Page 715

शिकारियों की सक्रियता देख कार्बेट में अलर्ट

0

शिकारियों की सक्रियता को देखते हुए कार्बेट प्रसासन सख्त हो गया है और चप्पे चप्पे पर निगरानी बढा दी गयी है खासतौर पर बरसात के सीजन में शिकारियों की घुसपैठ को लेकर संवेदनशील कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में अलर्ट जारी कर दिया गया है। एक जुलाई से ऑपरेशन मानसून के तहत जंगल में सघन पेट्रोलिंग होगी। इसके लिए करीब पांच सौ फील्ड कर्मियों को तैनात किया गया है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का क्षेत्रफल 1288 वर्ग किलोमीटर है। बरसात के सीजन में झिरना व ढेला के अलावा अन्य पर्यटन जोन में पर्यटकों, जिप्सी चालकों व गाइडों की आवाजाही बंद हो जाती है। बारिश होने पर गश्त भी प्रभावित रहती है। ऐसे में कॉर्बेट में बाघ, गुलदार, हाथी व अन्य वन्य प्राणी शिकारियों के निशाने पर रहते हैं, जिसे रोकने की चुनौती बनी रहती है।

वन्य जीवों को सबसे अधिक खतरा कॉर्बेट से सटे उत्तर प्रदेश के अमानगढ़, अफजलगढ़, शेरकोट, कोतवाली, धामपुर, नगीना नजीबाबाद, मंडावली क्षेत्रों से रहता है। पूर्व में ऐसा देखा गया है कि शिकारी इन्हीं क्षेत्रों से कार्बेट में घुसपैठ की कोशिश करते हैं। ऐसे में दक्षिणी सीमा पर प्रत्येक दो किलोमीटर में बनी 40 वन चौकियों पर विशेष अलर्ट रहता है।

सिरफिरी महिला ने पुलिस कर्मचारियों के साथ करी बदसलूकी

0

उत्तराखण्ड के लालकुआं की सड़कों में एक सिरफिरी महिला ने जो हाथ में आया उसे मारकर और तोड़फोड़ मचाकर हंगामा काट दिया । नैनीताल जिले में हल्द्वानी स्थित लालकुआं बाजार में उस वक्त अफरातफरी मच गई जब एक सरफिरी महिला ने बाजार में हंगामा काटना शुरु कर दिया । इस बीच मौके पर पहुंची पुलिस ने जब महिला को रोकना चाहा तो सरफिरी महिला ने महिला पुलिस कर्मचारियों से बदसलूकी कर उनसे भी भिड़ गई ।

सरफिरी महिला ने दो महिला पुलिसकर्मियों के साथ भी हाथापाई की । यही नहीं महिला ने पुलिसकर्मी पर जमकर लात तक चला दिया । इस बीच पुलिस उसे बमुश्किल कोतवाली लेकर आई । लेकिन सिरफिरी महिला कहाँ ठहरने वाली थी, उसने वहां भी जमकर हंगामा काटा । एक दरोगा को भी इस बेकाबू महिला ने हाथ मे दांत से काट दिया । महिला ने थाने में रखे कम्प्यूटर को भी फेंकने की कोशिश की । पुलिस ने महिला को मैडिकल के लिए भेजकर बड़ी मुश्किल से अपनी जान छुड़ाई । उधर कोतवाल रवि कुमार सैनी का कहना है कि महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर उसका चालान काट दिया गया है और प्रथम दृष्टया महिला मानसिक रूप से डिस्टर्ब लग रही है

भारी बारिश से पहाडों की सडकें बंद

0

बागेश्वर में बारिश से आम जनजीवन प्रभावित है। बारिश से कपकोट ब्लॉक को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली तीन सड़कें बंद है। मार्ग बंद होने से यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

गुरुवार तड़के हुई बारिश से आपदा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील कपकोट ब्लाक की तीन सड़कें बंद हो गई। सामा-नाकुड़ी सड़क पर मलबा आने से बंद हो गई थी। तीन-चार घंटे की मशक्कत के बाद जेसीबी ने मार्ग गाड़ियों के आवागमन के लिए सुचारू कर दिया। वहीं कपकोट-कर्मी मोटर मार्ग पर लगातार मलबा आ रहा है। वहां पर जेसीबी तैनात किया गया है। रिखाड़ी-बाछम मार्ग किमी 18 पर बंद है। मार्ग खोलने का काम किया जा रहा है।

