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फिल्म बरेली की बर्फी के सूत्रधार होंगे जावेद अख्तर

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आयुष्मान खुराना, कीर्ति सेनन और राजकुमार राव की प्रमुख भूमिकाओं वाली फिल्म ‘बरेली की बर्फी’ में गीतकार जावेद अख्तर बतौर सूत्रधार जुड़े हैं। जावेद अख्तर की आवाज के साथ फिल्म के शुरू में इस फिल्म के प्रमुख किरदारों का परिचय होगा। फिल्म का निर्देशन करने वाली अश्विनी अय्यर तिवारी ने इसे अपनी खुशकिस्मती कहा है कि जावेद अख्तर ने सूत्रधार बनने की गुजारिश को मान लिया। उनका कहना है कि जावेद साहब की मौजूदगी ने उनकी फिल्म को चार चांद लगा दिए हैं। 1

8 अगस्त को रिलीज होने जा रही ये फिल्म यूपी के एक छोटे से शहर पर आधारित त्रिकोणीय प्रेमकथा है। जावेद अख्तर का कहना है कि ये फिल्म उनको बासु भट्टाचार्य और ह्रषिकेश मुखर्जी के दौर की याद दिलाती है, जबकि सादगी के साथ प्रेमकहानियां बनती थीं। जावेद अख्तर इससे पहले कई फिल्मों में कैमरे के सामने झलक दिखा चुके हैं, लेकिन पहली बार बतौर सूत्रधार जुड़े हैं।

मधुबन मंदिर मे जन्माष्टमी उस्त्सव शुरू

ऋषीकेश में इस्कॉन के मधुबन मंदिर मे कृष्ण जन्माष्टमी बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है जन्माष्टमी  के अवसर बड़ी संख्या मे देशी – विदेशी लोग ऋषीकेश पहुचने लगे है मंदिरों मे कृष्णजन्मउत्सव  की  धूम चल रही है।

radha krishna

मधुबन आश्रम कृष्ण जन्म उत्सव के रंग मे रंगना शुरू हो गया है, मंदिर को सजाया जा रहा है और जन्म उत्सव के लिए विशेष पूजा अर्चना की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है इस्कान परम्परा का  ये मंदिर भक्तो की पहली पसंद है जहा देश विदेश से बड़ी संख्या मे लोग शिरकत करने आते है मधुबन  आश्रम मे कृष्ण जन्मोत्सव के लिए आस पास छेत्र के स्कूली बचो को क्रष्ण जन्म से जुडी हुयी कई कार्यकर्मो मे हिस्सा  लेने के लिए आमत्रित किया जाता है साथ ही इस उत्सव के लिए काफी संख्या  मे श्रद्धालु यहाँ भगवान् के देशं के लिए आते है और के कार्यकर्मो का आनंद उठाते है आश्रम मे भजम कृतन के साथ मनोहर झाकिया भी पर्दर्शित होती है।

आश्रम में कृष्ण जन्मुसव के लिए विशेष इंतजाम किये जाते है। सुन्दर झाकिया और यहाँ का दिव्य वातावरण श्रधालुओ के मन मे एक विशेष आनंद की अनुभूति करा देता है, यहाँ के भजनों की हरे रामा हरे कृष्णा की धुन सभी भक्तो को आनंद से झुमने के लिए मजबूर कर देती है श्रद्धालु यहाँ आकर अभिभूत हो जाते है।

 

झील के संरक्षण को आंदोलन की चेतावनी

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भीमताल- नौकुचियाताल में मत्स्य निदेशालय के द्वारा मत्स्य शिकारमाही ठेके की निविदा प्रकाशित किये जाने से क्षेत्र में असंतोष की लहर है। लोगों ने मामले को निरस्त करने के लिये मुद्दे को हर मंच में उठाने का निर्णय लिया है। क्षेत्र से ज्येष्ठ ब्लाक प्रमुख अनिल चनौतिया ने कहा कि मछली पकड़ने की होड़ को लेकर पहाड़ की शांत वादियां प्रभावित होंगी। उन्होंने कहा कि निविदा को जारी करने से पूर्व विभाग ने न तो स्थानीय कारोबारियों से और न ही निवासियों से राय ली। झील के किनारे स्थित मंदिर का महत्व हरिद्वार के समान है। जिसके किनारे हर वर्ष सैकड़ों की संख्या में यज्ञोपवीत संस्कार भी किये जाते हैं। वही कमल ताल के कमलों की तुलना मानसरोवर में खिले कमलों से होती है, ऐसे में बड़े पैमाने पर मछली मारने का विरोध किया जायेगा। मामले को लेकर स्थानीय कारोबारियों ने बैठक कर अपना विरोध जताया।

