बीते सोमवार देर रात्रि समय लगभग 1:00 बजे थाना कोतवाली मसूरी को सूचना मिली कि डोंगा रोड, मिसरास पट्टी थाना मसूरी में एक मारुति 800 वाहन खाई में गिर गया है। सूचना पर थाना मसूरी से पुलिस बल मौके पर पहुंचा तथा कार सवार व्यक्तियों को स्थानीय नागरिकों की मदद से खाई से बाहर निकाला गया। कार में कुल 05 लोग सवार थे। जिनमें से एक व्यक्ति रंजीत पवार पुत्र दिलीप सिंह निवासी मिसरास पट्टी थाना मसूरी, उम्र 45 वर्ष, की मौके पर मृत्यु हो गई तथा घायल 1- रमेश सिंह 2- प्रताप चौहान 3- सुनील ध्यानी तथा 4- राजकुमार राणा को स्थानीय व्यक्तियों की मदद से उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मसूरी भर्ती कराया गया, जहां से घायलों को महंत इंदरेश अस्पताल रेफर किया गया। मृतक के शव को दून मोर्चरी में अग्रिम कार्यवाही हेतु रखा गया है। पुलिस द्वारा घायलों के परिजनों को सूचित किया गया है। मामले में अग्रिम कार्यवाही प्रचलित है।
प्रियंका चोपड़ा ने छोड़ी संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘गुस्ताखियां’
संजय लीला भंसाली के प्रोडक्शन में शुरू होने जा रही फिल्म ‘गुस्ताखियां’ का मामला खटाई में पड़ता नजर आ रहा है। मशहूर शायर साहिर लुधियानवी के साथ पंजाब की महान कवियत्री अमृता प्रीतम के रिश्तों को लेकर बनने जा रही इस फिल्म में से अब प्रियंका चोपड़ा के बाहर हो जाने की खबर आ रही है। इससे पहले इरफान खान ने इस फिल्म से खुद को अलग किया था, तो उनकी जगह अभिषेक बच्चन को साहिर लुधियानवी के रोल में कास्ट करने की खबर मिली थी।
प्रियंका चोपड़ा ने संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘राम लीला’ में एक गाना किया था और बाजीराव मस्तानी में बाजीराव की पत्नी काशीबाई की शानदार भूमिका की थी, जिसमें उनकी बहुत तारीफ हुई थी। कहा जाता है कि फिल्म में लगातार हो रहे बदलाव से प्रियंका चोपड़ा नाखुश थीं, इसलिए डेट्स का संकट कहकर वे इस प्रोजेक्ट से अलग हो गईं। प्रियंका के पास इस वक्त बॉलीवुड की कोई फिल्म नहीं है, लेकिन हॉलीवुड में पहली फिल्म ‘बेवाच’ के बाद उनको दो और फिल्में मिली हैं, जिनमें से एक फिल्म में वे क्रिमिनल लॉयर का रोल करने जा रही हैं।
भंसाली के प्रोडक्शन से जुड़े सूत्रों ने प्रियंका द्वारा फिल्म से अलग होने की खबर की पुष्टि करते हुए कहा है कि अभी उनकी जगह किसी और को कास्ट करने की कोई बात नहीं है। सूत्रों ने कहा है कि भंसाली की फिल्म पद्मावती के रिलीज होने तक गुस्ताखियां के प्रोजेक्ट को स्थगित किया जा सकता है।
फिल्म केदारनाथ का पहला पोस्टर हुआ लांच
रविवार को फिल्म की शूटिंग शुरु होने के साथ ही बालाजी की नई फिल्म केदारनाथ का पहला पोस्टर भी रिलीज कर दिया गया। कल देर रात सोशल मीडिया पर ये नया पोस्टर लांच हुआ। शूटिंग शुरु होने से पहले फिल्म का मोशन पोस्टर भी रिलीज हो चुका है। उत्तरांचल में देहरादून के करीब इस फिल्म का पहला शेड्यूल शुरु किया गया, जिसमें फिल्म की जोड़ी सुशांत सिंह राजपूत और सारा अली खान हिस्सा ले रहे हैं।
बताया जाता है कि ये पहला शेड्यूल 10 दिन का होगा। फिल्म की शूटिंग शुरु होने से पहले फिल्म के सितारों और टीम ने केदारनाथ जाकर दर्शन किए। सुशांत सिंह और सारा अली खान ने सोशल मीडिया पर केदारनाथ मंदिर की यात्रा के फोटो शेयर किए, जिसमें वे स्थानीय लोगों और भारतीय सेना के जवानों के साथ नजर आ रहे हैं।
उत्तरांचल का शेड्यूल पूरा होने के बाद इसके बाद आगे की शूटिंग मुंबई, हैदराबाद, गोवा, बंगलुरु और विदेशों में हांगकांग तथा अमेरिका में होगी। अभिषेक कपूर के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में सैफ अली खान और अमृता सिंह की बेटी सारा अली खान को लांच किया जा रहा है। ये फिल्म अगले साल अप्रैल में रिलीज होगी।
फिल्म ‘बादशाहो’ की कमाई 50 करोड़ के पार
