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हादसे ने ली दो लोगों की जान 

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रामनगर से धुमाकोट आ रही कार काशीपुर-बुआखाल हाईवे पर अदालीखाल में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। ज‌िसमें दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में गोंडा के जनता इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या और कार चालक की मौत हो गई, जबकि प्रधानाचार्या का बेटा घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद काशीपुर रेफर कर दिया गया।

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पुलिस के मुताबिक शुक्रवार को यूपी के गोंडा से रामनगर होते हुए हल्दूखाल आ रही एक टाटा इंडिगो कार अदालीखाल के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में कार सवार महिला कलावती शर्मा (55) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि गंभीर रूप से घायल कार चालक महेश कुमार (25) निवासी गोंडा ने पीएचसी धुमाकोट में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया और प्रधानाचार्या के बेटे प्रज्ञान शर्मा (16) को धुमाकोट अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद काशीपुर हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।

काशीपुर-बुआखाल हाईवे पर अदालीखाल लोनिवि गेस्टहाउस के पास जैसे ही कार पहुंची, वह अनियंत्रित होकर बंगले वाली सड़क पर गिर गई। स्थानीय लोगों ने किसी तरह कार के शीशे तोड़कर कार सवारों को बाहर निकाला।

 

उत्तराखंड: सात जिलों में भारी बारिश की संभावना

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मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई है। देहरादून समेत सात जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। साथ ही, पहाड़ में आवाजाही सीमित करने की सलाह दी है।

मौसम विज्ञान केन्द्र देहरादून की ओर से जारी चेतावनी के अनुसार आज और कल पूरे प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है। खासकर देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, चम्पावत, नैनीताल, पिथौरागढ़ और उधमसिंह नगर में इस दौरान भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
विभाग के अनुसार लगातार बारिश से पहाड़ में भूस्खलन की घटनाएं हो सकती है, इसके चलते सड़क बंद होने से लोगों को आवाजाही में दिक्कतें आ सकती हैं। लिहाजा प्रशासन और लोगों को सावधान रहना होगा। 

31 मार्च 2019 तक डीएलएड नहीं तो शिक्षक हो जाएंगे ‘बेरोजगार’

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प्रदेश के तमाम सरकारी, गैर सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में प्रारंभिक कक्षाओं में पढ़ाने के लिए शिक्षकों को डीएलएड की डिग्री लेनी होगी। 31 मार्च 2019 के बाद डीएलएड न होने पर वे शिक्षण कार्य नहीं कर सकेंगे। मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय ने सभी राज्यों के शिक्षा विभाग को इसे लेकर सर्कुलर जारी कर दिया है। राज्य के शिक्षा विभाग ने भी सभी स्कूलों से अप्रशिक्षित यानि गैर डीएलएड डिग्री धारी शिक्षकों की सूची मांगी है। साथ ही विभाग ने ऐसे शिक्षकों को अवसर प्रदान करते हुए प्रारंभिक शिक्षा में शिक्षण के लिए डीएलडी की अनिवार्यता करते हुए 31 मार्च 2019 तक संबंधित कोर्स करने की हिदायत भी दी है।

