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शहीद स्थल को पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने के लिए समिति गठित

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उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने दर्शनी गेट स्थित शहीद महाराज प्रदुम्मन शाह की समाधि स्थल पर खुड़बुड़ा युद्ध के 83 शहीदों की आत्मा की शांति के लिए आयोजित यज्ञ में शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर महाराज ने कहा कि खुड़बुड़ा युद्ध के सभी 83 वीर शहीदों के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक है तथा हम सभी लोग इन योद्धाओं की आत्मा की शांति के लिए यज्ञ कर रहें है। उन्होंने कहा कि इस शहीद स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए एक समिति का गठन करेंगे, जो इस युद्ध में शहीद हुए वीर सैनिकों तथा उससे सम्बन्धित जुड़ी हुई सत्यता की जांच करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ऑथेंटिक दस्तावेजों के साथ आगे कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि यह वीर योद्धा सभी के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं, जिन्होंने अपनी मातृभूमि तथा क्षेत्र की अखण्डता व आन के लिए अपना बलिदान दिया।
इस अवसर पर शहीद महाराजा स्मारक निर्माण समिति के अध्यक्ष शीशपाल गुसांई ने अवगत कराया कि 14 मई 1804 ई0 (ऐतिहासिक पुस्तकों के अनुसार लड़ाई 26 जून 1804 तक चली) में अपनी भूमि को बचाने के लिए गोरखों से गढ़वाल के 54वें महाराजा प्रदुम्मन शाह ने खुड़बुड़ा का ऐतिहासिक युद्ध लड़ा था तथा अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने सिंहासन तक बेच दिया था। इस अवसर पर शहीद महाराजा प्रदुम्मन शाह स्मारक समिति के सचिव भवानी प्रताप सिंह, पार्षद झण्डा मौहल्ला अजय सिंघल, भाजपा मण्डल अध्यक्ष विशाल गुप्ता सहित सम्बन्धित सदस्य उपस्थित रहे।

कोविंद भाजपा सांसदों, विधायकों से मिले, दो निर्लदीय विधायकों ने भी दिया समर्थन

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राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद ने सोमवार को देहरादून में बीजेपी सांसदों और विधायकों के साथ बैठक की। इस बैठक में दो निर्दलीय विधायकों ने भी एनडीए उम्मीदवार को समर्थन देने का ऐलान किया।बैठक के बाद राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कोविंद की जीत का विश्वास दिलाते हुए बद्रीनाथ आने का निमंत्रण दिया। सोमवार दोपहर में रामनाथ कोविन्द ने मुख्यमंत्री आवास में बीजेपी सांसदों और विधायकों के साथ बैठक की। हालांकि इस बैठक में भाजपा के सिर्फ़ दो ही सांसद अजय टम्टा और माला राजलक्ष्मी शाह ही शामिल हुए। बताया जा रहा है जो भाजपा के सांसद शामिल नही हुए वे शहर से बाहर है। बैठक में प्रदेश के दो निर्दलीय विधायक प्रीतम पंवार और राम सिंह कैड़ा भी शामिल हुए और उन्होंने एनडीए प्रत्याशी को समर्थन देने का ऐलान किया।
राष्ट्रपति चुनाव के लिए एनडीए के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद सोमवार को देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत भी उनके साथ थे। कोविंद एयरपोर्ट से सड़क मार्ग से सीएम आवास पहुंचे, जहां कोविंद ने विधायक मंडल दल की बैठक में शिरकत की। पूरे शहर में स्वागत के लिए रास्ते भर बैनर पोस्टर लगाये गये थे।
इस मौके पर जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टमटा सहित भाजपा के दर्जनों नेता स्वागत के लिए मौजूद रहे।

हरिद्वार का सेंट मेरी स्कूल क्यों है सुर्खियों में?

