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फरवरी में ब्रिटेन में मनाई जाएगी बीटल्स के भारत आने की 50वीं सालगिरह

सन 60 और 70 के दशक में  पूरे विश्व को अपनी म्यूजिक की धुन से  दीवाना बना देने वाले इंटरनेशनल म्यूजिक बैंड ‘बीटल्स’ का ऋषिकेश से  खास नाता  रहा है। ऋषिकेश योग की राजधानी के रूप में पुरे विश्व में अपनी खास पहचान रखता है।  महर्षि महेश योगी ने भारतीय योग को विदेशियों से रूबरू करवाया।

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चौरासी कुटिया उस समय पुरे विश्व में हॉट प्लेस के रूप में दुनिया के सामने आयी जब 60  और 70 के दशक में मशहूर बैंड ‘बीटल्स’ ने ऋषिकेश का रुख किया, ये वो समय था जब पश्चिम को भारतीय योग और आध्यात्म के बारे में पता चला। विदेशी जानकार बताते है कि यही जो समय था जब ‘ईस्ट मीट वेस्ट’ का मिलन हुआ था और ‘बीटल्स’ कि देखा देखि में विदेशी बड़ी संख्या में  भारत का रुख करने लगे और यहाँ से भारतीय योग पूरी दुनिया में तेज़ी से फैलने लगा, विदेशियों में आज भी इस आश्रम को देखने का बड़ा क्रेज है। रूस से आये मिट्रीय ने बताया कि, “आज तक यहाँ का आध्यात्मिक वातावरण और  गंगा का प्राकर्तिक सौन्दर्य नयी ऊर्जा का संचार करती है।”

गौरतलब है कि महर्षि महेश योगी ने ऋषिकेश के गंगा तट पर 60 के दशक में एक प्राचीन और वैज्ञानिक पद्धति की मिसाल का एक शकराचार्य नगर बसाया, जिसमे गोल गुम्बदाकार 84 कुटिया का निर्माण किया जो आज भी अपनी अद्भुत कारीगरी का अनूठा मेल है। जिसके दीवाने इसकी एक झलक पाने के लिए आज भी सात समंदर पार से ऋषिकेश में स्थित चौरासी  कुटिया  का रुख करते है।

गौरतलब है इसे 30 साल बाद राजा जी टाईगर रिजर्व पार्क ने एक साल पहले विश्व भर के योग प्रेमियों के लिये महर्षि महेश योगी के आश्रम को खोल दिए और यहाँ देशी-विदेशी पर्यटको को घूमने की इजाजत तो दे दी लेकिन योग की इस धरती को योग से ही मरहूम कर दिया। एक बार फिर इस चौरासी कुटिया के हालात सुधरने वाले है विदेशियों की बढ़ती चाहत और बीटल्स आश्रम के दीवाने को देखते हुए पार्क प्रशासन जल्द ही यहाँ ठोस कदम उठाने जा रहा है। इस

आश्रम में दिलचस्पी रखने वाले राजू गुसाई ने बताया है कि, “द बीटल्स स्टोरी की चीफ मार्केटिंग मैनेजर डायना ग्लोवर और कस्टमर सर्विस मैनेजर, क्लेयर आयरलैंड ने यहाँ का दौरा कर आश्रम का जायजा लिया और फरवरी में ब्रिटेन में होने वाले कार्यकर्म बीटल्स इन ऋषिकेश की जानकारी साझा की।”

सुशांत के बाद नासा में अब माधवन की ट्रेनिंग शुरू

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संजय पूरन सिंह के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘चंदा मामा दूर के’ की शूटिंग अक्तूबर में शुरू होनी है। सुशांत सिंह राजपूत के बाद अब फिल्म के दूसरे अहम कलाकार आर. माधवन इन दिनों अमेरिका के अंतरिक्ष केंद्र नासा में ट्रेनिंग के लिए पंहुचे हैं। वहां माधवन एक सप्ताह तक अंतरिक्ष के लिए ट्रेनिंग ले रहे हैं।

