Page 767

भ्रष्टाचार की गंदगी में स्वच्छ भारत मिशन

0

स्वच्छता के मिशन पर भ्रष्टाचार की गंदगी पसरी है। जिम्मेदार लोग ही मिशन को पलीता लगा रहे हैं। मिशन के नाम पर महज खानापूर्ति कर अपनी जेब भर रहे हैं,  यह सब देखना है तो ग्राम बाबरखेड़ा, काशीपुर चले आइए। यहां स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय तो बना दिए गए, लेकिन वह किसी काम के नहीं हैं। इस वजह से आज भी लोग खुले में शौच करने के लिए मजबूर हैं।

केंद्र सरकार ने देश में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वच्छ भारत मिशन चला रखा है। लोग खुले में शौच न करें, इसके लिए शौचालय निर्माण के लिए प्रोत्साहन राशि भी दे रही है। गांव बाबरखेड़ा में 11 सौ परिवार हैं। ग्राम प्रधान ने वर्ष 2015-16 में गांव में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 500 शौचालय निर्माण कराने की सूची स्वजल परियोजना को सौंपी। परियोजना से शौचालय तो बनाए गए, मगर शौचालय की हालत देखकर वह कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। हकीकत यह है कि मौके पर शौचालयों का हाल बुरा है। शौचालय आधे-अधूरे बने हैं। शौचालयों के नाम पर महज खानापूर्ति की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि शौचालयों की गुणवत्ता खराब है और मानक के हिसाब से नहीं बनाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रोत्साहन राशि उन्हें दी होती तो वह अपने हिसाब से अच्छा शौचालय बनाते। आरोप लगाया कि शौचालय के नाम पर धांधली की गई है। इस मामले की जांच कराई जाए तो निश्चित तौर पर कई लोग जांच में फंस सकते हैं।

ट्रंचिंग ग्रउंग पर छिडा विवाद

0

प्रस्तावित ट्रंजिग ग्राउंड,रुद्रपुर पर कूड़ा डालने की सुगबुगाहट पर लोग एकत्र हो गए। उन्होंने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी कर हंगामा काटा। साथ ही सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी।

ब्लॉक के पीछे एएनझा इंटर कालेज की भूमि पर प्रस्तावित ट्रंचिंग ग्राउंड का स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि जिस तरह किच्छा मार्ग पर लोगों का जीना मुहाल है। यही हाल प्रशासन मॉडल कालोनी, प्रीत विहार, लोक विहार आदि क्षेत्रों की जनता का भी होगा। साथ ही क्षेत्र में महामारी का भी खतरा पैदा हो जाएगा।

स्थानीय लोगों को प्रस्तावित स्थल पर हलचल के साथ ही कूड़ा फेंके जाने की सूचना मिली तो आनन-फानन उनके फोन घनघनाने शुरू हो गए। सभी एकत्र होकर मौके पर पहुंचे। वहां पर नजूल संघर्ष समिति के एक पदाधिकारी भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि वह प्रस्तावित स्थल देखने आए थे। इस दौरान लोगों ने वहां पर जमकर निगम के खिलाफ नारेबाजी की। युवा नेता तजेंद्र विर्क ने कहा कि ट्रंजिग ग्राउंड पर किसी भी सूरत में बनने नहीं दिया जाएगा। कहा कि चारों तरफ आबादी के साथ ही स्कूल है।ट्रंजिग ग्राउंड, बनने से उनके स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा।

राज्य में फल-सब्जी पर मौसम की मार, करोड़ों की फसल को नुकसान

0

उत्तराखंड में मौसम की मार इस मर्तबा भी कम नहीं है, खासकर औद्यानिकी फसलों की खेती करने वाले किसानों के माथों पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं। उद्यान महकमे ने अप्रेल में ही अतिवृष्टि, आंधी-तूफान व ओलावृष्टि से हुई क्षति का आकलन कराया तो चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई।

