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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाती इन दो “भुलियों” की कहानी

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दुनिया में बहुत कम लोगों को मौका मिलता है कि उनकी बनाई हुई रचना को उन्हीं के पसंदीदा कलाकार के जीवन में जगह मिले। लेकिन देहरादून की दो तान्याओं के साथ ये सुखद सपना सच हो गया। तान्या कोटनाला औऱ तान्या सिंह का ब्रेन चाइल्ड है “भुली” नाम का चित्रों का संग्रह।

एक ही नाम शेयर करने वाली देहारदून में पली बड़ी इन दोनों लड़कियों के बीच नाम के साथ-साथ देहरादून भी एक काॅमन फैक्टर है। हांलाकि दोनों की पढ़ाई की पृष्ठभूमि अलग है, पर अपनी जन्म भूमि के लिये कुछ खास करने की चाह दोनों में ही थी औऱ इसी चाह ने इरादा बन कर “भुली” को जन्म दिया।

न्यूजपोस्ट से बात करते हुए तान्या कोटनाला बताती हैं कि, “2015 में निफ्ट से पढ़ाई पूरी कर, जब में देहरादून आई तो मैने देखा कि उत्तराखंड में संस्कृति की झलक के पास वे प्लाटफाॅर्म नही है जो होना चाहिये। हमारे लिये ‘भुली’ एक सोच है, एक तरीका जिससे पहाड़ की संस्कृती और कला को देश दुनिया के नक्शे पर पहुंचाया जा सके।”

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शुरुआती दिनों में तानया काॅलेज के रिसर्च पेपरों के लिये इलस्ट्रेशन बनाती थी। इसी दौरान उन्होंने लाल और नीले रंग मे एक पहाड़ी लड़की का चित्र बनाया और यहीं से शुरुआत हुई भुली की। ‘भुली’ का अर्थ, पहाड़ी बोली में छोटी बहन होता है।

वहीं इस जोड़ी की दूसरी सदस्य हैं तान्या सिंह। पेशे से न्यूट्रीशनिस्ट तान्या ने महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी काम किया है। भुली के चित्रों को तान्या कि किताब में भी देखा जा सकता है, तान्या कहती हैं कि, “इस समय हमारा फोकस महिला विकास, महिला स्वास्थ्य और महिला उद्यमियों को बढावा देने पर है। इसके साथ-साथ हम ऐसे प्रोडक्ट तैयार करना चाहते हैं जो बाजार में सही फिट बैठे। हमारा मकसद ऐसा कंटेंट तैयार करना है जिससे पहाड़ के लोगों को और खासतौर पर महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाया जा सके”

भले ही भुली कुछ महीनों पुराना ही हो, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय मंच पर इसने अपनी पहचान बनाई है। हाल ही में एमस्टर्ड्रम के प्रसिद्ध मैडम टुसेड वैक्स संग्रहालय में मशहूर हाॅलिवुड अभिनेता जार्ज क्लूनी के पुतले के हाथों में भुली की कला ने जगह बनाई। उत्तराखंड में पलायन को लेकर लंबे समय से बहस चली आ रही है। चुनावों में ये एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा भी बनता है और चुनावों के बाद ये महज सोशल मीडिया और बहस का मुद्दा बनकर रह जाता है। अगर सही मायने में पलायन को रोकना है तो राज्य के युवाओं को आगे आकर और कई ‘भुली’ जैसे माॅडल तैयार करने होंगे जिससे पहाड़ों को एक अलग पहचान मिल सके।

