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डीआईटी यूनिवर्सिटी के छात्रों को यातायात नियमों की जानकारी दी: पुलिस अधीक्षक यातायात

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यातायात जागरूकता के अपने साप्ताहिक अभियान को आगे बढ़ाते हुए डीआईटी यूनिवर्सिटी के सभागार में उपस्थित 600 छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों की जानकारी तथा सड़क पर दुर्घटना होने पर त्वरित रूप से की जाने वाली कार्यवाही के रूप में वीडियों तथा प्रजेन्टेशन के माध्यम से अवगत कराया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन डीआईटी के वाईस चांसलर प्रो. के.के. रैना, पुलिस अधीक्षक यातायात श्री धीरेन्द्र गुंज्याल द्वारा द्वीप प्रज्वलित करके किया, कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक यातायात द्वारा सड़क पर प्रतिदिन होने वाली दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए पूरे देश में होने वाली दुर्घटनाओं के भयावाह आंकड़ों को सबके सामने रखते हुए सभी से दुर्घटना से बचाव की अपील की गयी। पु

लिस अधीक्षक यातायात द्वारा प्रजेन्टेशन तथा वीडियो द्वारा दुपहिया वाहनों में पीछे बैठने वाली सवारी के लिये भी हैलमेट के प्रयोग, कार में सभी को सीट बेल्ट का प्रयोग करने, वाहन चलाते समय मोबाईल का प्रयोग न करने सम्बन्धी अपील की गयी। शहर देहरादून मेें हाॅल में हुई सड़क दुर्घटनाओं का उदाहरण देते हुए पुलिस अधीक्षक यातायात द्वारा उनके कारणों तथा उनसे बचाव के उपाय पर छात्र-छात्राओं से विस्तार से चर्चा की गयी तथा उनके उनके सुझाव भी आमंत्रित किये।

छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों तथा सड़क सुरक्षा के प्रति अधिक जागरूक करने के उद्देश्य से इस अवसर पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य मानसी जोशी भी कार्यक्रम में उपस्थित रही। उनके द्वारा छात्र-छात्राओं से अपने अनुभव साझा करते हुए आगे बढ़ने के लिये नियमों के पालन की बात कही। छात्र-छात्राओं द्वारा मानसी जोशी से उनके अनुभवों के बारे में प्रश्न पूछे जिनका उनके द्वारा सन्तोषजनक जवाब दिया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित मैक्स अस्पताल के आर्थोपेडिक सर्जन डाॅ हिमांशु कोचर द्वारा सड़क में दुर्घटना होने के दौरान गोल्डन आॅवर की महत्ता का वर्णन करते हुए बताया कि यदि दुर्घटना के प्रथम घण्टे में पीडित व्यक्ति को प्राथमिक चिकित्सा प्राप्त हो जाती है, तो उसकी जान बचाने की सम्भावना काफी हद तक बढ़ जाती है। उनके द्वारा दुर्घटना के दौरान सीपीआर की कार्यवाही को भी विस्तार से बताया गया।

पन्द्रह घरेलू सिलेंडर जब्त

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रुड़की ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने पिरान कलियर पहुंचकर दुकानों में प्रयोग हो रहे पन्द्रह घरेलू सिलेंडरों को जब्त कराया। पॉलीथिन रखने के आरोप में दो दुकानदारों के पन्द्रह-पन्द्रह हजार रुपये के चालान काटे। दरगाह क्षेत्र में भ्रमण के दौरान गंदगी देख सुपरवाइजर को भी जमकर फटकार लगाई।

दरगाह प्रबन्धक ने सुपरवाइजर को नोटिस देकर सफाई कर्मियों की लिस्ट तलब की। दरगाह प्रबन्धक शमशाद अंसारी ने जानकारी देते हुए बताया कि सुपरवाइजर को नोटिस जारी कर दिया गया है। नोटिस जारी कर सफाई कर्मियों के नाम की लिस्ट मांगी गई है। अगर सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो लापरवाह दरगाह सफाईकर्मी और सुपरवाइजर को तत्काल हटा दिया जाएगा।

इस मौके पर दरगाह प्रबन्धक शमशाद अंसारी, नगर पंचायत ईओ शाहिद अली, अहसान कुरैशी, सैय्यद इंतखाब राव, शारिक, अब्दुल्ला तमाम लोग रहे।