आठ जिलों में 33 से 60 फीसद तक फसलें चौपट हो गईं, जबकि बाकी में 33 फीसद से कम। नुकसान 126 करोड़ रुपये का आंका गया है। विभाग के मुताबिक इस बारे में शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। साथ ही मई में हुए नुकसान के संबंध में सभी जिलों से रिपोर्ट मांगी गई है।

781156df-254e-42db-96c8-d55d4fb06686

प्री-मानसून सीजन में राज्य में थंडर स्ट्रॉम (गरज-चमक के साथ बारिश, आंधी-तूफान व ओलावृष्टि) अधिक बनते हैं। इस मर्तबा भी अप्रेल में इनकी अच्छी खासी संख्या रही, जिससे औद्यानिकी फसलों विशेषकर सेब समेत अन्य फलों के अलावा सब्जियों व मसालों को भारी नुकसान पहुंचा है। उद्यान निदेशक डॉ.बीएस नेगी के मुताबिक अप्रेल में हुई क्षति का सभी जिलों से ब्योरा मांगा गया। बात सामने आई कि इसमें 13,755 हेक्टेयर क्षेत्र को क्षति पहुंची है।

इसमें केवल 33 फीसद से अधिक प्रभावित क्षेत्र वाले जिलों में क्षति का अनुमानित मूल्य 126 करोड़ रुपये आंका गया है। सबसे अधिक नुकसान उत्तरकाशी जिले में हुआ है। उन्होंने बताया कि शासन से बजट मिलने पर किसानों को क्षतिपूर्ति दी जाएगी।

 

यह हैं नियमः

पूर्व में औद्यानिकी फसल क्षति का मुआवजा किसानों को तभी मिलता था, जब क्षति 50 फीसद से अधिक हो। केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद इसके नियमों में शिथिलता बरती गई और क्षति का न्यूनतम मानक 33 फीसद कर दिया गया, इसके आधार पर ही उद्यान महकमे ने अप्रेल की क्षति का आकलन कर शासन को भेजा है।

क्षेत्रीय भाषाओं में यात्रियों को मिलेगी जानकारियां

0

चारधाम यात्रा में भाषा का बैरियर इस समय हैल्थ डिर्पाटमेंट के लिए सबसे बड़ी परेशानी बनी हुआ है। इस परेशानी से पार पाने के लिये स्वास्थ विभाग क्षेत्रीय भाषाओं मं भी पर्यटकों को जानकारियां मुहैया करायेगा। इस बारे में जानकारी देते हुए गढ़वाल कमिश्नर विनोद शर्मा,जो कि चारधाम यात्रा के नोडल आॅफिसर हैं उन्होंने बताया कि “सभी स्वास्थ संबंधी और जरुरी सूचनाएं अंग्रेजी और दूसरे क्षेत्रीय भाषाओं में ट्रांसलेट की जाऐंगी।” उन्होंने कहा कि “मैं अधिकारियों से कहूंगा कि सभी दिशानिर्देश और जरुरी सूचनाओं को अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद करके बताया जाए। हम सोशल मीडिया के जरिए भी सूचनाओं को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।”

चाररधाम यात्रा के दौरान अलग-अलग राज्यों से आने वालों यात्रियों के साथ बातचीत करना राज्य के स्वास्थ्य विभाग के लिए परेशानी की सबब बनते जा रहा है। यह परेशानी सबसे ज्यादा दक्षिण के राज्यों के साथ आ रही है।विभाग के अधिकारियों के अनुसार, चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी यात्रियों को यह निर्देश दिया गया है,कि यात्रा के दौरान लगाए गए सभी मेडिकल फिटनेस पर लोग अपना हेल्थ चेकअप कराएं। चेकअप के साथ सभी यात्रियों को ऊचांई वाले स्थान पर जाते समय लेने वाले प्रिकाशन के बारे में भी बताया जा रहा है।

