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जीटीवी पर नए लोगो के साथ चार नए शो

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जीटीवी ने 25 साल का सफर पूरा कर लिया है। इस मौके पर हाल ही में मुंबई में आयोजित एक समारोह में चैनल ने नया लोगो लांच किया और इसी मौके पर चैनल की ओर से चार नए शोज शुरु करने की भी घोषणा की गई। जीटीवी के नए लोगो के साथ आज लिखेंगे कल की टैगलाइन जोड़ी गई है।

शुरु होने जा रहे नए शोज में राजा बेटा, कलीरें, सुभान अल्लाह और आपके आ जाने से के नाम शामिल हैं। इन शोज की टेलीकास्ट डेट्स अभी घोषित नहीं हुई हैं। 25 साल के सफर को लेकर जी टीवी के सीईओ पुनीत मिश्रा ने कहा कि जी टीवी ने 25 साल पहले निजी चैनल के तौर पर दर्शकों के लिए मनोरंजन का एक नया रास्ता खोला था, जिसे हमारी टीम और दर्शकों के प्यार ने बड़ी कामयाबी में बदलकर रख दिया। उनका कहना था कि जीटीवी ने हमेशा दर्शकों की पसंद को ध्यान में रखकर की कटेंट तैयार किया है, यही वजह है कि हमारे शोज आज भी सफलता के मामले में टाप पर रहते हैं।

उन्होंने कहा कि हम आगे भी इसी तरह से दर्शकों का मनोरंजन करते रहेंगे और दर्शकों की पसंद का ध्यान में रखते हुए शोज तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि टेलीविजन की दुनिया में मनोरंजन को लेकर जीटीवी का किसी के साथ कोई मुकाबला नहीं है और हम अपने दर्शकों के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम करते रहेंगे।

कोतवाली पहुंची फूड सेफ्टी टीम ने भरा खोये का सैंपल

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रुद्रपुर- कोतवाली पुलिस ने डीडी चौक पर हल्द्वानी जा रही एक बस से तकरीबन तीन क्विंटल खोया लावारिस हालत में बरामद किया है। सूचना पर पहुंची फूड सेफ्टी टीम ने खोये का सैंपल भर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है। सैंपल की कार्रवाई के बाद खोया हल्द्वानी के होटल स्वामी को सौंप दिया गया है।

चौकी बाजार की पुलिस के एसआई सुभाष डुंगरिया एवं हमराह ईश्वर सिंह (चीता मोबाइल) ने डीडी चौक से हल्द्वानी की तरफ जा रही रोडवेज बस (यूपी21एएन2420) को रोका जिसमें 10 कट्टे खोया से भरे हुए थे। जब कंडेक्टर से उसके मालिक के बारे में बात की गई तो उसने नाम पता होने से इंकार कर दिया। इसके बाद जब बस में बैठे यात्रियों से पूछताछ की गई तो वे भी कोई जानकारी नहीं दे सके। इसके बाद इन सभी कट्टों को कोतवाली में लावारिस दाखिल किए गए।

चूंकि दीपावली त्योहार के मद्देनजर खोया प्राप्त होने की सूचना रुद्रपुर के फूड सेफ्टी आफीसर मनोज सेमवाल को दी। श्री सेमवाल ने अपनी टीम के साथ कोतवाली में पहुंचकर दस कट्टों के भीतर से मेवे के सैंपल लेकर सील मोहर किया। इस सैंपल को मौके पर पहुंचे खोया (मावा) के मालिक के समक्ष भरा गया और जांच के लिए लेबोरेट्री भेजा गया।

हल्द्वानी निवासी मावा मालिक ने बताया कि मावा 100 फीसदी शुद्ध है। इसे किसी भी कसौटी पर चेक कराया जा सकता है। हालांकि उन्होंने इस तरह की कार्रवाई पर खासी नाराजगी जताई और कहा कि अगर पुलिस का यही ढर्रा बना रहा तो दुकानदार को दुकानदारी करना मुश्किल हो जाएगा। होटल व्यवासायी को बाद में सभी कट्टे सुरक्षित सौंप दिए गए।

ट्रेन के सामने कूद कर महिला ने की खुदखुशी

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काशीपुर, एक युवती ने ट्रेन के आगे कूदकर जीवनलीला समाप्त कर ली। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। साथ ही लोगों से पूछताछ की, लेकिन युवती की शिनाख्त नहीं हो पाई।