रोज-रोज मार्ग बंद होने से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यातायात तो बुरी तरह प्रभावित है। बारिश के मौसम में पूरा क्षेत्र जिला मुख्यालय से कट सा गया है। आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि आपदाग्रस्त क्षेत्र होने के कारण कपकोट में विशेष व्यवस्था की गई है। किसी भी आपदा से निपटने के लिए एसडीआरएफ टीम भी तैनात की गई है।

सिक्किम से नोएंट्री वाले कैलाश मानसरोवर यात्रियों को उत्तराखंड देगा एंट्री

0

कुमाऊं मंडल विकास निगम लिमिटेड (केएमवीएन) ने कैलाश मानसरोवर के उन तीर्थयात्रियों को प्राथमिकता देने का फैसला किया है, जिन्हें सिक्किम में नाथुला पास से प्रवेश करने की अनुमति नहीं मिली है। वार्षिक कैलाश मानसरोवर यात्रा उत्तराखंड में पिथौरागढ़ के माध्यम से होती है। अधिकारियों के मुताबिक नथुला मार्ग ले जाने वाले 13 तीर्थयात्री, अब उत्तराखंड के माध्यम से चीन में प्रवेश करने वालों के साथ जुड़ेंगे।

“केएमवीएन के क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी डी के शर्मा ने कहा कि “अब तक 13 तीर्थयात्रीयों ने उत्तराखंड से सफर करने में रुचि व्यक्त की है। उन्हें यात्रा करने के लिए तीर्थयात्रियों के 5 वें और 6 बैचों में शामिल किया जाएगा।

अधिकारियों ने कहा कि तीर्थयात्रियों को किस बैच में लेना है यह अभी भी निश्चित नहीं हुआ है। नाथूला के माध्यम से प्रवेश की अनुमति ना मिलने वालों को आगामी बैचों में रिक्तियों पर निर्भर करता है।

तिब्बत में 15,160 फीट की ऊंचाई पर स्थित कैलाश मानसरोवर के लिए कठिन ट्रैकिंग की जरुरत होती है ऐसे में जो तीर्थयात्री ट्रेकिंग के लिए फीट नहीं पाए जाते उनकी जगह खाली हो जाती है।पहला बैच कैलाश मानसरोवर से वापस आ गया है। दो और बैच अभी तिब्बत में हैं और दो बैच अभी रास्ते में हैं।

अधिकारियों का दावा है कि उत्तराखंड की तीर्थयात्रा सुचारू रूप से चल रही है।शर्मा ने कहा, “हमें तीर्थयात्रियों से ऐसी कोई ऐसी शिकायत नहीं मिली है उस रास्ते से जाने वाले यात्रियों के साथ चीनी अधिकारियों के द्वारा को खराब असामान्य व्यवहार किया जा रहा हो।

कैलाश मानसरोवर की तीर्थयात्रा, जो हिंदू, बौद्ध और जैन द्वारा पवित्र माना जाता है, हर साल जून से सितंबर तक होती है।

साध्वी ने पूर्व रावल पर लगाया छेड़छाड़ का आरोप

0

एक साध्वी ने बदरीनाथ के पूर्व रावल विष्णु नंबूदरी के विरुद्ध छेड़छाड़ और अश्लील हरकत करने का मामला दर्ज किया है। साध्वी ने थाना बदरीनाथ में पूर्व रावल के विरुद्ध लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग उठाई है।

बीती 15 जून को बदरीनाथ पहुंची महाराष्ट्र की एक साध्वी ने थाना बदरीनाथ में दी लिखित तहरीर में कहा कि वह वर्ष 1980 से 1994 तक प्रतिवर्ष बदरीनाथ के दर्शन के लिए आती थी। उस वक्त बदरीनाथ के रावल विष्णु नंबूदरी थे। उन्होंने मेरे सामने शादी का प्रस्ताव रखा था, जिसे मैनें नकार दिया था। तब से वे मेरा पीछा करते रहे। वे मेरे पीछे मुंबई तक भी आए। उन्होंने पूर्व रावल पर छेड़छाड़ और अश्लील हरकत करने का आरोप भी लगाया है। साध्वी ने कहा कि उसी दौरान चमोली जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन इस ओर कार्रवाई नहीं की गई। चमोली की पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट का कहना है कि साध्वी की लिखित तहरीर पर मामले की जांच शुरु कर दी गई है। जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।

