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कलयुगी शिक्षक का बेनकाब हुआ चेहरा

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हल्द्वानी में एक बार फिर शिक्षक और छात्र का पवित्र रिस्ता दागदार हुआ है। फेल करने की धमकी देकर छात्रा का शोषण करता रहा कलयुगी शिक्षक के खिलाफ परिजनों ने की शिकायत।मुखानी थाना क्षेत्र के एक प्राथमिक विद्यालय की  छात्रा से यौन शोषण का मामला सामने आया है। एक शिक्षक पर छात्रा को डरा-धमकाकर शारीरिक शोषण का आरोप है।

चार दिन से शिक्षा अधिकारी मामले को दबाने की कोशिश करते रहे और अभी तक पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। विरोध में अभिभावकों और ग्रामीणों ने स्कूल में हंगामा किया और कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है। मुखानी थाना क्षेत्र के एक विद्यालय में पढऩे वाली पांचवी की छात्रा ने अपने पिता को बताया कि एक शिक्षक छुट्टी के बाद उसे स्कूल में रोक लेता है और गंदी हरकतें करता है। मना करने पर पीटने और फेल करने की धमकी देता है।

प्रकरण सामने आने के बाद सोमवार को जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक, गोपाल स्वरूप भारद्वाज और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा, जांच के लिए स्कूल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित बालिका, परिजनों के साथ ही कई अन्य ग्रामीणों से पूछताछ की। इस दौरान आरोपी शिक्षक नदारद मिला। छात्रा के पिता और ग्राम प्रधान ने खंड शिक्षाधिकारी को कार्रवाई के लिए लिखित शिकायत की है।

भारी बारिश से नैनीताल में आफत

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भारी बारिश ने सरोवर नगरी नैनीताल में लोगों की आफत मचा दी है। झील में गिरने वाले दर्जनों नाले उफान पर आ गए। जगह-जगह सड़क पर मलबे के ढेर लग गए। मंगलवार तड़के पौने तीन से साढ़े चार बजे तक नैनीताल में भीषण बारिश हुई। इस दौरान झील में गिरने वाले दर्जनों नाले उफन पड़े। बाजार की नालियां चोक होने से गंदगी घरों में घुस गई। इस दौरान ओले भी गिरे।

बीती रात से बिगड़ा मौसम ने एकदम रुद्र रूप अख्तियार कर लिया। गरज चमक के साथ भारी बारिश हुई। मल्लीताल बड़ा बाजार निवासी निजी स्कूल की शिक्षिका वर्षा मेहरोत्रा के अनुसार नाला चोक होने से पानी का रुख बदला और गंदगी उनके घर मे घुस गई। इस दौरान नयना देवी मंदिर की दीवार भी ढह गई।

शहर के संपर्क मार्गो पर मलबा जमा है। माल रोड में भी मलबा जमा हुआ है। बारिश से मामूली ही सही झील का जलस्तर भी बढ़ा है। इससे स्थानीय लोगों की चिंता कम हुई है। बारिश ने पालिका के सफाई इंतजाम और शहर को स्वच्छ रखने के दावों की कलई खुल गई। फिलहाल बारिश रुक गई और आसमान में घने बादल छाए हैं। मौसम वैज्ञानिक इसे लोकल मानसून का असर बता रहे हैं।

चारधाम यात्रा में अब तक गई एक दर्जन से ज्यादा जानें

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चारधाम यात्रा शुरु होने के 19 दिनों में लगभग 17 श्रद्धालुअों की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। स्वास्थ विभाग के अनुसार इसका ठीकड़ा भी श्रद्धालुओं पर ही फोड़ा गया है यह कहते हुऎ कि आने वाले श्रद्धालु यात्रा के दौरान नियमों का पालन नहीं करते जिसकी वजह से इसका खामियाजा, खासकर ज्यादा उम्र के लोगों को भरना पड़ रहा है।

