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दुकान पर पेड़ गिरने से हादसा टला

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नैनीताल में आज उस समय एक बड़ा हादसा टल गया जब भरी दोपहर में एक भारी भरकम पेड़ टूटकर दुकान के ऊपर जा गिरा। टूटे पेड़ के कारण बिजली के तार उसकी चपेट में आ गये। दमकल विभाग ने मुस्तैदी से काम करते हुए ट्रांसफार्मर में लगी आग को बुझाया। मामला मल्लीताल क्षेत्र का है जहाँ मस्जिद तिराहे के समीप एक पेड़ दोहपर के समय दुकान में जा गिरा । यक ठीक नीचे जल संस्थान की पेयजल लाईन का कार्य चल रहा था और पेड़ का आधा हिस्सा रोड के ऊपर आ गया । जिससे उस रास्ते से गुजर रहे लोगों में अफरा तफरी मच गई । पेड़ गिरने से हालाँकि जान माल का नुकसान तो नहीं हुआ । नायब तहसीलदार प्रियंका रानी ने बताया कि उन्होंने बिजली कटवा दी है और रास्ते को दोबारा खोलने की तैयारी चल रही है । मौके पर पहुँचे जिला प्रशासन और पुलिसकर्मियों ने लाइन में बिजली कटवाकर बमुश्किल पेड़ को हटाया। पेड़ गिरने के कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हो गया ।  दमकल विभाग ने वुड कटर मशीन से तुरंत पेड़ के छोटे छोटे टुकड़े करके पुलिस ने कुछ ही देर बाद यातायात को सुचारु कर दिया दिया। बताया जा रहा है की पेड़ गिरने से सड़क पर गिरी बिजली की तारो में 15 मिनट तक करंट दौड़ता रहा जिससे बड़ा हादसा हो सकता था ।

57 वर्ष का हुआ चमोली जनपद

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चुनावी चर्चा और अन्य कार्याें में लोग इतने व्यस्त रहे कि चमोली जिले के गठन का दिन भूल गये। कुछ सुधी लोगों को याद रहा। 24 फरवरी 1960 को चमोली जिले का सृजन हुआ। चमोली के साथ-साथ दो और जिले बने। पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी जिले का सृजन भी इसी दिन हुआ था।

भारत-चीन सीमा से लगे तीन इलाके सामरिक दृष्टि से संवेदनशील हैं। लिहाजा पौड़ी तहसील से अलग कर चमोली तहसील को चमोली जिला बनाया गया। बाद में चमोली जिले से अलग कर रूद्रप्रयाग जिला बना। देश की सरहद से लगे सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक और आर्थिक प्रगति के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी प्रगति कर रहे जिले की गठन की तिथि याद ही न रहने और इस अवसर पर किसी भी आयोजन का न होना सबको हैरत में डाल गया।

एफएसआई करेगा वनाग्निी से सतर्क

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Pauri Garhwal: NDRF men extinguishing the fire in the forests of Pauri Garhwal on Monday. PTI Photo/ Courtesy NDRF (PTI5_2_2016_000164B)

जंगलों में आग की सूचनाएं अब सीधे वन रक्षकों तक पहुंचेगी। भारतीय वन सर्वेक्षण (एफएसआइ) को देश के 11 राज्यों की वन बीटों की सीमाओं की स्पष्ट जानकारी मिल चुकी है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में इन राज्यों के वन रक्षकों के मोबाइल नंबर भी लिए गए हैं। यानी अब जैसे ही आग की सूचना सैटेलाइट के माध्यम से एफएसआइ को मिलेगी, उसे तत्काल स्वचालित माध्यम से संबंधित बीट के वन रक्षक को भेज दिया जाएगा। यह जानकारी एफएसआई के डीजी डा.शैवाल दास गुप्ता ने दी है। एफएसआइ के महानिदेशक डॉ. शैवाल दासगुप्ता के मुताबिक अब तक जंगलों में आग की सूचना राज्यों के नोडल अधिकारी, मुख्य वन संरक्षक, प्रभागीय वनाधिकारी और रेंजर के माध्यम से वन रक्षक तक पहुंचती थी। इसकी वजह यह थी कि एफएसआइ के पास बीटों की सीमाओं की जानकारी नहीं थी। लिहाजा, सूचना को विभिन्न माध्यमों से सही स्थल तक पहुंचाने की मजबूरी थी। जिन राज्यों में फिलहाल बीटों की सीमाओं का डिजिटलाइजेशन नहीं हो पाया है, वहां रेंज या प्रभागीय वन प्रभाग स्तर पर सूचनाएं भेजी जा रही हैं।

