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कैलाश मानसरोवर मार्ग बंद

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धारचूला-लखनपुर, पिथौरागढ के पास मलबा आ जाने से कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग बंद हो गया है। मलबे से कैलाश मानसरोवर पैदल यात्रा पथ ध्वस्त हो गया है। इसकी वजह से भारत-चीन व्यापार के लिए गुंजी मंडी भेजा जा रहा भारतीय व्यापारियों का सामान मार्ग में फंस गया है, जिससे व्यापारी खासे परेशान है।

व्यास घाटी के अंतर्गत आने वाले बूंदी, गुंजी, गब्र्यांग, कुटी, नपल्च्यू आदि गांवों के तमाम परिवार मार्ग में फंस हुए हैं। इन परिवारों के साथ जानवर भी हैं, ये परिवार घाटियों में माइग्रेशन पूरा कर वापस अपने मूल गांवों को लौट रहे हैं। मार्ग में फंसे ग्रामीणों को तमाम परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।

भारत-चीन व्यापार समिति के अध्यक्ष जीवन सिंह रौंकली की अगुवाई में व्यापारियों ने शुक्रवार को एसडीएम आरके पांडे से मुलाकात की और उन्हें मार्ग में फंसे लोगों की जानकारी दी। एसडीएम ने सड़क निर्माण कर रही एजेंसी को मार्ग को अविलंब खुलवाए जाने के निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड में 20 फीसदी महंगी हो सकती है बिजली की दरें

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अभी तक उत्तराखंड में सबसे सस्ती बिजली उपभोक्ताओं को देने की बात कही जाती है, लेकिन अगर पावर डेवलेपमेंट फंड पर रिटर्न आफ इक्विटी यूजेवीएनएल को मिली तो दरों में 20 फीसद की बढ़ोत्तरी हो जाएगी। यूईआरसी यूजेवीएनएल की इस मांग को खारिज कर चुका है। लेकिन अब एपेलेट ट्रिब्यूनल फॉर इलेक्ट्रिसिटी (एप्टेल) का फैसला जल्द ही इस प्रकरण में आने वाला है।

दरअसल, मनेरी भाली-द्वितीय (304 मेगावाट) परियोजना निर्माण के लिए राज्य सरकार से पावर डेवलेपमेंट फंड (पीडीएफ) से करीब 350 करोड़ रुपये दिए थे। परियोजना से वर्ष 2007-08 से बिजली उत्पादन शुरू हुआ। पीडीएफ के नियमानुसार 10 साल से पुरानी और ऐसी परियोजना जिनका टैरिफ यानी बिजली दरें 80 पैसे कम हैं, उन पर 30 पैसे प्रति यूनिट की दर से पीडीएफ सेस लगना शुरू हो गया।

उत्तराखंड पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) इस सेस उपभोक्ताओं से वसूल करता है। उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) पीडीएफ पर प्रतिवर्ष 16 फीसद के हिसाब से रिटर्न ऑफ इक्विटी मांग रहा है। ब्याज समेत अब तक यह रकम साढ़े आठ सौ करोड़ रुपये पहुंच गई है। अगले साल तक यह करीब एक हजार करोड़ रुपये हो जाएगी।

यूजेवीएनएल की याचिका को खारिज करते हुए यूईआरसी ने कहा था कि सेस उपभोक्ताओं से वसूल हो रहा है। अगर रिटर्न ऑफ इक्विटी दी गई तो उपभोक्ताओं पर दोहरी मार पड़ेगी। क्योंकि यूपीसीएल का खर्च बढ़ेगा और इससे टैरिफ में बढ़ोत्तरी होगी। यूईआरसी के इस निर्णय के खिलाफ यूजेवीएनएल एप्टेल चला गया था। आने वाले एक-दो हफ्ते में इस मामले में फैसला आना है। यूईआरसी सचिव नीरज सती ने बताया कि एप्टेल में पक्ष रख दिया है।

