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स्कॉटलैंड से ऋषिकेश पहुँचा 21वैज्ञानिको का दल

ऋषिकेश स्तिथ परमार्थ निकेतन में वर्ल्‍ड शौचालय कॉलेज के पाठ्यक्रम और कॉलेज की गतिविधियों के बारे में जानने के लिए स्कॉटलैंड से 21 वैज्ञानिकों का दल परमार्थ निकेतन पंहुचा। यहाँ पहुंचकर उन्होंने परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद मुनि से मुलाकात की और बिओटोइलेट, सेनिटेशन जैसे मुद्दों पर चर्चा की. बाद में उन्होंने गंगा किनारे होने वाली भव्य आरती पर भी हिस्सा लिया।

 

नमाज अदा कर धूमधाम से मनाया ईद उज आजह

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रुद्रपुर में ईद उल जुहा का त्यौहार बड़ी धूमधाम से मनाया गया। मुस्लिम समुदाय के हजारों लोगो ने खेड़ा स्थित कादरी मस्जिद में ईद की नमाज अदा की ओर देश की तरक्की, अमन, भाईचारे के लिए खुदा से दुआ मांगी।
बता दें कि इस्लाम धर्म में बकरीद को काफी पवित्र त्योहार माना जाता है, मुस्लिम समुदाय द्वारा साल में दो ईद मनाई जाती है। एक को ईद ऊल फितर और दूसरी को ईद उल जुहा यानी की बकरीद। बकरीद को कुर्बानी का पर्व भी कहा जाता है। मुस्लिम समुदाय में ऐसी मान्यता है कि बकरीद के दिन किसी प्रिय चीज को अल्लाह के लिए कुर्बान करनी होती है, यही वजह है कि इस पर्व का इस्लाम में काफी ज्यादा महत्व है ।

गरीबी और आर्थिक तंगी झेल लोगो को हंस फाउंडेशन ने बांटे 30 लाख के चेक

ये खबर समाज में गरीबी और आर्थिक तंगी झेल रहे गरीब जरूरतमंद लोगों के लिए है जो गंम्भीर बिमारी से पीडित है और आर्थिक तंगी के कारण अपना ईलाज नही करवा पा रहे हों या फिर अपने होनहार प्रतिभावान बच्चों को आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा ग्रहण नहीं करवा पा रहे है।

अगर आपकी कुछ इस तरह की समस्या है तो आपकी मदद ऋषिकेश के हंस कल्चरल सेन्टर से हो सकती है। उत्तराखण्ड के गम्भीर बिमारियों से ग्रसित गरीब जरूरतमंन्द लोगों को ऋषिकेश में हंस कल्चरल सेटर द्वारा 30 लाख रूपये के आर्थिक सहायता के चैक बांटे गए।

इस कार्यकर्म में उत्तराखंड के राम सिंह मीणा एङीजी लॉ एंड आर्डर के हाथों वितरित किए गये, इस अवसर पर बोलते हुए राम सिंह मीणा ने कहा कि, “हंस फाउन्डेशन द्वारा उत्तराखण्ड में गरीब जरूरतमन्द लोगों की करोड़ों रूपये की आर्थिक सहायता की जा रही है और सही मायने में यही मानवता की सबसे बड़ी सेवा है।”

 