विभाग के मुताबिक राज्य स्तर पर गठित पंजीकृत मत्स्य जीवी सहकारी समिति,महिला मंगलदल, नव युवक मंगल दल एवं ऐसे मत्स्य पालक जो विगत दस वर्षो से मत्स्य पालन का कार्य कर रहे हो से निविदा मांगी गई है। निविदा के तहत झील में संबधित ठेकेदार मछली के बीज तो डालेगा ही साथ ही साथ झील से मछली पकड़ने का अधिकार भी उसका ही होगा। निदेशालय के द्वारा इस निविदा को जारी की गयी है। योजना के तहत निदेशक पदेन अध्यक्ष, उप निदेशक योजन पदेन सचिव, मुख्य विकास अधिकारी नैनीताल या उनका कोई प्रतिनिधि और सचिव झील विकास प्राधिकरण को भी जिम्मेदारी निदेशालय के द्वारा दी गई है।
जबकि लोगों का कहना है कि धार्मिक महत्व की झील में इस प्रकार का आखेट का हर स्तर पर विरोध किया जायेगा। क्षेत्र का कोई भी वर्ग इस कार्य के लिये तैयार नहीं है। पर्यटन के साथ साथ झील का परिस्थितिकी तंत्र बिगड़ जायेगा। दो साल पूर्व ऐरियेशन प्रारंभ किया गया था तब भी हजारों की संख्या में मछलियां मरी थी।

कर्मचारियों ने डीएम के नेतृत्व में चलाया सफाई अभियान

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स्वतंत्रता दिवस की पूर्व बेला पर चमोली जिले के मुख्यालय के सभी कार्यालयों में जिलाधिकारी आशीष जोशी के नेतृत्व में वृहद साफ-सफाई अभियान चलाया गया। जिसमें क्लेक्ट्रेट परिसर, विकास भवन स्थित सभी कार्यालय परिसरों के आस-पास जिला स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा साफ-सफाई की गई।

जिलाधिकारी ने आबकारी एवं आपदा कंट्रोल रूम कार्यालय के निकट झाड़ियों की साफ सफाई कराने के बाद खाली स्थानों पर फूल एवं फलदार पौधे लगाने के निर्देश जिला उद्यान अधिकारी को दिए, तथा जिला आपदा कार्यालय के निकट सड़क किनारे साइन बोर्ड लगाकर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश नगर पालिका को दिए।

इसके बाद जिलाधिकारी ने विकास भवन एवं लोनिवि कार्यालय परिसरों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा की गई साफ-सफाई का भी जायजा लिया तथा नियमित रूप से साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी आनंद सिंह, डीपीआरओ बीएस दुग्ताल, सीवीओ डॉ.लोकेश कुमार आदि जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

राज्यपाल ने दी प्रदेश वासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं

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स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ कृष्ण कांत पॉल ने प्रदेश वासियों के नाम संदेश दिया। उन्होंने राज्य को सुविधा संपन्न बनाने और राज्य को बेहतर दिशा देने में युवाओं को ज्यादा से ज्यादा भगीदारी करने का आह्वान किया।

डॉ पॉल ने कहा कि क्रांतिकारियों का बलिदान था, जिससे 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र भारत का उदय हुआ। प. जवाहर लाल नेहरू ने देश को एक दिशा दी और विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी। सरदार पटेल ने हमें एकता के सूत्र में पिरोया और बाबा साहब अम्बेडकर ने महान और आदर्श संविधान दिया। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के योगदान और बलिदान की ही देन है कि आज देश एकजुट होकर विकास की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश ने कृषि, उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी, संचार, अंतरिक्ष विज्ञान, सैन्य शक्ति सहित विभिन्न क्षेत्रों में ऊंचा मुकाम हासिल किया है। हमारी अर्थव्यवस्था सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। जहां हमने कई उपलब्धियां हासिल की हैं, वहीं बहुत सी चुनौतियां भी हैं। विकास का लाभ गरीबों, वंचितों, किसानों तक पहुंचाना है। सच्चे मायनों में विकास के लिए शहर-गांव, उद्योग-खेती के बीच के गैप को दूर करना होगा। इस दिशा में सरकार द्वारा अनेक महत्वपूर्ण पहल की गई है लेकिन हमारा लक्ष्य पहाड़ के गांवों को आर्थिक दृष्टि से उन्नत बनाना अब भी दूर है और इसके लिए प्रयास करने की जरूरत है।

राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के माध्यम से हर आयु, वर्ग, क्षेत्र के लोगों के दिलों में राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का दृढ़ निश्चय पैदा किया है। छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देकर राष्ट्र निर्माण में बड़ा योगदान किया जा सकता है। नए भारत के निर्माण के लिए मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया व डिजिटल इंडिया के माध्यम से जन-अभियान प्रारम्भ किया गया है। इस नए प्रगतिशील भारत में उत्तराखंड को अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभानी है। राज्य में हमारे सामने बड़ी चुनौती, दुर्गम व दूर-दराज के इलाकों में बुनियादी सुविधाओं का विकास करना है। शिक्षा, स्वास्थ्य व पर्वतीय कृषि पर विशेष ध्यान देना होगा। राज्य सरकार गंभीरता से इस दिशा में काम कर रही है।

शिक्षा की अहमियत बताते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा एक शक्तिशाली अस्त्र है, जिससे सामाजिक व आर्थिक परिवर्तन लाए जा सकते हैं। क्वांटिटी एजुकेशन की बजाय क्वालिटी एजुकेशन पर बल देना होगा। हमारी शिक्षा व्यवस्था ऐसी हो जो छात्रों को प्रेक्टीकल नॉलेज दे और उनमें स्किल डवलपमेंट करे। काॅलेज व विश्वविद्यालय, आधुनिक मांग के अनुसार रोजगारपरक कोर्स संचालित करें। हमें उत्तराखंड को शिक्षा का सबसे उत्तम केंद्र बनाने की ओर प्रयास करने होंगे।

युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी देश व समाज की शक्ति वहां के यूथ में निहीत होती है। राष्ट्र निर्माण में आप सभी का सक्रिय सहयोग जरूरी है। प्रदेश के युवा बहुत प्रतिभावान हैं। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन, डिजिटल इंडिया, स्किल डेवलेपमेंट, स्टार्ट अप व मेक इन इंडिया कार्यक्रमों से जुड़कर देश के विकास में अपनेसामर्थ्य व अपनी प्रतिभा का उपयोग करने का आह्वान किया।

राज्यपाल डॉ पॉल ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों से अगर पलायन को रोकना है तो सबसे पहले चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता करना होगा। नीतिगत निर्णय लेते हुए हाल ही में मैदानी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में डाॅक्टर पर्वतीय क्षेत्रों में नियुक्त किए गए हैं। आर्मी के रिटायर्ड डाॅक्टरों की सेवाएं लिए जाने पर भी सहमति बनी है। टेली-रेडियोलाॅजी भी शुरू की जा रही है। जो निश्चित रूप से पहाड़ में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती प्रदान करेगा। ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कृषि और बागवानी को आजीविका से जोड़ने की बात कही। ग्रामीण युवाओं व महिलाओं के कौशल विकास की ओर अधिक प्रयास करने की भी जरूरत बताई। पहाड़ी क्षेत्रों पर बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने बेहतर क्वालिटी की सड़कों का निर्माण व उनका समुचित रखरखाव की जरूरत बताई। ओवर लोडिंग, ओवर स्पीड, नशे में ड्राइविंग, अनफिट वाहनों पर रोक लगाने के लिए विभागों को गंभीर होने की बात कही।

राज्यपाल ने कहा कि यह खुशी की बात है कि प्रदेश का ग्रामीण क्षेत्र पूरी तरह से ओडीएफ किया जा चुका है। अब शहरी क्षेत्रों की स्वच्छता पर ध्यान देना है। हाल ही में स्वच्छता सर्वे में राज्य के शहरी क्षेत्रों को संतोषजनक रैंकिंग नहीं मिली है। राज्य सरकार ने एक वर्ष में देहरादून, हल्द्वानी आदि शहरों की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार लाने का लक्ष्य रखा है। हम सभी को सभ्य नागरिक की जिम्मेदारी को समझते हुए इसमें भागीदारी निभानी होगी। देहरादून का चयन स्मार्ट सिटी के लिए भी किया गया है। इसलिए देहरादून वासियों का दायित्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने सरहदों पर सीमा की सुरक्षा कर रहे वीर सैनिकों के बलिदान को याद रखते हुए आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा लेने की अपील की।