काशीपुर-काठगोदाम जाने वाली ट्रेन संख्या 54303 बुधवार दोपहर देर होने के कारण करीब 12 बजे निकली। इस दौरान आइटीआइ थाना क्षेत्र के ग्राम कचनाल गुसाईं स्थित एक युवती ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

साथ ही युवती की शिनाख्त के लिए लोगों से पूछताछ की। इस दौरान गांववासी जाकिर हुसैन व ललित कंबोज ने बताया कि युवती फोन पर बात करती हुई राधेहरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय वाली सड़क से पैदल आ रही थी। पुलिस के मुताबिक युवती की उम्र करीब 36 वर्ष है। पुलिस ने युवती की शिनाख्त कराने का प्रयास भी किया, लेकिन उसके बारे में पता नहीं चल सका।

धांधलीः  बीमा के पैसों के लिए गोलमाल

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जसपुर के करनपुर निवासी संजू सिंह  की मौत पांच अक्टूबर 2015 को हो गई थी। कुछ दिन बाद गांव के ही ओंकारदीप सिंह  संजू का बीमा कराकर उसके बेटे अमित कुमार को मोटी रकम दिलवाने की बात कही। इसके लिए उसने मृतक का आधार कार्ड, फोटो व अन्य कागजात ले लिए।

उनका गढ़ीनेगी स्थित जिला कोआपरेटिव बैंक शाखा में खाता खुलवाया और मृतक के नाम बीमा करा दिया और एक किश्त भी जमा करा दी। आरोपी ने बीमा कंपनी में मृतक की मौत का होना बताया। 17 मई 2017 को अमित के खाते में आठ लाख 394 रुपये आ गए। आरोपी ने अमित से छह ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर करा लिए। उसके खाते से सात लाख 75 हजार सौ रुपये निकाल लिए। जब उसे खाते से रकम निकलने का पता लगा तो बैंक में खाते की डिटेल चेक कराई, मामला सही पाया गया।

अमित कुमार पुत्र स्व. संजू सिंह ने कुंडा थाने में दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी ओंकारदीप के खिलाफ धोखाधड़ी में केस दर्ज कर लिया था। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

सुधीर कुमार थानाध्यक्ष, कुंडा इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सभी साक्ष्य जुटाने के बाद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।

त्योहार पर आग के हवाले हुई इलेक्ट्रानिक की दुकान

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रामनगर, कोतवाली के समीप नंदा लाइन में आधी रात के बाद इलेक्ट्रोनिक्स की एक दुकान में आग लग गई। रात्रि गश्त कर रहे पुलिस कर्मियों की सतर्कता से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। इससे बड़ा नुकसान टल गया।

जानकारी के मुताबिक रात करीब दो बजे गश्त कर रहे पुलिस कर्मियों ने चंद्रशेखर पपनै की इलेक्ट्रोनिक्स की दुकान से धुआं उठता देखा। इस पर उन्होंने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। समय रहते दमकल भी मौके पर पहुंच गई। फायरकर्मियों ने कटर से ताले काटकर शटर खोला तो भीतर आग की लपटें नजर आई। इस पर तुरंत काबू पा लिया गया। साथ ही दुकान स्वामी को इसकी जानकारी दी गई। आग लगने से करीब दो लाख का सामान जल गया।

अग्निशमन अधिकारी किशोर उपाध्याय ने बताया कि बिजली के स्विच बोर्ड में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी थी। आग को फैलने से पहले ही बुझा लिया गया। यदि आग फैलती तो ज्यादा नुकसान होता और आसपास की दुकान भी इसकी चपेट में आ जाती

दीपावली पर लौटा माटी के दीयों का दौर

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ऋषिकेश, दीपावली पर्व से पूर्व बुधवार को नगर में दीयों की रिकार्ड बिक्री हुई। पिछले 10 वर्षों के मुकाबले इस वर्ष सर्वाधिक दीए बिके, जिससे दीया विक्रेताओं के चेहरे खिल उठे हैं। इसे सोशल मीडिया का प्रभाव कहें या स्वदेशी भावना। कारण जो भी हो, लेकिन सुखद तथ्य यह है कि विगत वर्षों की तुलना में इस वर्ष दीपावली पर्व पर मिट्टी के परंपरागत दीपकों की बिक्री में इजाफा हुआ है।

