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राज्य में कम समय के लिये खुलेंगी शराब की दुकानें

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प्रचंड बहुमत से बनी बीजेपी सरकार का एक महीने का कार्यकाल पूरा हो गया है। जिसके बाद प्रदेश के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने एक महीने के कार्यकाल का लेखा जोखा पेश करते हुए आने वाले दिनो में पहाड़ से लेकर मैदानी क्षेत्रो की जन समस्याओं का रास्ता तलाश कर विकासकारी योजनाओं को पूरा करने की बात कही। वहीं सबसे पहले सीएम त्रिवेंद्र रावत ने प्रदेश की शराब निति में बदलाव करते हुए नए वित्त वर्ष से राज्य की सभी शराब की दुकानें 14 घंटे के बजाये मात्र 6 घंटे ही खुली रखने का निर्णय लिया। जिसके तहत अब दोपहर 3 बजे से लेकर रात 9 बजे तक ही प्रदेश में शराब की दुकानें खुलेगी। वहीं शराब निति से होने वालेआर्थिक  नुकसान की भरपाई को पूरा करने के लिए अन्य विकल्पो पर भी कार्य करने की बात सीएम रावत ने कही। 

उधर प्रदेश की खनन निति पर उठते सवालों का जवाब देते हुए ,सीएम त्रिवेंद्र रावत ने कहा की फिलहाल सरकार को खनन निति से 285 करोड़ सालाना आय हो रही है, जिसको उनकी सरकार एक हज़ार करोड़ सालाना तक ले जाने का लक्ष्य तैयार कर रही है रावत ने कहा की अवैध खनन पर लगाम लगाना सबसे बड़ी चुनौती है जिसे हरहाल में सही किया जायेगा

नई सरकार को अभी सिर्फ एक महीने का समय हुआ है औऱ ऐसे में सरकार के कामकाज को परखना थोड़ा जल्दबाज़ी हो सकती है। प्रदेश के लोगों को उम्मीद यही होगी कि आने वलाे समय में सरकार भी चुनावों के दौरान किये गये अपने वादों को याद रखे और उनपर काम करे।

त्यूनी में बस दुर्धटना में गई 46 जानें

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बुधवार को एक दर्दनाक बस हादसे में अब तक 46 लोगों की जान चली गई है। देहरादून के विकासनगर से त्यूनी जा रही सवारियों से भरी बस गुम्मा बैंड के समीप टौंस नदी में समा गई।

सुबह 5:30 बजे नीजी बस नंबर UK16 0045 सवारियों को लेकर विकासनगर से त्यूनी के लिए चली थी। इस बस में महिलाओं व बच्चों समेत 40 से अधिक यात्री सवार थे। हादसा रोहनाट-चौपाल मार्ग पर गुम्मा के समीप हुआ। जिस समय बस 1500 फिट गहरी खाई में गिरी, 13 साल का रविन्द्र और बस का कंडक्टर चलती बस से कूदने में सफल रहें। शिमला के एसपी डी डब्ल्यू नेगी ने कहा कि 56 यात्रियों के बस में सवार होने की सूचना है, लेकिन पूरी स्थिति स्पष्ट होने में थोड़ा समय लगेगा।उधर सिरमौर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विनोद धीमान ने कहा कि हालांकि जिस जगह पर दुर्घटना हुई है, वह इलाका शिमला जिला में पड़ता है, लेकिन सूचना मिलते ही पुलिस टीम को तत्काल मौके पर रवाना कर दिया गया था।

उन्होंने कहा कि मौके की जानकारी लगातार जुटाई जा रही है। बताया जा रहा है कि काफी तेज गति से जा रही बस गुम्मा बेंड के पास अनियंत्रित हो गयी और टांस नदी में समा गयी। ये क्षेत्र हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बाॅर्डर पर आता है। हादसा होते ही बस में चीख पुकार मच गयी। जिस समय यह हादसा हुआ उस समय काफी लोग आसपास मौजूद थे लेकिन दुर्गम स्थान होने के कारण राहत अभियान चलाने में दिक्कत हु। उनकी सूचना पर देहरादून व उत्तरकाशी से बचाव दल के साथ पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचें।  देहरादून से मेडिकल टीम और SDRF भी घटना स्थल के लिए रवाना हो चुकी है।