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हरिद्वार का एक शिक्षण संस्था, सेंट मेरी ज्वालापुर अच्छी खासी सुर्खियां बटोर रहा है। हर वर्ष तो यह संस्था अभिभावको के दृष्टिकोण से इसलिए चर्चा में रहती थी कि हर कोई अपना बच्चा इस स्कूल में पढ़ाना चाहता था। बच्चे का एडमिशन एक बडी समस्या अभिभावको के लिए बनी रहती है, शहर के बीच स्थित यह स्कूल सभी की पहली पसंद है, लेकिन वर्तमान में यह स्कूल मैनेजमेंट व शिक्षकों के विवाद के कारण चर्चा में है।

आज मध्य हरिद्वार में अभिभावक  संघ की एक बैठक हुई जिसकी अध्यक्षता ओमप्रकाश पावा द्वारा की गई। काफी संख्या में जुटे छात्र छात्राओं के माता पिता सेंट मेरी स्कूल के चल रहे विवाद को लेकर खासे परेशान नजर आए। सबसे ज्यादा परेशानी उन माता पिता को है जिनके बच्चे सेंट मेरी स्कूल में दसवीं और बारहवीं की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। उन का कहना है कि सेंट मेरी स्कूल में जितना भी सीनियर स्टाफ है उसमें से 7 वरिष्ठ शिक्षक को सेंट मेरी मैनेजमेंट द्वारा तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है जिसके कारण बच्चों के माता-पिता ना तो बच्चों को स्कूल से निकाल सकते हैं ना ही किसी अन्य शिक्षकों पर भरोसा कर सकते हैं।

अभिभावक संघ सेंट मेरी स्कूल के इस तुगलकी फरमान के कारण लोग रोष में है अौर कहते है कि स्कूल की यह कार्रवाई हमको 25 जून 1975 की याद दिलाती है, सन 1975 में आज के दिन भारत सरकार द्वारा आपातकाल लगाया गया था। लोगों का कहना है कि आज भी 25 जून है, आपातकाल का एहसास हमको आज हो रहा है। सेंट मेरी स्कूल की मनेजमेंट न जाने क्या नजीर पेश करना चाहती है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल मैनेजमेंट अगर अपने इस रुख पर  कायम रही  तो शुरुआती सत्र बहुत ही हंगामे दार होने जा रहा है। शहर के प्रबुद्ध नागरिकों के बार-बार प्रयास करने के बाद भी स्कूल मैनेजमेंट वरिष्ठ शिक्षकों से कोई भी वार्ता करने को तैयार नहीं है।

अभिभावको का कहना है कि इसाई मिशनरी कि इस मैनेजमेंट को उदारता का परिचय देते हुए शिक्षक छात्र छात्राओं के भविष्य के बारे में सोचना चाहिए। लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी संवेधानिक हक देती है केंद्र सरकार द्वारा दिए गए सातवे वेतन आयोग अनुसार शिक्षको द्वारा वेतन की मांग करना कोई जुर्म नहीं है जिसकी इतनी कठोर सजा दी जाए। अभिभावक संघ के सदस्यों का कहना है कि यह नैतिक मूल्यों की लड़ाई है, अच्छा होगा कि दोनों पक्ष मिल बैठकर कोई स्थाई समाधान शीघ्र ही निकाल ले ताकि आने वाला सत्र शांतिपूर्ण तरीके से पूर्व की भांति चलता रहे।

‘ट्यूबलाइट’ की समीक्षाओं को खारिज किया ‘भाईजान’ ने

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अपनी नई रिलीज फिल्म ‘ट्यूबलाइट’ को लेकर सलमान खान ने मीडिया में आई फिल्म की समीक्षाओं को खारिज कर दिया है। शुक्रवार को ‘ट्यूबलाइट’ सिनेमाघरों में रिलीज हुई और सलमान खान एक समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे, जहां उनका सामना मीडिया से हुआ।