हाईवे पर लटका ट्रक ट्रेफिक ठप्प

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अल्मोडा मजखाली हाईवे पर तीखे मोड पर टेलीफोन की केबल के बंडलों से लदा ट्रक असंतुलित होकर निर्माणाधीन पुल की ओर झूल गया। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात ठप हो गया, वाहनों को वाया गोविंदपुर दौलाघट रोड से गुजारा जा रहा है। देहरादून निवासी चालक सुनील चौहान ट्रक यूके 07- सीए-0542 में बीएसएनएल की केबिल के बंडल लोड कर बीती गुरुवार को अल्मोडा के लिए निकला।

तड़के अल्मोडा मजखाली हाईवे पर रानीखेत से करीब बीस किमी दूर बबुरखोला में तीखे मोड पर सुबह करीब पांच बजे ट्रक असंतुलित हो कर निर्माणाधीन पुल की ओर लटक गया। इससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। जेसीबी की मदद से ट्रक को निकालने का प्रयास विफल रहने पर क्रेन मंगाई गई है। बाद में ट्रक का सामान उतारा गया। साथ ही तीन क्रेन से उसे हटाया गया। तब जाकर दस घंटे के बाद अवरुद्ध मार्ग खुल सका।

तीन जिलों में खुलेंगे बाल आश्रमःयशपाल आर्य

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समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कि गरीब, असहाय एवं बेसहारा बच्चों को सड़क पर नहीं छोड़ा जा सकता। उनके उत्थान के साथ-साथ मूलभूत सुविधाएं देने के मकसद से बाल आश्रय गृह खोले जा रहे हैं। जल्द ही देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में बाल आश्रय खोले जाएंगे।

कुमाऊं के प्रथम धरोहर, बाल आश्रम, लालडांठ, का शुभारंभ बुधवार को समाज कल्याण मंत्री आर्य ने रिबन काटकर किया। आर्य ने कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा धरोहर संस्था के माध्यम से यह बाल आश्रय संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य गरीब, बेसहारा, असहाय बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना है। यहां शिक्षा सहित सभी मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी। जागरूक नागरिकों से अपील की कि वे लावारिस बच्चों को यहां छोड़ सकते हैं। आर्य ने बच्चों से कड़ी मेहनत कर अपना भविष्य संवारने को कहा।

समाज कल्याण निदेशक वीएस धानिक ने कहा कि धरोहर बाल आश्रय फरवरी में खोला गया था। अब तक यहां 95 बच्चे पंजीकृत हुए हैं। वर्तमान में यहां 30 बालिकाएं एवं 22 बालक रह रहे हैं।

उत्तराखंड में हाइवे पर दोबारा गुलज़ार होंगे शराब के ठेके

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उत्तराखंड के नौ पहाड़ी जिलों में हाईवे पर 500 और 220 मीटर दूरी की बाध्यता सर्वोच्च न्यायालय ने खत्म कर दी है।सर्वोच्च न्यायालय के इस आदेश के बाद राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में हाईवे पर शराब के ठेके और बार खुल सकेंगे जिस के साथ साथ देहरादून और नैनीताल की सात तहसीलों को भी इस छूट का लाभ दिया गया है। राजमार्गों के 500 मीटर के दायरे में शराब की दुकानों पर प्रतिबंध पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से कुमाऊं के पर्वतीय जिलों में शराब विरोधी आंदोलन को झटका लगा है। मैदानी क्षेत्रों में इस आदेश के बाद भी सरकार को खास फायदा शायद ही मिल पाए।आपको बतादें कि हरिद्वार और उधमसिंह नगर में अभी भी शराब की दुकानों पर बैन है।

शुक्रवार को इसके आदेश मिलने के बाद आबकारी विभाग ने इस पर काम शुरू कर दिया है।उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों की परिस्थितियों को देखते हुए यहां इसी आधार पर हाईवे में शराब की दुकानें, ठेके और बार खोलने में दूरी की छूट दी जाए।इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शुक्रवार को सरकार के पक्ष में फैसला दिया। जिसमें कहा गया कि उत्तराखंड के नौ पहाड़ी जिलों में दुकानें या बार खोलने के लिए हाईवे से 500 मीटर और 220 मीटर दूरी की बाध्यता नहीं रहेगी।