हिमाचल प्रदेश में हुई सड़क दुर्घटना में राहत और बचाव कार्य के लिये मुख्य सचिव एस रामास्वामी ने सचिव आपदा प्रबंधन अमित नेगी को निर्देश दिये। साथ ही साथ, सड़क हादसे के बाद उत्तराखंड मुख्यमंत्री ने मृतकों को 1 लाख रुपए अौर गंभीर घायलों को पचास हजार और आंशिक घायलों को ₹25000 देने की घोषणा की।

कोटाबाग का एक और लाल हुआ देश के लिये शहीद

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कालाढूंगी का एक और लाल सोमवार रात देश के लिए शहीद हो गया। रात में सूचना मिलने के बाद शहीद के परिवार व गांव मे मातम का माहौल है।

कोटाबाग के ग्राम आंवलाकोट निवासी खीमानंद बुधानी का 23 वर्षीय पुत्र मनमोहन बुधानी दो वर्ष पहले ही 20 कुमाऊं रेजीमेंट में भर्ती हुआ था। सोमवार की रात कश्मीर में मेंढर के बालनोई सेक्टर में सीमा पार से छिपकर हुई गोलीबारी में मनमोहन शहीद हो गया। रात आर्मी हेड क्वार्टर से फोन आने के बाद से घर व गांव में सन्नाटा पसरा है।

मनमोहन अपने चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था तथा उनके पिता खीमानंद बुधानी, गंगोलीहाट में ग्राम विकास अधिकारी हैं। शहीद का पर्थिव शरीर बुधवार तक यहां पहुंचने की संभावना है। शहीद मनमोहन के तीन चचेरे भाई भी सेना में हैं। सुबह से ही लोग शहीद के घर पहुंचकर सांत्वना दे रहे हैं।

शहीद मनमोहन बुधानी की चचेरी बहन का इसी महीने 24 तारीख को विवाह होना था। परिवार इन दिनों तैयारियों में जुटा था, लेकिन मनमोहन के शहीद होने की खबर ने खुशी के माहौल को मातम में बदल दिया।

कोटाबाग के पतलिया गांव निवासी धीरेंद्र साह ने भी 13 फरवरी को कश्मीर क्षेत्र में तैनाती के दौरान देश पर जान न्यौछावर कर दी थी। दो महीने के अंतराल में कोटाबाग क्षेत्र के दो जवानों ने देश पर कुर्बान होकर कोटाबाग का मान बढ़ाया है।

आजादी की लड़ाई में भी कोटाबाग के दर्जन भर लोगों ने प्रतिभाग किया था। कोटाबाग को सेनानी बाहुल्य क्षेत्र कहा जाता है। अब सेना में भर्ती होकर कोटाबाग के युवा देश की सीमा पर कुर्बान होकर देश भक्ति की मिसाल बन रहे हैं।

काशीपुर मे ट्रेनी आईपीएस और वकील हुए आमने सामने

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काशीपुर में कोतवाल की अभद्रता पर वकीलों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। बार एसोसिएशन भवन में हुई बैठक में चेतावनी दी गयी कि यदि तीन दिन में कोतवाल माफी नहीं मांगती हैं तो उनके खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा। काशीपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, आनंद स्वरूप रस्तोगी की अध्यक्षता में एसोसिएशन की मंगलवार को बैठक हुई। इस दौरान रस्तोगी ने कहा कि वह एक जनप्रतिनिधि के साथ वकील भी हैं। वकील कामिनी नागर व उनके परिवार से मारपीट व अभद्रता करने वाले नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सोमवार को कोतवाल रचिता जुयाल से अधिवक्ता व अन्य लोग मिलने गए थे। उन्होंने बात सुनने के बजाय जनता व वकीलों से अभद्रता की। उन्होने कहा कि एक कोतवाल को इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए था। इसकी घोर भ‌र्त्सना की जाती है। वकीलों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तीन दिन में कोतवाल ने माफी नहीं मांगी तो उनके खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए बाध्य होंगे। इस संबंध में उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, मुख्यमंत्री, डीआइजी को पत्र भेजकर अवगत करा दिया गया है।

