Page 638

विश्व फोटोग्राफी दिवस को भव्यता प्रदान करने के लिए सौंपा ज्ञापन

0

विश्व फोटोग्राफी दिवस की महत्ता को देखते हुए आउटडोर फोटोग्राफ मंच के संयोजक भीमसेन रावत ने पर्यटन मंत्री उत्तराखंंड सरकार सतपाल महाराज को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज को अवगत कराते हुए मांग की कि उत्तराखंंड देव भूमि होने के साथ ही पर्यटन प्रदेश के रूप में विख्यात है। पर्यटन ओर फोटोग्राफी में अत्यधिक गहरा व आत्मीय जुड़ाव है।

रानीखेत, मंसूरी, नैनीताल, हरिद्वार, ऋषिकेश, फूलों की घाटी, औली व चार धाम यात्राओं से जुड़े भव्य व रोमांचित स्थलों पर स्थानीय फोटोग्राफर हजारों की संख्या में सक्रिय होकर स्वयं का रोजगार कर देवभूमि उत्तराखंड के रमणीक स्थलों का प्रचार प्रसार कर रहे हैं। इसलिए प्रदेश के हजारों फोटोग्राफरों को प्रोत्साहन देने का कार्य करते हुए 19 अगस्त को विश्व फोटोग्राफी दिवस पर पर्यटन विभाग के साथ जोड़कर उल्लासपूर्ण ढंग से मनाए जाने की शुरूआत इसी वर्ष से की जाए जिससे फोटोग्राफर में नये उत्साह का संचार होगा। विश्व फोटोग्राफी दिवस को भी पहचान मिलेगी।
भीमसेन ने कहा कि हरकी पौड़ी एवं विभिन्न पौराणिक मंदिरों पर यात्री श्रद्धालुओं को अपनी सेवाए फोटोग्राफर देते चले आ रहे हैं ऐसे में विश्व फोटोग्राफी दिवस का प्रचार प्रसार सरकार को तेज करना चाहिए जिससे फोटोग्राफी का कार्य करने वाले व्यवसायियों को भी लाभ होगा। ज्ञापन प्रेषित करने वालों में उमेशपाल धनकर, मनबहादुर, अनुज जिंदल, राजकमल, नवीन भारद्वाज, राजीव तिवारी, दिनेश पटेल, शंकर वर्मा, संजीव सैनी, दीपक आदि शामिल है।

पंचेश्वर बांध के विरोध झूलाघाट में कैंडल मार्च

0

महाकाली नदी पर बनने वाले एशिया के सबसे ऊंचे बांधों में सुमार पंचेश्वर बांध की कवायद शुरू होते ही सम्पूर्ण डूब क्षेत्र में इसका विरोध तेज हो गया है, इसी विरोध प्रदर्शन के तहत भारत और नेपाल की सीमा पर स्थित झूलाघाट कस्बे में शांतिपूर्ण तरीके से महाकाली की आवाज संगठन ने तकरीबन आधा दर्जन गांवों के लोगो ने एक कैंडल मार्च का आयोजन किया और झूलाघाट पिथौरागढ़ मोटर मार्ग में मोम्बात्तयों से लिखा हमें मत डुबाओ। समस्त जनता का कहना था कि वो इस बांध का विरोध करते हैं और सरकार से शांतिपूर्ण तरीके से कहना चाहते हैं कि बांध के लिये होने वाली जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ में होने वाली जनसुनवाई जो कि डूब क्षेत्र के किसी भी गांव से कम से कम 40 किलोमीटर की दूरी पर है, को स्थागित कर क्षेत्र के नजदीकी गांवो में कई जाय इसकी मांग करते हैं। साथ ही समस्त लोगों ने चेतावनी भी दी कि सरकार के न मानने पर वो उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे

दिलीप कुमार की तबीयत बिगड़ी,अस्पताल में भर्ती

0

अभिनेता दिलीप कुमार की अचानक तबियत खराब होने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मंगलवार को दिलीप कुमार को डिहाइड्रेशन की शिकायत हुई जिसके बाद उन्हें मुंबई के लीलावती अस्पताल में एडमिट कराया गया।उन्हें दाहिने पैर में सूजन की भी शिकायत है जिसकी जांच चल रही है।

आपको बता दें कि इससे पहले दिसंबर महीने में दिलीप कुमार की तबीयत बिगड़ी थी। तब भी उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं अभी कुछ दिनों पहले ही वह अपनी एक तस्वीर की वजह से सोशल मीडिया पर छाए हुए थे। इस तस्वीर में वह नई शर्ट और पैंट पहने दिख रहे थे।