कावड़ यात्रा पर पुलिस की नजर

अमरनाथ यात्रा पर हुए हमले के बाद से ही उत्तराखंड-यूपी और दिल्ली में चल रहे कावड़ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन कोई चूक नहीं करना चाहता यही कारन है की कावड़ यात्रा के दूसरे सोमवार को लेकर पुलिस ने  चौकसी और तेज़ कर दी है। यात्रा के ऊपर परेशानी के बादल न आ सके इसके लिए प्रदेश में प्रशाशन मुस्तैद हो चूका है और यात्रा पर पेनी नजर बनाये बैठा है। उत्तराखंड – उत्तरप्रदेश और दिल्ली में इन दिनों कावड़ यात्रा की रौनक है, पूरा समां केसरिया रंग से रंगा हुआ है लेकिन देश में चल रहे आतंकी गतिविधियों के बिच इस यात्रा को सुचारु ढंग के चलना पुलिस प्रसाशन के लिए किसी चुनौती से कम साबित नहीं हो रहा है।

खासकर अमरनाथ में हुए हमले के बाद अब कावड़ यात्रा के दूसरे सोमवार के लिए पुलिस महकमा यात्रा की सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता, सावन के माह की सबसे बड़ी यात्रा पर केंद्र सरकार की सुरक्षा एजेंसियों ने कांवड़ मेले में आतंकी हमले के अलर्ट को देखते हुए भी सुरक्षा काफी बढ़ा दी है। जिसमे ए.टी.एस की टीमें भी हर वक्त पूरे मेले पर नजर रख रही है, साथ ही कुछ पुलिस कर्मियों को सादी वर्दी में भी तैनात किया जा रहा है, जिससे हर तरह के खतरे से निपटा जा सके।

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आपको बता दे कि नीलकंठ यात्रा के लिए सबसे ज्यादा कावड़िये दिल्ली-हरियाणा-पंजाब-यूपी से देवभूमि पहुँचते है। कावड़िये ऋषिकेष-हरिद्वार से गंगा जल लेकर नीलकंठ महादेव में सबसे पहले जलाभिसेक करते है। नीलकंठ कावड यात्रा हर साल उत्तराखंड प्रशाशन के लिए एक चुनोती की तरह रहती है। ऐसे में आतंकी हमले की संभावनाएं बढ़ जाती है जिसके लिए ड्यूटी पर तैनात पुलिस कृमियों को निर्देश दिए गए है कि वो पूरी यात्रा के दौरान मुस्तेदी से ड्यूटी करे और हर पल सतर्क रहें। तो वहीँ आतंकी साया होने के बावजूद शिव भक्तों की आस्था पर कोई कमी नहीं दिख रही है।

कावड़िये बम-बम भोले के जयकारों के साथ अपनी यात्रा को पूरी कर रहे है। देश मे चल रहे आतंकी गतिविधियों के बीच कावड़ यात्रा को सुचारू रूप से चलाना उत्तराखंड प्रशाशन के लिए किसी चुनोती से कम नही है, अव देखने लायक बात होगी की सावन के इस कावड़ यात्रा में श्रद्धालु को सरकारी दावों के अनुसार इंतजाम और सुरक्षा मिल पाती है या नहीं।

अन्तराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन की तैयारी

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देश में शांति और भाईचारा बनाने के लिए तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन का आयोजन काशीपुर में किया जा रहा है। इसमें 26 देशों से प्रतिनिधियों के पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि सम्मेलन में 37 देशों को आमंत्रित किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शिक्षा संस्थान के अध्यक्ष और जसपुर बौद्धमठ के चेयरमैन रेवरेंड महानायक महाथेरा अश्वघोष ने शनिवार को मुरादाबाद रोड स्थित, नवीन अनाज मंडी गेस्ट हाउस, में प्रेसवार्ता की। बताया कि भाईचारा, शांति, प्रेम, देशप्रेम बनाने के लिए 28 सितंबर से तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन होगा।