सुशांत सिंह नासा में एक सप्ताह की ट्रेनिंग ले चुके हैं। आर.माधवन इसे अपने करियर के सबसे अनमोल पल मान रहे हैं। माधवन का कहना है ‘नासा जैसी जगह पंहुचने का मौका जिंदगी में बार बार नहीं मिलता और मैं यहां आकर बहुत उत्साहित महसूस कर रहा हूं।’

आमिर खान के साथ ‘थ्री इडियट्स’ और ‘रंग दे बसंती’ में काम कर चुके आर माधवन पहली बार संजय पूरन सिंह और सुशांत सिंह के साथ काम करने जा रहे हैं। हाल ही में माधवन को राकेश ओमप्रकाश मेहरा की नई फिल्म फन्ने खां में ऐश्वर्या राय के साथ हीरो के तौर पर कास्ट किया गया है।

संजय पूरन सिंह की फिल्म में सुशांत सिंह और आर माधवन के साथ नवाजुद्दीन की भी अहम भूमिका है। फिल्म में अभी सुशांत सिंह की हीरोइन को लेकर सस्पेंस बरकरार है। इस रोल के लिए अभी तक कीर्ति सेनन का नाम सबसे आगे चल रहा है, जिनकी नई फिल्म बरेली की बर्फी पिछले सप्ताह रिलीज हुई है। 

नैनीताल में खिलाड़ी ने की आत्महत्या

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नैनीताल के शतरंज के खिलाड़ी और व्यापारी विनोद जोशी ने गुरुवार मध्य रात्रि झील में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। विनोद अविवाहित थे और पारिवारिक व्यवसाय संभालते थे। गुरुवार देर रात मल्लीताल बड़ा बाजार निवासी होटल व्यवसायी और खिलाड़ी विनोद जोशी (35) ने झील में छलांग लगा दी। आसपास के लोगों ने इसकी जानकारी परिजनों को दी। परिजन मौके पर पहुंचे और विनोद को झील से निकाला, लेकिन तब तक वह दम तोड़ चुके थे। चर्चा है कि पारिवारिक विवाद के कारण विनोद ने आत्महत्या की है। हालांकि परिजनों ने इस मामले में किसी भी प्रकार के विवाद से इनकार किया है।


मृतक विनोद के भाई व राज्य आंदोलनकारी चंद्रशेखर जोशी उर्फ पप्पन ने बताया कि बैंड स्टैंड के पास से उन्होंने झील से भाई को निकाला और अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस का कहना है कि अभी तक आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। मृतक का कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। परिवार के लोगों से पूछताछ की जा रही है। हालांकि, परिजनों ने किसी प्रकार के पारिवारिक विवाद से इनकार किया है, लेकिन इस पहलू को लेकर भी जांच की जा रही है।

सुल्तान के नाम एक और कीर्तिमान

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यशराज में बनी सलमान खान और अनुष्का शर्मा की जोड़ी वाली फिल्म सुल्तान के नाम एक और नया कीर्तिमान स्थापित हो गया है। सोशल नेटवर्किंग साइट टिवटर ने हैशटैग होने वाली फिल्म में सुलतान के नाम की घोषणा की है। टिवटर इन दिनों हैशटैग के शुरु होने की दसवीं सालगिरह मना रहा है।

इस मौके पर टिवटर ने जानकारी देते हुए बताया कि हैशटैग होने वाली फिल्म सुलतान रही है। भारतीय सिनेमाघरों में 300 करोड़ से ज्यादा का कारोबार करने वाली इस फिल्म का निर्देशन अली अब्बास जाफर ने किया था, जो इन दिनों सलमान और कैटरीना कैफ के साथ एक था टाइगर की सिक्वल के तौर पर टाइगर जिंदा है बना रहे हैं। इस फिल्म का आखिरी शूटिंग शेड्यूल हाल ही में आबूधाबी में पूरा हुआ और अब इसका पोस्ट प्रोडक्शन का काम शुरु होने जा रहा है।

इस साल क्रिसमस के मौके पर 22 दिसंबर को इस फिल्म को रिलीज किया जाएगा। इस साल ट्यूबलाइट से मार खाए सलमान के लिए कहा जा रहा है कि टाइगर जिंदा है के साथ वे जोरदार वापसी करेंगे। इस फिल्म में एक बार फिर उनकी जोड़ी कैटरीना कैफ के साथ होगी। 