मीडिया ने जब फिल्म को लेकर रिव्यूज को लेकर उनकी राय जाननी चाही, तो सलमान पहले मुस्करा दिए और फिर उन्होंने कहा कि वे कभी भी मीडिया के रिएक्शन पर ध्यान नहीं देते। उनका कहना था कि फिल्म बनाकर इसे रिलीज करके हमने अपना काम कर दिया। मीडिया अपना काम कर रहा है और पब्लिक अपना काम करेगी।

सलमान ने कहा कि वे पब्लिक रिव्यूज को जरूर महत्वपूर्ण मानते हैं और इस बात से वे खुश हैं कि उनको पब्लिक से फिल्म को लेकर अच्छा फीडबैक मिल रहा है। सलमान ने कहा कि वे मीडिया की समीक्षाओं को लेकर इसलिए रिएक्ट नहीं करते, क्योंकि वे मिली जुली होती हैं और हर कोई अपनी सोच से लिखता है।

सलमान ने कहा कि उनकी फिल्म को लेकर अगर अच्छे रिव्यूज आते हैं, तो भी वे ज्यादा खुश नहीं होते और अच्छे रिव्यूज नहीं आए, तो परेशान भी नहीं होते। उनको उम्मीद है कि पब्लिक उनकी इस फिल्म को पसंद करेगी और यही बात उनके लिए सबसे ज्यादा अहम रखती है।

मीडिया में ज्यादातर समीक्षाओं में ‘ट्यूबलाइट’ को एक कमजोर फिल्म माना गया है। खास तौर पर ‘बजरंगी भाईजान’ के मुकाबले इस फिल्म को ज्यादा कमजोर माना जा रहा है। रिलीज के पहले दिन दर्शकों की भी इस फिल्म को लेकर मिली जुली प्रतिक्रियाएं ही सामने आई हैं।

‘नीरजा’ के निर्माताओं के खिलाफ परिवार पहुंचा कोर्ट

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राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाली फिल्म ‘नीरजा’ को लेकर निर्माता और नीरजा भनोत के परिवार के बीच टकराव और ज्यादा बढ़ गया है। भनोत परिवार ने आपराधिक साजिश का आरोप लगाते हुए फिल्म के निर्माताओं के खिलाफ हरियाणा-पंजाब हाईकोर्ट में केस दायर किया है। इसमें परिवार की ओर से फिल्म के निर्माताओं पर अपने वादे से मुकरने और दोनों के बीच हुए करार का पालन न करने के आरोप लगाए गए हैं।

परिवार का कहना है कि सितम्बर 2013 में फिल्म के बनने से पहले फिल्म के निर्माताओं के साथ लिखित में इस बात को लेकर एग्रीमेंट साइन किया गया था कि रिलीज के बाद फिल्म को होने वाली कमाई का 10 प्रतिश्त हिस्सा परिवार के सदस्यों को दिया जाएगा। परिवार द्वारा दायर याचिका के मुताबिक, उस वक्त निर्माताओं ने परिवार को 7.5 लाख रुपये दिये थे। परिवार कहता है कि कंपनी तीन साल में उनको सिर्फ 24 लाख रुपये देना चाहती है, जिसे लेने से परिवार ने मना कर दिया और इस पेशकश को खारिज करते हुए कोर्ट का रुख किया।

परिवार का आरोप है कि फिल्म की टीम अनुबंध की शर्तों का पालन करने से मुकर रही है। परिवार ने अपनी याचिका में फिल्म का निर्माण करने वाली कंपनी और इसके मार्केटिंग राइट्स रखने वाली कॉरपोरेट कंपनी फॉक्स स्टार इंडिया को आरोपी बनाया है। याचिका में कहा गया है कि फिल्म 21 करोड़ की लागत से बनी और अब तक 135 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर चुकी है।

अदालत ने इस मामले की सुनवाई जुलाई में करने का फैसला किया है, लेकिन अभी इसके लिए कोई तारीख तय नहीं हुई है। फिल्म निर्माताओं की ओर से भनोत परिवार के आरोपों को पहले ही खारिज किया जा चुका है। परिवार द्वारा कोर्ट में किए गए केस को लेकर कंपनी के प्रवक्ता का कहना है कि अभी तक उनको अदालत का कोई नोटिस नहीं मिला है। कंपनी के कानूनी जानकारों की टीम नोटिस मिलने के बाद अगले कदम के बारे में कोई फैसला करेगी। प्रवक्ता ने कहा कि हम कोर्ट का सम्मान करते हैं और चाहते हैं कि कोर्ट से हमें इंसाफ मिले।

