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आईटी अफसर की भूमिका में नजर आएंगे अजय देवगन

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जेसिका लाल कांड पर ‘नो वन किल्ड जेसिका’ जैसे सामाजिक मुद्दे पर फिल्म बनाने वाले निर्देशक राजकुमार गुप्ता एक नई फिल्म शुरू करने जा रहे हैं। खबर के मुताबिक, अजय देवगन ने मुख्य भूमिका निभाने के लिए सहमति दे दी है। इस फिल्म में अजय के किरदार के लिए कहा जा रहा है कि वे इसमें तेजतर्रार इनकम टैक्स अधिकारी का रोल करेंगे और फिल्म की कहानी यूपी के बैकड्रॉप पर होगी।

अजय पहली बार राजकुमार गुप्ता के निर्देशन में काम करेंगे। इस फिल्म का टाइटल ‘रेड'(छापा) रखा गया है। कहा जाता है कि ये फिल्म एक सच्ची घटना पर आधारित है। इस फिल्म का निर्माण टी सीरीज और कुमार मंगत पाठक (अजय देवगन के बिजनेस मैनेजर) मिलकर करने वाले हैं। इसकी कहानी रितेश शाह ने लिखी है। फिल्म की शूटिंग अगले महीने सितम्बर में मुंबई में शुरू होगी और ये फिल्म अगले साल 20 अप्रैल 2018 को रिलीज की जाएगी।

टी सीरीज के साथ अजय की ये दूसरी फिल्म है। आगामी 1 सितम्बर को रिलीज होने जा रही अजय की फिल्म ‘बादशाहो’ का निर्माण टी सीरीज ने किया है। मिलन लुथरिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अजय के साथ इमरान हाश्मी, ईशा गुप्ता, इलियाना डिक्रूज, संजय मिश्रा और विद्युत जंवाल हैं। अजय इन दिनों हैदराबाद में रोहित शेट्टी की फिल्म ‘गोलमाल 4’ के अंतिम शेड्यूल को पूरा कर रहे हैं। ये फिल्म इस साल दीवाली पर रिलीज होगी।

चाॅपर से दयारा के मक्खन फेस्टिवल में पहुंचना हुआ और आसान

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उतत््राकंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये राज्य के त्योहारों और मेलों को लोगों से जोड़ने की पहल उत्तरकाशी के में देखने को मिली। पहली बार पर्यटन विभाग ने उत्तरकाशी जिले में आयोजित सालाना दयारा बुग्याल त्योहार में जाने के इच्छुक पर्यटकों के लिए हेलिकॉप्टर सेवा शुरू की है। इस मेले को बटर फेस्टिवल और क्षेत्रीय भाषा में अंधूरी उत्सव भी कहा जाता है जो 17 अगस्त को मनाया गया। इस त्यौहार के दौरान, बुग्याल में गांववाले एक दूसरे के साथ ‘मक्खन होली’ खेलते हैं। ये बुग्याल लगभग 3048 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां पहुंचने के लिए लोगों को ट्रेकिंग करना पड़ता हैं जो लगभग 5 किमी लंबा है। राठल और दयारा के बीच 5 किमी लंबी दूरी के लिए चाॅपर सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।

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राज्य पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने दयाारा बुग्याल में हेलिकॉप्टर सेवा का स्वागत किया और कहा कि दयारा बुग्याल के मक्खन का त्योहार उतना अनोखा और रोचक है जितना टमाटर का त्योहार ‘ला टोटेटिना’ जो अगस्त के महीने में स्पेन में आयोजित किया गया था। जिस तरह से स्पेन में मनाया जाने वाला टमाटार का त्यौहार पूरी दुनिया में मशहूर हैं उसी प्रकार दयारा का मक्खन फेस्टिवल भी दुनिया में प्रसिद्ध होने की संभावना रखता है। दयारा में, लोग दूध, दही और मक्खन के साथ एक दूसरे के साथ होली खेलते हैं और एक दूसकों को इन्हीं चीजों से सराबोर कर देते हैं।

उत्तरकाशी के जिला मजिस्ट्रेटी आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि,”हेलिकॉप्टर सेवा ने सुंदर दयारा बुग्याल को देखने के लिए अातुर लोगों के प्रोग्राम में चार चांद लगा दिया है।इसके अलावा दयारा बुग्याल में इस सेवा से सुविधाओं के प्रचार और प्रसार में एक और मील का पत्थर जोड़ा है।”

