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चारधाम यात्रा के पौराणिक मार्गों की होगी मैपिंग

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क्या आपने कभी सोचा है कि सालों पहले जब चारधाम के लिये सड़कों का जाल और हवाई सेवाऐं नहीं थी तो श्रद्धालू कैसे ये कठिन यात्रा पूरी करते थे? उस समय में ये रास्ते इतने सुगम न हो कर हिमालय की पहाड़ियों और कंदराओं से होकर गुज़रते थे। समय के साथ और सड़कों के निर्माण के साथ साथ इन रास्तों को भी भुला दिया गया। लेकिन अब इन रास्तों की दोबारा निशानदेही, पहचान और मैंपिग की जिम्मेदारी उठाई है इंडियन नैशनल ट्रस्ट फाॅर आर्ट एंड कल्चरल हेरीटेज (इनटेक) ने।

जियोग्राफिकल इंफाॅर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) प्राॅजेक्ट के तहत ये काम होगा जिसमें उन पारंपरिक रास्तों की खोज की जायेगी जो पहले इन जगहों तक जाने के लिये इस्तेमाल किये जाते थे और जिन्हें समय के साथ भुला दिया गया है। इसके तहत अभी तक हरिद्वार औऱ केदारनाथ के बीच के ऐसे पौराणिक मार्ग की मैपिंग का काम पूरा हो चुका है। इसकी लंबाई करीब 380 किमी है। इसके बाद अब हरिद्वार और बद्रीनाथ के बीच का मार्ग की पहचान काम शुरू होगा।

संस्था के उत्तराखंड प्रभारी लोकेश ओहरी का कहना है कि ” हम उन पारंपरिक रास्तो ंकी दोबारा तलाश कर रहे हैं जिन्हें समय के साथ भुला दिया गया है। इसके बाद हमारी कोशिश रहेगी कि इन रास्तों को आज के दिन के श्रद्धालुओं के लिये खोला जा सके”।

इन रास्तों की खोज के साथ साथ इन पर पड़ने वाले छोटे धार्मिक स्थलों की भी पहचान साथ साथ की जा रही है। ओहरी बताते हैं कि “आमतौर पर धार्मिक यात्राओं पर जाने वाले लोगों के लिये रास्ते में जगह जगह पर रुक पूजा करके आगे जाने पर ही यात्रा पूर्ण मानी जाती थी। हम उन जगहों को भी पहचानने की कोशिश कर रहे हैं”।

उत्तराखंड में अगले 36 घंटे में मौसम लेगा करवट, हो सकती है बारिश

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उत्तराखंड में मौसम करवट बदलने जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले 36 घंटों में राज्य में कुछ स्थानों में ओलावृष्टि के साथ ही गरज-चमक के बीच अंधड़ और बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक यह सिलसिला गुरुवार दोपहर अथवा शाम से शुरू हो सकता है। इसे देखते हुए लोगों को सलाह दी गई है कि वे ओलावृष्टि व थंडर शॉवर के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।

इस बीच बुधवार को राज्यभर में धूप रही और तापमान में भी उछाल रहा। पहाड़ और मैदान सभी जगह अधिकतम तापमान सामान्य से दो से चार डिग्री अधिक रहा। दून की ही बात करें तो यहां अधिकतम पारा 38 डिग्री सेल्सियस के पार रहा, जबकि पंतनगर में तापमान रहा 40.7 डिग्री सेल्सियस।

पहाड़ी इसाकों में मुक्तेश्वर व टिहरी में तापमान 26.2 और 27.3 डिग्री रहा। हालांकि, मौसम विभाग की मानें तो गुरुवार से बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है। राज्यभर में आमतौर पर बादल रहेंगे और कुछ जगह हल्की से मध्यम वर्षा व गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक दून में गुरुवार को सुबह से आसमान साफ रहेगा। दोपहर या शाम से बादल छाने और कुछ क्षेत्रों में गर्जन वाले बादल विकसित होने अथवा हल्की वर्षा हो सकती है।