इस श्रेणी में तीन राज्य शामिल हैं जबकि अन्य राज्यों में अभी जिला स्तरीय सूचना प्रणाली लागू है। महानिदेशक ने बताया कि तत्काल आग वाले क्षेत्र के स्टाफ को सूचना भेजने में मिली सफलता के चलते आग की घटनाओं पर तत्काल काबू पाना संभव हो पाएगा। इसमें उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, पंजाब, बिहार, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, त्रिपुरा, झारखंड, तमिलनाडु आदि राज्य शामिल है।
एफएसआइ ने बताया कि उसके माध्यम से अभी देशभर के 2500 वन कार्मिकों के नंबरों पर आग की सूचना के एसएमएस भेजे जा रहे हैं। हालांकि, चिंता की बात यह कि उत्तराखंड जैसे 71 फीसद वन भूभाग वाले राज्य में अभी सिर्फ 20 नंबर ही भारतीय वन सर्वेक्षण की वेबसाइट पर पंजीकृत हो पाए हैं। अब तक एफएसआइ के पास सैटेलाइट के मॉडीज कैमरे से उपलब्ध होने वाली तस्वीरों से ही आग की जानकारी मिलती थी, जबकि अब एसएनपीपी (हाइ रेज्यूलेशन कैमरा) के माध्यम से भी आग का पता चलेगा। एफएसआइ के महानिदेशक डॉ.शैवाल दासगुप्ता ने बताया कि मॉडीज करीब 1000 मीटर वन क्षेत्र में आग के चित्र लेता है, वहीं एसएनपीपी 375 मीटर क्षेत्र में भी आग का पता लगाने में सक्षम है। इससे छोटे वन भूभाग पर लगी आग की घटनाएं भी स्पष्ट रूप में पकड़ में आ पाएंगी। यानी आग के अधिक से अधिक स्पॉट का पता लगा लिया जाएगा।

आप भी शामिल हों बकरियों की इस अनोखी शादी में

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शिवरात्रि के मौके पर उत्तराखंड में एक अनोखी परंपरा शुरू की गई। ग्रामीणों ने बकरियों का स्वयंवर रचाया। बकरियों के नाम हिंदू नाम के अनुसार रखे गए थे जिसमें दीपिका ने बैसाखू, प्रियंका ने टूकून और कैटरीना ने चंदू से शादी रचाई। यह आयोजन उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल के पंतवाड़ी में किया गया। ग्रीन पीपुल किसान विकास समिति द्वारा पंतवाड़ी में बकरी स्वयंवर आयोजित किया गया जिसमें अलग-अलग गांव से 15 बकरों को स्वयंवर में लाया गया।
वहीं गांव से तीन बकरियां दीपिका, प्रियंका और कैटरीना ने अपने पसंदीदा बकरों को चयन किया। स्वयंवर के दौरान पांच बकरों को एक बकरी के साथ छोड़ा गया, जिसके बाद बकरियों ने अपनी पसंद के बकरें को चुना। कार्यक्रम से पहले ग्रामीण धूमधाम से बारात लेकर गांव पहुंचे।
इस मौके पर ग्रीन पीपुल विकास समिति के मुख्य सदस्य रूपेश राय ने कहा कि पहली बार देश में बकरी स्वयंवर किया गया। स्थानीय पशुपालकों को जागरुक करने और पशुओं की नस्ल सुधारने के लिए यह पहल की गई है। ग्रीन पीपुल किसान विकास समिति के अध्यक्ष सुभाष रमोला ने कहा कि इस स्वयंवर से क्षेत्र में पशुपालन को भी बढ़ावा मिलेगा।

भोलेनाथ के दर्शन से पहले ही,दिल को दौरा पड़ने से बुजुर्ग की हुई मौत

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शुक्रवार को जब सारा उत्तराखंड महा शिवरात्रि के पर्व को हर्षोंउल्लास से मना रहा था तभी हल्द्वानी के छोटा कैलाश मंदिर पर जल चढ़ाने जा रहे बुजुर्ग श्रद्धालु को दिल का दौरा पड़ गया।

मंदिर पहुंचने से थोड़ी देर पहले ही दिल को दौरा पड़ने से बूजुर्ग की मौत हो गई।आस पास वालों से पूछने पर पता चला कि बुजुर्ग चम्पावत का निवासी है।मौके पर पहुंच कर एसडीआरएफ की टीम ने शव को भीमताल पहुँचाया।