ऐसे बढ़ेंगी दरेंः

यूईआरसी ने ऊर्जा निगम का वर्ष 2017-18 का राजस्व 5840 करोड़ रुपये अनुमोदित किया है। अगर यूपीसीएल को रिटर्न ऑफ इक्विटी देनी पड़ी तो करीब एक हजार करोड़ का भार पड़ेगा। इसकी पूर्ति के लिए गणना के अनुसार बिजली दरों में करीब 20 फीसद की वृद्धि बैठती है। बता दें कि पिछले महीने ही यूईआरसी ने बिजली दरों में 5.72 फीसद की बढ़ोत्तरी की थी।

उद्यमियों का भारी विरोधः

पीडीएफ सेस का पैसा यूजेवीएनएल को देने का विरोध उद्यमी यूईआरसी में हुई कईं बैठकों में कर चुके हैं। यूईआरसी की सलाहकार समिति के सदस्य और इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता का कहना है कि पावर डेवलेपमेंट का पैसा जनता का ही है। इसलिए रिटर्न ऑफ इक्विटी का कोई मतलब नहीं बैठता है। इसका हर स्तर पर विरोध होगा।

उद्यमियों का भारी विरोधः

पीडीएफ सेस का एक मामला पावर ट्रांसमिशन कार्पोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड का भी है। यह रकम 181 करोड़ रुपये है। हालांकि अगर यूजेवीएनएल के हक में एप्टेल का फैसला आया तो यह पिटकुल के केस में भी लागू होगा।

वर्तमान में बिजली की औसत दरें (रुपये प्रति यूनिट) ः

  • घरेलू——————-3.89
  • अघरेलू————— 5.69
  • एलटी उद्योग——–5.38
  • एचटी उद्योग——–5.41

ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे पर मैक्स और ट्रोला वाहन की भिड़त

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ऋषिकेश-बद्रीनाथ  हाईवे पर व्यासी के समीप एक मैक्स और ट्राला की टक्कर में मैक्स सवार ग्यारह लोग घायल हो गए। दो घायलों को गंभीर अवस्था में हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया है। बाकी  पांच लोगों का राजकीय हॉस्पिटल ऋषिकेश में उपचार चल रहा है।

मैक्स वाहन ऋषिकेश से कर्णप्रयाग की ओर जा रहा था। सुबह करीब 7:30 बजे व्यासी के निकट ऋषिकेश की और आ रहे एक ट्राला वाहन से मैक्स की टक्कर हो गई। जिसमे 11 लोग घायल हो गए। दुर्घटना के कारण रास्ता बंद हो गया। हालांकि बाद में पुलिस ने रास्ता खुलवा दिया,ऋषिकेश में  घायलों का इलाज कर रहे डॉ एम के सैनी ने बताया की फिलहाल घायलों का इलाज चल रहा है जिनकी हालत थोड़ी गंभीर थी उन्हें दून और जॉलीग्रांट हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया गया है।

भाजपा विधायक चीमा के खिलाफ याचिका दायर

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नैनीताल हाई कोर्ट, ने काशीपुर के भाजपा विधायक हरभजन सिंह चीमा को चुनाव में दिए गए हलफनामे में गलत जानकारी देने के मामले में सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया है। साथ ही चीमा के साथ भारत निर्वाचन आयोग व रिटर्निग अफसर को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

काशीपुर निवासी व हालिया विस चुनाव में पराजित प्रत्याशी राजीव अग्रवाल ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर विधायक चीमा का निर्वाचन निरस्त करने की मांग की है। याचिकाकर्ता का कहना है कि चीमा ने फर्जी दस्तावेज संलग्न कर नामांकन पत्र दाखिल किया है। साथ ही अपने इनकम टैक्स में देयकों को छिपाया है। कहीं हाईस्कूल पास तो कहीं स्नातक पास दिखाया है। इसके अलावा पैनकार्ड में जन्म तिथि आठ जनवरी 1944 दर्शायी है तो पासपोर्ट में सात अप्रैल 1946 है।

इसकी शिकायत निर्वाचन आयोग से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। न्यायाधीश न्यायमूर्ति एसके गुप्ता की एकलपीठ ने मामले को सुनने के बाद विधायक चीमा व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। बता दें कि गुरुवार को चीमा के अधिवक्ता ने हाई कोर्ट में याचिका खारिज होने की जानकारी मीडिया को दी थी।

वकील हो तो साबित भी करो !!

