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आईफा समारोह में बारिश ने डाली खलल

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आईफा समारोह, न्यूयार्क में बारिश ने खलल डाली। जब ए आर रहमान का कांसर्ट हो रहा था, तो अचानक तेज बारिश आ गई, जिससे कुछ मिनटों के लिए शो रुका, लेकिन बाद में प्रोग्राम अपने तय कार्यक्रम के मुताबिक चलता रहा। आईफा के दूसरे दिन रहमान के कांसर्ट के अलावा फैशन शोज और बिजनेस समिट के कार्यक्रम हुए, जिसमें बालीवुड के दिग्गज सितारों ने हिस्सा लिया।

आईफा से मिल रही खबरों के मुताबिक, उस वक्त एक अप्रिय घटना हुई, जब आईफा के मंच से संचालन कर रहे मनीष पाल ने कैटरीना कैफ का हाथ पकड़ लिया और कैटरीना कैफ को ये अच्छा नहीं लगा और उन्होंने चिल्लाकर मनीष से उनका हाथ छोड़ने के लिए कहा।

नवाजुद्दीन आईफा में अलग अंदाज में पंहुचे। वे वहां अपनी नई फिल्म बाबू मोशाय बंदूकबाज के प्रमोशन के लिए पंहुचे हैं। ये फिल्म 25 अगस्त को रिलीज होगी। आईफा के मंच से सलमान खान ने एडवांस में कैटरीना कैफ को उनके जन्मदिन की बधाई भी दी। कैटरीना कैफ 16 जुलाई को अपना जन्मदिन मनाएंगी। सलमान ने मंच से शाहरुख खान के आईफा में न आने का भी जिक्र किया और कहा कि वे उनको मिस कर रहे हैं।

आईफा के मंच से शाहिद कपूर ने उन दिनों को याद किया, जब उनके करिअर के शुरुआती दिनों में उनकी तुलना शाहरुख खान से की जाने लगी थी। शाहिद ने इसे अपने लिए सबसे बुरी बात कहते हुए बताया कि वे लंबे समय तक इस तुलना को लेकर परेशान रहा करते थे। आईफा में पंहुचे सुशांत सिंह राजपूत को हर जगह कीर्ति सेनन के साथ हाथ थामे देखा गया। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म राबता में दोनों ने पहली बार साथ काम किया है और दोनों को इन रिलेशनशिप माना जाता है।

आईफा में सलमान की करीबी दोस्त मानी जाने वाली यूलिया वंतूर भी नजर आईं। आईफा के तीसरे दिन अवार्ड नाइट होगी, जिसमें 2016 की फिल्मों के लिए अलग अलग श्रेणी में अवार्ड दिए जाएंगे। इस दौरान सलमान, कैटरीना कैफ, आलिया भट्ट, शाहिद कपूर, वरुध धवन और सुशांत सिंह की परफारमेंस होंगी।

लूट का खुलासा

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काशीपुर में बीते दिनों हुई प्रापर्टी डिलर के घर की लूट का खुलासा करते हुए पुलिस ने पांच शातिर बदमाशो को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि जिसमें से दो लोग स्थानीय है जिनके द्वारा रैकी कर लूट की योजना बनाई गयी थी जबकि पहली बार घुमन्तु जाति के शातिर बदमाशों को लूट की वारदात के लिए हायर किया था, जो पुलिस के लिए बडी चुनोती थे।

पुलिस ने बताया कि बदमाशों ने 11 करोड़ के लालच में प्रॉपर्टी डीलर के घर में डकैती डाली गी थी, मगर हाथ सिर्फ सोने की तीन अंगूठी, चेन व दो कंगन लगे थे। डकैती के मास्टर माइंड अनिल ठाकुर ने सुमित के घर में 11 करोड़ होने की बात विकास और अरविंद अग्रवाल से कही थी। विकास व अरविंद दोनों रिशतेदार बताये जा रहे हैं। अरविंद इसकी जानकारी अनिल को दी तो उसने डकैती की योजना बनाई।