प्रशिक्षण प्राप्त करने पर शिक्षक नहीं होंगेे अयोग्य घोषित

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अशासकीय, मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त, गैर सहायता प्राप्त प्राइवेट अथवा पब्लिक स्कूलों में शिक्षण कार्य में लगे शिक्षकों के लिए एक बुरी सूचना है। यदि उनके पास शिक्षण की डिग्री नहीं है तो वे अयोग्य घोषित हो सकते है। ऐसे शिक्षकों के लिए मार्च 2019 तक की डेड लाइन रखी गई है। इस दौरान वे प्रशिक्षण लेकर शिक्षण कार्य जारी रख सकते हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी चमोली एनके हल्दियान ने बताया कि आरटीई एक्ट 2009 के अनुसार वही व्यक्ति विद्यालयों में अध्यापक का कार्य कर सकता है जिसके पास डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) की डिग्री हो। जिसे पूर्व में बीटीसी भी कहा जाता है उसी के समक्ष अब डीएलएड की डिग्री सरकार द्वारा संचालित की जा रही है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधकों से भी कहा है कि उनके विद्यालय में यदि कोई अप्रशिक्षित टीचर हो तो उसे मार्च 2019 तक डीएलएड अवश्य करने के लिए कहें अन्यथा ऐसे शिक्षकों को अयोग्य घोषित करते हुए विद्यालयों में पढ़ाने नहीं दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने दो दिन के भीतर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आवेदन करने को भी कहा है ताकि ऐसे शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए भेजा जा सके। 

भदोही जाएगा ऊन उत्पादकों का 25 सदस्यी दल

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उत्तरकाशी के जिलाधिकारी डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने आत्मा योजना के अन्तर्गत जनपद के 25 सदस्यी ऊन उत्पादक कृषक दल को दो दिवसीय प्रशिक्षण/भ्रमण के लिए भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान भदोही,उत्तरप्रदेश भेजने के निर्देश मुख्य कृषि अधिकारी को दिए। 25 सदस्य प्रशिक्षण दल में बगोरी, नाकुरी, सिमाड़ी, अगोड़ा आदि गांव के प्रशिक्षणार्थी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में ऊनी काश्त को लेकर लोगों में नवीन तकनीक की जानकारी नही है, जबकि क्षेत्र में ऊनी उत्पादन से अनेक परिवार अपनी आजीविका चला रहे हैं। इन परिवारों के व्यवसाय में विस्तार रूप देने एवं नवीन तकनीक की जानकारी एवं कालीन उद्योग की बारीकियों से रूबरू होना जरूरी है।

जिलाधिकारी ने कहा कि आधुनिक दौर में कालीन व्यवसाय का भविष्य अच्छा है। उन्होंने कहा कि घरों में सजाने-सवांरने में कालीन को अधिक महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भदौही में कालीन व्यवसाय का एक उत्कृष्ट केन्द्र है। उन्होंने कहा कि जनपद के ऊन उत्पादकों को 27 सितंबर को भदौही में दो दिवसीय भ्रमण करवाएं, जिससे की जनपद के ऊन उत्पादक जानकारी जुटाकर अपने क्षेत्र में कालीन व्यवसाय एवं साज-सज्जा वस्त्र को बढ़ावा दे सकें। साथ ही जनपद में आने वाले पर्यटकों एवं अन्य लोगों को यहां से शुद्ध ऊनी कालीन क्रय कर ले जा सके। जिससे जनपद शुद्ध ऊनी कालीन क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बन सके। 

पुलिस ने छात्रों को दी रैगिंग व नशीले पदार्थों से बचने की नसीहत

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चमोली पुलिस ने गौचर स्थित पॉलिटेक्निक के छात्रों को रैगिंग व नशीले पदार्थों से बचने की नसीहत दी।