प्रारंभिक शिक्षा में शिक्षण के लिए पहले ही डीएलएड कोर्स को अनिवार्य किया जा चुका है। लेकिन अभी तक भी राज्य बोर्ड, सीबीएसई और सीआईएससीई कोर्ड से जुड़े सरकारी, गैर सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में काफी तादात में ऐसे शिक्षक हैं जो अप्रशिक्षित हैं। दरअसल, शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के तहत कक्षा 1 से 8 में शिक्षण के लिए ऐसे शिक्षक जिन्होंने प्रारंभिक शिक्षा में शिक्षण कार्य हेतु वांछित प्रशिक्षण योग्यता डीएलएड (पूर्व में बीटीसी) प्राप्त नहीं की है। नियमानुसार वे अप्रिशिक्षित है। एमएचआरडी ने ऐसे शिक्षकों को एक और अवसर प्रदान करते हुए डीएलडी कोर्स करने का मौका दिया है। ऐसे शिक्षकों को 31 मार्च 2019 तक कोर्स पूरा होगा। ऐसा न होने पर संबंधित शिक्षक पढ़ाने योग्य नहीं रहेंगे। उन्हें स्कूल से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। हालांकि मंत्रालय ने ऐसे शिक्षकों को एनआईओएस के ओपन व डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम के माध्यम से यह कोर्स करने की छूट दी है। शिक्षकों को एनआईओएस के कोर्स में 15 सितंबर 2017 तक आवेदन करना होगा। ऐसा न करने पर अप्रशिक्षित शिक्षकों को लेकर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
शुक्रवार को शिक्षा विभाग द्वारा इसे लेकर सभी स्कूलों को निर्देश जारी करते हुए ऐसे शिक्षकों की सूची उपलब्ध कराए जाने की बात कही है। स्कूलों को यह सूची संबंधित प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारी को सॉफ्ट व हार्ड कॉपी के रूप में जमा करानी होगी। स्कूलों को 18 अगस्त तक यह सूची अनिवार्य रूप से देनी होगी। जिसके संबंधित शिक्षा अधिकारी द्वारा यह सूची प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को भेजनी होगी। निदेशक प्रारंभिक शिक्षा आरके कुंवर ने बताया कि अप्रशिक्षित शिक्षकों को 31 मार्च 2019 तक वांछित प्रशिक्षण योग्यता प्राप्त करने की अनुमति प्रदान की गई है।
उन्होेंने बताया कि यदि 31 मार्च 2019 तक प्रारंभिक शिक्षा में कार्यरत अप्रशिक्षित शिक्षक निर्धारित प्रशिक्षण योग्यता प्राप्त नहीं करते हैं तो प्रारंभिक शिक्षा में शिक्षण कार्य के लिए वे अयोग्या हो जाएंगे उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इसे लेकर सभी संबंधित अधिकारियों व बोर्ड से जुड़े स्कूलों को निर्देश दे दिए गए हैं। निर्धारित तिथि के बाद यदि ऐसे शिक्षकों को निजी, सरकार या गैर सरकारी स्कूलों में तैनाती दी जाती है तो संबंधित प्रबंधन, प्रधानाध्यापक व प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

नीती घाटी में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में पहली बार कोई मंत्री होगा शामिल

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भारत-चीन सीमा लगी नीती घाटी के गांवों द्वारा सामूहिक रूप से गमशाली में मनाए जाने वाले स्वतंत्रता दिवस पर इस बार पहली बार कोई मंत्री शामिल होगा और यह सौभाग्य उत्तराखंड राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत को मिलेगा। इस महत्वपूर्ण आयोजन में बद्रीनाथ के विधायक महेंद्र भट्ट भी शिरकत करेंगे।

भारत सीमा की नीती घाटी में स्वतंत्रता दिवस का आयोजन भव्य और धार्मिक उत्सव की तरह किया जाता है। 15 अगस्त 1947 को जब दिल्ली में लाल किलेे की प्राचीर पर तिरंगा फहराया गया। उसी दिन सीमांत गांव के लोगों ने भी सामूहिक रूप से तिरंगा फहराया था। गमशाली के पूर्व प्रधान खीम सिंह खाती बताते है कि गांव के बुजुर्गों कोे देश के स्वतंत्र होने की खबर रेडियों से मिली थी। तब सेे लोग उत्सव की तरह स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं।
अपने-अपने गांव से बैनर और तिरंगा लेकर गांव के लोग दंफूधार में स्वतंत्रता दिवस मनाते है। घर-घर में पकवान बनाए जाते हैं और सामूहिक रूप सेे यहां पर एक स्थान पर ध्वजारोेहण करते हैं। चीन सीमा से लगे इस घाटी के लोगों की राष्ट्र भक्ति का सम्मान करने के लिए राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धनसिंह रावत 15 अगस्त को गमशाली में इस आयोजन में शिरकत करेंगे। जानकारी देते हुए बद्रीनाथ के विधायक महेंद्र भट्ट ने कहा कि वे भी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे।