हेरिटेज एविएशन के मालिक व इस सेवा शुरु करने वाले रोहित माथुर ने कहा कि ”उड़ानों की उपलब्धता से 5 किलोमीटर का सफर पांच से सात मिनट में तय हो जाएगा।” राठल से दयारा केवल 2500 रूपए में जाकर और 1500 रूपए में लौट सकते हैं।यह उड़ानें सुबह 6 से शाम 6 तक चलेंगी। माथुर ने कहा कि उड़ानों की सुविधा तीन दिनों के लिए दी जाएगी, क्योंकि लोग आम तौर लोग पर एक दिन पहले आना शुरू करते हैं और एक दिन बाद ही वापस जाते हैं।

माथुर ने कहा कि ”कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक भी इस अलग तरह की होली को देखने के लिए दयारा बुग्याल पहुंचते हैं। “हम इस साल दस लाख लोगों की भीड़ की उम्मीद कर रहे हैं कि वह बटर फेस्टिवल में भाग लेने के लिए दयारा बगयाल तक पहुंचे।हमें खुशी है कि राज्य सरकार ने ट्रेक मार्ग के लिए हेलिकॉप्टर सेवाओं की हमारी मांग को स्वीकार कर लिया है क्योंकि मैदानी इलाकों से आने वाले अधिकांश लोग ट्रेक करने के आदि नहीं होते और एक तरफ से उन्हें दयारा तक पहुंचने में पांच घंटे से ज्यादा समय लगता है। “

 

सिंचाई विभाग के कार्यों की होगी जांच

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सिंचाई विभाग कोटद्वार के माध्यम से कराए गए समस्त कार्य संदेह के घेरे में हैं। इनकी जांच के लिए जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल सुशील कुमार ने निर्देश दिए। इन कार्यों की तकनीकी विशेषज्ञों की टीम से जांच कराई जाएगी।

जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) की बैठक में जिलाधिकारी ने कोटद्वार क्षेत्रांतर्गत सिंचाई विभाग के द्वारा बीते तीन सालों में किए गए निर्माण कार्यों की जांच के आदेश दिए। उन्होंने विभाग के निम्न स्तरीय डिजाइन और बिना सर्वे के निर्माण कार्य किए जाने की आशंका जताई। उन्होंने अधिशासी अभियंताओं के बैठक से नदारद होने व निर्माण निगम की कार्यों की सुस्त गति पर भी नाराजगी जताई।
जिलाधिकारी ने कहा कि कोटद्वार क्षेत्र में सिंचाई विभाग की ओर से बेतरतीब निर्माण कार्य किए गए हैं। उन्होंने सीडीओ को बाकायदा तकनीकी विशेषज्ञों की एक समिति गठित कर विभाग के निर्माण कार्यों की जांच के निर्देश दिए। डीएम ने निर्माण निगम, लोनिवि, ग्रामीण विकास विभाग, सिंचाई समेत सभी निर्माणदायी विभागों को नाबार्ड के तहत होने वाले निर्माण कार्यों को एक माह में पूरा करने के भी निर्देश दिए।
डीएम ने निर्माण निगम की ओर से किए जा रहे निर्माण कार्यों की सुस्त गति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कार्य पूर्ण नहीं होने पर विभागों को धनराशि नाबार्ड को सरेंडर करने, तकनीकी संस्थानों से परियोजनाओं के साइन बोर्ड चस्पा करने, जलापूर्ति विभाग को नाबार्ड से धनराशि प्राप्त कर अधिक से अधिक प्रोजेक्ट तैयार करने और पेयजल विभाग की ओर से शीघ्र ही पौड़ी और श्रीनगर में इलेक्ट्रिक मीटर लगाने के निर्देश दिए।
नाबार्ड के तहत वित्त पोषित परियोजनाओं की समीक्षा बैठक का संचालन करते हुए डीएम बिजेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि आरआईडीएफ के तहत स्वीकृत परियोजनाओं को सितंबर माह के अंत तक पूरा किया जाना है। उन्होंने विभागों से परियोजनाओं में चरणबद्ध तरीके से वांछित प्रगति लाने व निर्धारित समय पर परियोजना को पूरा करने को कहा।