28 अप्रैल से शुरु हुई चारधाम  यात्रा में केदारनाथ में अब तक 8 जानें गईं है, बद्रीनाथ में 3, गंगोत्री और यमुनोत्री में कुल 6 मौत हुई हैं। कुल मिलाकर 10 आदमी और 7 औरतों की मृत्यु हुई हैं जो देश के अलग-अलग कोने जैसे कि महाराष्ट्र, केरला,गुजरात और राजस्थान से चारधाम यात्रा पर यहां आए थे। चारधाम यात्रा के हेल्थ डिर्पाटमेंट की नोडल आफिसर डा.तृप्ति बहुगुणा ने बताया कि मरने वालों की संख्या में से एक की जान सर में लगी चोट की वजह से हुई तो बाकी जाने दिल का दौरा पड़ने से या कुछ केसों में अज्ञात बीमारियों की वजह से हुई है, जिसके बारे में खुद मरीज या उनके घर वालों को नहीं पता था। हाइपोर्थमिया (जब शरीर का तापमान बहुत कम होता जाता है) और हाइपोक्सेमिया (खून में आक्सीजन की कमी) की वजह से दिल का दौरा श्रद्धालुओं की मौत का कारण बन रहा है।

स्वास्थ विभाग के आंकड़ों के अनुसार मरने वालों में सबसे कम उम्र की औरत 40 साल की थी, जिसकी मौत केदारनाथ धाम में दर्शन के लिए लाइन में लगने के दौरान दिल का दौरा पड़ने से हुई। इसके अलावा चंडीगढ़ से एक 45 साल के आदमी की भी जान यँहा गई । 2016 यात्रा में 6 महीने के अंदर दिल का दौरा पड़ने से लगभग 39 लोगों की मौत हुई थी, जिसमें 14 लोग केदारनाथ, बद्रीनाथ में 10, यमुनोत्री में 9 और गंगोत्री में 6 की मौत हुई थी। डा.बहुगुणा ने बताया कि यात्रा के दौरान मौत होने वाले श्रद्धालुओं में से ज्यादा की उम्र 60 साल के असपास थी और उनमें से ज्यादा लोग हाई और लो ब्लडप्रेशर, डायबिटिज औऱ सांस की समस्या से ग्रसित थे।

वर्तमान सरकार ने आने वाले श्रद्धालुओं को बहुत सी सुविधाएं देने का वायदा किया था उनमें से एक था टेलीमेडिसीन जिसमें यात्रा के दौरान बीमार पड़ने वाले यात्रियों को बेहतर इलाज देने की बात कही गई थी, लेकिन यह वादे खोखले निकले।

नैनी झील को बचाने ख़ास और आम पहुँचे सीएम के दरबार

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विश्व प्रसिद्ध नैनी झील की हालत को लेकर अब दिन पर दिन चिन्ता बढ़ती जा रही है। शहर के जागरूक लोगों व पर्यावरणविदों का मानना है कि अब तक बचे वैटलैंड यानि जलागम क्षेत्रों को बचाना पहला कदम होना चाहिए। नैनी झील के लगातार जल स्तर गिरने का कारण नैनीताल के जलागम क्षेत्रों में अंधाधुंध निर्माण कर उन्हें कंक्रीट के जंगलों में तब्दील करना ही रहा। एक दर्जन से अधिक जलागम क्षेत्रों में आज मानव बस्तियां बस गई है। वैटलैंड चिन्हित नहीं होने से कई स्थानों में सरकारी आवास बन गये। भू-गर्भ शास्त्रियों के अनुसार नैनी झील के जिन जलागमों को पुनर्जीवित करने की सम्भावना है उन्हें फिर विकसित किया जाना चाहिए। जिनमें प्रमुख रूप से सूखाताल, शेरवुड, टिफिन टॉप व अन्य स्थल हैं। आज नैनी झील की गहराई गाद के कारण दो से चार मीटर तक कम हो गई है। जलागम क्षेत्रों का संरक्षण व गाद को नहीं रोका गया तो दो दशक के बाद नैनी झील का अस्तित्व ही खत्म हो जायेगा। नैनी झील के सूखाताल जलागम को बचाने के लिए अदालत में लड़ाई लड़ रहे पर्यावरणविद प्रो. अजय रावत का कहना है कि नैनी झील के जलागम क्षेत्रों को नये सिरे से चिन्हित किया जाना चाहिए। अतीत में नैनी झील के एटीआई, पुराना राजभवन, कलक्ट्रैट हाईडिल कालोनी, सूखाताल, शेरवुड कॉलेज पार्किग, आयारपाटा, शेर का डांडा, टिफिनटाप आदि स्थल जलागम क्षेत्र थे जिनमें अब निर्माण कार्य कर दिये गये हैं। अगर समय पर जरूरी कदम नहीं उठाये गये तो झील का अस्तित्व ही खत्म हो जायेगा।

