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बाबा रामदेव अब वर्ल्ड रिकार्ड बनाने को आतुर,जानिए कैसे

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द‌िनों द‌िन ऊंचाईयों को छूने वाले बाबा रामदेव अब एक नया रिकार्ड बनाने की तैयारी में हैं। इसके ल‌िए वे रात द‌िन तैयार‌यों में जुटे हैं। उनका मानना है क‌ि वे दुन‌िया का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाने वाले हैं।

तीसरा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के लिए पतंजलि योगपीठ इस बार पूरी तरह से जुट गई है। योजना है कि एक ही मैदान में विश्व के सबसे बड़े योग कार्यक्रम का रिकार्ड स्थापित कर दिया जाए। इस काम के लिए योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण सहित पतंजलि परिवार के सभी पदाधिकारी इन दिनों तैयारियों में जुटे हैं।

Ramdev-Yoga-Camp

अहमदाबाद के शिविर में एक साथ पांच लाख योगार्थी लाकर विश्व का सबसे बड़ा रिकार्ड स्थापित किया जाएगा।  गौरतलब है कि 21 जून को विश्व में योगदिवस का आयोजन होगा। यह तीसरा योग दिवस है। पहले योग दिवस पर केंद्र सरकार ने दिल्ली में भव्य कार्यक्रम किया था। इस आयोजन में 80 हजार साधकों ने भाग लिया।

 

बाबा रामदेव ने गत वर्ष फरीदाबाद में दूसरा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाते हुए डेढ़ लाख साधकों का रिकार्ड बनाया था। इस बार पिछले कई महीनों से अंतरराष्ट्रीय रिकार्ड बनाने की तैयारी में समूचा पतंजलि परिवार जुटा हुआ है। पश्चिमी बंगाल और आसाम का दौरा कर लौटे आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि लक्ष्य तो देश में पांच करोड़ लोगों को योग कराने का है।

मुस्लिम राजपथ पर

इसके लिए छह लाख 30 हजार गांवों में शिविरों की तैयारियां चल रही हैं। कई जगह एक दिन तो कई जगह तीन दिन के शिविर लगाए जाएंगे। पतंजलि परिवार के साथ-साथ भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के कार्यकर्ता इस काम में दो महीने से जुटे हुए हैं। देश के तमाम जिला मुख्यालयों पर बड़े आयोजन होंगे। राज्यों की राजधानियों में भव्य कार्यक्रमों की तैयारी है।

सारा जोर अहमदाबाद के उस शिविर पर है जहां बाबा रामदेव स्वयं मौजूद रहेंगे। दुनिया में आजतक कही भी डेढ़ लाख लोगों से अधिक साधकों ने एक साथ योग नहीं किया है।  आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि इन दिनों पतंजलि योगपीठ में राज्यों, जिलों और गांवों के प्रभारियों के प्रशिक्षण शिविर चल रहे हैं। ऐसे ही शिविर चंडीगढ़, गोवाहटी, नागपुर, मुंबई, बंगलुरू और हैदराबाद में भी चल रहे हैं। हरियाणा प्रांत में विशेष आयोजन होने जा रहे हैं।

 

उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में होंगे बड़े फेरबदल

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उत्तराखंड सरकारी स्कूल चाहे वह प्राथमिक स्तर के हो या उच्च स्तरीय सभी स्कूलों में बड़े फेरबदल की तैयारी में है राज्य सरकार। जानिए, क्या है सरकार की योजना।

