उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने वाहनों में लगाई गई आंखों को चौंधयाने वाली अतिरिक्त लाइटों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। वाहनों में कम्पनी से लगकर आई लाइट से इतर अतिरिक्त कैसी भी लाइट पर प्रतिबंध लगाया गया है। न्यायालय को याचिकाकर्ता सशांक उपाध्याय ने जनहित याचिका के माध्यम से बताया कि सड़क पर जब आम लोग गाड़ी चलाते हैं तो कुछ वाहन चालक तेज लाइट वाले वाहन लेकर आते हैं जिससे आम लोगों को दिखना बन्द हो जाता है और इससे कई हादसे होते हैं । वाहनों में शोरूम के बाहर से लगाए जाने वाली अतिरिक्त हैलोजिन समेत अन्य लाइटों को मुख्य न्यायाधीश के.एम.जोसफ और न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ ने तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश जारी किए हैं । याचिकाकर्ता अधिवक्ता सशांक उपाध्याय की जनहित याचिका को सुनते हुए मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने रात के समय सड़क में तेज अतिरिक्त लाइट लगाए हुए वाहन से होने वाले हादसों को आधार माना । नयायालय ने ऐसे वाहनों को रोकने के लिए सचिव ट्रांसपोर्ट व कानून परिपालन एजेंसी को इसपर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं । न्यायालय ने सरकार से वाहन चालकों को मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत शिक्षित करने को कहा है । न्यायालय ने वाहन चालकों को लो बीम पर चलने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए भी कहा है ।
पतंग उड़ाने के दौरान छत से गिरे बच्चे की मौत
पतंग उड़ाने के दौरान छत से गिरे बच्चे की अस्पताल में मौत हो गई, मासूम छात्र की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। वहीं, मासूम के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर मृत बच्चे को दो दिन तक मशीन पर रखकर उन्हें ठगने का आरोप लगाया है। बिठोरिया नंबर-एक के नारायण नगर निवासी हिमांशु आर्य मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। हिमांशु की पत्नी नीमा आशा कार्यकत्री है। उनका सबसे छोटा बेटा कार्तिक, नेशनल पब्लिक स्कूल, कुसुमखेड़ा में पांचवीं कक्षा का छात्र था।
रविवार की सुबह कुसुमखेड़ा चौराहे के समीप एक घर की छत पर दोस्तों के साथ पतंग उड़ाने के दौरान वह छह से गिर गया था। परिजनों ने घायलावस्था में उसे समीप के अस्पताल लेकर पहुंचे, गंभीर हालत देखते हुए अस्पताल ने बच्चे को रेफर कर दिया था। इसके बाद परिजनों ने बच्चे को मुखानी स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों के मुताबिक बच्चे को आइसीयू में मशीनों में रखकर उन्हें मिलने तक नहीं दिया गया। सोमवार रात परिजनों के हंगामा पर बच्चे को मृत घोषित किया गया।
वहीं, मंगलवार सुबह लोगों को कार्तिक की मौत की खबर मिली तो घर पर जमावड़ा लगा। क्षेत्रवासियों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज के नाम पर गरीब परिवार के आर्थिक शोषण करने का आरोप लगाया है। लोगों का आरोप है कि बच्चे की मौत हादसे के कुछ देर बाद ही हो चुकी थी। इसके बावजूद अस्पताल ने बच्चे के इलाज के नाम पर परिवार वालों से 40 हजार रुपये लिए।
‘लखनऊ सेंट्रल’ को लेकर उत्साहित हैं इनामुल हक
