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ज़ुबिन नौटियाल को दादा साहेब फाल्के एक्सलेंस पुरस्कार

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उत्तराखंड राज्य के लिए यह बहुत ही खुशी की बात है,  यहां के बेटे ज़ुबिन नौटियाल को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से नवाज़ा गया।मुंबई में आयोजित समारोह में उत्तराखंड के ज़ुबिन नौटियाल को बेस्ट प्लेबैक सिंगर का अर्वाड मिला। फिल्म ऋतिक रोशन और यामी गौतम की फिल्म काबिल का गाना, ‘मैं तेरे काबिल हूं… या तेरे काबिल नहीं,’ के लिए ज़ुबिन को यह पुरस्कार मिला।न्यूज़पोस्ट से एक्सक्लूसिव बातचीत में ज़ुबिन ने बताया कि उनके लिए उत्तराखंड के जौनसार से मुंबई का सफर आसान नहीं था, लेकिन इस अवार्ड ने मानो उनके सपनों और उनकी मेहनत को पंख लगा दिए हो।

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दादा साहेब फाल्के के 148वे जन्मदिन के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में ज़ुबिन को यह अवार्ड दादा साहेब के ग्रेंडसन चंद्रशेखर ने दिया।ज़ुबिन ने न्यूज़पोस्ट को बताया कि हर गाना जो वह बनाते और गाते हैं उसके लिए उनकी भावना अलग होती है और उसके लिए उन्हें अपनापन महसूस होता है। ज़ुबिन ने बताया कि वह हमेशा से सिंगर बनना चाहते थे और संगीत को अपना पहला प्यार मानते है, लेकिन आज जब वह इस मुकाम पर हैं तो उन्हें लगता हैं कि यह सफर आसान नहीं था। कहते हैं कि मुझे हमेशा से ही गाने से खुशी मिलती थी लेकिन जब आपके काम को प्यार और सराहना मिलती है तो वह फिलिंग ही अलग होती है और आज मैं कुछ ऐसा ही महसूस कर रहा हूं। अंत में ज़ुबिन कहते हैं, ‘जौनसार से बालीवुड तक का सफर कभी भी आसान नहीं था, लेकिन इस अर्वाड ने वह डिसटेंस ख़त्म कर दिया है।

अब ज़ुबिन अाने वाली फिल्म ‘राबता’ में गाने की तैयारी में लगे हुए हैं।एक बार फिर हर किसी को इंतज़ार है ज़ुबिन के मनमोहक आवाज़ के नये गानें की, उनकी इस तैयारी के लिए टीम न्यूज़पोस्ट और पूरे उत्तराखंड की तरफ से उनको ढेर सारी शुभकामनांए।

दून के डीबीएस कालेज के इकोनोमिक्स डिर्पाटमेंट ने मनाई अपनी ”50वी वर्षगांठ”

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शनिवार को डीबीएस कालेज के इकोनामिक्स डिर्पाटमेंट में विभाग की स्वर्ण जयंती के अवसर पर पूर्व छात्र-शिक्षक सम्मेलन का आयोजन किया गया।इस अवसर पर 1961 से छात्र और शिक्षक रहें लोगों ने भाग लिया।सम्मेलन का शुभारम्भ सरस्वती पूजन व राष्ट्र गान और दीप प्रज्जवलन द्वारा किया गया।