शिक्षा विभाग ने प्राथमिक से इंटरमीडिएट तक के स्कूलों के एकीकरण की तैयारी शुरू कर दी है। खासकर उन स्कूलों का जो एक ही परिसर में होने के बावजूद अलग-अलग विद्यालय के रूप में चल रहे हैं। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे की ओर से विभागीय अधिकारियों को इसके निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने बताया कि “प्रदेश में एक से इंटरमीडिएट तक के स्कूलों का एकीकरण किया जाएगा। खासकर उन स्कूलों का एकीकरण किया जाएगा जो एक ही परिसर होने के बावजूद अलग-अलग स्कूल के रूप में चल रहे हैं।” प्रदेश में कई जगह एक ही परिसर में तीन या इससे अधिक विद्यालय चल रहे हैं। इसमें इंटरमीडिएट कालेज के प्रिंसिपल का अन्य स्कूलों पर कोई नियंत्रण नहीं रहता। वहीं अलग-अलग स्कूल होने से यह भी समस्या बनी है कि किसी एक विद्यालय में छात्र कम और टीचर अधिक हैं तो कुछ में टीचर कम और छात्र अधिक हैं। इसे देखते हुए शिक्षा मंत्री के निर्देश पर प्रदेश भर में इस तरह के स्कूलों का सर्वे शुरू कर दिया गया है। सर्वे की जिम्मेदारी उप शिक्षा अधिकारियों को सौंपी गई है।

प्रदेश में प्राथमिक से लेकर इंटरमीडिएट तक 17739 से अधिक स्कूल हैं। इनमें 12511 प्राथमिक, 2957 उच्च प्राथमिक, 1033 हाईस्कूल और 1238 इंटरमीडिएट कालेज हैं।

जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की मांग पर अपग्रेड किए गए 1049 स्कूलों के अलग संचालन का जीओ पूर्व में जारी हो चुका है। हालांकि, सभी स्कूलों का अलग संचालन अभी नहीं हो पा रहा है। अब यदि स्कूलों का एकीकरण हुआ तो अपग्रेड स्कूलों के अलग संचालन की कवायद को झटका लगेगा।

 

उत्तरकाशी नगर पालिका में गड़बड़ियों के खिलाफ छात्र अनशन पर

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नगर पालिका उत्तरकाशी में पिछले कई वर्षों से चल रही आर्थिक गड़बड़ियों के विरोध में छात्र अनशन पर हैं। छात्र अमरीकन पूरी के द्वारा लगाया गई आऱटीआई में नगर पालिका परिषद उत्तरकाशी की पिछले दस वर्षों की कार्यक्रम में धन की भारी अनिमियताये पायी गयी है। इसमें

  • आजाद मैदान में नाली व सैलाब निर्माण में 13 लाख की अनिमियता,
  • आरटीआई में मिली जानकारी के मुताबिक सिटी बस पिछले एक वर्ष से अधिक समय से बंद पड़ी है परंतु पालिका परिषद ने 5 जनवरी 2016 से 17 जनवरी 2017 के बीच सिटी बसों के तेल व मरम्मत पर कुल 926,169 ₹ खर्हैचें हैं।
  • दुकानों के आवंटन में भी अनिमियताये बरती गई। एक व्यक्ति के नाम पर दो दो दुकानों का वितरण किया गया
  • पालिका द्वारा कर्मचारियों को पिछले कुछ महीनों से वेतन नहीं दिया है। वहीं साल 16-17 की कुल कमाई 1,71,1687₹ है

अनशन कर्ता का कहना है कि आख़िर पालिका की इतनी आय होने के वावजूद वेतन क्देयों नहीं दिये जा रहे हैं। इस मामले में जिलाधिकारी के भी सूचित किया गया है। लेकिन अपनी मांगे पूरी ना होने से अब छात्र अमरीकन पुरी अपने साथियों के साथ श्रीदेव सुमन चौराहा पर आमरण अनशन में बैठ गए हैं।

बच्चों को खाने के तौर तरीक़ों के बारे में यहाँ सिखाया जायेगा

अगर आपने अपने बच्चों के लिए एक सपना देखा है कि वह बड़े होकर बिल्कुल टिप-टाप लेडी या जेंटलमैन बनें लेकिन आपके पास यह करने का समय नहीं हैं तो घबराईये नहीं, इस गर्मी की छुट्टी में आपके लिए एक वन स्टाप वर्कशाप आ रही हैं जो आपको यह सारी सुविधा एक जगह पर देगी।