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उत्तराखंड, नैनीताल बार काउंसिल के अध्यक्ष व महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के निर्देश पर अधिवक्ताओं के प्रमाणपत्रों का सत्यापन किया जा रहा है। इसके मद्देनजर काउंसिल में पंजीकृत 12 हजार पांच सौ अधिवक्ताओं से सत्यापन फार्म लेने के लिए कहा गया था जिनमें से दस हजार पांच सौ अधिवक्ताओं ने ही फॉर्म के लिए आवेदन किया। फॉर्म लेने के बाद भी केवल 7252 अधिवक्ताओं ने ही सत्यापन के लिए आवेदन किया। इससे साफ है कि राज्य में दो हजार अधिवक्ताओं की डिग्री या तो फर्जी है या वे प्रेक्टिस नहीं कर रहे।

बार काउंसिल सभागार में गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस करते हुए महाधिवक्ता बाबुलकर ने कहा कि विधि आयोग की ओर से अधिवक्ता विधेयक में संशोधन की सिफारिशें गलत हैं। बार काउंसिल में रिटायर जज व अफसर की भूमिका निर्धारित करना, काउंसिल में कोर्ट के आदेश पर दस फीसद पद चार्टेड एकाउंटेंट व डॉक्टरों से भरना गलत है। इन सिफारिशों के विरोध में शुक्रवार को हाई कोर्ट व जिला बार एसोसिएशन प्रस्तावित विधेयक की प्रतियां जलाएगा जबकि अखिल भारतीय स्तर पर दो मई को अधिवक्ता राजघाट से संसद तक मार्च निकालेंगे।

बाबुलकर ने कहा कि अधिवक्ता कल्याण के लिए मुख्यमंत्री की एक करोड़ बजट प्रावधान की घोषणा को पूरा करवाया जाएगा। इसके लिए वह जल्द मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। साथ ही अधिवक्ताओं के लिए अंशदायी योजना का बार काउंसिल की ओर से भेजे गए प्रस्ताव मंजूर कराने के प्रयास किए जाएंगे। वहीं बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष की विशेष कमेटी के सदस्य हरि सिंह नेगी व चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में अधिवक्ता हित के लिए कोई योजना नहीं बनाई गई।

काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष की विशेष कमेटी के सदस्य तिवारी ने कहा कि अब तक जांच पूरी होने के बाद अब तक 80 अधिवक्ताओं को प्रमाणपत्र जारी हो चुके हैं। 350 अधिवक्ताओं के प्रमाणपत्रों की जांच पूरी होने के बाद उन्हें भी जल्द प्रमाणपत्र जारी होंगे। अब तक 20 अधिवक्ताओं के प्रमाणपत्र व डिग्री फर्जी पाई गई हैं। कुछ का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया जबकि शेष की निरस्त करने की सिफारिश की जा चुकी है।

आपदा से निपटने के लिए ठोस रणनीति- सीएम

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CM to interact directly with people

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पिथौरागढ़ मे कहा कि उनकी सरकार आपदा से निपटने के लिए नीति बना रही है। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रदेश सरकार बटुए को देखते हुए घोषणाएं करेगी। कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर प्रदेश के सभी मंत्रियों के वाहनों से लालबत्ती उतर गई है।

आज सीएम रावत जनमिलन कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से वार्ता करते कर रहे थे। उन्‍होंने कहा कि हल्द्वानी में बच्ची के साथ हुए दुराचार और पिथौरागढ़ में महिला के साथ बैंक कर्मी के यौन शोषण मामले उनके संज्ञान में है। इन मामलों की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। पुलिस क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी के निर्देशन पर जांच हो रही है।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सीमांत में प्रवास कर रही है। इस प्रवास के माध्यम से सीमांत और पिछड़े क्षेत्र के लोगों को सरकार के प्रति विश्वास जगाना है। सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों के सीमांत और पिछड़े क्षेत्रों में प्रवास करने से सीमांत की जनता को सरकार की उनके प्रति सजगता का पता चलेगा और विश्वास बनेगा। सीएम ने कहा कि उनकी सरकार कोरी घोषणाएं नहीं करेगी। अपना बटुवा देखते हुए ही घोषणाएं करेंगी। जिन कार्यों की घोषणा होगी उन पर तत्काल अमल भी किया जाएगा। स्वच्छ भारत अभियान के संबंध में उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए गए इस अभियान को प्रदेश में प्राथमिकता के साथ चलाया जाएगा। साफ और स्वच्छ उत्तराखंड के सपने को साकार किया जा रहा है।

