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अब ढोल बजाकर तोड़ेगें ”वर्ल्ड रिकाॅर्ड”

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उत्तराखंड के वाद्य यंत्रों में जहां बांसुरी, नफीरी, खंजड़ी जैसे वाद्ययंत्र आम प्रचलन में हैं। वहीं ढोल दमाऊ पर्वतीय सांस्कृति की विरासत के रूप में जाने जाते हैं। इनके बिना कोई शुभ काम जीवन में पूरे नहीं होते। त्योहार तो उनके बिना त्योहार तो अधूरे रहते हैं। ढोल और दमाऊ दोनों हर्ष, उल्लास और खुशी के प्रतीक हैं।

ढ़ोल की इस महत्ता को बनाए रखने के लिए संस्कृति विभाग ने एक अनोखी पहल करने का सोचा है।आपको बतादे कि ढ़ोल उत्तराखंड का राजकीय वाद्य यंत्र है।इस पहल में कोशिश यह है कि एक साथ 1500 ढ़ोलवादक एक साथ ढ़ोल बजाए और एक नया कीर्तिमान स्थापित करें।

आने वाले 6 से 10 अगस्त तक संस्कृति विभाग ऊं नमों नाद वर्कशाॅप का आयोजन करने वाला है।यह वर्कशाप हरिद्वार के प्रेमनगर आश्रम में आयोजित की जाएगी।वर्कशाॅप के आखिरी दिन यानिकी 10 अगस्त को उत्तराखंड के लाखों ढ़ोलवादक एक साथ अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।इस एक साथ प्रस्तुति देने के माध्यम से सभी ढ़ोल वादक एक नया रिकार्ड बनाने की पूरी कोशिश करेंगे।

हालांकि अब तक इस वर्कशाॅप के लिए एक हजार ढोल वादक रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।शुक्रवार यानि कल तक रजिस्ट्रेशन खुला है जिसमें उम्मीद की जा रही है किपहले की तरह और भी ढ़ोल वादक अपना रजिस्ट्रेशन कराऐंगे।लोकगायक प्रीतम भरतवाण और ढोलवादक ओंकारदास इस पूरे वर्कशॅाप का नेतृत्व कर रहे हैं।प्रीतम और ओंकरदास के संरक्षण में इस वर्कशॅाप की तैयारियां जोरों पर हैं।

आपको बता दें कि वर्कशाॅप में ढोलवादकों को ढोल पर बजाई जाने वाली नौबत, शबद, धुंयाल, चौरात, सुल्तानी ताल, पंडौ नृत्य, देवी-देवता का आह्वान, गढ़वाल-कुमाऊं और जौनसार के वादकों की विशिष्ट शैली के बारे में बताया जाएगा। किसी एक ताल के लिए विशेष प्रशिक्षण देकर बकायदा कोरियोग्राफी की जाएगी।इसके साथ ही सभी ढोल वादकों के लिए एक जैसी ड्रेस बनाई गई हैं।ढ़ोल वादकों के आने जाने की व्यवस्था से लेकर उनके खाने पीने की सारी सुविधाएं संस्कृति विभाग करेगा और लोकवादकों को हर दिन का मानदेय 500 रुपये और सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा।

कार्यशाला के बाद लोकवादकों के बीच से ही 15 गुरु चयनित किए जाएंगे। ये गुरु अन्य वादकों को ढोलसागर विद्या की जानकारी देंगे। प्रेमनगर आश्रम के जिस गोवर्द्धन हाल में प्रस्तुति होगी, उसमें 15 हजार दर्शक इस प्रस्तुति को देख सकेंगे। पूरी कार्यशाला का दस्तावेजीकरण भी होगा।

संस्कृति विभाग निदेशक बीना भट्ट ने बताया कि महाराष्ट्र के कोल्हापुर में 1356 ढोल एक साथ बजाने का रिकार्ड गिनीज बुक में दर्ज है। यह रिकार्ड तोड़ने के लिए हमें 1500 ढोल वादक चाहिएं। हम इसके लिए प्रयास कर रहे हैं।जागर लोकगायक प्रीतम भरतवाण ने बताया कि ढोल वादक ही हमारे असली लोक कलाकार हैं। उनके संरक्षण के लिए ऐसे आयोजन जरूरी हैं। लोक कलाकारों की खोज हो रही है तो पता चल रहा है वो किस हाल में हैं।

त्योहारी सीजन में मिलावट को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग अलर्ट