वरुण धवन की ‘जुड़वां 2’ का पहला पोस्टर रिलीज

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निर्देशक डेविड धवन के जन्मदिन के मौके पर बुधवार को मुंबई में उनकी आने वाली फिल्म जुड़वां की सीक्वल ‘जुड़वां 2’ का पहला पोस्टर जारी किया गया। इस पोस्टर को बुधवार को सोशल मीडिया पर जारी किया गया।

डेविड आज (बुधवार को) अपना 65वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनके बेटे और इस फिल्म में डबल रोल कर रहे वरुण धवन ने आज सोशल मीडिया पर फिल्म की पहली झलक को जारी करते हुए इसे अपने पिता के जन्मदिन का तोहफा बताया। वरुण धवन ने अपने पोस्ट में लिखा कि ये 65वें जन्मदिन पर पिता की 43वीं फिल्म का तोहफा है। साथ ही आज इस फिल्म को लेकर ये भी घोषणा की गई है कि आगामी 21 अगस्त को फिल्म का ट्रेलर लॉन्च होने जा रहा है।

चर्चा है कि इस फिल्म का ट्रेलर मुंबई में एक समारोह में लॉन्च होगा और इसे सलमान खान लॉन्च करेंगे, जो इस फिल्म की पहली कड़ी में डबल रोल कर चुके हैं और सीक्वल में उनका डबल रोल की मेहमान भूमिका बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि ‘जुड़वां 2’ के ट्रेलर लॉन्च पर जुड़वा की पहली कड़ी की दोनों हीरोइनों करिश्मा कपूर और रंभा के साथ पूरी टीम को आमंत्रित किया गया है। इनमें सतीश शाह, शक्ति कपूर और अनुपम खेर भी शामिल हैं।

अनुपम खेर ‘जुड़वां 2’ में भी काम कर रहे हैं। ‘जुड़वां 2’ में वरुण धवन के साथ जैक्लीन फर्नांडिस और तापसी पन्नू की जोड़िया हैं और ये फिल्म आगामी 29 सितम्बर को रिलीज होगी। साजिद नडियाडवाला की कंपनी ने ही इस कॉमेडी फिल्म का निर्माण किया है। वरुण धवन इस साल आलिया भट्ट के साथ ‘बद्रीनाथ की दुल्हनियां’ की सफलता के बाद पर्दे पर लौट रहे हैं।

टाटा स्थापित करेगा कैंसर यूनिट

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प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर करने की दिशा में राज्य सरकार ने टाटा समूह के साथ करार किया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में कैंसर यूनिट की स्थापना की जा रही है, इसका संचालन टाटा ग्रूप द्वारा किया जाएगा। टाटा ग्रुप के शीर्ष अधिकारियों से इस संबंध में चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया है। टाटा ग्रुप ने दून मेडिकल कॉलेज में कैंसर यूनिट के संचालन को सहमति प्रदान कर दी है।

गौरतलब है कि राज्य में और खासतौर पर पहाड़ी इलाकों में स्वास्थ सेवाऐं खासी चरमराई हुई हैं। अाये दिन इलाज के आभाव में मरीजों की मौत की खबरें आती रहती हैं। सरकारी अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में भी डाॅक्टर नदारद रहते हैं। पहाड़ों पर डाॅक्टरों को चढ़ाना सरकार के लिये टेढ़ी खीर बना हुआ है। इस सब से निपटने के लिये अब रावत सरकार अन्य समाधानों की तलाश कर रही है। इनमें प्राइवेट कंपनियों से मदद लेने से लेकर फौज से रिटायर हुए डाॅक्टरों को सरकारी असिपतालों में नियुक्त करना शामिल है।

बहरहाल सरकार की इस तरह की पहल काबिले तारीफ है। लेकिन इससे ये सवाल भी सामने आता है कि सरकारी नौकरी कर रहे डाॅक्टरों के आगे क्या सरकार और उसके तंत्र ने घुटने टेक दिये हैं?