महाराष्ट्र से हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए ऋषिकेश पहुँचे 1000 सिख श्रद्धालु

उत्तराखंड में लगातार मौसम करवट बदलता जा रहा है, मेट डीपार्टमेन्ट लगातार भारी बारिश की चेतावनी दे रहा है, ऐसे में सिख श्रद्धालुओं की आस्था मौसम पर भी भारी पड़ती दिख रही है। हेमकुंड साहिब के दरबार में हाजिरी लगाने वाले सिख श्रद्धालुओं में बारिश और भूस्खलन का कोई डर नहीं है। महाराष्ट्र से लगभग एक हजार सिख श्रद्धालु स्पेशल ट्रेन में एक साथ हेमकुंड यात्रा के लिए देवभूमि पहुंचे है।

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पिछले कई दिनों से उत्तराखंड के पहाड़ी और और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से गंगा के साथ साथ बाकि सभी सहायक नदियों का जल स्तर भी बढ़ने लगा है। इसके साथ ही पहाड़ों की यह बारिश यहाँ पर चलने वाली यात्रियों पर भी भारी पड़ी है,लेकिन मौसम के डर को दरकिनारे कर हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए अभी भी सिख श्रद्धालुओं का आना लगातार जारी है। कुछ ऐसा ही देखने को मिला जब महाराष्ट्र से एक हजार सिख श्रद्धालुओं का जत्था ऋषिकेश पहुँचा। आपको बता दे की ये श्रद्धालु महाराष्ट्र से स्पेशल ट्रेन से आये है जो अब ऋषिकेश से साहिब के दर्शन के लिए निकल रहे है। इन सिख श्रद्धालुओं में यात्रा के प्रति काफी उत्साह देखा जा रहा है। इसके साथ ही पाकिस्तान से आये 41 सिख श्रद्धालुओं को भी हेमकुंड साहिब के दर्शन की अनुमिति मिल गयी है,जो की २ दिनों से ऋषिकेश में अपनी हेमकुंड जाने की परमिशन का इन्तजार कर रहे थे। वहीँ सिख श्रदालुओं का कहना है की उत्तराखंड में आकर उन्हें बहुत अच्छा लगा और वो गुरु साहेब के दर्शन करेंगे और वो देश की शांति के लिए अरदास करेंगे। हर साल मानसून के चलते उत्तराखंड में चलने वाली यात्राएं प्रभावित होती है, लेकिन आस्था की ये अटूट डोर श्रद्धालुओं को देवभूमि आने से रोक नहीं पाती।

जापानी,कोरियन शिष्ट मण्डल को उत्तराखण्ड में निवेश को किया आमंत्रित

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 पूर्व सीएम व हरिद्वार सांसद डाॅ. निशंक ने जापानी और कोरियन शिष्ट मण्डल को अध्यात्म, धर्म और योग की राजधानी उत्तराखंड में सभी को आमंत्रित करते हुए उत्तराखंड में निवेश करने का आमंत्रण दिया।
कोरिया और जापान से आए हुए शिष्टमण्डल ने आज डाॅ. निशंक के दिल्ली आवास पर उनसे भेंट कर कोरिया इंडिया एसोसियेशन के महासचिव सियोगं मिन ली ने निशंक को कोरिया आमंत्रित किया।
डाॅ. निशंक ने कोरिया-भारत एसोसियेशन द्वारा उन्हें धन्यवाद भी दिया। कोरियन शिष्ट मण्डल की ओर से श्री ली ने बदलते परिदृश्य में भारत-कोरिया के बीच प्रगाढ़ व्यापारिक संबंधों पर जोर दिया। मियाजावा बिजनेस एसोसियेशन की सुरूषि मियाजावा ने डाॅ. निशंक का धन्यवाद करते हुए जापान-भारत के बीच व्यापारिक संबंध बढ़ाने पर बल दिया।
यंग डाॅग विश्वविद्यालय, मोकपो विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों ने डाॅ. निशंक से मुलाकात की। नागानो जापान से मियाजावा बिजनेस एसोसियेशन इमेज इंडिया संस्थान और अंतरराष्ट्रीय बिजनेस काउंसिल ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केन्द्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री डाॅ. महेश शर्मा ने डा. निशंक के प्रकृति संरक्षण, संवर्द्धन के प्रयासों की प्रशंसा की। सुरूषि मियाजावा ने डाॅ. निशंक की स्पर्श गंगा मुहिम को आगे बढ़ाने पर बल दिया।