इसमें एशियाई संस्कृति, इसके पुनरुत्थान में बौद्ध धर्म की प्राप्तियां सहित कई अन्य विषयों पर चर्चा की जाएगी। सम्मेलन में एशिया सांस्कृतिक केंद्र, बौद्धिक शिक्षा, एशिया में सामाजिक, राजनीतिक बदलाव सहित 10 बिंदुओं पर चर्चा होगी। सम्मेलन में 37 देशों को आमंत्रित किया गया है, जिसमें 13 देशों के 24 लोगों की स्वीकृति मिल गई है। उन्होंने बताया कि 26 देशों के प्रतिनिधि, बौद्ध भिक्षु, बौद्ध विचारक एवं बौद्ध विद्वानों के आने की उम्मीद है। मुख्य अतिथि श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे होंगे। विशिष्ट अतिथि परम पावन दलाईलामा, परम पावन कर्मापा, परम पावन शाक्याट्रेसिंग, ड्रकूंम है।

कांग्रेसियों के उत्पात के चलते पुणे में ‘इंदु सरकार’ का समारोह रद्द

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मधुर भंडारकर अपनी नई फिल्म ‘इंदु सरकार’ को लेकर जहां एक तरफ सेंसर बोर्ड से उलझे हुए हैं, तो दूसरी ओर, कांग्रेसी नेता भी उनके लिए सरदर्द बनते जा रहे हैं। शनिवार को अपनी फिल्म के प्रमोशन के लिए पुणे पंहुचे मधुर भंडारकर के विरुद्ध कांग्रेसियों ने उत्पात मचाया, जिसके चलते मधुर की फिल्म का समारोह रद्द करना पड़ा।

कांग्रेसी नेताओं का आरोप है कि इस फिल्म में उनकी पार्टी की नेता इंदिरा गांधी और दूसरे नेताओं की छवि को धूमिल किया गया है। मधुर और उनकी फिल्म के टीम पुणे के जिस होटल में रुके हुए थे, कांग्रेस के स्थानीय नेता वहीं जमा हो गए और मधुर तथा उनकी फिल्म के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। माहौल को बिगड़ता देख होटल प्रशासन ने पुलिस को बुलाया। पुलिस ने व्यवस्था संभालने की कोशिश की, लेकिन जब कांग्रेसी नेताओं का उत्पात बंद नहीं हुआ, तो मधुर को अपनी फिल्म का समारोह रद्द करना पड़ा। इस उत्पात से दुखी मधुर ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए अपना दुख इन शब्दों के साथ जाहिर किया कि अभिव्यक्ति की आजादी की दुहाई करने वाले लोग मेरी फिल्म के रिलीज में बाधा बनने की कोशिश कर रहे हैं।

मुंबई कांग्रेस के नेता संजय निरुपम ने हाल ही में सेंसर बोर्ड के चेयरमैन पहलाज निहलानी को पत्र लिखा था कि फिल्म को सेंसर किए जाने से पहले उनकी पार्टी के नेताओं को दिखाई जाए, लेकिन पहलाज ने इस मांग से सेंसर बोर्ड को अलग कर लिया और मधुर ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया था। कांग्रेस के कुछ नेता यहां तक धमकी दे चुके हैं, कि मधुर की फिल्म के खिलाफ अदालत में मामला दर्ज कराया जाएगा।

डोईवाला के बी एस एफ परिसर में रोपे गए 2000 पौधे

उत्तराखंड में पेड़ों का पर्व हरेला बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है इस पर्व का संदेश प्रकृति के संरक्षण संरक्षण के साथ साथ धरती को पौधों से आच्छादित करना भी है उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपनी विधानसभा क्षेत्र डोईवाला में बीएसएफ़ परिसर में पौधारोपण करके हरेला पर्व की शुरुआत की है।

डोईवाला उत्तराखंड में हरेला पर्व का आज से आगाज हो गया मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने डोईवाला के बीएसएफ़ ट्रेनिंग सेंटर में पौधे रोपकर हरेला पर्व का आगाज किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, वन मंत्री हरक सिंह रावत ने भी पौधे रोपे bsf परिसर में 2000 पोधे रोपे गए इस अवसर पर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बोलते हुए कहा कि एक माह तक हरेला पर्व मनाया जायगा और 50 लाख पोधे लगाने का लख्य रखा गया हे और हर तहसील , स्कूल और खाली पड़ी जमीन पर पेड़ लगाये जायगे।

