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दून में डेंगू और स्वाईन फ्लू का डबल अटैक

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स्वास्थ के संबंध में उत्तराखंड इस समय दोगुनी मुसीबत झेल रहा है। एक तरफ डेंगू मुंह बाए खड़ा है तो दूसरी तरफ स्वाइन फ्लू लोगों की जिंदगी लील रहा है। गुरुवार को स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले एक और मरीज की मौत हो गई। उसका सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट अभी नही आई है। वहीं, दो मरीजों में डेंगू की भी पुष्टि हुई है।स्वाइन फ्लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। हर रोज न सिर्फ मरीजों का आंकड़ा बढ़ रहा है बल्कि इसकी वजह से कई लोगों की जान भी जा चुकी है। दून और हरिद्वार में इसका असर ज्यादा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जनपद में अब तक स्वाइन फ्लू से छह लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा मरने वाले तीन मरीज ऐसे हैं, जिनमें स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए गए थे। यदि इनमें भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि होती है तो इस बीमारी से मरने वालों की संख्या नौ हो जाएगी। मृतकों में अधिकांश हरिद्वार और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आए मरीज हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. तारा चंद पंत ने बताया कि गुरुवार देर रात स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीज की मौत हुई है। बैरागीवाला निवासी इस 29 वर्षीय युवक का हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट में उपचार चल रहा था। मृतक का ब्लड सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजा गया है।

दो मरीजों में डेंगू की पुष्टि : स्वाइन फ्लू व डेंगू का डबल अटैक स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बन गया है। जिले में डेंगू से पीड़ित मरीजों का आंकड़ा चार हो गया है। दून के लिए राहत की बात यह है कि सभी मरीज बाहर के हैं। एक मरीज बिजनौर और बाकी के तीन हरिद्वार के हैं। मानसून के साथ ही डेंगू ने भी असर दिखाना शुरू कर दिया है। जगह-जगह हुआ जलभराव मच्छरों के लिए मुफीद साबित हो रहा है। गुरुवार को दो और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। इनमें एक की उम्र 18 वर्ष, जबकि दूसरे की 24 वर्ष है। दोनों ही हरिद्वार के रहने वाले हैं और इनका उपचार दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में चल रहा है।दून अस्पताल ने बनाए स्पेशल वार्ड1दून अस्पताल में 10 बेड का स्वाइन फ्लू वार्ड और 10 बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है। जिसका नोडल अधिकारी वरिष्ठ चेस्ट फिजिशियन डॉ. रामेश्वर पांडे को और इंचार्ज सिस्टर लक्ष्मी पुनेठा को बनाया गया है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा के अनुसार जरूरत पड़ने पर बेड की संख्या बढ़ा दी जाएगी।

दो युवकों ने रचायी शादी सभी को किया हैरान

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अल्मोडा नगर से लगे सरसों गांव में दो युवकों द्वारा समलैंगिक विवाह करने का मामला सामने आया है। दोनों का दावा है कि उन्होंने छह साल पहले शादी कर ली है और तब से वह साथ ही रहते हैं। इसमें एक युवक ने ऑपरेशन के जरिये सेक्स बदलकर लड़की बनने की ठान ली है। इसके लिए वह डॉक्टरों के भी संपर्क में है। लड़की बनने जा रहे युवक ने कहा है कि अगर घर वालों ने उन्हें स्वीकार नहीं किया तो वह गांव छोड़कर कहीं और चले जाएंगे। 

निकटवर्ती सरसों गांव के रहने वाले ललित कुमार आर्य (विक्की) और पड़ोस में रहने वाले उनके बचपन के साथी अमित कुमार आर्य के बीच 11वीं कक्षा में पढ़ने के दौरान काफी घनिष्ठता हो गई थी। दोनाें ने बताया कि उन्होंने बचपन में जीआईसी अल्मोड़ा में पढ़ाई की और स्कूल भी साथ ही आते-जाते थे। बड़े हुए तो बीए और एमए (प्राइवेट) की पढ़ाई भी साथ ही की। पढ़ाई में अमित ने ललित की काफी मदद की। धीरे-धीरे दोनों इतने करीब आ गए कि उन्होंने पूरी उम्र पति-पत्नी की तरह साथ बिताने की ठान ली। 