सम्मेलन के मुख्य अतिथि ‘कुमाऊं विश्वविधालय’ के पूर्व कुलपति और वर्तमान में लाइब्रेरी और शोध संस्थान के निदेशक डा.बी.के जोशी जी थे। प्रोफेसर जोशी ने कहा कि उत्तराखंड के विकास पर जोर दिया जाए और साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में माइक्रो फाइनेंन्स और इश्योरेंस में ज्यादा ध्यान देने की जरुरत है। इस सम्मेलन के मुख्य प्रवक्ता प्रोफेसर आर.पी ममगाई जी थे जो वर्तमान में गिरी इंस्टीट्यूट आफ डेवलेंपमेंटल स्टडीज लखनऊ में इकोनोमिक्स के प्रोफेसर है साथ ही इन्होंने डीबीएस से अपनी शिक्षा ली है। इसके साथ ही वह आईसीएसएसआर एवं आईआईडीएस में प्रोफेसर पद पर कार्यरत रहे हैं।अगले सत्र में विशिष्ठ अतिथि अनंत प्रताप सिंह जी थे जो कि वर्तमान में पंजाब नेशनल बैंक में चीफ इकोनोमिस्ट के पद पर कार्यरत हैं।डीबीएस कालेज के कार्यवाहक प्रिसिंपल डा.एके बियानी ने सभी का स्वागत करते हुए इकोनोमिक्स डिर्पाटमेंट के प्रगति के लिए शुभकामनाएं दी।कार्यक्रम में इकोनोमिक्स डिर्पाटमेंट पर बनीं डाक्यूमेंट्री फिल्म को दिखाया गया और डिर्पाटमेंट के पूर्व एचओडी डा.हनीफ ने अपनी पुरानी यादों को जीवंत किया। सम्मेलन के अगले सत्र में डा.बीके जोशी के संरक्षण में ”वे अहेड फार उत्तराखंड” शीर्षक पर पैनल डिस्कशन हुआ।इसके अलावा कार्यक्रम में ”भारतीय रिर्जव बैंक” के मुख्य महाप्रबंधक एंव प्रभारी उत्तराखंड सुब्रत दास,’सीआईआईडी’ की विभा,’डीएमएमसी’ के पियुष रौतेला, और ”नाबार्ड के महाप्रबंधक प्रोफेसर आर.पी ममगाई” ने उत्तराखंड के विकास पर प्रकाश डाला। ”सुब्रत दास ने कहा कि वह नार्बाड के मदद से राज्य के ग्यारह सौ से ज्यादा गांवों में सेटेलाईट बैंक खोलने जा रहे हैं”। ”अजीम प्रेमजी फाउंडेशन” के ए.के मिश्रा ने उत्तराखंड में शिक्षा के विकास पर जोर दिया। सम्मेलन के अंतिम हिस्से में क्षेत्रीय निवेशकों की जागरुकता पर आधारित सेमीनार का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता ‘सिंडिकेट बैंक के लक्ष्मीकांत श्रीवास्तव’ ने की साथ ही उन्होंने पावर प्वाइंट के माध्यम से अर्थशास्त्र की उपयोगिता पर अपने विचार प्रस्तुत किए। ”सेबी के उपमहाप्रबंधक संजय सरवदे” ने ”पावर आफ इवेंस्टर” पर अपने विचार रखे और बचत योजनाओं पर जागरुकता पर प्रकाश डाला। ”नेशनल स्टाक एक्सचेंज” की मुख्य प्रबंधक रेनू भंडारी ने वित्तीय शिक्षा एंव जागरुकता पर अपने विचार प्रस्तुत किए और कहा कि राज्य के आर्थिक विकास और समृद्धि में ”फाइनेंनसियल मैनेजमेंट” बहुत जरुरी है।

इस कार्यक्रम के सफल संचालन में इकोनामिक्स डिर्पामेंट की डा.राजलक्ष्मी दत्ता, एचओडी डा.अलका सूरी और डा.चेतना बिष्ठ ने किया।इस अवसर पर डीबीएस महाविधालय के पूर्व छात्र-छात्रा मोजूद रहे जो इस समय दुनिया भर में अलग-अलग डिर्पाटमेंट में कार्यरत हैं।अंत में सम्मेलन में मौजूद सभी मेहमानों को भेट स्वरुप जूट के बैग में पौधे दिए गए जिसके माध्यम से ”ग्रीन सोसाईटी-क्लीन सोसाईटी” को प्रमोट किया गया।