पिछले शुक्रवार को रिलीज हुई अजय देवगन की एक्शन पैक मसाला फिल्म ‘बादशाहो’ ने बॉक्स ऑफिस पर मजबूत शुरुआत के बाद चौथे दिन ही 50 करोड़ की कमाई का आंकड़ा पार कर लिया। पहले वीकेंड में 42 करोड़ से ज्यादा की कमाई के बाद सोमवार को आठ करोड़ के आसपास का कारोबार किया, जिसे बहुत अच्छा माना जा रहा है।
इस कमाई के बाद अब फिल्म के सौ करोड़ के क्लब तक पहुंचने का रास्ता और ज्यादा साफ होता नजर आ रहा है। फिल्मी कारोबार के जानकारों का मानना है कि अगले वीकेंड तक फिल्म सौ करोड़ में पहुंच सकती है। इसे साल की बड़ी हिट फिल्मों में जगह मिल चुकी है। मिलन लुथरिया के निर्देशन में बनी इस मसालेदार फिल्म की कहानी 1975 की इमरजेंसी के बैकड्रॉप पर है, जहां लुटेरों की एक गैंग दिल्ली ले जाए जा रहे सोने को लूटने की प्लानिंग करती है।
फिल्म में अजय के एक्शन, इमरान हाश्मी के रोमांस के साथ इलियाना डिक्रूज और ईशा गुप्ता के ग्लैमर और संजय मिश्रा की कॉमेडी के मसालों को दर्शकों ने पसंद किया है। टी सीरीज ने इस फिल्म का निर्माण किया है।
एक ऐसा स्कूल जो स्लम के बच्चों के सपनों को दे रहा है शिक्षा के पंख

छात्रों के चरित्र निर्माण में योदगान दें शिक्षकः सीएम रावत
शिक्षक सकारात्मक रुख अपनाते हुए राज्य के विकास और विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण में अपना योगदान दें। शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर के 4,000 शिक्षकों को सीधे संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को स्वाध्याय के प्रति प्रेरित करते हुए कहा कि एक शिक्षक के एक घंटे के स्वाध्याय का परिणाम औसतन 160 घंटे का अध्यापन होता है।
मंगलवार को सचिवालय के सभागार शिक्षक दिवस पर राज्य के शिक्षकों से संवाद किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों की अपेक्षा प्राइवेट स्कूलों में अभिभावकों व शिक्षकों के रुझान पर चिन्ता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में प्रति बच्चे पर व्यय देश में सबसे ज्यादा है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में सर्वश्रेष्ठ अध्यापक होने के बाद भी सरकारी स्कूलों के प्रति विश्वास में कमी है। सरकारी शिक्षकों की सेवा शर्ते, वेतन इत्यादि भी प्राइवेट स्कूलों से बेहतर है। प्राइवेट स्कूलों में जहां औसतन 25 बच्चों पर एक अध्यापक होता है, वहीं सरकारी स्कूलों में 12 बच्चों पर एक अध्यापक होता है। उन्होंने राजकीय विद्यालयों के शिक्षकों का आह्वान किया कि वे अपनी क्षमता एवं लगन से सरकारी विद्यालयों के प्रदर्शन को और बेहतर बनाएं। उन्होंने कहा कि राज्य में कुल मिलाकर 14,985 प्राइमरी स्कूल और 5088 उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। इसके अतिरिक्त 2259 माध्यमिक स्कूल हैं। प्राइमरी स्कूलों में 4,88,833 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, इनमें 2,22,792 बालक और 2,66,041 बालिकाएं हैं।
मुख्यमंत्री ने राज्य के प्राइमरी स्कूलों में बालिकाओं के बढ़ते प्रतिशत पर संतोष व्यक्त किया लेकिन उन्होंने राज्य में बालिकाओं के अपेक्षाकृत कम लिंगानुपात पर चिन्ता भी व्यक्त की। उन्होंने शिक्षक समुदाय को इस दिशा में समाज को जागृत करने के लिए आगे आने की अपील की। सीएम ने कई स्कूलों में एक भी विद्यार्थी नहीं होने और कई स्कूलों में 10 से भी कम विद्यार्थी होने पर चिन्ता व्यक्त करते हुए विद्यालयों की क्लबिंग का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालयों की क्लबिंग करके हम शिक्षकों और अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने शिक्षक संगठनों से भी अपील की है कि वे सरकार और समाज को अपना रचनात्मक सहयोग दें। सरकार सभी शिक्षक संगठनों का सम्मान करती है और उनकी सभी मांगों एवं सुझावों को लेकर संवेदनशील है। मुख्यमंत्री ने शिक्षक समुदाय के चुनाव, जनगणना जैसी विभिन्न लोक कल्याणकारी गतिविधियों में दिए जा रहे योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि भविष्य में ‘आधार योजना‘ और तकनीक के विस्तार से इन अतिरिक्त कार्यों में कमी आएगी। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को आगे आकर अपनी बात रखने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही वे mygov.in के उत्तराखण्ड चैप्टर पर अपने सुझाव दे सकते हैं। साथ ही वे [email protected] पर भी अपने सुझाव भेज सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी 13 जनपदों के शिक्षकों को सम्बोधित किया। इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जनपद, ब्लॉक और तहसील के 114 स्वान सेन्टर, 94 कामन सर्विस सेन्टर, 13 जिला डायट केन्द्र और 13 जिला एनआईसी केंद्र जुड़े थे। इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के शिक्षक भी सीधे जुड़े। सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में मुख्यमंत्री के साथ शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह, शिक्षा सचिव चंद्रशेखर भट्ट, सचिव मुख्यमंत्री राधिका झा आदि मौजूद रहे।
शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को किया सम्मानित
शिक्षक दिवस के अवसर पर मसूरी विधायक गणेश जोशी ने कैप्टन प्रतीक आचार्य राजकीय इंटर कॉलेज डोभालवाला में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस पर शिक्षकों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर विधायक जोशी ने देश के द्वितीय राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन की स्मृति पर पुष्पाजंलि अर्पित करते हुए सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस पर शुभकामनाएं दी। विधायक जोशी ने कहा कि हमारे देश में पहले संस्कृत को 12वीं तक अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाया जाता था लेकिन आज कक्षा आठवीं से संस्कृत को पढ़ाया ही नहीं जाता| उसकी अनिवार्यता को खत्म करते हुए उसे वैकल्पिक विषय के रूप में पढ़ाया जा रहा है। विधायक जोशी ने कहा कि जिस प्रकार से संस्कृत की उपेक्षा की जा रही है ठीक उसी प्रकार से संस्कृति भी विलुप्त हो रही है।
विधायक जोशी ने विद्यार्थीयों को उनके अच्छे भविष्य की कामना करते हुए कहा कि सदैव शिक्षा व शिक्षकों का सम्मान करते हुए आगे बढ़ते रहना चाहिए। विधायक जोशी ने कहा कि पूर्व में गुरुओं का आदर सर्वप्रथम किया जाता था। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि एकलव्य ने अपना अंगूठा काटकर अपने गुरु दोणाचार्य को दे दिया था। वर्तमान में विद्यार्थी अपने गुरुओं के चरण स्पर्श तक नहीं करते।
विद्यालय प्रबंधन की तरफ से प्रधानाचार्य ने विधायक जोशी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान स्कूल प्रबंधन ने विधायक के समक्ष स्कूल की कुछ समस्याएं भी रखी। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य एसएस बिष्ट, भाजपा के युवा नेता सिकन्दर सिंह, सतेन्द्र नाथ, मोहन बहुगुणा, गोविन्द सिंह कठैत, अनुज रोहिला आदि उपस्थित रहे।
अगले पांच दिन तक मौसम पर्यटकों के लिए लाभकारी
अगर आप देवभूमि उत्तराखंड की चारधाम यात्रा और यहां की खूबसूरत वादियों के दीदार का मन बना रहे हैं तो बेझिझक आ जाएं। मौसम विभाग ने प्रदेश का मौसम पर्यटकों के लिए लाभकारी बताया है।
गौरतलब हो कि प्रदेश में लगातार हो रही बारिश आफत बन गई थी। चारधाम यात्रा मार्ग सहित अन्य सड़के भारी वर्षा और मलबा आने से बार-बार अवरुद्ध हो रहीं थी| हालांकि अब सूबे में मौसम साफ है। मंगलवार से अगले पांच दिन तक मौसम बिल्कुल साफ और सफर के लायक है। मौसम विभाग विज्ञान केन्द्र देहरादून के मुताबिक अगले पांच दिन तक भारी वर्षा एवं आंधी-तूफान आने जैसी कोई संभावना नहीं है।