मोरी में लगी आग ने खोली प्रशासन के तैयारियों की कलई

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मोरी में चार मकानों पर आग लगनेे से प्रशासन की तैयारियों की कलई खुल गई हैं।आग लगने से लाखों का सामान जलकर खाक हो गया, जिससे नाराज ग्रामीणों ने अग्निशमन केंद्र खोलने को लेकर रोड पर चक्का जाम किया। इसके साथ ही आसपास की दुकाने बंद कराई गई।कहने के लिए सर्तक प्रशासन, काफी देर तक नही पहुँचा मौके पर जिसकी वजह से ग्रामीणों में रोष था।

बताते चलें कि यह पहली बार नहीं हुआ है, कई बार आगजनी की घटना से क्षेत्र में काफी नुकसान हो चुका है। मोरी के अग्निशमन केंद्र पुरोला से घटना स्थल पर पहुचने में काफी समय लगता है जिसकी वजह से क्षेत्रीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

उत्तराखंड एक ऐसा राज्य हैं जहां जंगलों में लगने वाली आग से बचने के लिए आए दिन माॅक ड्रिल कराई जाती है लेकिन मौका पड़ने पर कुछ भी काम नहीं आता। मोरी में लगने वाली आग को बुझाने के लिए प्रशासन देर से पहुंचा तब तक लाखों का सामान खाक हो चुका था। गुरुवार को हुई माॅक ड्रिल में यह दिखाया गया था कि फारेस्ट डिर्पाटमेंट आए दिन लगने वाली आग के लिए सर्तक हैं और सारी तैयारियां पूरी हैं। लेकिन यह सारी तैयारियां धरी की धरी रह गई जब असल में आग लगी।

आग लगने वाला क्षेत्र मोरी, देहरादून से लगभग 160 किमी दूर है जबकि पुरोला से केवल 75 किमी जहा अग्निशमन केंद्र मौजूद है, इसके बावजूद मदद के लिए फारेस्ट डि्पार्टमेंट और प्रशासन दोनों नाकामयाब रहे।

स्कूल में छेड़छाड़ रोकने के लिए रहेगी शिकायत पेटी

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एसएसपी जन्मेजय खंडूरी की एक नई पहल जिससे स्कूलों में छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए स्कूलों में लगाई पुलिस शिकायत पेटी, अब तक हल्द्वानी के 23 स्कूलों में लगाई गई है ये शिकायत पेटी। बच्चे अपनी शिकायतों को पुलिस शिकायत पेटी के माध्यम से अधिकारीयों के सामने रखेंगे। एसपी सिटी यशवंत सिंह करेंगे इसकी मॉनिटरिंग।

हाल ही में, हल्द्वानी तिकोनिया स्थित ओरम स्कूल में एक शिक्षक पर पांच साल की बच्ची से छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया था। बताया जा रहा है कि पहली कक्षा की छात्रा से एक शिक्षक पिछले कुछ दिनों से छेड़छाड़ कर रहा था। बच्ची ने जब परिजनों को इसकी शिकायत की तो वे आग बबूला हो गए। इसके बाद परिजनों के साथ ही शहर के तमाम संगठनों के लिए स्कूल पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया था अौर घंटो तक राज्य मार्ग बाधित रहां,  जिसके चलते एसएसपी हरकत में आये और अब स्कूलों में शिकायत पेटी रखने से बच्चें अपनी शिकायत खुद पुलिस तक पहुंचा सकेंगे, इसकी पहल करी।