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त्योहारी सीजन आते ही मिलावटी सामग्री की भी बिक्री जमकर होने लगती है। इसी को देखते हुए जिले में मिलावट खोरी को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापेमारी शुरू कर दी है। पहले दिन छह से ज्यादा दुकानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान टीम ने डेयरी और दूध सेंटरों को खंगाला। वहीं टीम ने दूध और घेवर के सैंपल भी लिए।

होली, दीपावली या फिर आने वाले रक्षाबंधन के त्योहार की बात हो। हर त्योहार पर बाजार सजे नजर आते हैं। ऐसे में मार्केट में मोटी कमाई के लिए लोग नकली आइटम बेचने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। मिलावटखोरी का धंधा करने वाले लोग त्योहारों के नजदीक आते ही सक्रिय हो जाते हैं। इसी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर में छापेमारी का अभियान शुरू कर दिया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय सिंह ने अभियान के पहले दिन शहर की छह दुकानों पर छापेमारी की। इस दौरान दूध व घेवर के सैंपल भी लिये गए। जिन्हें जांच के लिए रुद्रपुर स्थित लैब में भेजा गया है।
त्योहार के वक्त दून में न सिर्फ मिठाइयों बल्कि दूध व दुग्ध उत्पाद की भी खपत कई गुणा बढ़ जाती है। जिसका फायदा उठाने के लिए मुनाफाखोर खाद्य पदार्थों में मिलावट का ‘जहर’ घोल रहे हैं। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन पर कार्रवाई के लिए अलग-अलग टीमें गठित की हैं। यह टीमें शहर व आसपास के प्रतिष्ठानों में नियमित छापेमारी करेगी। टीमों का फोकस दूध, दुग्ध पदार्थ, मिठाई व अन्य खाद्य पदार्थों में होने वाली मिलावट पर ज्यादा रहेगा।
जिला अभिहित अधिकारी बीसी कंडवाल ने बताया कि अभियान के तहत प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई भी देखी जाएगी। उन्होंने बताया कि बुधवार को भी अभियान के तहत सैंपल लिए गए। जिन्हें सैंपल के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने लोगों से अत्याधिक रंग वाली, बासी और खराब रखरखाव वाली मिठाई कतई न खरीदने की अपील की। खासकर दूध से बनी मिठाइयां एक खास तापमान पर रखी होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन तक नियमित चेकिंग की जाएगी।
त्योहारी सीजन में हर घर में दूध और मिठाइयों की डिमांड सबसे अधिक रहती है। ज्यादातर मिठाइयों में खोया का उपयोग किया जाता है। ऐसे में दूध और खोया की खरीदारी करने से पहले कुछ बातों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए।
दूध में मिलावट है या नहीं इसकी जांच करने के लिए जो दूध खरीदा है, उसमें से थोड़ा दूध लेकर उसमें नींबू की कुछ बूंदे डाल दें और फिर उबाले। अगर दूध फटा नहीं तो यह नकली है। असली दूध फर्श पर कभी जमता नहीं या फिर यूं कहें कि जिस जगह दूध गिर जाए वह हिस्सा सफेद नहीं होता। ऐसे में दूध की कुछ बूंदों को फर्श पर गिराकर इसकी जांच की जा सकती है। कच्चे दूध में एल्कोहल और रोजेलिक एसिड मिलाए और यदि 30 सेकेंड में इसका रंग बदल जाए तो इसमें मिलावट होती है।

खोया जांचने के लिए थोड़ा खोया लेकर हथेली में मसले। खोया तुरंत बिखर जाएगा। वहीं जिस खोया में शकरकंद और आलू मिला होगा वह चिपचिपाने लगेगा, लेकिन बिखरेगा नहीं। कई बार गाय या देशी खोया के नाम पर हल्के लाल रंग का खोया भी मार्केट में बेचा जाता है। इसकी क्वालिटी चेक करने के लिए इसमें थोड़ा पानी डाल सकते हैं। कलर छूटने के साथ ही खोया की क्वालिटी सामने आ जाएगी।
त्योहारी मौसम में हर घर में मेहमानों के आने का सिलसिला लगा रहता है। ऐसे में मेहमानों के खाने पीने का इंतजाम भी किया जाना लाजमी है। मेहमानों के लिए तैयार किए जाने वाले विशेष भोजन में पनीर के व्यंजन स्वभाविक हैं। ऐसे में पनीर की गुणवत्ता की जांच भी बेहद जरूरी है। जांच के लिए पनीर को लेकर हाथ में मसले अगर वह बिखर जाए तो नकली है। उसमें मिलावट की संभावना रहती है।

