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दरगाह की आय से मालामाल हो रहे कर्मचारी

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कलियर शरीफ में फर्जी कर्मचारियों की ड्यूटी का सिलसिला जारी है। दरगाह के भीतर ड्यूटी देने वाले वास्तविक कर्मचारी ड्यूटी टाइम को फर्जी कर्मचारियों को बेचकर आराम फरमाते हैं, जबकि दरगाह और मजार के भीतर खड़े होने वाले फर्जी कर्मचारी जायरीनों से जमकर वसूली करते हैं।

फर्जी कर्मियों की करतूतों के चलते कई बार फटकारे जा चुके दरगाह दफ्तर के रवैये में रत्ती भर बदलाव नजर नहीं आ रहा है। नतीजतन लूट-खसोट का धंधा खूब फल-फूल रहा है। पिछले कुछ महीनों में फर्जी कर्मचारियों को लेकर दरगाह दफ्तर की भूमिका संदेहास्पद हुई है। कुछ शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए प्रशासन की ओर से 22 कर्मचारियों को हटाया भी गया है, लेकिन दरगाह दफ्तर ने गम्भीरता से नहीं लिया। हाल ही में नियुक्त हुए मैनेजर शमशाद अंसारी ने कार्यभार संभालते हुए व्यवस्था में सुधार की बात कही थी, लेकिन फर्जी कर्मियों की ड्यूटी के मुद्दे पर वे भी बेबस नजर आ रहे हैं।
स्थानीय समाजसेवियों का कहना है कि फर्जी कर्मचारियों के मामले में कई बार विवादों में फंसे दरगाह दफ्तर के जिम्मेदार पदाधिकारी औचक निरीक्षण कर फर्जी कर्मियों को रंगे हाथों पकड़कर कानूनी कार्रवाई करने की जरूरत महसूस नहीं करते, जिस कारण असली और नकली कर्मचारी बेधड़क होकर लूट-खसोट को अन्जाम दे रहे हैं। फिलहाल, फर्जी कर्मचारियों के चलते जहां जायरीनों का शोषण हो रहा है, वहीं दरगाह की आमदनी भी कम हो रही है।

गरीब बच्चों को पढ़ाने में जुटी मेक्सिको की पावला

कहते हैं विद्या का दान सबसे बड़ा दान होता है जो ज्यादा से ज्यादा खर्च करने पर बढ़ता चला जाता है, यह मूल धारणा जहां भारतीयों में कम होती जा रही है वही विदेशी विद्याज्ञान को आपस में बांटने और शिक्षा को उसके असली हकदार तक पहुंचाने को सबसे अच्छी सेवा मांगते हैं।

ऐसा ही कुछ मांगना है सात समंदर पार से आई मैक्सिको की पाउला एलेग्जेंडरा का जो आई थी उत्तराखंड घूमने और अपने बचे हुए टूरिस्ट वीजा के दिनों को उसने गरीब गरीब बच्चों के निशुल्क स्कूल उड़ान में शिक्षा के दान में लगा दिया। वह गरीब बस्तियों में रहने वाले बच्चों को पढ़ा कर और उनके साथ रहकर एक नई अनुभूति अनुभव कर रही है, साथ ही इन बच्चों के साथ अपने देश की शिक्षा प्रणाली को साझा करके एक नई सोच का परिचय दे रही है।

foreign teacher

स्कूल के संचालक डॉक्टर राजे नेगी पावला के इस प्रयास को ऋषिकेश के इन बच्चों के लिए एक अच्छी शुरुआत मान रहे हैं। उनका कहना है कि, ‘पावला 15 अगस्त के सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों के साथ ‘सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा’ गाकर आनंदित हो रही है, जिसकी प्रेक्टिस बच्चों के साथ नाच-गाकर कर रही है। वही पावला का कहना है कि, ‘एजुकेशन हर बच्चे का अधिकार है और सरकार को चाहिए वह छोटे बच्चों को नए तरीकों के साथ टीचर एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत इन स्कूलों को जोड़ें जिससे एक नए कल्चर की शुरुआत हो सके।’