हालांकि दिलीप कुमार को सोशल मीडिया पर आए हुए कुछ ज्यादा समय समय नहीं हुआ है। लेकिन वह सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं। साल 1944 में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने वाले दिलीप कुमार ने 1998 में सिनेमा को अलविदा कह दिया था। पद्म भूषण और पद्म विभूषण विजेता दिलीप कुमार ने लगभग 6 दशकों तक अपनी अभिनय शैली से  हिन्दी सिनेमा पर राज किया है।

अब उत्तराखंड सुनेगा त्रिवेंद्र के “मन की बात”

0
CM to interact directly with people

प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात कार्यक्रम की तर्ज पर अब उत्तराखंड में भी होगी मुख्यमंत्री के मन की बात। मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों से सीधे जुड़ने का फैसला किया है। इसके लिये मुख्यमंत्री वीडियो काॅनफ्रेंसिंग का सहारा लेंगे। इसके जरिये मुखयमंत्री 13 जिलों के लोगों से सीघे जुड़ेंगे।

जनता से सीघे जुड़ने के मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम की शुरुआत 9 अगस्त से होगी। इसी दिन भारत छोड़ो आंदोलन की सालगिराह भी मनाई जाती है। अपनी पहली विडियो काॅनफ्रेंस के जरिये मुख्यमंत्री हाईस्कूल और इंटमीडियेट के छात्रों से सीघे संवाद करेंगे।

मुख्यमंत्री के मुताबिक “समाज के हर वर्ग को गवर्नेंस से जोड़ने के लिये उनसे सीधा संवाद करना काफी जरूरी और कारगर है” इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये तमाम जिलाधिकारियों जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दे दिये गये हैं। इसमें खास है खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए इंतजाम करना।

मुख्यमंत्री खुद प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम के श्रोता हैं। समय समय पर उन्हें लोगों के बीच जाकर पीएम के कार्यक्रम को सुनते देखा गया है। इसके साथ ही सीएम ने अपने कैबिनेट के सभी मंत्रियों को सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहने को कहा है।

 

अब ढोल बजाकर तोड़ेगें ”वर्ल्ड रिकाॅर्ड”

0

उत्तराखंड के वाद्य यंत्रों में जहां बांसुरी, नफीरी, खंजड़ी जैसे वाद्ययंत्र आम प्रचलन में हैं। वहीं ढोल दमाऊ पर्वतीय सांस्कृति की विरासत के रूप में जाने जाते हैं। इनके बिना कोई शुभ काम जीवन में पूरे नहीं होते। त्योहार तो उनके बिना त्योहार तो अधूरे रहते हैं। ढोल और दमाऊ दोनों हर्ष, उल्लास और खुशी के प्रतीक हैं।

ढ़ोल की इस महत्ता को बनाए रखने के लिए संस्कृति विभाग ने एक अनोखी पहल करने का सोचा है।आपको बतादे कि ढ़ोल उत्तराखंड का राजकीय वाद्य यंत्र है।इस पहल में कोशिश यह है कि एक साथ 1500 ढ़ोलवादक एक साथ ढ़ोल बजाए और एक नया कीर्तिमान स्थापित करें।

आने वाले 6 से 10 अगस्त तक संस्कृति विभाग ऊं नमों नाद वर्कशाॅप का आयोजन करने वाला है।यह वर्कशाप हरिद्वार के प्रेमनगर आश्रम में आयोजित की जाएगी।वर्कशाॅप के आखिरी दिन यानिकी 10 अगस्त को उत्तराखंड के लाखों ढ़ोलवादक एक साथ अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।इस एक साथ प्रस्तुति देने के माध्यम से सभी ढ़ोल वादक एक नया रिकार्ड बनाने की पूरी कोशिश करेंगे।

हालांकि अब तक इस वर्कशाॅप के लिए एक हजार ढोल वादक रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।शुक्रवार यानि कल तक रजिस्ट्रेशन खुला है जिसमें उम्मीद की जा रही है किपहले की तरह और भी ढ़ोल वादक अपना रजिस्ट्रेशन कराऐंगे।लोकगायक प्रीतम भरतवाण और ढोलवादक ओंकारदास इस पूरे वर्कशॅाप का नेतृत्व कर रहे हैं।प्रीतम और ओंकरदास के संरक्षण में इस वर्कशॅाप की तैयारियां जोरों पर हैं।

