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स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच मुक्त हुआ उत्तराखंड

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उत्तराखंड खुले में शौच जाने के चलन से मुक्त होने वाला देश का चौथा राज्य बन गया है। देहरादून ओएनजीसी में ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम के दौरान पेयजल एवं स्वछता मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर में प्रदेश के खुले में शौच मुक्त होने की घोषणा की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत देहरादून मेयर विनोद चमोली ओर मुख्य सचिव उत्तराखंड एस रामस्वामी भी मौजूद रहे।

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मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस अवसर पर कहा कि 22 जून 2017 का दिन उत्तराखण्ड राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन एवं मील का पत्थर है। आज उत्तराखण्ड का ग्रामीण क्षेत्र ओडीएफ घोषित हुआ है। इस अवसर पर  राज्य सरकार ने संकल्प लिया है कि राज्य के शहरी क्षेत्र को भी चालू वितीय वर्ष में खुले में शौच की प्रथा से मुक्त कर दिया जाएगा। खुले में शौच की प्रथा से मुक्ति अति आवश्यक है। खुले में शौच की आदतों से न केवल अनेक रोग पैदा होते है बल्कि इसका व्यापक दुष्प्रभाव पर्यावरण तथा सभी प्राणियों पर पड़ता है। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत मिशन के अन्र्तगत खुले में शौच की प्रथा से मुक्ति ने महाअभियान का रूप ले लिया है। प्रधानमंत्री द्वारा आरम्भ की गई हर पहल व प्रयास अभियान से महाअभियान बन रहा है। अर्तराष्ट्रीय योग दिवस तथा स्वच्छता मिशन इसके उदाहरण है। मुख्यमंत्री रावत ने राज्य को ग्रामीण क्षेत्र में ओडीएफ घोषित होने तथा केरल, सिक्कम तथा हिमाचल प्रदेश के बाद चैथा राज्य बनने पर इस मिशन से जुडे़ सभी अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों विशेषकर ग्राम प्रधानों, गैर सरकारी संगठनों, मोटिवेटर्स तथा राज्य वासियों को बधाई तथा शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर केन्द्रीय पेयजल तथा स्वच्छता मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर कहा कि उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्र का ओडीएफ होना अति प्रसन्नता का अवसर है। इस उपलब्धि हेतु राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत नेतृत्व में इस मिशन से जुड़े सभी अधिकारी व कार्मिक, जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि एवं जनता बधाई की पात्र है। उन्होंने कहा ओडीएफ घोषित होने के पश्चात् ओडीएफ की निरन्तरता बनी रहे हमें इसके लिए भी प्रयासरत रहना होगा। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि आशा है कि उत्तराखण्ड राज्य ठोस एव तरल अवशिष्ट प्रबन्धन में भी अग्रणी राज्य बनेगा।

इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा स्वच्छता प्रर्दशनी का अवलोकन किया गया तथा ओडीएफ मिशन को सफल बनाने में योगदान करने वाले पंचायत अध्यक्षो, अधिकारियों, ग्राम प्रधानों, मोटिवेटरों को सम्मानित किया। इससे पहले, केरल, सिक्किम और हिमाचल प्रदेश को ऐसे राज्य का तमगा हासिल था, जो शौच में शौच मुक्त हो चुके हैं। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रदेश के खुले में शौच की प्रथा से मुक्त होने के उपलक्ष्य में केंद्रीय मंत्री द्वारा जिला पंचायत सदस्यों, ब्लॉक प्रमुख, ग्रामप्रधानो को भी सम्मानित किया।

ऑस्ट्रेलिया ओपन बैडमिंटन के क्वार्टर फाइनल में पहुंची सिंधु

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Rio de Janeiro: India's badminton player P V Sindhu plays against Laura Sarosi of Hungary during the Women's Single match at the Summer Olympic 2016 in Rio de Janeiro, Brazil on Thursday. PV Sindhu won the match by 21-8, 21-9. PTI Photo by Atul Yadav(PTI8_11_2016_000302B)