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सोशल मीडिया की मदद से हो रहे प्रयास

नैनीताल की प्रसिद्ध नैनी झील को बचाने के लिए शहर के कुछ युवाओं ने सोशल मीडिया का सहारा लिया है। युवाओं का यह ग्रुप नैनी झील के लिए सोशल मीडिया पर समर्थन तैयार कर रहा है। सोशल मीडिया की मदद से वॉलनटिअर्स तलाशे जा रहे हैं ताकि घर-घर जाकर जागरूकता फैलाई जा सके। 20 से 30 साल के युवाओं के एक ग्रुप ने वाट्सऐप पर ‘सेव नैनी लेक’ नाम से एक ग्रुप बनाया है। इस ग्रुप का इस्तेमाल झील से जुड़ी सूचनाओं और कार्यक्रमों को फैलाने के लिए किया जा रहा है।

हस्ताक्षर अभियान चलाया, शुभा मुदगल ने करायी उपस्थिति दर्ज

विश्व प्रसिद्ध नैनी झील को बचाने के लिए अब हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसमें अब तक एक हजार लोगों ने अपने हस्ताक्षर किये है और इन हस्ताक्षरों के अभी और भी बढने की सम्भावना है। सोशल मीडिया से जुड कर लोगों को इस मुहिम से जोडा जा रहा है जिसमें क्लासिकल सिन्गर शुभा मदगल ने भी अपनी सहमती दर्ज की है। शुभा मुदगल ने वाट्सअप पर दो लाईनों में अपनी बात रखते हुयें कहा कि उनके परिवार का उत्तराखण्ड और कुमाऊं से विशेष नाता रहा है यही वजह है कि वो देवभूमि के बहुत करीब है और नैनी झील का दर्द उनको झकझोर रहा है। जिसके लिए शुभा मुदगल ने कुछ उपाय भी सुझाये है साथ ही अपनी उपस्तिथि दर्ज करते हुए इस मुहिम में सहभागी बताया है।वहीं इस हस्ताक्षर के ज्ञापन को मुख्यमंत्री को देकर इसपर जल्द कार्य करने की मांग की जा रही है।

सलमान और आमिर के साथ करना चाहती हूं फिल्मः उर्वशी

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अभिनेत्री उर्वशी रौतेला  हल्द्वानी के जागेश्वर धाम के दर्शन कर मंगलवार को मुंबई लौट गई। हल्द्वानी में पत्रकारों से वार्ता के दौरान उन्होंने कहा, मैं कलाकार हूं। कलाकार को किसी भी रोल से परहेज नहीं होता। इसलिए मैं किसी भी तरह की भूमिका करने को तैयार हूं।

उत्तराखंड का ब्रांड एंबेसडर बनाए जाने की बात पर बोली अगर मुझे यह भूमिका मिलती है तो उत्तराखंड को ग्लोबल मैप पर ले जाऊंगी। उर्वशी ने कहा, उत्तराखंड बेहद खूबसूरत है, यहां पर बड़ी फिल्मों की शूटिंग भी हो सकती है, लेकिन एयरपोर्ट नहीं है। इसलिए मुंबई से कलाकार यहां पर नहीं आते। अगर एयरपोर्ट की सुविधा होगी तो राज्य में पर्यटन की संभावना कई गुना बढ़ जाएगी।