ललित और अमित के मुताबिक दोनों की घनिष्ठता इतनी बढ़ गई थी कि उन्होंने 28 अक्तूबर 2011 को शादी भी कर ली। अमित ने बताया कि शादी ललित के घर पर की और शादी में सिर्फ वही दोनों थे। उसके बाद दोनों ने गांव के भगवती मंदिर में पूरी जिंदगी साथ बिताने की कसमें खाईं। तब से दोनों साथ-साथ रहते हैं। ललित की उम्र 31 साल और अमित की 26 साल है। ललित वन विभाग में सीजनल श्रमिक के तौर पर काम करता है, जबकि अमित राजकीय स्वास्थ्य केंद्र बानठोक में वार्ड ब्वाय पद पर कार्यरत है। 

अमित ने में बताया कि दोनों ने ही करीब तीन माह पहले शादी के बारे में अपने घरों में बताया, लेकिन घर वाले इस शादी के खिलाफ हैं। परिजन दोनों की शादी को किसी भी सूरत में स्वीकार करने के मूड में नहीं हैं।बकौल अमित उसने भविष्य में ऑपरेशन के जरिये सेक्स बदलकर लड़की बनने की ठान ली है। इसके लिए हाल ही में उसने हार्मोंस बदलने की कुछ दवाएं भी खाई हैं, जिससे उसकी आवाज में बदलाव भी आया है। अमित ने यह भी बताया कि सेक्स बदलने के लिए वह दिल्ली में कुछ डॉक्टरों के भी संपर्क में है। अमित ने कहा कि ऑपरेशन होने के बाद वह कोर्ट मैरिज भी करेंगे। अमित कुमार ने कहा कि अगर दोनों के घर वालों ने उन्हें स्वीकार नहीं किया तो वह यहां से बाहर शिफ्ट हो जाएंगे।

देहरादून से ही सीएम रखेंगे सारे प्रदेश पर नज़र

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सरकार के काम काज में पारदर्शिता औऱ जवाबेही लाने की तैयारी कर ली है। इसके लिये देहरादून से तमाम अधिकारियों और जिले में काम काज की माॅनिटरिंग की जायेगी। इस कवायद के लिये डैशबोर्ड तैयार किया जा रहा है।डैशबोर्ड से सभी विभागों और जिलों, वर्तमान में चल रह सभी परियोजनाएं, जन कल्याणकारी तथा विकास योजनाओं की समीक्षा की जायेगी। इस बारे में मुख्यमंत्री ने आईटीडीए और एनआईसी के अधिकारियों से मॉनिटरिंग डैशबोर्ड के बारे में बैठक की। बैठक में बताया गया कि इस डैशबोर्ड से मुख्यमंत्री

  • अपने आॅफिस से ही सभी विभागों और जिलों की समीक्षा करने के साथ ही निर्देश भी दे सकेंगे और फॉलो अप भी कर सकेंगे।
  • डैशबोर्ड परफॉर्मेंस, चुनौतियों और प्रमुख परफॉर्मेंस संकेतकों की जानकारी भी देगा।
  • इस मोड्यूल में सरकार की प्राथमिकताएं, राज्य की उपलब्धियां, परफॉर्मेंस संकेतक, फ्लैगशिप प्रोग्राम, चुनौतियों वाले क्षेत्र, विभागों के परफॉर्मेंस की स्टार रेटिंग और चैट बोर्ड होगा ।
  • इसमें ग्राउंड लेवल का डाटा जिलों, ब्लॉक और गांव से इकट्ठा किया गया डेटा रहेगा।
  • साथ ही इसमें ग्राफिक रिपोर्ट, दैनिक, मासिक रिपोर्ट, सबसे अधिक और सबसे कम परफॉर्मेंस वाले जिलों की रिपोर्ट, विभागवार डाटा सीडिंग रिपोर्ट, विभागवार सेवाओं की रिपोर्ट, योजना के अनुसार भौतिक और वित्तीय प्रगति की रिपोर्ट रहेगी।