डोईवाला बीएसएफ़ परिसर में त्रिवेंद्र कैबिनेट के कई दिग्गज नेता मौजूद थे जिन्होंने धरती के इस पर्व को वृक्षारोपण के साथ मनाया। इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक राजेंद्र कुमार ने कहा कि, ‘उत्तराखंड पूरे देश के लिए अपने जंगलों के द्वारा वायु प्रदान करता है और हमारी संस्कृति मैं धरती को पर्यावरण से जोड़े रखने के लिए समय-समय पर त्यौहार किए जाते हैं।

सीएम की अपील स्वीकार कर अपने गांव जाकर हरेला में भागीदारी की है: हरीश रावत

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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मोहनरी, अपने गांव अल्मोड़ा में हरेला पर्व को मनाते हुए अपने घर में हरेला पर पेड़ लगाया व भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत को उसकी फोटो भेजकर उनसे आग्रह किया कि राज्य में हरेला पर्व उतने ही उत्साह के साथ मनाया जाना चाहिए जितना उनकी सरकार के समय इसके प्रयास किए गए थे।

उन्होने आशा जाहिर कि मैंने मुख्यमंत्री की अपील स्वीकार कर अपने गांव जाकर हरेला में भागीदारी की है।हरेला पर्व देश और प्रदेश के लिए पर्यावरण संरक्षण का त्यौहार है। उत्तराखंड देवभूमि में यह त्यौहार सदियों से चला आ रहा है और आज के दिन सभी घरों में कुलदेवता और कुलदेवी की पूजा अर्चना साथ साथ धन धान्य की कामना की जाती है और आने वाली फसलों के लिए शुभकामना दी जाती है।

बस से कुचलकर महिला कांवड़िये की मौत, तोड़फोड़

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यूपी रोडवेज की बस ने महिला कांवड़िये को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। गुस्साए कांवड़ियों ने बसों में तोड़फोड़ की, इससे बस में बैठी सवारियों ने किसी तरह भागकर जान बचाई, इस दौरान कई चोटिल भी हो गए। बस में तोड़फोड़ करने के बाद कांवड़ियों ने एकत्र होकर बीच सड़क शव रखकर हरिद्वार-मुरादाबाद हाईवे पर जाम लगा दिया।

पुलिस के अनुसार, सिसौना बिलासपुर, जिला रामपुर, के कांवड़ियों का एक दल हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर जा रहा था। रात को आराम करने के लिए वह लोग श्यामपुर स्थित पेट्रोल पंप के पास सो गए। आज सुबह करीब सवा चार बजे यूपी रोडवेज की बस ने एक महिला कांवड़िये को कुचल दिया। इससे उसकी मौके पर मौत हो गई। इससे गुस्साए कांवड़ियों ने करीब आधा दर्जन बसों में तोड़फोड़ कर जाम लगाया दिया। दो घंटे जाम के कारण राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

सूचना पर एसपी सिटी ममता बोहरा, अजय सिंह, सीओ सिटी प्रकाश देवली, एसओ श्यामपुर प्रदीप मिश्रा मौके पर पहुंचे। उन्होंने कांवड़ियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कांवड़िए जिद पर अड़े रहे। मजबूरन पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया है। मृतक महिला की पहचान मोहनदेई के रूप में हुई है।

आईफा समारोह में बारिश ने डाली खलल

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आईफा समारोह, न्यूयार्क में बारिश ने खलल डाली। जब ए आर रहमान का कांसर्ट हो रहा था, तो अचानक तेज बारिश आ गई, जिससे कुछ मिनटों के लिए शो रुका, लेकिन बाद में प्रोग्राम अपने तय कार्यक्रम के मुताबिक चलता रहा। आईफा के दूसरे दिन रहमान के कांसर्ट के अलावा फैशन शोज और बिजनेस समिट के कार्यक्रम हुए, जिसमें बालीवुड के दिग्गज सितारों ने हिस्सा लिया।

