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दून में लोगों को मिली राहत, पांच दिन बाद पानी की आपूर्ति शुरू

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भारी बारिश के दौरान पांच दिन पहले बही बांदल जलस्रोत की पाइप लाइन को जल संस्थान ने ठीक कर दिया। इसके बाद सोमवार से पेयजल आपूर्ति बहाल हो गई है। हालांकि, मंगलवार सुबह तक भी सभी इलाकों में आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई है, लेकिन एक बड़ी आबादी को सोमवार से पानी मिलना शुरू हो गया था। जल संस्थान के अधिकारियों का दावा है कि मंगलवार सभी इलाकों में पानी मिलना शुरू हो जाएगा।

बीते बुधवार को हुई भारी बारिश से जल संस्थान की बांदल स्रोत की पाइप लाइन रायपुर में बह गई थी। इससे राजपुर रोड, चकराता रोड समेत एक दर्जन से ज्यादा इलाकों के 60 हजार से ज्यादा लोगों के सामने पानी का संकट खड़ा हो गया था। पांच दिन की मशक्कत के बाद रविवार रात्रि में लाइन को ठीक किया गया। इसके बाद सोमवार सुबह तक पानी वाटर वर्क्स पहुंचा। हालांकि, कई मोहल्लों में सोमवार को पानी पहुंच गया। चूंकि, पहले दिन लोग घरों में निजी टैंकों को भरने में जुट गए, इसलिए पानी सभी घरों तक नहीं पहुंच पाया। हाथीबड़कला क्षेत्र के पार्षद भूपेंद्र कठैत ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में पानी जरूर पहुंचा है, लेकिन अब भी कई जगहों पर लोग पानी को तरस रहे हैं। इस संबंध में जल संस्थान के अधिकारियों से शिकायत की गई है, जिसके बाद टैंकरों से इन जगहों पर सप्लाई दी गई। वहीं, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता यशवीर मल्ल ने बताया कि अधिकांश घरों तक पानी पहुंच गया है। 

बच्चों ने देखी ‘पप्पू की पगडंडी’ फिल्म

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केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की स्वायत्त संस्था ‘बाल चित्र समिति’ द्वारा 17 से 22 जुलाई तक जिले के सिनेमाघरों में प्रतिदिन सुबह के शो में दिखाई जाने वाली बाल फिल्म कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम के तहत सोमवार को शहर के सिनेमा हाॅल सिलवर सिटी में विभिन्न स्कूलों से आए बच्चों को ‘पप्पू की पगडंडी’ फिल्म दिखाई गर्इ। बच्चों ने फिल्म का खूब आनंद लिया।

इसी प्रकार जिले के अन्य सिनेमा घरों जिनमें पीवीआर सिनेमा, बिग सिनेमा, मूवी लांउग सिनेमा, मुक्ता सिनेमा, गिल्ट्ज सिनेमा तथा रामा पैलेस ऋषिकेश में सुबह के शौ में फिल्मे प्रदर्शित की गर्इ। 

किसान की खुदकुशी की धमकी से खलबली

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लामाचौड़ क्षेत्र, हल्द्वानी के रामपुर गांव में खेतों में सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने से परेशान ग्रामीण, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता तारा दत्त कांडपाल से मिले। खेती चौपट होने से परेशान एक किसान ने खुदकुशी की धमकी दी तो अफसरों में खलबली मच गई। तुरंत अधिशासी अभियंता ने अवर अभियंता को तलब कर फटकार लगाने के साथ ही सिंचाई नहर की सफाई कर जलापूर्ति सुचारू करने के निर्देश दे डाले। वहीं कृषि विभाग के अफसरों ने भी दोपहर में गांव का मौका मुआयना किया। ग्रामीण ने व्हाट्सएप पर डीएम से भी इसकी शिकायत की है।