पांच साल बाद हम आजादी की 75 वीं वर्षगांठ मनाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2019 तक पूर्ण साक्षरता, वर्ष 2022 तक सबको आवास व किसानों की आय दुगुनी करने का लक्ष्य रखा है। हम सभी मिल-जुलकर ईमानदारी से कोशिश करें तो आजादी के 75 वर्ष बाद का भारत, ऐसा भारत होगा जहां सभी की बुनियादी जरूरतें पूरी होंगी, सभी को आगे बढ़ने के तमाम अवसर और साधन उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों की बात करने से पहले देश, राज्य व समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें और उनका पालन करें। हम एक ऐसे नव भारत का निर्माण करें, जिसमें सभी को आगे बढ़ने के समान अवसर हों। साधन सम्पन्न व साधन हीन नागरिकों के बीच का अंतर कम हो। हमारी यही कोशिशें आजादी के नायकों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

स्वतंत्रता दिवस पर राजभवन में प्रातः आठ बजे होगा ध्वजारोहण
आजादी की 70वीं वर्षगांठ के अवसर पर राज्यपाल डॉ कृष्ण कांत पॉल प्रातः आठ बजे राजभवन के प्रांगण में ध्वजारोहण करेंगे। इस अवसर पर राज्य की जनता के नाम राज्यपाल का संदेश दूरदर्शन पर 15 अगस्त को प्रातः 8.30 बजे व आकाशवाणी द्वारा 15 अगस्त को शाम 6.00 बजे प्रसारित किया जायेगा।

रोशनी में नहाये राजभवन को देख सकेंगे दूनवासी
स्वतंत्रता दिवस की 70वीं वर्षगांठ के अवसर पर राजभवन रोशनी से जगमग होगा। राज्यपाल डॉ कृष्ण कांत पॉल के निर्देशानुसार, रोशनी से जगमगाते राजभवन के दर्शन के इच्छुक, जनसामान्य व स्कूलों के बच्चे राजभवन में प्रवेश पा सकेंगे। 15 अगस्त को शाम सात से आठ बजे तक राजभवन में रोशनी की जगमगाहट का आनंद लिया जा सकता है।

भूस्खलन क्षेत्रों का जायजा लेने पहुंचे सीएम रावत व वित्तमंत्री प्रकाश पंत

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बीते रविवार को देर रात सीमान्त जनपद पिथौरागढ में हो रही वर्षा के बाद धारचूला के ग्राम ढूगातोली में हुई भारी वारिश के बाद हुये भूस्खलन से हुई तबाही का जायजा लेने प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिह रावत तथा वित्तमंत्री प्रकाश पंत सोमवार की दोपहर प्रभावी क्षेत्रो का जायजा लेने रवाना हुये। मुख्यमंत्री रावत कुछ समय के लिए हल्द्वानी स्थित आर्मी हेलीेपेड पर रूके। अल्प विश्राम के बाद उन्होने वित्तमंत्री के साथ पिथौरागढ के प्रभावित क्षेत्रों का मुआयना करने के लिए रूख किया।
हल्द्वानी अल्प विश्राम के दौरान मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि मौसम की चेतावनी के चलते आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्यो के लिए सरकार पूरी तरह से सजग है। मौसम की चेतावनी के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन भी अलर्ट रहता है। इसके चलते बीती रात धारचूला के ग्राम ढूगातोली मंे हुई तबाही में राहत एवं बचाव कार्यो के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ ही एसडीआरफ के जवान मुस्तैदी से कार्य कर रहे है। श्री रावत ने कहा कि सीमान्त जनपद का धारचूला एवं मुनस्यारी इलाका आपदा के मामले मे काफी संवदेनशील है इन क्षेत्रों मे आपदाओं के नियंत्रण एवं भूस्खलन जैसी समस्याओं के स्थायी निराकरण के लिए सचिव आपदा प्रबंधन को कारणों का पता लगाये जाने तथा स्थायी समाधान के लिए कार्य योजना बनाये जाने के निर्देश दिये गये है। भारत सरकार के सहयोग से इन क्षेत्रों में स्थायी समाधान किये जाने की दिशा में प्रदेश सरकार कार्य करेगी।
वित्तमंत्री पंत ने कहा कि विगत देर रात आपदा की जानकारी सरकार को मिल गई थी। स्थानीय  प्रशासन एवं एसडीआरएफ के जवानों द्वारा तत्काल राहत कार्य प्रारम्भ कर दिये गये है। घायलो एवं प्रभावित लोगो को सुरक्षित स्थानों पर पहुचाये जाने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। श्री पंत ने बताया कि मालपा से गाल तक का मार्ग काफी क्षतिग्रस्त हुआ है। लमाडी-चूडी मार्ग मे भी काफी दिक्कत है। इन मार्गो को तत्काल खोले जाने के लिए कार्यवाही किये जाने के आदेश दिये गये है। इसके साथ ही व्यासघाटी में पूजा अर्चना करने वाले दर्शनार्थी व अन्य लोगों के भी फंसे होने की जानकारी मिल रही है। इन सभी को सुरक्षित निकाले जाने के लिए हैली सेवाओं की मदद ली जा रही है।