आईफा से मिल रही खबरों के मुताबिक, उस वक्त एक अप्रिय घटना हुई, जब आईफा के मंच से संचालन कर रहे मनीष पाल ने कैटरीना कैफ का हाथ पकड़ लिया और कैटरीना कैफ को ये अच्छा नहीं लगा और उन्होंने चिल्लाकर मनीष से उनका हाथ छोड़ने के लिए कहा।

नवाजुद्दीन आईफा में अलग अंदाज में पंहुचे। वे वहां अपनी नई फिल्म बाबू मोशाय बंदूकबाज के प्रमोशन के लिए पंहुचे हैं। ये फिल्म 25 अगस्त को रिलीज होगी। आईफा के मंच से सलमान खान ने एडवांस में कैटरीना कैफ को उनके जन्मदिन की बधाई भी दी। कैटरीना कैफ 16 जुलाई को अपना जन्मदिन मनाएंगी। सलमान ने मंच से शाहरुख खान के आईफा में न आने का भी जिक्र किया और कहा कि वे उनको मिस कर रहे हैं।

आईफा के मंच से शाहिद कपूर ने उन दिनों को याद किया, जब उनके करिअर के शुरुआती दिनों में उनकी तुलना शाहरुख खान से की जाने लगी थी। शाहिद ने इसे अपने लिए सबसे बुरी बात कहते हुए बताया कि वे लंबे समय तक इस तुलना को लेकर परेशान रहा करते थे। आईफा में पंहुचे सुशांत सिंह राजपूत को हर जगह कीर्ति सेनन के साथ हाथ थामे देखा गया। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म राबता में दोनों ने पहली बार साथ काम किया है और दोनों को इन रिलेशनशिप माना जाता है।

आईफा में सलमान की करीबी दोस्त मानी जाने वाली यूलिया वंतूर भी नजर आईं। आईफा के तीसरे दिन अवार्ड नाइट होगी, जिसमें 2016 की फिल्मों के लिए अलग अलग श्रेणी में अवार्ड दिए जाएंगे। इस दौरान सलमान, कैटरीना कैफ, आलिया भट्ट, शाहिद कपूर, वरुध धवन और सुशांत सिंह की परफारमेंस होंगी।

लूट का खुलासा

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काशीपुर में बीते दिनों हुई प्रापर्टी डिलर के घर की लूट का खुलासा करते हुए पुलिस ने पांच शातिर बदमाशो को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि जिसमें से दो लोग स्थानीय है जिनके द्वारा रैकी कर लूट की योजना बनाई गयी थी जबकि पहली बार घुमन्तु जाति के शातिर बदमाशों को लूट की वारदात के लिए हायर किया था, जो पुलिस के लिए बडी चुनोती थे।

पुलिस ने बताया कि बदमाशों ने 11 करोड़ के लालच में प्रॉपर्टी डीलर के घर में डकैती डाली गी थी, मगर हाथ सिर्फ सोने की तीन अंगूठी, चेन व दो कंगन लगे थे। डकैती के मास्टर माइंड अनिल ठाकुर ने सुमित के घर में 11 करोड़ होने की बात विकास और अरविंद अग्रवाल से कही थी। विकास व अरविंद दोनों रिशतेदार बताये जा रहे हैं। अरविंद इसकी जानकारी अनिल को दी तो उसने डकैती की योजना बनाई।

उसने उत्तर प्रदेश के कई लूट, डकैत गिरोह से संपर्क किया। छैमार गिरोह को  आखिर फाईनल कर वारदात को अंजाम दिया गया था, छैमार जनजाति गिरोह घुमंतु की तरह है। किसी शहर या गांव में रुकते हैं और रेकी कर लूटपाट करते हैं। गिरोह जिस घर में लूटपाट करता है उनके परिजनों को क्रूरता से मारता है। राज्य में पहली बार ऐसा हुआ है कि काशीपुर में भाड़े पर गिरोह यानि बराबर-बराबर के हिस्से पर प्रॉपर्टी डीलर के घर में डकैती डाली थी।जिनके पास से पुलिस ने लूट का सामान और की दर्जन हथियार भी बरामद किये हैं।