गौचर पाॅलिटेक्निक के छात्रों को पुलिस ने यातायात नियमों की जानकारी देते हुए उन्हें दुपहिया वाहनों में हेलमेट पहनने के बारे में बताया। साथ ही कहा कि वर्तमान समय में पाॅलिटेक्निक कालेजों में नये छात्रों का प्रवेश हो रहा है, नये छात्रों से दोस्ताना व्यवहार बनाये न कि उनकी रैगिंग कर उन्हें परेशान किया जाए। पुलिस ने कहा कि रैगिंग कानून अपराध है और यदि ऐसा करता हुआ कोई छात्र पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई अमल में लायी जा सकती है। नशीले पदार्थों के सेवन से बचने के बारे में भी नसीहत दी। 

धर्मेंद्र नहीं बनेंगे सनी व बाॅबी के पापा!

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देओल परिवार की फिल्म, ‘यमला पगला दीवाना’ की तीसरी कड़ी की शूटिंग शुरू हो गई है। हैदराबाद में फिल्म का पहला शेड्यूल चल रहा है। इस फिल्म को लेकर एक अहम खबर मिल रही है कि धर्मेंद्र इस फिल्म में सनी देओल और बाबी देओल के पापा का रोल नहीं करेंगे। अब तक बनी यमला पगला दीवाना की दोनों कडियो में धर्मेंद्र ने सनी और बाबी के पापा की भूमिकाएं की थीं। ये बताया गया है कि पिछली दो फिल्मों की तरह सनी और बाबी सगे भाईयों की भूमिकाओं में होंगे, जबकि धर्मेंद्र फिल्म में वकील का रोल करेंगे।

कहा जा रहा है कि धर्मेंद्र का किरदार रंगीनमिजाज का होगा, जैसा पहली दो फिल्मों में रहा है। पंजाबी फिल्मो के निर्देशक नवनैत सिंह पहली बार बालीवुड की फिल्म का निर्देशन कर रहे हैं। इसमें बाबी देओल के साथ हीरोइन के तौर पर कीर्ति खरबंदा को कास्ट किया गया है, जो हाल ही में आई फिल्म गेस्ट इन लंदन में नजर आई थीं।

‘यमला पगला दीवाना 3’ का पहला शेड्यूल हैदराबाद में पूरा होने के फौरन बाद गुजरात में फिल्म का दूसरा शेड्यूल अक्तूबर में शुरु होगा और दिसंबर में फिल्म का तीसरा शेड्यूल पंजाब में होगा और इसके साथ शूटिंग पूरी हो जाएगी। इसे अगले साल मार्च में रिलीज किए जाने की योजना है।

इस बीच सनी देओल और बाबी देओल की जोड़ी 8 सितंबर को रिलीज होने वाली फिल्म पोस्टर ब्वायज में साथ नजर आएंगे। इसी नाम की मराठी फिल्म के रीमेक का निर्देशन श्रेयस तलपडे ने किया है, जो पहली बार निर्देशन के मैदान में आ रहे हैं। 

हाईकोर्ट ने सरकार से 24 घंटे में मांगा जवाब

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गंगा में अवैध खनन और गंगा तट पर स्टोन क्रेशर के मामले में उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए अगले 24 घंटे के अंदर सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने चीफ सेक्रेटरी, औद्योगिक सचिव और जिलाधिकारी हरिद्वार से जवाब मांगा है कि गंगा से स्टोन क्रेशर को पांच किलोमिटर दूर करने को लेकर दिए आदेश पर क्या कार्रवाई की गई।

कोर्ट ने गत तीन मई, 2017 को स्टोन क्रेशरों को गंगा तट से हटाने के आदेश दिए थे। इससे पूर्व में प्रदूषण नियंत्रक कंट्रोल बोर्ड भी सभी स्टोन क्रेशरों को गंगा से पांच किलोमीटर दूर करने के निर्देश 16 दिसंबर 2016 को ही जारी कर चुका था। इसके पालन नहीं होने पर मातृ सदन ने कोर्ट की अवमानना को लेकर वाद दायर किया था।

