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डीएम ने वार्ड तीन में लगाई चौपाल

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स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत नगर पालिका के कोटेश्वर वार्ड तीन में बुधवार रात सात से आठ बजे तक रात्रि स्वच्छता चौपाल का आयोजन किया गया। इस अवसर डीएम ने गढ़वाली भाषा में नगरवासियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी। चौपाल में उत्सव ग्रुप उत्तराखंड ने स्वच्छ भारत कार्यक्रम के अन्तर्गत नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जनता को जागरूक कर स्थानीय लोगों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई।

कार्तिकेय मंदिर बेला खुरड़ में आयोजित रात्रि चौपाल में डीएम मंगेश घिल्डियाल ने गढ़वाली भाषा में संबोधन करते हुए कहा कि नगर को स्वच्छ बनाने के लिए आप सभी के सहयोग की जरुरत है। कूड़े को इधर-उधर न डालकर एकत्रित करें। कूड़ेदान में रखकर नगर पालिका के स्वच्छता कर्मी (पर्यावरण मित्र) को इसकी सूचना दें। इससे आपके के घर या आस-पास गन्दगी न फैल सके।
चैपाल में वार्ड सभासद पंकज बुटोला ने कोटेश्वर से तिलणी को जोड़ने के लिए झूला पुल का निर्माण करने, वार्ड में पेयजल समस्या को हल करने, वार्ड के अंतर्गत मिनी आंगनबाड़ी खोलने की मांग की। वार्ड के अंतर्गत प्राचीन उमरनारायण मंदिर के पीछे हो रहे भूस्खलन को रोकने के लिए सुरक्षा दीवार बनाने की मांग भी की गई। क्षेत्रवासियों ने वार्ड की विभिन्न समस्याओं से डीएम को अवगत कराया। नगर पालिका अध्यक्ष राकेश नौटियाल ने नगर को स्वच्छ बनाने में सहयोग करने की अपील की। 

गहरा रहा डेंगू का डंक​, 68 पहुंची मरीजों की संख्या

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मॉनसून के अंतिम पड़ाव पर डेंगू का डंक गहरा होता जा रहा है। बुधवार को जनपद देहरादून में 23 और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई, जिसके बाद डेगू पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़कर 68 पहुंच गई है। डेंगू का ज्यादा प्रकोप इस बार धर्मनगरी हरिद्वार में दिख रहा है। यहां इसके सर्वाधिक 32 मामले आए हैं। देहरादून में 25 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है, जबकि सात मरीज उत्तर प्रदेश से हैं। इसके अलावा टिहरी व चमोली से भी डेंगू के एक-एक मरीज सामने आए हैं।

स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से अब तक डेंगू संभावित 2531 मरीजों के सैंपल लिए गए हैं। इनमें अब तक 68 मरीजों में डेगू की पुष्टि हुई है, जिनमें 31 मरीज अगस्त में सामने आए हैं, जबकि सितम्बर माह में अब तक 33 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। विभागीय अधिकारी दावा कर रहे हैं कि मच्छर के सफाए के लिए शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में हर अंतराल के बाद फॉगिंग कराई जा रही है। लोगों को स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है। बावजूद इसके डेंगू का मच्छर सक्रिय दिख रहा है।
डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों के लिए पूर्व में ही एडवाइजरी जारी कर दी थी। स्कूली बच्चों को फुल बाजू की शर्ट व पैंट पहनकर स्कूल आने को कहा गया, लेकिन स्कूल इस पर अमल नहीं कर रहे, जबकि गत वर्ष दून में डेंगू का खासा प्रकोप रहा था। इस बार भी शहर के कई इलाके डेंगू की जद में हैं। वातावरण में ठंडक आने तक डेंगू का मच्छर सक्रिय रहेगा।