अब तक की फिल्मी व मॉडलिंग की दुनिया के बारे में कहती हैं, मैंने हर काम को एन्जॉय किया। जो भी रोल मिला, उसे पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाया। उर्वशी चैरिटी के लिए फाउंडेशन भी चला रही हैं। बोल्ड सीन वाली फिल्मों में अभिनय का जलवा बिखेरने वाली उर्वशी रौतेला बाहुबली-2 फिल्म से बेहद प्रभावित हैं। कहती हैं, अब बॉलीवुड का नजरिया बदला है। जब पीरियड फिल्मों को लोग देखना चाहते हैं, तो उसी तरह की फिल्में भी बनानी होंगी। मदर इंडिया व मुगल-ए-आजम जैसी फिल्में करना चाहती हूं।

उर्वशी कहती हैं, मेरी फेवरेट एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा, ऐश्वर्या राय व दीपिका पादुकोण हैं। मैं सलमान, आमिर व शाहरुख खान के साथ काम करना चाहती हूं। उर्वशी का मानना है कि उत्तराखंड की नारी पूरे विश्व में अपनी अलग पहचान रखती है। सुंदरता के साथ-साथ उसकी सहनशीलता और पूरे परिवार को बांधे रखने की क्षमता उसको और सुंदर बनाती है।

फाइनेंस कंपनी का मैनेजर ही निकला गेम मेकर

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जसपुर,में बाल विकास परियोजना के खाते से 20.50 लाख रूपये निकालने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया है। पुलिस बैंक कर्मियों की मिली भगत एवं गिरोह की जांच कर रही है। मुख्य आरोपी काशीपुर की एक फाइनेंस कंपनी में शाखा प्रबंधक है।

सोमवार को कोतवाली प्रभारी कमलेश भट्ट में बताया कि मोहल्ला गुजरातियान में रहने वाले रीतूराज शर्मा काशीपुर की एक फाइनेंस कंपनी में शाखा प्रबंधक हैं। अपना खाता उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा की स्थानीय शाखा तथा पत्नी का खाता ग्राम गढ़ीनेगी की शाखा में खुलवा रखा है। इससे उसने बैंक कर्मियों से अच्छे संबंध बनाकर सीडीपीओ कार्यालय के खाते का नंबर, उसमें जमा राशि एवं किस सीरियल नंबर की चेक बुक जारी हुई है कि जानकारी प्राप्त कर ली। फिर अपने गिरोह के सदस्यों से फर्जी चेक बनवाकर उत्तर प्रदेश जिला रामपुर थाना स्वार कस्बा मिलक निवासी फराज खान पुत्र मुसर्रत को दे दिया। फराज खान ने इस चेक में 20.50 लाख रुपये भरकर फर्जी संस्था कान्हा इंटर प्राइजेज के खाते में लगाकर मुरादाबाद की बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा से निकाल लिए। फराज खान को पुलिस पहले ही मुरादाबाद जेल से रिमाड पर लेकर पूछताछ कर जेल भेज चुकी है।

पुलिस के मुताबिक रीतूराज शर्मा ही मुख्य आरोपी हैं। उसने ही अपने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर रूपये निकालने का जाल बुना था। जांच अधिकारी एनसी जुर्रार ने बताया कि अवनीश कुमार, के नाम से कान्हा इंटर प्राइजेज फर्म का बैंक ऑफ बड़ौदा मुरादाबाद की शाखा में खाता था। फर्म स्वामी तलाश में पता चला कि इस पते पर इस नाम का कोई भी व्यक्ति नही रहता। तब उन्होने खाते में लगे फोटो वाले व्यक्ति की तलाश की। जो उत्तर प्रदेश जिला रामपुर थाना, स्वार कस्बा, मिलक निवासी फराज खान पुत्र मुसर्रत निकला। जिससे पूछताछ में पता चला कि जसपुर निवासी रीतूराज ने उसे चेक दिया था। पांच बार में यह पैसे उसने उसके तथा उसकी पत्नी के खाते में डलवाए।

नवजात की मौत पर हंगामा

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काशीपुर के न्यू नर्सिंग होम में नवजात शिशु की मौत पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा काटा। मामला बढ़ता देख सुरक्षा की खातिर चिकित्सकों ने स्वयं को कमरे में बंद कर लिया। सूचना पाते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दो चिकित्सकों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। परिजनों ने चिकित्सकों के डाक्यूमेंट की जांच कराने की मांग की।

