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आईएमए से भारतीय सेना को मिले जाबांज अधिकारी,सेना प्रमुख ने ली सलामी

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शनिवार को देहरादून की भारतीय सैन्य अकादमी ने अपने 140वें रेगुलर कोर्स के पासिंग आउट परेड का आयोजन किया । ऐतिहासिक चेटवुड हाल के प्रांगण में 423 भारतीय कैडेटों के साथ साथ 8 मित्र देशों से आये 67 कैडेटस कोर्स पूरा कर के अधिकारी बन गये।आर्मी चीफ बिपिन रावत परेड के रिव्यू आॅफिसर थे। इस मौके पर बोलते हुए जनरल रावत ने कहा कि “आईएमए आ कर उन्हें अपने पुराने दिन याद आ गये।” सभी कमिश्नड अधिकारियों को उनके उज्जवल भविष्य के लिये जनरल रावत ने शुभकामनाऐं दीं।

सेना प्रमुख ने कैडेट्स को ओवरऑल बेस्ट परफारमेंस व अन्य उत्कृष्ट सम्मान से नवाजा। अविनाश क्षेत्री को स्वार्ड ऑफ ऑनर प्रदान की गई। अविनाश को स्वर्ण पदक भी मिला। रजत पदक विकास सांगवान और कांस्य पदक रोहित जोशी को दिया गया। अक्षय सिंह बिष्ट ने सिल्वर मेडल (टीजी) ने हासिल किया। सर्वश्रेष्ठ विदेशी विलफ्रेड साइप्रियन लयाकुरवा कैडेट चुने गए। चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बैनर सिंहगढ कंपनी को मिला।

सुबह 6 बजकर 37 मिनट पर मार्कर्स कॉल के साथ परेड का आगाज हुआ। कंपनी सार्जेट मेजर शशि भूषण उप्रेती, अर्षदीप सिंह ढिल्लन, विशाल शर्मा, विकास गोयल, देवेंद्र सिंह अधिकारी, मनीष वर्मा, हर्षित बंखवाल व तरुण दयाल ने ड्रिल स्क्वायर पर अपनी-अपनी जगह ली। एडवानस कॉल के साथ ही छाती ताने देश के भावी कर्णधार असीम हिम्मत और हौसले के साथ कदम बढ़ाते परेड के लिए पहुंचे। परेड कमाडर अविनाश क्षेत्री ने ड्रिल स्क्वायर पर जगह ली। कैडेट्स ने शानदार मार्चपास्ट से दर्शक दीर्घा में बैठे हर शख्स को मंत्रमुग्ध किया। इधर, युवा सैन्य अधिकारी अंतिम पग भर रहे थे, तो आसमान से हेलीकाप्टरों के जरिए उन पर पुष्प वर्षा हो रही थी।

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परेड की एकाग्रता और तालमेल देखते ही बन रहा था। इस परफेक्ट परेड के लिये कैडेटस द्वारा कि गई तैयारी और मेहनत ने फौज की डिसिप्लिन ज़िदगी को साफ दर्शाया। जैसे ही कैडेटस ने परेड पूरी की और “अंतिम पग” को पार किया वो कैडेटस से अधिकारी बन गये और ये सचमुच हर कैडेट के लिये यादगार लम्हा रहा। इस पल को कैमरों और अपनी यादों में कैद करने के लिये मीडिया और कैडेटस के परिवार के लोग मौजूद रहे।

2 घंटे चली इस परेड के मुख्य आकर्षण रहा परेड निरीक्षण, स्वार्ड आफ अानर, पिपिंग और ओथ टेकिंग सेरेमनी जो कि चेटवुड हाल के लान मे हुई।इसके बाद सभी नये अधिकारियों ने  “कदम कदम बढ़ाये जा” के स्वरों से आसमान भर दिया और सेना में मौजूद जोश और जज़्बे की मिसाल पेश की।

इस दौरान आरट्रैक कमांडर ले जनरल डीआर सोनी, कमाडेंट ले जनरल एसके उपाध्याय, डिप्टी कमान्डेंट मेजर जनरल मनदीप सिंह सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी व सेवानिवृत्त अधिकारी मौजूद रहे।साल दर साल भारतीय सैन्य अकादमी भारतीय सेना को वीरों से वीर अधिकारी देने के अपने चलन को बरकरार रखा रहा है। और ये साबित करता है कि आईएमए आज भी दुनिया के बेहतरीन सैनिक ट्रैनिंग इंस्टिट्यूटों मे से एक है।