कोर्ट के इस फैसले से चमोली, चंपावत, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर और रुद्रप्रयाग में अब ठेके खोलने के लिए हाईवे से 500 मीटर या 220 मीटर की दूरी नहीं रखनी पड़ेगी। इससे विभाग को राजस्व का भी फायदा होगा।यही वह क्षेत्र भी हैं जहां सरकार को आबकार से अधिक राजस्व भी मिलता है। ऐसे में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का सहारा पाकर मैदानी ऊधमसिंह नगर, नैनीताल जिले की कालाढ़ूंगी, लालकुआं, हल्द्वानी, रामनगर तहसील में शराब विरोधी आंदोलन और तेज हो सकता है। इन क्षेत्रों में शराब विरोधी आंदोलन में आपसी विवाद भी शामिल है।

दूसरी ओर, कुमाऊं के पर्वतीय जिले ही हैं जहां से शराब विरोध की आवाज उठती रही है। यहां अधिकतर राजमार्ग आवासीय क्षेत्र और कस्बों के बीच से होकर गुजरते हैं। एक तरह से राजमार्गों से शराब की दुकानों को शिफ्ट कराने का मामला आवासीय क्षेत्रों से दुकानों और ठकों को हटाने का भी है। पर्वतीय क्षेत्रों में राजमार्ग के 500 मीटर के दायरे में शराब की दुकानों केसंचालन की अनुमति मिलना आंदोलनकारियों को कतई रास नहीं आएगा। वहीं, सरकार को भी आबकारी से बहुत अधिक फायदा होने की उम्मीद कम ही है।

राष्ट्रीय और राज्य मार्ग के रूप में अधिसूचित सड़कों के 500 मीटर के दायरे से शराब की दुकानों को बाहर करने के आदेश के बाद कुमाऊं आंदोलन की आंच में तप गया है। शुरू में राजमार्गों से इन दुकानों को शिफ्ट कर आबादी वाले क्षेत्रों में स्थापित करने का विरोध हुआ। धीरे-धीरे इस विरोध ने अवैध शराब के संचालन, शराब माफिया के खिलाफ भी जोर पकड़ा। अब इस आंदोलन की आंच में शराब का पूरा कारोबार भी झुलस रहा है। कुमाऊं वैसे भी शराब विरोधी आंदोलन के लिए उर्वर साबित होता आया है। द्वाराहाट में ही कई महिला मंगल दल एक मंच पर आकर शराब व्यवसाय का विरोध छेड़े हुए हैं। इस शराब विरोधी आंदोलन में हर जगह महिलाएं ही अग्रिम मोर्चे पर डटी हैं। राजस्व की चिंता में दुबली हो रही प्रदेश सरकार ने पर्वतीय प्रदेश के नाम पर सर्वोच्च न्यायालय से राहत मांगी थी। अब सर्वोच्च न्यायालय से प्रदेश सरकार को तो कुछ हद तक राहत मिल गई है। कारण यह भी है कि मैदानी जिलों की तहसीलों के लिए न्यायालय ने कोई राहत नहीं दी है।

ये है अबु दुजाना के मौत का उत्तराखंड कनेक्शन

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जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के खूंखार आतंकी अबु दुजाना को मौत के घाट उतारने वाली 55 राष्ट्रीय राइफल्स की यूनिट के कमाडिंग ऑफिसर कर्नल कमल नौडियाल इस कारनामे के बाद चर्चाओं में हैं। नौडियाल पौड़ी के थलीसैंण ब्लॉक (राठ क्षेत्र) स्थित नौडी आंता खोली गांव के रहने वाले हैं। आतंकी दुजाना को घेरकर मारने की रणनीति नौडियाल के निर्देशन में ही बनाई गई थी।

सोशल मीडिया में वायरल हुआ दुजाना का ऑडियो टेप: दुजाना से सैन्य अधिकारी की बातचीत का ऑडियो टेप सोशल मीडिया में वायरल हो चुका है। कर्नल नौडियाल के अनुसार, 31 जुलाई से 1 अगस्त के बीच अबु और उसके एक साथी के पुलवामा में एक गांव में आने की खबर मिली। इसके बाद हमने उस घर के मकान मालिक को विश्वास में लिया। फिर पुलवामा पुलिस के साथ पूरे घर को घेर लिया। मकान मालिक ने अपने परिवार की सलामती की शर्त पर दुजाना से फोन पर बात करवा दी।

