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श्रद्धालुओं ने बैसाखी पर गंगा में लगायी डुबकी

आज पूरे उत्तराखंड में बैसाखी को बड़ी धूम धाम से मनाया जा रहा है। ऋषिकेश के गंगा घाटों पर दूर-दूर से श्रद्धालुओं का आना जाना लगा हुआ है। बैसाखी का पर्व खास तौर पर नयी उमंग और गंगा स्नान के लिए विशेष माना जाता है ।आज के दिन माँ गंगा में डुबकी लगाना काफी फलदायक होता है।जिसके चलते सुबह से ही ऋषिकेश के गंगा घाटों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है।  गंगा को  जीवनदायनी कहा जाता है और मान्यता है की गंगा स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। अगर बात बैसाखी की हो तो इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है बैसाखी को मुख्य रूप से नई  उम्मंग का पर्व कहा जाता है ऐसे में बैसाखी के पर्व में गंगा स्नान का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। मुख्य रूप से बैसाखी सिख समुदाय का पर्व है इसलिए बड़ी संख्या में पंजाब से श्रद्धालु गंगा स्नान कर पुण्य की प्राप्ति के लिये ऋषिकेश के गंगा घाटों पर पहुँचते है।

बैसाखी का पर्व नई उम्मंग का प्रतीक है कहा जाता है की बैशाखी के दिन से ही रबी की फसल को कटना शरु किया जाता है। इसलिए यह दिन किसानों के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है। आज के दिन गंगा में डुबकी लगाना और दान पुण्य करने का विशेष महत्व है,इसलिए गंगा घाटों पर आज के दिन सुबह से ही काफी भीड़ दिखाई दी श्रद्धालु सुबह से ही गंगा में स्नान कर पुण्य की प्राप्ति करते है।

 

काशीपुर, सहकारिता और उच्च शिक्षा में होंगे बड़े कार्य

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काशीपुर, सहकारिता और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सरकार जल्द ही कुछ बडे कदम उठाने जा रही है, जिसके लिए सरकार का होमवर्क पुरा हो गया है और जल्द ही राजधानी से लेकर प्रदेश के कई स्थानों पर सहकारिता के लिए प्रोत्साहन मेले लगाये जाएंगे।
दर्जा राज्य मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार गम्भीरता से काम शुरु कर रही हैं और जल्द ही प्रदेश के युवाओं को रोजगार से जोडने की पहल शुरु की जा रही है, जिससे कैंपस से ही बच्चे अपने भविष्य की राह आसान कर सकेंगे और उन्हे रोजगार के लिए दरदर नहीं भटकना पडेगा।काशीपुर में जहां भाजपा कार्यकर्तां ने राज्य मंत्री का जोरदार स्वागत किया वहीं उन्होने कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए भ्रष्ट अधिकारियों की पैरवी ना करने की नसीहत दी।

काशीपुर, युवती का अपहरण 

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काशीपुर, होटल में सामान लेने गई युवती को कार सवार बदमाशों ने जबरन कार में बैठाकर अपहरण कर लिया। युवती के शोर मचाने पर जब तक लोग पहुंचे तब तक बदमाश फरार हो चुके थे। सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने नाकाबंदी कर जगह-जगह वाहनों की चेकिंग की। मगर आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े।

मूलरूप से ग्राम पुलिंजन, थाना सरधना जिला मेरठ, यूपी निवासी अब्बास अपने परिवार व गांव के कुछ लोगों के साथ मुरादाबाद रोड स्थित एक रिसोर्ट के पीछे ग्राम सरबरखेड़ा में पिछले चार दिनों से रह रहा था। यहां पर रहकर आर्टिफीशियल फूलों से बने बुके बेचकर परिवार का खर्च चलाता है।

गत रात करीब सवा नौ बजे अब्बास की 23 वर्षीय पत्नी मुस्कान रिसोर्ट पर घरेलू सामान लेने गई। जैसे ही वह सामान लेकर वापस होने लगी। इसी बीच मारुती वैन में सवार बदमाशों ने उसे जबरन खींचकर कार में बैठा लिया। युवती के घर ना पहुंचने पर अब्बास का बड़ा भाई शेर अली उसे देखने जा रहा था, तभी उसे मुस्कान की चीख-पुकारने की आवाज सुनाई दी। तब तक बदमाश उसे लेकर मुरादाबाद की ओर लेकर फरार हो गए। इसकी सूचना मिलते ही परिजनों में भी खलबली मच गई।