मुख्यमंत्री के सुझावों के अनुसार डैशबोर्ड में राज्य भर के अधिकारियो, किसानों, युवा वर्ग या समाजसेवियों द्वारा इनोवेटिव कार्यों का भी उल्लेख किया जाएगा। दुनिया भर में डिजिटस क्रांति छा रही है औऱ ऐसे में अगर सरकार का ये डैशबोर्ड सूबह का सवेरा देखता है तो सरकारी कामों में जवाबदेही तय करने में काफी मदद मिल सकती है।

युवाओं को नहीं भा रहे प्रदेश के मेडिकल संस्थान

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सरकार प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों को भले ही कितने भी सुविधा संपन्न होने के दावे करती हो लेकिन युवाओं की पंसद में जगह नहीं बना पा रहे हैं। यह हम नहीं बल्कि नीट काउंसिलिंग के आंकड़े इसकी तस्दीक करते हैं। आलम यह है कि काउंसिलिंग में प्रदेश के कॉलेजों की एमबीबीएस की सीटों पर एक चौथाई भी दाखिले नहीं हो पाए हैं।

राज्य के मेडिकल संस्थानों की सीटों पर दाखिला प्रक्रिया के अंकड़े संस्थानों के हित में नहीं हैं। भले ही युवाओं में डॉक्टर बनने का क्रेज भले ही बढ़ा हो, लेकिन राज्य के मेडिकल कॉलेजों से डॉक्टर बनने की चाहत युवाओं में कम ही दिख रही है।
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) की ऑल इंडिया काउंसिलिंग के तहत राज्य के तीन मेडिकल कॉलेजों में प्रथम राउंड में दाखिले कुछ यही इशारा कर रहे हैं। श्रीनगर व हल्द्वानी की बात छोड़िए, राजधानी स्थित दून मेडिकल कॉलेज भी देश के युवाओं की पसंद नहीं है। यहां ऑल इंडिया कोटे से अभी मात्र 02 ही एडमिशन हुए हैं।
वहीं, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में भी अभी अधिकांश सीटें खाली हैं। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में ऑल इंडिया कोटे में महज एक सीट भरी है। जबकि हल्द्वानी में पांच दाखिले हुए थे, जिनमें तीन ने सीट छोड़ दी है। इस स्थिति पहले चरण में राज्य के तीन मेडिकल कॉलेजों में कुल मिलाकर पांच ही सीट भर पाई हैं।
राज्य के मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन कम होने की बड़ी वजह है सरकार के साथ पहाड़ पर पांच साल सेवाओं का बॉन्ड। सरकारी कोटे की सीटों पर दाखिला लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए यहां पहाड़ी इलाके में सेवाएं देना अनिवार्य है। अगर बॉन्ड साइन नहीं किया गया तो चार लाख रुपये सालाना फीस चुकानी पड़ती है। जबकि बाहरी राज्यों में यह फीस काफी कम है। यही कारण है कि युवाओं के बीच कम रुझान दिख रहा है।
काउंसिलिंग का जिम्मा संभाल रही एचएनबी उत्तराखंड मेडिकल एजुकेशन यूनिवर्सिटी के प्रभारी कुलसचिव व निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना के मुताबिक प्रथम चरण की काउंसिलिंग में अभ्यर्थी अच्छा कॉलेज मिलने की आस में कई बार एडमिशन नहीं लेते। दून मेडिकल कॉलेज अभी नया भी है। श्रीनगर में पहाड़ी क्षेत्र व फैकल्टी एक फैक्टर है। उन्होंने बताया कि काउंसिलिंग का दूसरे राउंड में संस्थानों की सीटें भरने की उम्मीद है।

यह है सीटों की स्थिति
कॉलेज-ऑल इंडिया सीट-एडमिशन
राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर-15-01
राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी-15-02
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून-22-02

देहरादून में होंगे रणजी के मैच, राज्य क्रिकेट एसोसियेशन को मान्यता पर भी विचार

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Dehradun
Stadium

अगर सांसद राजीव शुक्ला की माने तो आने वाले दिनों में देहरादून में भी राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट मैच खेले जायेंगे। दून के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में रणजी मुकाबले देखने को मिलेंगे। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव व आइपीएल चेयरमैन राजीव शुक्ला ने इसके लिए हामी भरी है।