आपको बता दें कि वर्कशाॅप में ढोलवादकों को ढोल पर बजाई जाने वाली नौबत, शबद, धुंयाल, चौरात, सुल्तानी ताल, पंडौ नृत्य, देवी-देवता का आह्वान, गढ़वाल-कुमाऊं और जौनसार के वादकों की विशिष्ट शैली के बारे में बताया जाएगा। किसी एक ताल के लिए विशेष प्रशिक्षण देकर बकायदा कोरियोग्राफी की जाएगी।इसके साथ ही सभी ढोल वादकों के लिए एक जैसी ड्रेस बनाई गई हैं।ढ़ोल वादकों के आने जाने की व्यवस्था से लेकर उनके खाने पीने की सारी सुविधाएं संस्कृति विभाग करेगा और लोकवादकों को हर दिन का मानदेय 500 रुपये और सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा।

कार्यशाला के बाद लोकवादकों के बीच से ही 15 गुरु चयनित किए जाएंगे। ये गुरु अन्य वादकों को ढोलसागर विद्या की जानकारी देंगे। प्रेमनगर आश्रम के जिस गोवर्द्धन हाल में प्रस्तुति होगी, उसमें 15 हजार दर्शक इस प्रस्तुति को देख सकेंगे। पूरी कार्यशाला का दस्तावेजीकरण भी होगा।

संस्कृति विभाग निदेशक बीना भट्ट ने बताया कि महाराष्ट्र के कोल्हापुर में 1356 ढोल एक साथ बजाने का रिकार्ड गिनीज बुक में दर्ज है। यह रिकार्ड तोड़ने के लिए हमें 1500 ढोल वादक चाहिएं। हम इसके लिए प्रयास कर रहे हैं।जागर लोकगायक प्रीतम भरतवाण ने बताया कि ढोल वादक ही हमारे असली लोक कलाकार हैं। उनके संरक्षण के लिए ऐसे आयोजन जरूरी हैं। लोक कलाकारों की खोज हो रही है तो पता चल रहा है वो किस हाल में हैं।

त्योहारी सीजन में मिलावट को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग अलर्ट

0

त्योहारी सीजन आते ही मिलावटी सामग्री की भी बिक्री जमकर होने लगती है। इसी को देखते हुए जिले में मिलावट खोरी को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापेमारी शुरू कर दी है। पहले दिन छह से ज्यादा दुकानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान टीम ने डेयरी और दूध सेंटरों को खंगाला। वहीं टीम ने दूध और घेवर के सैंपल भी लिए।

होली, दीपावली या फिर आने वाले रक्षाबंधन के त्योहार की बात हो। हर त्योहार पर बाजार सजे नजर आते हैं। ऐसे में मार्केट में मोटी कमाई के लिए लोग नकली आइटम बेचने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। मिलावटखोरी का धंधा करने वाले लोग त्योहारों के नजदीक आते ही सक्रिय हो जाते हैं। इसी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर में छापेमारी का अभियान शुरू कर दिया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय सिंह ने अभियान के पहले दिन शहर की छह दुकानों पर छापेमारी की। इस दौरान दूध व घेवर के सैंपल भी लिये गए। जिन्हें जांच के लिए रुद्रपुर स्थित लैब में भेजा गया है।
त्योहार के वक्त दून में न सिर्फ मिठाइयों बल्कि दूध व दुग्ध उत्पाद की भी खपत कई गुणा बढ़ जाती है। जिसका फायदा उठाने के लिए मुनाफाखोर खाद्य पदार्थों में मिलावट का ‘जहर’ घोल रहे हैं। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन पर कार्रवाई के लिए अलग-अलग टीमें गठित की हैं। यह टीमें शहर व आसपास के प्रतिष्ठानों में नियमित छापेमारी करेगी। टीमों का फोकस दूध, दुग्ध पदार्थ, मिठाई व अन्य खाद्य पदार्थों में होने वाली मिलावट पर ज्यादा रहेगा।
जिला अभिहित अधिकारी बीसी कंडवाल ने बताया कि अभियान के तहत प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई भी देखी जाएगी। उन्होंने बताया कि बुधवार को भी अभियान के तहत सैंपल लिए गए। जिन्हें सैंपल के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने लोगों से अत्याधिक रंग वाली, बासी और खराब रखरखाव वाली मिठाई कतई न खरीदने की अपील की। खासकर दूध से बनी मिठाइयां एक खास तापमान पर रखी होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन तक नियमित चेकिंग की जाएगी।
त्योहारी सीजन में हर घर में दूध और मिठाइयों की डिमांड सबसे अधिक रहती है। ज्यादातर मिठाइयों में खोया का उपयोग किया जाता है। ऐसे में दूध और खोया की खरीदारी करने से पहले कुछ बातों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए।
दूध में मिलावट है या नहीं इसकी जांच करने के लिए जो दूध खरीदा है, उसमें से थोड़ा दूध लेकर उसमें नींबू की कुछ बूंदे डाल दें और फिर उबाले। अगर दूध फटा नहीं तो यह नकली है। असली दूध फर्श पर कभी जमता नहीं या फिर यूं कहें कि जिस जगह दूध गिर जाए वह हिस्सा सफेद नहीं होता। ऐसे में दूध की कुछ बूंदों को फर्श पर गिराकर इसकी जांच की जा सकती है। कच्चे दूध में एल्कोहल और रोजेलिक एसिड मिलाए और यदि 30 सेकेंड में इसका रंग बदल जाए तो इसमें मिलावट होती है।