लंदन के फेसबुक दफ्तर में पहुंची हुमा कुरैशी

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हाल ही में रिलीज हुई फिल्म जॉली एलएलबी 2 को बाक्स आफिस पर मिली सफलता से खुश हुमा कुरैशी अब अपनी आने वाली नई फिल्म वायसराय हाउस के प्रमोशन में जुट गई हैं। ये फिल्म 3 मार्च को रिलीज होने जा रही है। इसी प्रमोशन के तहत हुमा लंदन पंहुची और वहां फेसबुक दफ्तर का उन्होंने दौरा किया। लंदन के इस दफ्तर में आने वाली वे बालीवुड की पहली स्टार मानी जा रही हैं। अपने फेसबुक दफ्तर के अपने दौरे को लेकर हुमा काफी रोमांचित रहीं और इसे उन्होंने अपने लिए गर्व का पल बताया कि उनको यहां आने का मौका मिला। इस मौके पर उन्होंने फेसबुक से लाइवचैट में भी हिस्सा लिया। लंदन में फेसबुक दफ्तर के अलावा हुमा ने लंदन फैशन वीक में भी हिस्सा लिया और वहां उनको बतौर मुख्य मेहमान सम्मानित किया गया। भारतीय मूल की ब्रिटिश फिल्मकार गुरिंदर चड्ढा द्वारा बनाई गई फिल्म वायसराय में हुमा कुरैशी ने एक दुभाषिया की भूमिका निभाई है, जो लंदन में रहने वाला एक मुस्लिम किरदार है। हुमा के अलावा फिल्म में अनुपम खेर और स्व. ओमपुरी भी हैं। गुरिंदर चड्ढा इससे पहले बैंड इट लाइक बैंकम और ऐश्वर्या राय को लेकर ब्राइड एंड प्रोज्युड्यूस बना चुकी हैं।

शिवरात्रि में भक्तजनों ने की नयना देवी मंदिर में पूजा अर्चना

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शिवरात्रि की पूजा के लिए नैनीताल के नयना देवी मंदिर में सवेरे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भगवान् शिव शंकर के भक्तों ने आज उन्हें दूध व् गंगाजल से छककर नहला दिया। मंदिर पहुंचे भक्तों ने आस्था के चलते व्रत धारण किया है और कई भक्तों ने भगवान शिव से अपनी मनोकामना पूरी करने की प्रार्थना भी की। देशभर में आज शिवरात्रि का त्यौहार धूमधाम से मनाया जा रहा है।  सरोवर नगरी भी इससे अछूती नहीं है। यहाँ नयना देवी के मंदिर स्थित शिवलिंग को पूजने के लिए हजारों की तादाद में भक्त पहुँचे। शिवलिंग को दूध से नहलाने का क्रम लगातार बना हुआ है।  सर्दियों में मौसम में आज सूर्यदेव ने भी भक्तों को दर्शन दिए जिससे मंदिर का माहौल भक्तिमय हो गया। बहुत दिनों के बाद आज अच्छा मौसम होने से भक्तजनों की भीड़ उमड़ पड़ी है।  मान्यताओं के चलते मंदिर व शिवलिंग की प्रतिष्ठा बहुत ज्यादा है। जहाँ एक तरफ स्थानीय शिव भक्त हजारों की तादाद में यहाँ मंदिर परिसर में पहुँचे हैं वहीँ शिवलिंग व देवभूमि उत्तराखंड की पवित्रता के चलते बाहर से आए पर्यटक भी खास इस मंदिर के पूजन को यहाँ पहुंचे है। पांच हजार वर्षों से पूजा जाने वाला यह पर्व आज भी हिन्दुओं की आस्था का प्रतीक हैं और देश के बारह ज्योतिर्लिंग इस बात के गवाह हैं।

3 मई को खुलेंगे बाबा केदारनाथ के कपाट

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महाशिवरात्रि के पर्व पर पंचकेदार गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में भगवान केदारनाथ के कपाट खुलने की तारीख का ऐलान किया गया है।

इस बार मई माह की 3 तारीख को केदारधाम के कपाट 8 बजकर 50 मिनट पर पूरे विधि-विधान के साथ खुलेंगे। जबकि 30 अप्रैल को भगवान शिव की डोली उखीमठ के ओंकेश्वर मंदिर से केदारधाम के लिए रवाना हो जाएगी।

गौरतलब है कि हर साल महाशिवरात्रि के मौके पर ही केदारधाम के कपाट खुलने की ताऱीख का ऐलान विधि-विधान के साथ किया जाता है। ओंकेरेश्वर मंदिर को आज चार कुंतल गेदा और बुराश के फूलों से सजाया गया है।  मंदिर के मुख्य पुजारी ने बाबा केदार का महाभिषेक और श्रृंगार किया। उसके बाद विधि-विधान और अन्य अनुष्ठानों के बीच केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग की मौजूदगी में पंचांग गणना की गई और उसी के आधार पर बाबा केदार के कपाट खुलने की तिथि का ऐलान किया गया।

