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बदरीनाथ केदारनाथ पहुंचे 11.37 लाख से अधिक तीर्थयात्री

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बदरीनाथ केदारनाथ में अब तक रिकार्ड तीर्थ यात्री भगवान के कर चुके हैं। शनिवार तक बदरीनाथ केदारनाथ में 11 लाख 37 हजार 992 भक्त भगवान के दरबार में शीष झुकाने पहुंच चुके है। श्राद्ध पक्ष चल रहा है, इसलिए बदरीनाथ के ब्रह्म कपाल में अपने पित्रों को तपर्ण देने के लिए देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौैड़ ने बताया कि बदरीनाथ में कपाट खुलने से लेकर शनिवार तक 7 लाख 25 हजार 479 श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किये। जबकि केदारनाथ में इस अवधि तक 4 लाख 12 हजार 513 श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किये। बताया जा रहा है कि गत वर्ष इस अवधि में दोनों धामों साढे दस लाख के लगभग तीर्थ यात्रियों ने भगवान के दर्शन किये थे। शनिवार को बदरीनाथ में 2 हजार 155 तथा केदारनाथ में 1 हजार 434 तीर्थ यात्रियों ने भगवान के दर्शन किये।

भागीरथी नदी के तट पर मिला अज्ञात शव

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जिला मुख्यालय स्थित केदारघाट के पास सुबह भागीरथी नदी तट पर एक शव बरामद हुआ है। पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेज दिया।

थानाध्यक्ष महादेव उनियाल ने बताया कि सुबह केदारघाट के पास एक नर कंकाल बरामद हुआ है। शव काफी पुराना लगता है। उसका नीचे का हिस्सा पूरी तरह से कंगाल बना हुआ है। शव किसी अधेड़ व्यक्ति का बताया जा रहा है। भागीरथी नदी से बहकर यह केदारघाट के किनारे लगा है। पुलिस शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल के शव गृह में रखा गया है। जहां पीएम आदि की कार्रवाई की जा रही है।

महादेव उनियाल ने बताया कि आशंका जताई जा रही है कि यह शव पूर्व में सुनगर के पास हुई बुलेरो दुर्घटना सवार लोगों में से किसी का हो सकता है। जिसमें कुल 12 लोग सवार थे। इनमें से अभी तक आठ लोग लापता चल रहे हैं। फिलहाल पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। 

पुलिस को छका रहे खनन माफिया

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काशीपुर- जिले के कप्तान साहब अवौध खनन पर रोक लगाने के दावे तो कर रहे हैं लेकिन खनन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद है कि पुलिस के सामने से ही फरार हो जाते है लेकिन पुलिस हाथ मलते रह जाती है, तो सवाल ये उठता है कि क्या ऐसे में अवैध खनन रुकेगा? जब खनन माफिया के सामने खाकी बौनी नजर आती हो! अवैध खनन में पकड़ी गई ट्रैक्टर-ट्रॉली से चालक रेता उतारकर पुलिस के सामने से खाली वाहन लेकर उत्तर प्रदेश भाग गया और पुलिस कुछ न कर सकी। पकड़ने के लिए दौड़ लगाई लेकिन नतीजा जीरो ही रहा।

अवैध खनन व ओवरलोडिंग पर रोक लगाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसके लिए रात में चेकिंग अभियान चलाया जाता है। फिर भी माफिया बेखौफ हैं। पुलिस ने रात करीब सवा 12 बजे अवैध खनन में लोहिया पुल के पास बिना नंबर की ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ ली। इसके बाद सड़क किनारे अवैध खनन से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कराकर पुलिस पिकेट स्थल पर चली गई। आइटीआइ थाने से दो पुलिस कर्मी भी बुला लिए। इसके बाद पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से उपखनिज नीचे गिरा दिया और चालक से खाली ट्रैक्टर-ट्रॉली आइटीआइ थाने में खड़ी करने को कहा। चालक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली घुमाई तो कर्मियों ने ट्रैक्टर पर बैठने का इशारा किया। इस पर चालक ने पुलिस ट्रैक्टर की रफ्तार बढ़ा दी। चालक करीब दो किलोमीटर तक पुलिस को छकाते हुए उत्तर प्रदेश क्रॉस कर दिया। इसके बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर फरार हो गया। पुलिस प्रयास के बाद भी हाथ मसलती रह गई और पछतावा के सिवाय कुछ नहीं मिला। जिसकी लाईव फूटेज आपके सामने है।