बारिश से मसूरी में हालात खराब,भूस्खलन से एक युवती की मौत, शहर में लगे लंबे जाम

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सोमवार सुबह कुछ घंटों की बारिश ने मसूरी में सड़कों का हाल बेहाल कर दिया है। हालत ये हो गये कि सारा शहर मानो थम सा गया। लोंग वीकेंड होने के कारण पहाड़ों की रानी में पर्यटकों की भी खासी भीड़ है जिसके चलते शहर में परेशानियां और बड़ ही गई हैं।

कुछ ही घंटों की बारिश ने शहर भर के बरसाती नालों को भर दिया है और और इनके बहने के कारण सड़कों पर मलबा और कचरा फैल गया है। कुछ इलाकों में तो मिट्टी खिसकने के कारण भूस्खलन तक हो गया है। धनौल्टी मसूरी बाईपास भूस्खलन के चलते घंटों बंद रहा। इसके कारण शहर भर में लंबे जाम लग गये। आम निवासियों के साथ साथ बड़ी संख्या में यहां पहुंचे पर्यटकों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

जिला प्रशासन ने जेसीबी की मदद से रास्ता खोलने का काम किया ताकी वाहनों की आवाजाही पर असर न पड़े।मसूरी एक विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है लेकिन साल दर साल बारिशों में जिस तरह से यहां परेशानियों का सैलाब आ जाता है उससे शहर की तैयारियों की कलई खुल जाती है। एसडीआरएफ को सुबह साढ़े तीन बजे काॅल मिली की मसूरी के बाहरी इलाके बासाघाट में एक घर की दीवार गिर गई है जिसके चलते 16 साल की दीपिका उसमें फंस गई।दीपिका को बचाने के लिये रेस्क्यू का काम  तुरंत शुरु कर दिया गया पर उसे बचाया न जा सका।

अब गायक व संगीतकार बने ‘गली ब्वाय’ रणबीर

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कुछ दिनों पहले रणबीर सिंह ने सचिन तेंदुलकर के साथ सुर में सुर मिलाए हैं। इस बार तो वे गाना कंपोज करने जा रहे हैं। जानकारी मिली है कि जोया अख्तर के निर्देशन में शुरू होने जा रही फिल्म ‘गली ब्वाय’ के लिए एक गाना रणबीर कंपोज करने वाले हैं। खबर के मुताबिक, वे इस गाने को अपनी आवाज में रिकॉर्ड भी करेंगे।

बताया जाता है कि फिल्म के स्टोरी सेशन में एक गाने की सिचुएशन को लेकर रणबीर सिंह के सुझाव जोया को इतने ज्यादा पसंद आए कि उन्होंने इसे कंपोज करने की जिम्मेदारी रणबीर सिंह को सौंप दी और रणबीर फौरन इसके लिए मान गए। इस फिल्म में रणबीर की जोड़ी आलिया भट्ट के साथ होगी। ये जोड़ी कई एड फिल्मों में साथ काम कर चुकी है, लेकिन पहली बार फिल्म के पर्दे पर नजर आएगी।

खबर ये भी है कि फिल्म का एक गाना आलिया की आवाज में भी होगा, जिसके लिए आलिया भट्ट ने अपनी सहमति दे दी है। जोया ने इस बात से भी मना नहीं किया है कि फिल्म का एक गाना रणबीर और आलिया मिलकर गा सकते हैं। ये म्यूजिकल फिल्म अगस्त से शुरू होने जा रही है और अगले साल मार्च में इसे रिलीज करने का प्लान है।