तीन माह की रिपोर्ट
माह-सैंपल-पॉजीटिव
जुलाई-337-04
अगस्त-928-31
सितम्बर-229-33

देहरादून: पुलिस कर्मी की सूझबूझ से कैसे बची जान, यहाँ देखिये विडियो

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“ट्रैफिक पुलिस कर्मी कांस्टेबल विजय प्रसाद रतूड़ी द्वारा प्रिंस चौक पर सिटी बस की चपेट में आए स्कूटी सवार को मौके पर ट्रैफिक रोककर बचाई गई जान”
बीते बुधवार को ट्रैफिक कांस्टेबल विजय प्रसाद रतूड़ी ट्रैफिक ड्यूटी पर समय 8:00 से 2:00 बजे तक प्रिंस चौक पर ड्यूटी कर रहे थे। करीब 12:30 बजे एक युवक ने सिटी बस को गलत दिशा से ओवरटेक करने की कोशिश की जिसकी वजह से उसकी चपेट में आ गया। ड्यूटी कर रहे कांस्टेबल विजय प्रसाद ने सतर्कता और तत्परता दिखाते हुए तत्काल सिटी बस को रोका तथा स्थानीय व्यक्तियों की मदद से उस स्कूटी चालक को बस के नीचे से बाहर निकाला। स्कूटी सवार युवक को किसी प्रकार की चोट नहीं आयी है। अगर समय रहते कांस्टेबल विजय प्रसाद ने बस को रूकने का इशारा कर उसे दौड़कर नहीं रोका होता तो हो सकता है कि बस की चपेट में आने से स्कूटी सवार युवक को गंभीर चोटें आ सकती थी। कांस्टेबल विजय प्रसाद द्वारा किए गए इस कार्य की स्थानीय लोगों व उच्चाधिकारियों ने बहुत प्रशंसा की।

यहां देखें विडियोः

कैबिनेट बैठक : ई-नीलामी के जरिए आवंटित होंगे खनन पट्टे, कई अहम फैसलों पर मुहर

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उत्तराखंड में अब खनन पट्टे ई-नीलामी के जरिए आवंटित होंगे। इसमें निजी खनन पट्टों को भी शामिल किया गया है। निजी भूमि में खनन पट्टा स्वामी को एक निश्चित धनराशि दी जाएगी। इसके लिए नियमावली बनाने की तैयारी चल रही है। नियमावली बनने के बाद ई-नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। बैठक में कई अन्य अहम फैसलों पर भी मुहर लगी।

बुधवार को कैबिनेट ने खनन के पट्टों की ई-नीलामी के फैसले पर मुहर लगाई है। दरअसल, प्रदेश में खनन विभाग की ओर से विभिन्न सरकारी एजेंसियों को नदियों में खनिज का चुगान करने के लिए पट्टे आवंटित किए जाते हैं। मौजूदा समय में स्थिति यह है कि जीएमवीएन और केएमवीएन आवंटित पट्टों पर चुगान का काम नहीं कर पा रहे हैं। यहां तक कि कई खनन पट्टे विभाग को वापस कर दिए गए हैं। जो पट्टे अभी उनके पास हैं उन पर भी खनन विभाग अपेक्षित काम नहीं कर पा रहा है। इसे देखते हुए सरकार ने इनकी ई-नीलामी करने का मन बनाया है।
दो चरणों में होगी नीलामी
शहरी विकास मंत्री व सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि खनन की नीलामी दो चरणों में होगी। पहले खनन के छोटे लॉट बनाए जाएंगे। इसके बाद यह आकलन किया जाएगा कि इनमें कितना खनिज मौजूद है। इसके बाद निश्चित खनिज का मानक बनाकर यह देखा जाएगा कि कौन यहां से कितना खनन कर सकता है। आवेदक की ओर से बताए गए सबसे अधिक खनिज को बेस प्राइज माना जाएगा। इसके बाद सबसे अधिक खनिज बताने वाले पांच आवेदकों को लेकर ऑनलाइन टेंडरिंग की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार निजी भूमि में भी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके लिए भू-स्वामी को एक निश्चित धनराशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हालांकि इसका अध्ययन किया जा रहा है कि खनिज में पहला अधिकारी किसका होगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए नियमावली बनाने को कहा गया है। नियमावली बनने के बाद इस प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।