उन्होंने कहा कि हमने अबु से सरेंडर करने को कहा तो उसने इससे इनकार कर दिया। पर उसने यह जरूर स्वीकारा कि वह इस बड़े खेल में कठपुतली की तरह इस्तेमाल हो रहा है। नौडियाल के मुताबिक इस बातचीत से न केवल पाकिस्तान का चेहरा बेनकाब हुआ, बल्कि कश्मीर की आवाम का सेना पर भरोसा भी बढ़ा है।

बचपन से ही बनना चाहता था सैनिक: नौडियाल के रिश्तेदार बालकृष्ण चमोली और राजेश चमोली के अनुसार, बचपन से ही कमल का लक्ष्य सेना में अधिकारी बनना था। कमल के पिता सीताराम नौडियाल पीएनबी में मैनेजर थे। जोशीमठ के ज्योति कॉन्वेंट स्कूल में कक्षा एक से दो और कॉन्वेंट स्कूल श्रीनगर में कक्षा तीन से छठवीं तक पढ़ाई के बाद उनका परिवार दून आ गया। यहां उन्होंने सेंट थॉमस स्कूल से 12वीं की। फिर दिल्ली विवि से बीकॉम के बाद सीडीएस की परीक्षा दी और आईएमए के लिए चयनित हो गए।

स्वतंत्रता दिवस पर अधिकारी लगाएंगे पकवानों के स्टॉल

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स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीजी कॉलेज,उत्तरकाशी के आॅडिटोरियम में सभी जिला स्तरीय अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों का पकवान बनाकर स्टॉल के माध्यम से बिक्री करेंगे। संकलित धनराशि को कुपोषित बच्चों के कल्याण के लिए दिया जाएगा। डीएम डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने सभी अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं।

स्वतंत्रता दिवस से पूर्व तैयारियों को लेकर जिला सभागार में बैठक लेते हुए डीएम ने कहा कि खाद्य व्यंजनों की बिक्री में जिन अधिकारियों की टीम द्वारा सर्वाधिक आय अर्जित की जाएगी, उन्हें सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को टीम बनाने के लिए निर्देश ‌दिये हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी व कर्मचारी को स्वर्ण एवं रजत पदक दिया जाएगा। स्वर्ण व रजत पदक के लिए दो जिला स्तरीय अधिकारी, दो कार्यालय कर्मचारी व दैवीय आपदा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी व कर्मचारी को कर्मियों को दिया जाएगा। इसमें बीआरओ, आईटीबीपी एवं आर्मी को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त प्रातः 7:30 बजे जनपद के स्कूली छात्र-छात्राओं के द्वारा प्रभात फेरी निकाली जाएगी।
नगर पालिका व जिला पंचायत को स्थानीय उत्पाद से बने मिष्ठान वितरण करने को निर्देश दिया। जबकि प्रातः नौ बजे समस्त स्कूल, सरकारी गैर सरकारी कार्यालयों में सक्षम अधिकारियों द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा और 9:30 बजे कलेक्ट्रेट में ध्वजारोहण किया जाएगा। उन्होंने तहसीलदार डुण्डा को निर्देश दिए कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को आयोजित कार्यक्रम में सम्मान के साथ लाया जाएगा व कार्यक्रम समापन के बाद सम्मान के साथ घर तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि हरेला कार्यक्रम के तहत पौधरोपण कार्य 15 अगस्त तक पूर्ण करें। जिसमें अधिक से अधिक फलदार पौधे लगाएं। 

बाघों की संख्या तो बडी संरक्षण के लिए नहीं 

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कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में बेशक बाघों की संख्या में तो इजाफा हुआ है, लेकिन केंद्र सरकार इनके के संरक्षण के लिए धन देने को गंभीर नहीं है। चार महीने बाद भी सीटीआर को बाघों की सुरक्षा के लिए धनराशि नहीं मिल पाई है।जिसके चलते बाघों की निगरानी करने में दिक्कतों का सामना करना पड रहा है।