जीएसटी देश के लिए वाटर लू का युद्ध साबित होगा: कांग्रेस

0

उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी ने भाजपा सरकार द्वारा लागू किए जा रहे माल एवं सेवा जीएसटी पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने केन्द्र सरकार पर आनन-फानन में जीएसटी लागू किए जाने का आरोप लगाया।

प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि शुक्रवार आधी रात को केन्द्र सरकार देश में जीएसटी लागू करने जा रही है। कांग्रेस पार्टी जीएसटी की पक्षधर रही है व यूपीए सरकार के समय 2004 में पहली बार तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने अपने भाषण में जीएसटी का उल्लेख किया था। यूपीए सरकार की कोशिश थी कि 2010 तक जीएसटी देश में लागू किया जाए। साथ ही, सभी राज्यों से जीएसटी के बारे में सहमति भी मांगी गई थी। लेकिन, तत्कालीन गुजरात सरकार के मुख्यमंत्री एवं वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिह चैहान ने जीएसटी पर सहमति देने की बजाय जीएसटी को सिरे से खारिज कर दिया था।
यूपीए सरकार अधिकतम 14 प्रतिशत टैक्स के साथ जीएसटी लागू करने जा रही थी, जबकि वर्तमान सरकार ने जीएसटी में टैक्स के 4 स्लैब तय किए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जीएसटी का विरोध नहीं करती, लेकिन केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा यूपीए सरकार की तुलना में टैक्स की दरें 28 प्रतिशत तक निर्धारित की गई हैं, जिससे पहले से मंहगाई की मार झेल रही जनता को और अधिक मार झेलनी पड़ेगी। उन्होंने सरकार पर बिना तैयारी के ही जीएसटी लागू करने का आरोप लगाया। इसके अलावा, केन्द्र सरकार द्वारा पेट्रोलियम पदार्थों व शराब सहित कई ऐसी वस्तुओं को जीएसटी के दायरे से बाहर रखते हुए इन वस्तुओं पर 28 प्रतिशत से अधिक टैक्स लिया जा रहा है जो कि जनता के साथ धोखा है। अभी तक जीएसटी के अंतर्गत व्यापारियों का पंजीकरण तक नहीं किया गया है तथा बहुत सारे ऐसे सवाल हैं जिनका सरकार के पास न तो कोई जवाब है और न समाधान। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने आज खुले रूप से केन्द्र सरकार की जीएसटी पाॅलिसी पर हमला बोलते हुए कहा है कि जीएसटी देश के लिए वाटर लू का युद्ध साबित होगा। उन्होंनें कहा कि केन्द्र सरकार केवल प्रचार-प्रसार के माध्यम से प्रसिद्धि पाने के लिए बिना किसी तैयारी के, बिना व्यापारियों और आम जनता की सहमति के देश पर वाटर लू का युद्ध थोपना चाहती है। कांग्रेस पार्टी इसके खिलाफ अपना विरोध दर्ज करेगी। 

वीआईपी दर्शन कराने के नाम पर ठगी

0

बद्रीनाथ-केदारनाथ की हवाई सेवा और वीआईपी दर्शन कराने के नाम पर डेढ़ लाख रुपये की ठगी करने वाले एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामले में पीड़ित ने 18 जून को शिकायत दर्ज कराई थी।

केशवपुरम, आवास विकास कानपुर (उत्तर प्रदेश) निवासी अमित कुमार पांडे पुत्र स्वर्गीय जेसी पांडे ने 18 जून को थाना रायवाला में एक शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने कहा कि वरुण सैनी नामक व्यकित ने उनको व उनके परिवार को जॉलीग्रांट/सहस्त्रधारा से केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के वीआईपी दर्शन कराने औऱ हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से यात्रा कराने के लिए 1.50 लाख रुपये लिए थे। इसके बाद उक्त व्यक्ति गायब हो गया। मामले की जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत किया था।
विवेचना के दौरान अभियुक्त वरुण सैनी पुत्र सुरेश सैनी निवासी 163 मस्जिद मोड़ थाना हॉज खास नई दिल्ली द्वारा धोखाधड़ी करने का मामला प्रकाश में आया। 29 जून को रायवाला पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित की। पुलिस टीम ने थाना हॉज खास नई दिल्ली की मदद से अभियुक्त की तलाश कर मस्जिद मोड़ हौज खास नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि अभियुक्त वरुण सैनी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।