आईएमए पीओपी के चलते सारे देहरादून को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। आईएमए के आसपास का सारा इलाका आम यातायात के लिये बंद था वहीं शहर के कई अन्य रास्तों में फेर बदल किया गया था।

बद्रीनाथ में हुआ हैलीकाॅप्टर दुर्घटनाग्रस्त, 1 की मौत

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बद्रीनाथ से देहरादून के लिए तीर्थयात्रियों को लेकर जा रहा एक हेलीकाप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई। हादसे में हेलीकाप्टर के चीफ पायलट लाम्बा भी घायल हुए हैं। जानकारी के अनुसार, सुबह बद्रीनाथ से देहरादून के लिए तीर्थयात्रियों को लेकर जा रहा एक हेलीकाप्टर टैक ऑफ करते वक्त अपना नियंत्रण खो बैठा और हादसे का शिकार हो गया। चमोली की  एसएसपी ‌तृप्ति भट्ट ने बताया कि हादसे में ब्लेड से कटने के कारण इंजीनियर की मौत हो गई।जबकि पायलट घायल हो गए। सभी तीर्थयात्री सकुशल बताए जा रहे हैं और वो अपने गंतव्य के लिये सड़क के रास्ते निकल गये हैं। ये हेलीकाॅप्टर मुंबई की कैस्टल ऐवियशन का है। हादसे की सूचना पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई।
मुख्य सचिव श्री एस रामास्वामी ने कमिशनर गढ़वाल श्री विनोद शर्मा को दुर्घटना की मजिस्ट्रेटी जाँच के आदेश दिए हैं। कमिशनर गढ़वाल ने बताया कि एसडीएम जोशीमठ इसकी जाँच करेंगे । डीजीसीए को इस घटना की सूचना दी गयी है ।

उत्तराखंड में सेना करेगी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार

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उत्तराखण्ड सरकार और भारतीय सेना के मध्य श्रीनगर गढ़वाल स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली मेडिकल काॅलेज को सेना द्वारा संचालित करने के विषय पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। यह निर्णय मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और भारत के थलसेना अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के मध्य हुई मुलाकात में लिया गया। इसके साथ ही उत्तराखण्ड में डाॅक्टरों की कमी को देखते हुए सेना से रिटायर होने वाले स्पेशलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट डाॅक्टरों को राजकीय चिकित्सा सेवा में लिये जाने पर भी सहमति बनी। इस विषय में शीघ्र ही राज्य सरकार द्वारा एक औपचारिक प्रस्ताव सेना को भेजा जायेगा।

उल्लेखनीय है कि सेना में कार्यरत स्पेशलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट डाॅक्टर 60 वर्ष की आयु में रिटायर हो जाते है, जिनके शारीरिक रूप से फिट होने की स्थिति में राज्य सरकार द्वारा उनकी सेवाएं ली जा सकती है। सेना अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के मध्य सीमान्त क्षेत्रों में बार्डर एरिया विकास कार्यक्रमों पर भी विस्तृत विचार विमर्श हुआ। श्रीनगर मेडिकल काॅलेज पर विस्तृत विचार-विमर्श के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल काॅलेज में उत्तराखण्ड के छात्रों के हितों का पूरा ध्यान रखने के साथ ही लोगों को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो इसको सुनिश्चित किया जायेगा।  मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवाओं की पहली पसंद सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना रहा है। उन्होंने थल सेना अध्यक्ष को उनके द्वारा जम्मू-कश्मीर सहित देश की सीमाओं पर सेना द्वारा प्रदर्शित किये जा रहे अदम्य शौर्य एवं साहस के लिए बधाई दी और देश की सीमा पर तैनात जवानों को शुभकामनाएं भी दी।

नैनी झील बचाने के लिये बयान साबित हो रहे नाकाफ़ी?