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रामपुर गांव के ग्रामीण चंदन सिंह लटवाल व मदन मोहन सनवाल कालाढूंगी रोड स्थित सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि गांव में गौला के पानी से सिंचाई होती है। लामाचौड़ चौराहे से नहर का पानी नाले में डाइवर्ट कर दिया गया है। वहीं नहर में कई फुट ऊंची सिल्ट जमा हो चुकी है। कई बार सिंचाई विभाग के अफसरों से पत्राचार के बाद भी नहर की सफाई नहीं की जा रही है। इसी दौरान ग्रामीण चंदन सिंह ने गुस्से में अफसर के सामने ही खुदकुशी की धमकी दे डाली, इससे अफसर व मातहतों में हड़कंप मचा।

अधिशासी अभियंता ने तुंरत फोन कर क्षेत्रीय अवर अभियंता को तलब किया। दोनों ग्रामीणों के साथ अवर अभियंता को नाले की सफाई करने व जलापूर्ति सुचारू करने के निर्देश दिए। वहीं दोनों ग्रामीणों ने कृषि विभाग के अफसरों को भी अपनी समस्या से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि पानी न मिलने से धान की रोपाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में किसान भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएंगे। इस पर मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार व कृषि अधिकारी हल्द्वानी आरके आजाद ने गांव का दौरान कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।

मनरेगा मजदूर के खाते लिंक की प्रगति पर डीएम सख्त

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मनरेगा मजदूर के खातों में धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी रंजना ने कहा कि 25 जुलाई से सभी बैंक शिविर आयोजित करके मैपिंग कार्य प्रारंभ करें। इस दौरान सीडीओ को शिविरों की तिथि उपलब्ध कराने को कहा, डीएम ने अपने कार्यालय सभागार में बैंकर्स के साथ मनरेगा मजदूरों के खातों के आधार पर मैपिंग की समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश दिए।

डीएम ने कहा कि गलत नाम के कारण या आधार कार्ड का सही नंबर अंकित न होने के कारण जिन खाता धारकों के आधार मैपिंग नहीं हो पा रही है उनके खातों की मैपिंग कराएं।

जिलाधिकारी ने आधार सिडिंग से वंचित मनरेगा मजदूरों को विकास खंड स्तर से कंसलटेंट फॉर्म प्राप्त करके खाता लिंग करने के निर्देश देते हुए कहा कि आधार मैचिंग में आ रही कमियों को शिविर के माध्यम से दूर करने को कहा। उन्होंने डाक विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो खाते सीवीएस ब्रांच पोस्ट आफिस में नहीं हैं उनकी सूची उपलब्ध कराएं।

डीएम ने अग्रणी बैंक अधिकारी को हर बैंक शाखा की मॉनिटरिंगकर आधार मैपिंग की प्रगति आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। सीडीओ एसएस पांगती ने बैंकर्स को आधार सीडिंग व आधार मैपिंग में तेजी लाने को कहा। 

अंजान शिष्यों की मदद को आगे आई ये खास “गुरु”

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‘गुरु हमेशा गुरु ही होता है,’ यह कहावत तो आपने सुनी ही होगी और इसी कहावत को साकार कर रही हैं 32 साल की ऊषा सुयाल जिन्होंने जरुरत के समय बच्चों को पढ़ाने का फैसला लिया।

जी.बी पंत यूनिर्वसिटी से प्लांट पैथालाॅजी में पीएचडी की उपाधि लेने वाली ऊषा, हल्द्वानी में पली-बड़ी ।पीएचडी रिसर्च में एडमिशन लेने से पहले ऊषा ने पौड़ी डिग्री कालेज में एक साल तक बाॅटनी पढ़ाई। शादी के बाद ऊषा टीचिंग छोड़कर अपने पति आईएएस मंगेश घिल्डियाल जो आजकल रुद्रप्रयाग के डीएम पद पर पोस्टेड हैं उनके साथ रहने लगीं।

लेकिन एक बार फिर ऊषा ने अपना जूनून, यानि टीचिंग शुरु करने की ठानी। ऊषा की इस पहल ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया है। लेकिन शादी के 4 साल बाद एक बार फिर ऐसा क्या हुआ जो उन्होंने टीचिंग शुरु कर दी? आपको बतादें कि इस बार ऊषा ने अपने लिए टीचिंग अपने लिये नहीं बल्कि दिल छू जाने वाले कारण से शुरू की।