हथियारों के बल पर ट्रेक्टर लूटने वाले गिरफ्तार, एक फरार

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हथियारों के बल पर दो दिन पूर्व हुी ट्रेक्टर की लूट का काशीपुर पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन युवकों को गिरप्तार कर लिया है जबकि एक युवक अभी भी फरार बताया जा रहा है। जिनके पास से पुलिस को घटना के दौरान प्रयोग में लाये गये तमन्चे और कारतूश के साथ ही एक मोटर साईकल भी बरामद हुई है। बताया जा रहा है कि जिन चार युवकों द्वारा लूट की घटना को अंजाम दिया गया उनमे से दो चचेरे भाई है जो विदेश जाने के लिए पैसे कमाना चाहते थे जिसके लिए उन्होने घटना को अंजाम दिया था।

जबकि एक किसान है और साटकट में पैसे कमाने के लालच में आकर वो घटना में शामिल हुआ था, वहीं फरार युवक के बारे में बताया जा रहा है कि उसका पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है और वो ट्रेक्टर को बेचने की फिराक में था। तभी पुलिस ने मुखबीर की सूचना पर दबीश दी तो वो फरार हो गया, लूट की घटना को अंजान दैेने वाले चारों युवकों ने ट्रेक्टर को मोडिफाई करने की पुरी प्लानिंग कर ली थी और इन्जन नम्बर और चेसेस नम्बर तक मीटा दिया थे, लेकिन पुलिस ने बेचने से पहले ही तीन युवको को पकड लिया है।

अवैध हाॅटमिक्स को बंद करने का एनजीटी का आदेश

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लगातार पर्यावरण को बचाने की मुहिम में एक और पहल की गई है।नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने प्रदेश सरकार व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पर्यावरण पर असर डालने वाले अवैध हॉट मिक्स प्लांट तुरंत बंद कराने के निर्देश दिए हैं।अपने निर्देश के अनुसार एनजीटी ने चार सप्ताह के उंदर आदेशों के पालन करने संबंधी सभी रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने को कहा है।

एनजीटी के अध्यक्ष जस्टिस स्वतंत्र कुमार ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रदेश सरकार को यह निर्देश जारी किया। उन्होंने प्रदेश सरकार को सभी जिलाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में हॉट मिक्स प्लांट की सूची बनाकर इसे उचित कार्यवाही के लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग को भी सौंपने को कहा, ताकि वह इन पर उचित कार्यवाही कर सके।

इस दौरान सरकारी वकील ने एनजीटी को बताया कि प्रदेश में 91 हॉट मिक्स प्लांट हैं। इनमें से कुछ चल रहे हैं और कुछ बंद पड़े हैं। इनमें से 35 हॉट मिक्स प्लांट को बंद करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से नोटिस जारी कर इन्हें बंद करने का आदेश दिया जा चुका है।उन्होंने कहा कि इन आदेशों का पालन करने के लिए बोर्ड कटिबद्ध है। इस पर एनटीजी ने सरकार को चार सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद यह मामला फिर से सुनवाई के लिए लाया जाएगा।

दरअसल, एक एनजीओ ने एनजीटी में एक याचिका दायर की थी। इसमें कहा गया था कि अवैध रूप से चलाए जाए रहे हॉट मिक्स प्लांट के लिए संचालक अवैध तरीके से पेड़ काट रहे हैं और इसकी लकड़ी का इस्तेमाल आग लगाने के लिए कर रहे हैं। इससे वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। उन्होंने एनजीटी से इस मामले में कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

लावारिस 5450 अस्थियों को मिला मां गंगा का आसरा

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श्री देवोत्थान सेवा समिति के अध्यक्ष अनिल नरेन्द्र ने कहा कि अस्थि कलश विसर्जन यात्रा का उद्देश्य युवा पीढ़ी में संस्कारों के अभाव को दूर करने के साथ सामाजिक कार्यों की प्रेरणा देना है। समाजिक और धार्मिक मान्यताओं को पूरा करने के लिए उनके पास समय नहीं है। युवा पीढ़ी की इस उदासीनता के कारण ही उनके पूर्वजों की अस्थियां लावारिस अवस्था में वर्षों से श्मशान घाटों में पड़ी थी। ऐसे में उन्होंने युवा पीढ़ी में भारतीय संस्कारों के प्रति जागृति पैदा करने और लावारिस अस्थियों को मोक्ष दिलाने के लिए अभियान की शुरुआत की।

आज उन्हें इस बात की खुशी है आज वे अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं। इसका प्रमाण यह है कि लगातार लावारिस अस्थियों की संख्या में कमी आ रही है। वहीं यात्रा में सहयोग करने वाले लोगों की संख्या में दिनों दिन बढ़ोत्तरी होती जा रही है। श्री देवोत्थान सेवा समिति के तत्वाधान में पितृ पक्ष की सबसे बड़ी व एतिहासिक 16वीं अस्थि कलश विसर्जन यात्रा में बैंडबाजों के साथ 5450 लावारिस हुतात्माओं की अस्थि कलशों को पूर्ण वैदिक विधान से मां गंगा की गोद में प्रवाहित किया गया।