क्या कुछ हो सकता है सीएम रावत के पहले 15 अगस्त संबोधन में

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सुनने में अजीब लेकिन सच है कि मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के भाषण की तैयारी में व्यस्त है। जैसा कि हमें मालूम है कि, रावत के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहला मौका होगा जब सीएम रावत तिरंगा फहराऐंगे जिसके लिए सीएमओ आॅफिस उनके भाषण को अंतिम रुप देने में व्यस्त है।

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री रावत अपने भाषण में कोई भी नई घोषणा नहीं करेंगे, लेकिन वह राज्य के लोगों के सामने आने वाले दिनों में राज्य को प्रगतिशील रास्ते पर लाने के लिए क्या काम किया गया उसका रोड मैप जरुर पेश करेंगे। चूंकि राज्य सरकार ने पहले ही एक घोषणा की थी कि 5 करोड़ रुपये तक की लागत वाले कार्यों के लिए अनुबंध केवल उत्तराखंड के निवासियों को दिया जाएगा, मुख्यमंत्री इस संबंध में कुछ निर्देश दे सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने पहले ही घोषणा की है कि राज्य सरकार ने किसानों को दो लाख नकद सहायता देने के लिए एक प्रावधान तैयार किया है ताकि वे अपने कृषि उत्पाद के मूल्य में वृद्धि कर सकें। सूत्रों ने बताया कि यह कार्यक्रम सितंबर तक पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर लॉन्च किया जाएगा।यही वजह है कि,राज्य के मुख्यमंत्री होने के कारण उन्होंने हाल ही में नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मुख्यालय का दौरा किया। हाल में दिल्ली के दौरे पर वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन, ऑल वेदर रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे कई परियोजनाएं को 2018 तक शुरु करने के लिए सीएम रावत आतुर हैं ताकि मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल के दौरान इन योजनाओं की जांच कर सकें और  ऐसी परियोजनाओं के निष्पादन पर जोर दे सके। सीएम  रावत ने पहले ही महाराष्ट्र में उद्योगपतियों के सामने प्रस्तुति दी है और उन बिजनेसमैन ने राज्य में निवेश करने की अपनी इच्छा व्यक्त की है। इसी बीच, राजनीतिक दलों को मुख्यमंत्री से कुछ बड़ी घोषणाओं की उम्मीद होगी क्योंकि यह उनका पहला स्वतंत्रता दिवस होगा जब वह राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में तिरंगा फहराएंगे।

वहीं एक अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सरकारी अधिकारियों को स्पष्ट रूप से बताया है कि वे अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में कोई लोकलुभावन घोषणा नहीं करना चाहते हैं,इसलिए उन्होंने कहा कि उन कार्यों का लेखा-जोखा दिया जाए जो जमीनी स्तर पर हो चुके है या जिनपर काम शुरु किया जा चुका हैं।