भारतीय दिग्गज महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने ऑस्ट्रेलिया ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के क्वार्टरफाइनल में जगह बना ली है। दूसरे दौर के मुकाबले में सिंधु ने चीन की चेन शियाओशिन को सीधे सेटों में 21-13,21-18 से हराया। तीसरी विश्व वरीयता प्राप्त भारतीय खिलाड़ी सिंधु ने महिला एकल वर्ग के पहले दौर में जापान की सयाका साटो को एक घंटे पांच मिनट तक चले संघर्षपूर्ण मुकाबले में 21-17, 14-21, 21-18 से मात दी थी।

वहीं, पुरुषों में भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत और बीसाई प्रणीत आस्ट्रेलिया ओपन बैडमिंटन के क्वार्टरफाइनल में पहुंच गये हैं। अब क्वार्टरफाइनल में ये दोनों भारतीय खिलाड़ी एक दूसरे के सामने होंगे। श्रीकांत ने दूसरे दौर में शीर्ष वरीय कोरिया के सोन वान हो 15-21,21-13,21-13 से हराया। जबकि, साई प्रणीत ने चीन के हुआंग यूशियांग को 21-15,18-21,21-13 से मात दी।

भारत वेस्टइंडीज की कमजोर टीम के खिलाफ मजबूत दावेदार

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CARDIFF, WALES - JUNE 20: The Indian team look on during the ICC Champions Trophy Semi Final match between India and Sri Lanka at SWALEC Stadium on June 20, 2013 in Cardiff, Wales. (Photo by Matthew Lewis-ICC/ICC via Getty Images)

पूर्व मुख्य कोच अनिल कुंबले से विवाद को पीछे छोड़ते हुए भारतीय टीम वेस्टइंडीज की कमजोर टीम के खिलाफ मजबूत दावेदार है। कुंबले का मुख्य कोच के रूप में सफर कैरेबियाई सरजमीं पर ही शुरू हुआ था लेकिन एक साल के भीतर भारतीय टीम यहां अपने कोच के बिना लौटी है।

पांच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला और एकमात्र टी-20 अंतरराष्ट्रीय में कुछ बड़ी जीत कोच कुंबले के साथ कप्तान कोहली के विवाद से लोगों का ध्यान हटाने में कप्तान की मदद करेगी। साथ ही यह ऐसा मौका होगा जब कोहली को टीम चयन में पूरी छूट होगी क्योंकि बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ की संभवत: इसमें कोई भूमिका नहीं होगी।

जेसन होल्डर की अगुआई वाली वेस्टइंडीज की टीम ने हाल में अफगानिस्तान के खिलाफ 1-1 से श्रृंखला बराबर की और इसमें कोई संदेह नहीं है कि मौजूदा भारतीय टीम का स्तर मेजबान टीम से बेहतर है। कोहली भी इससे अच्छी तरह वाकिफ हैं और बीसीसीआई के आला अधिकारियों से कुंबले मामले में पूरा समर्थन मिलने के बाद भारतीय कप्तान के लिए गलती की गुंजाइश काफी कम होगी। भारत के वनडे में 5-0 से जीतने की उम्मीद की जा रही है क्योंकि वेस्टइंडीज के 13 खिलाड़ियों को कुल मिलाकर 213 मैच खेलने का अनुभव है जिसमें कप्तान होल्डर 58 मैचों के साथ सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं।

हरीश रावत के सियासी दांव पर भाजपा का वार

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विधानसभा चुनाव हारने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भाजपा सरकार को हर मोर्चे पर नाकाम करने के लिए सियासी दांव पेच में उलझाये रखना चाह रहे है। वहीं भाजपा रावत के सियासी खेल को उन्हीं के अंदाज में जवाब देने के लिए तैयार बैठी है। इसी के तहत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रावत को खुलेआम चुनौती दे रहे है। भाजपा अध्यक्ष का साफ कहना है कि प्रदेश में कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार अपने किये कारनामों को भूल कर साफ सुथरी सरकार को बदनाम करना चाह रही है। फिर भी इस नाटक से कांग्रेस को कोई फायदा नहीं होने वाला है।
अजय भट्ट ने एक कार्यक्रम में कांग्रेस को कोसते हुए कहा कि हरीश रावत अपनी मार्यादा को समझे, भाजपा सरकार उनके गिदड़भभकी से डरने वाली नही है। अगर उन्हें धरना देना है तो एनएच 74 मामले को लेकर दे तो अच्छा रहेगा।
वहीं कांग्रेस हर मोर्चे पर भाजपा को उलझा कर रखना चाह रही है, जिससे विकास में कम उलझन में ज्यादा भाजपा का समय खर्च हो। जिसे भाजपा भी पहचान कर कांग्रेस पर अटैक करने के मूड में दिख रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अपनी योजना के अनुरूप पूर्व सरकार को आइना दिखाकर उन्हें जनता विरोधी बता रहे है। उनका साफ कहना है कि हम जनता के मुद्दों को लेकर आगे बढ़ रहे लेकिन कांग्रेस विकास कार्यो में खलल डाल रही है।