हर माह अल्ट्रासाउंड केंद्रों का करें औचक निरीक्षण: डीएम

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जिलाधिकारी ने घटते लिंगानुपात पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिले में संचालित हो रहे अल्ट्रासाउंड केन्द्रों का नियिमत रूप से निरीक्षण किया जाए और मानकों में कोई कमी पाई जाए, तो उन्हें नोटिस जारी कर सख्त कार्रवाई की जाए।
शुक्रवार को जिलाधिकारी एस.ए मुरूगेशन ने जिला समुचित प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी एवं गर्भाधान प्रसव एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (विनिमय एवं दुरुपयोग निवारण) अधिनियम के अन्तर्गत जिला समुचित प्राधिकारी की सहायता एवं परामर्श के लिए जिला सलाहकार समिति बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि जो अल्ट्रासाउण्ड केन्द्र संचालक नियमों का पालन नहीं करते तो उनको तीन बार नोटिस जारी किया जाए। इसके बावजूद भी वो अपने कमियों में सुधार नहीं करते तो ऐसे अल्ट्रासाउण्ड केन्द्रों को सील करने की कार्रवाई सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने घटते लिंगानुपात पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जुलाई माह की अपेक्षा अगस्त माह में केन्द्रों के कम निरीक्षण पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारियों के माध्यम से नियमित निरीक्षण कराया जाए तथा जिला मुख्यालय पर समिति एवं चिकित्सा की टीम द्वारा औचक निरीक्षण कराया जाए एवं जिन अल्ट्रासाउण्ड केन्द्रों में कोई कमी पाई जाती है तो उनके विरुद्ध तत्काल समुचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि जनपद में संचालित हो रहे अल्ट्रासाउण्ड केन्द्रों का नियिमत रूप निरीक्षण किया जाए।
जिलाधिकारी ने जिले में पंजीकृत अल्ट्रासाउण्ड केन्द्रों एवं निरस्त किए गए केन्द्रों के पंजीकरण के सम्बन्ध में भी जानकारी चाही , जिस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ टी.सी पंत ने बताया कि जनपद में अब तक कुल पंजीकृत अल्ट्रासाउण्ड केन्द्र 233 हैं तथा अब तक 119 केन्द्रों के पंजीकरण निरस्त किए गए हैं। वर्तमान में कार्य कर रहे अल्ट्रासाउण्ड 114 हैं, जिसमें विकासनगर में 16, ऋषिकेश में 13, डोईवाला में चार, मसूरी में दो एवं देहरादून शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में 79 अल्ट्रासाउण्ड केन्द्र संचालित हो रहे हैं।
जिला अधिकारी ने कहा कि माह जनवरी से अगस्त 2017 तक 73 अल्ट्रासाउण्ड केन्द्रों का निरीक्षण किया गया है, जिसमें माह जनवरी से अगस्त 2017 तक 26 केन्द्रों के पंजीकरण और नवीनीकरण की कार्रवाई की गई है। निरीक्षण के दौरान 15 मशीनें सील की गई हैं तथा सात केन्द्रों का पंजीकरण निरस्त किया गया है, चार केन्द्र निलंबित किए गए हैं।
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि महिला के गर्भवती होने से प्रसव तक तथा लिंगानुपात को सही मानक में बनाए रखने के लिए माता तथा बच्चों के सही आंकड़े के लिए टैपिंग सिस्टम को अपनाने तथा अपने स्तर पर, गैर सरकारी संगठनों, बाल एवं महिला स्वास्थ्य से जुड़े हुए विभागों/ऐजेंसियों के आंकड़ो का तुलनात्मक अध्य्यन करते हुए वर्षवार तथा माह वार स्पष्ट डेटा प्राप्त करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने जनजागरुकता के लिए शिविर, कार्यशाला में प्रचार सामग्री वितरित करने तथा सार्वजनिक स्थलों पर जागरुकता पोस्टर चस्पा करने के निर्देश दिए।
बैठक में संयुक्त निदेशक कानून डाॅ जे.एस बिष्ट, जिला पंचायतराज अधिकारी एम जफर खान, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास एस.के सिंह, पैथोलाॅजिस्ट डाॅ एन.के मिश्रा, वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ डाॅ एनएस खत्री, जिला समन्वय पीसीपीएनडीटी ममता बहुगुणा सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

आपदा आने से पहले सचेत कर देगा शिक्षक का बनाया यंत्र

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उत्तराखण्ड में बीते वर्षों से घट रही आपदा की घटनाओं से दुखी होकर एक शिक्षक ने डिजास्टर रिमोट कंट्रोल प्लेन बनाकर ऐसी घटनाओं का पूर्वानुमान लगाने की शोध शुरू कर दी है ताकि क्षेत्रवासियों को बचाया जा सके। उत्तराखंड के आपदा प्रभावित क्षेत्र मुनस्यारी के मूल निवासी और हाल ही में नैनीताल जिले के ग्रामीण क्षेत्र कोटाबाग में शिक्षा विभाग में कार्यरत 37 वर्षीय ललित सिंह ने किसी भी आपदा से बचाव के लिए पहले चरण में प्लेन का आविष्कार कर लिया है। मन में मासूम पहाड़ी क्षेत्रवासियों की सुरक्षा का सपना लिए हुए इस नौजवान का पूरा परिवार इसी मकसद में जुटा हुआ है।
ललित ने बताया कि उनका मकसद यह है कि पहाड़ी क्षेत्रों में बादल फटने और भूस्खलन से आम लोगों के दबकर मरने की घटनाओं को इस प्लेन की मदद से अगर पहले से ही पता किया जाए तो उन्हें समय रहते हुए बचाया जा सकता है। ललित ने कहा कि ये प्लेन उन क्षेत्रों और बादलों के ऊपर उड़ सकता है, जहां घटना की संभावनाएं अधिक रहती हैं। आने वाले समय में वो इसमें जीपीएस सेंसर और कैमरा लगाएंगे, जिससे क्षेत्र की वस्तु स्थिति से रूबरू रहा जा सके। साथ ही ललित ने अपने पहले चरण के अविष्कार से अवगत कराते हुए बताया कि ये एक रिमोट कंट्रोल प्लेन है।
ललित ने बताया कि ट्राय मॉडल बनाए हैं जो सफल हो रहे हैं। उन्होंने इसके निर्माण में डेपरान शीट, इलेक्ट्रॉनिक स्पीड कंट्रोलर, आउट रनर मोटर, लीथियम पॉलीमर बैटरी 2200 एमएच और 1000 एमएच अलग-अलग मैसेज रिसीवर का इस्तेमाल किया है। इसमें फ्लाई स्काई कंपनी का दो गीगाहर्ट्ज का ट्रांसमीटर भी लगता है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इसका सारा सामान लगभग विदेश से आता है। उन्होंने बताया कि एक प्लेन को बनाने में लगभग दस से बीस हजार तक की लागत आती है।