बाघों की अच्छी तादाद के लिए मशहूर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में विशेषकर बाघों की सुरक्षा उनके प्रबंधन समेत अनेक कार्यो के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण एनटीसीए से बजट आवंटित होता है। वर्ष 2017-18 के लिए सीटीआर अधिकारियों ने 30 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजा था। अपै्रल में भेजे गए इस प्रस्ताव को चार महीने बीतने के बाद भी केंद्र सरकार ने कोई सुध नहीं ली है। ऐसे में सीटीआर को विभाग के जरुरी कार्य कराने के लिए गठित की गई कॉर्बेट फाउंडेशन संस्था में जमा धनराशि निकालनी पड़ रही है। बता दें कि विभागीय कॉर्बेट फाउडेंशन संस्था में पर्यटकों से हुई कुल आय की बीस फीसद धनराशि जमा होती है। साथ ही वन्य जीव प्रेमी भी अपने स्तर से संस्था में धनराशि देकर सहयोग करते हैं।

कॉर्बेट फाउंडेशन संस्था में अभी विभाग को सलाना हुई कुल आय की 20 फीसद धनराशि विभागीय कार्य के मिलती है। जबकि सीटीआर अधिकारी कुल आय की 50 फीसद धनराशि देने का प्रस्ताव वन मंत्री के समक्ष रख चुके हैं। जिस पर सहमति भी बन गई है। लेकिन आदेश नहीं हुए हैं। जबकि अधिकारियों का कहना है कि प्रस्ताव अप्रेल में भेजा था। समय से धनराशि नहीं मिलने से दिक्कत तो हो ही रही है। फाउडेंशन की धनराशि से जरुरी काम ही चलाया जा रहा है।

चेतावनी निशान के पार गंगा का जलस्तर, हरिद्वार में हड़कंप

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प्रदेश के ऊपरी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण हरिद्वार में गंगा का जलस्तर चेतावनी के निशान को पार कर गया है। चेतावनी के 293 मीटर के निशान से गंगा 10 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जबकि खतरे का निशान 294 मीटर है। इससे तीर्थनगरी में हड़कंप है।

गंगा का जल स्तर विगत कई दिनों से कभी खतरे के निशान को छू रहा है तो कभी खतरे के निशान के आसपास बह रहा है। गंगा नदी इस समय अपने पूरे वेग के साथ बह रही है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से जनपद के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। यदि इसी प्रकार से प्रदेश के ऊपरी इलाकों में वर्षा का होना जारी रहा तो गंगा खतरे के निशान को पार कर जाएगी। बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन लगातार गंगा के जलस्तर पर निगाह बनाए हुए है।

वहीं जिलाधिकारी ने सभी बाढ़ चैकियों को अलर्ट पर रहने के निर्देश पूर्व में ही जारी कर दिए हैं। वहीं बीती रात श्यामपुर क्षेत्र में गंगा तटों पर भू कटाव ने भी क्षेत्र में बाढ़ के खतरे को बढ़ा दिया है। 

झील में गिरा ट्रक, चालक-परिचालक लापता

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हिमाचल के निरुवा से सेब लेकर दिल्ली मंडी जा रहा एक ट्रक हरिपुर-मीनस मार्ग पर कोटी-इच्छाड़ी डैम के पास अनियंत्रित होकर झील में गिर गया। ट्रक के झील में गिरने के बाद चालक व परिचालक लापता हैं।

शुक्रवार को एक ट्रक हिमाचल से सेब लेकर दिल्ली जा रहा था। कोटी-इच्छाड़ी डैम के पास ट्रक अनियंत्रित होकर झील में गिर गया। स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस व प्रशासन को दी। सूचना पर राजस्व व थाना पुलिस कालसी, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन खोज एवं बचाव दल चकराता मौके पर पहुंचे। टीम संयुक्त रूप से झील में लापता ट्रक चालक व क्लीनर को तलाशने का प्रयास कर रही है लेकिन देर शाम तक उनका कोई पता नहीं चला।

थानाध्यक्ष कालसी ऋतुराज सिंह ने बताया पुलिस, एसडीआरएफ व आपदा प्रबंधन खोज एवं बचाव दल चकराता टीम झील में बोट से सर्च ऑपरेशन कर रहे हैं। झील की गहराई काफी होने व बरसात के कारण पानी गंदा है और इसकी वजह से ट्रक को तलाशने में परेशानी आ रही है।