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शरणार्थी बनने के लिए जेल में बंद रूसी नागरिक अनशन पर

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उत्तराखंड की टिहरी जेल में बंद रूसी नागरिक ने पिछले एक सप्ताह से अनशन पर है। हालात बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल टिहरी में भर्ती कराया गया है। उसने एक जिद पकड़ रखी है जिसे पूरा कराने के लिए पानी छोड़ने की चेतावनी भी दे चुका है।

रूसी नागरिक उत्तरकाशी में बिना वीजा और पासपोर्ट के पिछले एक माह से रह रहा था। उसने संयुक्त राष्ट्र को मेल भेजकर भारत में शरणार्थी बनकर रहने की इजाजत मांगी है। उत्तरकाशी अभिसूचना इकाई और पुरोला पुलिस ने एक जुलाई को डामटा से उसे गिरफ्तार किया था।

यह नागरिक सालों से बिना वीजा और पासपोर्ट के रह रहा था। पुलिस ने फॉरेन अधिनियम के तहत उसके खिलाफ मामला दर्ज कर तीन जुलाई को टिहरी जेल भेजा, लेकिन उसने गिरफ्तार होने के दिन से खाना त्याग दिया है। इस समय वह चिकित्सकों निगरानी में है।

पुलिस लाईन में लगा हैल्थ कैम्प

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पुलिस लाईन देहरादून में पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड श्री एम.ए. गणपति ने मैक्स हास्पिटल द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस कर्मियों के लिए आयोजित किए जा रहे 2 दिन के मेडिकल कैम्प का शुभारम्भ किया। मेडिकल कैम्प के दौरान अपने सम्बोधन में महानिदेशक महोदय ने बताया कि पुलिस कर्मियों की दिनचर्या अनियमित होती है, जिस कारण वह अक्सर बीमारी से ग्रस्त हो जाते है। इस तरह के मेडिकल कैम्पों से वह लाभ उठा सकते है। भविष्य में भी पुलिस कर्मियों के लिए इस तरह के कैम्प आयोजित किये जायेंगे। उनके द्वारा मेडिकल कैम्प आयोजित करने के लिए मैक्स हास्पिटल के प्रबन्धकों का आभार प्रकट किया गया।

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मेडिकल हैल्थ कैम्प में पुलिस कर्मियों के हार्ट, हड्डी में कैल्शियम की मात्रा, शुगर, ब्लडप्रेशर, ई.सी.जी., डी.एम.डी. आदि की जाँचे की जायेगी। आज उक्त कैम्प में उत्तराखंड पुलिस के सभी जनपदों में नियुक्त खिलाड़ियों की जाँचे की जा रही है।

उक्त मेडिकल कैम्प के दौरान पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड, अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन, पुलिस महानिरीक्षक अभिसूचना, पुलिस उप महानिरीक्षक गढवाल परिक्षेत्र, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून तथा मैक्स हास्पिटल से डा. गौरव गुप्ता आर्थो फिजिशियन, डा. आनन्दिता जर्नल फिजीशियन,डा. सन्दीप तनवर वाईस प्रेसिडेंट आपरेशन् मौजूद रहे।