उसने उत्तर प्रदेश के कई लूट, डकैत गिरोह से संपर्क किया। छैमार गिरोह को  आखिर फाईनल कर वारदात को अंजाम दिया गया था, छैमार जनजाति गिरोह घुमंतु की तरह है। किसी शहर या गांव में रुकते हैं और रेकी कर लूटपाट करते हैं। गिरोह जिस घर में लूटपाट करता है उनके परिजनों को क्रूरता से मारता है। राज्य में पहली बार ऐसा हुआ है कि काशीपुर में भाड़े पर गिरोह यानि बराबर-बराबर के हिस्से पर प्रॉपर्टी डीलर के घर में डकैती डाली थी।जिनके पास से पुलिस ने लूट का सामान और की दर्जन हथियार भी बरामद किये हैं।

उत्तराखंड क्रांति दल बड़े आंदोलन की तैयारी में

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उत्तराखण्ड क्रांति दल एक बार फिर से आंदोलन करने के लिए कमर कस रहा है। यूकेडी ने पांच बिन्दुओं पर आंदोलन केंद्रित कर राज्य एवं केन्द्र सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है, यूकेडी 25 जुलाई से इस आंदोलन का आगाज करना तय किया है।

यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट की अध्यक्षता में दल के प्रमुख नेताओं ने बैठक की, जिसमे पांच बिन्दुओंपर चर्चा हुई। जिसमें पंचेश्वर बांध का जनता का सहयोग लेकर पुरजोर विरोध, राज्य की परिसम्पत्तियों को हर हाल में वापस लेना। किसानों को निराशा के भंवर से निकालकर आंदोलन के लिए प्रेरित करना, उत्तराखण्ड के साथ ही सम्पूर्ण भारत को शराब मुक्त कराने के लिए आंदोलन, बेरोजगारों के लिए दूरगामी नीति बनाकर प्रभावी हल निकालना पर चर्चा हुई।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए दिवाकर भट्ट ने कहा कि पंचेश्वर बांध उत्तराखण्ड के तीन जिलों में बनाया जा रहा है। जिसमें लगभग 122 गांव और 30 हजार परिवारों के प्रभावित होने की संभावना है। राज्य की 2,60,000 हेक्टेयर भूमि प्रभावित होकर नष्ट हो जायेगी। उन्होंने कहा यूकेडी हमेशा बड़े बांधों के विरोध में रही है, अभी टिहरी बांध के दंश को लोग पूरी तरह से भूल भी नहीं पाये हैं कि एक और बांध की रुपरेखा तैयार की जा रही है। जिसका यूकेडी पुरजोर विरोध करती है, यूकेडी का मानना है कि छोटे बांध बनाकर नदियों को धारा को अविरल बहने दिया जाये।

राज्य की परिसम्पत्तियों के विषय में कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की क्या बात हुई इसकी जानकारी जनता को नहीं दी जा रही है। यूपी के सिंचाई मंत्री धर्मपाल का बयान उत्तराखण्ड के लिए चिंता का विषय है। इस पर मुख्यमंत्री को स्पष्टीकरण देना चाहिए। राज्य के लोगों के हकों पर हम कतई डाका नहीं डालने देंगे। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखण्ड में पहली बार किसानों ने आत्महत्या की है। यह उत्तराखण्ड पर कंलक के समान याद किया जायेगा। किसानों को निराशा के भंवर से बाहर निकालकर अपने हकों के लिए आंदोलन करने के लिए यूकेडी प्रेरित करेगी।

दिवाकर भट्ट ने कहा कि राज्य में पूर्ण शराबबंदी के लिए आंदोलन किया जायेगा। बल्कि पूरे देश में शराबबंदी की मांग की जायेगी। बेरोजगारों के मुद्दे पर राज्य सरकार और केन्द्र सरकार युवाओं को रोजगार के लिए खोखले वायदे किये हैं। बेरोजगारों के भविष्य के साथ निरन्तर खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब यूकेडी आंदोलनों तक ही सीमित नहीं रहेगी बल्कि राज्य की सत्ता को अपने हाथ में लेने के लिए भाजपा-कांग्रेस से मुकाबला करेगी। बैठक में पूर्व अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह पंवार, बीडी रतूड़ी, ओमी उनियाल, सुरेन्द्र कुकरेती, डीएन डोडरिया आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