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बार एसोसिएशन काशीपुर के अध्यक्ष आनंद स्वरूप रस्तोगी ने इस मामले में राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है।आरोप है कि कामिनी नागर 16 अप्रैल को कोतवाली में कोतवाल रचिता जुयाल से मिलने गई तो उन्हें अकेला बुलाया गया और उक्त रिपोर्ट पर कार्रवाई के लिए एक लाख रुपये रिश्वत मांगी गई। मना करने पर कामिनी को धमकाया गया कि दूसरे पक्ष की ओर से तुम्हारे खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा देंगे। तुम्हें और तुम्हारे परिवार को झूठे केस में बंद करा देंगे। इससे डर कामिनी ने 17 अप्रैल को बार एसोसिएशन से मामले की शिकायत की जब इस मामले में उसी दिन कोतवाल से मिलने अधिवक्ता व अन्य लोग पहुंचे तो उन्होंने कामिनी, उनके साथ गई अनुराधा वर्मा, हेमा बंगारी, पूनम वर्मा,दीपा राय, राधा वर्मा आदि को धक्का देकर ऑफिस से बाहर निकाल दिया।

वहीं इस बारे में कोतवाल रचिता जुयाल ने बताया कि किसी के दवाब में आकर काम नहीं करती हूं। इसलिए लोग बेवजह आरोप लगा रहे हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। रिश्वत मांगने का आरोप निराधार है।

आयकर विभाग का बिल्डर के घर छापा 

आयकर विभाग ने ऋषिकेश के एक बिल्डर के घर अचानक छापेमारी की , आयकर विभाग ने गंगा नगर, निवासी एक बिल्डर जो की एक निजी चैनल के मालिक भी है उनके घर पर छापा मारा, कार्यवाही देर शाम तक चलती रही। सूत्रों के मुताबिक आयकर विभाग को मिली जानकारी में ऋषिकेश के एक बिल्डर लम्बे समय से आयकर के नियमो में धोका धडी कर रहे थे।

ऋषिकेश में पूर्व उच्य अधिकारी के कुछ रिश्तेदारों के यहां भी इनकम टैक्स के छापे की सूचना है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि एक ठेकेदार के आवास पर इनकम टैक्स विभाग की टीम ने छापा मारा। छापेमारी में टीम ने तमाम दस्तावेज और कंप्यूटर खंगाले। कुछ दस्तावेजों को टीम ने कब्जे में भी लिया।

 

ऋषिकेश एम्स को मिले 100 नए बेड, चार धाम यात्रा के लिए तैयार

उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओ के लिए एक अच्छी खबर है, ऋषिकेश एम्स जल्द ही मरीजों की सहूलियत के लिए 100 नए बेड की सुविधा देने जा रहा है। ऐम्स प्रशासन ने इसकी तैयारीयो को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है ।  जिसके बाद आगामी चार धाम यात्रा में यहाँ आने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी । उत्तराखंड में पटरी से उतर गयी स्वास्थ्य सेवाओ से परेशान आम जनता के लिए एक अच्छी खबर है। ऋषिकेश एम्स ने ओ पी डी के रूप मे सफलता हासिल करने के बाद अब आगामी चार धाम यात्रा की तैयारियां शुरू कर दी है। आगामी यात्रा में मरीजों को कोई परेशानी न हो इसके लिए ऐम्स ने 100 नए बेड की शुविधा शुरू करने जा रहा है।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्था, ऐम्स के नए निदेशक डॉ रविकांत ने इसकी जानकारी दी। डॉ रविकांत ने बताया कि 2013 में हुई स्वास्थ सेवाओं की कमी का खामियाजा हम सभी ने देखा लेकिन आगे ऐसी कोई समस्या न उत्पन्न हो इसके लिए हम राज्य सरकार के साथ मिल कर कार्य करेंगे, उत्तराखंड में लचर हो गयी सरकारी स्वास्थ्य सेवा से तंग आ चुकी जनता को ऋषिकेश एम्स से काफी उम्मीद है। ऐम्स मैं शुरुवात से ही मरीजो कि अच्छीखासी भीड़ जुटती आई है, ऐसे में यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी न हो इसके लिए एम्स प्रशासन अपनी तैयारियों में जुटा हुअा है। ऋषिकेश एम्स से उत्तराखंड के लिए किसी वरदान से कम नहीं  एम्स के कारन ना केवल प्रदेश में स्वास्थ सुविधाओं का स्तर बढ़ा बल्कि दूर दराज के गाओं को भी इसका लाभ मिल रहा है , चार धाम यात्रा नजदीक है ऐसे में ऋषिकेश ऐम्स से लोगों को काफी उम्मीदे है अब देखना होगा की ऐम्स चार धाम यात्रा के दौरान अपनी जिम्मेदारियों को कैसे पूरा करता है।