बाजारों में साधारण दिए से लेकर डिजायनर दीपकों की अनेकों दुकानें सजी मिली हैं। विगत वर्षों में दीपमाला प्रकाश की जगह रंग-बिरंगी चाइनीज झालरों, बिजली वाले दीपकों की लड़ी, झालरों व मिट्टी के दीपकों की जगह मोमबत्ती का चलन बढ़ा था, लेकिन इस वर्ष चाइनीज आइटमों की बिक्री में काफी कमी आयी है। लोगों का मानना है कि सोशल मीडिया पर चीनी वस्तुओं न खरीदने की प्रेरणा वाले संदेशों के प्रभाव से जनमानस में स्वदेशी की भावना बलवती हुई है, जिसके परिणाम स्वरूप मिट्टी के दीपक खूब बिक रहे हैं।

दीपक बेचने वाले दुकानदारों ने बताया कि मिट्टी के साधारण दीपक 40 रुपये सैकड़ा व डिजायनर दीपक तीन रुपये का है। अधिकांश लोग छतों व दरवाजों में दीपकों की कतार बनाने के लिए साधारण दीपक व पूजन के लिए डिजायनर दीपक खरीद रहे हैं। पर्व की पूर्व संध्या पर मुर्खजी बाजार में इस कदर ग्राहकों की भीड़ दीयों को खरीदने के लिए उमड़ी कि तिल रखने की जगह भी दिखाई नहीं दी।

दीपावली के उल्लास में डूबा उत्तराखंड

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पूरा राज्य दीपोत्सव के उल्लास में डूबा नजर आ रहा है। समूचा राज्य रोशनी से जगमग है तो बाजार पूरी तरह पैक। दून में दीपावली का रंग यूं तो धनतेरस से परवान चढ़ गया था, लेकिन बुधवार को यह और गहरा नजर आया। छोटी दीपावली पर बुधवार को खरीदारी के लिए मुख्य बाजारों में भीड़ उमड़ी रही।

शाम के वक्त तो पलटन बाजार समेत अन्य स्थानों पर लोगों को पैर रखने तक की जगह नहीं थी। लोगों ने दीपावली के लिए पारंपरिक खील-बताशे व खिलौनों के साथ ही मिष्ठान, आतिशबाजी और सजावटी सामान की दुकानों में भीड़ उमड़ी रही। आलम ये था कि सुबह से ही उपहार और मिठाई देकर एक दूसरे को शुभकामनाएं देने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।

महिलाएं पूजन की सामग्री खरीद रही हैं। गेंदा और कमल के फूलों की भी बंपर बिक्री से पुष्प विक्रेताओं के चेहरे भी खिले हैं। गेंदे से जहां लोग घर और प्रतिष्ठान सजा रहे हैं तो कमल के फूल से लक्ष्मी पूजन। दीपावली की उमंग रूपी ज्योत सोशल मीडिया पर भी खूब प्रज्वलित हो रही है। लोग एक दूसरे को ई-ग्रीटिंग पोस्ट कर शुभकामनाएं दे रहे हैं।

मिठाई से कर रहे परहेज
दीपावली का उल्लास तो ही, साथ ही इस बी लोगों को मिठाई में मिलावट का भय सता रहा है। यहीं कारण है कि वह मिठाई के बजाए ड्राई फ्रूट्स को ही वरीयता दे रहे हैं। खरीदार मनोज सिंह ने बताया कि जगह-जगह से नकली मावा पकड़े जाने की खबरें आ रही है। ऐसे में मिठाई त्यौहार का मजा न खराब कर दे, इसलिए ड्राई फ्रूट्स ही रिश्तेदार और परिचितों को दे रहे हैं। व्यापारी प्रमोद अरोरा के मुताबिक नमकीन, बिस्कुट और चॉकलेट के गिफ्ट पैक की डिमांड पिछले सालों के मुकाबले बढ़ी है।

दीपावली की जगमग के लिए तरह-तरह की फैंसी लाइट, लड़ियों के लिए दुकानों पर लोगों का जमावड़ा रहा। खास बात ये है कि ग्राहक खुद भारत में निर्मित उत्पाद मांग रहा है। चाहे कुछ पैसा अधिक भी खर्चना पड़े, लेकिन लोग चाइनीज आइटम से किनारा कर रहे हैं। व्यापारी वीरेंद्र भारद्वाज ने बताया कि भारत में निर्मित उत्पादों की कोई कमी नहीं है।

