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रांची सिविल कोर्ट में जावेद अख्तर के खिलाफ याचिका दायर

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प्रसिद्ध लेखक औऱ गीतकार जावेद अख्तर के खिलाफ उच्च न्यायालय के अधिवक्ता नवीन सिंह ने रांची सिविल कोर्ट में याचिका दायर की है। यह याचिका जावेद अख्तर के उस बयान को लेकर है जिसमें उन्होंने कहा था कि अंग्रेजों के खिलाफ किसी राजे रजवाड़े और राजपूतों ने लड़ाई नहीं लड़ी थी। याचिकाकर्ता का कहना है की यह एक वर्ग और जाति का अपमान है।

उल्लेखनीय हो कि इसके पहले झारखंड के शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव के वंशज नवीन नाथ ने भी जावेद अख्तर के इस टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा था कि जावेद अख्तर को जानकारी नहीं है कि 1857 के संग्राम में ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव ने अंग्रेजों से लोह लिया था। बाद में उन्हें फांसी पर चढ़ा दिया गया था।

पीएम को दिखाया जाएगा शंकराचार्य समाधि स्थल का नक्शा

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रुद्रप्रयाग। केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों ने रफ्तार पकड़ ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार करने के लिए दिन-रात काम चल रहा है। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि मंदिर के पीछे सौंदर्यीकरण के लिए दिल्ली से आई आर्किटेक्ट की टीम ने सर्वेक्षण किया है। यह टीम नक्शा तैयार कर प्रधानमंत्री के सामने प्रस्तुतिकरण देगी। इसके बाद ही आगे का कार्य शुरू किया जाएगा।

पिछले माह केदारनाथ के दर्शनों को आए प्रधानमंत्री ने जिन पांच योजनाओं का यहां शिलान्यास किया। उनमें सर्वाधिक महत्वपूर्ण हैंआदि गुरु शंकराचार्य की समाधिस्थल का पुर्निर्माण और मंदिर के पीछे सौंदर्यीकरण। तब मंच से उन्होंने एलान किया था कि आदि गुरु शंकराचार्य की समाधि भव्य बने। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने ताकीद की थी कि केदारनाथ मंदिर के पीछे कोई छेड़छाड़ किए बिना सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाए। इसके लिए दिल्ली से आई आर्किटेक्ट की टीम ने मंदिर के पृष्ठभाग के साथ ही आदि गुरु शंकराचार्य की समाधिस्थल का सर्वे किया। जिलाधिकारी ने बताया कि टीम के अनुसार प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरुप नक्शा तैयार करने में करीब डेढ़ माह का वक्त लगेगा। नक्शे को प्रधानमंत्री को दिखाया जाएगा। उनकी मंजूरी के बाद ही निर्माण शुरू होगा।

एडीबी की समय सीमा खत्म, राज्य को खुद जुटाने होंगे 700 करोड़

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देहरादून। श्रीनगर काशीपुर 400 केवी लाइन में हो रही देरी से राज्य को बड़ा वित्तीय नुकसान होने जा रहा है। प्रोजेक्ट में लापरवाही का आलम ये है कि 10 साल तक लाइन का सर्वे ही सही तरीके से नहीं हो पाया है। दो बार सर्वे हुए, दोनों बार फर्जीवाड़ा हुआ। इस फर्जीवाड़े के चलते जो काम एडीबी के बजट से तकरीबन फ्री होता, उसके लिए अब राज्य को 700 करोड़ का बजट जुटाना होगा।

इसके साथ ही श्रीनगर काशीपुर लाइन में यदि और देरी हुई, तो वो भविष्य में पिटकुल और राज्य के लिए एक बड़ा सिरदर्द साबित होगा। पिटकुल को एनटीपीसी के 530 मेगावाट के विष्णुगाड़ प्रोजेक्ट समेत कई दूसरे हाइड्रो प्रोजेक्ट के लिए लाइन तैयार करनी है। बिजली उत्पादन शुरू होने के बाद भी लाइन का काम पूरा नहीं हुआ, तो पिटकुल को सभी बिजली उत्पादक कंपनियों को भारी जुर्माना चुकाना होगा। जो पिटकुल समेत राज्य के लिए बड़ा आर्थिक झटका होगा। इन सभी प्रोजेक्ट से लाइट इसी 400 केवी लाइन के जरिए पहुंचनी है। ऐसे में इस लाइन के काम का और अधिक लटकना राज्य के लिए बड़ा नुकसान साबित होगा।