ड्राईवर ने ट्रांसपोर्टर को मारी गोली

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रुद्रपुर में गाड़ी की चाबी खो जाने के मामूली विवाद पर एक स्कूल बस के ड्राइवर ने स्कूल के ही ट्रांसपोर्ट इंचार्ज को गोली मार दी। स्कूल परिसर में हुई फायरिंग से वहां अफरा-तफरी मच गई। घायल ट्रांसपोर्ट इंचार्ज को आनन-फानन में एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। जहा से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना के बाद ड्राइवर फरार हो गया।
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स्कूल के एमडी ने पुलिस को मामले की तहरीर दी है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है। मॉडल कालोनी स्थित स्कूल में दूधिया नगर निवासी हरीश स्कूल बस का ड्राइवर है। हरीश से बस की बीती शाम चाबी कहीं खो गई। इस पर हरीश ने ट्रांसपोर्ट इंचार्ज गांधी कालोनी निवासी कैलाश से बस की चाबी खो जाने की बात कहते हुए दूसरी चाबी मांगी। इस पर ट्रांसपोर्ट इंचार्ज कैलाश ने चाबी खो जाने का एक प्रार्थनापत्र स्कूल के नाम देने के बाद ही नई चाबी मिलने की बात कही गई, इस पर हरीश की कैलाश से तीखी नोंकझोंक हो गई। उस समय तो हरीश वहां से चला गया, लेकिन थोड़ी देर बाद ही बसों के पास खड़े ट्रांसपोर्ट इंचार्ज कैलाश को तमंचा निकालकर सीधे गोली मार दी।
उधमसिंह नगर के एएसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि स्कूल बस के ड्राइवर और स्कूल के ही ट्रांसपोर्ट इंचार्ज के बीच चाबी खो जाने को लेकर विवाद हो गया था। जिसमें ड्राइवर ने अपने तमंचे से इंचार्ज पर जानलेवा हमला बोल दिया। इस हमले में इंचार्ज घायल हो गया। जिसे पहले निजी अस्पताल और बाद में जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। घायल ट्रांसपोर्ट इंचार्ज की हालत में सुधार है। उन्होंने बताया आरोपी की तलाश की जा रही है।

 