सूर्यास्त होने के बाद प्रदोष काल के दौरान स्थिर लग्न में माता लक्ष्मी की पूजा करें। क्योंकि स्थिर लग्न में ही माता लक्ष्मी की पूजा करना अच्छा माना गया है। स्थिर लग्न के बारे में ज्योतिष में ऐसा बताया गया है कि वृषभ लग्न का काल ही स्थिर लग्न है। लक्ष्मी पूजा और दीया जलाने का शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं।

लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त:
शाम 7.11 बजे से 8.16 तक
प्रदोषकाल- शाम 5.43 से 8.16 तक
दिवाली 2017 शुभ मुहूर्त
वृषभ काल (स्थिर लग्न)- शाम 7.11 से 9.6 रात्रि तक
अमावस्या तिथि शुरू- 00.13 (18-19 अक्टूबर)
अमावस्या तिथि समाप्त- 00.41 (19-20 अक्टूबर)

इस दीपावली रखे अपना खास ख्याल

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देहरादून,  दीपावली रोशनी और उल्लास का पर्व है, शोर और धुएं का नहीं। त्योहार मनाइए, पर अपनी सेहत, सुरक्षा और दूसरों को अनदेखा करके नहीं। यह दीयों को जगमग करने का त्योहार है। सभी कड़वाहट को मिटाकर अपनों के गले मिलने, बड़ों से आशीष लेने का दिन है। इसे पटाखों के शोर में गुम न होने दें।

वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. मुकेश सुंद्रीयाल के अनुसार ज्यादातर पटाखों से 80 डेसिबल से अधिक स्तर की आवाज निकलती है। जिस कारण बहरापन, उच्च रक्तचाप और अनिद्रा जैसी स्थिति आ जाती है। बच्चे, गर्भवती महिलाएं और सांस की समस्याओं से पीडि़त लोगों की अत्यधिक ध्वनि व प्रदूषण के कारण दिक्कतें बढ़ जाती हैं।

हवा में धूल के कणों के साथ घुले बारूद के कण और धुएं के संपर्क में ज्यादा देर रहने वालों को खांसी, आंखों में जलन, त्वचा में चकत्ते पडऩे के साथ उल्टी की समस्या भी हो सकती है। वरिष्ठ चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल आर्य बताते हैं कि स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ाने अलावा पटाखों से परोक्ष रूप से गंभीर दुष्परिणाम भी देखे गए हैं। पटाखे सावधानी से नहीं चलाने पर त्वचा झुलस सकती है और इस पर लंबे समय तक जले का निशान बना रहता है। गलत तरीके से आतिशबाजी करने के कारण बहुत लोग बुरी तरह जलकर जख्मी हो चुके हैं और कई लोगों की जान तक पर बन आई है।

अन्य नुकसान
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. केपी जोशी के अनुसार पटाखों के जलने से त्वचा, बाल और आंखों की पुतलियों को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है। पटाखों में मौजूद नुकसानदेह रसायन त्वचा में शुष्कता और एलर्जी पैदा करते हैं। वातावरण में नुकसानदेह रसायनों के फैलने से बालों के रोमकूप कमजोर पड़ जाते हैं जिसके परिणामस्वरूप बाल टूटने लगते हैं और बालों की प्राकृतिक संरचना भी बिगड़ती है। पटाखों के कारण आंखों में जरा सी चोट भी एलर्जी और नेत्रहीनता की स्थिति पैदा करती है।

आंखों को रखें सलामत 
वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. सुशील ओझा ने बताया कि, “आतिशबाजी के कारण प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है जो आंखों के लिए हानिकारक है। पटाखे हमेशा खुली जगह पर चलाएं और दूरी का विशेष ध्यान रखें। दुर्घटना से बचने के लिए चश्मा आदि पहनें। रंगोली बनाने के बाद अपनी आंखों को अच्छी तरह साबुन से धोएं। ताकि रासायनिक पदार्थ आंख में न जाएं।”

दीपावली के मौके पर 108 सेवा अलर्ट

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108 आपातकालीन सेवा प्रबंधन ने दीपावली के अवसर पर अपनी सभी टीमों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए है। दीपावली के मौके पर प्रदेश में 108 आपातकालीन सेवा अलर्ट रहेगी।

108 आपातकालीन सेवा के स्टेट हेड मनीष टिंकू ने बताया कि 108 आपातकालीन सेवा एंबुलेंस टीम व इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर में तैनात कर्मियों को अनावश्यक रूप से अवकाश पर ना जाने की दी सलाह दी गई है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड राज्य की जनता को बीते 09 वर्षों से अधिक की समयावधि से आपातकालीन स्थितियों में त्वरित सेवाएं प्रदान कर रही।