साथ ही सूचना पर पुलिस भी हरकत में आ गई। पुलिस ने जगह-जगह नाकाबंदी कर वाहनों की चेकिंग की। मगर बदमाश पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की गहता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड लिया जाएगा…।

घोटालों का अड्डा बना काशीपुर नगर निगम

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काशीपुर – नगर निगम काशीपुर में घोटालों की फेहरिस्त बढती जा रही है। गरीब अल्पआय और आरक्षितों को सस्ती दरों पर आवास उपलब्ध हो सके इसके लिए वर्ष 1994 में पट्टे अावंटित किये गये, मगर जिनको ये पट्टे कागजों में आवंटित हुए वास्तव में वो उन पट्टों पर काबिज ही नहीं हुए, वजह नाम किसी और का और काबिज है कोई और।
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यही नहीं कछ तो एसे करोडपति भी है जिन्होने इस योजना का लाभ लेने के लिए अपनी अल्प आय दिखाकर योजना का लाभ लिया है। यही नहीं जिनको पट्टे आवंटित हुए उन्होने पैसे कमाने के लालच में दुसरों को पट्टे बेट दिये जबकि नियमों के तहत पट्टे दुसरे के नाम दर्ज नहीं हो सकते हैं, इस पुरे खेल में नगर निगम के कर्मचारियों के साथ ही तत्कालीन पालिका अध्यक्षों की भुमिका भी संदेह के घेरे में है। वहीं जब इस बारे में पडताल शुरु हुई तो कर्मचारी एक दुसरे पर आरोपो का ठिंगरा फोडते नजर आये।
वहीं इस बारे में जब नगर निगम मुख्य अधिकारी से पुछा गया तो उन्होने भी माना कि पिछले कार्यकाल में की खामियां हुई है और योजनाओं का दुरुपयोग हुआ है जिसकी जांच करायी जा रही है। पट्टों के आवंटन में हुए करोडो के घोटाले के मामले में जहां अधिकारी जांच की बात कर रहे हैं वहीं हकीकत तो ये है कि इन पट्टों पर ज्यादातर वो लोग काबिज है जो तत्कालीन पालिका अध्यक्षों और अधिकारियों के चहैते थे, जिनके द्वारा मानकों को ताक पर रख कर पट्टे हस्तांतरित कर दिये गये और लाखों रुपये का खेल खेला गया, देखना होगा कि आखिर विभागीय जांच की आंच कहीं पहुचती भी है या फिर फाईलों में ही दफ्न होकर रह जाती है।

हिंदी पिक्चर की तरह हो रही थी शराब तस्करी

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बीते बुधवार को ओरिएंट चौक में सी पी यू हॉक दो में तैनात एसआई भरत सिंह चौधरी सीटी अनुराग चीता 6 सीटी 115 मुकेश बंगवाल सीटी 695 पंकज मलाषी द्वारा एम्बुलेंस यूपी 23 टी 5028 में हरियाणा ब्रांड की 19 बोतल अंग्रेजी शराब वाईट एंड ब्लू अभियुक्त गण प्रवीण पुत्र गुलाब सिंह निवासी क़ानून्दा जिला झझर हरियाणा व राजेन्द्र पुत्र राजकुमार निवासी खरखोदा हरियाणा के कब्जे से बरामद की गई।यह एम्बुलेंस सिविल हॉस्पिटल सोनीपत की है दोषी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