चीन को अपने गिरेबां में झांकने की जरूरत

सिक्कम में गहराते सीमा विवाद को लेकर चीन ने समझौते की संभावना से साफ इनकार करके यह साबित कर दिया है कि वह भारत को विभिन्न मोर्चों पर आगे बढ़ते हुए देखना नहीं चाहता है तथा उसकी भारत के साथ सीमा विवाद सुलझाने सहित अन्य मुद्दों के समाधान में कोई दिलचस्पी नहीं है। भारत में चीन के राजदूत द्वारा कहा गया है कि यह भारत सरकार को तय करना है कि किन विकल्पों को अपनाकर गतिरोध खत्म किया जा सकता है। चीन के थिंक टैंक और ऑफिशल मीडिया के हवाले से इस मामले के युद्ध तक पहुंचने की आशंकाओं पर जब राजदूत से पूछा गया तो उनका कहना था कि ऐसे विकल्प, वैसे विकल्प की तमाम बातें हो रही हैं। यह (सैन्य विकल्प) आपकी सरकार की नीतियों पर निर्भर है। हम संकट का शांतिपूर्ण हल चाहते हैं, लेकिन उसके लिए इलाके से भारतीय सैनिकों की वापसी पहली शर्त है। दोनों देशों के बीच वार्ता के लिए यह जरूरी है।
चीन द्वारा इस ढंग से भारत पर दबाव बनाने और उसे युद्ध के लिये भडक़ाने जैसी हरकतें तो चीन द्वारा पहले से ही अंजाम दी जाती रही हैं। चीन भारत को 1962 की जंग के नतीजों की याद भी दिलाता रहता है। ऐसे में चीन को अब यह समझना जरूरी है कि उसके द्वारा 2017 में 1962 की जंग के नतीजों की याद दिलाने का अब कोई औचित्य नहीं रह गया है। अब तो भारत की गिनती भी विश्व के ताकतवर मुल्कों में होने लगी है तथा भारत ने आवश्यकता पड़ऩे पर अपनी ताकत का एहसास भी कराया है। चीन द्वारा अगर भारत को शांति का पाठ पढ़ाने की कोशिश की जाए तो पहले इस संदर्भ में स्वयं चीन को ही आत्मचिंतन और आत्म विश्लेषण करने की सख्त जरूरत है। अगर हालात पर दृष्टिपात किया जाए तो चीन द्वारा विभिन्न भारतीय भूभागों पर जिस ढंग से खुद का दावा किया जा रहा है तथा अपने सैनिकों के माध्यम से आये दिन घुसपैठ व अन्य अवांक्षनीय गतिविधियों को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है, उसके आधार पर यह कहा जा सकता है कि चीन बिल्कुल ही शांति का हिमायती नहीं है। वह मानवीय मूल्यों और द्विपक्षीय प्रतिबद्धताओं के पालन के प्रति भी ईमानदारी नहीं बरत रहा है।
चीन को वैसे भी सोचना चाहिए कि भारतीय बाजार में उसकी बड़े पैमाने पर पैठ है तथा भारत की बदौलत ही वह करोड़ों-अरबों रुपये का मुनाफा कमा रहा है। ऐसे में चीन द्वारा बेवजह द्विपक्षीय विवादों को बढ़ावा देने तथा भारतीय भूभागों पर आये दिन उसके द्वारा खुद का दावा जताने का कोई औचित्य नहीं है। इससे उसे कुछ भी हासिल होने वाला भी नहीं है। चीन के लिये बेहतर यही होगा कि वह मानवीय मूल्यों और अंतर्राष्ट्रीय मान्य प्रतिबद्धताओं के अनुरू ही आचरण करे। साथ ही खासकर चीन के मामले में भारत सरकार को विवेकहीनता के दलदल से बाहर निकलकर कूटनीतिक परिपक्वता व दूरदर्शिता के साथ काम करने की जरूरत है। पिछले कुछ समय से ऐसा लग रहा है कि नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्र सरकार द्वारा अमेरिका का पिछलग्गू बनने की लगतार कोशिश की जा रही है। ऐसे में चीन का चिढ़ऩा स्वाभाविक है। तो फिर भारत सरकार को चाहिये कि वह चीन को अनावश्यक ढंग से चिढ़ाने की कोशिश भी न करे। क्यों कि अमेरिका की जी हुजूरी से भारत को कुछ भी हासिल होने वाला नहीं है।
अभी तक के रिकार्ड देखकर यह दावे के साथ कहा जा सकता है कि अमेरिका ने भारत के प्रति अपनी मित्रवत भूमिका का निर्वहन सही मायने में कभी नहीं किया है। अब भी भारत को अमेरिका से कोई खास उम्मीद नहीं है। तो फिर चीन जैसे देशों के मामले में भारत सरकार द्वारा अमेरिका से अनावश्यक उम्मीदें पालना नासमझी ही तो है। हालांकि सिक्किम से लगी सीमा पर चीन से तनाव के बीच भारत द्वारा साउथ चाइना सी में मुक्त आवाजाही का मुद्दा उठाया गया है, जिसे चीन लगभग पूरी तरह से अपना जल क्षेत्र होने का दावा करता है। भारत को दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन आइसान (असोसिएशन ऑफ साउथ ईस्ट एशियन नेशंस) का इस मुद्दे पर साथ भी मिला है। इससे चीन पर दबाव बनाने में काफी हद तक मदद मिल सकती है लेकिन भारत सरकार इस मामले में सफल हो जाएगी, यह भी दावे के साथ नहीं कहा जा सकता, क्यों कि चीन जैसे देशों के प्रति मौजूदा सरकार की कोई स्पष्ट नीति ही नहीं है।

आधर कार्ड बनाने के लिए सीएससी को सशर्त अनुमति

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आधार कार्ड

केंद्र सरकार ने 350 कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) को आधार कार्ड बनाने की सशर्त अनुमति दे दी है। एक जुलाई को यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) की संस्तुति पर केंद्र सरकार ने इन सीएससी पर रोक लगा दी थी।