हर जिले में बनेगा जिला स्तरीय फाउंडेशन
प्रदेश सरकार अब केंद्र के निर्देशानुसार हर जिले में जिला स्तरीय खनन फाउंडेशन भी बनाने की तैयारी कर रही है। यह फाउंडेशन खनन क्षेत्र के आसपास हो रहे पर्यावरण व अन्य दुष्प्रभावों का अध्ययन करेगा। खनन क्षेत्रों से मिलने वाली रॉयल्टी का एक निश्चित प्रतिशत इस फाउंडेशन में जमा किया जाएगा। इसका अध्यक्ष जिला अधिकारी को बनाया जाएगा। इसके बाद इसमें एकत्र होने वाले फंड का इस्तेमाल खनन से होने वाले दुष्प्रभावों को रोकने के लिए किया जाएगा। इसके लिए भी नियमावली तैयार की जा रही है।

35 नगर निकायों का बढ़ाया दायरा
राज्य में तीन नगर निगमों समेत 35 नगर निकायों की सीमा में इजाफा होगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत मंत्रिमंडल ने बुधवार को इस अहम फैसले पर मुहर लगा दी। इससे प्रदेश में शहरी आबादी सात प्रतिशत बढ़ जाएगी। वहीं 2022 तक गरीब व कमजोर वर्गों को एक लाख आवास मुहैया कराने के लक्ष्य पर आगे बढ़ते हुए उत्तराखंड आवास नीति को मंजूरी दी गई है। निजी क्षेत्र की मदद से बनने वाले आवासों को राज्य सरकार प्रति आवास छह लाख रुपये की दर से खरीदेगी, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को प्रति परिवार साढ़े तीन लाख रुपये पर आवास मुहैया कराया जाएगा।
वहीं, राज्य खाद्य योजना के 11 लाख परिवारों को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर चक्कर काटने से निजात मिलेगी। आगामी एक नवम्बर से इन परिवारों के बैंक खाते में खाद्यान्न सब्सिडी पहुंचेगी। इसी तरह अंत्योदय परिवारों को भी चीनी की सब्सिडी उनके खाते में मुहैया कराई जाएगी। इन फैसलों के साथ ही मंत्रिमंडल ने ऊर्जा के तीन निगमों को सातवां वेतनमान देने पर मुहर लगा दी। जिसके बाद तीनों निगम कर्मचारियों में खुशी की लहर है।
कैबिनेट बैठक में लिए गए अहम फैसले

  • अंत्योदय अन्न योजना के लाभार्थियों को नवंबर से बैंक खाते में मिलेगी चीनी की सब्सिडी की राशि
  • दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता सहभागिता योजना के तहत किसानों को एक लाख तक ऋण पर दो फीसद ब्याज पर देने पर मुहर
  • राज्य के खनिज क्षेत्रों का ई-नीलामी से होगा आवंटन, जल्द बनेगी नियमावली
  • प्रत्येक जिले में जिला खनिज फाउंडेशन न्यास की स्थापना को स्वीकृति
  • उत्तराखंड निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियमावली में संशोधन
  • उत्तराखंड मेट्रो रेल, शहरी अवस्थापन एवं भवन निर्माण निगम लिमिटेड के बोर्ड को ढांचे के गठन के साथ ही वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार देने का निर्णय
  • वेतन विसंगति समिति की रिपोर्ट को मिली मंजूरी, कार्मिकों की 38 वेतन विसंगतियां होंगी दूर
  • गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को 110 करोड़ देगी सरकार
  • घाटे में चल रही चीनी मिलों को पीपीपी मोड पर देने पर होगा विचार, मिल श्रमिकों के मसले के समाधान को श्रम मंत्री की अध्यक्षता में समिति का गठन
  • उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद में लेखाकार के चार और सहायक लेखाकार के पांच पदों को मंजूरी
  • एकलव्य आदर्श विद्यालय बाजपुर को 15 एकड़ जमीन देने का फैसला