मंत्री मेयर का प्रकरण कौशिक के गले की फांस बना

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 नगर निगम के मेयर मनोज गर्ग का केबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के बीच उपजे विवाद से भाजपा के ही केबिनेट मंत्री मदन कौशिक के गले की फांस बनता जा रहा है। मदन कौशिक के खासमखास मनोज गर्ग की पिटाई प्रकरण निपटाने की जिम्मेदारी मदन के ही कंधों पर आ गई है। ऐसी स्थिति में भाजपा नेताओं का विवाद पार्टी की प्रदेश में खूब फजीहत करा रहा है। विपक्षी पार्टी कांग्रेस इस विवाद पर चुटकी ले रही है तो सोशल मीडिया पर मेयर नौटंकीबाज छाये हुए है। इस विवाद को तूल पकड़ने से नगर विधायक मदन कौशिक की प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। देखना है कि सियासत इस विवाद में और कौन से नये रंग दिखलाती है।

नगर निगम के मेयर मनोज गर्ग की पहचान केबिनेट मंत्री और नगर विधायक मदन कौशिक के खास सिपेहसालार के रूप में की जाती है। मदन कौशिक ने ही अपनी पूरी ताकत से मनोज गर्ग को मेयर का चुनाव जीता कर नगर निगम के मेयर की कुर्सी तक पहुंचाया, ये बात जगजाहिर है।
गुरुवार को बरसाती पानी की निकासी के दौरान भाजपा के ही केबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के आश्रम की दीवार को ध्वस्त कराने का मौखिक आदेश बुलडोजर चालक को दे दिया। जिसके लिए प्रशासन और पुलिस को सूचना देना तक मुनासिब नहीं समझा। आश्रम की दीवार गिराने के बाद आश्रम संचालकों और मेयर समर्थकों के बीच में लाठी डंडे चले और पथराव हुआ।
पूरे प्रकरण में मदन कौशिक को उगलते और निगलते नहीं बन रहा है। दोनों ही स्थिति में मदन कौशिक पूरी तरह से फंस गये है। मदन कौशिक बीच का रास्ता निकालने का प्रयास कर रहे हैं। बीच के रास्ते की पहली पहल उन्होंने गुरुवार की रात्रि आश्रम पहुंचकर की है। पूरे घटनाक्रम पर विपक्ष पूरी तरह से शांत है।

नहीं है कोई चोटी कटवा,पुलिस ने किया अफवाहों का खंडन

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थाना डोईवाला क्षेत्रान्तर्गत केश्वपुरी बस्ती निवासी उर्मिला पत्नी दीपक की चोटी कटने की सूचना पर पुलिस द्वारा पूछताछ के प्रकरण में छानबीन की गयी, पूछताछ में प्रकाश में आया है कि उपरोक्त दंपति मूलतः मुजफ्फरपुर बिहार के निवासी है तथा विगत् 15 वर्षो से डोईवाला क्षेत्र में निवासरत् है। उपरोक्त दंपति को अपने परिजनों से बिहार में पूर्व में घटित चोटी कटने की घटनाओं की जानकारी प्राप्त हुई थी, जिस कारण उक्त दंपति द्वारा स्वयं इस प्रकार की घटना कर प्रकरण को प्रचारित किया गया है।

आपको बतादें कि पिछले कुछ दिनों में चोटी कटने की खबर सुर्खियों में है। पहले बिहार,यूपी से आगे बढ़ते हुए यह खबर उत्तराखंड तक पहुंची साथ ही किस्से भी। पिछले दिनों हरिद्वार,उधमसिंह नगर,और देहरादून के आस-पास भी बहुत सी खबरें आई जिसमें चोटी कटने का जिक्र था। लेकिन डोईवाला क्षेत्र की इस घटना पर पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर बात साफ हुई की अफवाहों को सुनकर दंपत्ति ने खुद इस घटना को अंजाम दिया।

इस बात को ध्यान में रखकर पुलिस ने कुछ गाईडलाईन जारी की हैः

  • चोटी काटना एक अफवाह है,इसपर ध्यान ना दें
  • इस तरह की किसी भी अफवाह और अफवाह फैलाने वाले की सूचना पुलिस को दें
  • यह किसी गिरोह का काम नहीं है,यह सिर्फ एक भ्रम है जो लोग खुद पैदा कर रहे हैं
  • ऐसी किसी भी घटना को अंजाम देने वाले या अफवाह फैलाने वाले के खिलाफ पुलिस सख्त कार्यवाही करेगी

 

कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक पहुंचे सतपाल महाराज के आश्रम