पीएमओ तक दे चुका है दखल
700 करोड़ के इस घपले में शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय तक हो चुकी है। पीएमओ से मुख्य सचिव को तत्काल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके बाद भी किसी भी अफसर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।

सवालों के घेरे में बहाली के आदेश
राज्य को वित्तीय व पॉवर सप्लाई सिस्टम के लिहाज से इतना बड़ा नुकसान पहुंचाने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई न होना व आरोपी अफसरों की बहाली सवालों के घेरे में है। ऐसे अफसर जिनकी बहाली की अपील को हाईकोर्ट तक खारिज कर चुका है, उन्हें भी शासन स्तर से बहाल कर दिया गया। प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए ही विस्तृत जांच कराई जा रही है। जांच सभी पहलुओं पर की जाएगी। इसी को ध्यान में रखते हुए जांच समिति में तकनीकी, वित्तीय क्षेत्र के अफसरों को शामिल किया गया है। एक महीने में जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रणवीर सिंह चौहान, एमडी पिटकुल

कूहु गर्ग और लक्ष्य सेन ने इंडिया इंटरनेशनल सीरीज में जीता सिल्वर मैडल

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उत्तराखंड की बेटी कुहू गर्ग और बेटे लक्ष्य सेन ने इंडिया इंटरनेशनल सीरीज बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में सिल्वर मैडल जीत कर राज्य का नाम ऊंचा कर दिया है। आपको बतादें कि बीते शनिवार को हुए सेमीफाइनल मुकाबले में दोनों ने बेहतरीन प्रदर्शन के बाद फाइनल में जगह बना ली थी।

हैदराबाद स्थित पुलेला गोपीचंद एकेडमी में चल रही चैंपियनशिप में शनिवार को हुए क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल मुकाबले में मिश्रित युगल वर्ग के क्वार्टर फाइनल मैच में कुहू ने अपने जोड़ीदार दिल्ली के रोहन कपूर के साथ खेलते हुए भारत के ही निशांत दुआ-अनामिका कश्यप की जोड़ी को 21-9, 21-16 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था।

जबकि सेमीफाइनल मैच में कुहू और रोहन की जोड़ी ने वेंकट गौरव प्रसाद व जूही देवांगन की जोड़ी को सीधे सेटों में 21-19, 21-17 से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई थी ।

वहीं महिला युगल वर्ग के क्वार्टर फाइनल मैच में कुहू व असम की निंग्शी ब्लॉक हजारिका की जोड़ी को मलेशिया की जोड़ी से 21-8, 21-17 से हार का सामना करना पड़ा था।

उधर पुरुष एकल वर्ग के सेमीफाइनल मैच में लक्ष्य सेन ने बड़ा उलटफेर करते हुए चैंपियनशिप के प्रथम वरीयता प्राप्त अभिषेक यलगार को संघर्षपूर्ण मुकाबले में 23-21, 21-16 से शिकस्त देकर सेमीफाइल में प्रवेश किया था।इससे पहले क्वार्टर फाइनल मैच में लक्ष्य ने किरन जॉर्ज को 21-13, 11-21, 21-16 से हराया।