खटीमा: 3 अन्तर्राष्ट्रीय तस्कर 20 लाख की अफीम के साथ गिरफ्तार

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स्पेशल टास्क फोर्स, उत्तराखण्ड द्वारा नशे के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियानों के अंर्तगत मुखबिर की सूचना पर कार्यवाही करते हुये बुधवार को एस.टी.एफ की कुमांयू युनिट द्वारा थाना कोतवाली खटीमा क्षेत्रान्तर्गत अन्तर्राष्ट्रीय गिरोह के तीन सदस्यों 01) विपिन कुमार, पुत्र रामगोपाल निवासी ग्राम सुनपहर, थाना खटीमा, उधमसिंहनगर 02) हरपाल सिंह, पुत्र गुरदयाल सिंह, निवासी ग्राम पंग्डूरी कटैण, थाना अमरिया, पीलीभीत, उ.प्र. 03) गुरमीत सिंह, पुत्र कश्मीर सिंह, निवासी वेलापोखरा, थाना यूरिया, पीलीभीत उ.प्र को अवैध अफीम की तस्करी करते हुये गिरफ्तार किया गया।

कब्जे से लगभग 2 किग्रा. अफीम (Opium) बरामद की गई। उक्त अवैध कार्य में प्रयुक्त किये जा रहे वाहन वीट कार यू.पी.26 एम-9730 को भी सीज किया गया। इस सम्बन्ध में उक्त अभियुक्तों के विरूद्ध थाना खटीमा में एनडीपीएस अधिनियम व 207 मोटर वाहन अधिनियम के अन्तर्गत विधिक कार्यवाही प्रचलित है। बरामद की गई अफीम की अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 20 लाख रुपये आकी गई है।

उत्तराखण्ड में एस.टी.एफ. द्वारा पहली बार भारी मात्रा में अफीम की खेप बरामद की गई है। उल्लेखनीय है कि अफीम को रिफाईन करके ही मारफीन एवं हेरोईन भी तैयार की जाती है। पूछताछ पर अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि उक्त बरामद अफीम को वे नेपाल से लाकर उधमसिंहनगर व नैनीताल में बेचते है। विस्तृत पूछताछ प्रचलित है। उक्त सराहनीय कार्य पर श्री संजय गुन्ज्याल, पुलिस महानिरीक्षक, एस.टी.एफ द्वारा टीम को 10,000/- का पुरस्कार प्रदान किये जाने की घोषणा की गई है।

जग्गा जासूस 14 जुलाई को होगी रिलीज

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अनुराग बसु के निर्देशन में बनी फिल्म जग्गा जासूस की नई रिलीज डेट की घोषणा की गई है। इस घोषणा के मुताबिक, अब ये फिल्म 14 जुलाई को रिलीज होगी। इसी दिन पहले से श्रीदेवी की फिल्म मॉम और श्रद्धा कपूर की फिल्म हसीना के रिलीज होने की तारीख घोषित है। इतना ही नहीं, हुमा कुरैशी को लेकर बनी गुरिंदर चड्ढा की फिल्म वायसराय हाउस की रिलीज डेट भी यही है।

ऐसे में जग्गा जासूस को बॉक्स ऑफिस पर तीन दूसरी फिल्मों के साथ मुकाबला करना पड़ेगा। इससे पहले तक जग्गा जासूस को अप्रैल में रिलीज करने की घोषणा की गई थी। अनुराग बसु ने कई दिनों पहले ही संकेत दे दिए थे कि फिल्म को जुलाई से पहले रिलीज नहीं किया जा सकता। ये फिल्म पहले दिसम्बर में रिलीज होने वाली थी, उसके बाद से अब तक चार बार इसकी रिलीज डेट बदली जा चुकी है।
जानकार मान रहे हैं कि 14 जुलाई की रिलीज डेट को भी अंतिम नहीं माना जा सकता। फिल्म के हीरो रणबीर कपूर, जो पहली बार इस फिल्म के सहनिर्माता भी हैं, इन दिनों राजकुमार हिरानी के निर्देशन में बन रही संजय दत्त की बायोपिक फिल्म में बिजी हैं। इस फिल्म की शूटिंग से दो दिन का वक्त निकालकर रणबीर ने जग्गा जासूस की शूटिंग भी की। खास बात ये थी कि रणबीर के साथ कटरीना ने भी शूटिंग में हिस्सा लिया। कटरीना हाल ही में यशराज की फिल्म टाइगर जिंदा के लिए सलमान खान के साथ शूटिंग का पहला शेड्यूल पूरा करके आस्ट्रिया से मुंबई लौटी हैं। दिलचस्प बात ये कि दिसम्बर में क्रिसमस के मौके पर रणबीर कपूर की संजय दत्त पर बनी फिल्म और कैटरीना-सलमान के साथ यशराज की फिल्म टाइगर जिंदा है का टकराव होना तय माना जा रहा है।