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कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के समर्थकों और मेयर मनोज गर्ग के बीच विवाद को सुलझाने के लिए कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने प्रयास तेज कर दिये हैं। दोनों ही नेताओं के भाजपा से जुड़े होने के चलते पार्टी की फजीहत को रोकने के लिए कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने पहल शुरू कर दी है। देर रात सतपाल महाराज के आश्रम में पहुंचकर मदन कौशिक ने आश्रम संचालकों से बातचीत की और मामले को बातचीत से हल करने का सुझाव दिया। हालांकि दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज होने के बाद बॉल कानून के पाले में खिसक गई है लेकिन फिर भी समझौते के प्रयास मदन कौशिक की ओर से जारी है।

धर्मनगरी में गुरुवार की मूसलाधार बारिश आफत के साथ जिला प्रशासन और भाजपा के लिये मुसीबत लेकर आई। इस बारिश ने भाजपा की खूब किरकिरी कराई। भाजपा के ही सत्ताधारी मंत्री सतपाल महाराज के आश्रम की एक दीवार और गेट को ध्वस्त करने के दौरान नगर के मेयर मनोज गर्ग और उनके समर्थकों का आश्रम समर्थकों से झड़प हो गया। विवाद बढ़ा तो दोनों पक्षों की ओर से पथराव व लाठी-डंडे चले। पुलिस प्रशासन ने मोर्चा संभाला तो लाठी डंडे और पथराव तो थम गया पर सियासत गर्मा गई।
भाजपा के मेयर मनोज गर्ग और भाजपा के ही कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के भक्तों ने बीच का विवाद पुलिस थाने में पहुंच गया, जहां दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज हो गया। इस प्रकरण में सतपाल महाराज के समर्थन में हरिद्वार भाजपा के चार विधायक आदेश चौहान, स्वामी यतीश्वरानंद, सुरेश राठौर और संजय गुप्ता के साथ भाजपा के जिलाध्यक्ष जयपाल चौहान भी समाने आए। इन सभी ने मेयर के कृत्य की निंदा करते हुए सतपाल महाराज के साथ होने की बात कह दी। दोनों कद्दावर नेताओं के विवाद की गूंज देहरादून मुख्यमंत्री आॅफिस तक पहुंची तो नगर विधायक कैबिनेट मंत्री और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मदन कौशिक ने इस विवाद को खत्म करने के लिए देर रात्रि बजे सतपाल महाराज के आश्रम में पहुंचकर आश्रम के संचालकों से बातचीत कर मामले को सुलझाने की कोशिश की गई। महाराज के हरिद्वार से बाहर होने के चलते प्रकरण में सुलह का प्रयास विफल रहा।
आश्रम के ही एक सेवक ने बताया कि कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने आश्रम संचालकों से बातचीत की ओर विवाद को खत्म करने का सुझाव दिया है। जिस पर अभी कोई सहमति नहीं बन पाई है।

जनप्रतिनिधियों की लड़ाई में हरिद्वार का हाल बेहाल

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गुरुवार को कैबिनेट मंत्री और मेयर मनोज गर्ग के समर्थकों के बीच हुए खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों के दर्जनभर से अधिक लोग भले ही घायल हुए हों किन्तु नेताओं की इस लड़ाई का खमियाजा शहर के आम नागरिकों को भी भुगतना पड़ रहा है। लड़ाई के बाद शुक्रवार को निगम कर्मियों ने मेयर के समर्थन में रैली निकाली।

चोट लगे अस्पताल में भर्ती हुए मेयर की तो निगम कर्मचारियों को चिंता है, किन्तु बरसात के बाद जिस प्रकार से शहर सड़ रहा है उसकी किसी को चिंता नहीं है। शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं, सड़कों पर कीचड़ जमा है। उसको साफ करने की बजाय नेता लोग एक-दूसरे को शह और मात देने की जुगत में लगे हुए हैं।

आजाद भारत में जन्मे पहले उपराष्ट्रपति हैं वेंकैया नायडू’