मॉरिशस के बाद अब देश को राष्ट्रपति देगा डीएवी

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मारपीट, हंगामे, आंदोलन और चुनावी शोर डीएवी की पहचान बन चुके हैं, लेकिन सिक्के के दूसरे पहलू पर गौर करें तो डीएवी पीजी कॉलेज से निकले छात्र आज भी देश और दुनिया में अपनी प्रतिभा का डंका बजा रहे हैं। तमाम हंगामों के बीच कॉलेज का अपना एक गौरवांवित करने वाला इतिहास भी रहा है। डीएवी संस्थान ने न सिर्फ देश को कई आईएएस, पीसीएस दिए बल्कि कई देशों को प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक समर्पित किए। इसी कड़ी में एक नाम ओर जुड़ने वाला है। भारत के प्रथम नागरिक यानि राष्ट्रपति के रूप में डीएवी के छात्र रहे रामनाथ कोविंद इस गौरवांवित इतिहास का हिस्सा बनेंगे।

डीएवी पीजी कॉलेज से शिक्षा लेकर देश और दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वालों की फेहरिस्त में एक और नाम जुड़ गया है। डीएवी पीजी कॉलेज कानपुर से शिक्षा प्राप्त करने वाले और बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को भाजपा द्वारा भारत ट्रपति पद के लिए प्रत्याशी बनाया गया है। उनकी इस उपलब्धि पर डीएवी संस्थानों में हर्ष की लहर है। बिहार के राज्यपाल कोविंद को भारत के राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किये जाने पर डीएवी पीजी कॉलेज के प्राचार्य डा. देवेंद्र भसीन ने संस्थान के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि इससे डीएवी परिवार अपने को गौरवान्वित अनुभव कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल कोविंद ने डीएवी पीजी कॉलेज कानपुर से विधि स्नातक उत्तीर्ण की। वे डीएवी कॉलेज परिवार के सदस्य हैं और हम सभी स्वयं को गौरवान्वित अनुभव कर रहे हैं। डीएवी कॉलेज कानपुर व डीएवी कॉलेज देहरादून एक ही संस्थान के अंग हैं। कोविंद का राष्ट्रपति पद के लिये उम्मीदवार बनाया जाना डीएवी परिवार के सभी सदस्यों को एक नई उर्जा और प्रेरणा देगा।
यह पहली बार नहीं है कि कॉलेज के छात्र ने इस प्रकार की उपलब्धि हासिल की है। डीएवी पीजी कॉलेज इससे पहले देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी चमक बिखेर चुका है। इससे पहले कॉलेज मॉरिशस के राष्ट्रपति, नेपाल के प्रधानमंत्री, थल सेना अध्यक्ष और न जाने कितने आईएएस और पीसीएस अधिकारी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं।
डीएवी पीजी कॉलेज,देहरादून के प्राचार्य डॉ देवेंद्र भसीन ने कहा कि डीएवी का अपना एक स्वर्णिम इतिहास रहा है। यह गौरव की बात है कि डीएवी संस्थान से राष्ट्रपति जैसे संम्मानित पद के लिए कॉलेज के पूर्व छात्र को चुना गया। इससे मौजूदा छात्रों को प्रेरणा मिलेगी।

वहीं, डीएवी पीजी कॉलेज के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अंशुल चावला ने कहा कि कॉलेज इससे पहले कई बड़ी हस्तियों को समाज के लिए समर्पित कर चुका है। विदेशों में तो पहले ही राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसे पदों पर कॉलेज के पूर्व छात्र अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। अब विश्व के सबसे बड़े गणराज्य भारत के राष्ट्रपति पद का जिम्मा मिलना अपने आप में उपलब्धि होगी।