तो अब हवा से चार्ज कीजिये अपना फोन

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देहरादून शहर के कुछ युवा एन्ट्रोप्रिन्योर ने एक मशीन तैयार की है जिसे उन्होंने नाम दिया है “विंड सोलर हाइब्रिड इलेक्ट्रीकल चार्जिंग स्टेशन”। इन युवाओं के मुताबिक यह स्टेशन हवा और सूरज की रोशनी से निकलने वाली एनर्जी को इकट्ठा कर एक साफ सुथरी ऊर्जा तैयार करता है जो इलेक्ट्रिकल डिवाइस को चार्ज करने का काम करता है।

इस समय यह सिस्टम सहस्त्रधारा रोड पर लगाया किया गया है जो एक दिन में लगभग 4-5 यूनिट की ऊर्जा पैदा करता है जिससे दिन में लगभग 150 फोन चार्ज हो सकते है। ग्रीनअसेट डाट इन के सीईओ रोमिक राय बताते हैं कि “इस सिस्टम को ईंस्टाल करने के बाद काफी लोग जिज्ञासा के साथ इसकी तरफ खींचे चले आए और इसके बारे में और इसके फायदे जानने के बाद इसको इस्तेमाल करना शुरु भी कर दिया।” रोमिक राय कहते हैं कि “हमारी कंपनी का पहला मोटो है क्लीन एनर्जी को प्रमोट करना साथ ही वेस्ट मैनेजमेंट और ईको फ्रेंडली प्रोडक्ट के इस्तेमाल से वातावरण को स्वच्छ और शुद्ध बनाना।”

रोमिक राय जो एक सफल कारपोरेट जिंदगी छोड़कर अब स्वच्छ और ईको फ्रेंडली वातावरण के लिए काम कर रहें वह कहते हैं कि “यह किसी एक की नहीं बल्कि हर किसी की जिम्मेदारी है कि अपने आसपास और अपने वातावरण को स्वच्छ और साफ-सुथरा रखें।” इस सिस्टम के बारें में बात करते हुए बताते हैं कि “यह 1 किलो वाट का सिस्टम 50:50 भागों में बंटा हुआ है जिसमें 500 वाट विंड एनर्जी के लिए है और 500 वाट सोलर एनर्जी के लिए हैं।”

इस कंपनी ने इस सिस्टम के अलावा भारत के पहले कार्बन न्यूट्रल इंटरनेशनल चिड़ियाघर कम सफारी में तीन विंड एनर्जी जेनेरेटर का  निर्माण भी किया है जो हल्द्वानी में है।रोमिक का मानना है कि अपनी पहल के जरिए वो युवाओं को एक संदेश देना चाहते हैं कि वह ज्यादा से ज्यादा कार्बन न्यूट्रल लाईफ जीए और अपने आसपास लोगों को भी इसके लिए जागरुक करें। कंपनी आने वाले समय में देहरादून मसूरी रोड पर एक और विंड एनर्जी जेनेरेटर को ईंस्टाल करने जा रही है। इसके अलावा शहर के बहुत से स्कूलों के साथ कोलेबोरेशन करने के बारे मे भी काम चल रहा है जिससे इन सभी एनर्जी का इस्तेमाल कर सकें और वातावरण में मौजूद ऊर्जा को इको फ्रेंडली तरीके से इस्तेमाल किया जा सके।