न्यज़पोस्ट से एक्सक्लूसिव बातचीत में ऊषा कहती हैं कि ‘मैं अपने पति के साथ जीजीआईसी कैंपस रुद्रप्रयाग में निरीक्षण के लिए गई थी जब मुझे स्कूल के प्रिसिंपल ने बताया कि स्कूल के क्लास 9-10वी के बच्चों के लिए साइंस का कोई अध्यापक नहीं है।’ उषा ने बताया कि, यह दो साल स्कूल के बच्चों के लिए सबसे मुश्किल और सीखने वाले साल होते हैं, ऐसे में टीचर का ना होना बहुत बड़ी समस्या है। यह सोच कर मैं अपने आप को रोक नहीं पाई और जब तक स्कूल में स्थायी टीचर की पोस्टिंग नहीं हो जाती तब तक मैंने बच्चों को फिजिक्स,कैमिस्ट्री और बायोलाजी पढ़ाने का फैसला लिया।’

उनकी इस निस्वार्थ सेवा से ना केवल वो लोग प्रभावित हुए हैं जिनको इसका सीधा फायदा मिल रहा हैं, बल्कि जिस किसी ने ऊषा के बारे में पढ़ा वह प्रशंसक बन गया।ऊषा क्लास 9-10वीं के कुल 80 स्टूडेंट को दिन में चार घंटे पढ़ाती हैं, वो कहती हैं कि मैं बच्चों को पढ़ाकर अच्छा महसूस करती हूं, ‘मुझे बहुत अच्छा लगता है छोटे बच्चों के बीच समय बिताकर और उनको पढ़ाकर।’

जिले के डीएम की पत्नी को शायद काम करने की कोई जररूत नहीं थी, लेकिन ऊषा ने अपने जज्बे से ये साफ कर दिया है कि अपने आसपास के लोगों की मदद करने और समाज में बदलाव लाने के लिये पद और सामर्थ का जरूरत नहीं है। हम सबको ऊषा घिल्डियाल से सीखने की जरुरत हैं, जो बिना किसी स्वार्थ के जरुरतमंद बच्चों की मदद कर रही हैं।

कैंसर से जूझ रहे बाॅलिवुड अभिनेता सीताराम पांचाल की मदद की गुहार

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बॉलीवुड की फिल्मों से लेकर टीवी सीरियलों में बरसों से काम करते आ रहे वरिष्ठ कलाकार सीताराम पांचाल कैंसर की बीमारी से जूझ रहे हैं और आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से उनकी मदद की अपील की जा रही है।
सोशल मीडिया पर फिल्म इंडस्ट्री के सितारों से भी सीताराम पाचांल की मदद की गुहार लगाई गई है। हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले सीताराम पांचाल पिछले लगभग 30 सालों से फिल्मों और टेलीविजन की दुनिया में काम कर रहे हैं। उनके परिजनों ने जानकारी दी है कि वे पिछले तीन सालों से ज्यादा वक्त से कैंसर से जूझ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, डॉक्टरों ने उनके कैंसर को चौथे स्टेज पर बताते हुए उनकी हालत को बेहद गंभीर बताया था। कहा जाता है कि शरीर कमजोर होने की वजह से ऐलोपैथी की दवाइयों को उनका शरीर स्वीकार नहीं कर पाता। इसलिए वे होम्योपैथी के इलाज पर ही चल रहे है।
उनके परिजनों के मुताबिक, पिछले तीन सालों से उनके इलाज में परिवार की जमा पूंजी खर्च हो चुकी है और एक मकान भी बिक चुका है। अब उनका इलाज जारी रखना मुश्किल हो गया, तब उनके दोस्तों की ओर से सोशल मीडिया पर मदद की अपील की गई। बालीवुड में कलाकारों की संस्था सिंटा की ओर से भी सीताराम पाचांल को तुरंत आर्थिक मदद करने की घोषणा की है। सिंटा ने फिल्म इंडस्ट्री के बड़े सितारों से मदद का हाथ बढ़ाने की अपील की है।
इस अपील पर राजकुमार राव, रणदीप हुड्ड, सतीश कौशिक की ओर से सकारात्मक जवाब मिला है। इनके अलावा संजय मिश्रा, इरफान की ओर से भी सीताराम को मदद पहुंचाई गई है। सीताराम पांचाल की प्रमुख फिल्मों में स्लमडाग मिलेनियर, नाना पाटेकर की शक्ति- द पावर, बैंडिट क्वीन, पीपली लाइव, पान सिंह तोमर के नाम शामिल हैं।