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मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने यह बात वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों व बुद्धिजीवियों के साथ बोट हाउस क्लब में नैनी झील बचाने हेतु बैठक में कहां कि, नैनी झील राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त है, झील के संरक्षण व संवर्द्धन के लिये कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी। राज्य सरकार इसके लिये पूरी सहायता करेगी, झील के संरक्षण संवर्द्धन के लिये राज्य सरकार द्वारा 3 करोड़ रूपये की धनराशि अवमुक्त कर दी गयी हैं। झील के संवर्द्धन के लिये जरूरत पड़ने पर केन्द्र सरकार से भी सहयोग लिया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैज्ञानिकों की राय के अनुसार ही झील के संरक्षण की डीपीआर बनाई जाये। उन्होंने कहा नैनीताल शहर से लगे हुये पुराने जल सो्रतों को रिचार्ज करने के लिये योजना बनायी जाये, उन्होंने कहा कि झील के जलागम क्षेत्र व प्राकृतिक सौन्दर्य को बचाने के लिये झील के आस-पास कतई भी छेड़-छाड़ ना की जाय। उन्होंने झील संरक्षण के लिये आईआईटी रूड़की, वैज्ञानिकों व वन विभाग से भी सहयोग लिया जाने की बात रखी।
उन्होंने कहा कि नैनीताल झील में जो भी नाले गिरते हैं, उनमें कैचपिट अनिवार्य रूप से बनाये जायें ताकि झील में मलुवा व कूड़ा आने से रोका जा सकें। नैनी झील के जलागम क्षेत्र सूखाताल सहित पहाड़ी क्षेत्रों में जहां से सिल्ट हटानी है, उन्हें तत्काल हटाया जाय ताकि बरसात में झील अधिक से अधिक रिचार्ज हो सकें।  मुख्यमंत्री श्री रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन नदी नालों में सिल्ट जमा होने के कारण पानी का बहाव नहीं हो पा रहा है, उन्हें तत्काल चैनालाइज किया जाय ताकि पानी आसानी से बह सकें। मुख्यमंत्री श्री रावत द्वारा झील का निरीक्षण कर मौके पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किये गए।

6 दिनों से त्यूणी क्षेत्र की बिजली गुल

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पिछले 6 दिनों से त्यूणी क्षेत्र  में बिजली नहीं होने की दशा में गुस्साए लोगों ने अपने विरोध में त्यूणी बाजार बंद रखा एवं सैकड़ों लोगों ने ऊर्जा निगम के खिलाफ सड़क पर जुलूस निकाल बिजलीघर का घेराव किया किया व गुस्साए लोगों ने ऊर्जा निगम अधिकारियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर क्षेत्र की उपेक्षा करने का आरोप लगाया।

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लोगों ने कहा ऊर्जा निगम अधिकारियों की अनदेखी से क्षेत्र में 6 दिनों से बत्ती गुल है, जिससे हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा तहसील व अन्य संस्थानों में कामकाज प्रभावित है। बिजली न आने की दशा में बाजार में ही सड़क जाम की गई।

थाना त्यूनी पुलिस व तहसील प्रशासन द्वारा सड़क जाम कर रहे लोगों को समझाया गया व ऊर्जा विभाग के अधिकारियों से बात की गई। जल्दी ही उनकी समस्याओं का समाधान का आस्वासन देकर जाम खुलवाया गया।

चमोली के गोविन्दघाट थाना पर डबल मर्डर का अारोपी गिरफ्तार

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29 मई को चमोली गढ़वाल के गोविन्दघाट थाना पर डबल मर्डर से सम्बन्धित अभियोग 7 / 17 धारा 302 बनाम जसवीर सिंह पंजीकृत हुआ था जिसमें जसवीर सिंह द्वारा ने अपनी पत्नी जसविन्दर कौर व अपनी पुत्री सिमरन की गंगा होटल, गोविन्दाघाट में चाकू से गोदकर नृशंस हत्या की थी व मौके से फरार हो गया था, जिसकी तलाश पुलिस अधीक्षक चमोली व थाना प्रभारी गोविन्दघाट विभिन्न सोशल मिडिया व वाट्सअप के माध्यम से नामजद अभियुक्त की फोटो , हुलिया का विवरण की गिरप्तारी के लिया भेजा गया था।