अब वहाट्सएेप, ट्वीटर, फेसबुक से दर्ज करायें इस थाने में शिकायत

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उत्तराखंड पुलिस ने आईटी और डिजिटल होने की तरफ एक और कदम बढ़ाते हुए चमोली को पहला “वर्चुअल” थाना बनाया।
डीजी पुलिस एम.ए. गणपति ने राज्य का पहला वर्चुअल थाने का उद्धाटन किया। ये थाना पुलिस कार्यालय गोपेश्वर में स्थापित किया गया है। थाना प्रभारी के रूप में मनोज असवाल-निरीक्षक एलआईयू को नियुक्त किया गया। वर्चुअल थाने से
  • जनपद के सभी मीडिया कर्मी
  • पुलिस विभाग
  • राजस्व विभाग
  • आपदा प्रबन्धन
  • स्वास्थ्य विभाग
  • लोक निर्माण विभाग
  • ग्राम प्रधान
  • महिला मंगल दल के सदस्य
  • जनपद प्रतिनिधि को जोड़ा जा रहा है।
सोशल मीडिया की बात करें तो इस थाने में
  • व्हाटसऐप नंबर-“9458322120“,
  • टिव्टर – @chamolipolice,
  • फेसबुक पेज-Chamoli Police-Welcome To Shri Badrinath और
  • ईमेल आईजी[email protected] के माध्यम से सूचनाओं का आदान प्रदान होगा।
वर्चुअल थाने में आप अपनी शिकायत व्हाटसऐप/टिव्टर/ईमेल  के माध्यम से सीधे भेज सकते है यह प्रक्रिया उसी प्रकार स्वीकार होगी जिस प्रकार थाने में जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराते है। वर्चुअल थाने में शिकायत दर्ज कराने में शिकायतकर्ता को तुरंत सहायता मिलेगी। किसी भी स्थान पर आपदा, भूस्खलन, जाम आदि की सूचना होने पर वर्चुअल थाने को स्थान की फोटो, वीडियो भेज सकते है, जिससे यह अनुमान लगाये जाने में सहायता मिलेगी की उस जगह पर कितना पुलिस बल भेजा जाय।वर्चुअल थाने से सभी राजस्व विभाग के अधिकारियों को जोड़ा जायेगा। वर्चुअल थाना पर कोई भी व्यक्ति गोपनीय सूचना दे सकता है।
आने वाली चार धाम यात्रा को देखते हुए यात्रा को सुचारू रूप से चलाये जाने के लिये कोई भी व्यक्ति किसी भी माध्यम से अपनी राय दे सकता है। इस थाने के ज़रिये वाट्सएप्प, फेसबुक आदि सोशल मीडिया साईट पर असमाजिक गतिविधि करने वालो पर भी नज़र रखी जायेगी।

लेंस से यादें संजोते: मुकेश खुग्साल

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मुकेश खुग्साल एक ऐसा नाम है जो कम उम्र में अपने नाम से ही पहचाने जाते हैं।गले में केनन 5-डी और 6-डी टांगे हुए मुकेश को उत्तराखंड के किसी भी ऐसी जगह देखा जा सकता है जहां तस्वीरों से कोई कहानी बयां की जा सके।फिर चाहे वो उनके क्षेत्र में हो या उत्तराखंड से बाहर। वैसे तो मुकेश की पैतृक जड़े पौड़ी से हैं, लेकिन उनके माता पिता अपने शुरुआती दिनों में ही दिल्ली शिफ्ट हो गये थे। दिल्ली में उनके पिता सुरेंद्र खुग्साल सरकारी विभाग में कार्यरत थे और उनकी मां गोदावरी हाउस वाईफ हैं।

मुकेश का तस्वीरों की दुनिया से पहला सामना अपने चचेरे भाई को देखकर हुआ जो फोटोग्राफी की दुनिया में अपनी मंज़िल तलाश रहे ते।मुकेश उनसे बहुत प्रभावित थे और फोटोग्राफी की दुनिया में जाने के लिए अपना मन बना चुके थे। दिल्ली यूनिर्वसिटी से आर्ट स्ट्रीम में डिग्री लेने वाले मुकेश बताते हैं कि “मुझे लेंस के पीछे काम करने का लगभग 15 साल का अनुभव हैं, और मैं फोटो क्लिक करने से ज्यादा फोटो बनाने में विश्वास रखता हूं। मुझे असली भावनाएं और यादें अपने कैमरे में कैद करना पसंद हैं जिसको देख कर लोग अपनी पुरानी यादों में वापस जा सके।”

