीसीआई की ओर से कोई लिखित पत्र नहीं मिला है।

अब बात बीसीसीआई की करें तो उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर यूपी व महाराष्ट्र के बीच 24 अक्टूबर से शुरू होने वाला मुकाबला लखनऊ में होना दिखाया जा रहा है। जबकि, उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की वेबसाइट पर मैदान दून का राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम है। जबकि, सुनने में बात आ रही है कि अंदरखाने में यूपीसीए इस मुकाबले को मेरठ में आयोजित करने की तैयारी कर रही है। अब सूत्रों की मानें तो उत्तराखंड को अब तक बीसीसीआई ने रणजी मुकाबला आयोजित कराने के लिए कहा ही नहीं।

सिर्फ उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने कहा था कि वह इस मैच का आयोजन दून में करेंगे। जबकि, नियम ये है कि यदि बीसीसीआई दून में मुकाबला कराती तो बाकायदा उनकी टीम यहां आकर पूरा निरीक्षण करती, साथ ही राज्य सरकार को मैच संपन्न कराने के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था कराने के लिए कहती। जबकि, ऐसा कुछ तो हुआ ही नहीं, राज्य सरकार के मुताबिक अगले पांच दिन के बाद यहां रणजी मुकाबला खेला जाना है।

उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव दिव्य नौटियाल का कहना है कि, “इस मुकाबले का आयोजन करने के लिए बीसीसीआई ने उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन को कहा है, उत्तराखंड को नहीं। यूपी ने उत्तराखंड से कहा है कि वह इस मुकाबले को दून में कराएंगे। लेकिन, अभी ऐसा कुछ भी होने की उम्मीद नहीं है।”

पाकिस्तान में आमिर की फिल्म को लेकर उत्साह

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secret superstar

बहुत दिनों बाद पाकिस्तान के सिनेमाघरों में आमिर खान की फिल्म रिलीज होने जा रही है। इस बार दीवाली पर रिलीज होने वाली आमिर खान प्रोडक्शन की फिल्म सीक्रेट सुपर स्टार को पाकिस्तान में रिलीज करने की जोरशोर से तैयारियां चल रही है। मिली जानकारी के अनुसार, लाहौर, कराची और इस्लामाबाद के 40 से ज्यादा मल्टीप्लेक्स थिएटरों में इस फिल्म को रिलीज किया जा रहा है।

इन मल्टीप्लेक्स के बाहर फिल्म के बड़े कटआउट लगाए गए हैं और फिल्म को लेकर दर्शकों में उत्साह देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस बात का इंतजार हो रहा है कि पाकिस्तान का सेंसर बोर्ड फिल्म को कब देखकर इसे रिलीज करने के बारे में कोई फैसला करेगा। उम्मीद है कि सोमवार तक फिल्म सेंसर बोर्ड से क्लीयर हो जाएगी।

फिल्म में आमिर खान हैं और ये एक मुस्लिम परिवार की कहानी है, इस वजह से इस फिल्म को लेकर वितरकों में ज्यादा उत्साह है। आमिर खान की पिछली फिल्म दंगल को पाकिस्तान में इसलिए रिलीज नहीं किया गया था, क्योंकि पाक के सेंसर बोर्ड ने जन गण मन.. वाले सीन को हटाने के लिए कहा था और आमिर खान ने ऐसा करने से मना कर दिया था। थिएटरों मे न रिलीज हो पाने के बाद पाकिस्तान के बाजार में दंगल की बीस लाख से ज्यादा पाइरेटेड कापियां बिकी थीं।

टाइगर जिंदा है का पहला पोस्टर जारी

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दीवाली के मौके पर सलमान खान की आने वाली फिल्म टाइगर जिंदा है का पहला पोस्टर आज सोशल मीडिया पर जारी किया गया। इस पोस्टर में सलमान खान अकेले नजर आ रहे हैं।

tiger zinda poster

सूत्रों के मुताबिक, फिल्म के अगले पोस्टर में सलमान के साथ कैटरीना कैफ भी होंगी। नवंबर के पहले सप्ताह में फिल्म का ट्रेलर लांच हो जाएगा। सलमान खान-कैटरीना कैफ की जोड़ी की इस फिल्म का निर्माण यशराज में हुआ है और निर्देशन अली अब्बास जाफर ने किया है।

ये फिल्म 22 दिसंबर को रिलीज होगी। फिल्म में सलमान-कैटरीना के साथ परेश रावल और अंगद बेदी भी हैं। ये फिल्म 2012 में यशराज के लिए कबीर खान द्वारा निर्देशित फिल्म एक था टाइगर की सिक्वल के तौर पर बनाई गई है।