बोलेरो यूटिलिटी के खाई में गिरने से एक की मौत

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कल रात 11:00 बजे, विकासनगर से त्यूनी आ रही बोलेरो यूटिलिटी न. UK07 CA 0241 मिनस से अटाल जाने वाले कच्चे रास्ते पर बुल्हाड गांव से नीचे गहरी खाई में गिर गई। जिसमें चालक राजपाल चौहान पुत्र बलवीर चौहान, निवासी भुटाणु थाना मोरी उत्तरकाशी उम्र 40 वर्ष की मृत्यु हो गई।

मृतक का शव गहरी खाई में है, जिसको पुलिस द्वारा गांव वालों की मदद से निकाला जा रहा है।  यूटिलिटी में बैठे तीन अन्य लोग कच्चा रास्ता होने के कारण पहले ही उतर गए थे। राजस्व शेत्र होने के कारण राजस्व पुलिस द्वारा पंचायतनामा की कार्यवाही की जा रही है।

गैस की कालाबाजारी करते महिला सहित एक व्यक्ति गिरफ्तार

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थाना बसंत विहार क्षेत्र के शास्त्रीनगर खाले में दबिश देकर पुलिस ने दो घरों से 47 गैस सिलेन्डर व रिफलिंग करने के उपकरण बांसुरी, तराजू आदि के साथ एक महिला सहित एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
बुधवार को पुलिस ने अवैध गैस की कालाबाजारी की रोकथाम एवं उसमें संलिप्त व्यक्तियों की धरपकड़ के लिए मुखबिर की सूचना पर शास्त्रीनगर में दबिश दी। मामले की सूचना पुलिस ने जिलापूर्ति निरीक्षक को दी। वे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सिलेन्डरों एवं मौके से प्राप्त रिफिलिंग के उपकरणों व उपभोक्ताओं को डिलीवरी के लिए तैयार सील्ड सिलेन्डरों को वजन करते हुये जांच की। जांच में मिला कि सील्ड सिलेन्डरों में से गैस चोरी कर खाली सिलेन्डरों में भरकर अवैध रूप से गैस की कालाबाजारी की जा रही है। उपभोक्ताओं को कम मात्रा में गैस की आपूर्ती की जा रही है।
पुलिस ने गैस कालाबाजारी में संलिप्त एक महिला व एक पुरुष को गिरफ्तार किया है। जिनके द्वारा बताया गया कि ये लोग पैसे कमाने के लालच में गैस एजेन्सी से सिलेन्डर डिलीवरी के लिए उपभोक्ताओं के घर न ले जाकर अपने घर पर ले जाते है तथा भरे हुये सिलेन्डरों में से गैस चोरीकर कालाबाजारी करते है। अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध थाना बसंत विहार पर आवश्यक वस्तु अधिनियम में मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम

  • अमरीश (32) निवासी बदांयू, उ.प्र., हाल निवासी गांधीग्राम, देहरादून
  • सीता (27) निवासी शास्त्रीनगर खाला निकट कब्रिस्तान, सीमाद्वार, देहरादून।

गौरी लंकेश की हत्या पर दून के पत्रकारों में रोष

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उत्तरांचल प्रेस क्लब में बुधवार को पत्रकारों ने वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक सभा का आयोजन किया।