अभिनेता इनामुल हक इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘लखनऊ सेंट्रल’ को लेकर उत्साहित हैं। निर्माता निखिल आडवाणी की कंपनी में बनी इस फिल्म में इनामुल हक उन पांच कैदियों में से हैं, जिनको लेकर ये फिल्म बनाई गई है। फरहान अख्तर, राजेश शर्मा, दीपक डोबरियाल और उदय टिकेकर हैं, फिल्म में ये पांचों लखनऊ सेंट्रल जेल के कैदी हैं, जो जेल से बाहर भागने की साजिश करते हैं। इन पांच कैदियों के अलावा फिल्म की प्रमुख भूमिकाओं में डायना पेंटी, जिप्पी ग्रेवाल और रोनित राय हैं।
रोनित राय जेल के सुपरिटेंडेट की भूमिका में हैं, फिल्म 15 सितंबर को रिलीज होने जा रही है। इनामुल हक को पहली पहचान यूटीवी की फिल्म ‘फिल्मिस्तान’ से मिली थी, जिसमें इनामुल हक ने पाकिस्तान के रहने वाले एक ऐसे युवक की भूमिका निभाई थी, जो हिंदी फिल्मों का दीवाना है और भारत से गलती से सीमा पार करने वाले दोस्त शारिब हाश्मी को वापस भेजने के लिए अपनी जान भी दांव पर लगा देता है।
‘फिल्मिस्तान’ के बाद इनामुल हक ने अक्षय कुमार की फिल्म ‘एयरलिफ्ट’ में इराकी फौजी अधिकारी के रोल में दर्शकों को चौंकाया। इस साल वे अक्षय कुमार के साथ ‘जॉली एलएलबी 2’ में नजर आए और कुछ दिनों पहले वे शारिब हाश्मी की फिल्म ‘फुल्लू’ में मेहमान रोल किया था।
नकली शराब की फैक्ट्री का भांडाफोड
अवैध शराब के खिलाफ अभियान के दौरान आबकारी विभाग को एक बडी कामयाबी हासिल हुई है.. विभाग ने नकली शराब बनाने वाली एक फैक्ट्री का भांडाफोड किया है जिनके द्वारा ब्राण्डडे बोतलों में मिलावटी शराब पैकिंग कर बडी मात्रा में बेची जा रही थी…विभाग को फैक्ट्री से ब्राण्डेड लेवल और पैकिंग की मशीने भी बरामद हुई है।
बाजपुर में आबकारी विभाग की टीम ने चीनी मिल ओल्ड कालोनी में छापा मारकर नकली शराब बनाने की फैक्ट्री का भांडाफोड़ किया। इस दौरान शराब बनाने वाले पहले ही भाग निकले थे। टीम ने मौके से शराब बनाने के उपकरण के साथ ही काफी मात्रा में शराब बरामद की।
बाजपुर सहकारी चीनी मिल की सह इकाई बाजपुर आसवनी को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेश पर 23 जनवरी, 2017 को यह फैक्ट्री बंद कर दी गई। इसके बाद भी इसमें जुलाई के प्रथम सप्ताह तक उत्पादन होता रहा। अब यह फैक्ट्री बंद है। इस फैक्ट्री के क्वाटर्स में अवैध शराब बनाने का धंधा चल रहा था। सूचना पर आबकारी विभाग की टीम ने छापा मारा तो शराब बनाने वाले फरार हो गए। मौके से टीम ने 600 लीटर बुला ब्रांड की नकली शराब के साथ ही कई कंपनियों के स्टीकर, उपकरण बरामद किए।
छापे के दौरान डीएम के तेवर सख्त
डीएम को भी झूठ बोल रहे हो, झूठ बोलने पर मुझे गुस्सा आता है। कुछ इस तेवर के साथ हरिद्वार, जिलाधिकारी दीपक रावत ने मंगलवार को तहसील परिसर में वेंडरों को दिखाये। एक स्टांप वेंडर के यहां अचानक निरीक्षण करने पहुंचे डीएम ने कांउटर और दुकान के भीतर रखे सभी स्टांप को कब्जे में लेने के आदेश दे दिये। स्टांप की गिनती की जा रही है, स्टांप की संख्या में कमी पाये जाने पर कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दे दिये हैं।
मंगलवार को तहसील दिवस पर आयोजित जनता दरबार कार्यक्रम में जिलाधिकारी दीपक रावत तहसील परिसर में पहुंचे। कार्यक्रम में जाने से पूर्व जिलाधिकारी ने तहसील गेट के पास एक स्टांप वेंडर के बस्ते पर पहुंचकर औचक निरीक्षण शुरू कर दिया। स्टांप वेंडर से सभी स्टांप दिखाने को कहा। वेंडर को रजिस्ट्रर दिखाने को कहा गया। डीएम ने जब स्टांप वेंडर को अलमारी और दूसरे स्थान पर रखे स्टांप को दिखाने को कहा तो वेंडर ने कुछ इधर-उधर की बात करने लगा। इस बात पर डीएम ने कहा कि तुम डीएम से भी झूठ बोल रहे हो। झूठ बोलने पर मुझे गुस्सा आता है। डीएम के इन तेवरों को देख तहसील परिसर में हडकंप मच गया। सभी वेंडरों ने अपने बस्तों को बंद कर दिया।
