विश्व के अनेक देशों से बीएपीएस स्वामीनारायण सम्प्रदाय के 200 से अधिक पूज्य संत, साधक एवं सेवक परमार्थ निकेतन आश्रम पधारे। परमार्थ निकेतन के दिव्य प्रांगण में परमार्थ गुरुकुल के ऋषि कुमारों एवं आचार्यगणों ने सभी संतों का भव्य स्वागत एवं अभिनन्दन किया।
अक्षरधाम स्वामीनारायण सम्प्रदाय के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त आध्यात्मिक पूज्य संत त्याग वल्लभ स्वामी जी महाराज ने अपने 200 से अधिक संतों के साथ परमार्थ निकेतन आश्रम के परमाध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज से भेंट की। इस दौरान पूज्य स्वामी ने 30 वर्ष पूर्व सन 1987 के दिव्य क्षणों को याद करते हुए कहा कि पूज्य त्याग वल्लभ स्वामी महाराज से हुई भेंट की पावन स्मृतियां शनिवार भी हृदयपटल पर विद्यमान है। इस संस्थान ने पूरे विश्व में अक्षरधाम मन्दिर दिल्ली के अलावा 110 मन्दिरों का निर्माण किया है।
वहीं स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने सभी पूज्य संतों का अभिनन्दन करते हुए कहा कि भारत ही नहीं पूरे विश्व के वंदनीय संत त्याग वल्लभ स्वामी महाराज ने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज कल्याण के लिये समर्पित कर दिया। उन्होंने समाज में ही स्वामीनारायण के दर्शन करते हुये भारत ही नहीं पश्चिम की धरती पर अनेक शिक्षण संस्थान, चिकित्सालय एवं सेवा मन्दिरों की स्थापना की है। इस संस्थान के उद्देश्य इतने महान है कि यहां का हर संत एक चलता फिरता मन्दिर है।
वहीं शनिवार पूरे संसार से पर्यटक केवल ताजमहल देखने ही भारत नहीं आते बल्कि अक्षरधाम की भव्यता, दिव्यता एवं पवित्रता से प्रभावित होकर आते है। स्वामी जी ने कहा कि भारत केवल इसलिये महान नहीं है कि उसके पास ताजमहल है। लाल किला, जुहू चैपाटी, कश्मीर की वादियां, मां गंगा और हिमालय है बल्कि भारत के पास गंगा की पवित्रता धारण करने वाले, हिमालय की ऊंचाई और सागर की गहराई अपने जीवन में समाने वाले संत विद्यमान हैं, सादगी, सात्विकता, सरलता और सहजता के साथ समाज में ही प्रभु का दर्शन करने वाले साधक एवं सेवक है।’
अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त आध्यात्मिक पूज्य संत स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज एवं पूज्य संत त्याग वल्लभ स्वामी जी महाराज ने अनेक वैश्विक समस्याओं पर चिंतन किया तथा समाज कल्याण के लिये दोनों संस्थाओं ने मिलकर कार्य करने पर प्रतिबद्धता दिखायी।
चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के मार्गदर्शन में स्वामीनारायण संस्थान के सभी संत, सेवक एवं साधकों ने विश्व में शुद्ध जल की उपलब्धता होती रहे। इस हेतु वाटर ब्लेसिंग सेरेमनी में सहभाग किया। सभी ने मिलकर कर संकल्प लिया कि अपने-अपने संस्थानों, क्षेत्रों एवं परिसर से स्वच्छ भारत मिशन के लिये कार्य करेंगे।
चिदानन्द महाराज ने रुद्राक्ष सा पवित्र जीवन जीने वाले संतों को रुद्राक्ष का दिव्य पौधा भेंट किया। तत्पश्चात परमार्थ गंगा तट पर होने वाली सायंकालीन दिव्य गंगा आरती में सहभाग किया।
परमार्थ पहुंचे अक्षरधाम संस्था के आध्यात्मिक संत
सीएम आवास आने वाले गुलदस्तों से गुलज़ार हो रहा नारी निकेतन
पहाड़ी संगीत और माॅर्डन डांस का ये वीडियो मचा रहा है धूम