दर्शकों पर भड़क रहे हैं ‘बैंक चोर’ रितेश

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पिछले शुक्रवार को रिलीज हुई यशराज की फिल्म बैंक चोर के बॉक्स ऑफिस पर निराशाजनक प्रदर्शन को लेकर फिल्म के हीरो रितेश देशमुख ने फिल्म देखने वाले दर्शकों को दोषी करार दिया है। फिल्म के नतीजों को लेकर अपनी पहली प्रतिक्रिया में रितेश देशमुख ने कहा है कि हमने अपनी तरफ से एक एंटरटेनिंग फिल्म बनाई थी, अगर पब्लिक को हमारी फिल्म अच्छी नहीं लगी, तो इसके लिए हम बिल्कुल दोषी नहीं हैं।

उनका कहना है कि वे इसे परफेक्ट एंटरटेनर मानते हैं, जिसमें कोई कमी नहीं थी। रितेश का कहना है कि दर्शक अगर ऐसी फिल्मों को पसंद नहीं करते, तो ये हमारी समस्या नहीं हो सकती, ये उनका नुकसान है। उनका कहना है कि हमारी टीम को अपनी फिल्म पर गर्व है और रहेगा। ये रितेश देशमुख की हाल ही में रिलीज हुई उनकी तीसरी ऐसी फिल्म है, जिसे दर्शकों ने खारिज कर दिया।
बैंक चोर से पहले रितेश ने ‘बैंजो’ नाम से फिल्म बनाई थी, जिसमें वे सोलो हीरो थे और फिल्म सुपर फ्लॉप रही थी। इसके अलावा पुल्कित सम्राट के साथ रिलीज हुई उनकी फिल्म ‘बंगिस्तान’ को भारत के यंगिस्तान ने खारिज कर दिया था। इसी बीच इंद्र कुमार की फिल्म ग्रेट ‘ग्रैंड मस्ती’ भी सुपर फ्लॉप रही थी, जिसमें रितेश देशमुख और विवेक दोनों थे।
मोहित सूरी की फिल्म ‘एक विलेन’ के बाद रिलीज हुई उनकी सारी फिल्में फ्लॉप रही हैं, जिनमें बैंक चोर का नाम अब जुड़ा है। रिलीज के पहले पांच दिनों में ये फिल्म पांच करोड़ का भी बिजनेस नहीं कर पाई, जबकि फिल्म का बजट ही 20 करोड़ से ज्यादा का बताया गया।

देश भर में मार्शल आर्ट्स स्कूल खोलना चाहते हैं टाइगर

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स साल 21 जुलाई को रिलीज होने जा रही अपनी नई फिल्म मुन्ना माइकल के प्रमोशन में व्यस्त जैकी श्राफ के बेटे टाइगर जल्द ही अपनी एक महत्वाकांक्षी योजना को शुरू करने जा रहे हैं। मुन्ना माइकल के प्रमोशन के लिए हुए एक समारोह में मीडिया से बातचीत करते हुए टाइगर ने अपनी इस योजना का खुलासा करते हुए बताया कि वे जल्द ही मार्शल आर्ट्स सीखाने वाले स्कूलों की एक श्रंखला शुरू करने जा रहे हैं।
टाइगर का सपना पूरे देश में इस तरह के स्कूलों की श्रृंखला शुरू करने को लेकर है, जहां बच्चों से लेकर बड़ों तक हर उम्र के पुरुष और महिलाओं को मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग दी जाएगी, जो महिलाओं के प्रति बढ़ते जा रहे अपराधों के मद्देनजर काफी अहम मानी जाती है।
टाइगर ने बताया कि पहले चरण में वे चार शहरों में ये स्कूल खोलने जा रहे हैं, जिनमें मुंबई के अलावा दिल्ली, बंगलूर और पुणे के नाम शामिल हैं।
टाइगर का कहना है कि इन स्कूलों के लिए काम शुरू हो गया है और जल्द ही ये शुरू हो जाएंगे। उनके मुताबिक, दूसरे चरण में देश के 20 और शहरों में ये स्कूल खोलने की योजना है। इन शहरों में जयपुर, अहमदाबाद, चेन्नई, कोलकाता, चंड़ीगण, लखनऊ, भोपाल, इंदौर, पटना, रांची, देहरादून, शिमला, जम्मू, अमृतसर, नागपुर, कोच्ची, हैदराबाद, विशाखापट्टनम, बनारस और त्रिवेंद्रम के नाम शामिल हैं।
तीसरे चरण में इस योजना में 15 और शहरों को शामिल करने की योजना है, जिनमें जालंधर, उदयपुर, बड़ोदरा, आगरा, मथुरा, गोरखपुर, बरेली, गुड़गांव, नोएडा, कोटा इत्यादी के नाम हैं। टाइगर की योजना तीन सालों में देश के कुल सौ शहरों में ऐसे स्कूल खोलने की है।

