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आयोजित हुई फिल्म ‘डार्क ब्रियू’ की स्क्रीनिंग

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बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता विनय पाठक जिनकों उनके जबरदस्त अभिनय के लिए जाना जाता है। वो दिल्ली में अपनी फिल्म ‘डार्क ब्रियू’ (Dark Brew) की वीआईपी स्क्रीनिंग के लिए मौजूद थे। फिल्म का प्रीमियर पीवीआर साकेत में हुआ। विनय के साथ फिल्म की को स्टार शीतल ठाकुर और शिबानी बेदी भी प्रीमियर के लिए उपस्थित रही।

स्क्रीनिंग में विनय ने मीडिया के साथ बातचीत भी की और फिल्म को लेकर काफि उत्साहित दिखे। उन्होंने फिल्म डार्क ब्रियू के दौरान अपने अनुभव को साझा किया। विनय के अनुसार, यह फिल्म टाटा स्काई और यूट्यूब पर भी प्रदर्शित की जाएगी। आकाश गोइला द्वारा निर्देशित और वेयरवोल्फ फिल्म्स द्वारा निर्मित, डार्क ब्रियू एक गंभीर फिल्म है लेकिन इसकी शैली हास्य है। फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे विनय पाठक की दुविधा के इर्द-गिर्द फिल्म की कहानी घूमती है। जो एक सपने से शुरू होती है।

नायक (विनय पाठक) ने अपने सपने में कल्पना की कि उनकी पत्नी ने उसे दूसरी महिला के साथ उसे पकड़ लिया है। सपने में, वह यह भी देखता है कि उनकी पत्नी ने उसे मारने की भी योजना बनाई है। और जब वह जागता है, तो वह जानता है कि वह अभी भी जीवित है। सपने का असर इतना प्रभावशाली है कि वह दृढ़ता से विश्वास करना शुरू कर देता है कि उसकी पत्नी वास्तव में उसे मार डालेगी।

इसी चुटीली परिपाटी पर घूमती फिल्म ‘डार्क ब्रियू’ कहां तक दर्शकों को अपनी तरफ खींचेगी ये तो फिल्म के आने के बाद ही समझ में आयेगा। 

नांदेड़ से 800 यात्रियों का जत्था हेमकुण्ड साहिब के लिए रवाना

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देव भूमि उत्तराखंड के पांचवें धाम हेमकुंड साहिब की यात्रा पर जाने के लिए महाराष्ट्र के नांदेड़ जत्थे का गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब ऋषिकेश पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया।

उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष व गुरुद्वारा के उपाध्यक्ष नरेन्द्र जीत सिंह बिन्द्रा की अगुवाई में नांदेड़ से पहुंचे 800 यात्रियों के जत्थे का यहां भव्य स्वागत किया गया। जहां गुरमति संगीत बाल विद्यालय के छात्रों द्बारा गुरुवाणी व शबद कीर्तन भी किया गया।

इस अवसर पर नरेन्द्र जीत सिंह बिन्द्रा ने कहा कि, “इस जत्थे ने अन्य यात्रियों में भी उत्साह का संचार कर दिया है। महाराष्ट्र नांदेड़ से सिंह साहब झानी अवतार सिंह शीतल की अगुवाई में गुरु गोविंद सिंह महाराज के घोड़ों के वंश के घोड़े भी नांदेड़ से ही ऋषिकेश तक लाए गए हैं, जो कि कुछ समय बाद रुकने के उपरांत हेमकुण्ड साहिब के लिए रवाना हो गए।” 

जिम संचालको एवं जिम ट्रेनरों को एसएसपी की हिदायत

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पुलिस लाईन देहरादून में एसएसपी देहरादून द्वारा जनपद देहरादून के जिम संचालको एवं जिम ट्रेनरों के साथ गोष्ठी आयोजित की गयी। गोष्टि के दौरान एसएसपी ने सभी जिम ट्रेनरो को हिदायत दी की वे जिम में आने वाले बच्चो को किसी प्रकार के स्टेराँइड व इनेजेक्शन लेने की सलाह कदापि न दे तथा उन्हे बताये कि स्टेराँइड का प्रयोग शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है।