 

शूटिंग में दिक्कत की वज़ह से जाॅन ने अपनी कार के किए 2 टुकड़े

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भारत के मोस्ट फेरवेट टूरिस्ट डेस्टीनेशन मसूरी में बॉलीवुड हंक जॉन अब्राहम की ‘परमाणु’ फिल्म की शूटिंग हो रही है। यहां शूटिंग के दौरान जब संकरे रास्ते पर जॉन अब्राहम की कार चल नहीं पाई तो उसे काट कर दो टुकड़े कर दिए।

पिछले कई दिनों से देहरादून और मसूरी के आसपास के इलाकों में जॉन अब्राहम की फिल्म की शूटिंग चल रही है। जॉन अब्राहम एवं उनकी टीम ने उत्तराखण्ड में शूटिंग के दौरान अपने अनुभव बताये। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड बेहद खूबसूरत है, यहां पर फिल्मों की शूटिंग के लिए काफी संभावनाएं हैं।

फिल्म के कुछ दृश्य लंढौर कैंट, जार्ज एवरेस्ट, हरनाम सिंह मार्ग, झड़ीपानी में फिल्माए गए। फिल्‍म में मसूरी के हरनाम सिंह मार्ग पर स्थित कोठी को जॉन का घर दिखाया गया है। यहां जॉन को अपने घर से कहीं जाने का एक सीन फिल्माया जा रहा था। इसके लिए एक कार की जरूरत थी, लेकिन घर में कार जाने का रास्ता न होने के कारण एक पुरानी एंबेस्डर कार को आधा काटकर घर के पिछले हिस्से तक पहुंचाया गया।

इसके बाद शूटिंग पूरी हो पाई। शूटिंग में उत्तराखंड रोडवेज की बसों का भी इस्तेमाल किया गया है। देहरादून के एक निजी इंस्टीट्यूट के छात्र और शिक्षकों ने फिल्म में छोटे-छोटे रोल भी किए हैं।

आपको बतादें क‌ि अभी तक अजय देवगन प्रोडक्शन द्वारा निर्मित हिन्दी फिल्म ‘‘शिवाय’’, तिग्मांशु धूलिया निर्देशित राग देश, तेलगु फिल्म ‘‘ब्रहमोत्सवम’’, हिन्दी फिल्म ‘‘शुभ मंगल सावधान’’, सोनी टी.वी. पर प्रसारित सीरियल ‘‘बडे भैय्या की दुलहनिया, जी.टी.वी. पर प्रसारित धारावाहिक ‘‘पिया अलबेला’’, एम.टी.वी. पर प्रसारित होने वाला रियलिटी शो स्प्लिट्सविला सीजन  10, तथा उत्तराखण्ड क्षेत्रीय बोली की फिल्म ‘‘गोपी-भिना, भुली ए भुली, बद्री द क्लाउड आदि प्रमुख फिल्में और धारावाहिक की शूटिंग राज्य में हुई है।

 

अब उत्तराखंड के गाड़ियों में रखे जाऐंगे डस्टबिन

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उत्तराखण्ड में वाहनों में डस्टबिन की व्यवस्था अनिवार्य की जाएगी। बुधवार को विधानसभा भवन में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व पर्यावरण मंत्री डाॅ.हरक सिंह रावत ने वाहनों में डस्टबिन रखे जाने की योजना का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने योजना का स्वागत करते हुए कहा कि इससे सड़कों पर कूड़ा, कचरा फैलने पर रोक लगेगी। स्वच्छता को लेकर समाज में विशेष रूप से युवा पीढ़ी में जागरूकता बढ़ी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के स्वच्छता के आह्वान पर युवा वर्ग बड़ी संख्या में आगे आया है।

सीबीआई करेगी एनएच 74 घोटाले की जांच: त्रिवेंद्र सिंह रावत

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CM to interact directly with people