इस मौके पर अनिल नरेन्द्र ने कहा कि आधुनिकता की दौड़ में समाजिक मान्यताएं काफी पिछे छूट गई हैं। युवा पीढ़ी के पास भारतीय परंपराओं को निभाने के लिए समय का अभाव है। इसीलिए संपन्न परिवारों के भी पितरों की अस्थियों श्मसान घाटों पर लावारिस पड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि देवोत्थान सेवा समिति का उद्देश्य मात्र लावारिस अस्थियों को गंगा में विसर्जित करना नहीं है अपितु युवा पीढ़ी में सनातन संस्कृति का प्रचार करना भी है।

इसके पूर्व अस्थि कलश विसर्जन यात्रा का शुभारंभ निष्काम सेवा ट्रस्ट, अग्रवाल सेवा सदन, भूपतवाला से वैदिक मंत्रों के साथ किया गया। यात्रा भूपतवाला, भीमगौड़ा, हरकी पैड़ी, अपर रोड, शिवमुर्ति चैक, बंगाली मौड़, चैक बाजार कनखल होते हुए सतीघाट पहुंची। जहां पंडित जितेन्द्र शास्त्री ने पूर्ण विधि विधान से लावारिस अस्थियों को मां गंगा में विसर्जित कराया। इस मौके पर आयोजित श्ऱद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए कालिका पीठाधीश्वर महंत सुरेन्द्र नाथ अवधूत ने कहा कि राजा भागीरथ ने अपने पूर्वजों को उद्धार के लिए कठोर तप किया था। लेकिन देवोत्थान सेवा समिति के अध्यक्ष अनिल नरेन्द्र लावारिस हुतात्माओं की मोक्ष प्राप्ति के लिए लगातार 16 वर्षो से प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि देवोत्थान सेवा समिति की ओर से पिछले 15 वर्षो के दौरान 116063 अस्थियों को मां गंगा में विसर्जित किया जा चुका है।

आर्मी चीफ जनरल रावत ने अपने स्कूली दिनों की यादें की ताज़ा

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आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने शनिवार को दून में अपने स्कूली दिनों की यादें ताजा कीं। जनरल रावत अपने स्कूल कैंब्रियन हाॅल में स्कूल के 51वें स्थापना दिवस और वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में एक पूर्व छात्र की हैसियत से हिस्सा ले रहे थे।जनरल रावत कैंब्रियन हॉल स्कूल से 1973 बैच के पासआउट हैं।
मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल निवासी जनरल बिपिन रावत के पिता ले. जन. लाछु सिंह रावत (अप्र) भी सेना में थे। उनके देहरादून में पोस्टेड रहने के दौरान जनरल रावत ने छठीं से आठवीं तक की पढ़ाई गढ़ी कैंट स्थित कैंब्रियन हॉल स्कूल से की। इसके बाद पिता का तबादला शिमला हो गया तो बिपिन रावत भी वहीं चले गए। उन्होंने नौंवी से आगे की पढ़ाई शिमला के सेंट एडवर्ड्स स्कूल से पूरी की। उनका बैच कैंब्रियन हॉल स्कूल से 1973 में पासआउट हुआ। शनिवार को जनरल रावत अपने स्कूल के स्थापना दिवस समारोह में पूर्व छात्र के तौर पर आकर्षण का केंद्र रहे।
उनके बैच के कई और छा६ों ने भी इस समारोह में हिस्सा लिया। आर्मी चीफ का दून से खास नाता रहा है। स्कूली पढ़ाई के बाद उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी से प्रशिक्षण प्राप्त किया है। खास बात यह है कि प्रशिक्षण के बाद उन्हें आईएमए के सबसे प्रतिष्ठित स्वॉर्ड ऑफ ऑनर अवार्ड से भी नवाजा गया था। करीब चार दशक बाद अपने स्कूल में पूर्व साथियों और शिक्षकों से रूबरू होना एक अलग अनुभव रहा।
इससे पहले कैंब्रियन हॉल के 51वें स्थापना दिवस समारोह का शुक्रवार को रंगारंग आगाज हुआ। जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) सब एरिया मेजर जनरल जेएस यादव ने समारोह का शुभारंभ किया। छात्रों ने साहित्य, कला एवं क्राफ्ट, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और गृह विज्ञान से जुड़े मॉडल पेश किए।