instrument for disasterललित ने बताया कि इसमें जीपीएस सिस्टम लगने के बाद ये बैक-टू होम आने लगेगा। इसके साथ उन्होंने बताया कि प्लेन की सेंटर ऑफ ग्रेविटी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिस पर पूरा प्लेन काम करता है। ललित ने केवल स्नातक तक की शिक्षा ली है लेकिन अपने मकसद को पाने के लिए उन्होंने अभी भी इंटरनेट से खोज कर इस प्लेन को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। वहीं इसका फ्लाई टाइम 5 मिनट से अधिक तक जा चुका है और आगे बढ़ाने की कोशिशें भी जारी हैं। इसकी स्पीड अभी 80 से 100 किलोमीटर तक की है जिसे और भी तेजी देने की कोशिश की जा रही है।
ललित का मानना है कि सरकारी अनुमति के बाद वो बड़े प्लेन बारसा वुड से बनाएंगे जो अपना काम बखूबी करेंगे। ललित को समस्या है तो केवल फंडिंग की। ललित अभी अपने निजी संसाधनों के बल बूते पर ही राष्ट्र सेवा के इस नेक काम को कर रहे हैं। ललित ने अपने बेटे अभय को भी इस प्लेन निर्माण में लगाने की ठान रखी है। वहीं नैनीताल जिले के ग्रामीण क्षेत्र कोटाबाग में सीमित संसाधनों के बीच ललित के परिवार को सभी ग्रामीणों का नैतिक समर्थन प्राप्त है। ललित की पत्नी प्रेमा और छह वर्षीय बेटा अभय भी उनके इस नेक काम में मकसद कर रहे हैं।

अस्पताल में ताला, ई-रिक्शा में करानी पड़ी डिलीवरी

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 सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं का आलम यूं तो किसी से नहीं छिपा लेकिन भगवानपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तो ताला ही लटका हुआ है। गुरुवार रात को सरकारी अस्पताल में ताला लटका होने के कारण एक महिला ने ई-रिक्शा में ही बच्चे को जन्म दिया।

करीब एक घंटे बाद जब अस्पताल में डॉक्टर आए तो अस्पताल का ताला खोला गया। मोहितपुर गांव निवासी मीनाक्षी को गुरुवार शाम को प्रसव पीड़ा हुई। इस पर परिजनों ने गांव की ही आशा को इसकी जानकारी दी। इसके बाद आशा और परिजन महिला को ई-रिक्शा में लेकर कस्बा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो वहां ताला लटका हुआ था।
महिला का प्रसव पीड़ा से इतना बुरा हाल था कि उसे किसी दूसरी जगह ले जाना संभव नहीं था। परिजन अस्पताल के आवासीय भवन में डॉक्टर को तलाशने लगे। इसी बीच महिला की हालत बिगड़ती गई। इस पर आशा और परिवार की अन्य महिलाओं ने ई-रिक्शा में ही उसकी डिलीवरी कराई। परिजनों के तलाशने के करीब एक घंटे बाद डॉक्टर पहुंचे और ताला खोला। इसके बाद महिला को अस्पताल के अंदर ले जाया गया और उसे उपचार दिया गया।
अस्पताल प्रबंधन की इस लापरवाही को लेकर परिजनों में रोष है। परिजनों का कहना है कि इस मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की जाएगी। इस मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर विक्रांत सिरोही का कहना है कि हर समय अस्पताल में एक डॉक्टर की तैनाती होती है। यदि इस तरह का मामला है तो इसकी जांच कराई जाएगी। जांच के बाद इस मामले में यदि डॉक्टर की लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी। 