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नृशंस हत्याकाण्ड की गम्भीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने जनपद के समस्त थाना प्रभारियों, चौकी प्रभारियों, चीता मोबाईलो को अपने – अपने क्षेत्र में अभियुक्त का फोटो व हुलिया वाट्सअप के माध्यम से प्रेषित कर उक्त अभियुक्त की तलाश किये जाने के निर्देश दिये जिसके तहत आज थाना पटेलनगर पुलिस द्वारा आईएसबीटी गेट पर तैलाशी के दौरान उक्त हुलिया के व्यक्ति को बस के इन्तजार में खडा पाया गया।

शक होने पर उक्त व्यक्ति को पूछताछ हेतु चौकी आईएसबीटी लाया गया तथा पूछताछ करने पर व्यक्ति द्वारा अपना नाम जसवीर सिंह बताया गया तथा पूछने पर बताया कि मेरे परिवार में आर्थिक तंगी चल रही थी जिस कारण योजना बनाकर अपनी आल्टो कार  में अपनी पत्नी व पुत्री को अम्बाला से हेमकुण्ड साहिब ले आया था जहा हमारे द्वारा गंगा होटल में कमरा लिया गया था तथा समय पाकर मैने चाकू से अपनी पत्नी व पुत्री का गला रेतकर हत्या कर दी व घटना में प्रयुक्त चाकू मैने गोविन्द घाट व जोशीमठ के बीच में सडक से नीचे फेक दिया था। मैं मौके से भाग गया तथा उक्त आल्टो कार मैने कर्णप्रयाग में खडी कर अपने मोबाईल को तोडकर गंगा नदी में फेक दिया । पहले मैं हरिद्वार चला गया, उसके बाद में लक्सर, दिल्ली गया, नासिक गया तथा पुन: दिल्ली वापस आया। दिल्ली से मैं कल देहरादून में रूका था तथा आज मैं आईएसबीटी देहरादून से अम्बाला भागने की फिराक में था।

नौ परिवारों के लिए लाया अंधेरा, सुबह का सुरज

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गुरुवार की सुबह निकला सूरज सितारगंज के नौ परिवारों के लिए अंधेरा लेकर आया। आग ने इन परिवारों के भविष्य के सपनों को जला दिया। जहां रोजी-रोटी चली गई, वहीं अशियाना भी छिन गया। सिर छुपाने की जगह तक नहीं बची। एक झटके में ये सारे परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए। अब इन्हें पेट पालने के लिए दूसरों की मेहरबानियों का इंतजार है।

सिडकुल स्थापना के साथ ही नौ परिवार रोजी-रोटी के लिए आसपास के क्षेत्रों से आकर बारह साल पहले उकरौली में कैलाश नदी के पास सिडकुल फैक्ट्रियों के पीछे आकर बस गए थे। शिव मंदिर के पास इन परिवारों ने टीन शेड डालकर नौ दुकानों की कच्ची मार्केट बना ली थी। इससे परिवार का भरण-पोषण करते थे। इन परिवारों के पुरूष खनन क्षेत्रों में मजदूरी भी करते है इस दौरान दुकानों को परिवार की महिलाएं संभालती थीं। गुरुवार तड़के जब अमल राय के घर के गैस सिलेंडर में आग लगी तो अधिकांश लोग सो रहे थे। आग को देख कर अमल और उसकी पत्नी सविता के चीखने-चिल्लाने पर सबकी आंखे खुली। किसी तरह दुकानों से बच्चों को लेकर बाहर निकलकर जान बचाई।

अमल की पत्नी घर के बाहर पानी न लाने जाती तो उकरौली में बड़ा हादसा हो सकता था। अमल की पत्नी सविता खनन में मजदूरी पर जाने को पति के लिए खाना बना रही थी। सब्जी गैस पर चढ़ाने के बाद वह पानी लेने के लिए घर के बाहर गई थी। जब वापस लौटी तो सिलेंडर में आग लग चुकी थी। उसकी चीख सुनकर अमल सो रहे दो बच्चों को लेकर बाहर भागा। उसके बाहर निकलते ही सिलेंडर धमाके के साथ फट गया। इसके लिए उसने कहा कि भगवान ने उसे बचा लिया।