एक ऐसी वर्कशाप जो आपके बच्चों को फाईन डाईनिंग ऐटीकेट सिखाएगी। आपका सपना पूरा करने के लिए अदिती खन्ना और उनके साथ राशिका करनवाल जो कि मसूरी डायवर्जन पर पेसिफिक हिल्स में स्थित फ्लो बिस्ट्रो की मालकिन है एक साथ मिलकर यह वर्कशाप आयोजित कर रही हैं।

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4 दिन का यह कोर्स 5 जून से 8 जून तक चलेगा और इसमें टारगेट एज ग्रुप 4 साल से बड़े बच्चे होंगे। 2 घंटे का यह कोर्स सुबह 11 बजे से शुरु होगा और 1 बजे खत्म हो जाएगा और इसमें सब कुछ सिखाया जाएगा। छोटी से छोटी बारिकियां, टेबल पर खाते समय क्या करें क्या ना करें, नैपकिन को कैसे इस्तेमाल करें, खाना खत्म होने के बाद कटलरी को इस्तेमाल करने का तरीका आदि सब कुछ इस वर्कशाप का हिस्सा होगा। इसके अलावा बच्चों को  कोल्ड फ़ूड यानि सैंडविच और पास्ता बनाने का तरीका भी सिखाया जाएगा।

कल्पना जिन्होंने अपनी बेटी को इस वर्कशाप के लिए इनरोल कराया है, कहती हैं, ‘मुझे लगता है कि इस वर्कशाप में भाग लेने के बाद मेरी बेटी दूसरे बच्चों से एक कदम आगे होगी, खासकर जब वह कहीं बाहर पार्टी में जाएगी। एक मां होने के नाते मुझे ऐसा लगता है कि हर बच्चे को टेबल एटीकेट्स आना चाहिए।

अदिती खन्ना शर्मा इस वर्कशाप को आयोजित करने वाली मुख्य संयोजक ने न्यूजरपोस्ट से खास बातचीत में कहा कि इस इंडस्ट्री में काम करने के मेरे अनुभव से मैं कह सकती हूं आने वाली जेनेरेशन को बहुत ही ज्यादा ग्रूम करने कि जरुरत है, जिसके लिए हमें पहले से ही तैयारी कर लेनी चाहिए। किसी की प्रोग्राम को सफल बनाने के लिए एक परफेक्ट होस्ट या होस्टेस की जरुरत होती है और एक गेस्ट का भी परफेक्ट होना उतना ही जरुरी है। और एक पेरेंट होने के नाते आप भी चाहेंगे की आपका बच्चा एक बहुत ही सलीकेदार बच्चा हो।

देश प्रेम और सैनिक सम्मान की भावना को प्रगाढ़ करेगा ‘विद्या वीरता अभियान’: राज्यपाल    