एयरटेल पोस्टपेड फ्री डाटा ऑफर तीन महीने और जारी

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रिलायंस जियो के पिछले साल अक्टूबर में फ्री डाटा देने के क्रम की शुरुआत के बाद भारत में सभी प्रमुख दूरसंचार ऑपरेटरों ने भी अपने आकर्षक डाटा पैक पेश किए हैं। ऐसे में भारती एयरटेल ने अप्रैल में हॉलिडे सर्पराइजेज की पेशकश की थी जिसे अब तीन महीने के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। एयरटेल हॉलिडे सर्पराइजेज ऑफ़र अप्रैल में लाया गया था जिसके तहत पोस्टपेड ग्राहकों को तीन महीने के लिए मुफ्त में 30 जीबी(10 जीबी प्रति माह) 4 जी डेटा दिया गया। यह ऑफर 28 फरवरी से पहले बने एयरटेल के पोस्टपेड ग्राहकों के लिए था। यह विभिन्न पोस्टपेड योजनाओं पर भी लागू हुआ।
अब इसी को कंपनी ने तीन महीने तक आगे बढ़ा दिया है, जिसका मतलब है कि एयरटेल पोस्टपेड ग्राहक 1 जुलाई के बाद भी इस ऑफ़र का लाभ उठा सकते हैं और इसका लाभ सितंबर तक ले सकते हैं। एयरटेल ने अपने पोस्टपेड ग्राहकों को ई-मेल के माध्यम से यह जानकारी दी है।
इसके अलावा एयरटेल प्रीपेड ग्राहकों के लिए कुछ आकर्षक 4 जी डेटा प्लान लाया है। कंपनी के 244 के प्लान में प्रति दिन 1 जीबी 4 जी डेटा 70 दिनों तक मिलेगा। इसके अलावा कुछ सीमा के साथ एयरटेल-टू-एयरटेल कॉल मुफ्त मिलेगा।

विश्व बाॅडी बिल्डिंग चैम्पियनशीप में उत्तराखंड की भूमिका ने जीता मिस वर्ल्ड का खिताब

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एक और भारतीय मिस वर्ल्ड बन चुकी है और इस मिस वर्ल्ड के पास लोगों को दिखाने के लिए अच्छी खासी मांसपेशियों भी है। जी हां बाॅडी बिल्डर भूमिका ने उत्तराखंड को एक नई उपाधि से नवाजा है।देहरादून की भूमिका शर्मा ने तीन श्रेणियों में सबसे अधिक अंक हासिल किए- व्यक्तिगत रूप से पोज़ करने में, बॉडी के प्रदर्शन में और अंत में उन्हें मिस वर्ल्ड का खिताब और वेनिस में पिछले सप्ताह हुए विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक का मेडल भी मिला है।

“भूमिका ने कहा कि “भारतीय टीम में कुल 27 सदस्य थे। मैं अकेली महिला बॉडी बिल्डर थी मैंने सभी तीन राउंड में पर्याप्त अंक हासिल किए और देश को गर्व महसूस करवाया है। चैंपियनशिप ने विभिन्न देशों के 50 प्रतियोगियों ने भाग लिया।

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लेकिन बाॅडी बिल्डिंग उनकी मूल पसंद नहीं थी उनके माता-पिता-हंसा मनरल शर्मा, जो भारतीय महिला वेटलिफ्टिंग टीम के प्रमुख कोच और एक कारोबारी विश्वविजय शर्मा, चाहते थे कि वे शूटर बनें, लेकिन भाग्य ने उनके लिए कुछ और ही सोच रखा था।तीन साल पहले नई दिल्ली में एक शूटिंग के दौरान, एक बाॅडी बिल्डर कोच के साथ मुलाकात का मौका मिलने से इस 21 साल की लड़की के जीवन को बदल कर रख दिया। इस मुलाकात के बाद उन्होंने शूटिंग छोड़ कर, बाॅडी बिल्डिंग को चुना और उसके बाद नियमित रूप से पदक जीतने लगी।