खेल मंत्री अरविंद पांडे औऱ राजीव शुक्ला की मुलाकात में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के आयोजन को लेकर चर्चा की गई। इस पर राजीव शुक्ला ने कहा कि दून में बने क्रिकेट स्टेडियम में इस घरेलू सीजन में रणजी मुकाबले दिए जाएंगे। खेल मंत्री अरविंद पांडे ने बताया कि मुलाकात में आइपीएल व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के आयोजन को लेकर भी चर्चा हुई। राजीव शुक्ला ने कहा कि आइपीएल व अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए स्टेडियम की दर्शक क्षमता काफी कम है। अगर इसमें पांच से दस हजार का इजाफा कर दिया जाता है तो आइपीएल मैचों की मेजबानी मिल सकती है। स्टेडियम में दर्शक क्षमता बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाएंगे, ताकि यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकाबले हो सकें।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में क्रिकेट एसोसिएशन को मान्यता के मुद्दे पर राजीव शुक्ला ने कहा कि यदि दोनों एसोसिएशन मिलकर प्रयास करें तो बीसीसीआई की आगामी एजीएम में मान्यता का मुद्दा सुलझा जाएगा। गौरतलब है कि महाराणा प्रताप स्पोर्टस कॉलेज परिसर में करीब 239 करोड़ की लागत से राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का निर्माण पूरा हो चुका है। इसमें 25 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता है। अब इसे 35 हजार तक करने के प्रयास होंगे।

बाघ-आग की घटनाएं चिंताजनक: डीएम

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जनपद पौड़ी गढ़वाल में मानव और मांसभक्षी प्राणी संघर्ष रोकथाम को लेकर आयोजित विचार गोष्ठी में वन महकमे के साथ-साथ वाइड लाइफ विशेषज्ञों ने मनुष्यों के ऊपर जंगली जानवरों के हमलों के कारणों तथा उनको रोकने के उपायों पर मंथन किया।

वाइल्ड लाइफ संस्थान तथाग की संयुक्त पहल पर आयोजित बैठक में वन विभाग पौड़ी समेत लैंसडोन तथा टिहरी तथा वाइल्ड लाइफ संस्थान देहरादून के वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञों ने कई अहम बिन्दुओं पर रोशनी डाली।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी सुशील कुमार ने पर्वतीय जिलों में बाघ और आग की घटनाओं को बेहद चिंताजनक बताया। कहा कि इन घटनाओं को विशेष रणनीति के तहत रोका जाना अहम है। उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों व मानव के बीच के संघर्ष को कम करने के लिए वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञों से रायशुमारी की जा रही है। उन्होंने पर्यावरण के लिए गुलदार समेत अन्य जंगली जानवरों की भूमिका को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि लोगों को पर्यावरण तंत्र में इनके वास्तविक वजूद से भी अवगत कराना जरूरी है।
जंगली जानवरों से प्रभावित मुख्य गावों में मॉडल प्रोजेक्ट के तहत विशेष रूप से जागरूक तथा घटनों को रोकने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके अलावा, वन विभाग के कार्मिकों के साथ-साथ ग्रामीणों को मॉक ड्रिल के माध्यम से गुलदार, भालू आदि के हमलों से बचने, रेसक्यू करने तथा इन्हें पकड़ने की तकनीकी विधियां बतायी जाएंगी।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे, डीएफओ लैंसडोन मयंक शेखर, वाइल्ड लाइफ संस्थान के विशेषज्ञ डॉ एसएस बिष्ट, डॉ एसपी गोयल आदि ने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञ डॉ सत्य कुमार ने किया।