सीएम ने हल्द्वानी शहर को दी 20 करोड़ की सौगात

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CM to interact directly with people

हल्द्वानी,  दिवाली के मौके पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शहर को 20.13 करोड़ रुपये की सौगात दी। इसके साथ ही रानीबाग चित्रशिला घाट पर ढाई करोड़ की लागत से बनने वाले विद्युत शवदाह गृह, सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय के सामने सड़क चौड़ीकरण एवं पार्किंग, जेल रोड व पनचक्की चौराहे पर म्यूजिकल फव्वारे लगाने की भी घोषणा की।

नगर में पंडित दीन दयाल उपाध्याय की मूर्ति का लोकार्पण करते हुए मुख्यमंत्री रावत ने कहा, वह भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेंगे। केदारनाथ में जिस तरह एक साल में एक ही जगह तीन-तीन पुल बन गए, इस तरह के चौंकाने वाले मामले खुल रहे हैं। उनकी सरकार इस तरह के घोटाले पर कड़ी कार्रवाई करेगी।

2019 तक हर घर को बिजली और 2022 तक हर व्यक्ति को छत उपलब्ध कराने का भी वादा किया। एजुकेशन के क्षेत्र में सीपेड़ व निफ्ट जैसे संस्थानों को एक साल के भीतर खोलने की घोषणा की। इसमें विधायक बंशीधर भगत, नवीन दुम्का, संजीव आर्य, महेश नेगी, राम सिंह कैड़ा, प्रदेश महामंत्री गजराज बिष्ट, जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट शामिल रहे।

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी 20 अक्टूबर को केदारनाथ पहुंचेंगे, वहां पर पांच योजनाओं का शिलान्यास करेंगे।

कर्ज न चुकाने के मामले में राम कपूर के खिलाफ कानूनी नोटिस

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टेलीविजन और फिल्मों में काम करने वाले अभिनेता राम कपूर के खिलाफ कर्ज न लौटाने का मामला दर्ज हुआ है। ये मामला मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ है।

मिली जानकारी के अनुसार, कोलाबा की एक फाइनेंशल कंपनी से राम कपूर ने निजी जरुरतों के लिए दो साल पहले 35 लाख रु. का कर्ज लिया था और इस कर्ज को किश्तों में एक साल के अंदर चुकाने का वादा किया था। कंपनी का दावा है कि राम कपूर ने एक भी किश्त नहीं भरी और इस बारे में जब उनसे संपर्क किया गया, तो उन्होंने निराशाजनक बर्ताव किया, जिसके बाद कंपनी ने राम कपूर के खिलाफ मामला दर्ज कराने का फैसला किया और इसी के तहत राम कपूर को कानूनी नोटिस भेजा गया।

खबरों के मुताबिक, राम कपूर को सात दिनों में नोटिस का जवाब देने को कहा गया है। कंपनी इसके बाद ही आगे की कार्रवाई करेगी। कंपनी के सूत्र बताते हैं कि अगर राम कपूर ने नोटिस का सही समय के भीतर जवाब नहीं दिया, तो उनके खिलाफ अदालत में आपराधिक केस दर्ज किया जाएगा। राम कपूर ने इस मामले पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

क्यों सफेद हाथी साबित हो रही करोड़ों की मंडी

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पहाड़ में भी मंडी बनाकर स्थानीय उत्पादकों को प्रोत्साहित करने की पहल रंग नहीं लाई। मंडी तो बना दी गई उसे शुरू कराने की सुध किसी को नहीं रही। दो करोड़ की लागत से बनी मंडी सफेद हाथी बनी हुई है। मंडी परिषद की योजना के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में मिनी मंडियां बनाकर स्थानीय उत्पादकों को इससे लाभावित करना था। इसके लिए थल में मंडी स्वीकृत की गई। इसके पीछे थल, डीडीहाट, मुनस्यारी, बेरीनाग से उत्पादित होने वाली साग, सब्जी, फल और अनाज इस मंडी में पहुंचने थे। ताकि स्थानीय उत्पादकों को बिचौलियों से मुक्ति मिले और उत्पादक प्रेरित हो सकें। इसके लिए दो करोड़ की लागत से मंडी भवन और शेड सहित सभी कुछ तैयार किया गया। तीन वर्ष पूर्व तैयार मंडी अभी तक चालू नहीं हो सकी है। मंडी के दो गेटों में एक गेट पर ताला लटका है तो दूसरा गेट तार से बांधा गया है। जिसे खोल कर लोग परिसर में घुस रहे हैं। लावारिस जानवर भी परिसर में शरण लिए हुए हैं।