यूआईडीएआई ने आधार कार्ड बनाने में लापरवाही बरतने की शिकायत की थी। अब केंद्र सरकार इन केंद्रों की जांच कराएगा, अगर लापरवाही पकड़ी गई तो पांच साल के लिए लाइसेंस निरस्त करने के साथ नियमानुसार अन्य कार्रवाई भी की जाएगी।
हालांकि, केंद्रों से रोक हटने के बाद तीन हजार लोगों के आधार के आवेदन डंप होने बच जाएंगे। क्योंकि रोक लगने के बाद इनके आवेदन सा टवेयर में फंस गए थे। साथ ही अभिाभावकों व छात्रों को भी सरकार के इस फैसले से राहत मिली है, क्योंकि वर्तमान में ज्यादातर स्कूलों में प्रवेश के लिए आधार अनिवार्य कर दिया है। बता दें कि उत्तराखंड में 646 सीएससी हैं। 350 सीएससी पर आधार बनने बंद हुए तो शेष पर भारी भीड़ उमड़ रही थी, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। साथ ही आधार के नाम पर अवैध वसूली का धंधा चल पड़ा था, जिसकी शिकायत कई लोगों ने प्रशासन से भी की थी। देहरादून सीएससी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण अरोरा ने बताया कि सख्ती सीएससी पर आधार कार्ड बनाने के निर्देश मिल चुके हैं।

बीज धोटाले में दस अधिकारियों पर गाज

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उत्तराखंड बीज एवं तराई विकास निगम लि. (टीडीसी),पंतनगर में वर्ष 2015-16 के दौरान हुए करोड़ों के बीज घोटाले में जांच के बाद एमडी समेत दस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। शासन के निर्देश पर निगम के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सीके सिंह ने पुलिस को तहरीर दी। आरोपी अधिकारी में से एक की मौत हो चुकी है। पांच अधिकारी रिटायर हो चुके हैं, जबकि एक अधिकारी अगस्त में रिटायर होने वाले हैं। एक रिटायरमेंट से पांच दिन पूर्व अन्य मामले में निलंबित हो चुके हैं। वहीं, आरोपी अधिकारी अपने आपको निर्दोष बताते हुए बचाव के लिए कोर्ट की शरण में जाने की तैयारी कर रहे हैं।

टीडीसी में वर्ष 2015-16 के दौरान हुए गेहूं बीज घोटाले की जांच के लिए अपर मुख्य सचिव डा. रणवीर की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी में कृषि निदेशक गौरीशंकर, आइजी पुलिस जीएस मर्तोलिया एवं अपर सचिव सुनील श्रीपांथरी शामिल थे, कमेटी ने जांच रिपोर्ट में दोषी पाए गए लेखाकार से लेकर तत्कालीन एमडी तक 10 लोगों पर कार्रवाई की संस्तुति की थी।

इसके तहत निगम के उपमुख्य काॢमक अधिकारी/वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सीके सिंह की तहरीर पर पंतनगर थाने में धारा 409 एवं 420 के तहत मुकदमा पंजीकृत करा दिया गया है। तहरीर में निगम ने आरोपी अधिकारियों पर बीज घोटाले में निगम को 16 करोड़ रुपये की राजस्व हानि का आरोप लगाया गया है।

टीडीसी के प्रबंध निदेशक ज्योति नीरज खैरवाल के मुताबिक कमेटी की जांच में उक्त अधिकारी दोषी पाए गए थे। शासन ने कार्रवाई का आदेश था, जिसके अनुपालन में मुकदमा दर्ज कराया गया।

दून में उमस भरी गर्मी, प्रदेश में बारिश के आसार

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मौसम विभाग की तरफ से भारी बारिश की चेतावनी। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, नैनीताल और चम्पावत जिलों में भारी वर्षा के आसार।आने वाले तीन दिन हो सकती है बारिश। । सभी जनपदों के जिला प्रशासन को किया गया अलर्ट।

उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून सहित प्रदेश भर में आज बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक राज्य में इसी तरह का मौसम बना रहेगा। राजधनी देहरादून में शनिवार सुबह आसमान में पूरी तरह बादल छाये हुए थे। जबकि सुबह आठ बजे के बाद धूप ने लोगों को परेशान किया। बादलों और सूर्यदेव का दोपहर तक लुकाछिपी का खेल चलता रहा। जिससे उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल रहे।

मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में शनिवार और रविवार को घने बादल और हल्की बारिश होने की संभावना है। एक सप्ताह तक राज्य के गढ़वाल और कुमाउं दोनों मंडलों में बारिश हल्की व मध्यम गति से होने की उम्मीद है। जबकि मैदानी क्षेत्रों में आसमान में बादल छाये रहेंगे। इन क्षेत्रों में गर्म और आद्रता के कारण उमस भरी गर्मी लोगों को सतायेगी।

 

अब उत्तराखंड के शिक्षक पहनेंगे ग्रे पैंट-आसमानी शर्ट

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शिक्षकों ने स्वैच्छिक ड्रेस कोड को लेकर रुचि नहीं दिखाई तो आखिरकार विभाग ने ही शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड तय कर दिया। विभाग के ड्रेस कोड के अनुसार एक अगस्त से प्रदेश के तमाम स्कूली शिक्षक सिल्वर ग्रे पैंट और गहरे आसमानी रंग की शर्ट में स्कूल पहुंचेंगे। इसी तरह महिला शिक्षकों के लिए गहरी आसमानी रंग साड़ी या शूट सलवार पहनकर स्कूल आना होगा। इतना ही नहीं खुद शिक्षा मंत्री भी बैठकों में इसी ड्रेस कोड में शामिल होंगे।

राज्य के स्कूलों में शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड लागू करने की पहल शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने की है। इसको लेकर शिक्षकों ने हल्का विरोध भी रहा। हालांकि, पूर्व में विभाग ने शिक्षकों को छूट प्रदान की थी कि वे अपनी इच्छा से ड्रेस कोड तैयार कर विभाग को अवगत करा दें। लेकिन, शिक्षकों ने इसमें रुचि नहीं ली और निर्धारित तिथि तक शिक्षकों की ओर से विभाग को कोई सुझाव प्राप्त नहीं हुआ। शिक्षा महानिदेशक कैप्टन आलोक शेखर तिवारी ने शुक्रवार को अपर निदेशक कुमाऊं व गढ़वाल मंडल को जारी निर्देश में कहा कि शिक्षक संगठनों की ओर से इस मामले में कोई जानकारी नहीं आने के चलते विभाग ने खुद ड्रेस कोड तय कर दिया है। इसका अनुपालन एक अगस्त से सुनिश्चचित करें।

कैलाश हाॅस्पिटल के माइक्रोवैस्क्यूलर सर्जरी ने लौटाई पंकज की बांह

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घटना बीते 16 मई की है, जब पंकज अपने गांव-सेखूपुरा, सहारनपुर में अपने खेत में थ्रेशर मशीन पर काम कर रहा था तभी अचानक पंकज की दाहिनी बाँह थ्रेशर मशीन में फंस कर बुरी तरह कुचल गई। पंकज के दाहिने बाजू की दोनों हडिड्यां फ्रेक्चर हो गई थी, मांसपेशियां तथा त्वचा कुचली गई थी व खून की नाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा था जिससे पंकज के बाजू तथा हाथ में खून पहुंचना बंद हो गया था और उसके दांयें बाजू के कोहनी के कटने का खतरा पैदा हो गया था।

पंकज को सहारनपुर में डाॅक्टर्स ने जांच के बाद बताया कि बाँह में रूका खून की वजह से बाँह काटनी पड़ सकती है। पंकज के परिजनों ने उसे दिल्ली या चंडीगढ़ ले जाने की सलाह दी, लेकिन पंकज ने देहरादून अाने का फैसला किया। देहरादून में काफी जगह से मना होने के बाद अंततः कैलाश अस्पताल में पंकज को डाॅ. सचिन तेवतिया(चिकित्सा अधीक्षक, कैलाश हाॅस्पिटल) के मार्गदर्शन में ट्रामा टीम जिसमें कि सीनियर आॅर्थोपेडिक डाॅ. विनीत त्यागी, सीनियर प्लास्टिक सर्जन डाॅ. हरीश घिल्डियाल एवं चीफ इन्ट्रास्विस्ट डाॅ. संजीव निवारगी द्वारा देखा गया।