शादी समारोह में फायरिंग, किशोरी को लगी गोली

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सितारगंज: विवाह समारोह में शिरकत करने पहुंची किशोरी के पेट में गोली जा धंसी। जिसके बाद समारोह में सन्नाटा पसर गया। परिजन घायल किशोरी को रुद्रपुर के निजी अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने घायल किशोरी को मेदांता हॉस्पिटल रेफर कर दिया। किशोरी के पिता ने पुलिस को घटना की सूचना दी। जिसके बाद पुलिस कुछ युवकों से पूछताछ कर रही है। ग्राम सरकड़ा में शुक्रवार को कुंवरसेन के पुत्र का विवाह समारोह था। गांव के नेत्रराम ने बताया कि उसकी पंद्रह वर्षीय पुत्री रजनी लगन में गई थी। इस दौरान जलपान चल रहा था। नेत्रराम का आरोप है कि लगन में कुछ लोग पहले छत पर हवाई फायरिंग करने लगे। इसके बाद वह लोग हाथ में पिस्टल लेकर नीचे फायरिंग करने लगे। फायरिंग के दौरान उसकी पुत्री रजनी के पेट में गोली जा धंसी। जिससे विवाह समारोह में अफरा-तफरी मच गई। पड़ोसियों ने उसकी बेटी के गोली लगने की जानकारी उसे दी। जिसके बाद आनन-फानन में घायल किशोरी को लेकर वह रुद्रपुर के निजी अस्पताल ले गए। नेत्रराम के अनुसार डॉक्टरों ने उसे मेदांता हास्पिटल रेफर कर दिया। उन्होंने बताया कि रुद्रपुर के अस्पताल से भेजे गए मेमो के बाद किशोरी के गोली लगने की सूचना रुद्रपुर पुलिस को लगी। इसके बाद रुद्रपुर पुलिस ने सितारगंज पुलिस को मामले से अवगत कराया।नेत्रराम ने बताया कि वह गांव का चौकीदार है। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नही है। उसका पुत्र मोहनलाल व पत्नी मेदांता हॉस्पिटल में घायल बेटी का उपचार करा रहे हैं। इधर कोतवाल बीएस भाकुनी ने बताया कि असलहा रमेश बाबा का बताया जा रहा है। तहरीर मिलने पर हर्ष फायरिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्रतापपुर में बाघ की दहाड़ से दहशत

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खटीमा: नानकसागर क्षेत्र के बाद अब बाघ ने प्रतापपुर गांव में डेरा जमा लिया है। जिससे यहां के काश्तकारों में भय बना हुआ है। वन विभाग पदचिह्नों के आधार पर बाघ की रैकी कर रहा है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह बाघ दाह-ढाकी जंगल से इधर-उधर भटक रहा है। खटीमा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि बाघ के पैरों के निशान के आधार पर सर्च किया जा रहा है। जो अब प्रतापपुर गांव की ओर पहुंच गया है। हालांकि बाघ आबादी की ओर नहीं दिखा है। टीम बाघ की रैकी करने में जुटी हुई है। क्योंकि यह बाघ भटककर यहां पहुंच गया है। जो गन्ने के खेतों में है। जिससे काश्तकार डर की वजह से खेतों की ओर रुख नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि बाघ जंगल की ओर नहीं गया तो वह गन्ने की फसल की कटाई नहीं कर सकेंगे। सितारगंज की घटना से किसान काफी सहमे हुए हैं।रेंजर बिष्ट ने बताया कि बाघ को जंगल तक भगाने के लिए योजना बनाई जा रही है। देर शाम तक बाघ को पुरानी खमरिया देहवा नदी के पार शीशम व खैर के जंगल पहुंचाने के लिए कई टीमें घेराबंदी कर रही हैं। जिसमें सफलता मिलने का दावा किया जा रहा है।