ट्रेन के आगे लेट युवक ने की आत्महत्या

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लंढ़ौरा क्षेत्र, हरिद्वार में रेलवे ट्रैक पर एक युवक ने ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली, इससे पहले युवक करीब दो घंटे तक फोन पर बात करते हुए स्टेशन पर देखा गया था।

ग्राम नगला खुर्द निवासी, 24 साल का उस्मान सुबह रेलवे स्टेशन पर घूम रहा था। वह करीब दो घंटे तक फोन पर बात करता रहा। अचानक वह रेलवे ट्रैक पर आ गया, तभी अप लाइन पर चेन्नई एक्सप्रेस आ रही थी। स्टेशन पर मौजूद लोगों ने उसे लाइन से हटने के लिए काफी आवाज लगाई, लेकिन वह नहीं हटा।

ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। कुछ दूर जाने के बाद ट्रेन भी रुक गई। जीआरपी चौकी प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि पीएम बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मृतक के परिजनों ने बताया कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी।

कर्णप्रयाग विकास खंड के कालेश्वर को ‘डिजिटल विलेज’ चुनने की प्रक्रिया तेज

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चमोली जनपद के विकास खंड कर्णप्रयाग की ग्राम पंचायत कालेश्वर को ‘डिजिटल विलेज’ चुनने की प्रकिया के तहत ग्रामवासियों एवं व्यापारियों के साथ एक प्रेरक बैठक कालेश्वर ग्राम पंचायत में आयोजित की गई।

जिलाधिकारी आशीष जोशी के निर्देशों पर ग्राम पंचायत कालेश्वर में महाप्रबन्धक जिला उद्योग डॉ एमएस सजवाण, जिला विकास अधिकारी आनंद सिंह एवं मुख्य कोषाधिकारी वीरेंद्र कुमार द्वारा ग्राम व्यापारियों एवं ग्रामवासियों को डिजिटल विलेज के बारे में प्रेरक जानकारी दी गई। टाटा कंसलटेंसी के इंजीनियर इंदुधर सिंह एवं अमित मिश्रा द्वारा ‘एसबीआई मरचेंट भीम एप’ के बारे में तकनीकी तथा एसबीआई शााखा प्रबंधक द्वारा बैंक एवं आधार लिंक के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर सात व्यापारियों के इंटरनेट युक्त स्मार्ट मोबाइल फोन पर एसबीआई मरचेंट भीम एप डाउनलोड किया गया और उनका आधार सीडेड एसबीआई बैंक एकाउंट का पंजीकरण इस एप में किया गया।

उन्हें जिला प्रशासन द्वारा राज्य सरकार से प्राप्त बायोमैट्रिक्स डिवाइस निःशुक्ल उपलब्ध करायी गयी। इसके बाद ग्राहकों द्वारा व्यापारियों से खरीदारी की गई, जिसका भुगतान डिजिटल ट्रांजिक्शन के माध्यम से सीधे व्यापारी के स्मार्ट फोन से लिंक बायोमैट्रिक डिवाइस पर अपने अंगूठे की मदद से व्यापारी के एसबीआई आधार सीडेड खाते में किया गया।