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राज्यपाल डाॅ. कृष्ण कान्त पाल ने राजभवन में विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को भारत के परमवीर चक्र विजेताओं के चित्र भेंट कर उत्तराखण्ड में ‘विद्या वीरता अभियान’ की शुरूआत की। राज्य के अधिकांश विश्वविद्यालयों के कुलपति तथा महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल द्वारा परमवीर चक्र विजेता भारतीय सैनिकों के चित्र शिक्षण संस्थाओं की शौर्य दीवार पर लगाये जाने के लिए प्रदान किये गए। ये चित्र सीडी में भी उपलब्ध कराये गए।
राज्यपाल ने पूर्व राज्यसभा सांसद तरूण विजय द्वारा ‘विद्या विरता अभियान’ की परिकल्पना और उसकी रूपरेखा बनाये जाने की सराहना की। कार्यक्रम में उपस्थित कारगिल युद्ध के परमवीर चक्र विजेता योगेंद्र यादव की बहादुरी की प्रंशसा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि ये हमारे देश के वास्तविक हीरो हैं जो हमारी युवा पीढ़ी के लिए एक उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद मिलने वाले पुरस्कारों में परमवीर चक्र सर्वोच्च सम्मान है। भारत में ‘विद्या वीरता अभियान’ देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों के प्रति सभी के मन में सम्मान तथा राष्ट्रभक्ति की भावना का संचार करने के लिए बहुत ही प्रशंसनीय अभियान है।
कार्यक्रम मे उपस्थित उच्च शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत ने कहा कि केंद्रीय रक्षा मंत्री अरूण जेटली व मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर द्वारा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से शुरू किये गये ‘विद्या वीरता अभियान’ के दूसरे चरण की शुरूआत करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बन गया है। दिल्ली से शुरूआत होने के बाद दूसरा चरण देहरादून से प्रारम्भ हो रहा है। वीर सैनिकों को सम्मान देने वाले और इस विशेष अभियान की शुरूआत करने वाले राज्यों की श्रेणी में उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बन गया है।

चेयरमैन पर रेप का झूठा आरोप

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कोपरेटिव सोसायटी के चैयरमेन  को ब्लेकमेल करने वाली महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रैप का झुठा आरोप लगाने वाली उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की महिला का सच आखिर सामने आ ही गया। रेप का झुठा आरोप लगाने वाली महिला ने पैंसों के लालच में परिवार के ही लोगों के बहकावे में आकर मुकदमा दर्ज कराया था। जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गयी थी।
लगातार समझोते के लिए चैयरमैन पर दबाव बनाया जा रहा था और पच्चीस लाख रुपये समझोते के रुप में मांगे जा रहे थे। जिसकी जानकारी चैयरमैन ने पुलिस को दी और पुलिस ने जांच शुरु करते हुए सभी के मोबाईल नमबरों को सर्विलांस पर लगा दिया। जिसके बाद पैंसे लेकर चैयरमैन जब महिला को देने गये तभी वेषबदलकर कर पहले से मौजूद पुलिस ने महिला को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
महिला से पुछताछ में पुलिस ने बताया कि चेयरमैन के ही रिश्तेदारों ने पुरी साजिश को अंजाम दिया है और महिला को मोहरा बनाकर इस्तेमाल किया गया था। जबकि महिला चैयरमैन प्रताप चौधरी को जानती ही नहीं थी। महिला के बयान के आधार पर चेयरमैन के रिश्तेदारों के खिलाफ भी मुदमा दर्ज कर लिया गया है जबकि वो सभी फरार बताये जा रहे हैं। वहीं महिला और उसके पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

कुमांऊ आयुक्त के तबादले पर राजनीति

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कुमाऊं आयुक्त डी सेंथिल पांडियन के तबादले को राजनीति से प्रेरित बताते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश सरकार पर फिर हमलावर हुई हैं। उनका कहना है कि एनएच घोटाले में हुई जबरदस्त किरकिरी के बाद सरकार ने ईमानदार एवं सख्त अधिकारी को घोटाले की भेंट चढ़ा दिया।

डॉ. इंदिरा ने कहा कि एनएच-74 घोटाले का सच कुमाऊं आयुक्त पांडियन ने ही उजागर किया था। सख्त एवं ईमानदार अधिकारी की छवि वाले अधिकारी को प्रोत्साहन के बजाय भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात कहने वाली भाजपा अपना असली चेहरा एक बार फिर जनता के सामने उजागर कर चुकी है। सीएम त्रिवेंद्र रावत की सीबीआई जांच की सिफारिश को केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ही खारिज कर दिया था। अब राज्य सरकार पांडियन का तबादला कर इस पूरे मामले पर ही पर्दा डालना चाह रही है। पांडियन का न तो कार्यकाल पूरा हुआ है और न सरकार के समक्ष कोई मजबूरी थी।