घर छोड़ने को हुए मजबूर

0

तहसील अंतर्गत आपदा प्रभावित रिवाड़ी गांव में रिवाड़ी गधेरे ने फिर तबाही मचाई। गधेरे के तेज प्रवाह से मकानों के सुरक्षा दीवारें ढह गई। मकानों के आंगन व कमरे कीचड़ व पानी से भर गए। इससे घरेलू सामान बर्बाद हो गया। गधेरे के विकराल रूप देख पूरे गांव में भगदड़ मच गई। अपनी जान बचाने के लिए कई परिवारों के लोग घरों को छोड़ सुरक्षित स्थानों की ओर भाग गए।

बुधवार देर सायं करीब दस बजे से मूसलधार बारिश शुरू हो गई। आधे घंटे बाद रिवाड़ी गधेरे ने विकराल रूप ले लिया तथा गांव से लगे जंगल से तेज प्रवाह के साथ पत्थर, मलबा व कीचड़ बहा ले आया। जो सुरक्षा दीवारें तोड़कर घरों के आंगन व कमरों में घुसने लगा। गधेरे के रौद्र रूप देख गांव में भगदड़ मच गई। जान बचाने के लिए कई ग्रामीण घरों से भाग गए।

कुछ ही देर में आनंद सिंह, हयात सिंह, महेंद्र ंिसह व बीरेंद्र सिंह के आंगन व कमरे पानी, कीचड़ व मलबे से भर गए। परिवारों का घरेलू सामान बर्बाद हो गया। ढाई दर्जन अन्य मकानों के आंगन व गोशाले भी कीचड़ व पानी से सन गए। गजेंद्र सिंह नेगी के मकान की सुरक्षा दीवार ढह गई। इससे मकान व गांव को और खतरा बन गया है। ग्रामीणों ने पूरी रात जागकर बिताई। सूचना पर एसडीएम फिंचा सिंह चौहान, तहसीलदार ओमबीर सिंह, खंड विकास अधिकारी बृजमोहन गुर्रानी समेत तमाम विभागीय अधिकारी तड़के मौके पहुंचे तथा स्थिति का जायजा लिया।

एसडीएम की मौजूदगी में गधेरे से बचाव व राहत कार्य शुरू हो गया है। गधेरा व आसपास के मलबे को साफ करने के लिए मौके पर दो जेसीबी लगी हैं। एसडीएम टीम के साथ पूरे दिनभर गांव में ही जमे रहे। परिवारों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए राजस्व टीम ने पूरे गांव की सर्वे कर ली है।

गधेरे के खौफ से सर्वाधिक प्रभावित चार गांव के चार परिवार क्रमश: आनंद सिंह, हयात सिंह, महेंद्र सिंह व बीरेंद्र सिंह ने घर छोड़ अन्यत्र शिफ्ट हो गए हैं। जबकि कई अन्य परिवार भी भय से घर छोड़ने की तैयारी में हैं। एसडीएम फिं चा सिंह ने ऐसे सभी परिवारों को बरसात में अन्यत्र चले जाने की हिदायत दे दी है। कहा कि उन्हें प्रशासन द्वारा चार हजार मासिक किराया भुगतान किया जाएगा। जो बरसात के सीजन तक लागू रहेगा। उन्होंने यह भी माना है कि करीब ढ़ाई दर्जन परिवारों का गधेरे से नुकसान हुआ है। इसका आकलन तैयार किया जा रहा है।

स्कूलों के नाम पर फंड नहीं और शिक्षकों की झोली फूल

0

कुमाऊं मंडल में 77 हजार से अधिक बच्चों के लिए स्कूलों में फर्नीचर की जरूरत है। फर्नीचर नहीं होने की वजह से बच्चों को चटाई पर बैठ कर पढ़ाई करनी पड़ रही है। इसके अलावा सरकारी दावों से इतर बच्चे शौचालय नहीं होने और पानी की समस्या से जूझ रहे हैं।

हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में कुमाऊं मंडल शिक्षा विभाग ने भी प्राथमिक स्कूलों के बच्चों की जरूरतों से संबंधित रिपोर्ट तैयार की है। यह रिपोर्ट इसलिए विभाग और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करती है, कि हर साल सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम से लेकर अभिनव प्रयोगों पर कागजी खानापूर्ति होती है। पब्लिक स्कूलों के प्रति अभिभावकों के बढ़ते क्रेज के बाद भी शिक्षा महकमा सुधरने को तैयार नहीं है। यही वजह है कि बच्चों के पठन-पाठन से लेकर बुनियादी जरूरतों पर हाई कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा है। मंडल में प्राथमिक विद्यालयों के डेढ़ लाख से अधिक बच्चे सुविधाओं का दंश झेल रहे हैं। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार मंडल के प्राथमिक विद्यालयों में 697 शौचालय नहीं हैं जबकि 542 विद्यालयों में पानी नहीं है।

सरकारी स्कूलों में सुविधाओं की कमी के साथ ही शिक्षकों की बंकबाजी का फायदा पब्लिक स्कूल उठा रहे हैं। हर साल सरकारी स्कूलों में छात्रसंख्या घटने की मुख्य वजह यही है। यही वजह है कि मुफ्त खाना, ड्रेस की उपलब्धता भी अभिभावकों को आकर्षित नहीं कर पा रहा है और वह पेट काटकर पब्लिक स्कूलों में बच्चों का एडमिशन करा रहे हैं।

आदेश नहीं माना तो जनवरी से वेतन नहीं: एचसी

0

राज्य में प्राथमिक शिक्षा की दशा सुधारने को पूर्व में दिए गए निर्देशों का पालन तीन माह के भीतर नहीं करने पर राज्य के सभी शिक्षा अधिकारीयों के वेतन जनवरी 2018 से रोक दिए जाएंगे। एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने यह आदेश जारी किए।

राज्य के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा के गिरते स्तर को देखते हुए हाई कोर्ट ने देहरादून निवासी दीपक राणा ने 2014 में एक याचिका दायर की थी। इस याचिका का स्वत: संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका में बदलकर 19 नवम्बर 2016 को सरकार को 10 बिन्दुओं की एक गाइडलाइन जारी की। इसमें प्राथमिक स्कूलों में डेस्क, ब्लैक बोर्ड, चेयर, यूनीफार्म, पंखे, हीटर, 10वीं तक मध्याह्न भोजन, शौचालय, हवादार स्कूल भवन, लैब, 2009 की सबके लिए अनिवार्य शिक्षा की नियमावली में संशोधन, मदरसों को दी जाने वाली 20 हजार की आर्थिक सहायता सर्वशिक्षा अभियान के तहत दिए जाने, पीने के पानी की उचित व्यवस्था किए जाने आदि की व्यवस्था तीन माह में किए जाने का आदेश दिया गया था। इसका पालन कराने की जिम्मेदारी सचिव शिक्षा को दी गई थी।
पूर्व में इन आदेशों का पालन नही किए जाने पर याचिकर्ता के अधिवक्ता ललित मिगलानी ने कोर्ट को अवगत कराया। कोर्ट की नाराजगी पर सचिव शिक्षा व सचिव वित्त को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश हुए। इस पर कोर्ट ने आदेशों का पालन नहीं होने के क्रम में सरकारी विभागों में जरूरी सामग्री की खरीद को छोड़ते हुए लग्जरी सामग्री की खरीद पर रोक लगा दी थी। शुक्रवार को कोर्ट ने मामले को सुनने के बाद आदेश दिए कि प्राथमिक स्कूलों की दशा सुधारने के लिए पूर्व में दिए गए 10 बिन्दुओ के निर्देशों का पालन तीन माह के अंदर करें और छह माह के अंदर सभी स्कूलों में डेस्क, ब्लैक बोर्ड आदि उपलब्ध कराए। अगर तीन महीने के भीतर निर्देशो का पालन नहीं होता है तो आगामी जनवरी 2018 से सभी शिक्षा अधिकारियो के वेतन पर रोक लगाने के आदेश भी कोर्ट ने दिए। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ में हुई।