सुनने में थोड़ा अजीब लगेगा लेकिन यह एक सच हैं। एक 20 साल का लड़का बिना किसी ट्रेनिंग,कोचिंग या क्लास के केवल टीवा और यूट्यूब के विडियो देखकर इतना अच्छा डांस कर सकता है कि वह डांस इंडिया डांस और डांस प्लस जैसे शो के आॅडिशन क्लियर कर ले।
ऐसा ही एक डांसर है 20 साल का अनूप परमार। भारत के आखिरी गांव माणा(बद्रीनाथ) का रहने वाला अनूप यूं तो फ्रीस्टाईल डांसिंग करता है।लेकिन हाल ही में अनूप ने अपना ”गढ़वाली गाना मेरी गाजिणा” का विडियो बनाया और उसको यूट्यूब पर डाला है।इन गाने के डांस मूव्स देखकर आप नहीं कह सकते कि यह बिना ट्रेनिंग का डांसर हैं।

अनूप से हुई न्यूजपोस्ट टीम की बातचीत में अनूप ने बताया कि ”वह हमेशा से डांस करना चाहते थे और दुनिया के बेस्ट डांसर लेस टिव्ंनस को अपनी प्रेरणा मानते हैं”।अनूप बताते हैं कि ‘मुझे डांस सीखने के लिए यूट्यूब एक माध्यम मिला मैं उसमें डांस के बारे में जब भी सर्च करता तो हर बार लेस टिव्नस दिखते,फिर धीरे-धीरे मैं उनके डांसिंग एटिट्यूड को सीखता गया और अपने स्टेप खुद बनाता गया’।अनूप कहते हैं कि ”मैं भविष्य में अपने गांव माणा को अपने डांस के माध्यम से लोगों के बीच मशहूर करना चाहता हूं क्योंकि माणा एक ऐसा गांव जिसके बारे में शायद अभी भी लोगों को ज्यादा पता नहीं होगा,ऐसे में अगर मैं अपने स्तर पर अपने गांव और अपने राज्य उत्तराखंड के लिए कुछ कर पाउं तो इससे बड़ी उपलब्धि मेरे लिए कुछ नहीं होगी”।
आज से 5 साल पहले अनूप ने डांस इंडिया डांस शो देखकर अपना हूनर पहचाना।पहले उन्होंने अपने घरवालों से डांस क्लास ज्वाईन करने की बात कहीं लेकिन घर वालों के मना करने पर वह टीवी में डांस के अलग-अलग शो देखकर डांस सीखने लगे। खुद डांस करने के साथ-साथ वह अपने ही गांव के दो और बच्चों को भी डांस सिखाते हैं।अनूप कहते हैं कि ”मैं खुद इतना परफेक्ट नहीं हूं कि किसी को सीखा सकूं लेकिन यह इन दोनों बच्चों में भी डांस को लेकर जुनून हैं,इसलिए मैं इन्हें डांस सिखाता हूं”।अनूप बताते हैं कि ”भले ही पहले मेरा परिवार मुझे मेरे डांस में सपोर्ट नहीं करता था लेकिन मेरी काबलियत देखकर आज मेरा परिवार और मेरे दोस्त सब मुझे सर्पोट करते हैं”।
आज अनूप खुद अपने डांस मूव्स और अपने स्टेप बनाते हैं और उसे लोगों तक पहुंचाते हैं।अनूप का मानना है कि ”एक छोटी सी जगह से कुछ अलग करना अपने आप में बड़ी बात हैं लेकिन तब तक संर्घष करते रहेंगे जब तक उन्हें उनका मुकाम नहीं मिलता”।टीम न्यूज़पोस्ट की तरफ से अनूप को आने वाली सभी चुनौतियों के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं।
यहां देखें अनूप और उनके स्टूडेंट अर्पित का डंस विडियोः
हाइड्रो सीडिंग सिस्टम से होगा बद्रीनाथ भूस्खलन का ट्रीटमेंट
बद्रीनाथ हाईवे के भूस्खलन वाले स्थानों का ट्रीटमेंट अब हाइड्रो सीडिंग सिस्टम से किया जाएगा। ट्रायल के तौर पर बद्रीनाथ हाईवे पर मैठाणा भूस्खलन जोन में इस सिस्टम से ट्रीटमेंट कार्य शुरु भी कर दिया गया है। हाईवे के अन्य भूस्खलन क्षेत्रों में भी हाइड्रो सीडिंग सिस्टम से भूस्खलन की रोकथाम की जाएगी।