ग्रामीणों ने श्रमदान कर गांव में पहुंचाया पानी

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प्रखण्ड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के कार्यालय में कई बार पेयजल अपूर्ति के लिए गुहार लगाने के बाद भी जब सुनवाई न हुई, तो ग्रामीणों ने स्वयं ही श्रमदान कर क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को ठीक कर दिया। कालसी विकासखंड के बसाया गांव के ग्रामीणों ने बताया कि गांव की पेयजल लाइन ग्राम पंचायत के अधीन है जिसके चलते देख रेख के अभाव में जीर्ण शीर्ण हो चुकी है।

इस सम्बंध में दर्जनों बार बीडीओ कार्यालय में शिकायत की गई लेकिन लाइन की मरम्मत के प्रति किसी ने रूचि नही दिखाई।रविवार दोपहर तक समस्त ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से श्रमदान कर जगह-जगह से क्षतिग्रस्त लाइन को ठीक किया और गांव तक पानी पहुंचाया। शाम को जब गांव में पानी पहुंचा, तो ग्रामीण खुशी से झूम उठे। हालांकि, ग्रामीणों ने खंड विकास कार्यालय के खिलाफ आक्रोश भी देखने को मिला। बीडीओ बीपी खंडूरी ने बताया कि लाइन का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है और स्वीकृति मिलने पर नई लाइन बिछाई जाएगी।

बड़े खतरे का सबब बन सकता है स्वारी गाड बैली ब्रिज

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जिले में स्थित गंगोत्री हाई-वे पर स्वारी गाड का अस्थायी बैली ब्रिज जर्जर हो चुका है। इससे कभी भी हादसा हो सकता है। गंगोत्री व उपला टकनोर का संपर्क कट सकता है। इसको लेकर क्षेत्रवासियों ने चिंता जाहिर की है और प्रशासन का ध्यान खींचते हुए इसे तुरंत ठीक कराने की मांग की है।

उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से गंगोत्री की ओर 40 किलोमीटर की दूरी पर स्वारी गाड है। इस स्थान पर पहले उपला टकनौर के साथ गंगोत्री धाम व भारत-चीन बॉर्डर को जोड़ने के लिए पक्का मोटर पुल था। 2012 में स्वारी गाड में आए उफान में पुल बह गया। इसके बाद यहां बैली ब्रिज बनाया गया। अस्थायी तौर पर बनाए इस बैली ब्रिज की हालत वर्ष 2014 में ही जर्जर हो चुकी थी। मौजूदा समय में पुल के दोनों हिस्सों में धंसाव के साथ ही पुल के ऊपर बिछाया गया लोहा भी उखड़ गया है। पुल से हर दिन 500 से अधिक वाहन आवाजाही कर रहे हैं। इस पुल में कभी भी हादसा हो सकता है तथा गंगोत्री व उपला टकनोर का आपसी संपर्क भी कट सकता है।
हालांकि, बीआरओ ने इस बैली ब्रिज के स्थान पर दूसरा पुल बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था। लेकिन, 2016 में ऑल वेदर रोड की घोषणा होते ही पुल के पुराने प्रस्ताव पर ब्रेक लग गया। अब इस स्थान पर ऑल वेदर रोड के हिसाब से ही पुल बनना है। लेकिन धरासू से गंगोत्री तक होने वाले ऑल वेदर रोड के कार्य के लिए अभी एनजीटी से स्वीकृति नहीं मिली है। यह मामला अभी एनजीटी में ही लटका है।
बीआरओ के कमांडर एससी लूनिया ने बताया कि अभी एनजीटी ने धरासू से लेकर गंगोत्री तक के ऑल वेदर रोड के निर्माण पर रोक लगाई है। स्वारी गाड में नए पुल के लिए ऑल वेदर रोड के हिसाब से सर्वे से लेकर सभी चीज पूरी हैं। अगर एनजीटी से स्वीकृति मिल जाती है तो पुल निर्माण शुरू हो जाएगा।
इसके साथ ही बीते पांच सालों में भारी बारिश से उफान पर आए नालों और गदेरों के चलते हाईवे के कई पुलों पर भी खतरा मंडरा रहा है। नदी नालों में मलबे से जलस्तर ऊंचा होने से झाला पुल, बढ़ेथी चुंगी मोटर पुल, गंगोरी बैली ब्रिज, पपड़गाड मोटर पुल पर भी खतरा मंडरा रहा है।