नाम्पा पुल बहने से 13वें कैलाश मानसरोवर यात्री दल गूंजी में रुका

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विश्व प्रसिद्ध कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग में गूंजी से कुटी के मध्य नाम्पा पुल बारिश के कारण बहने के चलते कैलाश यात्रा मार्ग बंद होने से 13 वें कैलाश यात्रा दल को गूंजी में ही रोक दिया गया है। सीमांत क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद गूंजी-कुटी मार्ग में नम्फा नाला उफना गया। पानी के तेज प्रवाह में रात में ही पुल के एक तरफ की दीवार ध्वस्त हो गई। जिसके बाद तड़के पुल भरभराकर इस नाले में समा गया। इससे वैकल्पिक व्यवस्था होने तक यात्रा दल को गूंजी में ही रोक दिया गया है।

वहीं, बारिश के चलते टनकपुर-तवाघाट नेशनल हाइवे जौलजीवी के निकट गौरी पुल में मलबा आने से बंद हो गया। जिले के प्रभारी डीएम आशीष कुमार चौहान ने तत्काल प्रभाव से आदि कैलास यात्रा के 13वें यात्री दल के आगे की यात्रा रोक दी। डीएम ने लोनिवि को इस यात्रा मार्ग को खोलने के आदेश दिए हैं। वैकल्पिक पुल का निर्माण कर शीघ्र इस यात्रा मार्ग को खोला जाएगा। 

उत्तराखंड- अगले 48 घंटों में भारी बारिश, 140 मार्ग अवरुद्ध

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सूबे में बुधवार को बारिश थमी रही, लेकिन दुश्वारियां अभी भी बरकरार है। बीते दिनों में बारिश के कारण अवरुद्ध कई मार्ग अभी खुल नहीं पाए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र के अनुसार हरिद्वार और उधम सिंह नगर को जिले को छोड़कर बुधवार शाम पांच बजे तक प्रदेश के 140 मार्ग अवरुद्ध है।

वहीं मौसम विभाग ने उत्तराखण्ड में अगले 48 घण्टों में कहीं-कहीं विशेषकर देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, चमोली, नैनीताल, उधम सिंह नगर एवं पिथौरागढ़ जनपदों में भारी वर्षा की संभावना जतायी है। लिहाजा सतर्क रहने की अवश्यकता है। 

इस जानलेवा साइबर गेम से अपने बच्चों को बचायें

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मुंबई के  मनप्रीत सहंस की अचानक मौत ने देशभर में और खासतौर पर साइबर सुरक्षा से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा दिया है। बताया जा रहा है कि मनप्रीत इंटरनेट पर ‘ब्लू व्हेल’ नाम का गेम खेलता था और यही गेम उसकी मौत की वजह बना। यह घटना उन बच्चों के माता पिता के लिए आंख खोलने वाली है, जो काफी समय इंटरनेट पर गेम्स में गुजारते हैं।

रूस में बने ब्लू व्हेल नाम के इस गेम ने अब तक 19 देशों में 250 से ज्यादा लोगों को अपना शिकार बना लिया है। इसकी वजह से सबसे ज्यादा जानें रूस में ही गईं,वहां इस गेम के कारण मरने वालों का आंकड़ा 130 के करीब है। भारत में किसी इंटरनेट गेम के कारण मौत का यह पहला मामला है। ऐसे में जरूरी है कि आप भी अपने बच्चे पर नजर रखें और उन्हें ‘ब्लू व्हेल’ जैसे गेम्स से दूर रहने को जागरूक करें।

इस गेम में 50 स्टेज हैं और इनके पूरे होने पर इस खेल का एडमिन खेलने वाले को बताता रहता है कि अगले 50 दिन तक उसे क्या करना है। ‘ब्लू व्हेल’ खेलने वाले को अंतिम दिन खुदकुशी करनी होती है और उससे पहले एक सेल्फी लेकर अपलोड करनी होती है। अगर किसी ने यह गेम खेलना शुरू कर दिया तो इसे बीच में छोड़ना बड़ा मुश्किल है। एक बार गेम शुरू हो जाने पर एडमिन गेम खेलने वाले का मोबाइल हैक कर फोन की सारी डिटेल कब्जे में ले लेता है। इसके बाद अगर खिलाड़ी गेम बीच में छोड़मा चाहे तो एडमिन की तरफ से धमकी मिलती है कि उसे और उसके परिजनों को मार दिया जाएगा। यह गेम वर्ष 2013 में रूस के फिलिप बुडेकिन नामक युवक ने बनाया। हालांकि, इस गेम की वजह से आत्महत्या का पहला मामला 2015 में सामने आया। इसके बाद फिलिप को जेल भेज दिया गया।