“इसके प्रयोग से आप कम समय में शरीर तो बदल सकते है पर इसके प्रभाव शरीर के लिए बहुत नुकसानदायक है,” यदि उनके जिम में आने वाले बच्चे किसी प्रकार की नशीली दवाईयों या इन्जेक्शनों का प्रयोग कर रहे है तो इसकी सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाने को दे। साथ ही बच्चो को नशे की प्रवर्ति से दूर रखते हुए उनको समझाये कि, “वे कम समय में अपने शरीर को नही बदल सकते, इसके लिए समय व मेहनत दोनों की आवश्यकता होती है।”

इसके अतिरिक्त गोष्टि में उपस्थित सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वह अपने-अपने थाना क्षेत्रों में स्थित जिमों का समय-समय पर निरीक्षण करे तथा निरीक्षण के दौरान यदि किसी जिम संचालक द्वारा अनावश्यक रूप से स्टेराँइड एवं इन्जेक्शनों का प्रयोग किया जाना प्रकाश में आये तो संबंधित जिम संचालक के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्यवाही अमल मे लायी जाए।

आरबीआई ने जारी किया एक रुपए का नोट

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new one rupee note issued

भारतीय रिजर्व बैंक ने एक रुपए का नया नोट जारी किया है। यह नोट उदयपुर शहर के मुद्रा संग्रहकर्ता महेश जैन के संग्रह में आया है। इस नोट की खासियत है कि इस नोट पर अंकित अंक उत्तरोत्तर बड़े हो रहे हैं।
लेकसिटी न्यूमेस्मेटिक एंड फिलाटेलिट सोसाइटी के सदस्य और संग्रहकर्ता महेश जैन ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने एक रुपए का नया नोट जारी किया है। इस पर वित्त मंत्रालय के सचिव शशिकांत दास के हस्ताक्षर हैं। नोट के पीछे के भाग पर वर्ष 2017 अंकित किया गया है। एक रुपए का नोट भारत सरकार ने वर्ष 1949 में छापना शुरू किया था। इसके बाद इसकी लागत उच्च होने के कारण वर्ष 1994 में छपाई रोक दी गई।

ब्रिटिश महिला का सामान चोरी

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परमार्थ निकेतन में पिछले दो वर्षो से ठहरी विदेशी महिला का बैग चोरी हो गया है, जिसकी तहरीर पीड़ित महिला ने पुलिस में दी है।

लक्ष्मण झूला पुलिस ने बताया कि एक ब्रिटिश नागरिक महिला पिछले दो वर्षो से परमार्थ निकेतन में ठहरी थी कि वह कुछ सामान लेने के लिए जब अपने कमरे से गई थी। जिसमें एक बैग में लैपटॉप, कैमरा तथा मोबाइल भी था, जब वह वापस लौटी तो बैग गायब मिला। लक्ष्मण झूला थाने के प्रभारी प्रदीप राणा के अनुसार पुलिस ने महिला की तहरीर पर जांच प्रारम्भ कर दी है।

बाड़ाहोती के बुग्याल में समय से पहले लौट रहे चरवाहे

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बाड़ाहोती में चीन के साथ तनाव की चर्चा के बीच इस सीमा क्षेत्र समेत अन्य सीमा बुग्यालों में अपनी भेड़ चराने गये भारतीय चरवाहे समय से पहले ही भेंड़ों को लेकर वापस लौटने लगे हैं। बताया जा रहा है कि चीनी सैनिकों द्वारा बाड़ाहोती में इन चरवाहों को धमकाने की घटना के बाद ये चरवाहे समय से पहले ही वापस लौट रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि चीनी सैनिकों द्वारा बाड़ाहोती में भारतीय चरवाहों को परेशान करने या धमकाने की कोई जानकारी नहीं है परंतु अन्य सीमा बुग्यालों से चरवाहे वापस लौट रहे हैं, यह आमतौर से होता ही है कि कुछ माह बाद चरवाहे बुग्यालों से नीचे आते है।