मंडी बनाने को लेकर किसानों को दिखाए गए सब्ज बाग टूट चुके हैं। थल के सबसे अच्छे क्षेत्र में बनी मंडी में आवारा जानवरों ने अपना निवास बनाया है। यहां पर बने भवन क्षतिग्रस्त होने लगे हैं। थल के सबसे अच्छे स्थल पर बनी यह मंडी किसानों को चिढ़ा रही है। सियासी दल चुनाव में इसे चुनावी मुद्दा बनाते हैं परंतु सत्ता मिलते ही किसानों के हितों के लिए बनी मंडी भुला दी जाती है। विशन सिंह चुफाल ने कहा कि थल मंडी के संबंध में सरकार से बात की जाएगी। जिस उद्देश्य के लिए मंडी बनाई गई थी उसे पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। मंडी बनने से राम गंगा नदी घाटी के सब्जी और फल उत्पादकों को इसका लाभ मिले इसका प्रयास किया जाएगा।

नार्थ जोन ब्लाइंड क्रिकेट में भिड़ेंगे 8 प्रदेशों के 100 से ज्यादा खिलाडी

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देहरादून पहली बार नार्थ इंडिया ब्लाइंड क्रिकेट टूर्नामनेट का आयोजन करना जा रहा है। 23 अक्टूबर से  29 अक्टूबर तक चलने वाले मैचों में 100 से ज्यादा द्रिसटिबाधित खिलाडी प्रतिभाग करेंगे। ये जानकारी आयोजकों ने साझा की, युसर्क के निदेशक दुर्गेश पंत जो आयोजन से जुड़े हैं ने बताया की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दृस्टिभादित क्रिकेट को प्रमोट करने में रूचि दिखाई है।

पंत ने बताया की 1903  में देहरादून में दृस्टि बदतिओं के लिए पहला स्कूल खुला था करीब 114 साल बाद देहरादून में दोबारा ऐसिहासिक पाल का गवाह बनाने जा रहा है। चार दिनों तक चलने वाले मैच सहर के रेंजर्स ग्राउंड समेत महाराणा प्रताप क्रिकेट स्टेडियम में खेले जायेंगे। जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़, हिमांचल समेत हरयाणा की टीम्स नार्थ जोन के मैचों में शिरकत करेंगी।
नार्थ जोन ब्लाइंड क्रिकेट एसोसिएशन के महासचिव शैलेन्द्र के मुताबिक टूर्नामेंट से सेलेक्ट हुए खिलाडी ब्लाइंड वर्ल्ड कप में भारत की टीम का हिस्सा बनेगे जो दुबई में होने जा रहा है। गौरतलब है की भारत की द्रिस्तिभादित् टीम पाकिस्तान को हराकर विश्व कप जीत चुकी है। शैलन्द्र ने बताया कि, “प्रायोजकों के आगे आने से ब्लाइंड क्रिकेट की सूरत बदली है और समाज का दृश्टिकोण भी।”

स्वच्छ भारत की अनूठी मिसाल है उत्तराखंड का ये शहर

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जहां देश में स्वच्छ भारत का नारा देकर और करोडों रुपये खर्च कर देश को स्वच्छ बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा हो, वहीं देश केे एक कोने में एक छोटा सा शहर एसा है जिसे ना तो इन नारों की जरुरत है और ना ही किसी मिशन से जुड़ने की। क्योंकि जहां सोच ही सकारात्मक हो तो वहां किसी जागरुकता की जरुरत नहीं पडती। इस गांव में भी एसा ही है, यहां लोग सफाई कर्मचारियों का इन्तजार नहीं करते बल्कि खुद ही अपने शहर को स्वच्छ रखने के लिए रोजाना अपने घरों के बाहर और शहर को स्वच्छ रखते हैं और शहर में गंदगी नहीं फैलाते हैं। ये शहर ग्रीन सीटी और क्लीन सीटी के नाम से खुद ही विख्यात है…ये है चम्पावत जिले का गौलचौड़ गांव जहां के लोग एक मिसाल हैं देश के लिए।

नगर में जहां अनेक स्थानों में गंदगी के फैले होने से स्थानीय लोग परेशान हैं। वहीं गौरलचौड़ रोड के लोग एक नजीर साबित हो रहे हैं, जो सफाई के लिए किसी सफाई कर्मचारी का इंतजार नहीं करते बल्कि स्वयं सफाई अभियान में जुट जाते हैं। यही वजह है कि इस रोड पर हमेशा सफाई देखने को मिलती है। गौरलचाड़ रोड स्थित सभी निवासी स्वच्छता अभियान का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश कर रहे हैं। यहां के निवासी अपने-अपने घरों के सामने रोड व नालियों की सफाई स्वयं करते हैं और कूड़े को डस्टबिन में एकत्रित कर पालिका के कूड़ा वाहन में डालते हैं।