कश्मीरी छात्रों को प्रवेश देने के विरोध में उतरे स्थानीय छात्र

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डीएवी पीजी कॉलेज में कश्मीरी छात्रों को प्रवेश देने का छात्रों ने विरोध किया है। बुधवार को छात्रसंघ के कार्यकर्ताओं ने तीखा विरोध दर्ज करते हुए कॉलेज प्राचार्य डा. देवेंद्र भसीन को ज्ञापन सौंपा। छात्रों का कहना है कि यह सुरक्षा की दृष्टि से अति संवेदनशील मसला है। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन से इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की। छात्र संघ अध्यक्ष राहुल कुमार के नेतृत्व में छात्र डीएवी पीजी के प्राचार्य डॉ. देवेंद्र भसीन से मिले। जहां उन्होंने कश्मीरी छात्रों को प्रवेश देने के फैसले को वापस लेने की मांग की। छात्रों ने ज्ञापन देते हुए कहा कि कालेज में पहले भी कश्मीरी मुस्लिम छात्रों को प्रवेश दिया गया है। लेकिन ये छात्र देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं।

अभी हाल ही में देहरादून के सेलाकूई स्थित एक कालेज में बीएससी की पढ़ाई कर रहे कश्मीरी छात्र दानिश का आतंकी गतिविधियों में लिप्त रहने की बात सामने आई है। जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने के बाद इसका खुलासा हुआ। इसे किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। डीएवी महाविद्यालय में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्र भी देश विरोधी हैं। छात्रों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर बॉर्डर पर भारतीय सैनिकों के शहीद होने पर ये छात्र खुले आम खुशी का इजहार करते हैं, जश्न मनाते हैं, इससे स्थानीय छात्रों के बीच खासा आक्रोश पनपता जा रहा है। यह स्थिति कभी भी गंभीर रूप धारण कर सकती है। छात्रों ने कहा कि जो इस देश में रहते हैं और सारी सुख-सुविधायें भोग रहे हैं। फिर भी पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी करते हैं। इनकी अवांछित हरकतों को देशद्रोह की श्रेणी में रखा जाना चाहिए।

छात्रों ने ज्ञापन में कहा कि कुछ समय पूर्व भी डीएवी कालेज एवं अन्य संस्थानों के छात्रों ने घंटाघर पर खुलेआम देश विरोधी नारे लगाये थे। अगर कश्मीरी छात्रों को कालेज में प्रवेश दिया जाता है तो इससे माहौल खराब होगा और अन्य छात्रों की पढ़ाई नुकसान होने की भी आशंका है। छात्रों ने कालेज प्रबंधन से स्थानीय छात्रों के हित में उचित कदम उठाने की मांग की है।छात्रों ने साथ ही चेतावनी भी दी है अगर इन सारे तथ्यों को नजरअंदाज करते हुए कश्मीरी छात्रों को प्रवेश दिया जाता है तो छात्रसंघ किसी भी हद तक जाकर विरोध करेंगे। इसके बाद जो स्थिति उत्पन्न होगी उसके लिए कालेज प्रशासन जिम्मेदार होगा।