चीन सैनिकों द्वारा उत्तराखंड के बाड़ाहोती में आने की घटनाएं चर्चा में बनी, जिससे इस क्षेत्र में सजगता और चिंता है। 26 जुलाई को चीनी सैनिक बाड़ाहोती में भारतीय सीमा पर आये, इससे पूर्व दो चीनी हेलीकॉप्टर भी भारतीय सीमा पर पांच मिनट तक रहे और फिर वापस लौटे, जिससे बाड़ाहोती में चिंता और सजगता बढ़ी। भारत के चरवाहे बाड़ाहोती में परंपरागत रूप से जाते हैं। इसी अाधार पर भारत इसे अपना सधिकार क्षेत्र मानता है। ऐसा सदियों से होता आ रहा है पर चीन 1960 के बाद बाड़ाहोती में हस्तक्षेप करने की कोशिश करता आया है, नये तनाव के बीच भारतीय चरवाहे बाड़ाहोती से वापस लौटने लगेे हैं।

उधर, जोशीमठ के उपजिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने कहा कि, “ऐसी जानकारी मिली है कि ऊपरी बुग्यालों से चरवाहे वापस लौट रहे हैं। अलग-अलग गुटों में ये चरवाहे रहते हैं, बाड़ाहोती से ही चरवाहे वापस आ रहे हैं ऐसी जानकारी नहीं है। चीनी सैनिकों ने परेशान किया ऐसी भी कोई उन्हें सूचना नहीं मिली है पर रिखखिम, गोटिंग, लपथल, सुमना के बुग्यालों से चरवाहे वापस आ रहे है यह जानकारी है। ऐसा सामान्य रूप से होेता है क्योंकि इन बुग्यालों से चरवाहे इसी समय वापस लौटते हैं।” 

मूक बधिरों के लिए राष्ट्रीय गान से जुड़े अमिताभ बच्चन, यहां देखें वीडियो

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स्वाधीनता दिवस  के मौके पर मूकबधिर बच्चों के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए राष्ट्रगान से सदी के महानायक अमिताभ बच्चन भी जुड़े हैं। फिल्मकार गोविंद निहलानी द्वारा तैयार किए गए इसके वीडियो में मूकबधिर बच्चों के साथ अमिताभ बच्चन राष्ट्रगान गाते नजर आएंगे।

इस तीन मिनट के वीडियो में अमिताभ बच्चन और मूकबधिर बच्चों ने दिल्ली के एेतिहासिक लाल किले के बैकड्रॉप में नेशनल एंथम पर एक्ट किया है। हाल ही में दिल्ली में इस वीडियो को लॉन्च किया गया।

अमिताभ बच्चन का मानना है कि मूक बधिर बच्चों तक पंहुचने वाले राष्ट्रगान के इस विशेष प्रयास के साथ जुड़ना उनके लिए गौरव की बात है। अमिताभ बच्चन ने अपने करियर के शुरुआती दौर में सुनील दत्त द्वारा बनाई गई फिल्म ‘रेशमा और शेरा’ में गूंगे व्यक्ति की भूमिका निभाई थी

दून में स्वतंत्रता दिवस पर रेलवे ने बढ़ाई सुरक्षा

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देहरादून में स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी पर्व को लेकर रेलवे ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। स्टेशन पर आने-जाने वाले हर संदिग्ध यात्रियों पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों द्वारा विशेष चौकसी बरती जा रही है।

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अलर्ट को ध्यान में दखते हुए जीआरपी ने सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे स्टेशन पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली। रेलवे स्टेशन पर सुबह से यात्रियों की तलाशी का अभियान शुरू हो गया और इस दौरान संदिग्ध वस्तु को खुलवाकर मेटल डिटेक्टर से चेक करके देखा गया।

देहरादून रेलवे स्टेशन के अधीक्षक करतार सिंह ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते स्टेशन पर आने जाने वाले हर एक-एक यात्रियों पर नजर रखी जा रही है। साथ ही स्टेशन से गुजरने वाली प्रत्येक गाड़ियों में रेलवे पुलिस प्रवेश कर चेंकिग कर रही है। उन्होंने बताया कि रेलवे पुलिस के अलावा सेना के जवान भी स्टेशन पर सुरक्षा को लेकर तैनात।