कपिल शर्मा से नाराज हुए नवजोत सिंह सिद्धू

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कामेडियन कपिल शर्मा की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सुनील ग्रोवर के साथ उनके विवाद के चलते उनके कामेडी शो पर काफी बुरा असर आया। अब सुनने में आ रहा है कि कपिल शर्मा के शो का अहम हिस्सा रहे नवजोत सिंह सिद्धू भी कपिल शर्मा से नाराज हो गए हैं।

नवजोत सिंह सिद्धू इसलिए कपिल शर्मा से नाराज बताए जा रहे हैं कि शो में एक एपीसोड के लिए मेहमान कलाकार के तौर पर उनकी जगह अर्चना पूरन सिंह को उनकी कुर्सी पर बैठा दिया गया। ये बात नवजोत सिंह सिद्धू को नागवार गुजरी। बताया जाता है कि तबीयत ठीक न होने की वजह से इस एपिसोड की शूटिंग नहीं कर पाए थे।

कपिल शर्मा की टीम की ओर से तर्क दिया जा रहा है कि शो में ये कुर्सी खाली नहीं रहती, इसलिए एक एपिसोड के लिए अर्चना पूरन सिंह को बुलाया गया। कामेडी सर्कस में अर्चना जज थीं और कपिल शर्मा शो का हिस्सा थे। कपिल शर्मा की टीम का ये भी कहना है कि अर्चना को शो में बुलाए जाने का फैसला सोनी चैनल के अधिकारियों के साथ बातचीत में हुआ।

उधर, सिद्धू का तर्क है कि जब कपिल शर्मा तबीयत ठीक न होने की वजह से शो की शूटिंग कैंसिल कर सकते हैं, तो उनका इंतजार क्यों नही किया गया। सिद्धू ने जब इस साल पंजाब की विधानसभा का चुनाव जीता था, तो राज्य सरकार में मंत्री बनने के बाद भी इस शो में काम जारी रखने की बात कही थी, जिसे लेकर काफी विवाद हुआ था।

कपिल शर्मा के संकट के दौरान सिद्धू ने हमेशा कपिल का साथ दिया। दूसरी ओर, कपिल शर्मा इसलिए खुश हैं कि तमाम चुनौतियों और विवादों के बाद भी सोनी चैनल ने उनके शो का करार एक साल के लिए बढ़ाने की घोषणा की है। 

विवादित फिल्म बंदूकबाज को मिली हरी झंडी

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विवादों में घिरी रही निर्देशक कुशान नंदी की फिल्म बाबू मोशाय बंदूकबाज की रिलीज का रास्ता साफ हो गया है। आगामी 25 अगस्त को रिलीज होने जा रही इस फिल्म को 8 कट्स के साथ एपीलेट ट्रिब्यूनल से हरी झंडी मिल गई है।

पहलाज निहलानी के चेयरमैनशिप में सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म को 48 कट्स दिए थे, जिसे लेकर काफी हंगामा हुआ था। साथ ही इस फिल्म की महिला निर्माता किरण श्राफ को लेकर बोर्ड के सदस्यों की अभद्र टिप्पणियों का विवाद भी काफी गूंजा था। कुशान नंदी और पहलाज निहलानी के बीच इस फिल्म को लेकर एक दूसरे के खिलाफ काफी आरोपबाजी भी हुई थी।

सेंसर बोर्ड द्वारा 48 कट्स के खिलाफ कुशान नंदी के समर्थन में फिल्म निर्देशकों की संस्था ने भी साथ दिया था और नंदी ने इसके खिलाफ एपीलेट ट्रिब्यूनल में अपील की थी, जिसका फैसला अब सामने आया है। इस फिल्म में कई हाट सीनों और संवादों को लेकर सेंसर की कैंची चली थी।

फिल्म की प्रमुख भूमिकाओं में नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ बंगाली अभिनेत्री बिदिता बाग हैं, जो पहली बार हिदी फिल्म में कदम रख रही हैं। बिदिता से पहले चित्रगांधा सिंह इस फिल्म की हीरोइन थीं, लेकिन हाट सीनों को लेकर हुए विवाद के बाद चित्रागंदा सिंह ने खुद को इस फिल्म से अलग कर लिया था।

एपीलेट ट्रिब्यूनल से मिली हरी झंडी के बाद फिल्म के निर्देशक कुशान नंदी ने राहत की सांस ली है और एपीलेट के प्रति आभार जताया है। ये भी कहा जा रहा है कि इस फिल्म के विवाद के चलते ही पहलाज निहलानी को कुर्सी गंवानी पड़ी।

पहलाज निहलानी ने कुशान नंदी पर आरोप लगाया था कि कुशान नंदी ने उनको अपनी राजनीतिक पंहुच की धमकी दी थी। इसी विवाद के चलते सेंसर बोर्ड के एक सदस्य ने पहलाज निहलानी को हटाने के लिए केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी को पत्र भी लिखा था।