पंकज केा तुरंत आॅपरेशन थिएटर भेजा गया जहां उसकी बाँह की टूटी हडिड्यों की नेलिंग की गई तथा उसके बांह की चोटिल खून की नाड़ी को माइक्रोवैस्कुलर तकनीक द्वारा ठीक कर बाजू तथा हाथ में खून का दौरा दोबारा शुरू किया गया। इस इमरजेंसी सर्जरी द्वारा पंकज की बाँह की कई महत्वपूर्ण संरचनाएं बिना किसी मजबूत आवरण के खुली पड़ी थी जिनको तत्पश्चात् माइक्रोवैस्कुलर सर्जरी तकनीक से शरीर के किसी भाग से उतकों को स्थानांतरित करना अनिवार्य था।

डाॅ. हरीश घिल्डियाल ने 20 मई को 12 घंटे चले माइक्रोवैस्कुलर ऊतक स्थानांतरण सर्जरी को सफल अंजाम दिया। इस सर्जरी में पंकज की पीठ की एक मांसपेशी को उसकी खून की सूक्ष्म नाड़ियों को पंकज की बांह की सूक्ष्म नाड़ियों के साथ माइक्रोस्कोप की मदद से स्थानांतरित किया। 31 मई को पंकज की बाजू पर स्किन ग्राफटिंग का सफल आॅपरेशन किया गया। पंकज की सभी पुनर्रचना संबंधी सर्जरियां सफल रही तथा वह तेजी से सामान्य हो रहा है।

बीएलओ घर-घर जाकर बनाएंगे मतदाता

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जनपद पौड़ी गढ़वाल में 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके युवाओं के नाम निर्वाचन नामावली में जोड़ने के लिए बीएलओ घर-घर जाएंगे। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले की छह विधानसभा क्षेत्रों में निर्वाचक नामावली में मतदाताओं के नाम जोड़ने और नाम सत्यापन का कार्य 10 जुलाई से 10 अगस्त तक किया जाएगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी व जिला मेजिस्ट्रेट सुशील कुमार ने बताया कि निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में पंजीकृत मतदाताओं की कुल संख्या के आंकड़ों में एक लाख से अधिक का अंतर है। आयोग ने आशंका जताई है कि मतदाताओं का यह आंकड़ा अलग-अलग आयु वर्ग के अनुसार अधिक भी हो सकता है। उन्होंने बताया कि पूरे राज्य में 18 से 21 आयुवर्ग की जनसंख्या के सापेक्ष इस आयु वर्ग में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या बेहद कम है, जो कि चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि अगले एक माह तक ‘‘कोई मतदाता न छूटे‘‘ अभियान के तहत विधानसभावार बीएलओ को घर-घर जाकर नए मतदाताओं को नामावली में पंजीकृत करने और मौजूदा मतदाताओं के नाम सत्यापित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही बीएलओ निर्वाचक नामावली में किसी भी प्रकार की त्रुटि को संशोधित करने, एक से अधिक मतदेय स्थल पर पंजीकृत नामों को हटाने और संबंधित क्षेत्र से प्रवास कर चुके या जिनकी मृत्यु हो चुकी है ऐसे मतदाताओं के नामों को भी सत्यापित करेंगे।
इसके अलावा बीएलओ एक जनवरी 2017 से 30 जून 2017 के बीच मृत हो चुके मतदाताओं की सूची मतदेय स्थलवार तैयार करेंगे। इस कार्य के लिए सरकारी विभागों के अलावा शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संस्थानों युवा एवं महिला मंगल दलों तथा सामाजिक संगठनों से भी सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि संभावित त्रुटियों आदि मामलों के निस्तारण के लिए जिला स्तर पर टीम गठित की जाएगी।