रेलवे पुलस के इस्पेक्टर अनूप सिन्हा ने बताया कि, “त्योहार के मद्देनजर जीआरपी और आरपीएफ अलर्ट हैं। संदिग्ध की तलाशी और उनके सामानों को खुलवाकर चेक किया जा रहा है।” एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि, “स्वतंत्रता दिवस पर सुरक्षा के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि सोमवार को रेलवे स्टेशन व बस अड्डों पर बम निरोधक दस्ते से चेकिंग कर रहे हैं।” 

आखिर क्यों उतरा ये डीएम नाले में?

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DM gets down in the drain

लीग से हटकर काम करने के लिये प्रसिद्ध रुद्रप्रयाग के डीएम मंगेश धिल्डियाल ने एक और मिसाल पेश कर दी। शहर में उस समय अफरा तफरी मच गई जब अचानक बीच बाजार में डीएम नाले में उतरकर ये सफाई करने लगे। दरअसल स्वतंत्रता दिवस के पहले डीएम घिल्डियाल के नेतृत्व में रुद्रप्रयाग नगर के वार्ड 1 व 2 में सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान अपर बाजार के मध्य में गुजर रहे बरसाती नाली में उतरकर डीएम खुद सफाई करने में जुट गए। हाथ में फावड़ा लेकर वे गंदगी हटाने लगे।

डीएम को देख कर वहां मौजूद अन्य अधिकारियों ने भी सफाी की कमान संभाली। इनमे रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के डीएफओ और स्वजल के पर्यावरण विशेषज्ञ शामिल रहे। करीब एक घंटे से अधिक समय तक ये लोग नाले की सफाई करते रहे। इस दौरान उन्होंने उप जिलाधिकारी व स्वच्छता अधिकारी को नाले के ऊपर किए गए अतिक्रमण को हटाने और पांच दिन में दोबारा सफाई का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा।

डीएम ने जलसंस्थान को सभी पाइपों को भूमिगत करने के निर्देश भी दिए। केदारनाथ धाम में भी सेक्टर मजिस्ट्रेट पंकज नौटियाल के नेतृत्व में मंदिर परिसर से लेकर एमआई-26 हेलीपैड तक सफाई की गई। इस सफाई अभियान का भले ही ज्यादा असर न पड़े लेकिन डीएम मंगेश ने जिस तरह आगे आकर कमान संभाली उससे उन्होने जिले के अनय अधिकारियों के बीच एक मिसाल जरूर कायम की है।

पिथौरागढ़ आपदाः अभ भी साफ़ नही हुई तस्वीर, मरने वालों का बढ़ सकता है आँकड़ा

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देश के सीमांत जनपद पिथौरागढ में आबदा की तबाही थमने का नाम नहीं ले रही है। लगातार बारिश से जहां भूस्खलन हो रहा है वहीं दर्जनभर सडकों पर मलवा आ जाने से मार्ग भी पुरी तरह से बंद हो गये हैं। कहर बनकर टूट रही बारिश से जहां दर्जनों मकान अब तक क्षतिग्रस्त हो गये हैं।हांलाकि मौके पर मौैजूद लोगों के मुताबिक मृतकों की और लापता लोगों की संख्या इससे ज्यादा होने का अंदेशा है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में मवेशियों के भी मारे जाने की सूचना है। इलाके में मौजूद आर्मी और आम लोगों के वाहनों के भी मलबे में दब जाने की खबरें हैं।

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वहीं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत ने इलाके का हवाई दौैरा किया।हांलाकि खराब मौसम के कारण मुख्यमंत्री का हेलीकाॅप्टर पूरे इलाके का मुआयना नहीं ककर पाया। इसका साथ साथ जिलाधिकारी पिथौरागढ़ और अन्य अघिकारियों के राहत और बचाव के कामों में तेजी लाने के लिये भी कहा। तहसील धारचूला में कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग में मालपा में बादल फटने से बहा सेना का कैम्प,छह सैनिकों समेत कम से कम 25 लोग मारे गए दो जवान और एक जेसीओ को मलबे से सकुशल निकाल लिया गया है। मालपा नाला उफान में आने से तीन होटल बह गए। साथ ही दर्जनों लोग घायल हैं, घायलों में दो पुलिस के जवान भी शामिल हैं। अब छह लोगों के शव  बरामद कर लिए गए हैं, जबकि मलबे में दिखाई दे रहा एक शव निकाला नहीं जा सका।