बद्रीनाथ हाईवे पर 21 ऐसे भूस्खलन व हैं जो बारिश में एनएच तथा बीआरओ के लिए सिर दर्द बन जाता है। आय दिन इन स्थानों पर मार्ग अवरुद्ध हो जाना एक सामान्य सी प्रक्रिया हो गई है। मैठाणा में वर्ष 2013 की आपदा के बाद से लगातार भूस्खलन हो रहा है। यहां करीब साढ़े तीन सौ मीटर तक हाईवे दस मीटर तक धंस गया है।
वहीं, वर्ष 2016 में राज्य सरकार ने भूस्खलन क्षेत्रों के ट्रीटमेंट का कार्य सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) से हटाकर लोक निर्माण विभाग (एनएच) को दे दिया था। बीते मई माह को एनएच की ओर से भूस्खलन का ट्रीटमेंट कार्य इटली की मेगा-फेरी कंपनी को दिया गया। कंपनी के इंजीनियरों द्वारा भूस्खलन क्षेत्र में वायो इंजीनियरिंग सिस्टम के तहत हिल साइड करीब दो मीटर तक क्रेटवाल (जाली वाली दीवार) लगाई जा रही है। साथ ही भूस्खलन से कमजोर पड़ी पहाड़ी पर हाइड्रो सीडिंग सिस्टम के जरिए हरी घास और विभिन्न प्रजाति के पौधों के बीजों का रोपण किया जा रहा है।
परिवहन मंत्रालय देहरादून के इंजीनियर रजत पांडे ने बताया कि हाइड्रो सीडिंग सिस्टम के तहत पहाड़ी पर ऐसी प्रजाति के पौधों का बीज बोया जाता है, जिनकी जड़ें लंबी होती हैं। इससे मिट्टी नीचे की ओर नही खिसकती है।
क्या है हाइड्रो सीडिंग सिस्टम
केमिकल के साथ स्थानीय प्रजाति के पौधों के बीज, खाद, फर्टिलाइजर, बूसा और हरी घास मिला कर एक मशीन में डाले जाते हैं। बाद में इस मिश्रण को स्प्रे से कमजोर पहाड़ी पर डाला जाता है। करीब एक सप्ताह के भीतर तेजी से पौधे और हरी घास उगनी शुरु हो जाती है। इससे एक माह के भीतर पहाड़ी पर हरियाली आ जाती है। इसके बाद मिट्टी से भूस्खलन थम जाता है। साथ ही बारिश का पानी भूमिगत होने के बजाय सीधे नीचे की ओर बहना शुरु हो जाता है।
पंचेश्वर बांध की योजना से पर्यावरण को होगा भारी नुकसान
पंचेश्वर बांध भारत-नेपाल के बहुत बड़े इलाके की ऊर्जा और सिंचाई की जरुरतों को भले ही पूरी करे, लेकिन हिमालयी क्षेत्र के पर्यावरण को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। भारत-नेपाल के बीच सरकार दुनिया के सबसे बड़े बांध को बनाने की योजना पर लगातार आगे बढ़ रही है। ऐसे में ये सवाल उठना लाज़मी है कि टिहरी से तीन गुना बड़ी पंचेश्वर बांध की झील किस तेजी से पर्यावरण को प्रभावित करेगी।
पंचेश्वर बांध को लेकर जिस प्रकार से बैठकों में विरोध का स्वर देखने को मिला यह भी चिंता का विषय है। बांधों के प्रभाव का बारीक अध्ययन करने वालों की मानें तो इससे जहां पहाड़ों में भू-स्खलन की घटनाओं में बढ़ोत्तरी देखने को मिलेगा। वहीं, इस झील से पैदा होने वाले मानसून से बादल फटने की संभवनाएं बनी रहेंगी। पहाड़ों में साल भर नमी और कोहरे की मार झेलनी पड़ सकती है। अतिसंवेदनशील ज़ोन फाइव में प्रस्तावित इस बांध से जहां भूकम्प के झटकों में इजाफा होने की आशंका है, वहीं 116 वर्ग किलोमीटर की महाझील कई खतरों को एक साथ आमंत्रित करने के लिए काफी है।
वहीं प्रस्तावित पंचेश्वर बांध ऊंचाई के लिहाज से विश्व का सबसे ऊंचा बांध होगा और 311 मीटर ऊंचा ये बांध दुनिया के उस हिस्से में प्रस्तावित है, जहां दुनिया की सबसे युवा पर्वत श्रृंखला है। जानकारों की मानें तो बांध बनने से हिमालय की तलहटी में 116 वर्ग किलोमीटर एरिया में पानी का भारी दबाव बनेगा। इस इलाके में पहले से ही भू-गर्भीय खिंचाव बना हुआ है, जिस कारण भारतीय प्लेटें यूरेशिया की ओर लगातार खिंच रही हैं। धरती के गर्भ में हो रही इस हलचल में मानवीय हस्तक्षेप जले में नमक का काम कर सकता है।