ग्राम बांसखेड़ा निवासी मोहम्मद इरफान पुत्र छोटे खां ने प्रसव पीड़ा होने पर गर्भवती पत्नी को रविवार रात करीब 11 बजे मुरादाबाद रोड स्थित न्यू मैक्स नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। परिजनों ने बताया कि चिकित्सकों ने नार्मल डिलीवरी की बात कही थी। भर्ती करने के बाद पूरी रात कोई भी चिकित्सक गर्भवती को देखने के लिए नहीं आया। सोमवार सुबह छह बजे खून की कमी बताकर चिकित्सक ने बी पॉजिटिव ग्रुप का एक बोतल खून मांगा था। व्यवस्था न होने पर चिकित्सकों को खून के लिए साढ़े छह हजार रुपये भी दिए। रुपये मिलने के बाद तीन बजे महिला चिकित्सक अस्पताल पहुंची। शाम करीब चार बजे चिकित्सकों ने कहा कि हम आपको बच्चा नहीं दे सकते। इस पर परिजन भड़क गए। इसे लेकर काफी गहमागहमी होती रही। इस बीच चिकित्सक ने नवजात शिशु की मौत हो जाने की बात कही। इससे परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया। उन्होंने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा काटना शुरू कर दिया।

चिकित्सकों की डिग्री फर्जी बताकर डाक्यूमेट की जांच की मांग की। हंगामा बढ़ता देख कुछ चिकित्सक अस्पताल से खिसक गए। दो चिकित्सकों ने अंदर से कमरा बंद कर लिया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को शांत कराया। पुलिस ने दरवाजा खुलवाकर चिकित्सकों से प्रश्न किया तो वह संतुष्ट जवाब नहीं दे सके। इस पर बांसफोड़ान चौकी इंचार्ज जसविंदर सिंह ने बताया कि दोनों चिकित्सकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। साथ ही पुलिस ने बच्चे का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया।

संस्कृति और कला का मेला: “मसूरी माउंटेन फेस्टिवल 2017”

पहाड़ों की रानी मसूरी एक बार फिर स्वागत के लिए तैयार है, आप सोच रहे होंगे किसके स्वागत के लिये, तो आइये आपको बताते है – एक बार फिर मसूरी में आयोजित होने जा रहा हैं, ‘मसूरी माउंटेन फेस्टिवल’ जिसमें लेखक, पर्वतारोही, संरक्षण में रुचि रखने वाले, आर्टिस्ट, म्यूज़िशियन और फोटोग्राफरस भाग लेंगे। यह सारे कलाकार ना केवल भारत बल्कि दुनिया के हर कोने से यहाँ तीन दिन के लिये आयेंगे। यह फेस्टिवल 18-20 मई तक चलेगा।  

तीन दिन का यह फेस्टिवल बहुत से नए अनुभव लेकर अा रहा हैं, जिसमें अलग-अलग मुद्दों पर डिस्कशन, परर्फामेंस, वर्कशाप, फिल्म स्क्रिनिंग और एग्जिबिशन का आयोजन होगा। यह इवेंट बेन्नफ फिल्म फेस्टिवल वलर्ड टूर से शुरु होगा जिसके बाद नागा फोल्क और रूबेन मशान्ग्वा ब्लू कांसर्ट, वुडस्टाक स्कूल के क्वाड में परर्फाम करेंगे। फेस्टिवल डायरेक्टर के.कृष्णन. कुट्टी का कहना हैं कि इस साल फेस्टिवल का थीम ‘कन्जरवेशन’ है। कन्जरवेशन हर क्षेत्र में चाहे वह वाईल्डलाईफ हो, फ्लोरा और फोना हो, पहाड़ों से जुड़ा, चाहे देश मे हो या विदेश मे फेस्टिवल मे डिस्कस होेगा । कृष्णन कहते हैं कि “हमारे पास एक आर्टिस्ट होगा जो ‘आर्ट इन मोनेस्टरी’ को रिस्टोर करने के बारे में बताएगा। पूरे इवेंट का मुख्य आर्कषण ‘कन्जरवेशन’ होगा और यह एक ऐसा टापिक है जो पहाड़ से प्रेम करने वाले और पहाड़ों से जुड़े लोगों के लिए खास हैं।”