”दीवार” फिल्म की मां भी अब ”स्वच्छ” घर में जाएगी

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इन दिनों उत्तराखंड में शौचालय को लेकर बना एक पोस्टर खूब वाहवाही बटोर रहा है।यह पोस्टर ना केवल क्षेत्र और प्रदेश में मशहूर हो रहा बल्कि पीएम मोदी ने भी इस पोस्टर के बारे में अपने टिव्टर हैंडल के माध्यम से लोगों के बीच में जागरुकता फैलाई। फिल्मी स्टाईल में स्वच्छता का संदेश देता यह पोस्टर देख कर पीएम मोदी भी खुद को हंसने से नहीं रोक पाए। लेकिन साथ ही पीएम ने इस पहल की सराहना भी की है।

आपको बता दें कि नैनीताल नगर पालिका परिषद ने खुले में शौच न जाने के लिए एक अनोखी पहल की है। पालिका ने इसके लिए अपने दौर की प्रसिद्ध फिल्‍म दीवार का पोस्‍टर चुना है। इस पोस्‍टर में अमिताभ बच्‍चन कह रहे हैं, ‘मां चल मेरे साथ रहेगी’, जबकि शशि कपूर कह रहे हैं, ‘नहीं मां मेरे साथ रहेगी’। पोस्‍टर में निरूपमां रॉय (मां) कह रही हैं कि, ‘ नहीं, जो पहले शौचालय बनाएगा, मैं उसके साथ रहूंगी।

unnamed (2)इस पोस्‍टर को टिव्टर पर ट्विट करने वाले का नाम साहूकार है। उसमें उसने पीएम नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए लिखा जिसने भी इसे बनाया है वह पुरस्‍कार का हकदार है, मोदी जी कृपया ध्‍यान दें और पीएम मोदी ने इस टिव्ट को रिटीव्ट किया है।

पीएम मोदी ने लिखा स्वच्छता के लिए एक बिंदु सिनेमा से उधार लिया गया है जो कि काबिले तारीफ हैं। उन्‍होंने इस पहल की सराहना की है।

उत्तराखंड की बडूली टीम पहुंची न्यूज़ीलैंड

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बुधवार को बडूली टीम के 9 सदस्य न्यूजीलैंड पहुंचे जिनका स्वागत न्यूजीलैंड के उत्तराखंडियों ने दिल खोल कर किया। जिससे बडूली के सदस्यों को घर जैसा महसूस हुआ। राकेश भारद्वाज ने बातचीत में बताया कि न्यूजीलैंड पहुंचने का एहसास बिल्कुल अलग है और यहां सब कुछ बहुत अपना और अलग है।राकेश ने बताया कि गुरुवार यानि कल बडूली टीम आकलैंड के एवेनडेल कालेज के आडिटोरियम में प्रेक्टिस सेशन के गयें  जिसके बाद न्यूजीलैंड  के एक रेडियो चैनल ‘तराना’ में  एक घंटे का लाईव शो कर लोगों से बातचीत की अौर मन भलाया।

राकेश भारद्वाज बताते हैं कि यह ट्रिप हम सबके लिए बहुत महत्तवपूर्ण हैं और हमें उम्मीद हैं कि इसके बाद हमारे पास बहुत सारी यादें होंगी।  इस साल उत्तराखंड के कुछ उम्दा कलाकार पहाड़ी क्षेत्र उत्तराखंड को लोगों के सामने परोसेंगे चाहें वो गायक हो या परक्शनिस्ट,बांसुरीवाद हो या फोटोग्राफर। इस टीम के 9 लोगों में फोल्क सिंगर मंगलेश डंगवाल, विरेंद्र नेगी राही, दीपक मेहर, माया उपाध्याय, राकेश भारद्वाज, स्टैंड अप आर्टिस्ट किशना बघोत, रिदम आर्टिस्ट शुभम पांडे, फ्लूटिस्ट पंकज नाथ और फोटोग्राफर मुकेश खुगसाल जो एक साथ मिलकर उत्तराखंड की एक झलक पहाड़ से दूर रहने वाले पहाड़ियो को दे जाते हैं।