डीएम रावत और सिटी मजिस्ट्रेट जय भारत सिंह व प्रशासन की पूरी टीम वेंडर के स्टांप की तलाश करने लगी। बस्ते और सभी दुकान में रखे सभी स्टांप को प्रशासन की टीम ने अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए डीएम दीपक रावत ने बताया कि, ‘करीब एक माह पूर्व तहसील का निरीक्षण किया था, सभी वेंडरों को नाम और स्टांप की संख्या को बोर्ड पर लिखने के आदेश दिये थे। जनता की शिकायत है कि स्टांप नहीं मिल रहे है, इसी के चलते निरीक्षण किया गया है। सभी स्टांप का रजिस्ट्रर से मिलान किया जा रहा है। यदि कमी पाई गई तो लाईसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।’
पंजाब पुलिस ने करोड़ों की ठगी करने वाले को पकड़ा
पंजाब पुलिस ने जालन्धर से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले व्यक्ति को नई टिहरी से पकड़ा है। आरोपी राजकुमार नई टिहरी में अपने परिवार के साथ छिपकर रह रहा था।
पुलिस के अनुसार, जालंधर के डिवीजन-एक थाना में 10 जून को राजकुमार के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद से पुलिस ने उसका फोन सर्विलांस पर लगाया था। सर्विलांस के आधार पर मंगलवार को जालंधर पुलिस नई टिहरी पहुंची और आरोपी को दबोच लिया।
जालंधर के व्यापारी सुरजीत, मनदीप, अनिल, रणवीर आदि ने मुकदमा दर्ज कराया था। कोतवाली टिहरी में जालंधर पुलिस राजकुमार को पंजाब ले जाने की औपचारिकताएं पूरी कर रही है। जालंधर पुलिस के मुताबिक आरोपी ने व्यापारियों से सब्जी उधार लेकर करोड़ों रुपये का चूना लगा चुका था। चार साल से व्यापारी उससे पैसे लेने के लिए चक्कर काट रहे थे, इस बीच वह शहर छोड़कर भाग गया था।
हत्यारोपी को आजीवन कारावास की सजा
जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रदीप पंत की अदालत ने सोमवार को हुसैनपुरा पटियाला पंजाब निवासी रेशम सिंह को अपने साले गुरुजीत सिंह की हत्या के मामले में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास तथा अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी करने वाले सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कुलदीप बद्रवाल ने बताया कि अभियुक्त रेशम सिंह अपने साले गुरुजीत सिंह को 24 अगस्त 2011 को मोटर साइकिल से हेमकुंड साहिब यात्रा के बहाने हत्या करने के लिए लाया था। मुलजिम रेशम सिंह ने 25 अगस्त को कर्णप्रयाग के पास बद्रीनाथ मार्ग पर चाकू से आठ वार कर गुरुजीत सिंह की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव व चाकू को झाड़ियों में फेंक दिया गया।
26 अगस्त को वन विभाग के कर्मियों द्वारा झाड़ियों में शव होने की सूचना पुलिस को दी। पुलिस द्वारा शव बरामद किया गया जिसकी शिनाख्त मृतक के कपड़ो और फोटो से मृतक के पिता हरवंश सिंह द्वारा की गई। पुलिस ने मामले की छानबीन कर मामले को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में पेश किया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में विचारण के बाद मामले में रेशम सिंह को गुरुजीत सिंह की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है तथा अर्थदंड से भी दंडित किया गया है।
समाजवादी पार्टी ने बीजेपी पर उठाए सवाल