पर्यावरण मामलों के जानकार प्रकाश भंडारी ने बताया कि इतने भारी दवाब से कभी भी पहाड़ की धरती कांप सकती है। इसका खामियाज़ा पहाड़ों में रहने वालों के साथ ही मैदानी इलाकों को भी भुगतना पड़ेगा।
हरियाणा सरकार ने उप महाधिवक्ता गुरदास सिंह सलवारा को तुरंत प्रभाव से हटाया
हरियाणा सरकार ने शनिवार को तुरंत प्रभाव से चण्डीगढ़ स्थित हरियाणा महाधिवक्ता कार्यालय में नियुक्त उप महाधिवक्ता गुरदास सिंह सलवारा को उनके पद से हटा दिया है। उप महाधिवक्ता गुरदास सिंह सलवारा ने शुक्रवार को सीबीआई कोर्ट में पेशी के दौरान डेरा प्रमुख का बैग उठाया था। सीबीआई कोर्ट ने डेरा प्रमुख को यौन शोषण के केस में दोषी ठहराया है।
पंचकूला हिंसा और आगजनी के बाद विपक्ष समेत आमजनों के निशाने पर आई मनोहर लाल खट्टर सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उस लीगल अफसर को बर्खास्त कर दिया है, जिसने हेलीकॉप्टर से रोहतक जेल भेजे जाने के दौरान बलात्कारी बाबा राम रहीम का बैग उठाया था। सरकार ने इस मामले में आरोपी राज्य के डिप्टी एडवोकेट जनरल गुरदास सिंह को पद से हटा दिया है। बता दें कि पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने शुक्रवार को एक साध्वी के बलात्कार के आरोप में गुरमीत राम रहीम सिंह को दोषी करार दिया था। इसके बाद उसके लाखों समर्थक गुंडागर्दी पर उतारू हो गए थे।
पंचकूला से शुरू हुई हिंसा और आगजनी की घटनाओं ने सिरसा समेत पूरे पंजाब और हरियाणा को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते दोनों राज्यों के कई शहर जलने लगे। इस हिंसा में अब तक कुल 33 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 29 सिर्फ पंचकूला में मौत हुई है।
लोगों के लिए समाधान बन रहा आरटीआई
सूचना का अधिकार अधिनियम लोगों को जानकारी मुहैया कराने के साथ ही समस्याओं के समाधान में सहायक भी साबित हो रहा है। ऐसे ही एक मामले में एक व्यक्ति के खाते से काटी गई 49 हजार की राशि करीब चार माह बाद आरटीआइ की अर्जी लगाने के बाद वापस कर दी गई।
ऋषिकेश में हरिद्वार रोड स्थित पीएनबी की बैंक शाखा में अरविंद शर्मा के खाते से तीन व चार मार्च 2017 को 49 हजार रुपये काट लिए गए थे। यह राशि इन दोनों दिन चार बार निकाली गई थी। इसको लेकर जब उन्होंने बैंक प्रबंधन से संपर्क किया तो अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिए। जुलाई माह में आरटीआइ कार्यकर्ता विनोद कुमार जैन ने आरटीआइ में रकम निकाले जाने को लेकर विभिन्न जानकारी पूछी थी। यह भी पूछा था कि ऐसे मामलों में रकम वापसी के क्या प्रावधान हैं और यदि राशि किसी एटीएम से निकाली गई है तो उसकी जानकारी भी दी जाए। देहरादून के मंडल प्रबंधक आरए शर्मा की ओर से आरटीआइ आवेदन के अन्य प्रश्नों का जवाब तो नहीं दिया गया लेकिन एक बिंदु में यह जानकारी जरूर दी गई कि अरविंद शर्मा के खाते में 49 हजार रुपये जमा कर दिए गए हैं।
ऋषिकेश में राम रहीम के भक्तों पर कड़ी नजर