हरिद्वार मामलाः अभी और खिचेंगी तलवारें

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कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और मेयर के समर्थकों के बीच हुए संघर्ष के बाद भले ही कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक सुलहनामे की कोशिश कर रहे हों, पर जिस प्रकार से विवाद तूल पकड़ता जा रहा है उसको देखते हुए अभी इसके और गहरे होने की संभावना है। बतादें कि जिस जलभराव को लेकर दोनों गुटों के समर्थकों के बीच संघर्ष हुआ वह कोई नया मामला नहीं है। वर्षों से यह समस्या मध्य हरिद्वारवासियों के लिए किसी नासूर से कम नहीं है।

इसको लेकर पूर्व में भी विवाद हो चुके हैं। जब कांग्रेस की सरकार सत्ता में थी तो यहां जलभराव को लेकर भाजपाईयों ने अपनी राजनीति चमकाई। अब जबकि भाजपा की प्रदेश में सरकार है तब भी लोगों का जलभराव के कारण बुरा हाल है। सत्ता किसी की दल की रही हो जलभराव की समस्या से लोगों को कोई भी निजात नहीं दिला सका। अब स्थित यह है कि मेयर के करीबी मदन कौशिक इस समय प्रदेश की सत्ता में जहां शहरी विकास मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर हैं वहीं सतपाल महाराज पर मंत्री के साथ जनपद हरिद्वार का प्रभार भी है। ऐसे में दोनों नेताओं की जिम्मदारी जनता को समस्या से निजात दिलाने की बराबर की है। मगर हर कोई अपनी राजनीति रोटियां सेकने और वोट बैंक के चक्कर में लगा हुआ है। हालांकि दोनों मंत्रियों के बीच केवल एक दीवार का अंतर है। दीवार के इस ओर सतपाल महाराज तो दूसरी तरफ मदन कौशिक का आवास है।
पड़ोसी होने के बाद भी दोनों में छत्तीस का आंकड़ा है। और यह बात गुरुवार को हुए संघर्ष से और साफ हो गई। ऐसा भी नहीं की प्रेमनगर आश्रम को लेकर पहली मर्तबा विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई हो। पूर्व में भी जलभराव के समय ऐसी ही समस्या उत्पन्न हो चुकी है। वहीं भाजपा इस प्रकरण के बाद खुलकर दो खेमों में नजर आने लगी है। भाजपा के चार विधयक व जिलाध्यक्ष जहां खुलकर महाराज के समर्थन में हैं तो वहीं दूसरा खेमा मदन कौशिक का समर्थन कर रहा है।
वहीं सबसे आश्चर्यजनक तो यह कि कांग्रेसी नेता सतपाल ब्रह्मचारी का मेयर के समर्थन में आना भी कोई बड़ी वजह की ओर इशारा कर रहा है। अब यह तो समय ही बताएगा की दोनों गुटों के बीच उपजा विवाद कहां जाकर समाप्त होता है। बहराल जो स्थिति बनी हुई है उसको देखते हुए सुलह का कोई मार्ग नजर नहीं आ रहा है। 