आयोग ने लगाई टिहरी के डीएम-एसएसपी को फटकार

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राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने टिहरी में नाबालिग बहनों को बंधक बनाने के मामले में लीपापोती करने पर डीएम व एसएसपी को फटकार लगाई। इसके साथ ही आयोग ने नाबालिग बहनों को बंधक बनाने के आरोपी डॉक्टर दंपति को शीघ्र गिरफ्तार करने को कहा।

शनिवार को जारी प्रेस बयान में आयोग सदस्य शैलेंद्र शेखर करगेती ने कहा कि, ‘बाल कल्याण समिति ने डॉ. ललित जैन व उनकी पत्नी डॉ. सुचित जैन के नई टिहरी स्थित आवास से दो नाबालिग बहनों को मुक्त कराया था। दोनों बहनों ने अपने बयान में बताया कि दंपति उनसे घर का काम करवाने के साथ मारते-पीटते भी थे।’

मीडिया में रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद पुलिस ने डॉक्टर दंपति पर मुकदमा को दर्ज कर दिया, लेकिन उनकी गिरफ्तारी से परहेज किया जा रहा है। टिहरी के डीएम व एसएसपी को समझना होगा कि यह बेहद गंभीर मामला है। इस प्रकरण में कोताही बरतना किसी भी सूरत में न्यायोचित नहीं है। आयोग ने श्रम अधिकारी टिहरी को भी प्रकरण का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई को कहा। उधर, एसएसपी विमला गुंज्याल ने कहा कि प्रकरण की विवेचना चल रही है और यह कार्रवाई पूरी होने के बाद गिरफ्तारी पर निर्णय ले लिया जाएगा।

पिता के पास नहीं लौटना चाहती पीडि़त बहनें
बल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य शैलेंद्र शेखर करगेती, सीमा डोरा, शारदा त्रिपाठी व बल कल्याण समिति की अध्यक्ष ने कविता शर्मा ने देहरादून स्थित बालिका सदन में पीडि़त बहनों से मुलाकात की। बातचीत में बहनों ने अपने पिता के पास वापस लौटने से इन्कार किया, वहीं उनके पिता ने भी दोनों बेटियों की देखभाल में खुद को असमर्थ बताया।

सुलझेगी पेंशनरों की समस्या: प्रकाश पंत

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सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन ने वित्त मंत्री प्रकाश पंत का उनके आवास पर अभिनंदन किया। इस अवसर पर संगठन ने पेंशन संबंधी विभिन्न समस्याओं से मंत्री को अवगत कराया।

शनिवार को वित्तमंत्री पन्त के सरकारी आवास पर पहुंचे संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश की जनता को सरकार से बहुत आशाएं है। उनके मंत्री पद पर आसीन होने पर सभी पेशनर्स, वरिष्ठ नागरिकों में हर्ष है। सेवा निवृत राजकीय पेंशनर्स संगठन उत्तराखण्ड के पदाधिकारियों ने मंत्री प्रकाश पन्त से प्रदेश की योजनाओं और संगठन में सहयोग पर चर्चा की। पन्त ने संगठन के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया कि सरकार उनके सभी हितों को लेकर गंभीर है। उन्होंने संगठन को सहयोग देने का पूर्ण आश्वासन दिया।

इस दौरान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष आरएस परिहार, प्रदेश महामंत्री पीडी गुप्ता, प्रान्तीय संरक्षक जेबीएस पथनी, प्रान्तीय उपाध्यक्ष केडी शर्मा, हरभगवान टुटेजा, संतोष कुमार, नारायण सिंह राणा, पीसी लौशाली, मनवर सिंह गुसांई, ओपी टुटेजा, नंद किशोर शर्मा, जयनारायण, इन्दु मोहन गोसाई, केके पारस, एसआर जोशी, एसपी रतुड़ी, एसके त्यागी, बीएस चौहान, लक्ष्मी दत्त डोबाल, हरि प्रसाद डोबाल, बीआर नन्दा आदि मौजूद रहे।