बुधवार को प्रेस क्लब महांमंत्री भूपेंद्र कंडारी ने कहा कि 55 वर्षीय लंकेश को बेंगलुरु स्थित उनके घर के सामने गोली मार मारना लोकतंत्र के लिए खतरा है। इस हत्या से पत्रकार समाज में आक्रोश व्याप्त है।
प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अनूप गैरोला ने कहा कि सत्य के खिलाफ आवाज उठाना एक पत्रकार को महंगा पड़ गया, उसकी घर में गोलियां से भूनकर हत्या से यह साबित हो गया कि सच लिखने और सच के लिए लड़ने वाले पत्रकारों का जीवन भगवान भरोसे है।
कंडारी ने कहा कि आखिर कब तक पत्रकारों के साथ ऐसा सलूक होता रहेगा ? जो पत्रकार अपनी जान की बाजी लगाकर आपको खबरें पहुंचता हैं, हमेशा सत्य के साथ खड़ा रहता हैं। लेकिन फिर उसके साथ ऐसा सलूक किया जाएं, ये घिनौना अपराध है।
प्रेस क्लब सभागार में गौरी लंकेश की मृत्यु पर आयोजित शोक सभा में दो मिनट का मौन धारण कर पत्रकारों ने गौरी की दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही गौरी के हत्यारों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाने केंद्र और कर्नाटक राज्य सरकार से मांग की है।
शोक सभा में वरिष्ठ पत्रकार जगमोहन सेठी, एमएस मलिक, देवेंद्र नेगी, चेतराम भगत, हिमांशु पैन्यूली, महिला पत्रकार संघ से गीता बिष्ट आदि मौजूद रहे।
प्रेस क्लब के महामंत्री भूपेंद्र कंडारी ने बताया कि महिला पत्रकार संघ बुधवार शाम छह बजे गौरी लंकेश की हत्या के विरोध में उत्तरांचल प्रेस क्लब से घंटाघर तक कैंडिल मार्च निकालेगा।
महिला पत्रकार संघ की सदस्य गीता बिष्ट, लक्ष्मी बिष्ट, मंजू काला आदि ने कैंडिल मार्च में अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने की अपील की है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को गौरी लंकेश के हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा। 

डर के साये में सरपाणी गांव के 120 परिवार जीने को मजबूर

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चमोली जिले के विकास खंड घाट के सरपाणी गांव के 120 परिवार डर के साये में जीने को मजबूर है। 2006 की आपदा के दौरान से हो रहे गांव के नीचले हिस्से से भूस्खलन के पूरा गांव इसकी जद में है। लेकिन अभी तक प्रशासन द्वारा गांव के पुर्नवास नहीं किया गया है।

2006 में आपदा के समय सरपाणी गांव के नीचे से भूधसाव शुरू हो गया था जो वर्तमान तक जारी है। अब तक इस भूधसाव के कारण ग्रामीणों केी डेढ़ सौ नाली से अधिक काश्तकारी की भूमि नष्ट हो चुकी है। यही नहीं जिन भवनों पर ग्रामीण रह रहे वे उन पर भी दरारे पड़ी हुई है। 2013 में जब फिर से आपदा आयी थी तो ग्रामीणों ने आंदोलन कर इस गांव का भूगर्भीय सर्वे करवाने की मांग की थी। भूगर्भीय सर्वे में इस गांव के पुर्नवास का सुझाव दिया गया है लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो पायी है। गांव के दिगंबर सिंह, लक्ष्मण सिंह, अमर सिंह, चरण सिंह, बलवंत सिंह का कहना है कि इस संबंध में कई बार जिला प्रशासन से मांग की जा चुकी है लेकिन कोई हल नहीं निकल रहा है। इधर जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी का कहना है कि सरपाणी गांव पुर्नवास की श्रेणी में रखा गया है। सूची शासन को भेजी गई है। प्राथमिकता के आधार पर गांव को पुर्नवास किया जाएगा। 