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नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू भारत के 15वें उपराष्ट्रपति बन गए हैं। उन्होंने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली और राज्यसभा के सभापति के रूप में पदभार संभाला। खास बात यह रही कि वेंकैया नायडू ने हिंदी में उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली।
राज्यसभा के सभापति का अभिनंदन करते हुए सदन के नेता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों की तरफ से उनका धन्यवाद जताया। मोदी ने कहा कि वह पहले ऐसे उपराष्ट्रपति हैं, जिनका जन्म स्वतंत्र भारत में हुआ। वेंकैया जी, इतने वर्षों तक इन्हीं लोगों के बीच पले-बढ़े। वो सदन की बारीकियों से वाकिफ हैं। वह सदन की प्रक्रिया से निकले पहले उपराष्ट्रपति हैं। मोदी ने कहा कि नायडू किसान के बेटे हैं और गांव को भली-भांति जानते हैं। वह जेपी आंदोलन से भी जुड़े रहे।
पीएम मोदी ने कहा कि वेंकैया जी किसान परिवार से हैं, वह जितना समय शहरी मामलों पर बात करते थे उससे ज्यादा गांव और किसानों के मामले में बात करते थे। आज जब वेंकैया जी इस गरिमापूर्ण पद को ग्रहण कर रहे हैं तो उसी बात को कहूंगा, ‘अमल करो ऐसा अमन में, जहां गुजरें तुम्हारी नजरें, उधर से तुमको सलाम आए।’
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाब नबी आजाद ने पदभार संभालने के लिए नायडू को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नायडू जी सदन के लिए नये नहीं हैं। वो सांसद, मंत्री और पार्लियामेंटी मिनिस्टर के रूप में सदन की हर बारिकी को समझते हैं। आजाद ने कहा कि कई बार हम किसी मुद्दे पर लड़ते हैं मगर फिर हम सदन के बाहर एक साथ हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि सदन में कई ऐसे लोग हैं जो नीचे से उठकर ऊपर तक आए। यह हमारे लोकतंत्र की सबसे अच्छी कामयाबी है। यहां गरीब अमीरी की बात नहीं।
इसके अलावा, राज्यसभा में अभिनंदन कार्यक्रम के अंत में वेंकैया नायडू उपराष्ट्रपति के रूप में अपना पहला भाषण देंगे।

यह पहला मौका है जब देश में तीनों सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्ति राष्ट्रीय स्वयंसवेक संघ की पृष्ठभूमि के हैं। देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संघ की पृष्ठभूमि के ही हैं।
पद की शपथ लेने से पूर्व एम. वेंकैया नायडू ने शुक्रवार सुबह पूर्व दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजली अर्पित की। सबसे पहले वह राजघाट गये जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का स्मारक है। इसके बाद वह डीडीयू पार्क गये जहां उन्होंने जनसंघ नेता को श्रद्धांजली अर्पित की। फिर वो पटेल चौक गए जहां उन्होंने देश के पहले गृहमंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
आंध्र प्रदेश से उपराष्ट्रपति बनने वाले तीसरे नेता वेंकैया नायडू राजग के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़े थे। देश के 13वें उपराष्ट्रपति नायडू ने अपने प्रतिद्वंदी पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल गोपाल कृष्ण गांधी को हराया है। वैंकैया से पहले आन्ध्र से डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और वीवी गिरी भी देश के उपराष्ट्रपति रह चुके हैं।
आंध्र के नेल्लोर जिले के एक किसान परिवार में 1 जुलाई, 1949 को जन्में वेंकैया ने राजनीति की शुरुआत छात्र जीवन से शुरू की थी। इसी दौरान वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नजदीक आये और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के साथ जुड़े। वे 1972 में ‘जय आंध्र आंदोलन’ के दौरान पहली बार सुर्खियों में आए। विशाखापट्टनम के लॉ कॉलेज से अंतरराष्ट्रीय कानून में डिग्री ली।
14 अप्रैल, 1971 को उन्होंने उषा से शादी की। उनके एक बेटा और एक बेटी है बेटे का नाम हर्षवर्धन व बेटी का नाम दीपा वेंकट है।
लोकनायक जयप्रकाश नारायण की विचारधारा से प्रभावित होकर आपातकालीन संघर्ष में हिस्सा लिया। वे आपातकाल के विरोध में सड़कों पर उतर आए और उन्हें जेल भी जाना पड़ा। आपातकाल के बाद वे 1977 से 1980 तक जनता पार्टी के युवा शाखा के अध्यक्ष रहे।
महज 29 साल की उम्र में 1978 में पहली बार विधायक बने। 1983 में भी विधानसभा पहुंचे और धीरे-धीरे राज्य में भाजपा के सबसे बड़े नेता बनकर उभरे। भाजपा के विभिन्न पदों पर रहने के बाद नायडू पहली बार कर्नाटक से राज्यसभा के लिए 1998 में चुने गए। इसके बाद से ही 2004, 2010 और 2016 में वह राज्यसभा के सांसद बने।
वर्ष 2002 से 2004 तक उन्होने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का उतरदायित्व निभाया। वे अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री रहे और वर्तमान की नरेंद्र मोदी सरकार में वे भारत सरकार के अंतर्गत शहरी विकास, आवास तथा शहरी गरीबी उन्‍मूलन तथा संसदीय कार्य मंत्री रह चुके हैं।