अपने माता पिता की इकलौती औलाद होने के बाद भूमिका के लिए अपने माता-पिता को बाॅडी बिल्डिंग के लिए जाने की अनुमति लेना बिल्कुल आसान नहीं था।शुरुआती मनमुटाव के बाद, उसके माता-पिता ने अंततः उन्हें अपने जुनून को जारी रखने के लिए मंजूरी दे दी। उनकी मां उनके समय-सारिणी पर नजर रखती थी और समय-समय पर अपनी बेटी से आवश्यक चीजें शेयर करती रहती थी।इसके साथ ही उनके कोच, भूपेंद्र शर्मा ने सुनिश्चित किया कि वह हमेशा प्रभावशाली रहे।

वह एक दिन में सात घंटे तक जिम में एक सज़ा को मानते हुए एक्सरसाइज करती थी। भूमिका अब बाॅडी बिल्डिंग के लिए मिस यूनिवर्स खिताब में अपनी जगह निर्धारित कर चुकी है। भूमिका उत्तराखंड की एकमात्र महिला बॉडी बिल्डर है जिन्होंने राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में एक जगह बनाई है। उन्होंने बताया कि “मैं इस वर्ष दिसंबर में आयोजित होने वाली मिस यूनिवर्स चैम्पियनशिप के लिए कड़ी मेहनत कर रही हूं”।

यूनाइटेड किंगडम के राष्ट्रीय एमेच्योर बॉडी-बिल्डर्स एसोसिएशन (एनएबीबीए) द्वारा आयोजित, मिस एंड मिस्टर यूनिवर्स खिताब के लिए 60 देशों के बॉडी बिल्डर भाग लेंगे।

बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे सैंकड़ों अस्पताल

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A patient waits outside a doctor's clinic at a residential area in Mumbai December 24, 2012. REUTERS/Danish Siddiqui

उधमसिंह नगर के काशीपुर में सैकड़ों निजी अस्पताल चल रहे हैं, मगर सीएमओ कार्यालय में सिर्फ 26 निजी अस्पताल पंजीकृत हैं। इसका खुलासा सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना से हुआ। पंजीकृत न कराने वाले अस्पताल संचालक मरीजों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। यही नहीं, अस्पतालों में अंट्रेंड लोग काम भी कर रहे हैं।

हैरानी की बात यह है कि 26 अस्पतालों को छोड़कर सभी अस्पताल बिना पंजीयन के चल रहे हैं। इन अस्पतालों में अंट्रेंड लोग मरीजों को इंजेक्शन लगा रहे हैं और रोगों से संबंधित जांच भी रह रहे हैं। ऐसे में मरीजों का सही तरीके से इलाज नहीं हो पा रहा है। पंजीकृत न होने से झोलाछाप डॉक्टर मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। मरीज के इलाज में लापरवाही बरतने के मामले में आए दिन किसी न किसी अस्पताल में हंगामा होता रहता है। क्लीनिकल स्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीयन जरूरी है। स्थायी पंजीयन तब होता है, जब अस्पताल पूरे मानक पर खरा उतरता है। पांच साल के लिए पंजीयन होता है और हर साल नवीनीकरण कराया जाता है। खास बात यह है कि एक्ट तो बन गए, मगर पंजीयन न कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का नोटिफिकेशन नहीं हुआ है। एक भी अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में अस्पताल में मनमानी तरीके से इलाज किया जा रहा है। एक्ट के तहत पंजीयन होने पर अस्पतालों में ट्रेंड लोगों को काम के लिए रखा जाएगा। इससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।

आरटीआइ कार्यकर्ता आसिम अजहर ने स्वास्थ्य विभाग से पंजीकृत सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों की सूचना मांगी तो अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अविनाश खन्ना ने उपलब्ध कराई सूचना में जिला रजिस्ट्रीकरण प्राधिकरण के तहत 26 अस्पताल पंजीकृत हैं। इनमें आठ स्थायी पंजीकृत हैं। बाकी अनंतिम हैं।