बादल फटने की घटना रात्रि 2 बजकर 45 मिनट की है। धारचूला से 8 किमी दूर ऐलागाड से हाइवे बंद है। मांगती और सिमखोला में मोटर पुल क्षतिग्रस्त हो गए। गरबाधार में सेना सहित अन्य वाहन बहने की सूचना है, साथ ही खच्चर भी बह गए हैं। काली नदी का जलस्तर बढ़ गया है, इससे नदी किनारे अलर्ट जारी कर दिया है। धारचूला के मांगती मालपा क्षेत्र में बादल फटने से मची तबाही में मांगती नाले के पास सेना के तीन ट्रक मय सामान के बह गए हैं, चार अन्य वाहन भी गायब है। कुमाऊ बटालियन का एक जवान लापता है। सेना के एक जेसीओ का शव मिल चुका है और एक सिविलियन महिला का शव भी मिला है। एक सिविलियन वृद्धा भी लापता बताई जा रही है। अब तक छह लोगों के शव नाले से निकाले गए हैं। वही, एक शव मलबे में नजर आ रहा है। एक महिला काली नदी पार नेपाल में नजर आई, वह घायल बताई जा रही है। छंकंडे में 50 मीटर कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग बह गया है, यह क्षेत्र संचार विहीन है। इस कारण सूचनाएं भी प्रशासन को समय से नहीं मिल पा रही है।

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धारचूला तहसील से आगे पांगला से लेकर मालपा तक जगह-जगह भूस्खलन से भारी तबाही मची। यह मार्ग कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग है। तहसील मुख्यालय से एसडीएम के नेतृत्व में राजस्व दल और पुलिस मालपा को रवाना हो चुकी है। अब मालपा नाले के दूसरी तरफ फिर से लोग बसने लगे और कुछ होटल भी खुल गए। कैलाश मानसरोवर यात्रियों को दिन का भोजन यही पर कराया जाता है। भारत चीन व्यापार में जाने वाले और उच्च हिमालयी गावो के लोग धारचूला आने जाने के दौरान रात्रि विश्राम भी करते है। मालपा स्थान भारत नेपाल सीमा पर मालपा नाले के किनारे है। यहां से काली नदी मात्र 50 मीटर दूर पर बहती है।

1998 और 2006 में भी इस जगह पर आपदा आ चुकी है।आपदा में 3 होटल बह गए। मंगती में दो और सिमखोला में एक पुल क्षतिग्रस्त हुआ है और ऐलगाड़ में मुख्य मार्ग अवरुद्ध है। इसके अलावा दर्जनों की संख्या में लोग घायल बताये जा रहे हैं मौके पर आपदा प्रबंधन और पुलिस की टीमे मौजूद है। सेना भी मौके पर सहायता करने के लिए पहुची है शासन के आखिरी आदेश तक मानसरोवर यात्रा रोक दी गयी है।

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पिथौरागढ़ के धारचूला में भी देर शाम बादल फटने से ढुंगातोली गांव के कई घरों और खेतों में मलबा घुस गया। दहशतजदा 15 परिवारों ने गांव छोड़ दिया है। प्रशासन ने उन्हें सुरक्षित स्थान में शरण दी है। दूसरी ओर इसी जिले के मदकोट गांव में शनिवार रात बादल फटने से ध्वस्त हुए दो मकानों के मलबे से दो शव अभी तक नहीं निकाले जा सके। हादसे में तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि तीन घायल हो गए। वहीं, कोटद्वार में बरसाती नदी के उफान में दो पुलिया बहने से तीन गांव अलग-थलग पड़ गए हैं। कोटद्वार में एक सप्ताह में तीसरी बार बादल फटने से ग्रामीणों में घबराए हुए है।