 

बिना पासपोर्ट-वीजा के बद्रीनाथ आए विदेशी पर मुकदमा दर्ज

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 बद्रीनाथ धाम में मिले विदेशी को पुलिस ने बिना पासपोर्ट-वीजा के धाम में आने पर गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक चमोली तृप्ति भट्ट ने बताया कि गुरुवार को एक विदेशी व्यक्ति तप्त कुंड के पास एसडीआरएफ को बेहोशी की हालत में मिला। जिसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बद्रीनाथ में उपचार के लिए भर्ती किया गया। चिकित्सालय से डिस्चार्ज होने के बाद पुलिस व स्थानीय अभिसूचना उप इकाई द्वारा उससे पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम हंस मैक्स लिंडामैन बताया। काफी पूछताछ के बाद भी वह अपने पिता का नाम नहीं बताया पाया। साथ ही अपने देश का अलग-अलग नाम बता रहा है।
जब उससे पासपोर्ट और वीजा के बारे में जानकारी ली गई तो उसने बताया कि उसके पासपोर्ट की समयावधि काफी समय पहले ही समाप्त हो गई थी। वर्तमान में उसके पास कोई पासपोर्ट और वीजा नहीं है। जिस पर पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।

पुलिस गोपनीय विभाग और पुलिस अधिकारी विदेशी साधक से पूछताछ कर रहे हैं। बद्रीनाथ में नर पर्वत के समीप एक झोपड़ी में रह रहा विदेशी जो साधक की वेशभूषा में था, कुछ दूरी पर बीमार हालत में मिला। उसे एसडीआरएफ चिकित्सालय ले गई। स्वस्थ्य होने के बाद पूछताछ के लिए थाने लाया गया। 

मसूरी सङक हादसा, 3 घायल व एक की मौत

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थाना मसूरी पर सुबह सूचना अाई कि रिखोली मसूरी रोड़ पर एक वाहन दुर्घटना ग्रस्त हो गया है। इस सूचना पर थाना मसूरी से  3 लोग आवश्यक कार्यवाही के लिये घटना स्थल रवाना हुए। घटना स्थल रिखोली के पास पहुचे तो सड़क के नीचे लगभग 200 मी. एक सफेद स्कार्पियो गाडी न:-UK07-AR-0990 खाई मे गिरी मिली, घायल महिला ने स्वयं फोन कर⁠⁠ एस.ङी.अार.एफ  से  मदद  मांगी, गाडी में 4 लोग सवार थे।

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स्कार्पियो में  दो महिलाएं और दो पुरुष थे जिसमे ड्राइवर की मृत्यु हो गई है।⁠⁠एस.ङी.अार.एफ व थाना कैन्ट से आये पुलिस की मदद से सब को गाडी से बाहर निकाला गया। शेष 3 घायलों को 108 एम्बुलेन्स के माध्यम से दून अस्पताल भेजा गया व मृतक को प्राईवेट वाहन से पी.एम. कारोनेशन अस्पताल भेजा गया है।

24 सितंबर से आएगा बिग बाॅस का नया सीजन

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इस साल आने वाले ‘बिग बास’ के 11वें सीजन की शुरुआत होने की तारीख तय हो गई है। इस बार ‘बिग बास’ के नए सीजन का प्रसारण सितंबर से हर रात 9 बजे से शुरू होगा। हर साल की तरह शनिवार और रविवार को ‘बिग बास’ के होस्ट के तौर पर सलमान खान वीकंड का वार का संचालन करेंगे। कलर चैनल ने जोर शोर से 11वें सीजन का प्रमोशन शुरू कर दिया है।

अभी तक ‘बिग बास’ की शुरुआत अक्तूबर में हुआ करती थी और शो नए साल तक जाता था। इस बार यहा बदलाव हुआ है। सितंबर में शुरू होकर शो को इसी साल दिसंबर के अंतिम सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा। इस बार के कांसेप्ट में कुछ और बदलाव हुए हैं। रहने के लिए बिग बास के दो घर होंगे और इस बार भी सेलिब्रिटिज के साथ-साथ आम जनता के प्रतिनिधि भी इसमें हिस्सा लेंगे। इस बार बिग बास के नए सीजन में हिस्सा लेने वाली सेलिब्रिटिज को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है और कई नाम लगातार सुनने को मिल रहे हैं।