हरैला का रंगारंग आघाज

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नेपाल सीमा से लगे दिगालीचौड़ क्षेत्र,चम्पावत  के बिंडा तिवारी में दो दिवसीय हरेला महोत्सव का रंगारंग आगाज शनिवार से हुआ। क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों व सांस्कृतिक दलों के कलाकारों ने रंगारंग कार्यक्रमों की सुंदर प्रस्तुति देकर दर्शकों का मनमोहा।

हरेला महोत्सव का आगाज बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे ब्लॉक प्रमुख योगेश मेहता ने किया। उन्होंने इस तरह के महोत्सव को उत्तराखंड देव भूमि की संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन का ध्वज वाहक बताया। सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत राप्रावि टुंडा बिष्ट व बीडी जोशी ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल के बच्चों ने मां सरस्वती वंदना कर किया।

संतोष रशीला के नेतृत्व में रीठासाहिब से पहुंचे सरस्वती लोक कला दर्पण के कलाकारों ने जै नन्दा दुर्गा भवानी, हिट बसंती न्है जानू पहाड़ा, मन्नू दा फलैक्सी कर दे मेर मोबाइल में आदि गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शक दीर्घा में समा बांध दिया। इसके अलावा स्थानीय कलाकार सतीश चिल्कोटी, प्रकाश राय, ईश्वर कोहली आदेश ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मन मोहक प्रस्तुति दी।

बरसात में हादसों की बाढ, चार की मौत

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बरसात के चलते हादसों की बाढ भी शुरु हो गयी है। लगातार हो रहे हादसों में अब तक कई लोगों की जान चली गयी है, पिथौरागढ़ से मुनस्यारी जा रही एक कार कालामुनी-बेटूलीधार के बीच अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। हादसे में कार सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए।

दुर्घटना बीती रात करीब दस बजे की है, हादसे की जानकारी आज सुबह चार बजे मिली। पुलिस के अनुसार, एक कार (यूके 05 डीए 2252) बीती रात पिथौरागढ़ से मुनस्यारी जा रही थी, थल मुनस्यारी मार्ग में सर्वाधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र में बेटुलिधार से लगभग दो किमी दूर कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई।

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हादसे में कार सवार प्रेम राम, मंजू देवी, देवकी देवी और लक्ष्मण सिंह नितवाल की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा चालक गणेश राम और जनक राम बस्ती गंभीर रूप से घायल हुए है। घटना की जानकारी घायलों द्वारा सड़क में आने के बाद लोगों को दी गई। सुचना के बाद पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को सीएसी मुनस्यारी रेफर किया गया है।

भूस्खलन प्रभावित गांव पहुंचे मुख्यमंत्री, दी राहत राशि

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भूस्खलन से प्रभावित सिल्ला गांव पहुंच कर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गांव का हाल जाना। इस मौके पर उन्होंने सभी नौ प्रभावित परिवारों को प्रति परिवार एक लाख एक हजार नौ सौ रुपये की धनराशि प्रदान की।