सिवाय एनएच घोटाले को छिपाने के। डॉ. इंदिरा ने कहा कि सरकार की पहचान जनहित वाले विकास कार्यो को गति देने से बनती है। पखवाड़े भर के भीतर दो बार वरिष्ठ अधिकारियों को फेंटकर सरकार महज अपनी कमजोरियों की खीझ उतार रही है। भाजपा व सरकार की छवि धूमिल हो चुकी है और जनता सच जान चुकी है।

एनएच घोटाले पर गरजी कांग्रेस

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एनएच 74 भूमि अधिग्रहण में घोटाले की जांच के नाम पर सरकार पर खानापूर्ति का आरोप लगाते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया।

पूर्व मंत्री इंदिरा हृदयेश, तिलक राज बेहड़ के नेतृत्व में कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान इंदिरा हृदयेश ने कहा भाजपा भ्रष्टाचारियों को बचाने में लगी है। उन्होंने कहा कि कमिश्नर का स्थानांतरण इस बात का प्रमाण है कि सरकार भरष्टाचार के कितना खिलाफ है। एनएच के भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले अधिकारी को ही हटा दिया गया।

तिलक राज बेहड़ ने कहा पूरे प्रदेश ने जांच के आदेश का स्वागत किया था, लेकिन भाजपा के मंत्री ही जांच में फंसते  देख भाजपा जांच से पीछे हट रही है। इस मामले में गडकरी भी घबरा गए कि कहीं सीबीआई उनका भी नाम न खोल दे। कांग्रेस ने इस लड़ाई का आगाज कर दिया है। भाजपा को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।

गर्मी से परेशान हाथियों ने लिया वाॅटर होल का सहारा

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उत्तराखंड में पड़ रही गर्मी का असर जनमानस पर जितना पड़ रहा है उतना ही यहां के जंगलों ने रहने वाले जानवरो में भी पड़ रहा है ।इंसान तो अपनी गर्मी जैसे तैसे मिटा ले लेकिन जानवरो के आगे सिर्फ एक पानी ही विकल्प रहता है ।लिहाजा इस वक्त एशिया के सबसे बड़े हाथियों के घर कहे जाने वाले राजाजी पार्क में हाथी वाॅटर होल में अपनी गर्मी मिटा रहे है।

दरसल गर्मी के मौसम में जंगलो में जानवरो के लिए पीने के पानी की भारी कमी हो जाती है इसके लिए राजाजी पार्क और अन्य वन प्रभाग हर साल जंगलो में ऐसे स्वामींग पुल बनाता है ( वाटर होल) जिसमे से जानवर आसानी से पानी पी सके ।इस बार भी राज्य के जंगल बुरी तरह से तप रहे है ।जिसके बाद जानवर अक्सर पानी की तलाश में या तो शहरों में घुस रहे है या फिर उनका गुजरा यहां बने वाटर होल से हो रहा है।

लेकिन इस बार हाथियों की गिनती कर लिए निकली वन विभाग की टीम ने पाया कि जिस वाटर हॉल को वन प्रशासन ने जानवरो के पानी पीने के लिए बनवाया है उन पर हाथियों ने अपना कब्जा किया हुआ है यानी नही हाथियों के झुंड ने बाकायदा इन मे अपने नहाने का सिलसिला भी शुरु कर दिया था ।हरिद्वार से लेकर कांसरो रेंज तक मे बनाये गए वाटर होल में कई हाथियों के झुंड नहा रहे है ।

हालांकि इन हाथियों के नहाने से किसी को कोई परेशानी तो नही है लेकिन दूसरे जानवर इन हाथियों की मौजूदगी के दौरान इस कुंड से दूर ही रहते हैं। बरहाल हाथियों की गिनती करने निकले वन कर्मी खुश है कि इस बार हाथियों की संख्या कुछ बढ़ी है जिसकी रिपोर्ट जल्द बैंग्लोर से आएगी। कहा जा रहा है कि 4 दिनों तक चली इस गणना में लगभग 200 हाथियों को ट्रैप किया गया है।