मौसम विभाग केन्द्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि पांच सितम्बर यानि मंगलवार से दक्षिण-पश्चिम मानसून की गतिविधियां 10 सितंबर तक कमजोर रहेंगी। ऐसे में पर्यटकों के लिए मौसम अनुकूल रहेंगे। इस अवधि के दौरान उत्तराखंड आने वाले तीर्थयात्री, पर्यटक यहां की प्राकृतिक सुन्दरता का आनंद ले सकते हैं।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि मंगलवार को आंशिक रूप से लेकर आमतौर पर बादल छाये रहेंगे। उत्तराखण्ड में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम गर्जन के साथ वर्षा हो सकती है। राजधानी देहरादून में आंशिक रूप से बादल छाये रहेंगे। अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के लगभग रहेगा।
प्रदेश के 28 शिक्षक ‘गवर्नर्स टीचर्स अवार्ड’ से सम्मानित
शिक्षक दिवस के अवसर पर राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल डाॅ. कृष्ण कांत पाल ने प्रदेश के विद्यालयों के चयनित शिक्षकों को ‘गवर्नर्स टीचर्स अवार्ड’ से सम्मानित किया। सम्मानित होने वाले शिक्षकों में प्रत्येक जिले से चयनित माध्यमिक शिक्षा व प्राथमिक शिक्षा के एक-एक शिक्षक, जबकि संस्कृत शिक्षा के लिए राज्य स्तर पर चयनित दो शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
प्रदेश के कुल 28 शिक्षकों को शिक्षा में नवाचार, नामांकन, बेहतर परीक्षा परिणाम, सामाजिक कार्यों, विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता आदि में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मानित किए गए शिक्षकों को 10-10 हजार रुपये की राशि के साथ ही राज्यपाल की ओर से चार-चार पुस्तकें भी भेंट की गईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों के संकलन ‘मन की बात’, महात्मा गांधी की ‘माई एक्सपेरीमेंट विद ट्रूथ’, प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू की ‘डिस्कवरी आॅफ इंडिया’ व पूर्व राष्ट्रपति डाॅ. एस.राधाकृष्णन की ‘लीविंग विद द परपज’ पुस्तकें भेंट की गईं।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों के बेहतरीन काम को सार्वजनिक मान्यता देने व अन्य शिक्षकों को प्रेरणा मिल सके, इस उद्देश्य से वर्ष 2015 में राज्यपाल डाॅ. कृष्ण कांत पाल द्वारा ‘गवर्नर्स टीचर्स अवार्ड’ प्रारम्भ किए गए थे। इस वर्ष से संस्कृत शिक्षा के भी दो शिक्षकों को सम्मानित किए जाने की शुरुआत की गई है। राज्यपाल डाॅ. कृष्ण कांत पाल व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ किया गया।
राज्यपाल ने पूर्व राष्ट्रपति व महान शिक्षाविद डाॅ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि डाॅ.राधाकृष्णन एक महान दार्शनिक व नीतिज्ञ थे। वे स्वामी विवेकानंद के बाद दूसरे व्यक्तित्व थे, जिन्होंने भारतीय दर्शन व संस्कृति की जानकारी, प्रभावकारी तरीके से पूरे विश्व को प्रदान की।
शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि शिक्षक शिक्षा देता है, जबकि गुरु ज्ञान देता है। प्रत्येक शिक्षक को गुरु बनने का प्रयास करना चाहिए। जब शिक्षक गुरु बनकर अपने विद्यार्थियों को ज्ञान देेंगे तो बच्चे स्वतः ही उनका सम्मान करेंगे और आजीवन उनके प्रति कृतज्ञ रहेंगे। राष्ट्रनिर्माण में सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका शिक्षक की होती है। वर्ष 2030 तक भारत में 40 करोड़ युवा होंगे। इन युवाओं को सही दिशा, शिक्षक ही दिखा सकते हैं। शिक्षकों को किताबी पाठ्यक्रम से ऊपर उठना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए जिला स्तर पर टीचर्स रिफ्रेशर कोर्स या इसी प्रकार की गतिविधियां नियमित रूप से आयोजित की जा सकती हैं, जहां कि शिक्षकों को नई शिक्षण विधियों से परिचित कराया जाए। बच्चों में वैज्ञानिक व जिज्ञासु प्रकृति विकसित करने के