जहां एक तरफ बीजेपी प्रदेश में अपने कामों की चर्चा करती थक नही रही तो वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी ने बीजेपी सरकार के छह महीने पूरे होने पर जमकर निशाना साधना शुरू कर दिया है। ऋषिकेष स्थित प्रेस भवन में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्य्क्ष कुलदीप सिंह रावत द्वारा प्रेस वार्ता की गई जिसमें उन्होंने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाते हुए ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने वादों पर खरी नही उतरी।
सरकार को 6 महीने होने वाले है लेकिन अभी तक सरकार ने कोई काम नही किया है अगर ऐसा ही चलता रहा तो प्रदेश की स्थिति काफी खराब हो जाएगी- यदि सरकार इस तरह करती रही तो सरकार के खिलाफ विशाल प्रदर्शन करेंगे, उन्होंने बताया की 9 अगस्त से हम “भाजपा भगाओ प्रदेश बचाओ” आंदोलन करेंगे।
तालाब में मिली लाश से हडकम्प
ट्रांजिट कैंप क्षेत्र स्थित एक तालाब से युवक का शव बरामद किया गया। आशंका जताई जा रही है कि गला दबाकर हत्या के बाद शव तालाब में फेंक दिया गया। फिलहाल पुलिस जांच में जुट गई है, सुबह पुलिस को ट्रांजिट कैंप शिव नगर में झील के सामने स्थित तालाब में युवक का शव पड़े होने की सूचना मिली। इस पर एसएचओ एमपी सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
इस बीच ट्रांजिट कैंप के कुछ लोग भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने युवक की शिनाख्त चंद्रपाल, निवासी कुटिया, थाना केमरी, रामपुर के रूप में की। यह युवक ट्रांजिट कैंप में रहकर सिडकुल औद्योगिक आस्थान में काम करता था। उसकी बहन व अन्य रिश्तेदार भी वहां रहते है।
सोमवार सुबह वह सबसे मिलने के बाद फैक्ट्री गया था। इसके बाद आज उसका शव बरामद हुआ, सूचना पर परिजन भी वहां पहुच गए थे। मृतक का शरीर नीला पड़ गया था, माना जा रहा है गला दबा कर उसकी हत्या की गईं है। पुलिस का कहना है पोस्टमार्टम के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
अब जीपीएस के जरिये रखी जायेगी स्वच्छ उत्तराखंड पर नजर
प्रदेश में अब स्वच्छता अभियान की निगरानी मोबाइल एप और जीपीएस सिस्टम के जरिये की जाएगी। इसके लिए बीएसएनएल और शहरी विकास निदेशालय के बीच अनुबंध किया जाएगा। इसके तहत कूड़ा उठान और इसे डंप करने की प्रक्रिया को ऑनलाइन देख कर भी सफाई की स्थिति का पता चल सकेगा।
योजना के पहले चरण में सभी छह नगर निगमों देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, रुद्रपुर, काशीपुर और हल्द्वानी तथा सात प्रथम श्रेणी के नगरों नैनीताल, मसूरी, ऋषिकेश, रामनगर, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा व पौड़ी को प्रयोग के तौर पर रखा जाएगा। इस व्यवस्था के अंतर्गत
- नगर की सफाई व्यवस्था की कंप्यूटर डैश बोर्ड व जीपीएस के माध्यम से निगरानी की जाएगी
- सफाई कर्मचारी मोबाइल से फोटो खींच कर सफाई की स्थिति अपलोड करेंगे
- शहरों में यह सुविधा नागरिकों को भी दी जाएगी
- इसके तहत सफाई वाहन कहां-कहां गए, इसकी जानकारी भी रखी जाएगी
- सफाई वाहन के लॉग बुक को भी क्रास चैक किया जाएगा
देश की ही तरह राज्य में भी सरकार की कार्यशैली में ज्यादा से ज्यादा तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के कवायद चल रही है। मुख्यमंत्री ने भी अधिकारियों को तकनीक का इस्तेमाल कर गुणवत्ता और काम के समय में तेजी लाने को कहा है। ऐसे में इस तरह का ऐप्प जरूर कारगर साबित होगा। लेकिन इन सभी की पूरी कामयाबी का दारोमदार इस बात पर निर्भर करता है कि राज्य की आम जनता सफाई रखने में सरकार का कितना साथ देती है।





























