पांच सौ मीटर दूर पहुंचने में फायर बिग्रेड कर्मियों को आधा घंटे लग गए। जब पहुंचे भी तो टैंक का पानी भी बहुत कम था। दुकानदार उत्तम ने जब आग बुझाने की गाड़ी पहुंची तो उसके टैंक मे पानी ही कम था। जिसकी वजह से उन्हें पानी लाने के लिए वहां से फिर जाना पड़ा इसी वजह से आग को जल्दी से नही बुझाया जा सका। वही अग्नि शमन अधिकारी सुरेश चंद ने बताया कि सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंच गए थे।

गंगा को साफ और निर्मल बनाने में लगेंगे अभी और 10 साल- उमा भारती

मोदी सरकार के चुनावी वादों का सबसे बड़ा दावा गंगा को प्रदूषण मुक्त करना है जिससे करोड़ों लोगों की आस्था जुडी हुई है। नमामि गंगे प्रोजेक्ट से उम्मीद बनी है लेकिन अभी स्थिति में सुधार के लिए 10 साल का और इंतजार करना पड़ेगा क्योंकि गंगा के रास्ते में आबादी का बोझ, शहरों का सीवर सपनों में गंगा की ओर को बदनुमा बना रही है।
गंगा नदि में प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह सीवर का गंगा-जमुना मिलना है, जिससे गंगा जल में ऑक्सीजन की मात्रा काफी कम हो गई है। गंगा में प्रदूषण का मुख्य कारण बड़ी आबादी वाले क्षेत्र से गुजरने वाले नाले हैं जो शहर की तमाम गंदगी को सीधे गंगा में मिला देते हैं। हद तो यह है कि ऋषिकेश से लेकर उत्तरकाशी, गंगोत्री, देवप्रयाग और तमाम उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र में बसे नगरों की गंदगी सीधे गंगा में मिल रही है, जिससे गंगा अपने ही घर में लगातार मैली होती जा रही है।
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ऋषिकेश पहुंची केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने बताया कि गंगा की स्थिति को सुधारने में अभी 10 साल का और समय लगेगा सरकार गंगा की शुद्धता और निर्मलता के लिए तमाम प्रयास करती आ रही है जिसका असर जल्दी देखने को मिलेगा। गंगा अपने ही घर में मिली है मिली है तो दूसरे राज्यों की स्थिति तो और भी भयानक है उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में गंगा के मुहाने से लेकर हरिद्वार तक कई शहरी और ग्रामीण आबादी वाले नगर पंचायत और पालिका क्षेत्र हैं जिनकी आबादी और टूरिस्ट डेस्टिनेशन का सारा मल मूत्र सीधे गंगा में मिल रहा है। केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती का कहना है कि ऋषिकेश और हरिद्वार के तमाम ऐसे नालों को जल्द से जल्द बंद किया जाएगा ताकि शहर की गंदगी गंगा नदी पर ना जा सके.
धरती की सबसे पावन नदी गंगा आज बेहद मेली हो चुकी है इस पर सरकार को जल्द से जल्द कुछ ठोस कदम उठाने की जरूरत है ताकि आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ और निर्मल गंगा का जल मिल सके। बहरहाल गंगा को स्वच्छ और साफ बनाने के सपने को सच होने में अभी 10 साल का समय और लगेगा, अब देखने वाली बात होगी कि लगातार मैली होती गंगा को किस तरह एक बार फिर साफ बनाया जा सकेगा।

गौरक्षा के हंगामे के बीच सीएम आवास में खुली गौशाला

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शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में नवनिर्मित गौशाला का शुभारम्भ किया गया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व उनकी धर्मपत्नी ने गौशाला में लाई गई गाय की पूजा कर गौशाला का औपचारिक शुभारम्भ किया। फिलहाल एक गाय व उसका बछड़ा मुख्यमंत्री आवास स्थित गौशाला में लाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने गाय व उसके बछड़े को सहलाया और गुड़ व चना खिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय हमारी संस्कृति का प्रतीक है। घर में गाय को रखने से आध्यात्मिक शांति व आनंद की अनुभूति होती है।

गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से गाय अौर गाय रक्षा को लेकर देशभर में माहौल गर्माया हुअा है। देश के कई इलाक़ों से खास तौर पर उत्तर प्रदेश, राजस्थान अादि राज्यों से गौ रक्षा के नाम पर हिंसा की घटनायें सामने अा रही है। देश में यह बहस भी छिङी हुई है कि गौ मांस को प्रतिबन्धित करना क्या लोगों कि अाजादी पर अंकुश लगाने जैसा है? इस सबके बीच केंद्र सरकार पर इन तथाकथित गौ रक्षकों पर नरम बरताव करने का भी अारोप है।

फेसबुक, शिक्षकों के बीच शिकायत व सुझाव देने के लिए हो रहा मशहूर

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सरकारी स्कूल के शिक्षक उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के पास शिकायत दर्ज कराने के लिए फेसबुक पर तेजी से लाॅग इन कर रहे हैं।।

राज्य में लगभग 17,000 सरकारी स्कूल हैं जिसमें तकरीबन 1 लाख शिक्षक काम कर रहे हैं। आपको बता दें कि 2 जून से शुरु की गई सेवा जो सरकारी शिक्षकों के लिए अपने काम में आने वाली बाधाओं की रिपोर्ट करने के लिए शुरू की गई थी उसमें अबतक लगभग 100 शिकायत ‘शिकायत और सुझाव सेल’ के तहत प्राप्त हुई हैं। फेसबुक के माध्यम से शिकायतों के साथ उत्तराखंड में स्कूल शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए शिक्षकों के सुझाव व सिफारिशें के लिए भी आमंत्रित किया गया था ।

अधिकारियों के अनुसार अब, लगभग 70% शिकायतें फेसबुक के माध्यम से आई है। इसके अलावा 15% शिकायतें ईमेल के माध्यम से आई हैं, 13% व्हाट्सएप और 2% ट्विटर से आई हैं। लोगों के रिस्पांस से खुश अरविंद पांडे  का कहना है कि आज के समय में फेसबुक बहुत जरुरी सोशल मीडियम बन चुका है और हमारे शिक्षक वास्तव में इसका पूरी तरह से उपयोग कर रहे हैं। हम ई-मेल, व्हाट्सएप, ट्विटर और पोस्ट के माध्यम से भी शिकायतें और सुझाव प्राप्त कर रहे हैं।

शिक्षा मंत्री ने वादा किया है कि पंजीकरण के 15 दिनों के भीतर शिकायतों को हल किया जाएगा, जिनके बारे में सारी सूचना सेल के माध्यम से इकट्ठा की जा सकती है। इसके अतिरिक्त, पांडेय ने स्कूल शिक्षकों को और सहायता देने के लिए एक टोल फ्री नंबर भी लॉन्च करने की योजना बनाई है। अलग-अलग तरह की शिकायत, जैसे कि पेंशन प्रावधान में अंतर, सर्व शिक्षा अभियान, पदोन्नति और स्थानान्तरण के तहत वेतन के वितरण में देरी आदि भेजी जा रही हैं। मिडिल स्कूल में सरकारी शिक्षक सोहन सिंह ने कहा “इसमें कोई संदेह नहीं है कि फेसबुक का व्यापक रूप से प्रयोग किया जाता है और यह सबसे लोकप्रिय भी है। यही कारण है कि शिक्षकों ने भी अपनी शिकायत दर्ज करने के लिए इस मंच को चुना है और इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।

सूत्रों ने बताया कि इस सेल के गठन के पीछे का उद्देश्य पक्षपातपूर्ण पोस्टिंग और प्रोन्नति के संबंध में अनियमितताओं की रिपोर्ट करना है। कुछ पोस्टिंग प्रकाश में आई है, जिसमें हरीश रावत की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार के शासन में कथित तौर पर अवैध फैसले किए गए थे।अरविंद पांडे ने पहले ही ऐसे मामलों में जांच का आदेश दिये है।

सेल के साथ काम करने वाले प्रणय बहुगुणा ने बताया कि सरकारी शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड का समर्थन करना, फेसबुक पेज पर उनके सुझाव मांगना दो प्रमुख काम हैं। “ड्रेस कोड की बात पर शिक्षकों से वाहवाही प्राप्त हुई है लेकिन, ड्रेसकोड किस प्रकार का होगा उसपर काफी सुझाव दिए गए हैं, जिन्हें अनुसरण किया जाना चाहिए।