प्रयास करने चाहिए। शिक्षा को रोचक बनाने के लिए ई-लर्निंग व मल्टीमीडिया एजुकेशन का भी प्रयोग करना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि आज इंटरनेट तक बच्चों की आसान पहुंच है। इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि बच्चे इंटरनेट का किस प्रकार प्रयोग कर रहे हैं। ब्लू-व्हेल जैसे इंटरनेट गेम्स पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने कहा कि इन घटनाओं पर रोक के लिए जरूरी है कि शिक्षकों का बच्चों के साथ निरंतर संवाद हो। बच्चे अपने आप को अकेला महसूस न करें। शिक्षक बच्चों की मनोदशा की जानकारी रखें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि समाज को नई दिशा दिखाने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए पुस्तकीय ज्ञान के अतिरिक्त भी विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी प्रदान की जाए। गवर्नर्स अवार्ड में संस्कृत शिक्षकों को भी पहली बार पुरस्कार की श्रेणी में शामिल किये जाने पर मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि संस्कृत संस्कारों को प्रदान करने वाली एक सात्विक भाषा है। इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रपति श्री एस.राधाकृष्णन को स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि श्री राधाकृष्णन ने 40 वर्षों तक शिक्षक के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। आज आवश्यकता है कि शिक्षक अपने ज्ञान के भण्डार में वृद्धि करते रहें। जिससे नव भारत निर्माण के लिए युवाओं को अच्छी शिक्षा और संस्कार मिले।
संगठित आपराधिक गैंग्स के विरुद्ध होगी कड़ी कार्रवाईः अशोक कुमार
मंगलवार को अशोक कुमार,अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड ने रिद्धिम अग्रवाल एसएसपी एसटीएफ के साथ एसटीएफ/साईबर पुलिस स्टेशन के अधिकारयों के साथ एक बैठक कर एसटीएफ/साईबर क्राइम पुलिस स्टेशन की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए विचार-विमर्श किया। अशोक कुमार ने बताया की बैठक की कुछ मुख्य बातेंः
- वर्तमान में राज्य में अपराधियों के 6 गैंग सक्रिय है जिनके कुछ सदस्य जेल में है तथा कुछ सक्रिय सदस्य जमानत पर बाहर है। जमानत पर छूटे सदस्यों को चिन्हित कर उनकी जमानत को रद्द कराने तथा जमानतियों के विरुद्ध भी वैधानिक कार्यवाही की जाये। साथ ही गैंगस्टर एक्ट के अन्तर्गत सक्रिय गैंग के सदस्यों की सम्पत्ति जब्त कराने की कार्यवाही की जाये।
- इनामी बदमाशों की सूची को अद्यावधिक कर लम्बे समय से फरार अपराधियों पर इनाम की राशि बढ़वाये जाने की कार्यवाही करने के साथ ही रु0 5000/- से अधिक के इनामी बदमाशों जिनकी संख्या लगभग 40-50 है, की गिरफ्तारी हेतु एसटीएफ को भी निर्देशित किया गया।
- आज के परिदृश्य में समाज में ड्रग्स एक बड़ी समस्या बन कर उभरा है अतः ड्रग्स माफियाओं का चिन्हीकरण कर उनके विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जाये।
- साईबर क्राइम के मामलों में जैसे एटीएम एवं बैंक फ्राॅड, सोशल मीडिया पर महिलाओं को परेशान करने आदि में तत्काल एफआरआई दर्ज कर अपराधियों की गिरफ्तारी कर कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जाये जिससे पीड़ित को न्याय मिल सके।
- एसटीएफ तथा जनपदीय एस0ओ0जी0 के मध्य समन्वय बढ़ाने की उद्देश्य से उनके मध्य मासिक बैठक की जाये जिससे उनके कार्य की गुणवत्ता में वृद्धि होने के साथ-साथ अपराधों का शीघ्र अनावरण किया जा सके।
- एसटीएफ व साईबर पुलिस स्टेशन के कार्यों की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ द्वारा मासिक समीक्षा तथा अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था द्वारा त्रैमासिक समीक्षा करने का निर्णय लिया गया ।





























