कोरोनेशन का रेडियोलॉजी विभाग ठप, न अल्ट्रासाउंड न एक्स-रे की सुविधा

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शहर के प्रमुख अस्पतालों में शुमार कोरोनेशन का रेडियोलॉजी विभाग ठप पड़ा है। अस्पताल में मरीजों को न अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिल रही है और न उनके एक्स-रे ही हो पा रहे हैं। उन्हें बाहर निजी सेंटर पर जांच करानी पड़ रही है। कुछ दून अस्पताल की दौड़ लगा रहे हैं जिससे दून अस्पताल पर भी दबाव बढ़ गया है।

दून के बाद कोरोनेशन शहर का दूसरा बड़ा सरकारी अस्पताल है, लेकिन यह अस्पताल सरकारी उपेक्षा का शिकार है। अस्पताल की ओपीडी रोजाना करीब 300-350 के बीच रहती है।
वर्तमान समय में अस्पताल में अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे बंद हैं। कारण यह कि अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट ही नहीं हैं। ऐसे में डॉक्टर द्वारा जांच लिखे जाने पर मरीज को निजी सेंटर का रुख करना पड़ता है। जहां उन्हें इसके कई गुणा दाम चुकाने पड़ते हैं। सरकारी अस्पतालों में बीपीएल व एमएसबीवाई कार्डधारकों के लिए निःशुल्क जांच की व्यवस्था है। बाहर जांच कराना उन्हें काफी महंगा पड़ रहा है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए प्रतिदिन करीब 50-60 से मरीज पहुंचते हैं। इसके अलावा 30-35 एक्स-रे रोजाना होते हैं। रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण जांच नहीं हो पा रही। सीएमएस डॉ. एलसी पुनेठा के अनुसार अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट न होने से मरीजों को बहुत ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था के लिए विभाग को लिखा गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द मरीजों को इस समस्या से राहत मिलेगी। 

गहने चोरी कर बेचने वालों को दून पुलिस ने पकड़ा

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संजीव घिल्डियाल निवासी भागीरथीपुरम राजपुर ने थाना हाजा पर आकर तहरीर दी कि अज्ञात चोरों द्वारा दिन के समय जब वह घर पर नही थे ग्रील उखाड़कर गहने आदि चोरी कर लिये हैं। तहरीर के आधार पर थाना हाजा पर मु0अ0सं0 19/17 धारा 380/454 भादवि बनाम अज्ञात पंजीकृत किया गया, 21 जुलाई को किशवर शेख निवासी धोरण खास थाना राजपुर ने भी थाना हाजा पर आकर तहरीर दी कि अज्ञात चोरों द्वारा दिन के समय जब वह अपने होटल पर काम करने मसूरी गई थी तब अज्ञात चोरों द्वारा खिड़की तोड़कर गहने आदि चोरी कर लिये हैं। वादिनी की तहरीर के आधार पर थाना हाजा पर मु0अ0सं0 88/17 धारा 380 भादवि बनाम अज्ञात पंजीकृत किया गया। उपरोक्त घटनाओं की गम्भीरता को देखते हुयेवरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय के आदेशानुसार पुलिस अधीक्षक नगर महोदय, ASP सदर महोदय व क्षेत्राधिकारी मसूरी महोदय के निर्देशन में थाना प्रभारी राजपुर व SOG प्रभारी के नेतृत्व में उपरोक्त घटनाओं के अनावरण हेतु टीमों का गठन किया गया । टीम द्वारा अज्ञात अभि0 गणो की तलाश उनके दिन के समय अपराध करने के तरीके व संदिग्धों की विडियो फुटेज के आधार पर की गई।