पहले ही दिन अस्वस्थ हुए नए सेंसर बोर्ड चेयरमैन

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केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में नियुक्त हुए सेंसर बोर्ड के नए चेयरमैन प्रसून जोशी अस्वस्थ होने की वजह से पहले दिन बोर्ड के दफ्तर नहीं पहुंच सके। वे सर्दी और बुखार से पीड़ित बताए जा रहे हैं और उम्मीद की जा रही है कि वे इस शुक्रवार से अपना काम शुरू करेंगे।

पहले खबर थी कि सोमवार को ऑफिस आकर प्रसून जोशी बोर्ड के सदस्यों की नवगठित टीम के साथ पहली मीटिंग करेंगे, लेकिन इसे बाद में रद्द कर दिया गया। पहलाज निहलानी को गत शुक्रवार को केंद्र सरकार ने एक बड़े फैसले में उनके पद से हटाकर मशहूर गीतकार और एड फिल्मों के गुरु कहे जाने वाले प्रसून जोशी को इस पद पर नियुक्त किया था।

साथ ही सेंसर बोर्ड के सदस्यों की एक नई टीम भी गठित की गई है, जिसमें विद्या बालन का नाम प्रमुख है। वे पहली बार सेंसर बोर्ड के साथ सीधे तौर पर जुड़ी हैं। विद्या बालन के अलावा इस कमेटी में निर्देशक विवेक अग्निहोत्री, अभिनेत्री और अब भाजपा की नेता वाणी त्रिपाठी और कमल हासन की पूर्व पत्नी गौतमी सहित कई प्रमुख लोगों के नाम शामिल हैं।

पहलाज निहलानी ने पद से हटाए जाने के बाद फौरन अपना त्यागपत्र केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय को भेज दिया था। फिर भी नए चेयरमैन के पदभार न संभाल पाने की वजह से पहलाज ने ‘बरेली की बर्फी’ और ‘ए जेंटलमैन’ फिल्मों के लिए सेंसर सर्टिफिकेट जारी कर दिए। 

नथुवावाला में गजराज का आतंक, दीवार तोड़ी-फसलें रौंदी

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देहरादून के नथुवावाला में स्थानीय निवासी हाथियों के आतंक के चलते भयभीत हैं। 15 अगस्त मंगलवार की रात 12 बजे के बाद यहां गजराज ने ऐसा आतंक मचाया कि लोग रातभर सो नहीं सके। पूरी रात हाथियों ने फसलों को रौंदा और तीन घरों की चाहरदीवारी तोड़ दी। बुधवार की सुबह वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर मुआयना किया और लोगों को उचित हिदायत देकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर चलते बने।

घंटाघर से मात्र आठ किलोमीटर की दूरी पर स्थित रायपुर थाना क्षेत्र के नथुवावाला गांव में 15 अगस्त की रात तीन हाथी घुस आए। गांव वालों के अनुसार इनमें दो मादाएं व एक शिशु भी शामिल था। हाथियों ने रात 12 बजे घुसते ही फसलों को रौंदना शुरू कर दिया। साथ ही तीन घरों की दीवारों को भी तोड़ डाला। स्थानीय निवासी शोभा राम बेलवाल ने बताया कि मंगलवार की रात 12 बजे उनके घर की दीवार तोड़कर तीन हाथी उनके खेत में घुसे और जमकर उत्पात मचाया। फसलों को रौंदने के साथ ही आंगन में रखा कुछ सामान भी तोड़ डाला।

डर के साए में दुबके रहे लोग
हाथियों के आतंक के चलते काफी देर तक तो घर के लोग डरे सहमें दुबके रहे फिर हिम्मत जुटाकर उन्होंने पड़ोसियों की मदद से हाथियों को भगाया। गांव वालों का शोर सुनकर हाथी आबादी से तो चले गए लेकिन गांव से सटे खेतों में रातभर फसलें खाते रहे। बुधवार सुबह सूचना देने पर वन विभाग की टीम गांव पहुंची। टीम ने हाथियों द्वारा बरबाद की गई फसलों का आंकलन कर मुआवजे की बात तो कही लेकिन हाथियों को गांव में आने से रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया, इससे गांववासियों में खासी नाराजगी है। वन विभाग के अधिकारियों से जब संपर्क किया गया तो वह रात में गश्त किए जाने की बात कहते रहे।