पंचेश्वर परियोजना पर राज्य हित में बनाई जाए कार्ययोजना: मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पंचेश्वर परियोजना से प्रभावित हो रहे परिवारों व उनके हितों को ध्यान में रखते हुए एवं जन सुझावों को मद्देनजर अग्रिम कार्ययोजना व उससे संबंधित विषयों पर अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को सचिवालय में पंचेश्वर बहुद्देशीय परियोजना के सम्बन्ध में केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, सांसद भगत सिंह कोश्यारी, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और प्रकाश पंत के साथ बैठक की। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस महत्वकांक्षी परियोजना के बारे में देश एवं राज्य के हित को ध्यान में रखते हुए विस्तृत कार्य योजना बनाकर केन्द्र सरकार को भेजने पर चर्चा की गई।
बैठक में पंचेश्वर बहुद्देशीय परियोजना से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों के लिए पुनर्वास, विस्थापन, सर्किल रेट, विभागीय परिसम्पतियों एवं सार्वजनिक स्थानों का शासन स्तर पर आंकलन एवं आंगणन कर पूर्ण कार्ययोजना बनाने पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राज्य के हित को देखते हुए कार्ययोजना बनाई जाए। साथ ही केन्द्र सरकार से सभी मुद्दों पर गहनता से विचार-विमर्श किया जा सके। उन्होंने कहा कि टिहरी बहुद्देशीय परियोजना के अनुभवों को भी ध्यान में रखते हुए इस परियोजना के लिए डीपीआर बनाई जाए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव सिंचाई आनन्द वर्द्धन, सचिव ऊर्जा राधिका झा, सिंचाई, पेयजल एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी उपस्थित रहे।

आईआईटी रुड़की से आठ माह में चार छात्र लापता

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IIT to help improve education standards in uttarakhand

आईआईटी रुड़की से पिछले आठ महीनों में चार छात्र लापता हो चुके हैं। हालांकि इनमें से गायब हुए तीन छात्र कुछ दिन बाद ही सकुशल मिल भी गए थे। लेकिन बार-बार छात्रों का लापता होना संस्थान के लिए भी चिंता का विषय बनता जा रहा है।

इस साल संस्थान में जनवरी माह से छात्रों के गायब होने का सिलसिला शुरू हो गया था। 26 जनवरी को कोटले भवन से एमटेक का एक छात्र गायब हो गया था। जब संस्थान के सुरक्षा विभाग को छात्र के लापता होने का पता चला तो इसकी प्राथमिकी सिविल लाइंस कोतवाली में दर्ज करवाई गई। इसके तीन दिन बाद ही 30 जनवरी को इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग से एमटेक कर रहा द्वितीय वर्ष का छात्र लापता हो गया था। सुरक्षा विभाग द्वारा अपने स्तर पर छानबीन करने के बाद इस छात्र के गायब होने की सूचना भी पुलिस को दी गई। 23 मार्च को आजाद भवन से पीएचडी कर रहा एक छात्र और गायब हो गया। वहीं, पांच सितंबर को बीटेक प्रथम वर्ष का छात्र ऋतिक सैनी लापता हो गया है। इसके गायब होने की सूचना के बाद छात्र के पिता द्वारा सिविल लाइंस कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज करवाई गई है। जानकारी के अनुसार छात्र को डिप्रेशन की शिकायत है। वहीं इससे पहले भी कोई छात्र तनाव तो कोई शांति की तलाश में संस्थान से गायब हुआ था।
आईआईटी रुड़की से एक के बाद एक छात्रों के गायब होने से संस्थान प्रशासन के अलावा सुरक्षा विभाग भी चिंतित है। वहीं, अब संस्थान की ओर से तनाव और डिप्रेशन से ग्रस्त छात्रों के लिए ऑनलाइन काउंसिलिंग भी शुरू की गई है।
संस्थान के डीन आफ स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. आनंद जोशी के अनुसार तनावग्रस्त छात्रों की सहायता के लिए काउंसिलिंग सेल पहले से ही गठित है। वहीं अब योर दोस्त नाम से ऑनलाइन काउंसिलिंग शुरू की गई है। इससे तनाव से पीड़ित छात्रों की समस्याओं का समाधान हो सकेगा।