बारह आधार केंद्रों के भरोसे 15 हजार आवेदक

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आधार कार्ड

सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के साथ ही स्कूल-कॉलेजों में दाखिले के लिए भी आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है। ऐसे में इस सीजन में तमाम लोग आधार के लिए भटक रहे हैं लेकिन प्रशासन लोगों को आधार कार्ड बनाने के लिए पर्याप्त सुविधा मुहैया कराने में विफल हैं। राजधानी की बात करें तो आधार कार्ड बनाने के नाम पर दून में मात्र 12 आधार केंद्र हैं। इनके भरोसे प्रतिमाह करीब 15 हजार आवेदक हैं। जबकि एक केंद्र पर दिनभर में 30 से 40 आधार ही बन पा रहे हैं, जिससे इन केंद्रों पर सुबह से ही भीड़ लग रही है।

आधार बनाने में प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। एक माह पहले तक दून में आधार बनाने के 46 केंद्र संचालित थे लेकिन आवेदन करने में गलतियां करने पर केंद्र सरकार ने इनमें से 34 केंद्रों पर रोक लगा दी। अब सिर्फ 12 केंद्रों पर ही आधार कार्ड बनाने का काम चल रहा है चूंकि अब दाखिले का सीजन है तो हर दिन सैंकड़ों आधार बनवाने के लिए केंद्रों पर उमड़ रहे हैं। इसके अलावा, हजारों लोगों के आधार में त्रुटियां हो गई हैं, ऐसे में वे भी आधार केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। पिछले जुलाई के आंकड़ों पर गौर करें तो इन 12 केंद्रों पर नए आधार बनवाने या त्रुटिपूर्ण आधार को ठीक कराने के लिए 15 हजार लोग पहुंचे हैं।
आधार कार्ड केंद्रों की संख्या कम होने की आड़ में कई केंद्रों पर आधार के नाम पर अवैध वसूली भी चल रहा है। स्थिति ये है कि केंद्रों पर 100 से 150 रुपये वसूले जा रहे हैं। बावजूद इसके लोगों को राहत नहीं मिल रही।

मीठी यादें लेकर विदा हुए डच छात्र

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ग्लोबल एक्सप्लोरेशन कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत शुक्रवार को नीदरलैंड के बच्चों को विद्यालय की और से शानदार विदाई दी गई। बच्चों ने एक दूसरे को गिफ्ट दिए। आज ग्लोबल एक्सप्लोरेशन कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम का अंतिम दिन था। आठ दिन तक नीदरलैंड के छात्रों के दो दलों ने यहां बारी-बारी से प्रतिभाग किया। 39 सदस्य इस दल को आज विद्यालय की और से विदाई दी गई।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में नीदरलैंड के इस दल का आभार व्यक्त करने के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी आरडी शर्मा एवं खंड शिक्षा अधिकारी अजय चैधरी स्वयं उपस्थित रहे। अपने संबोधन में सीईओ आरडी शर्मा ने कहा कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक आदान प्रदान का यह अच्छा प्रयास है। उन्होंने कहा कि अलग भाषा बाधा पैदा करती है परंतु विद्यालय के प्रयास से विदेशी बच्चों के साथ जो विभिन्न गतिविधियां सम्पादित हुई यह निश्चित ही एक नव प्रयास है जिसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है। खंड शिक्षा अधिकारी बहादराबाद अजय चौधरी ने कहा कि कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम के जरिये विद्यालय को नई पहचान मिली है। बच्चों ने जो कुछ सीखा एवं सिखाया वह वास्तव में विलक्षण अनुभव है।
इस अवसर पर दोनों ही देशों के बच्चों ने अपने अपने अनुभव साझा किए और इसको यादगार बताया। छात्रों एवं उनके अध्यापकों की और से बच्चों के लिए स्कूल बैग, खेल सामग्री भी दी गई। इस दौरान अध्यापक डॉ. शिवा अग्रवाल एवं महिपाल सिंह को बेस्ट इंटरैक्टिव टीचर के रूप में सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान भारत लोक सेवा संस्थान के अध्यक्ष मनोज कुमार, प्रमोद कुमार, सुशील पाल, अजय गुप्ता को भी सम्मानित किया गया। बच्चों ने ग्रुप डांस किया एवं उसके बाद वह क्षण आया जब दोनों देशों के बच्चों ने एक दूसरे से विदाई ली। विभागीय अधिकारियों द्वारा डच टीचर्स को भी सम्मानित किया गया। इस तरह आठ दिन तक चले इस मैराथन कार्यक्रम का रंगारंग समापन हो गया। 