 

पर्स अौर मोबाईल चोरी कर करते थे स्मैक का सेवन

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जनपद देहरादून मे हो रही टप्पेबाजी व पर्स छीनने की घटनाओं को गम्भीरता से लेते हुए, घटनाओं के सफल अनावरण हेतु प्रभारी निरीक्षक पटेलनगर को निर्देशित किया गया था। वाहन चैकिंग व अनावरण हेतु निर्देश दिये गये प्रभारी निरीक्षक पटेलनगर द्वारा लगातार सघन वाहन चैकिंग करते हुये थाना पटेलनगर पुलिस द्वारा विगत सप्ताह में बिना नम्बर प्लेट, संदिग्ध नवयुवकों की चैकिंग के दौरान कुल 178 दुपहिया वाहन सीज करते हुये 275 चालान किये गये व संयोजन शुल्क 46500 / रूपये वसूल किये गये।

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इसी चैकिंग अभियान के दौरान पथरीबाग चौक पर चैकिंग के दौरान एक सफेद रंग की स्कूटी नम्बर आती दिखायी दी जिसमें 2 कम उम्र के नवयुवक बैठे थे जो संदिग्ध प्रतीत हो रहे थे, उक्त स्कूटी को रोका चूकि उक्त स्कूटी कुछ दिन पहले थाना पटेलनगर क्षेत्रान्तर्गत चन्द्रबनी में पर्स छीनने वाली घटना से मेल खाती थी, स्कूटी में बैठे दोनों लडको से स्कूटी के कागजात दिखाने को कहा तो वाहन के कागज नही दिखा सके व टाल मटोल करने लगे।  इनसे संदिग्धता प्रतीत होने पर सख्ती से पूछताछ की गयी तो वाहन चलाने वाले ने अपना नाम सूरज सिंह गोन अौर आशु बताया। सूरज की तलाशी लेने पर एक मोबाईल सैमसंग गोल्डन कलर बरामद हुआ जिस पर कोई सिम नही था इसी प्रकार का मोबाईल चन्द्रबनी में पर्स छीनने वाली घटना में वादिया द्वारा अपनी तहरीर में अंकित किया गया था ।

सख्ती से पूछताछ करने पर बताया गया कि हम 7-8 लडके स्मैक पीने के आदी है व अपने नशे की पूर्ति के लिये हम लोग आपस में मिलकर पर्स छीनने व मोबाईल छीनने के काम करते है व छीने हुये रूपयो व मोबाईल को कही भी बेचकर प्राप्त रूपयों से ही नशे की सामग्री खरीदते है, हम देहरादून, रुडकी, सहारनपुर व हरिद्वार घूमने तक भी मोटर साईकिलो में चले जाते है व जहा भी हमें नशा उपलब्ध होता था। सूरज के बतायेनुसार उसकी निशा देही पर थाना हाजा पर पंजीकृत मु0अ0स0 206 / 17 धारा 356 / 379 व मु0अ0स0 208 / 17 धारा 356 / 379 भादवि में प्रयुक्त वाहन व अन्य सामान व अन्य अभियुक्तों को अलग – अलग जगह से गिरप्तार कर मुकदमा उपरोक्त व से सम्बन्धित माल व अन्य माल बरामद किया गया ।

एनएच घोटाले की जांच पर संशय

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एनएच मुआवजे घोटाले के दस्तावेज पुलिस ने सीबीआइ के हवाले तो कर दिये लेकिन इसकी जांच को लेकर अभी संशय बरकरार है। सीबीआइ ने अभी तक इस मामले में जांच को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है। आखिर जांच पुलिस के पाले में रहेगी या फिर सीबीआइ इसको हल करेगी?