लोगों का कहना है यह गौरलचाड़ मैदान का मुख्य मार्ग है और लोग सुबह सैर करने, बच्चे खेलने के लिए जाते हैं। इसलिए इसका साफ सुथरा रहना जरुरी है। गौरलचौड़ रोड निवासी गुणानंद थ्वाल ने बताया यहां प्रत्येक निवासी अपने घर के समाने स्वयं सफाई करता है, लेकिन सफाई का कोई फायदा नहीं होता जब मुख्य बाजार से बहकर आने वाली गंदगी से नालियों में भर जाती है। उनका कहना है पालिका को इसके लिए नालियों में जैमर लगाने चाहिए जिससे मुख्य बाजार का कूड़ा यहां नालियों में बहकर न आए। साथ ही उन्होंने बताया पालिका के कूड़ा वाहन के समय निश्चित न होने से वे परेशान हैं।

भारत में 6500 करोड़ का निवेश करेगा आबूधाबी

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राष्ट्रीय निवेश और इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (एनआईआईएफ) और आबूधाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी (एडीएए) के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग और संयुक्त अरब अमीरात सरकार (यूएई) के बीच हुए इस एमओयू के मुताबिक एडीए ग्रुप भारत में 1 अरब अमरीकी डालर यानि लगभग 6500 करोड़ रूपये का निवेश करेगा।

समझौते के एक भाग के रूप में, एआईडीआई एनआईआईएफ मास्टर फंड में पहली संस्थागत निवेशक बन जाएगा और एनआईआईएफ के निवेश प्रबंधन कंपनी में एक शेयरधारक बन जाएगा।

छह घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड, हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड, आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड, कोटक महिंद्रा ओल्ड म्युचुअल लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड, एक्सिस बैंक लिमिटेड भी भारत सरकार के अलावा एआईडीएआई के साथ एनआईआईएफ मास्टर फंड में शामिल हो रहे हैं।

आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा कि यह एमओयू एनआईआईएफ के संचालन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह समझौता व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं में निवेश के जरिए महत्वपूर्ण आर्थिक प्रभाव पैदा करने का मार्ग प्रशस्त करता है।

एनआईआईएफ जुलाई, 2015 को केंद्रीय मंत्रिमंडल के निर्णय के बाद बनाया गया था और इसे सेबी विनियमों के तहत एक या एक से अधिक वैकल्पिक निवेश निधि (एआईएफ) के रूप में स्थापित करने की परिकल्पना की गई थी। एनआईआईएफ के प्रस्तावित कोष रुपये 40,000 करोड़ (लगभग 6 बिलियन अमरीकी डॉलर) है। एनआईआईएफ में भारत सरकार का योगदान किसी भी समय किसी भी समय कुल प्रतिबद्धता का 49% होगा। एनआईआईएफ को विदेशी सामंजस्य / अर्ध-सार्वभौमिक / बहुपक्षीय / द्विपक्षीय निवेशकों से इक्विटी भागीदारी के लिए खुला रखा गया है।

दीपावली नहीं मनाएंगे अमिताभ बच्चन

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सदी के महानायक अमिताभ बच्चन इस बार दीपावली नहीं मनाएंगे। बच्चन परिवार से जुड़े सूत्रों ने इसकी वजह बताई है कि इस साल ऐश्वर्या राय के पिता कृष्णाराज राय के सम्मान में बच्चन ने ये फैसला किया है, जिनका इस साल 18 मार्च को मुंबई में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था।

दीवाली पर बच्चन परिवार अपने बंगले जलसा में दीवाली की पार्टी का आयोजन करते हैं, जिसमें बालीवुड के दिग्गज सितारे शामिल होते हैं। इस बार बच्चन परिवार सादगी के साथ ये त्यौहार मनाएगा।

वैसे कहा जाता है कि बच्चन इसी वजह से इस बार अपना जन्मदिन भी नहीं मनाना चाहते थे। पहले उन्होंने जन्मदिन मनाने से पूरी तरह से मना कर दिया था। मगर ये अमिताभ बच्चन का 75वां जन्मदिन था। इसके महत्व को समझते हुए परिवार ने बच्चन पर दबाव डाला, तो बिग बी इस शर्त के साथ राजी हुए कि जन्मदिन मुंबई या देश में कहीं नहीं होगा। इस शर्त को मानते हुए परिवार ने मालदीव में बच्चन के 75वें जन्मदिन समारोह का आयोजन किया, जिसमें सिर्फ परिवार ही शामिल हुआ।