शिवालयों में महाशिवरात्रि की धूम,सुबह से ही भक्तों का तांता

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उत्तराखंड के कण कण में भगवान् भोलेनाथ शिव शंकर का वास है ऋषिकेश में कई पौराणिक शिवालय है जीके दर्शन मात्र से भक्तो  की मन्नते पूरी होती है। मणिकूट पर्वत पर नीलकंठ महादेव है तो गंगा तट पर चन्द्रेस्वर ,वीरभद्र और सोमेश्वर महादेव है,जंहा माह शिवरात्रि पर श्रद्धालुओ की भारी भीड़ है।महाशिवरात्रि को भगवन शिव के दिन के रूप में मनाया जाता है।शिव भक्त अपने भगवन को प्रसन्न करने के लिए दूध,गंगाजल,फल-फूल आदि चढ़ाते है और हर तरफ बम-बम भोले की गूंज सुनाई देती है।
ऋषीकेश के पौराणिक शिव मंदिर वीरभद्र महादेव में भी  शिवरात्रि की धूम है। दूर-दूर से आये शिव भक्त अपने अराद्य का जलाभिषेक कर रहे है, सुबह से ही शिवालयो में जलाभिषेक के लिए लम्बी-लम्बी कतारे  लगी हुयी ,श्रद्धालु जलाभिषेक कर पुण्य लाभ कमा रहे है।ऋषीकेश मे पौराणिक महत्व के कई शिव  मंदिर है जिनका उलेल्ख ऋग्वेद के केदार खंड में भी मिलता है साथ ही नीलकंठ महादेव में कल से और देर रात  तक 1 लाख से ज्यादा श्रद्धालु जलाभिषेक कर चुके है। लगातार भीड़ बढ़ने की उम्मीद है । ऋषिकेश में चन्द्रेवश्वर महादेव , वीरभद्र महादेव और पतळालेश्वर महादेव ,सोमेश्वर महादेव में भी श्रद्धालु रुद्राभिषेक  कर रहे है।श्रद्धालु इन पौराणिक मंदिरो में जलाभिषेक कर अपने आराध्य से  कृपा की कामना कर रहे है।ऋषिकेश के वीरभद्र मंदिर से लेकर नीलकंठ महादेव तक शिव भक्तों का तां-तां लगा हुआ है, महाशिवरात्रि के मौके पर देश के कोने -कोने से शिव भक्त अपने अराध्य से मिलने नीलकंठ धाम पहुचते हैं। आपको बता दें की पहाड़ ओर जंगल के बीच बसे इस स्थान पर भगवान शिव खुद विराजमान है ।पौराणिक मान्यता है की यही वो स्थान है जहा भगवान शिव ने विष धारण कर तपस्या की थी ओर वो नीलकंठ महा देव कहलाये थे । यहाँ पहुँचने वाले शिव भक्त बताते है कि यहाँ दर्शन मात्र से ही कल्याण हो जाता है।
शिवरात्रि के दिन भगवान शिव के विवाह का प्रतीक मानी जाती है ऋषिकेश के वीरभद्र मंदिर की कथा भी शिव विविआह से जुडी हुयी है शिवभक्त इस शिवनगरी में दर्शन कर अपने आराध्य को प्रसन्न करने में जुटे हुए है।

टेलीनॉर को खरीदेगा एयरटेल

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भारत की अग्रणी मोबाइल सेवाप्रदाता कंपनी भारती एयरटेल जल्दी ही एक बड़ा सौदा करने जा रही है। एयरटेल अाने वाले समय में टेलीनॉर को खरीद सकती है। वैसे अभी ये सौदा बातचीत के स्तर पर है, सरकारी एजेंसियों से अनुमति मिलने के बाद ही एयरटेल ये कदम उठा सकेगी।

सूत्रों के मुताबिक एयरटेल ने रिलायंस जिओ को मिल रहे रिस्पांस और आईडिया-वोडाफोन के एक होने खबर के जवाब में अपना नेटवर्क और मजबूत करने का फैसला किया है। इसके लिए एयरटेल जल्दी ही उत्तर-प्रदेश (पश्चिम), यूपी (पूर्व), आन्ध्रप्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात, असम जैसे सात सर्कल में मजबूत पकड़ रखने वाली टेलीनॉर कंपनी को खरीदेगी। बताया जा रहा है कि सौदा करीब 7 हजार करोड़ रुपये में होगा, जिसमें डेढ़ हजार करोड़ टेलीनॉर का कर्ज भी शामिल है।
दूरसंचार के विशेषज्ञ इसे एयरटेल के लिए कई मायनों में अच्छा सौदा मान रहे हैं। सातों सर्किल घनी ग्राहक आबादी वाले हैं, जिसका सीधा फायदा एयरटेल को मिलेगा। इसके अलावा एयरटेल को टेलीनॉर का स्पेक्ट्रम भी मिल जाएगा। इस सौदे से एयरटेल भारतीय बाजार में अपनी स्थिति एक बार फिर मजबूत कर सकेगा