जांच को पश्चिम बंगाल जाएगी एसआइटी

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रुद्रपुर:  टीडीसी में गेहूं बीज बिक्री में हुए 16 करोड़ के घोटाले की जांच कर रही एसआइटी की टीम उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ ही पश्चिम बंगाल भी जाएगी। वर्ष 2015-16 में टीडीसी पंतनगर में गेहूं बीज बिक्री में निगम को 16 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। विभागीय जांच में घोटाले की पुष्टि हुई। इस पर उप मुख्य कार्मिक अधिकारी सीके सिंह की तहरीर के आधार पर सिडकुल पुलिस ने एक मृतक अधिकारी समेत 10 अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया था। साथ ही शासन की अनुमति पर जांच एसआइटी को सौंप दी गई थी। जांच के दौरान गेहूं बीज उत्तर प्रदेश, बिहार के साथ ही पश्चिम बंगाल में बेचे जाने का खुलासा हुआ था। इसे देखते हुए अब एसआइटी जांच को उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ ही पश्चिम बंगाल भी जाएगी। साथ ही स्टाक के रजिस्टर का सत्यापन करेगी। एसएसपी सदानंद दाते ने बताया कि टीडीसी बीज घोटाले की जांच चल रही है। जल्द ही टीम जांच को उत्तर प्रदेश, बिहार के साथ ही पश्चिम बंगाल भी जाएगी। साथ ही मामले से संबंधित आवश्यक साक्ष्य जुटाएगी। टीडीसी बीज घोटाले में गठित एसआइटी ने 16 बिंदुओं पर जांच के लिए दस्तावेज मांगे थे। इसमें से कुछ दस्तावेज एसआइटी को उपलब्ध हो गए हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक बरामद दस्तावेजों का अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पाक्सो कोर्टो ने सुनाई दस साल की सजा

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रुद्रपुर- पॉक्सो कोर्ट ने किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी शाहजहांपुर निवासी युवक को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। उस पर 90 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की राशि में से 90 प्रतिशत राशि पीड़िता को अदा की जाएगी।

शासकीय अधिवक्ता उमेश नाथ पांडे के मुताबिक 13 अक्टूबर 2016 को किच्छा क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने नाबालिग पुत्री के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। सात नवंबर 2016 को नाबालिग को किच्छा रोडवेज स्टेशन से बरामद किया गया। किशोरी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के जिला शाहजहांपुर के अंतर्गत ग्राम निगोही निवासी टिंकू उर्फ धर्मपाल उसे अपने साथ लेकर गया था और टिंकू ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने एक जनवरी 2017 को टिंकू को गिरफ्तार किया था।

इधर, शासकीय अधिवक्ता उमेश नाथ पांडेय और उनकी सहयोगी अर्चना पियूष पंत ने कोर्ट में सात गवाह पेश किए। न्यायाधीश बृजेंद्र सिंह ने साक्ष्यों के आधार पर टिंकू को 10 साल कैद की सजा सुनाई।

उत्तराखंड को मिलना चाहिए आरक्षण का लाभ: उपाध्याय

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श्रीनगर/गढ़वाल। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि उत्तराखंड की 63 प्रतिशत भूमि वन भूमि है। जंगलों को सुरक्षित रखते हुए उत्तराखंड की जनता देश को शुद्ध वायु और जल भी देते हैं। वन वासी होने के नाते लोगों को केंद्र सरकार की सभी सेवाओं में आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।

श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रदेश की राजधानी का मसला भाजपा ने ही उलझाया। उत्तराखंड राज्य बनते समय उप्र और केंद्र में भाजपा की ही सरकार थी। उसी समय राजधानी का मसला भी हल हो जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड छोटा प्रदेश है यहां ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन दो राजधानियों का होना कोई औचित्य नहीं है। फिर इस समय केंद्र और प्रदेश में भाजपा की ही सरकार है। इसलिए उसे शीघ्र ही स्थाई राजधानी की घोषणा करनी चाहिए।
उपाध्याय ने मध्य हिमालयी राज्यों के लिए विकास को लेकर अलग नीति बनने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि राज्य बने 18 साल हो गए उत्तराखंड के विकास का कोई मॉडल नहीं बन सका। केंद्र और प्रदेश में भाजपा की ही सरकार है, इसलिए यूपी के साथ परिसंपत्तियों का मामला सुलझ जाना चाहिए। जल, जंगल, जमीन से सम्बन्धित चुनौतियां हैं, उनका भी समाधान शीघ्र होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जंगलों की रक्षा को लेकर उत्तराखंडियों को रसोई गैस में 50 प्रतिशत सब्सिडी के साथ ही बिजली में भी 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलनी चाहिए। इस मौके पर श्रीनगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष वीरेंद्र नेगी, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप तिवाड़ी, कांग्रेस के जिला महामंत्री गणेश भट्ट, कांग्रेस के प्रदेश मंत्री उम्मेद सिंह मेहरा, नाथू लाल टम्टा, विजय रावल, सभासद भगत डागर, दीपक भंडारी, पंकज रतूड़ी सहित अन्य कई वरिष्ठ कांग्रेसी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