उत्तराखण्ड में बिजली कटौती व सप्लाई की रोज हो रही जांच

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राज्य में बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने के मुख्यमंत्री के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए विभाग की ओर से बिजली कटौती को कम किया जा रहा है। साथ ही विद्युत वितरण खण्ड में प्रतिदिन कटौती व आपूर्ति जैसे कार्यों का रोज मूल्यांकन भी किया जा रहा है जिससे व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके।
सचिव ऊर्जा राधिका झा ने बताया कि सभी अधीक्षण अभियन्ताओं एवं अधिशासी अभियन्ताओं को निर्देश दिये है कि दैनिक रूप से विद्युत बाधा का अनुश्रवण किया जाए और विद्युत आपूर्ति में कम से कम कटौती की जाए। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन विद्युत आपूर्ति रिपोर्ट का अनुश्रवण किया जा रहा है तथा इसके आधार पर विद्युत आपूर्ति गुणवत्ता के क्रियान्वयन को अधिकारियों की वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट में शामिल किया जायेगा। इससे अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति में सुधार लाने के लिये व्यक्तिगत रूप से कार्य करना आवश्यक होगा।
उन्होंने बताया कि ऊर्जा विभाग द्वारा यह योजना राज्य में प्रथम बार लागू की गई है तथा विभाग द्वारा इस दिशा में विशेष कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। विगत वर्ष में ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में माह अप्रैल से जुलाई (चार माह) में प्रणाली में कुल औसतन विद्युत व्यवधान 268 के सापेक्ष घटकर 241 हो गया है तथा इन विद्युत व्यवधानों की अवधि 12586 मिनट से घटकर 9386 मिनट हो गयी हैं। पिछले वर्ष की तुलना में सम्मानित विद्युत उपभोक्ताओं को 3200 मिनट अधिक विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हुई है, यद्यपि ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी क्षेत्रों के सापेक्ष अभी अपेक्षाकृत कम सुधार आया है। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यृत आपूर्ति में बाधा की सूचना व्यक्ति विशेष द्वारा(मैनवली) दी जाती है तथा शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट से कम विद्युत बाधित सूचना की गणना नही की जाती है।
उन्होंने बताया कि सभी विद्युत वितरण खण्डों की रेटिंग इन मानकों के आधार पर करना भी प्रारम्भ किया गया है, इससे कमी वाले क्षेत्रों को लक्षित कर विशेष कार्य योजना बनाने तथा क्रियान्वयन में आसानी होगी एवं आपसी प्रतिस्पर्धा से कर्मी स्वयं भी विद्युत आपूर्ति में सुधार के लिए प्रोत्साहित होंगे।

कर्नाटक सरकार ने गौरी लंकेश हत्या मामले की रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपी

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नई दिल्ली। सरकार ने वरिष्ठ पत्रकार गौरी शंकर की हत्या के मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट भेज दी है। गौरी लंकेश की अज्ञात हमलावरों द्वारा हत्या कर दी गयी थी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कर्नाटक सरकार के मुख्य शासन सचिव ने रिपोर्ट में इस सनसनीखेज हत्या और उसके बाद पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पर विस्तृत रूप से गृह मंत्रालय, भारत सरकार को ब्यौरा दिया है।
वहीं, रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कर्नाटक सरकार ने मामले की जांच और 55 वर्षीय गौरी लंकेश की हत्या के मामले में शामिल अपराधियों का पता लगाने के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया है।
गौरतलब है कि गृह मंत्रालय ने गौरी शंकर की हत्या के बाद कर्नाटक सरकार से घटना की विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने केंद्रीय गृह सचिव राजीव गाबा से रिपोर्ट मांगने के लिए कहा था, जिस पर अमल करते हुए सचिव ने मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट की राज्य सरकार से मांगी थी।

राज्य के सभी स्कूलों में ड्राइवर,कंडक्टर और सभी कर्मचारियों का होगा सत्यापन

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अनिल के० रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड ने बीते दिन गुरुग्राम, हरियाणा के स्कूल में स्कूल बस के कंडक्टर द्वारा एक छात्र की हत्या किये जाने की घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए स्कूली बच्चों की सुरक्षा के सम्बन्ध एक एडवाइजरी निर्गत करने के निर्देश दिए हैं|

अशोक कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था ने बताया कि निदेशानुसार इस सम्बन्ध में सभी स्कूलों में स्कूल बसों के ड्राईवर, कंडक्टर, सुरक्षा गार्डों तथा कर्मचारियों का तत्काल सत्यापन कराये जाने, स्कूल परिसर में सीसीटीवी कैमरों चालू हालत में रखने/रखरखाव आदि सुनिश्चित कराने हेतु राज्य के सभी जनपद प्रभारियों को विस्तृत निर्देश निर्गत किये जा रहे हैं|