आखिरकार चर्चित एनएच 74 चौड़ीकरण में मुआवजा घोटाले की जांच को लेकर स्थिति साफ हो गई। सीबीआई ने इस मामले की जांच करने को स्वीकृति दे दी है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सीबीआई ने इस संबंध में केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय को पत्र लिखकर इस संबंध में जानकारी दी है। समझा जा रहा है कि सीबीआई जल्द ही अब प्रदेश में आकर इस प्रकरण की जांच शुरू कर देगी।

ऊधमसिंह नगर जिले से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 74 चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण के मुआवजा वितरण में भारी घोटाला सामने आया था। प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पहली ही कैबिनेट बैठक के बाद इस मामले में छह पीसीएस अधिकारियों को निलंबित करने के बाद मामले की सीबीआई जांच की मंजूरी की थी। शुरुआती दौर में सीबीआई ने इस मामले में रुचि नहीं दिखाई। इस कारण शासन ने फिर से सीबीआई को रिमाइंडर भेजा। इस बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रदेश सरकार को चिट्ठी भेजकर इस मामले में एनएचएआई के अधिकारियों को आरोपी बनाने पर चिंता जताई। इतना ही नहीं, उन्होंने इससे प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के जरिये बनाई जाने वाले परियोजना पर भी असर पडऩे की बात कही। इस चिट्ठी के चलते मामले ने और तेज़ सियासी आग भड़का दी।

इसके कुछ दिनों बाद केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट में एनएचएआई के अधिकारियों पर दर्ज मुकदमें वापस लेने की याचिका दायर की। विपक्ष कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाते हुए सदन के भीतर और बाहर खासा हंगामा किया। बुधवार को मुख्यमंत्री ने विधानसभा में मामले को सीबीआई द्वारा जांच के लिए स्वीकृति देने की जानकारी देते हुए कहा कि औपचारिक नोटिफिकेशन होते ही सीबीआई जांच शुरू कर देगी। फिलहाल राज्य सरकार की एजेंसियां इस मामले में जांच कर रही हैं और कार्रवाई कर रही हैं।

वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने भी कांग्रेस पर जमकर प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस आज जिन मुद्दों को लेकर हंगामे का नाटक कर रही है दरअसल वो कारनामें उन्हीं की सरकार के कार्यकाल के दौरान किये गये हैं। उन्होने कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेन्स की नीति पर चल रही है, एनएच घोटाले पर कांग्रेस की चाल जनता जानती है और कांग्रेस सरकार में अधिकारियों को संरक्षण देकर ही पूरे घोटाले को अंजाम दिया गया था। उन्होने कहा कि भाजपा सरकार की अपील पर घोटाले की जांच अब सीबीआई द्वारा की जाएगी जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

नहीं पहने जायेंगे दीक्षांत समारोह में टोपी और गाउन: धन सिंह रावत

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उत्तराखंड के विश्व विद्यालयों के छात्र अब अपने दीक्षांत समारोह में टोपी और गाउन नहीं पहनेंगे। उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा है कि “इन समारोह में अब से छात्र टोपी और गाउन नहीं पहनेंगे। छात्रों के लिये खास परिधान तय किये जायेंगे जिसमे उत्तराखंडी परंपरा और सभ्यता की झलक मिले”। गौरतलब है कि ये फैसला मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के हाल ही में एक दीक्षांत समारोह में टोपी और गाउन पहनने से मना करने के बाद आया है। मुख्यमंत्री ने टोपी और गाउन पहनने से मना करते हुए कहा था कि “ये दोनों ही ब्रिटिश राज की देन हैं और हमें उसी की याद दिलाते हैं।” मुख्यमंत्री ने ये भी सुझाव दिया था कि “हमें अपनी संस्कृति और परंपरा को दर्शाने वाले परिधानों पर ज़ोर देना चाहिये।”