उत्तराखंड हैल्थ डायरेक्टर जनरल डा.डी.एस रावत ने बताया कि “केदारनाथ और बद्रीनाथ जाने वाले यात्रियों(यहां पहुंचने के लिए ऊंची ट्रेकिंग की जरुरत पड़ती है) का रुटीन चैकअप किया जा रहा। हालांकि बहुत से लोग जो साउथ के राज्यों से आ रहें उन्हें हिंदी के साथ साथ अंग्रेजी भी समझने में दिक्कत आ रही। ज्यादा दिक्कत तब हो रही जब हम स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बारे में पूछ रहें।”

स्वास्थ विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि “हम यह प्लान कर रहे कि जब भी हमें जरुरत हो तो अपने स्टाफ से मदद लें (जो साउथ स्टेट के रहने वाले हैं)”। यात्रियों की सहूलियत के लिए केदारनाथ के रास्ते में कुल 12 मेडिकल रिलीफ पोस्ट के जरिए मेडिकल चेकअप और दूसरी सुविधाएं दी जा रही हैं। इसके अलावा यमुनोत्री के रास्ते में कुल 6 फर्स्टएड मेडिकल रिस्पांस पोस्ट में डाक्टर,फार्मासिस्ट,टेक्निशियन और पैरामेडिकल की सुविधांए यात्रियों को दी जा रही हैं।

इस साल चारधाम यात्रा की शुरुआत 28 अप्रैल से हुई और अब तक लगभग 5.5 लाख लोगों ने यह यात्रा कर ली है। इसके अलावा यात्रा के दौरान अब तक कुल 29  लोगों की मौत भी हो चुकी है, जिसमें ज्यादातर जानें दिल का दौरा पड़ने से गई हैं।

कंकालों की कार्बन डेटिंग से खुलेंगे राज़

0

आइएसबीटी ,हल्द्वानी की जमीन पर मिले नर कंकालों की जांच में जुटी पुलिस अब नई योजना बना रही है। डीएनए टेस्ट के बजाय अब पुलिस हड्डियों का रेडियो आइसोटोप डेटिंग (कार्बन डेटिंग) कराने की तैयारी है। कार्बन डेटिंग करने वाले रिसर्च इंस्टीट्यूट का पता लगाया जा रहा है। इस जांच से मृत्यु के सही दिन तक का पता लग जाएगा।

कुछ दिन पूर्व आइएसबीटी की जमीन पर खोदाई के दौरान कई नर कंकाल मिले थे। इससे पुलिस व प्रशासन में खलबली मच गई। परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने तक आइएसबीटी का दौरा किया और तत्काल प्रभाव से काम रुकवाने के निर्देश दिए। पुलिस ने हड्डियों को कब्जे में लेकर जांच के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा। यहां फॉरेंसिक विभाग में प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा, डॉ. अटल और एनोटॉमी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दीपा देऊपा की संयुक्त टीम ने हड्डियों की बारीकी से जांच की। जांच में कम से कम तीन लोगों की हड्डियां होने के संकेत मिले हैं। जो खोपड़ी मौके से मिली वह महिला की बताई जा रही है। जांच के बाद पुलिस टीम इन हड्डियों को डीएनए जांच के लिए भेजने की तैयारी कर रही थी। जांच अधिकारी नीरज भाकुनी ने डीएनए जांच की अनुमति के लिए अफसरों से पत्राचार किया है। वहीं, पुलिस अफसर हड्डियों की फॉरेंसिक जांच के बजाय कार्बन डेटिंग कराने की तैयारी में जुट गए हैं।

unnamed

एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी ने थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी को कार्बन डेटिंग कराने के निर्देश दिए हैं। एसएसपी के मुताबिक कार्बन डेटिंग से व्यक्ति की मृत्यु की वास्तविक तिथि का पता लगाया जा सकता है। देशभर के चुनिंदा रिसर्च इंस्टीट्यूट में यह जांच होती है। इन इंस्टीट्यूट का पता लगाया जा रहा है। साथ ही कौन-कौन से इंस्टीट्यूट करीब हैं और कार्बन डेटिंग की रिपोर्ट जल्द दे सकते हैं, इसका भी पता लगाया जा रहा है। जल्द ही ऐसे इंस्टीट्यूट को पत्राचार कर कार्बन डेटिंग की अनुमति मांगी जाएगी।