16 मई को चीफ सेक्रेटरी, औद्योगिक सचिव और जिलाधिकारी हरिद्वार को नोटिस जारी किया था। गुरुवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने चीफ सेक्रेटरी, औद्योगिक सचिव और जिलाधिकारी हरिद्वार से प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड और उच्च न्यायालय के आदेश लागू न होने का जवाब अगले 24 घंटे में मांगा है। कोर्ट ने अगले 24 घण्टे के अंदर केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड द्वारा पारित आदेश का पालन किया गया है या नहीं, स्टोन क्रेशर बन्द किए या नहीं, इसकी रिपोर्ट 24 घण्टे के अंदर यानी 25 अगस्त को कोर्ट में पेश करने को कहा है। न्यायमूर्ति सुधांशु धुलिया की एकलपीठ में हुई मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी।

छात्रसंघ चुनावों में दिख रही सरकार से नाराजगी

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राजधानी के युवाओं को प्रदेश सरकार द्वारा उच्च शिक्षा लगाई जा रही बंदिशों में बंधना पसंद नहीं आ रहा है। पहले ड्रेस कोड फिर बायोमेट्रिक और इसके बाद झंडा फहराने के लिए सुबह कॉलेज में हाजिरी जैसे कई अन्य फैसले, युवाओं को उनकी आजादी पर हमला लग रहे हैं। युवाओं की सरकार के प्रति नाराजगी का साइड इफेक्ट कॉलेजों के चुनाव पर भी दिखाई दे रहा है। यहां बीजेपी समर्थित छात्र संगठन एबीवीपी को मतदाता सिरे से नकारते दिखाई दे रहे हैं।

राजधानी के चार कॉलेजों में एबीवीपी का रुतबा हमेशा बाकी संगठनों से बहतर रहा है। यही कारण है कि कई कॉलेजों में संगठन का छात्र संघ पर बीते आठ से दस सालों तक कब्जा रहा लेकिन इस साल अचानक यह रुतबा कम होता दिखाई दे रहा है। अकेले देहरादून की बात की जाए तो यहां के चार कॉलेजों में से दो के छात्र संघ चुनाव परिणा सामने आ चुके हैं, दोनों में एबीवीपी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा अभी दो कॉलेजों केे चुनाव होने बाकी है। अब यहां संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं के लिए जीत हासिल करना साख का सवाल बन गया है।

छात्रों को पंसद नहीं आए सरकार के फैसले
कॉलेजों में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लिए गए फैसले छात्रों के गले नहीं उतर रहे है। प्रदेश में भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही दनादन कड़े फैसले लिए। इसमें छात्रों के लिए कॉलेजों में ड्रेस कोड, अनिवार्य रूप से बायोमेट्रिक हाजिरी जैसे फैसलों ने छात्रों के बीच खासा रोष पैदा किया। छात्र हिमांशु का कहना है कि बचपन से स्कूल लाइफ में ड्रेस में ही स्कूल जाना होता था। कॉलेज लाइफ का क्रेज ही यह था कि ड्रेस पहनने से आजादी रहेगी लेकिन अब कॉलेज में आते ही यहां भी ड्रेस कोड का झंझट होगा तो निराशा हो रही है। छात्रों के हित में यदि फैसेल लेने हैं तो व्यवस्थाओं को बहतर करने और संस्थानों में शिक्षकों की कमी को पूरा किया ड्रेस कोड जैसे फैसलों से ज्यादा जरूरी था। जिससे बहुत बड़ी संख्या में छात्रों के बीच नाराजगी है। इसी नाराजगी का असर

छात्र संघ चुनावों में परिणाम के रूप में सामने आ रहे हैं। 
एबीवीपी से जुड़े कार्यकर्ता और डीएवी के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अंशुल चावला ने बताया कि दो कॉलेजों के चुनाव के आधार पर यह कहना अनुचित होगा कि छात्र संगठन से विमुख हो रहे है। सरकार के फैसले छात्रहितों में ही किए गए हैं। इसके अलावा, सरकार जो भी निर्णय ले रही है उसे आधार बनाते हुए एबीवीपी से छात्रों को नाराजगी भी निराधार तर्क होगा। किसी छात्र के वैचारिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन पूरे सिस्टम को ही गलत कहना किसी भी लिहाज से तकसंगत नहीं है।