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मुकेश फोटोग्राफी में कैमरे को रोल से अाजडिजीटल होते देखा है और बदलते समय के साथ उन्होंने पैंटेक्स कैमरे का इस्तेमाल भी किया है और आज टेक्नालीजी के साथ चलते हुए सबसे बेहतरीन रेंज के कैमरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। मुकेश बताते हैं कि “मैंने फोटोग्राफी की शिक्षा किसी और से नहीं बल्कि खुद से ली है,और इस प्रोफेशन ने मेरा अपने इर्द-गिर्द चीजों को देखने का नज़रिया बिल्कुल बदल दिया है। मैं अपनी आस-पास की चीजों में हमेशा कुछ नया तलाशने की कोशिश करता हूं,और प्रकृति की सुंदरता को एक सुलझे हुए मनुष्य की तरह अपने कैमरे में कैद करने में विश्वास रखता हूं।”

मुकेश ने फोटोग्राफी में पारंगत हासिल की है और अपना दायरा केवल लैंडस्केप, वाईल्ड लाईफ और मानयूमेंटल फोटोग्राफी तक सीमित नहीं रखा। फोटोग्राफी की दुनिया में कदम रखने के बाद लगभग हर क्षेत्र चाहें वो पोर्टफोलियो, इंडस्ट्रीयल फोटोग्राफी, कार्पोरेट, वेडिंग, फैशन शो और लाईव शो में भी फोटोग्राफी की है।

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नंदा देवी राज जात में मुकेश के कैमरे से ली हुई एक फोटो पेरिस में आयोजित तीसरे ग्लोबल लैंडस्केप फोरम-दिसंबर-2015 के एक्जिबिशन में दिखाई गई थी जहां उन्हें बहुत सराहना मिली। मुकेश द्वारा किए गए कार्य में “फारेस्ट फ्राम वेयर वी गेट फूड फार आवर एनिमलस सो दैट वी कैन सरवाईव” को भी 2012 में गैंगटोक में आयोजित दूसरे इंडियन माउंटेन इनिशिएटिव सम्मीट में काफी प्रोत्साहन मिला था।

मुकेश ने इन सालों में कई कार्यक्रमों और प्रदर्शनियों में हिस्सा लिया है जिसमें 2015 में मसूरी मे आयोजित मसूरी राईटर माउंटेन फेस्टिवल, नंदा देवी- ए स्टोरी आफ हिमालयन गाडेज, विरासत देहरादून 2015, दिल्ली फोटो फेस्टिवल 2015, कलर आफ उत्तराखंड, मुंबई(कौथिग) 2014 और 2105, शेड्स आफ दिल्ली- इंडियन हैबिटेट सेंटर और हाल ही में उनका लेटेस्ट एक्जिबीशन आकलैंड,न्यूजीलैंड में 16 अप्रैल- बडूली 2017 में हुआ।

मुकेश खुग्साल ने लाईट के माध्यम से इस कला में अपने आप को रचा बसा लिया है और अपनी आंखों को इस तरीके से ट्रेनिंग दी है कि वह अनदेखे और अनछुए पलों को बहुत सी खूबसूरती से अपने कैमरे में कैद कर लेते हैं। मुकेश का मानना है कि वो अपने कैमरे के ज़रिये मौजूदा पीढ़ी के साथ साथ आने वाले पीढ़ियों के लिए खूबसूरत यादें संजो रहे हैं।