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इस पर शुक्रवार को मुखबिर की सूचना के आधार पर राजपुर पुलिस व SOG टीम द्वारा थाना कैन्ट क्षेत्र में राजा ज्वैलर्स के पास से दो अभियुक्त गण व ज्वेलर्स को चोरी के गहने बेचते व खरीदते गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों से उपरोक्त पुलिस टीमों द्वारा कड़ाई से पूछताछ की गई तो उन्होने बताया कि वह दिन के समय कबाड़ बिनने का काम करते हैं व बन्द घरों को चिन्हित करके मौका पाकर उनमें ग्रील या खिड़कियां तोड़ के चोरी करते हैं, और चोरी के गहने गोविन्द गढ़ थाना कैन्ट स्थित राजा ज्वैलर्स के मालिक राजा साह को बेचते हैं। अभियुक्त गणों ने पूछताछ कर बताया कि उनके दो साथी बजरंगी व ननटून भी उनके साथ मिलकर बन्द घरों में चोरी करते हैं वह अभी धोकाधड़ी खास थाना राजपुर में चोरी के बाद से बिहार भाग गये हैं। अभि0 गणो ने पूछताछ पर बताया कि माह मई 2017 में खुड़बुड़ा मौहल्ले में श्री दृगपाल सिंह पुत्र बिशन सिंह के घर पर दिन में हुई चोरी को करना भी स्वीकार किया है।

अभियुक्त मोनू ने पूछने पर बताया कि उसने और बंजरगीं व ननटून ने मिलकर वर्ष 2016 में हिंमाचल प्रदेश के शिमला में बन्द घर से 21 लाख रुपये चोरी किये थे जिसमें मोनू उपरोक्त जेल जा चुका है और बंजरगीं व ननटून अभी तक फरार हैं। अभियुक्त लक्ष्मण साहनी उर्फ पकोड़ी ने पूछताछ पर बताया कि वह वर्ष 2014 में थाना कैन्ट से तार चोरी में व वर्ष 2015 में डोईवाला से बन्द घर की चोरी में जेल जा चुका है। थाना राजपुर पुलिस द्वारा अभियुक्त गणों के अन्य पूर्व आपराधिक इतिहास व अन्य घटनाओं में संलिप्ता की जांच की जा रही है। अभियुक्त गणो को माननीय न्यायालय पेश किया जा रहा है।

जनवरी में शुरू होगी दीपिका-इरफान की नई फिल्म

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अगले साल की शुरुआत में 15 जनवरी से दीपिका पादुकोण की नई फिल्म की शूटिंग शुरू होने जा रही है। इस फिल्म का निर्देशन विशाल भारद्वाज कर रहे हैं। ये पहला मौका है, जब विशाल भारद्वाज और दीपिका पादुकोण किसी फिल्म के लिए एक साथ काम करने जा रहे हैं। विशाल के बारे में कहा जा रहा है कि इन दिनों वे इस फिल्म का संगीत तैयार करने में व्यस्त हैं।

फिल्म में दीपिका के हीरो का मामला भी साफ हो गया है। शुजीत सरकार की पीकू के बाद इस फिल्म में एक बार फिर दीपिका पादुकोण के साथ इरफान की जोड़ी परदे पर काम करेगी। इरफान इससे पहले विशाल भारद्वाज की फिल्म मकबूल, सात खून माफ और हैदर फिल्मों में काम कर चुके हैं। ये फिल्म मुंबई के क्राइम रिपोर्टर रहे एस हुसैन जैदी द्वारा लिखे गए उपन्यास माफिया क्वींस आफ मुंबई की एक कहानी पर आधारित है, जो सपना दीदी नाम से चर्चित एक महिला गैंगस्टर पर थी।

गैंगस्टर द्वारा सपना के पति की हत्या के बाद सपना इस अपराधिक दुनिया का हिस्सा बनती है और देखते ही देखते खौफ का नाम बनती चली जाती है। फिल्म में दीपिका इस सपना दीदी के खौफनाक रोल को निभाने वाली हैं, जबकि इरफान उसकी जिंदगी में एक ऐसे शख्स का किरदार निभा रहे हैं, जो हर कदम पर सपना की मदद करता है। ये फिल्म 2018 के आखिरी में रिलीज होगी। अगले साल ही दीपिका की पद्मावती भी रिलीज होने की संभावना है, जिसमें रणबीर सिंह और पहली बार उनके साथ काम कर रहे शाहिद कपूर हैं। संजय लीला भंसाली की ये फिल्म इस साल विवादों में रही है, जिसके चलते दीवाली पर रिलीज का फिल्म का प्लान बदलना पड़ा है।