लापरवाही बरतने वाले सरकारी कर्मचारियों पर गिरी गाज

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गौरादेवी कन्याधन योजना के गायब आवेदनों के बारे में उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त आलोक कुमार जैन ने निर्णय लिया कि लापरवाही बरतने वाले कर्मी किशन राम, सहायक समाज कल्याण अधिकारी, अल्मोड़ा और आयोग के समक्ष अफवाह और सत्य से हटकर बयान दर्ज कराने वाले कर्मचारी श्री रजनीश पंत, वरिष्ठ सहायक पर विभागीय कार्यवाही की जाए। निदेशक, समाज कल्याण विभाग ने सहायक समाज कल्याण अधिकारी की एक सलाना वेतन वृद्धि स्थायी रूप से रोकने तथा दोनों कर्मचारियों के काम के कारण उन्हें सजा दी गई है।
किसन सिंह कुमैया, निवासी-ग्राम-चांदीखेत, अल्मोड़ा ने उनकी पुत्री कु.मधु कुमैया को गौरा देवी कन्यादेवी योजना के अंतर्गत वर्ष 2013 में आवेदन समय से करने पर भी जिला समाज कल्याण अधिकारी, अल्मोड़ा द्वारा उसे लाभान्वित न किये जाने के कारण आयोग में दिनांक 10 मार्च, 2016 को शिकायती पत्र दाखिल किया गया। इस मामले में 24 मई 2016, 18 अक्टूबर 2016, 28 दिसम्बर 2016 और 06 अप्रैल 2017 को आयोग ने क्रमबद्ध रूप से सुनवायी की, जिस दौरान समाज कल्याण विभाग को अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त समय दिया गया।हालांकि विभाग के प्रतिनिधि ने विकासखण्ड स्तर पर आवेदन-पत्र को प्राप्त किया गया परंतु यह प्रार्थना-पत्र जिला समाज कल्याण अधिकारी को प्राप्त नहीं होने के कारण आवेदन करने वाले को योजना का लाभ से वंचित रखा गया।इसमें विभाग का बड़ा ही गैर-जिम्मेदाराना रूख रहा जबकि उसके प्रतिनिधि को आवेदन समय से प्राप्त हो गया था। अतः यह उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार अधिनियम, 2011 के अंतर्गत निर्धारित समय की सीमा का खुला उल्लंघन था।इस पूरे मामले पर विभाग ने अपनी गलतियों को छुपाने की और तत्कालीन सहायक समाज कल्याण अधिकारी को मृत बताकर मामले को रफादफा करने का प्रयास भी किया। गहरी छानबीन और जांच के बाद विभाग से हुई लीपापोती एवं आयोग को गुमराह किये जाने के प्रयासों का पर्दाफाश हुआ।
मुख्य आयुक्त ने चार सुनवाईयों के दौरान इस प्रकरण पर यह ऐतिहासिक निर्णय पारित किया कि इस प्रकरण से संबंधित छात्रा और उसकी साथी छात्राओं के आवेदन-पत्र, जो विभागीय गलतियों एवं गतिविधियों के कारण गायब/खो गये है, उन्हें विभागीय कर्मचारी एक बार फिर सम्पर्क कर तैयार करायें और इसका बोझ आवेदकों पर न डाला जाये।
हालांकि प्रकरण मात्र एक आवेदन कर्ता से सम्बंधित था परंतु मुख्य आयुक्त के गंभीर प्रयासों एवं मामले की तह तक जाने के कारण आवेदिका सहित 17 अन्य छात्राओं, जिनके आवेदन-पत्र विभाग ने गायब/खो दिये थे, के आवेदन-पत्रों को पुनः तैयार कराकर उन्हें गौरादेवी कन्याधन योजना का लाभ प्राप्त कराया गया। यह प्रकरण समाज कल्याण विभाग के लिए अपने-आप में गंभीर विषय की तरह एक उदाहरण के रूप में उभरा है।