खोया जांचने के लिए थोड़ा खोया लेकर हथेली में मसले। खोया तुरंत बिखर जाएगा। वहीं जिस खोया में शकरकंद और आलू मिला होगा वह चिपचिपाने लगेगा, लेकिन बिखरेगा नहीं। कई बार गाय या देशी खोया के नाम पर हल्के लाल रंग का खोया भी मार्केट में बेचा जाता है। इसकी क्वालिटी चेक करने के लिए इसमें थोड़ा पानी डाल सकते हैं। कलर छूटने के साथ ही खोया की क्वालिटी सामने आ जाएगी।
त्योहारी मौसम में हर घर में मेहमानों के आने का सिलसिला लगा रहता है। ऐसे में मेहमानों के खाने पीने का इंतजाम भी किया जाना लाजमी है। मेहमानों के लिए तैयार किए जाने वाले विशेष भोजन में पनीर के व्यंजन स्वभाविक हैं। ऐसे में पनीर की गुणवत्ता की जांच भी बेहद जरूरी है। जांच के लिए पनीर को लेकर हाथ में मसले अगर वह बिखर जाए तो नकली है। उसमें मिलावट की संभावना रहती है।

नाम्पा पुल बहने से 13वें कैलाश मानसरोवर यात्री दल गूंजी में रुका

0

विश्व प्रसिद्ध कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग में गूंजी से कुटी के मध्य नाम्पा पुल बारिश के कारण बहने के चलते कैलाश यात्रा मार्ग बंद होने से 13 वें कैलाश यात्रा दल को गूंजी में ही रोक दिया गया है। सीमांत क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद गूंजी-कुटी मार्ग में नम्फा नाला उफना गया। पानी के तेज प्रवाह में रात में ही पुल के एक तरफ की दीवार ध्वस्त हो गई। जिसके बाद तड़के पुल भरभराकर इस नाले में समा गया। इससे वैकल्पिक व्यवस्था होने तक यात्रा दल को गूंजी में ही रोक दिया गया है।

वहीं, बारिश के चलते टनकपुर-तवाघाट नेशनल हाइवे जौलजीवी के निकट गौरी पुल में मलबा आने से बंद हो गया। जिले के प्रभारी डीएम आशीष कुमार चौहान ने तत्काल प्रभाव से आदि कैलास यात्रा के 13वें यात्री दल के आगे की यात्रा रोक दी। डीएम ने लोनिवि को इस यात्रा मार्ग को खोलने के आदेश दिए हैं। वैकल्पिक पुल का निर्माण कर शीघ्र इस यात्रा मार्ग को खोला जाएगा। 

उत्तराखंड- अगले 48 घंटों में भारी बारिश, 140 मार्ग अवरुद्ध

0

सूबे में बुधवार को बारिश थमी रही, लेकिन दुश्वारियां अभी भी बरकरार है। बीते दिनों में बारिश के कारण अवरुद्ध कई मार्ग अभी खुल नहीं पाए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र के अनुसार हरिद्वार और उधम सिंह नगर को जिले को छोड़कर बुधवार शाम पांच बजे तक प्रदेश के 140 मार्ग अवरुद्ध है।

वहीं मौसम विभाग ने उत्तराखण्ड में अगले 48 घण्टों में कहीं-कहीं विशेषकर देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, चमोली, नैनीताल, उधम सिंह नगर एवं पिथौरागढ़ जनपदों में भारी वर्षा की संभावना जतायी है। लिहाजा सतर्क रहने की अवश्यकता है। 