अब सिंचाई विभाग बचायेगा नैनी झील को

0

राज्य सरकार ने लगातर खात्मे की तरफ जाती नैनी झील को बचाने की जिम्मेदारी अब सिंताई विभाग को दी है। अभी तक ये काम लोक निर्माण विभाग के पास था। सोमवार को सिंचाई विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश की नदियों और झीलों के पुनर्जीवन को सिंचाई विभाग की प्रथमिकताओं में शामिल करने के निर्देश दिए।  नैनी झील की देखरेख लोक निर्माण विभाग के अन्तर्गत थी, लेकिन मुख्यमंत्री ने नैनी झील के पुनर्जीवन एवं जल संग्रहण को बढ़ाने के लिए इसे सिंचाई विभाग को सौंपने के निर्देश दिए।इससे पहले सिंचाई विभाग ने कोसी नदी के पुनर्जीवन के लिए तीन सालों में लगभग 53 लाख रूपये की योजना बनाई है। इसी तरह भीमताल और नौकुचियाताल के लिए भी योजना बनाई जा रही है।

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से नैनीताल की मशहूर नैनी झील के जलस्तर में लगातार सामान्य से ज्यादा गिरावट दर्ज हो रही है। जिसके चलते यहां आ रहे पर्यटक तो निराश हैं ही साथ ही आम लोगों और पर्यावर्ण के जानकारों के बीच झील के खत्म होने का डर भी पसर गया है।

हाईस्कूल में आयशा तो इंटर में आदित्य घिल्डियाल ने किया टाॅप

0

उत्तराखंड बोर्ड (यूबीएसई) के रिजल्ट जारी हो गए हैं। उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (यूबीएसई) उत्तराखंड बोर्ड के 10वीं और 12वीं के नतीजे आ गए हैं। बोर्ड अधिकारियों ने रिजल्ट जारी कर दिए हैं। रुद्रप्रयाग की आयशा ने उत्तराखंड हाईस्कूल में टॉप किया है। इंटर में आदित्य घिल्डियाल, एसवीएमआईटी गंगनाली, श्रीनगर पौड़ी से टॉप किया है। 

उत्तराखंड बोर्ड के रिजल्ट में हाईस्कूल में 68.76 फीसदी छात्र और 78.5 फीसदी छात्राएं और इंटर में 75.56 फीसदी लड़के और 87.07 फीसदी लड़कियां पास हुईं। हाईस्कूल में पिथौरागढ़ जिले के 80.08 फीसदी छात्रों और इंटर में बागेश्वर के 87.64 फीसदी छात्रों ने परीक्षा उत्तीर्ण कर उत्तराखंड में टॉप किया है।

हाइस्कूल परीक्षा परिणाम 73.67%, लड़के 68.76% व लड़कियां 78.51% पास हुई हैं। वहीं, इंटर में 78.89% कुल परीक्षा फल रहा जिसमे 75.56% लड़के व 82.07% लड़कियों ने परीक्षा पास की। लड़कियों ने फिर बाजी मारी है।

उत्तराखंड के हाईस्कूल के टॉप टेन

  • आयशा, गौरी एमपीआईसी विजयनगर रुद्रप्रयाग 98.40 प्रतिशत
  • हर्षवर्धन वर्मा, आरएलएस चौहान एसवीएमआईसी जसपुर ऊधमसिंह नगर 98.20
  • अजय विक्रम सिंह बिष्ट, सुमन एचएसएस बड़कोट उत्तरकाशी 97.6 
  • मेघा, गौरी एमपीआईसी विजयनगर रुद्रप्रयाग 97.4
  • निकिता, एमजीजीएसवीएमआईसी बिलानी रुद्रप्रयाग 97.4
  • हर्ष कुमार शर्मा, आरएलएस चौहान एसवीएमआईसी जसपुर ऊधमसिंह नगर 97.20
  • मयंक राना, राजकीय इंटर कॉलेज भीरी रुद्रप्रयाग 97.0
  • अंकित राना, एसवीएमआईसी, चिन्यालीसौंण उत्तरकाशी 96.8
  • विजय सिंह मेहता, विवेकानंद वीएमआईसी मंडलसेरा बागेश्वर 96.6
  • सचिन कंडारी, जेएसएचएसएचएमपीएचएसएस गैरसैंण चमोली 96.4
  • अमन नौटियाल, एसवीएमआईसी श्रीकोट गंगनाली पौड़ी गढ़वाल 96.2

उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के बोर्ड सभापति आरके कुंवर ने मंगलवार 11 बजे रामनगर बोर्ड कार्यालय से परिणाम घोषित किए। उन्होंने बताया कि इस बार इंटर में 131190 तथा हाईस्कूल में 150573 परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए। प्रदेश में कुल 1319 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षाएं 17 मार्च से 10 अप्रैल तक आयोजित की गईं। 17 अप्रैल से 2 मई तक 30 मूल्यांकन केंद्रों में कापियां जांची गईं। 

सोमवार को बोर्ड के सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी ने बताया था कि इस बार 17 मार्च से 10 अप्रैल तक हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा शुरू हुई थी। उन्होंने आगे बताया कि परीक्षा में ढाई लाख से अधिक बच्चे शामिल हुए हैं। 

पिछले साल 73.47 फीसदी बच्चे पास हुए थे। इंटर में हल्द्वानी की प्रियंका भट्ट व हाईस्कूल में रामनगर की प्रसंशा पोखरियाल ने टॉप किया था। 

उत्‍तराखंड बोर्ड ऑफ स्‍कूल एजुकेशन 10वीं, 12वीं की परीक्षाएं आयोजित कराता है।  उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं की परिक्षाएं 18 मार्च से 10 अप्रैल तक कराई गई थीं। वहीं 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं 17 मार्च से 10 अप्रैल तक चली थीं।

 

उत्तराखंड के हर जिले में बनेगा एक नया टूरिस्ट डेस्टिनेशन

0

उत्तराखंड सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये राज्य के हर जिले में एक नया टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने का फैसला कि या है।इसके लिये मुख्यमंत्री ने सभी 13 जिलों को 13 नये पर्यटन स्थल विकसित करने का टारगेट दिया है। इसके साथ ही मौजूदा पर्यटक स्थलों में पर्यटक और बाकी सुविधाओं में ज़रूरी सुधार करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि

  • गांवों से पलायन को रोकने के लिए लोगो को पर्यटन आधारित रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
  • होम स्टे योजना की बुकिंग को जीएमवीएन व केएमवीएन के पैकेजों में सम्मिलित किया जाए।
  • उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों चैलाई, मंडुवा व झंगोरा से बनने वाले प्रसाद को प्रोत्साहित किया जाए।
  • ईलायची दाना के प्रसाद को पूरी तरह से स्थानीय उत्पादों से बनने वाले प्रसाद से रिप्लेस कर दिया जाए।
  • कम प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की जानकारी का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
  • स्थानीय व्यंजनों को प्रोत्साहित करने के लिए डाॅकुमेंटेशन(अभिलेखीकरण) के निर्देश भी दिए।

इसके अलावा राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये सरकार ने गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएमन) औऱ कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) को अपनी कमर कसने की हिदायत दी है। गौरतलब हे कि राज्यभर में इन दोनों ही निगमों के गेस्ट हाउस हैं लेकिन पर्यटन से राजस्व के मामले में ये दोनों ही निजि कंपनियों से कोसो दूर हैं।

घटिया निर्माण पर भड़के ग्रामीण

0

निर्माणाधीन सड़क में घटिया सामग्री के इस्तेमाल पर काशीपुर के ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने ग्राम टीला पहुंचकर सड़क निर्माण को रुकवा दिया। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शन कर रोष जताया। लोक निर्माण विभाग पर निर्माण में मनमानी करने का आरोप लगाया। साथ ही चेताया कि मानक के दायरे में निर्माण होने पर ही काम शुरू करने दिया जाएगा।