मसूरी में 23वी गोली काण्ड की यादें हुईं ताजा

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मसूरी की 23वी गोली काण्ड के अवसर पर उन 6 शहीदों को याद किया गया जिन्होंने पहाड़ी राज्य उत्तराखंड को एक अलग राज्य बनाने के लिए अपने जीवन को न्यौछावर कर दिया था। 2 सितंबर 1994 को मसूरी में हुए शूटआउट को मसूरी शायद कभी नहीं भूल सकता। यह एक दिन है जब शहीदों के परिवारजन अपना दुख एक दूसरे के साथ शहीद sthal पहुँच कर बांटते हैं। आज से 23 साल यह के छ: लोगों ने अलग राज्य  के लिए अपनी जान दे दी थी,शहीद हंसा धनई, बेलमती चौहान, बलबीर नेगी, राय सिंह बंगारी, मदन सिंह मंमगाई और धनपत सिंह।

अाज उनकी याद में शहर भर में अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता हैं, जैसे कि शहीदों के परिवारजनों और मुख्यमंत्री द्वारा उनकी मूर्तियों पर मालाएं अपर्ण करना, ब्लड डोनेशन, वृक्षारोपण, और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होता है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत आज शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद, मालरोड गढ़वाल टेरेस के समीप  हिमवंत कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल की प्रतिमा का अनावरण करेंगे।पुराने लोग अाज भी इस गोली काण्ड को भूल नहीं पायें है। प्रोफेसर गणेश सैली उस दिन की यादें कर कहते है कि, “आज भी दिमाग में वह दिन ऐसे ताजा है कि जैसे कल ही की बात हो, अगर उन 6 लोगों ने राज्य के लिए अपनी जान नहीं दी होती तो आज उत्तराखंड एक अलग राज्य केवल एक सपना होता।”

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उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन के दौरान पहाड़ों की रानी मसूरी में दो सितंबर 1994 को हुए गोलीकांड के शहीदों की स्मृति में आयोजित श्रद्धाजंलि कार्यक्रम व सर्वधर्म सभा में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत, विधायक गणेश जोशी व प्रीतम पंवार, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, नगरपालिका अध्यक्ष मनमोहन मल्ल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता लालचन्द शर्मा, प्रदेश समन्यवक राजेन्द्र शाह, प्रदेश सचिव कांग्रेस कमेटी गिरीश चंद्र, दीप बोहरा, भरत शर्मा, नवीन सिंह पयाल, सुनित राठौर व अन्य शामिल रहे।

राजभवन में आयोजित हुआ तीसरा राईटर मीट

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राज्यपाल डा. कृष्ण कान्त पाल ने राजभवन में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रसिद्ध लेखक एलन सीली को सम्मानित किया। राज्यपाल ने एलन सीली का स्वागत करते हुए उनकी विभिन्न कृतियों का उल्लेख किया अौर कहा, ‘कि एलेन सीली ने अपनी तीस वर्ष की साहित्यिक यात्रा में अनेक प्रसिद्ध पुस्तकों की रचना की, जिनमें साहित्य एकेडमी अवार्ड से सम्मानित पुस्तक ‘ट्रोटरनामा’ व बुकर पुरस्कार के लिए शार्टलिस्ट किया गया उपन्यास ‘एवरेस्ट होटल’ प्रमुख हैं।”

इस अवसर पर लेखक एलेन सीली ने अपनी नवीनतम रचना ‘‘जलालुडिनस’ के बारे में बताया। लेखक एलेन सीली के कार्यक्रम में उपस्थित बुद्धिजीवियों के साथ अनौपचारिक संवाद भी हुआ। कार्यक्रम में अनेक लेखक, बुद्धिजीवी, प्रकाशक, पत्रकार तथा देहरादून के कई प्रतिष्ठित लोग भी मौजूद थे। राजभवन में तीसरे राइटर मीट का इंटरेक्टिव सेशन लगभग एक घंटे तक चला जिसमें जिसमें सभी श्रोताओं ने अपने मन की बात पूछी और और हंसते-खिलखिलाते रहे।