108 आपातकालीन सेवा में दीपावली के अवसर पर घटित होने वाली दुर्घटनाओं में अपनी सेवाएं देने के लिए तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। उन्होंने बताया कि अनुभव के आधार पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में एंबुलेंस तैनाती स्थानों में आंशिक रूप से परिवर्तन किया गया है। 108 आपातकालीन सेवा के कॉल सेंटरों में प्राप्त आंकड़ों के अनुसार दीपावली के अवसर पर सड़क दुर्घटना, लड़ाई झगड़े और पुलिस वालों की संख्या में वृद्धि हो जाती है।

घटनाएं शाम 6:00 बजे से रात के 12:00 बजे के बीच अधिक घटित होती है। इसी को देखते हुए दीपावली के दौरान राज्य के मुख्य शहरों देहरादून, हरिद्वार, रुद्रपुर व हल्द्वानी में 108 एंबुलेंस वाहनों को पूर्ण रुप से अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। दीपावली के अवसर पर देहरादून शहर में एंबुलेंस सर्वे चौक, प्रेम नगर चौक, सूरी चौक, रिंग रोड आदि इलाकों से निपटने के लिए तैयार रहेंगे।

‘मेक इन इंडिया’ ने दी परंपराओं को ताकत

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देहरादून,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल के बाद देश में शुरू हुए ‘मेक इन इंडिया’ अभियान का असर दीपावली पर भी साफ दिखाई दिया। इसी का परिणाम है कि पिछले सालों में 50 फीसद तक घट चुके परंपरागत मिट्टी के दीए व अन्य सामग्री के कारोबार ने इस साल काफी उछाल मारा है।

सिर्फ प्रधानमंत्री ही नहीं, बल्कि देशवासियों ने भी इस पहल को शिद्दत से स्वीकार किया। जिस कारण अकेले दून में मिट्टी की सामग्री के कारोबार में डेढ़ गुना तक वृद्धि पहुंच गई है। बात हो रही हैं  दून की कुम्हार मंडी की, जहां करीब दो दर्जन से ज्यादा परिवार पीढ़ियों से मिट्टी से बने दीए, पूजा की थाली व मूर्तियां तैयार कर रहे हैं।

पिछले सालों में चाइनीज सामग्री बढ़ी बिक्री ने इस बाजार को नरम कर दिया था। हालत ये हो गई कि कई कुम्हारों ने तो मिट्टी के बर्तन बनाने का काम छोड़कर अन्य रोजगार पकड़ लिए। लेकिन, इस साल मिट्टी से बनी पूजा की सामग्री की बिक्री डेढ़ गुना बढ़ गई है, जो कुम्हार इन दिनों में एक हजार रुपये रोजाना कमाता था, आज उसकी कमाई डेढ़ हजार तक पहुंच गई है। इससे कुम्हारों के चेहरे तो खिले ही, साथ ही पूजा के पारंपरिक तरीके में ढलने से लोगों भी खुश हैं। 

दीये बनाने वाले राजकुमार का कहना है कि, “निश्चित रुप से इस साल हमारे कारोबार में वृद्धि हुई है। यदि सरकार कुम्हारों के लिए संसाधनों का आसानी से उपलब्ध कराने की ओर भी एक कदम बढ़ा दे तो हमारी स्थिति और बेहतर हो जाएगी।” नवीन कुमार ने कहा कि, ‘इस साल मिट्टी के दीये व अन्य सामग्री की बिक्री में वृद्धि हुई है। यदि ऐसा रहा तो आने वाले दो से तीन सालों में स्थिति और अच्छी हो जाएगी।” वहीं, रामशरण ने कहा कि, “पिछले कुछ सालों से लगातार हमारा कारोबार मंदा चल रहा था। कई बार तो हम लोग दुकान लगाने की सोचते भी नहीं थे, लेकिन इस साल हमारे कारोबार ने ऐसा उछाल मारा कि सभी खुश हो गए।”

एक अन्य कुम्हार का कहना था कि जिस जगह पर मेरी दुकान है वहां पहले कोई ग्राहक नहीं आता है। मुश्किल से दिनभर में तीन से चार ग्राहक, लेकिन आज दोपहर हो गई और मुझे खाना खाने का समय नहीं मिला।