एक्सक्लूसीव: सीबीएसई के पैमाने पर ‘देवभूमि’ फेल

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सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने राज्य सरकार द्वारा आवंटित की गई जमीन को मानकों पर फेल करार दे दिया है। दिल्ली से जमीन का निरीक्षण करने आई विशेष कमेटी ने जमीन को अयोग्य बताते हुए किसी अन्य स्थान पर जमीन आवंटित किए जाने की जरूरत बताई है। अब नए सिरे से सरकार से दूसरी जगह पर जमीन आवंटित कराने के प्रयास किए जाएंगे।

सीबीएसई ने देहरादून में साल 2013 में क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना की। उस समय कार्यालय को उत्तरप्रदेश के 22 जिलों के साथ उत्तराखंड के सभी 13 जिलों के स्कूलों का जिम्मा सौंपा गया। हालांकि बाद में यूपी के कुछ स्कूलों का रीजन बदलने से यहां 15 जिलों के स्कूलों को ही जोड़ा गया। स्थापना के समय से ही सीबीएसई अधिकारियों द्वारा राज्य सरकार से स्थाई भवन के लिए जमीन आवंटित करने की मांग की जा रही है।
खास बात यह कि सीबीएसई संबंधित जमीन की कीमत भी देने को तैयार है लेकिन इसके बाद भी मामला सालों तक लटका रहा। अब भारी मशक्कत के बाद साल की शुरुआत में जमीन चिन्हित कर आवंटन प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इसके तहत बोर्ड को क्षेत्रीय कार्यालय स्थापना के लिए सहस्त्रधारा रोड पर डेढ़ एकड़ भूमि प्रदान की गई।
भूमि आवंटन के बाद बोर्ड का रीजनल कार्यालय दून में बने रहने का रास्ता साफ हो गया था लेकिन अब दिल्ली मुख्यालय से जमीन का मुआयना करने आए विशेष दल ने जमीन को बेकार करार दिया है। बोर्ड अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक निरीक्षण दल ने सरकार द्वारा आवंटित जमीन को कार्यालय स्थापना क लिए मुफीद नहीं पाया है। जिसके चलते उन्होंने सरकार से किसी दूसरे स्थान पर जमीन आवंटित किए जाने की बात कही है।

राज्य के स्कूलों को हो सकता है नुकसान
बोर्ड के मापदंडों पर सरकार की जमीन खरी नहीं उतरने के कारण अब एक बार फिर बोर्ड अधिकारियों को जमीन के लिए नए सिरे से प्रयास करने होंगे। वहीं, उत्तरप्रदेश राज्य के मेरठ की ओर से पहले ही बोर्ड को जमीन आवंटित करने का प्रस्ताव दिया जा चुका है। ऐसे में यदि उत्तराखंड में बोर्ड को जल्द भूमि का आवंटन नहीं हुआ तो बोर्ड का रीजनल कार्यलय उत्तरप्रदेश में भी स्थानांतरित किए जाने की संभावनाएं प्रबल हैं।
मामले में बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि सीबीएसई देहरादून रीजन उत्तरप्रदेश के 15 जिलों सहित उत्तराखंड के सभी स्कूलों का जिम्मा संभालता है। प्रदेश में क्षेत्रीय कार्यालय होने का सीधा फायदा प्रदेश के स्कूलों और पहाड़ के बच्चों को है। अगर बोर्ड उत्तर प्रदेश में स्थानांतरित हो जाता है तो राज्य के बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी लेकिन इसके बाद भी सरकार न युवाओं के भविष्य की सोच रही है और न ही परेशानियों की।
सीबीएसई देहरादून के क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह का कहना है कि उत्तराखंड सरकार ने जो जमीन सीबीएसई क्षेत्रीय कार्यालय के लिए आवंटित की है, उसे बोर्ड की निरीक्षण कमेटी द्वारा अयोग्य करार दिया गया है। इस कारण अब वहां स्थाई भवन बनाना संभव नहीं होगा। हमारी ओर से राज्य सरकार से दोबारा कोई बेहतर जमीन प्रदान किए जाने का अनुरोध किया जाएगा। इसे लेकर शिक्षा मंत्री को भी जल्द सकारात्मक कदम उठाए जाने का अनुरोध किया गया है। बोर्ड को जो भी जमीन प्रदान की जाएगी, उसके लिए बोर्ड उस जमीन का पैसा देगा।