पिछले कुछ सालों में मसूरी माउंटेन फेस्टिवल एक प्रथा सी बन गया है, जिसके बिना पहाड़ो की रानी मसूरी अधूरी है। उम्मीद है कि हजारों की तादाद में लोग इस फेस्टिवल में हिस्सा लेंगे। हर बीतते हुए साल के साथ यह फेस्टिवल और भी ज्यादा मशहूर होता जा रहा और यह अपनी पहचान ना केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हर तरफ से वाह-वाही बटोर रहा है।

यूपी का कुख्यात “चच्चा” गैंग हिरासत में

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उत्तर प्रदेश पुलिस की नाक में दम करने वाला बुलंदशहर का कुख्यात “चच्चा” गैंग उत्तराखण्ड पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उत्तर प्रदेश में कई दर्जन डकैती, लूट और हत्याओं जैसी संगीन वारदातों को अंजाम देने वाले चच्चा गैंग की तलाश में युपी पुलिस लम्बे समय से थी लेकिन ये गैंग कभी पुलिस के हाथ नहीं चढ़ पाया। लेकिन उत्तराखण्ड के काशीपुर में माईक्रो फाईनेंस कम्पनी में डकैती करना इस गैंग के लिए भारी पड़ गया।
एक हफ्ता पहले फाईनेंस कम्पनी में लाखों की डकैंती के बाद से ही काशीपर पुलिस इस गैंग के पीछे लग गयी थी। सर्विलांस और कार की सीसीटीवी फूटेज के आधार पर पुलिस ने इस गैंग के मास्टर माइन्ड चच्चा के साथ ही छ लोगों को गिरफ्तार किया है। डकैती का खुलासा करने आये डीआईजी कुमाऊं अजय रौतेला ने बताया कि “ये शातिर गैग युपी में कई बडी वारदातों को अंजाम दे चुका है और माईक्रों फाईनेंस कम्पनी से निकाले गये एक कर्मचारी की मदद से इस गैंग ने काशीपुर में वारदात को अंजाम दिया था। जिसके बाद पुलिस लगातार ही गैंग के सदस्यों की तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस को आखिर सफलता मिल गयी और पुलिस ने डकैती में लूटे गये कैश के साथ ही इस गैंस से आधुनिक हथियार बरामद किये।”

पुलिस ने निकाली जागरूकता रैली

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मिशन सर्वोदय अभियान के तहत थाना प्रभारी ऋषिकेश निहारिका भट्ट ने पुलिस द्वारा यातायात के नियमों का पालन, दुपहिये वाहन मे हैलमेट का प्रयोग, दुपहिये वाहन मे तीन सवारी न बिठाना सड़क सुरक्षा, ड्रग के प्रति जागरुकता, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ अभियान व नारी सशक्तिकरण तथा नागरिक सुरक्षा के संबंध मे दुपहिये वाहन मे हैलमेट का प्रयोग कर, भरत मंदिर इंटर कॉलेज के 500-600 छात्र छात्राओं के साथ जागरूकता रैली का शुभारंभ किया गया।

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यह रैली भरत मंदिर इंटर कॉलेज से अंबेडकर चौक,घाटचोक, त्रिवेणी घाट, मरीन ड्राइव, 72 सीढ़ी से होते हुए वापस भरत मंदिर इंटर कॉलेज में समापन हुआ। जागरुकता रैली में ऋषिकेश की आम जनता द्वारा भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया गया व पुलिस द्वारा चलाए जा रहे जागरुकता अभियान की प्रशंसा की गई।निहारिका भट्ट ने बताया कि ऋषिकेश मे लगातार अभियान चला कर हेलमेट का प्रयोग न करने तथा तीन सवारी बैठाने वालो के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्यवाही भी की जायेंगी।