ऋषिकेश में भी राम रहीम के समर्थकों के अड्डों पर खुफिया विभाग के कर्मचारी व पुलिस कर्मियों द्वारा कड़ी नजर रखी जा रही है और डेरा सर्मथकों के यहां आने जाने वाले लोगों से पूछताछ किया जा रहा है।
खुफिया विभाग के एक अधिकारी का कहना था कि राम रहीम के समस्त अड्डे श्यामपुर व बनखंडी में है, जहां प्रत्येक रविवार को उनके समर्थक सतसंग करने के साथ रामरहीम के प्रवन भी सुनते है। इसी के साथ राम रहीम के दो कार्यक्रम ऋषिकेश मे भी हो चुके हैं। जिसमें एक भरत मंदिर के मैदान में महासम्मेलन तथा एक विशाल सफाई अभियान का आयोजन किया गया था जिसमें राम रहीम स्वयं मौजूद रहे थे।
इन्हीं गति विधियों के कारण उनके समर्थकों के यहां प्रत्येक गतिविधियों पर निगरानी की जा रही है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि राम रहीम को सजा सुनाये जाने के दौरान ऋषिकेश क्षेत्र से कोई भी उनका समर्थन पंचकूला नहीं गया था, उसके बावजूद भी सुरक्षा की दृष्टि से निगरानी किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
महिला प्रतिनिधि मंडल ने सीएम से की भेंट
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में, ‘फिक्की लेडीज आॅर्गनाइजेशन’ की अध्यक्ष वास्वी भारत राम के नेतृत्व में महिला व्यवसायियों के प्रतिनिधिमण्डल ने शिष्टाचार भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को राज्य में अपनी महिला सशक्तिकरण तथा सामाजिक कार्यों से सम्बन्धित गतिविधियों से अवगत कराया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, “राज्य सरकार द्वारा अगले एक से दो वर्षो तक ‘बेटी-बचाओ, बेटी-पढ़ाओ’ कार्यक्रम पर विशेष फोकस किया जा रहा है। उन्होंने राज्य के तीन जिलों पिथौरागढ़, पौड़ी तथा चम्पावत में लिंगानुपात कम होने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उक्त जिलों में ‘बेटी-बचाओ, बेटी-पढ़ाओ, बेटी-बढ़ाओ’ तथा महिला सशक्तिकरण के प्रयासों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।” इस अवसर पर शिल्पी अरोड़ा, जयन्ती डालमिया आदि उपस्थित रहे।
फिल्म भूमि का नया गाना ‘लग जा गले…’ लांच
ओमांग कुमार के निर्देशन में बनी टी-सीरीज और निर्माता संदीप कुमार सिंह की फिल्म भूमि का नया गाना लांच कर दिया गया है। इस गाने ‘लग जा गले…’ को राहत फतह अली खान ने गाया है, जबकि प्रिया सरैया ने इसे लिखा है। सचिन-जिगर की जोड़ी ने इसे संगीतबद्ध किया है और इस रोमांटिक गाने को अदिति राव हैदरी के साथ सिद्धांत गुप्ता पर फिल्माया गया है।
टीवी सीरियलों में काम करने वाले सिद्धांत गुप्ता पहली बार किसी फिल्म में काम कर रहे हैं और इस फिल्म में उनकी जोड़ी अदिति के साथ है। फिल्म में अदिति के पिता के रोल में संजय दत्त हैं, जो काफी समय बाद फिल्मों में वापसी कर रहे हैं। इससे पहले फिल्म में संजय दत्त की आवाज में रिकार्ड हुई गणपति बप्पा की आरती को सोशल मीडिया पर लांच किया गया। आने वाले वक्त में फिल्म के दो और गानों को लांच किया जाना है। इस फिल्म में सनी लियोनी का आइटम सांग भी लांच किया जा चुका है।
आगामी 22 सितंबर को रिलीज होने जा रही इस फिल्म की कहानी यूपी की है और इसकी शूटिंग आगरा तथा आसपास के इलाकों में हुई है। फिल्म में शरद केलकर और शेखर सुमन भी अहम रोल में नजर आएंगे।





























