पिछले दो दिन से खराब मौसम के बाद भी राइटर मीट में आने वालों की संख्या, खासकर राईटर की संख्या कम ना हुई। इस कार्यक्रम में राइटर नयनतारा सेहगल, राज कवंर, ह्यू और काॅलीन गेनजर और गणेश सैली के अलावा और लोगों ने भी अपनी उपस्थित हुयें।

बाहर निकलने से पहले शहर का रुट डायवर्ट प्लान जरुर देंखे

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ईद उल अदा के अवसर पर देहरादून का ट्रैफिक कुछ समय के लिए डायवर्ट किया जाएगा।

डयूटी/बैरियर प्वाइंटः-

1- घण्टाघर चैक
2- बिन्दाल चैक
3- किशननगर चैक 4- बल्लुपूर चैक
5- कौलागढ़ चौक
6- टर्नर रोड़
7- सुभाष नगर तिराहा
8- चन्द्रवनी चौक
9- मोरोवाला
10- धर्मपुर

डायवर्ट प्लानः-

बिन्दाल ईदगाह-
1- घण्टाघर से चकराता रोड की तरफ कोई भी वाहन नही जायेगा।
2- दर्शनलाल चैक से घण्टाघर होते हुए कैण्ट व बल्लुपूर जाने वाले वाहनों को राजपुर रोड की तरफ डायवर्ट किया जायेगा उक्त वाहन राजपुर रोड न्यू कैण्ट रोड से होते हुए कैण्ट थाने से बल्लुपूर की ओर जा सकेगें ।
3- किशननगर चैक से शहर की तरफ आने वाले यातायात को कैण्ट/कौलागढ होते हुए दिलाराम/बल्लूपूर चैक की तरफ डायवर्ट किया जायेगा ।
4- बल्लुपूर पर बैरियर लगाकर बल्लुपूर से शहर की ओर जाने वाले यातायात को कैण्ट या बल्लीवाला चैक की तरफ डायवर्ट किया जायेगा।

क्लेमनटाउन ईदगाह-
1- सहारनपुर/दिल्ली मार्ग से आने वाले यातायात को चन्दमणी मोड से वाडिया इन्सटयूट की तरफ डायवर्ट किया जायेगा जहाॅ से उक्त यातायात जीएमएस रोड शिमला बाई पास की ओर से आईएसबीटी की तरफ संचालित किया जायेगा ।
2- आईएसबीटी से सहारनपुर/दिल्ली मार्ग की ओर जाने वाले यातायात को टर्नर मोड से डायवर्ट किया जायेगा। उक्त यातायात थाना क्लेमनटाउन होते हुए सुभाष नगर मुख्य मार्ग से सहारनपुर/दिल्ली मार्ग की ओर संचालित किया जायेगा। सभी प्रकार के भारी वाहन सैल टैक्स आर0टी0ओ0 चैक पोस्ट पर सड़क के किनारे रोक दिये जायेंगे तथा रिस्पना से जाने वाले भारी वाहन ट्रक आदि को पुरानी बाईपास चौकी के पास रोक दिया जायेगा।

यह डायवर्ट प्वाइट पर यातायात डायवर्ट ईद प्रराम्भ होने से सामाप्ति तक किया जायेगा। ईद समाप्ति पर यातायात का संचालन सामान्य कर दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने ‘हिमालय बचाओ’ की दिलाई शपथ

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उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों को ‘हिमालय बचाओ’ अभियान की शपथ दिलाते हुए कहा कि सभी को इस संकल्प के साथ हिमालय बचाने की मुहिम में आगे आना होगा।
शक्रवार को ‘हिमालय बचाओ’ अभियान की शपथ के पश्चात मुख्यमंत्री ने बताया कि नौ एवं 10 सितम्बर को हिमालय दिवस का आयोजन किया जाएगा और हिमालय के पर्यावरण पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभावों को लेकर व्यापक स्तर पर प्रदेश भर में जागरुकता कार्यक्रम चलाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर पर्यावरण को सन्तुलित करने में हिमालय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हिमालय जल, जीवन और पर्यावरण का मूल आधार है। पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए सभी को आगे आना होगा।
सीएम ने कहा कि उत्तराखण्ड के लिए हर दिन हिमालय दिवस है। यहां का आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक ताना-बाना हिमालय पर पूर्ण रूप से आधारित है। हिमालय के संरक्षण और समृद्धि में ही हमारी समृद्धि है। इस अवसर पर मुख्य सचिव एस. रामा स्वामी सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।