जिलाधिकारी देहरादून को 24 घंटे के भीतर प्रभावित गांव के पुर्नवास की रिपोर्ट और कृषि हानि का आकलन तैयार करने के साथ ही प्रभावितों के विस्थापन की योजना बनाने के निर्देश दिए।
शनिवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत प्रभावित गांव के निरीक्षण के लिए गए। उन्होंने जिलाधिकारी समेत सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्र के यातायात संपर्क मार्ग और कनेक्टिविटी को शीघ्र सुचारु किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरखेत में नदी के तटबंध की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, ताकि नदी का बहाव ग्रामीण क्षेत्र को हानि न पहुंचा सके। पैदल मार्ग से अधिकारियों के साथ सिल्ला गांव पहुंचे मुख्यमंत्री ने बुर्जुगों, बच्चों, महिलाओं और लगभग प्रत्येक ग्रामीण से उनके खाने-पीने, राशन, कपड़े, रहने की व्यवस्था आदि की जानकारी ली।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें फूड पैकेटस समय से उपलब्ध करा दिए गए हैं। वे लोग फिलहाल अपने संबंधियों के घरों में रह रहे है और प्रशासन से सहायता प्राप्त हो रही है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगो से कहा कि यह अत्यन्त दुख की बात है कि हाल ही की भारी वर्षा तथा भूस्खलन से गांव में पशु तथा भवनों की हानि हुई है, लेकिन शुक्र है कि कोई जन हानि नही हुई है। राज्य सरकार पूरी तरह से पीड़ितों के साथ है और प्रभावितों की पूरी मदद करेगी। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ विधायक गणेश जोशी भी मौदूद थे।

उलझता जा रहा लापता सिख तीर्थयात्रियों की गुमशुदगी का मामला

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गोपेश्वर, चमोली जिले के हेमकुंड साहेब के मुख्य पड़ाव गोविंदघाट से इनोवा कार सहित लापता आठ सिख तीर्थ यात्रियों की गुमशुदगी का मामला उलझता ही चला जा रहा हैं। शनिवार को इनोवा कार चालक महंगा सिंह का आधार कार्ड ऋ़षिकेश शिवपुरी के पास एक कूड़ा उठाने वाले को मिलने की बात चमोली पुलिस कर रही है।

वहीं, दूसरी ओर पुलिस की सर्च टीम ने शुक्रवार को इनोवा कार के कुछ अंश तथा दो पगड़ी गोविंदघाट से पीछे टंया पुल के पास बरामद की है। टंया पुल और ऋषिकेश के बीच की दूरी लगभग तीन से साढ़े 300 किमी के आसपास है। ऐसे में आधार कार्ड का शिव पुरी ऋषिकेश के पास मिलना मामले में संदेह की स्थिति उत्पन्न कर रहा है।

इधर, पुलिस अधीक्षक चमोली तृप्ती भट्ट ने किसी भी प्रकार से संदेश से इंकार करते हुए आधार कार्ड के अलकनंदा में बहकर शिवपुरी तक पहुंचने की बात कही है।

 

सड़क के अभाव में बीमार महिला ने रास्ते में तोड़ा दम

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उत्तराखंड के जनपद चमोली के विकास खंड घाट के सुदुरवर्ती गांव कनौल की एक बीमार महिला ने सड़क के अभाव में अस्पताल लाते हुए रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

कनौल गांव की केसरी देवी पत्नी स्व. केदार सिंह की शुक्रवार की सांय को पेट में दर्द होने लगा, जो धीरे-धीरे बढ़ता ही चला गया। कनौल गांव में सड़क नहीं होने के कारण उनके पुत्र जसपाल सिंह ने अपने एक अन्य साथी के साथ कुर्सी की डोली बना कर अपनी मां को कंधे पर रखकर घाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाट में उपचार के लिए लाने लगे। कनौल गांव से मुख्य सड़क मार्ग 12 किमी दूर है, पैदल मार्ग की भी हालत बुरी है। ये दोनों युवक किसी तरह से उन्हें चिकित्सालय लाने का प्रयास कर रहे थे कि रास्ते में मछीगाड के पास महिला ने दम तोड़ दिया और उसे फिर मृत अवस्था में घर वापस ले गये।

सड़क बनी होती तो बच जाती जान
कनौल गांव जो कि मुख्य सड़क मार्ग से 12 किमी दूर है। यहां आने जाने वाला पैदल मार्ग भी खस्ता हालत में है, जिससे ग्रामीणों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता गबर सिंह ने बताया कि ग्रामीण सड़क की मांग को लेकर एक लंबे समय से शासन प्रशासन से गुहार लगा रहे है लेकिन अभी तक सड़क बनने की दिशा में कोई कार्य नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि उनके गांव में सड़क बनी होती तो केसरी देवी की जान बच सकती थी।