कहीं ओलावृष्टी तो कहीं फटा बादल

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मुनस्यारी क्षेत्र में गत रात तेज आंधी के साथ हुई बारिश के दौरान ओले भी गिरे। साथ ही कई स्थानों पर आकाशीय बिजली भी गिरती रही। इससे करीब 70 भेड़ मर गईं। यही नहीं वनिक के पास मलबा आने से थल-मुनस्यारी मार्ग यातायात के लिए बंद हो चूका है।

मुनस्यारी तहसील के कालामुनी और होकरा सैंरांथी क्षेत्र में भारी बारिश ओलाबृष्टि हुई। इस दौरान सैनरांथी क्षेत्र में मध्य रात्रि तक बज्रपात होते रहे। आकाशीय बिजली की चपेट में आने से सैंरांथी में 70 भेड़ मर गई। थल मुनस्यारी मार्ग में वनिक के पास नाला उफान में आने से कुछ मीटर सड़क बह गई है।

मार्ग बंद होने से मौके पर दर्जनों वाहन फंसे हैं। इसमे पर्यटक वाहन भी शामिल हैं। लोनिवि कर्मी सड़क खोलने में जुटे हैं। ओलावृष्टि से फसलें नष्ट हो चुकी हैं। राजस्व विभाग की टीम नुकसान का जायजा लेने सैंरांथी पहुंच चुकी है।

दावत के नाम पर रचा गया षडयंत्र

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अल्मोड़ा, के विकासखंड धौलादेवी में ग्राम विकास अधिकारी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव दो मंजिले से खींच कर नीचे लाया गया। हत्यारों ने पीट-पीट कर हाथ तक तोड़ डाले। राजस्व पुलिस ने शक के आधार पर उद्यान विभाग के सचल दल प्रभारी को हिरासत में लिया है।

मूलरूप से बागेश्वर के लोहार खेत निवासी पनीराम पिछले दस साल से धौलादेवी में ग्राम विकास अधिकारी थे। पनीराम, भनोली की ओर जाने वाली सड़क किनारे स्थित एक मकान के दो मंजिले पर रहते थे। इसी मकान के बगल में उद्यान विभाग का सचल केंद्र भी है। इसमें सचल दल प्रभारी, ग्राम मेल्टाजोल निवासी, दीपक बिष्ट रहता है। पुलिस के मुताबिक बुधवार रात सचल केंद्र में मीट बनाया गया था। मीट बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी के मेट (मजदूर) खीम सिंह, पुत्र नैन सिंह, निवासी रैपड़ गुणादित्य को बुलाया गया था। मीट बनाने और खाने के बाद खीम सिंह ड्यूटी पर चला गया। इसके अलावा घटना स्थल पर मौजूद एक जेई भी था। रात में खाना खाने के बाद पनीराम अपने कमरे में चला गया।

पुलिस मान रही है कि कत्ल की योजना पहले से ही बनाई जा चुकी थी। जैसे ही पनीराम अपने कमरे में पहुंचा तो उसे घेर लिया गया। घर में ही पड़ी लकड़ी की कुर्सी के दो डंडों से पनीराम के सिर पर ताबड़तोड़ हमले किए गए। उसके दोनों हाथ तोड़ डाले गए। कमरे की दीवारें और फर्श खून से सना हुआ था। वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारे पनीराम के शव को दो मंजिले की सीढि़यों से खींचते हुए नीचे ग्राउंड फ्लोर में लाए और बरामदे में फेंक कर फरार हो गए। गुरुवार सुबह साढ़े छह बजे सचल दल प्रभारी दीपक बिष्ट ने लाश देखी और सूचना ग्राम प्रधान खीमानंद पालीवाल को दी।

राजस्व पुलिस के साथ एसडीएम ए.के सिंह मौके पर पहुंचे। दोपहर बाद फोरेंसिक एक्सपर्ट ने भी घटना स्थल से सुबूत जुटाए। बाद में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ कत्ल और एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज लिया। शक के आधार पर हिरासत में लिए दीपक बिष्ट से पूछताछ कर पुलिस मामले की तह तक जाने में जुटी है।