इन सब अटकलों के साथ सीएम रावत अपने भाषण में क्या बोलेंगे यह तो कल ही पता चलेगा फिलहाल स्वतंत्रा दिवस की तैयारियों में पूरा राज्य व्यस्त है।

1877 में अस्तित्व में आए लैंसडाउन का प्रतिबिंब है ‘कालौडांडा: ए मिस्ट्री इन द फाॅग’

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साहित्यिक व सामाजिक सरोकारों के लिए प्रतिबद्ध संगठन पदचिन्ह परिवार के तत्वाधान में कर्नल राम सिंह बिष्ट की पुस्तक ‘कालौडांडा: ए मिस्ट्री इन द फाग’ का भव्य लोकार्पण गढ़ी कैंट स्थित डीएसओआई क्लब में हुआ।
लोकार्पण समारोह के मुख्य अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय सचिव व उत्तराखंड के पूर्व अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत मुख्य ने कहा कि लैंसडाउन अपनी नैसर्गिक सुंदरता और मौसम की विविधता के रहते हमेशा देश का मुख्य पर्यटन स्थल बना रहेगा। ब्रिटिश काल में स्थापित यह नगर आज भी शिक्षा का केंद्र बना हुआ है और गढ़वाल की तमाम लोकप्रिय प्रतिभाओं का लैंसडाउन से गहरा रिश्ता रहा हैै। लैंसडौन के आसपास ताड़केश्वर धाम, रिखणीखाल, कालेश्वर, भैरवगढ़ी आदि हमेशा लोकप्रिय व कालजयी स्थल बने रहेंगे। भले ही आज मसूरी जैसे नगर अतिक्रमण के चलते अपना वैभव खोने लगे हैं।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि, उत्तरांचल प्रेस क्लब के अध्यक्ष नवीन थलेड़ी ने सैन्य अधिकारियों का आह्वान किया कि वे अपने विशिष्ट अनुभव और सफलताओं का लोकहित में पुस्तक के रूप में योगदान करते रहें। समाज और युवाओं की प्रेरणा के लिए आर्मी अधिकारी अपनी सफलतायें अवश्य शेयर करें।
स्व. ब्रिगेडियर बलवंत सिंह बिष्ट की धर्मपत्नी सुशीला बिष्ट ने कर्नल राम सिंह बिष्ट की बहुमुखी प्रतिभा का परिचय कराया। संदीप एम खनवलकर ने कालोडांडा: ए मिस्ट्री इन द फाग का प्रभावी रिव्यू श्रोताओं के सामने प्रस्तुत किया। पदचिन्ह परिवार के संयोजक भूपत सिंह बिष्ट ने बताया कि 1877 में अस्तित्व में आए लैंसडौन (कालौडांडा ) ब्रिटिश गढ़वाल का अनुपम व श्रेष्ठतम नगर रहा है। इस नगर को जिस नजरिए से कर्नल राम सिंह बिष्ट ने देखा, समझा और परखा, उसी को उन्होंने एक रूपक के अंदाज में पुस्तक रूप में पेश किया है। उन्होंने कहा कि गढ़वाल राइफल रैजिमेंटल सेंटर के रूप में विख्यात इस नगर से कई मिथक जुड़े हैं और उस के अनेक अनछुए पहलुओं को बिष्ट ने इस पुस्तक में स्थान दिया है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक अध्येयताओं के लिए उपयोगी सिद्ध होगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता रमेश पंत ने और संचालन विजय नेगी ने किया। पुस्तक का प्रकाशन विनसर पब्लिशिंग हाउस ने किया है। इस मोके पर जिला पंचायत सदस्य पौड़ी केशर सिंह नेगी, रतन असवाल आदि मौजूद रहे।

फूलों की घाटी का दीदार करने पहुंचे ब्रिटेन के उच्चायुक्त

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british high commissioner visits valley of flowers

ब्रिटेन के उच्च आयुक्त डोमिनिक एजी एसक्वैथ अपनी पत्नी लुसी एलिजाबेथ के साथ रविवार को जोशीमठ पहुंचे। वे मंगलवार को विश्व प्रसिद्घ फूलों की घाटी की सैर करेंगे। बताया जा रहा है कि पंद्रह किलोमीटर तक पैदल चलकर वे फूलों की घाटी में पहुंचेंगे। सोमवार को वे रात्रि प्रवास के लिए घाटी के मुख्य पड़ाव घांघरिया पहुंचेंगे।