सीएम रावत ने नैनीताल को दी जरुरी सौगात

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मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार सरोवर नगरी पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जनपद नैनीताल को अनुपम सौगाते दी। मुख्यमंत्री रावत ने अपने सम्बोधन में कहा कि उत्तराखण्ड के कुमायूं में प्रकृति का अनुपम सौन्दर्य सहित अनेकों पर्यटन स्थल हैं, हल्द्वानी कुमायूं का प्रवेश द्वार है। कुमायूं की जनता व पर्यटकों को हल्द्वानी से होकर गुजरना होता है, इसलिए यातायात को सुगम बनाने हेतु हल्द्वानी में 400(चार सौ) करोड की लागत से रिंग रोड का निर्माण, नैनीताल शहर में 50(पचास) करोड़ की लागत से 800 वाहनों की क्षमता वाला सुविधायुक्त बहुमंजिली पार्किंग का निर्माण की घोषणा की। उन्होनें सहकारी डेरी फैडरेशन द्वारा पशुआहार में पहले प्रयोग किये जाने वाले यूरिया के स्थान पर मैग्ना प्रयोग किया जायेगा, जिससे और शुद्ध दूध मिल सकेगा। इस पशुआहार न्यूट्रीशन को 01 मई से सब्सिडी प्रदान करते हुए 50(पचास) रूपये कम पर पशुपालकों को मुहैया कराये जाने की घोषणा भी की, जिससे लगभग 01 लाख 55 हजार पशुपालकों को लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री रावत ने नैनी झील के गिरते जलस्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि झील के गिरते जलस्तर का परीक्षण नीरी समिति द्वारा कराया जायेगा। उन्होनें कहा कि नैनी झील को जीवित रखने के लिए सरकार हर सम्भव प्रयास करेगी।

शराब की दुकान हटाने के लिये पथराव

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कमलुवागांजा मेहता गांव, हल्द्वानी में शराब की दुकान के विरोध एक स्थानीय नेता ने आत्मदाह का प्रयास कर दिया। पुलिस से उसे गिरफ्तार कर लिया है।

वहीं इससे भड़की महिलाओं ने शराब की दुकान में पथराव कर दिया। एसडीएम के शराब की दुकान हटाने के आश्वाशन के बाद लोग शांत हुए। वहीं पनचक्की और महर्षि स्कूल के पास भी शराब की दुकान खोलने को लेकर प्रदर्शन हुआ।

कमलुवागांजा मेहता में शराब की दुकान खोलने का लंबे समय से विरोध चल रहा था। अब तक दुकान नहीं हटने से आक्रोशित प्रमोद बोरा ने आज आत्मदाह का प्रयास कर दिया।

पुलिस ने प्रमोद को गिरफ्तार कर लिया है। आक्रोशित महिलाओं ने शराब कारोबारी व शराब की दुकान पर पथराव दिया। महिलाओं ने डंडे व दरांती लेकर शराब कारोबारियों को दौड़ाया।

सलाद के 521 जायकों से बना नया कीर्तिमान

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दो वर्ल्ड रिकॉर्ड समेत तीन कीर्तिमान बना चुके ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी देहरादून के शिक्षकों और छात्र छात्राओं ने एक और रिकॉर्ड कायम कर दिया। दो घंटे 41 सेकेंड में 521 तरह के सलाद बनाकर ग्राफिक एरा के होटल मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के छात्रों और शिक्षकों ने यह चौथा कीर्तिमान बनाया है।

आज दोपहर सरकार के कई विभागों के अधिकारियों और विशेषज्ञों के निरीक्षण के बाद यह नया रिकॉर्ड बन जाने की घोषणा की गई। ग्राफिक एरा ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. कमल घनशाला ने यह नया कीर्तिमान बनाने वाली टीम को 51 हजार रूपये का पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने कहा कि दुनिया को हजारों कामयाब प्रोफेशनल देने वाला ग्राफिक एरा छात्र-छात्राओं को ऐसा माहौल देता है कि वे विश्व स्तर की स्पर्धाओं में शामिल और सफल हो सकें। यह चौथा रिकॉर्ड इसी का परिणाम है।