धन सिंह रावत का कहना है कि “हम नेळनल इंस्टीट्यूट आॅफ फैशन एंड टेक्नोलौजी (निफ्ट) से ऐसे परिधान बनाने के लिये गुजारिश करेंगे जिसमे उत्तराखंडी परंपरा और संस्कृति की झलक मिले”। रावत का कहना है कि जल्द ही ये बदलाव दिखने भी लगेगा। हांलाकि रावत ने कहा कि इस बारे में वो हर पक्ष की बात सुनने के बाद आगे बढ़ेंगे।

वहीं कांग्रेस का कहना है कि ये सरकार का एक और राजनीतिक स्टंट भर है। कांग्रेस प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी ने कहा कि “राज्य के सामने शिक्षा के क्षेत्र में और बड़े मसले हैं जिन पर सरकार को ज्यादा ध्यान देने की ज़रूरत है।”

इससे पहले भी धन सिंह रावत ने स्कूल काॅलेजों में राष्ट्रीय गान और तिरंगा फहराने को नियम बनाने की बात कह चुके हैं।

एसडीआरएफ ने मुश्किल हालात में किया पर्वतारोही को रेस्क्यू

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उत्तराखण्ड के पहाड़ी इलाकों में होने वाली किसी भी दुर्घटना, खोज और बचाव कार्यों मेें एसडीआरएफ खास भूमिका निभाती आ रही है।इसी सिलसिले में 18 मई को सतोपंथ पर्वत के लिये एसडीआरएफ की हाई आॅल्टिट्यूड टीम को रवाना किया गया था। सतोपंथ की ऊंचाी करीब 7000 मीटर है।

सतोपंथ पर्वत आरोहण के दौरान ही 5 जून को वासुकीताल से 8 किमी. आगे करीब 5200 मीटर की ऊंचाई पर 6 सदस्यी पर्वतारोही दल के एक पर्वतारोही 24 साल के प्रयाग चौधरी के एडवांस बैस कैम्प व कैम्प 1 के बीच मौजूद सुराले ग्लेशियर में 50 फीट गहरे कैरावास में गिर जाने की खबर आी। खबर मिलते ही  एसडीआरएफ की टीम ने अदम्य साहस का परिचय देते हुये अपनी जान का जोखिम होते हुए भी 50 फीट गहरे कैरावास से चोटिल पर्वतारोही प्रयाग चौधरी को निकाला।

एसडीआरएफ के इस रेस्क्यू आॅपरेशन के चलते उसकी टीम को को प्रधानमंत्री जीवन रक्षक पदक के लिये नामित किया जा रहा है। इस टीम के सदस्यों में उपनिरीक्षक सतीश कुमार शर्मा,कांन्सटेबल सूर्यकान्त उनियाल, फायरमैन रवि चौहान, फायरमैन प्रवीण सिंह,  कां विरेन्दर प्रसाद काला, कां सुशील कुमार,मौजूद थे।

दशकों में पहली बार धधकने लगे गंगोत्री के जंगल

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 उत्गंतराखंड में जंगलों की आग इस बार ऐसे इलाकों में बी पहुंच रही है जहां पहले कबी आग लगने की घटनाऐं नही हुई हैं। गंगोत्री धाम के नजदीक पांडव गुफा क्षेत्र के देवदार व कैल के जंगल इन दिनों आग की चमेट में आ रहे हैं और तेज हवा आग में घी का काम कर रही है। वन विभाग, गंगोत्री नेशनल पार्क और एसडीआरएफ की 35 सदस्यीय टीम आग बुझाने में जुटी है, लेकिन उसे भी मुस्किल हालातों से दो चार होना पड़ रहा है।

अब आग के गंगोत्री नेशनल पार्क में फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। यह पहला मौका है, जब गंगोत्री जैसे ठंडे इलाके में जंगल में आग लगी है। यहां के स्थानीय लोगों के मुताबिक तीस सालों के इतिहास में पहली बार इस इलाके में जंगलों में आग लगने की घटना सामने आई है।