एनएच घोटाले के मामले में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने सीबीआइ से जांच की संस्तुति दी थी। इस दौरान मुख्यमंत्री इस मामले में छह पीसीएस अफसरों को निलंबित कर चुके है। जबकि एक अन्य सेवानिवृत्त पीसीएस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसके बाद तो सिलसिला शुरू हो गया। कई कर्मचारी भी इसमें नप गए। उनका भी निलंबन कर दिया गया।

अब पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले से जुड़े दस्तावेजों को सीबीआइ को भेजा गया है, लेकिन सीबीआइ की ओर से अब तक कोई रुख नहीं किया गया। इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय से गृह मंत्रालय एक रिमाइंडर भेजा गया था, लेकिन फिर भी कोई जबाव न आने से असमंजस की स्थिति बरकरार है। ऐसे में कुछ का कहना है कि यह जांच पुलिस पर ही रहेगी तो कुछ सीबीआइ से ही जांच चाहते है, लोगों के बीच अब तक यह सवाल गोते खा रहा है, लेकिन अभी भी इसको पार नहीं मिल पाया है।

2017 तक राज्य को 100 प्रतिशत विद्युतिकृत

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ऊर्जा विभाग की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि वह ग्राम जहाँ अभी तक विद्युत नहीं पहुंची है, उन ग्रामों को वर्ष 2017 तक विद्युतिकृत करना है। इसके लिये अन्य स्रोतों का प्रयोग भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में हमें आत्मनिर्भर होना है। साथ ही विद्युत चोरी को रोकने के लिये कठोर कदम ऊर्जा विभाग को उठाने होंगे। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि हमें गुड गवर्नेंस का ध्यान रखना है। आम जनता को होने वाली परेशानियों को कम करते हुए ऊर्जा विभाग को कार्य करना होगा।
मुख्यमंत्री श्री रावत ने देहरादून एवं हरिद्वार में अंडरग्राउण्ड केबलिंग के लिये प्रस्ताव तैयार करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिये कि बायो ऊर्जा परियोजना के तहत सरकारी मिलों को शामिल किया जाए। माईक्रो और मिनी हाईड्रो प्रोजेक्ट्स को विशेष तौर पर बढ़ावा दिया जाए। इसमें स्थानीय लोगों एवं संस्थाओं को भी जोड़ा जाए। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

अखरोट की खेती के लिये 2 माॅडल फार्म विकसित किये जायें: मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को कैम्प कार्यालय, मुख्यमंत्री आवास में उद्यान एवं ऊर्जा विभागों की समीक्षा बैठक ली। उद्यान विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में अखरोट की अत्याधिक सम्भावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में कागजी अखरोट को प्रोत्साहन दिया जाए। इसके लिये 2 माॅडल फार्म विकसित किये जाएं। इन फाम्र्स को सेंटर आॅफ एक्सीलेंस की तर्ज पर विकसित किया जाए। इसमें प्रशिक्षित लोगों को जोड़ा जाए। इन फाम्र्स के विकसित होने के उपरान्त अन्य स्थानों पर ऐसे फार्म विकसित किये जाने चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री रावत ने वाॅलनट एवं अदर फ्रूट ग्रोवर्स एसोसिएशन आॅफ इंडिया के अनुभव का लाभ लेते हुए इसमें किसानों को अखरोट की अच्छी प्रजातियों के कलमी पौधे उपलब्ध कराये जाएं। किसानों एवं ग्रामीणों को अखरोट की खेती के लिये प्रोत्साहित करने के लिये प्रचार-प्रसार किया जाए। पर्वतीय क्षेत्रों में खेती के लिये पानी की व्यवस्था रेन वाटर हार्वेस्टिंग से किया जाना चाहिए। इस बात का भी ध्यान रखा जाए कि किसानों को दी जाने वाली पौध की गुणवत्ता में कोई कमी न हो, इसके लिये विभाग को जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी। मुख्यमंत्री श्री रावत ने इसके लिये एक्ट तैयार करने की बात भी कही। अखरोट को राज्य का भविष्य बताते हुए मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि अखरोट को हमें अपनी प्राथमिकता में रखना होगा।