उत्तराखंड क्रांति दल बड़े आंदोलन की तैयारी में

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उत्तराखण्ड क्रांति दल एक बार फिर से आंदोलन करने के लिए कमर कस रहा है। यूकेडी ने पांच बिन्दुओं पर आंदोलन केंद्रित कर राज्य एवं केन्द्र सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है, यूकेडी 25 जुलाई से इस आंदोलन का आगाज करना तय किया है।

यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट की अध्यक्षता में दल के प्रमुख नेताओं ने बैठक की, जिसमे पांच बिन्दुओंपर चर्चा हुई। जिसमें पंचेश्वर बांध का जनता का सहयोग लेकर पुरजोर विरोध, राज्य की परिसम्पत्तियों को हर हाल में वापस लेना। किसानों को निराशा के भंवर से निकालकर आंदोलन के लिए प्रेरित करना, उत्तराखण्ड के साथ ही सम्पूर्ण भारत को शराब मुक्त कराने के लिए आंदोलन, बेरोजगारों के लिए दूरगामी नीति बनाकर प्रभावी हल निकालना पर चर्चा हुई।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए दिवाकर भट्ट ने कहा कि पंचेश्वर बांध उत्तराखण्ड के तीन जिलों में बनाया जा रहा है। जिसमें लगभग 122 गांव और 30 हजार परिवारों के प्रभावित होने की संभावना है। राज्य की 2,60,000 हेक्टेयर भूमि प्रभावित होकर नष्ट हो जायेगी। उन्होंने कहा यूकेडी हमेशा बड़े बांधों के विरोध में रही है, अभी टिहरी बांध के दंश को लोग पूरी तरह से भूल भी नहीं पाये हैं कि एक और बांध की रुपरेखा तैयार की जा रही है। जिसका यूकेडी पुरजोर विरोध करती है, यूकेडी का मानना है कि छोटे बांध बनाकर नदियों को धारा को अविरल बहने दिया जाये।

राज्य की परिसम्पत्तियों के विषय में कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की क्या बात हुई इसकी जानकारी जनता को नहीं दी जा रही है। यूपी के सिंचाई मंत्री धर्मपाल का बयान उत्तराखण्ड के लिए चिंता का विषय है। इस पर मुख्यमंत्री को स्पष्टीकरण देना चाहिए। राज्य के लोगों के हकों पर हम कतई डाका नहीं डालने देंगे। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखण्ड में पहली बार किसानों ने आत्महत्या की है। यह उत्तराखण्ड पर कंलक के समान याद किया जायेगा। किसानों को निराशा के भंवर से बाहर निकालकर अपने हकों के लिए आंदोलन करने के लिए यूकेडी प्रेरित करेगी।

दिवाकर भट्ट ने कहा कि राज्य में पूर्ण शराबबंदी के लिए आंदोलन किया जायेगा। बल्कि पूरे देश में शराबबंदी की मांग की जायेगी। बेरोजगारों के मुद्दे पर राज्य सरकार और केन्द्र सरकार युवाओं को रोजगार के लिए खोखले वायदे किये हैं। बेरोजगारों के भविष्य के साथ निरन्तर खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब यूकेडी आंदोलनों तक ही सीमित नहीं रहेगी बल्कि राज्य की सत्ता को अपने हाथ में लेने के लिए भाजपा-कांग्रेस से मुकाबला करेगी। बैठक में पूर्व अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह पंवार, बीडी रतूड़ी, ओमी उनियाल, सुरेन्द्र कुकरेती, डीएन डोडरिया आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।