रविवार को ब्रिटेन के उच्चायुक्त रात्रि प्रवास के लिए जोशीमठ पहुंच गये है। उनके भ्रमण कार्यक्रम को देखते हुए जोशीमठ में पुलिस प्रशासन की ओर से कड़े सुरक्षा इंतजाम किये गये हैं। जोशीमठ में वे एक निजी होटल में ठहरे हुए हैं। उन्होंने जोशीमठ में प्रकृति के नजारों का लुत्फ भी उठाया। साथ ही जोशीमठ के धार्मिक और पर्यटन के बारे में जानकारी भी हासिल की।

सोमवार को वे सुबह छह बजे फूलों की घाटी के लिए प्रस्थान करेंगे। गोविंदघाट से पुलना तक तीन किलोमीटर वाहन से और यहां से घांघरिया तक दस किलोमटर के ट्रेक पर पैदल ही सफर करेंगे। जोशीमठ थाने के एसआई आशीष रवियान ने बताया कि कार्यक्रम के मुताबिक ब्रिटेन के उच्चायुक्त मंगलवार को फूलों की घाटी का दीदार करेंगे। वे पैदल ही घाटी तक पहुंचेंगे।

खाद्य सुरक्षा योजना के राशन कार्डों पर बैठी जांच

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केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी खाद्य सुरक्षा योजना एक बार फिर सवालों के घेरे में आ खड़ी हुई है। राशन डीलर एसोसिएशन की मांग के बाद जिला आपूर्ति विभाग ने जिले में बने खाद्य सुरक्षा योजना के राशन कार्डों पर जांच बैठा दी है। विभाग ने जांच के लिए दो-दो पूर्ति निरीक्षकों की टीम का गठन किया है, जो अपने से अलग क्षेत्र के राशन कार्डों की जांच करेंगे। जांच करने से पहले विभाग ने उन लोगों से अपने राशन कार्ड सरेंडर करने की अपील की है, जिनके परिवार की मासिक आय 15 हजार रुपये से अधिक है।

दो दिन पहले उत्तराखंड सरकारी गल्ला विक्रेता परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने जिला पूर्ति अधिकारी विपिन कुमार से मुलाकात की थी। इस दौरान परिषद ने आरोप लगाया था कि जिले के कई राशन डीलरों के पास खाद्य सुरक्षा योजना के फर्जी राशन कार्ड हैं, जिन्हें डीलरों ने पूर्ति निरीक्षकों से सांठगांठ कर बनवाए हैं। परिषद के आरोप के बाद आपूर्ति विभाग हरकत में आता नजर आ रहा है। जिला पूर्ति अधिकारी विपिन कुमार का कहना है कि ऐसा हो सकता है कि कुछ अपात्रों के राशन कार्ड बने हों, इसके लिए विभाग सबसे पहले ऐसे लोगों खुद कार्ड सरेंडर करने की अपील करेगा। यदि इसके बाद भी जो अपात्र लोग कार्ड सरेंडर नहीं करेंगे, विभाग जांच कर उनके कार्ड निरस्त करेगा।

ग्रामीण क्षेत्रों की भी जांच
शहर के अलावा आपूर्ति विभाग ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी खाद्य सुरक्षा योजना के राशन कार्डों की जांच बैठा दी है। हालांकि, पहले शहरी क्षेत्र की जांच पूरी की जाएगी, इसके बाद टीम ग्रामीण क्षेत्र में जुटेगी।

डीलरों में होगा समान कार्ड वितरण
राशन वितरकों की अन्य मांग सभी डीलरों को एक समान कार्ड वितरण की मांग पर भी पूर्ति विभाग विचार कर रहा है। डीएसओ ने बताया कि डीलरों की मांग जायज है। इसके लिए भी योजना तैयार की जा रही है।

एक महीने में जमा करें बैंक खाता
राज्य सरकार के राशन की सब्सिडी बैंक खाते में भेजने के निर्देश के बाद आपूर्ति विभाग ने कसरत शुरू कर दी है। विभाग ने डीलरों की मदद से उपभोक्ताओं के बैंक खाते एकत्रित करना शुरू कर दिया है। विभाग ने एक महीने में बैंक खाते राशन कार्ड से जोडऩे का लक्ष्य रखा है।