चार दिवसीय मैडाथौन रविवार से आरंभ

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अपनी छठी वर्षगाँठ मनाने के लिए देहरादून के शिक्षित छात्रों के संगठन, मेकिंग डिफ़्फरैन्स बाई बीयिंग डिफ़्फरैन्स (मैड) ने विगत पाँच वर्षों के भाँति इस वर्ष भी मैडाथौन के आयोजन करने की योजना बनाई है | यह मैडाथौन रविवार से आरंभ होगा | मैडाथौन का पहला कार्यक्रम एक मिनी मैराथन का आयोजन है जो सुबह 5.45 को आर. आई. एम. सी. स्कूल से शुरू होगी| रविवार,  4 जून को आयोजित की जा रही इस दौड़ के लिये 8 किलोमीटर लंबा मार्ग निर्धारित किया गया है जो कि आर. आई. एम. सी. स्कूल से शुरू होकर आर. आई. एम. सी. स्कूल पर ही ख़तम होगा | इस दौड़ का प्रसंग मैड के नदियों के पुनर्जीवन के अभियान से जोड़ा गया है |

इस बार के मैडाथौन में मैड पहली बार कला, चित्रकला ऐवम देहरादून के पर्यावरण को दर्शाती तस्वीरों की एक प्रदर्शिनी का आयोजन करने जा रहा है | यह आयोजन 5 जून , विश्व पर्यावरण दिवस के दिन आरंभ किया जा रहा है | देहरादून के पर्यावरण को दर्शाती यह प्रदर्शिनी तीन दिनों के लिए कर्नल ब्राउन स्कूल के सभाग्रह में आयोजित की जा रही है | इस प्रदर्शिनी के लिए मैड के सदस्यों नें ना सिर्फ़ खुद रिस्पना नदी के स्त्रोत और मुहाने का जायज़ा लिया बल्कि देहरादून के सभी नागरिकों से अपील करके उनके द्वारा देहरादून पर किया गया काम भी उनसे माँगा और वही सब कार्य मैड इस प्रदर्शिनी में सभी नागरिकों के साथ सांझा करना चाहता है | यह प्रदर्शिनी रोज़ 3 pm से लगाई जाएगी, साथ ही साथ विश्व पर्यावरण दिवस अर्थात जून 5 के दिन मैड एक चित्रकला पर प्रतियोगिता भी आयोजित कर रहा है ताकि वह स्कूली छात्रछात्राओं को पर्यावरण संरक्षण से भावनात्मक तौर पर जोड़े रख सके |

मैडाथौन 2017 का समापन समाहरोह एक सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रम के रूप में जून 7 की संध्या में रखा गया है | यह आयोजन कर्नल ब्राउन स्कूल में रखा गया है और यह शाम 5.45 से शुरू होगा | इसी आयोजन में दौड़ के विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा और साथ ही साथ प्रदर्शिनी  प्रतियोगिता में भी सर्वश्रेष्ठ भागीदारों को पुरस्कार दिया जाएगा |

मैड के सदस्यों ने बताया कि वे देहरादून की नदियों के पुनर्जीवन के प्रसंग को बहुत महत्व देते हैं और इसे केवल एक खोखला नारा नहीं समझते | उन्होनें कहा कि मैडाथौन को हर वर्ष मिलता जन समर्थन ही वह कारण है जिससे मैड नीति नियोजन के मामलों पर राज्य सरकार ऐवम देहरादून के शासन तंत्र को अपनी पर्यावरण संरक्षण की सलाह पुरज़ोर तरीके से दे पाता है और इसको सरकारी तंत्र को महत्व भी देना पड़ता है|