गंगोत्री का इलाका आमतौर पर ठंडा रहता है। बुधवार को भी वहां अधिकतम तापमान 15 और न्यूनतम एक डिग्री सेल्सियस था। वहीं उत्तरकाशी वन प्रभाग की गंगोत्री रेंज में पांडव गुफा के निकट अचानक जंगल में आग भड़क उठी। धुंए के गुबार उठे तो इसका पता चला। इसके चलते  वन प्रभाग, गंगोत्री नेशनल पार्क और एसडीआरएफ की एक 35 सदस्यीय टीम ने करीब डेढ़ किलोमीटर दूर पांडव गुफा के पास आग बुझाने की कोशिश, मगर तेज हवा के कारण ये काम पूरा न ह सका।

आशंका जताई जा रही कि भेड़-बकरी पालकों ने आग जलाई होगी और इसे यूं ही छोड़ दिया। इससे जंगल में आग फैली।

बढ़ी रहीं है संस्कृत की डिमाण्ड: मुख्यमंत्री रावत

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मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शांति कुंज हरिद्वार में आयोजित भारतीय शिक्षक मण्डल के प्रशिक्षण शिविर में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय जीवन मूल्यों को समाहित होना चाहिए। इसके लिए भारतीय शिक्षक मण्डल के साथ चिंतन एवं विचारों का आदान-प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्पेन एवं पोलेण्ड जैसे देशों में संस्कृत की डिमाण्ड बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपनी संस्कृति तथा सभ्यता को आगे बढ़ाने के लिए निरन्तर प्रयास करने होगे, नई पीढ़ी का रूझान भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति की ओर ले जाना होगा, इसके लिए भारतीय शिक्षक मण्डल का महत्वपूर्ण योगदान होगा। सीएम ने कहा कि हमें भारतीय परम्पराओं को आगे बढ़ाना होगा अौर उन्होंने कहा कि शोध के क्षेत्र में नये आयाम स्थापित करने होंगे।
देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डाॅ.प्रणव पाण्ड्या ने कहा कि आज हमें पाश्चात्यवाद से लड़ने के लिए चिंतन करना होगा। युवाओं को उचित मार्गदर्शन करना पड़ेगा। उन्हें मानवीय मूल्यों एवं अध्यात्मवाद की ओर ले जाना होगा, नकारात्मक भावों से बचना होगा। उन्होंने कहा कि संस्कृत, संस्कृति एवं संस्कार से नकारात्मक भाव मिटते चले जायेंगे। गंगा की शुद्धता तथा निर्मलता के लिए निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। 2026 तक गोमुख से गंगा सागर तक गंगा के शुद्धीकरण के लिए वैज्ञानिक, आध्यात्मिक एवं संगठनात्मक रूप में कार्य किये जायेंगे। इसके लिए जन जागरूकता भी आवश्यक है।

एनएच 74 घोटाले मामले में पीसीएस अधिकारी के घर एसआईटी का छापा

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आपको बतादें कि अनिल शुक्ला भी भूमि अध्यापित अधिकारी के पद पर तैनात रह चुके हैं। इस जांच की वजह कहीं ना कहीं यह भी है कि विपक्ष ने मौजूदा बजट सत्र मे एनएच 74 घोटाले की जांच को लेकर काफी हंगामा भी किया गया। बीते रोज राज्य के सीएम भी सदन में बयान दे चुके हैं कि एनएच 74 मामले में कार्रवाई जारी रहेगी।
हालांकि विपक्ष ने आरोप लगाए थे कि मामले में सरकार बड़ी मछलियों को बचा रही है जबकि छोटी मछलियों पर गाज गिराकर वाह-वाही लूट रही है। इसके अलावा अभी भी 14 जून को एनएच मामले में एसआईटी की बड़ी कार्रवाई जारी है, 10 से ज्यादा जगहों पर टीम ने छापा मारा है। देहरादून, बाजपुर, काशीपुर, सितारगंज और कालाढूंगी में कार्रवाई चल रही है। जांच टीम कई अहम दस्तावेज जब्त करने का दावा कर रही है।