होटल मैनेजमेंट के विभागाध्यक्ष डॉ. विनय राणा ने बताया कि दुनिया में सबसे ज्यादा तरह की और सबसे ज्यादा चीजें डालकर 521 अनूठे सलाद तैयार किए गए हैं। इनमें शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह के सलाद शामिल हैं। ये सलाद तैयार करने से पहले शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने तीन महीने सलाद के प्रकारों और उनमें विभिन्न पदार्थ मिलने पर बनने वाले फ्लेवर पर रिसर्च की। एक साथ इतने ज्यादा तरह के सलाद बनाने के लिए एक माह से तैयारियां की जा रही थीं।

विशेषज्ञ के रूप में आये यूसर्क के निदेशक डॉ. दुर्गेश पंत ने कहा कि सलादों पर बहुत व्यापक स्तर पर रिसर्च के कारण ग्राफिक एरा यह कीर्तिमान स्थापित कर सका है। इसके जरिये यूनिवर्सिटी ने दुनिया के इस हिस्से के लिए नए आयाम खोल दिये हैं। विशेषज्ञ के रूप आये उद्यान एवं खाद्य प्रस्संकरण के अपर निदेशक डॉ. रतन कुमार ने 521 तरह के सलाद बनाकर ग्राफिक एरा ने लोगों को एक राह सुझाई है।

यह रिकॉर्ड लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के लिए बनाया गया है। कीर्तिमान बनाने वाली टीम टी-26 के लीडर असिस्टेंट प्रोफेसर चंद्रमौली ढौंढियाल ने कहा कि सलाद तैयार करने के लिए चार सौ से ज्यादा तरह की सब्जी, फल, मसाले, अनाज, मीट उत्पाद, दुग्ध उत्पाद, जड़ी बूटियों आदि का इस्तेमाल किया गया है। श्री चन्द्रमौली ने कहा कि इनमें से करीब 60 तरह के सलाद परम्परागत रूप से दुनिया में बनाये जाते हैं। बाकी सलाद खुद रैसीपी तैयार करके बनाये गए हैं। लिम्का बुक में इस कीर्तिमान को शामिल कराने के लिए इसके दस्तावेज और विशेषज्ञों की रिपोर्ट भेजी जा रही है।

 

“गाडू घड़ी” के साथ शुरु हो गई बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तैयारी

शनिवार से भगवान बद्री विशाल के कपाट खुलने की परम्परा का श्री गणेश हो गया है। सदियों पुरानी गाडू घडी परम्परा के तहत आज टिहरी राज़ परिवार की महिलाओं और अन्य महिलाओं द्वारा हाथों से निकाले तिलों के तेल को घड़ों में भरकर बद्रीनाथ धाम के लिए रवाना किया गया। इसी तेल से 6 मई सुबह 4:15 बजे को कपाट खुलने के बाद अगले 6 महीने भगवान का श्रृंगार और पूजा अर्चना की जायेगी।

गौरतलब है कि परम्पराएं  संस्कृति की संवाहक होती है, और अगर आधुनिकता के इस दौर मे भी ये जीवित है तो आश्चर्य होता है। जी हां हम बात कर रहे हैं उत्तराखंड में टिहरी नरेश के नरेंद्र नगर स्थित राजमहल की। जहाँ भगवान बद्रीनाथ के श्रृंगार और पूजा के लिए तिल का तेल निकलने की गाडू घडी परम्परा का आज भी पालन हो रहा है। पीले वस्त्रों से सजी-धजी सुहागिन महिलाएं राजमहल में रानी के साथ तेल कलश को भरने के लिये तिलों का तेल निकालती हैं। यह परम्परा राज परिवार सदियों से निभाता आ रहा है। तेल कलश को भरने के लिये ये महिलायें पूरे दिन बिना कुछ खाए पिए मुह पर पीले रंग का कपडा बांध कर तेल निकालने का काम करती है। ये पूरा काम टिहरी की महारानी और राज परिवार से जुड़ी महिलाओं के साथ सुहागन महिलाऐं भी करती है।