एनएच 74 ग्राम बक्सौरा से ग्राम टीला तक 2.3 किलोमीटर लिंक मार्ग के लिए 1.42 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए। जनवरी 2015 में मार्ग निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग ने ठेका दे दिया और अक्टूबर 2016 तक निर्माण पूरा करने का जिम्मा दिया गया। जुलाई 2015 में काम शुरू हुआ, मगर सड़क के लिए कुछ जमीन नहीं मिल सकी। इसलिए काम रुक गया था। काफी मशक्कत के बाद किसी तरह जमीन मिली तो शनिवार से डामरीकरण का काम शुरू किया गया। रविवार को सड़क उखड़ने लगी। कहीं पर डामरीकरण की मोटाई ज्यादा तो कहीं पर कम पाई गई।

इससे खफा ग्रामीणों ने रविवार शाम सड़क का निर्माण रुकवा दिया। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शन कर लोनिवि के खिलाफ प्रदर्शन कर आक्रोश जताया। कहा कि पहली बार सड़क पक्की बन रही है तो इसमें घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। कहा कि हल्की सी खोदने पर सड़क उखड़ जा रही है। मिट्टी पर ही डामरीकरण किया जा रहा था, जबकि धूल की सफाई करने के बाद डामरीकरण किया जाना चाहिए था। मानक के तहत सामग्री के इस्तेमाल होने पर ही काम शुरू करने दिया जाएगा। ग्रामीणों का तेवर देख ठेकेदार ने काम बंद कर दिया।

पुरानी रंजिश के चलते छात्रा के मुंह पर फेंका तेजाब

हरिद्वार की टिहरी विस्थापित कॉलोनी में रहने वाली एक छात्रा जोकी गुरुकुल महाविद्यालय से पेपर देकर लौट रही थी रास्ते में कुछ युवकों ने उसका पीछा किया वह उसके साथ गाली गलौज की और उसके ऊपर तेजाब डाल दिया। अफरा-तफरी के माहौल में गनीमत बस इस बात की रही कि युवक भागती हुई छात्रा के पीछे से तेजाब डाल पाए जिसके कारण उसका चेहरा तो बच गया लेकिन लड़की  के कमर में, हाथ पैरों पर तेजाब पड़ने से लड़की काफी घायल हो गई है। लड़की के शोर मचाने पर तेजाब डालने वाले युवक वहां से भाग निकले। इन युवकों ने अपने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था फिर भी एक युवक को लड़की ने पहचान लिया।  छात्रा का इलाज हॉस्पिटल में चल रहा है। लड़की द्वारा बताई गई पहचान पर पुलिस इन लड़कों की तलाश कर रही है।

सोमवार दोपहर हुए तेजाब प्रकरण की जड़े पूर्व से जुड़ती नजर आ रही है घायल छात्रा वह उसके परिजनों का कहना है कि पूर्व में उनका एक जमीनी विवाद नवोदय नगर विकास समिति से चल रहा है। 2 दिन पहले विनीत सैनी व सुधीर सैनी उनके घर में घुसकर पीड़ित छात्रा से दुर्व्यवहार किया था। जिसकी सूचना उन्होंने सिडकुल थाने में दर्ज भी करा दी थी। सिडकुल पुलिस समय रहते उचित कार्यवाही कर पाती तो आज की घटना शायद ना होती। युवती के परिजनों का कहना है कि इन युवकों के पीछे एक स्थानीय भाजपा विधायक का हाथ है जिसके कारण यह युवक किसी भी वारदात को कभी भी अंजाम दे सकते हैं। समय रहते उचित कार्यवाही कर पाती तो आज की घटना शायद घटित ही ना हो पाती। काली पल्सर मोटरसाइकिल पर आए दो युवक जिन्होंने आज छात्रा पर तेजाब डाला है उनमें से एक व्यक्ति वही है जिसकी पहचान छात्रा ने कर ली है यह जमीनी विवाद की रंजिश का अंत न जाने क्या होगा।