लकड़ी तस्करों ने की फायरिंग,वन कर्मी घायल

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रुद्रपुर गुलरभोज-पीपलपड़ाव रेंज में वन कर्मियों और लकड़ी तस्करों में मुठभेड़ हो गई। तस्करों ने कई राउंड फायरिंग की जिसके चलते एक वन कर्मचारी घायल हो गया। उस गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किया गया है। वन बीट अधिकारी की तरफ से दो नामजद व एक अज्ञात के खिलाफ चौकी में तहरीर दी गई है। तस्कर अंधेरे का लाभ उठाकर मौके से फरार हो गए।

पीपलपड़ाव रेंज से लकड़ी तस्कर अक्सर बेशकीमती पेड़ काटकर ले जाते हैं। तमाम प्रयासों के बावजूद तस्करों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। रेंज मुख्यालय में हरेला पर्व मनाया गया, इसी दौरान मुखबिर ने रेंजर रुप नारायण गौतम को दक्षिण गदगदिया क्षेत्र से सागौन तस्करी की संभावना बताई।

हरकत में आते ही रेंजर ने वन बीट अधिकारी एमडी शर्मा को टीम गठित कर मौके पर भेजा गया। वनकर्मियों ने बताए स्थान पर डेरा डाल दिया। रात तकरीबन डेढ़ बजे वन चौकी पर कुत्ते की भोंकने की आवाज पर अचानक विपरीत दिशा से फायर की आवाज हुई। जैसे ही वन कर्मियों ने फायरिंग की दिशा पर रोशनी की तभी तस्करों ने गोली चला दी जो फायर प्लांटेशन वाचर पंकज के पेट में जा लगी।

साथी को गोली लगने के बावजूद वन कर्मियों ने हिम्मत नहीं हारी और जवाबी फायरिंग कर तस्करों को दबोच भी लिया। लेकिन, साथी की हालत बिगड़ती देख जब कर्मियों की पकड़ ढीली पड़ी तो तस्कर अंधेरे में फरार होने में कामयाब रहे। सोमवार को बीट अधिकारी एमडी शर्मा ने गुरमीत सिंह उर्फ गेजी, संगत उर्फ संगी निवासी ग्राम थापकनगला, थाना केलाखेड़ा व एक अज्ञात के खिलाफ चौकी में तहरीर दी। इधर, घायल वन कर्मी को देर रात सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी हालत गंभीर बताई गई है।

लापता सिख तीर्थ यात्रियों का सप्ताह बाद भी नहीं चला पता

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उत्तराखंड के जनपद चमोली के हेमकुंड साहेब की यात्रा कर वापस लौट रहे 8 सिख तीर्थ यात्री इनोवा वाहन सहित 6 जुलाई को लापता हो गये थे। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी लापता सिख यात्रियों का कोई पता नहीं चल पाया है। पुलिस सिर्फ सर्च के दौरान मिले इनोवा कार के पार्टस और पगड़ी के सहारे सिख तीर्थ यात्रियों के अलकनंदा नदी में डूब जाने की आशंका जता कर अलकनंदा के किनारे सर्च अभियान चलाये हुए है।

बता दें कि 6 जुलाई को हेमकुंड साहेब की यात्रा के बाद 8 सिख तीर्थ यात्रियों का एक दल जिसमें दो एनआरआई भी शामिल थे घर को लौट रहे थे, लेकिन वे आज तक अपने घर नहीं पहुंच पाये है। परिजनों ने 11 जुलाई को गोविंदघाट थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करवायी उसके बाद पुलिस हरकत में आयी। पुलिस को सर्च के दौरान गोविंदघाट से पीछे टंया पुल के पास इनोवा का एक पार्टस तथा दो पगड़ी भी मिली थी। उसी के सहारे पुलिस अपना सर्ज अभियान चलाये हुए है।

वहीं वाहन चालक महंगा सिंह का आधार कार्ड शिवपुरी ऋषिकेश में कुड़ा उठाने वालों को मिला था। परंतु अभी तक लापता सिख तीर्थ यात्रियों का पता नहीं चल पाया कि उनके साथ हकीकत में हुआ क्या है, यह भविष्य की गर्त में छिपा है।