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सुबह से ही व्रत रख कर भगवान की सेवा के लिए दूर दराज के क्षेत्रों से आई सभी महिलाएं किसी न किसी रूप से राज महल की इस परम्परा से जुड़ी हुई हैं। अपने हाथों से तिल को पीस कर उसका तेल निकाल कर भगवान बद्री  विशाल को अपनी श्रद्धा प्रकट करती हैं। उनके द्वारा निकाले गए तेल से शीतनिद्रा से जागने के बाद रोज ही भगवान की मूर्ति की मालिश और अभिषेक किया जायेगा। इस परम्परा से जुड़ कर सभी जन्मो-जन्मो का पुन्य कमा लेती है और अपने को सौभाग्यशाली मानती है।महल में शाम को पूजा अर्चना के बाद राज परिवार इस गाडू घडी को बद्रीनाथ से आये डिमर समुदाय के पुजारियों को सौंप कर रवाना करता है। फिर ये गाडू घडी तेल कलश विभिन पंच प्रयागों से होता हुआ बद्रीनाथ धाम पहुंचता है, जहाँ ये साल भर भगवान बद्री विशाल की पूजा अर्चना और श्रृंगार के काम आएगा। सदियों से चली आ रही इस परंपरा को टिहरी राज परिवार बखूबी से निभाता चला आ रहा है | मान्यता है कि टिहरी के राजा को भगवान बद्रीनाथ का बोलता रूप कहा जाता है। लिहाज़ा बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारी भी इसे राज परिवार का भगवान के प्रति समपर्ण मानते है।

दून का युवक मलेशिया में फंसा,सरकार से मदद की गुहार

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पाक में कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि उत्तराखंड के एक युवक के मलेशिया में फंसे होने का मामला सामने आया है। वहीं  परिजनों ने इस मामले में उत्तराखंड सरकार से मदद की गुहार लगाई। युवक के मलेशिया में फंसे होने से परिजन काफी परेशान हैं।

गौरतलब है कि दून के जौनसार बावर में रहने वाले संजय सिंह चौहान मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में मलेशिया जेल में बंद हैं। चकराता के बरौंथा क्षेत्र के रहने वाला संजय, मार्च 2013 में दिल्ली की प्रीमियम प्लाजा कम्पनी के लोगों के सम्पर्क में आया। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे पचास हजार रुपये भी जमा करा लिये गये। सितम्बर 2013 में कम्पनी का काम बताकर संजय को मलेशिया भेजा गया, जहां क्वालालमपुर में ड्रग्स तस्करी के आरोप में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

चंपावत के युवक को भी बनाया गया था बंधक:

वहीं बीते महीने मलेशियों में चंपावत के युवक को बंधक बनाने और उत्पीड़न करने का एक मामला सामने आया था। युवक के परिजनों ने इस मामले में भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई थी। मूल रूप से चंपावत जिले के लोहाघाट ब्लाक स्थित हथरंगिया निवासी जगत सिंह ने मलेशिया से परिजनों को फोन कर मदद की गुहार लगाई। जगत सिंह के फोन आने के बाद उसके घर में कोहराम मचा गया। सभी ने उसकी सलामती की दुआ मांगी थी। जगत सिंह की पत्नी नीलम देवी ने बताया कि तीन साल पहले होटल में काम करने के लिए वह मलेशिया गया था। इसके लिए जगत सिंह ने तीन साल का वीजा बनाया था। उसने बताया कि बीती 24 जनवरी की सायं मलेशिया से जगत सिंह का फोन आया कि उसके वीजा की अवधि समाप्त हो गई। वह जिस होटल में वह काम करता है, उसके मालिक ने पासपोर्ट जब्त कर लिया और जबरन काम करवा रहा था। उसने बताया कि टार्चर की डर से वह होटल से कहीं भाग गया है।