‘भूमि’ के लिए संजय दत्त गाएंगे गाना

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अपनी वापसी वाली फिल्म ‘भूमि’ के लिए संजय दत्त की आवाज में एक गाना रिकॉर्ड किया जाने वाला है। फिल्म ‘भूमि’ की संगीतकार जोड़ी सचिन-जिगर की ओर से इसकी जानकारी मिली है। इस जोड़ी के मुताबिक, जल्दी ही ये गाना रिकॉर्ड हो जाएगा और अगस्त में इसकी शूटिंग मुंबई में की जाएगी, जिसके लिए एक स्टूडियो में सेट लगने का काम शुरू हो गया है। ये गाना संजय दत्त के साथ सनी लियोनी पर फिल्माया जाएगा।

सनी लियोनी पर शाहरुख खान की फिल्म ‘रईस’ में लैला मैं लैला… फिल्माया गया था, जिसे काफी पसंद किया गया था। ‘भूमि’ में इस गाने के लिए संजय दत्त के साथ सनी लियोनी की जोड़ी पहली बार पर्दे पर नजर आएगी। संजय दत्त इससे पहले कई फिल्मों के लिए अपनी आवाज में गा चुके हैं। संजय छैल निर्देशित फिल्म ‘खूबसूरत’ में संजय ने ऐ शिवानी… गाया था, तो डेविड धवन की फिल्म ‘चल मेरे भाई’ में उनकी आवाज के साथ सलमान ने भी आवाज मिलाई थी। फिल्म ‘साहिबां’ के लिए भी संजय दत्त गा चुके हैं।

ओमांग कुमार के निर्देशन में बनकर तैयार हुई फिल्म ‘भूमि’ का पहला टीजर सोमवार को लॉन्च किया गया, जिसे काफी पसंद किया जा रहा है। पिता-बेटी के रिश्तों पर बनी इस फिल्म में संजय की बेटी का रोल अदिति राव हैदरी ने किया है और फिल्म 22 सितम्बर को रिलीज होने जा रही है। 

कलर्स के नए शो पर देव आनंद के परिवार ने भेजा नोटिस

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कलर्स चैनल पर शुरू होने जा रहा नया जासूसी शो ‘देव आनंद’ विवादों में आ गया है। खबर मिली है कि बॉलीवुड के एवरग्रीन सितारे दिवंगत देव आनंद के परिवार ने इस शो का नाम उनके नाम पर रखे जाने पर एतराज जताया है और इस बाबत चैनल को नोटिस भेजा है। खबरों के अनुसार, देव आनंद के परिवार ने शो का नाम बदलने को कहा है। परिवार का कहना है कि इस तरह के शो से नाम जुड़ने से देव आनंद के नाम से जुड़ी प्रतिष्ठा प्रभावित होगी।

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कलर्स चैनल की ओर से अधिकारिक रूप से इस नोटिस को लेकर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की गई है, लेकिन चैनल से जुड़े एक अधिकारी ने निजी तौर पर नाम बदलने की संभावना से मना कर दिया और देव आनंद के परिवार की आपत्ति को खारिज करते हुए कहा कि महज शो का नाम रखने से देव आनंद की प्रतिष्ठा को कोई नुकसान नहीं होगा।

इस शो में देव आनंद जासूस का नाम है, जिसे अभिनेता आशीष चौधरी ने निभाया है। कलर्स के अधिकारी का कहना है कि जब नोटिस आएगा, तो उसका जवाब भेज दिया जाएगा। दूसरी ओर, आशीष चौधरी ने इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि शो का नाम उनके नाम पर रखना हमारी ओर से महान कलाकार के लिए छोटी सी श्रद्धांजलि है। इस पर विवाद की कोई बात उनकी समझ से बाहर है। इस शो में जासूस का पूरा नाम पहले देवआनंद बर्मन था, जिसे बाद में छोटा करके देव आनंद कर दिया गया। ये शो इसी महीने 29 जुलाई से शुरू होने जा रहा है।