आमिर की नई फिल्म ‘सीक्रेट सुपर स्टार’ का ट्रेलर लांच

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secret superstar

आमिर खान की प्रोडक्शन कंपनी की नई फिल्म सीक्रेट सुपर स्टार का नया ट्रेलर आज मुंबई में आयोजित एक समारोह में लांच कर दिया गया। इससे पहले आज सुबह ही फिल्म का एक और नया पोस्टर जारी किया गया। दो दिनों पहले भी इस फिल्म का एक नया पोस्टर जारी किया गया था। मुंबई के एक सिनेमाघर में हुए ट्रेलर लांच समारोह में आमिर खान और उनकी पत्नी सहित फिल्म की पूरी टीम मौजूद थी। आमिर खान खुद इस फिल्म में म्यूजिक मास्टर एक मेहमान भूमिका कर रहे हैं, जबकि दंगल में उनकी बेटी का रोल करने वाली कश्मीरी कलाकार जायरा वसीम इस फिल्म में एक ऐसी लड़की का रोल निभा रही हैं, जो गायिका के तौर पर अपनी आवाज दुनिया तक पंहुचाना चाहती है, लेकिन मुस्लिम परिवार से होने के कारण परिवार से उन पर गाने की पाबंदी लगा दी जाती है।
इसके बाद इंटरनेट के रास्ते उस बच्ची के सपने साकार होते हैं। आमिर खान के सहायक रहे अवदित चंदन इस फिल्म के निर्देशक हैं और फिल्म इस साल दीवाली के मौके पर 17 नवंबर को रिलीज होगी। इससे पहले इसकी पहली रिलीज डेट 4 अगस्त घोषित की गई थी, लेकिन बाद में इसे आगे बढ़ा दिया गया। दीवाली पर इसका मुकाबला रोहित शेट्टी के निर्देशन में बन रही फिल्म गोलमाल की चौथी कड़ी से होगा। 

जीएसटी और कई मुद्दों को लेकर मीडिया के सामने आए आमिर खान

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Aamir khan speaks up on GSt and other issues

अपने प्रोडक्शन हाउस में बनी नई फिल्म सीक्रेट सुपर स्टार के ट्रेलर लांच के मौके पर आए आमिर खान ने इस मौके पर इस फिल्म के अलावा कई और मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। सेंसर बोर्ड को लेकर हो रहे हंगामे पर आमिर खान ने कहा कि वे इस पक्ष में हैं कि सेंसर बोर्ड फिल्मों को रेटिंग दे, लेकिन उनकी मेकिंग में दखल करने का अधिकार नहीं होना चाहिए। आमिर ने सेंसर के कानूनों में सुधार के लिए बनी श्याम बेनेगल समिति की रिपोर्ट को लागू करने की जरुरत पर जोर दिया। उनका कहना था कि ये दुर्भाग्यजनक है कि सेंसर बोर्ड के चेयरमैन के पद पर हमारी इंडस्ट्री से ही एक मेकर हैं, फिर भी इतनी समस्याएं लगातार हो रही हैं। आमिर खान ने केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी लागू करने के फैसले की तारीफ की और इसे एक साहसिक कदम बताया।
चीन में अपनी फिल्म दंगल को मिली कामयाबी को आमिर खान ने अद्भुत बताया और कहा कि उन्होने कभी इसकी कल्पना भी नहीं की थी कि चीन के लोगों को इतनी पसंद आएगी। पूर्वोत्तर की चीन के साथ लगी सीमा पर चीन के साथ सैन्य टकराव के बारे में आमिर ने कहा कि युद्ध किसी समस्या का हल नहीं है, फिर भी इस मामले में कोई फैसला सरकार को करना है।
देश में कामयाबी का तहलका मचाने वाली फिल्म बाहुबली 2 को लेकर आमिर ने कहा कि उन्होंने अभी तक ये फिल्म देखी नहीं है, लेकिन वे जल्दी ही इसे देखेंगे। इस बार सलमान की शादी से जुड़े सवालों को आमिर खान हंसी में टाल गए। साथ ही जब हैरी मीट सेजल की कामयाबी के लिए उन्होंने शाहरुख खान को शुभकामनाएं दीं।
गुजरात और आसाम में बाढ़ पीढ़ितों की मदद के लिए सोशल मीडिया पर अपने वीडियो को लेकर आमिर ने कहा कि उनको खुशी है कि वीडियो का बहुत अच्छा रेस्पांस मिला है और लोग मदद के लिए आगे आए हैं। अपनी आने वाली फिल्म ठग आफ हिंदोस्तां को लेकर उनका कहना था कि अमिताभ बच्चन के साथ काम करने का उनका सपना पूरा हो रहा है, जिसे लेकर वे बेहद रोमांचित हैं। आमिर खान ने दंगल की सिक्वल या किसी और बायोग्राफी में काम करने की संभावना से साफ मना कर दिया।