प्रदेश के राज्य पुष्प को मिलेगी नर्सरी की ‘सुरक्षा’

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देहरादून। जलवायु परिवर्तन के साथ ही लगातार अनियंत्रित दोहन के कारण खतरे की जद में आए उत्तराखंड के राज्य पुष्प ब्रह्मकमल को अब नर्सरी का सुरक्षा कवच मिलने जा रहा है। वन विभाग के अनुसंधान वृत्त ने पहली बार उच्च हिमालयी क्षेत्र की इस मिल्कियत समेत बुग्यालों में पाई जाने वाली धार्मिक और औषधीय महत्व की दुर्लभ 15 पादप प्रजातियों की नर्सरी तैयार करने का निर्णय लिया है। उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ और देहरादून जिलों के 2700 से 3000 मी की ऊंचाई पर इसके लिए स्थलों का चयन भी कर लिया गया है, कोशिशें रंग लाईं तो जल्द ही नर्सरियों में ब्रह्मकमल खिलने लगेगा।

उत्तराखंड में ट्री लाइन खत्म होने के बाद शुरु होती है, जैव विविधता से लबरेज मखमली बुग्यालों की श्रृंखला, जो जड़ी-बूटियों का विपुल भंडार हैं, इन्हीं में ब्रह्मकमल भी शामिल है। धार्मिक और औषधीय महत्व के ब्रह्मकमल का पुष्प आकर्षित तो करता ही है, इसकी जड़ें असाध्य रोगों के उपचार में भी काम आती हैं। सूरतेहाल अत्यधिक दोहन की वजह से राज्यपुष्प के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं, बीज बनने से पहले ही फूल तोड़ दिए जाने से यह प्राकृतिक रूप से नहीं उग पा रहा है।
इस सबको देखते हुए वन अनुसंधान वृत्त के वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी ने 300 मीटर की ऊंचाई तक पाए जाने वाले ब्रह्मकमल समेत अन्य औषधीय प्रजातियों के संरक्षण-संवद्र्धन की कार्य योजना तैयार की। यह पहला मौका है, जब वन विभाग इस तरह की पहल कर रहा है। अब तक विभागीय वन अनुसंधान के कार्य ट्री लाइन से नीचे-नीचे तक के क्षेत्रों तक ही सीमित थे।
आईएफएस चतुर्वेदी के मुताबिक योजना के तहत उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री व टकनौर, देहरादून में कनासर रेंज, चमोली में बद्रीनाथ और पिथौरागढ़ में मुनस्यारी में ब्रह्मकमल समेत 15 प्रजातियों के धार्मिक व औषधीय महत्व के पौधों की नर्सरी तैयार की जा रही हैं। ये सभी वे पौधे हैं, जो उच्च हिमालयी क्षेत्र में पाए जाते हैं। पहली बार विभागीय नर्सरियों में इन प्रजातियों के पौधे पुष्पित-पल्लवित होंगे। उन्होंने कहा कि उच्च हिमालयी क्षेत्र की जैव-विविधता के संरक्षण-संवद्र्घन की दिशा में यह पहल मील का पत्थर साबित होगी।
इन प्रजातियों की होगी नर्सरी
ब्रह्मकमल, हत्थाजोड़ी, हिमालयन ब्ल्यू पॉपी, सफेद बुरांश, चौंरा, गोल्डन फर्न, वन तुलसी, गूगल, विषकनेरा, चौंरा, जैंथ्रो, साइजियम, सेमरू, डोनू, सुसरिया कुलाटा।