इस जानलेवा साइबर गेम से अपने बच्चों को बचायें

0
मुंबई के  मनप्रीत सहंस की अचानक मौत ने देशभर में और खासतौर पर साइबर सुरक्षा से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा दिया है। बताया जा रहा है कि मनप्रीत इंटरनेट पर ‘ब्लू व्हेल’ नाम का गेम खेलता था और यही गेम उसकी मौत की वजह बना। यह घटना उन बच्चों के माता पिता के लिए आंख खोलने वाली है, जो काफी समय इंटरनेट पर गेम्स में गुजारते हैं।

रूस में बने ब्लू व्हेल नाम के इस गेम ने अब तक 19 देशों में 250 से ज्यादा लोगों को अपना शिकार बना लिया है। इसकी वजह से सबसे ज्यादा जानें रूस में ही गईं,वहां इस गेम के कारण मरने वालों का आंकड़ा 130 के करीब है। भारत में किसी इंटरनेट गेम के कारण मौत का यह पहला मामला है। ऐसे में जरूरी है कि आप भी अपने बच्चे पर नजर रखें और उन्हें ‘ब्लू व्हेल’ जैसे गेम्स से दूर रहने को जागरूक करें।

इस गेम में 50 स्टेज हैं और इनके पूरे होने पर इस खेल का एडमिन खेलने वाले को बताता रहता है कि अगले 50 दिन तक उसे क्या करना है। ‘ब्लू व्हेल’ खेलने वाले को अंतिम दिन खुदकुशी करनी होती है और उससे पहले एक सेल्फी लेकर अपलोड करनी होती है। अगर किसी ने यह गेम खेलना शुरू कर दिया तो इसे बीच में छोड़ना बड़ा मुश्किल है। एक बार गेम शुरू हो जाने पर एडमिन गेम खेलने वाले का मोबाइल हैक कर फोन की सारी डिटेल कब्जे में ले लेता है। इसके बाद अगर खिलाड़ी गेम बीच में छोड़मा चाहे तो एडमिन की तरफ से धमकी मिलती है कि उसे और उसके परिजनों को मार दिया जाएगा। यह गेम वर्ष 2013 में रूस के फिलिप बुडेकिन नामक युवक ने बनाया। हालांकि, इस गेम की वजह से आत्महत्या का पहला मामला 2015 में सामने आया। इसके बाद फिलिप को जेल भेज दिया गया।

आमिर की नई फिल्म ‘सीक्रेट सुपर स्टार’ का ट्रेलर लांच

0
secret superstar

आमिर खान की प्रोडक्शन कंपनी की नई फिल्म सीक्रेट सुपर स्टार का नया ट्रेलर आज मुंबई में आयोजित एक समारोह में लांच कर दिया गया। इससे पहले आज सुबह ही फिल्म का एक और नया पोस्टर जारी किया गया। दो दिनों पहले भी इस फिल्म का एक नया पोस्टर जारी किया गया था। मुंबई के एक सिनेमाघर में हुए ट्रेलर लांच समारोह में आमिर खान और उनकी पत्नी सहित फिल्म की पूरी टीम मौजूद थी। आमिर खान खुद इस फिल्म में म्यूजिक मास्टर एक मेहमान भूमिका कर रहे हैं, जबकि दंगल में उनकी बेटी का रोल करने वाली कश्मीरी कलाकार जायरा वसीम इस फिल्म में एक ऐसी लड़की का रोल निभा रही हैं, जो गायिका के तौर पर अपनी आवाज दुनिया तक पंहुचाना चाहती है, लेकिन मुस्लिम परिवार से होने के कारण परिवार से उन पर गाने की पाबंदी लगा दी जाती है।
इसके बाद इंटरनेट के रास्ते उस बच्ची के सपने साकार होते हैं। आमिर खान के सहायक रहे अवदित चंदन इस फिल्म के निर्देशक हैं और फिल्म इस साल दीवाली के मौके पर 17 नवंबर को रिलीज होगी। इससे पहले इसकी पहली रिलीज डेट 4 अगस्त घोषित की गई थी, लेकिन बाद में इसे आगे बढ़ा दिया गया। दीवाली पर इसका मुकाबला रोहित शेट्टी के निर्देशन में बन रही फिल्म गोलमाल की चौथी कड़ी से होगा।