महिला निर्माता के साथ सेंसर बोर्ड के सदस्यों की बदसलूकी की मामला गरमाया

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नवाजुद्दीन को लेकर बनी फिल्म बाबूमोशाय बंदूकबाज का मामला और गंभीर हो गया है। एक और फिल्म के निर्देशक कुशान नंदी ने सेंसर बोर्ड द्वारा फिल्म के लिए 48 कट्स मानने से साफ तौर पर मना करते हुए कहा है कि वे बिना किसी कट के फिल्म को रिलीज करेंगे। दूसरी ओर, फिल्म की महिला निर्माता किरण श्राफ के बारे में बोर्ड की एक महिला सदस्य और एक पुरुष सदस्य की अभद्र टिप्पणी को लेकर भी मामला शांत नहीं हो रहा है। इस मुद्दे को जहां एक तरफ केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी के साथ जोड़ते हुए ईरानी को पत्र लिखकर दोनों सदस्यों की तुरंत बर्खास्तगी की मांग की गई है, वहीं किरण श्राफ ने ये मामला महाराष्ट्र महिला आयोग तथा मानवाधिकार आयोग में भी ले जाने का फैसला किया है। 


किरण श्राफ का आरोप है कि जब फिल्म को सेंसर किए जाने के सिलसिले में वे बोर्ड के दफ्तर पंहुची, तो एक महिला ने उनसे सवाल किया कि एक महिला होकर आपने ऐसी फिल्म कैसे बनाई, तो उनके साथ खड़े एक पुरुष सदस्य ने किरण श्राफ की ड्रेस पर कमेंट करते हुए कहा कि वे कहीं से भी पुरुष नजर नहीं आतीं। किरण श्राफ ने कहा कि इन अभद्र टिप्पणियों से वे आहत हैं और चाहती हैं कि दोषी सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

राशन की सब्सिडी सीधे खाते में भेजी जाए: सीएम

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राज्य खाद्य योजना के अंतर्गत दिए जा रहे राशन की सब्सिडी अब सीधे लाभार्थियों के खाते में जाएगी। इसके साथ ही अंत्योदय अन्न योजना के परिवारों को प्रति राशन कार्ड दी जानेवाली चीनी की सब्सिडी भी लाभार्थियों के खाते में भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रमुख सचिव को निर्देशित किया कि इसकी विस्तृत योजना बनाकर कैबिनेट में प्रस्ताव लाएं।वर्तमान में लगभग 10.47 लाख राज्य खाद्य योजना के राशन कार्ड है, जिससे लगभग 45 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं।

बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सचिवालय में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की समीक्षा की। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभाग के अधिकारियों से कई सवाल भी किए। सीएम ने पूछा कि ‘कागजों पर सप्लाई और मौके पर राशन नहीं पहुंचने की स्थिति को रोकने के लिए क्या प्लान है?’, ‘कितनी दुकानें शिकायत मिलने पर निलम्बित की गई?’, ‘कितने लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई हुई है?’,’राशन लोगों तक नहीं पहुंचने पर विभाग की जवाबदेही कैसे तय की जाएगी?‘ आदि सवालों पर अधिकारी बगलें झांकते दिखे। मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को दो टूक कहा कि कार्य संस्कृति में बदलाव लाएं। भ्रष्टाचार और लापरवाही पर सख्त सजा दी जाएगी। व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए। जनता के हक के एक-एक दाने, एक-एक पैसे का हिसाब जनता को देना है।
इस दौरान प्रमुख सचिव आनन्द वर्धन ने बताया कि 01 अगस्त, 2017 तक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के 13,30,404 कार्ड डिजिटलाइज हो गए हैं और 92.13 प्रतिशत कार्डों की आधार सीडिंग हो गई है। राज्य खाद्य योजना (एसएफ0ई) के 10,47300 डिजिटलाइज हो गए है और 96.24 प्रतिशत कार्डो की आधार सीडिंग हो गई है। उन्होंने बताया कि राज्य के समस्त जनपदों द्वारा उचित दर विक्रेता स्तर तक आनलाइन आवंटन किया जा रहा है। सप्लाई चेन सॉफ्टवेयर पर ट्रायल बेसिस पर कार्य किया जा रहा है,।
अक्टूबर 2017 से सप्लाई चेन सॉफ्टवेयर को वास्तविक रूप में इम्लीमेंट करने की योजना है। प्रमुख सचिव आनन्द वर्धन ने बताया कि राज्य के समस्त जनपदों की दो-दो उचित दर विक्रेता स्तर पर पायलट योजना में कुल 26 पीओएस डिवाइस स्थापित की जा चुकी है तथा समस्त 9251 उचित दर विक्रेताओं हेतु पीओएस डिवाइस क्रय करने की कार्यवाही गतिमान है।
उन्होंने बताया कि शिकायत निवारण के लिए राज्य में राज्य खाद्य आयोग स्थापित किया जा चुका है। इसमें जिला शिकायत निवारण अधिकारी, प्रत्येक जनपद में मुख्य विकास अधिकारी को नामित किया गया है। इस आयोग का टोल फ्री न. 1800-180-2000 है। आनलाइन शिकायत निवारण को कारागार बनाने के लिए विभागीय पोर्टल को समाधान पोर्टल से लिंक कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा आवंटित मिट्टी तेल की मात्रा को बिना गैस कनेक्शन धारक परिवारों में वितरण कराया जा रहा है। वर्तमान में राज्य का नियमित मासिक आवंटन 2111 किलो लीटर है। राज्य में गैस कम्पनियों द्वारा सीधे उपभोक्ताओं को उत्तराखंंड आयल कारपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन एवं हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन की 220 गैस एजेन्सियो के माध्यम से गैस का वितरण किया जा रहा है।

हिमालयन दिवस-2017 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री की बैठक

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हिमालयन दिवस-2017 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में अधिकारियों के साथ बैठक की। देहरादून में होने वाले दो दिवसीय हिमालयी राज्यों के सम्मेलन में पलायन, जलवायु परिवर्तन एवं ग्रीन इंजीनियरिंग, बायोइकोनाॅमी, पर्यावरणीय सेवाएं तथा ग्रीन बोनस, केन्द्रीय योजनाओं का हिमालयी अनुकूलन एवं हिमालयी राज्यों में सहयोग आदि विषयों पर चर्चा होगी। इस सम्मेलन में हिमालयी राज्यों के मुख्यमंत्री, केन्द्रीय मंत्री एवं विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होंगे। इस सम्मेलन में सभी हिमालयी राज्य एकजुट होंगे। सभी हिमालयी राज्यों की सामान्य समस्यायें उजागर होंगी। जिसे भारत सरकार के सामने रखा जायेगा। ताकि इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस नीति बन सके।  सम्मेलन का उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों के विकास को नई धारा से जोड़ना है जो हिमालयी पारिस्थितिकी के अनुरूप हो। क्लाइमेट चेंज के प्रभावों से मुक्त हो और पर्वतीय जनमानस के अनुकूल हो। उत्तराखण्ड जैसे हिमालयी राज्य जो पूरे देश को पर्यावरणीय सेवाएं देता है को कोई प्रतिकर मिले। बैठक में सभी राज्यों से विचार-विमर्श कर शीघ्र ही तिथि निर्धारित करते हुए आयोजन सम्बन्धी अन्य पहलुओं पर अन्तिम निर्णय लेने की बात हुई।
बैठक में मुख्य सचिव श्री एस.रामास्वामी, प्रमुख सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, श्रीमती मनीषा पंवार, श्री उमाकांत पंवार, एडीजी अशोक कुमार, सचिव आर.मीनाक्षी सुन्दरम, अरविन्द सिंह ह्यांकी, जिलाधिकारी देहरादून एस.ए. मुरूगेशन, हेस्को के अनिल जोशी आदि उपस्थित थे।