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गढ़वाल विश्वविद्यालय के पूर्व डीन के खाते से उड़ाए 1.20 लाख

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गोपेश्वर। साइबर क्राइम के शातिरों ने शातिराना अंदाज में गढ़वाल विवि के पूर्व डीन डा. नारायण सिंह बिष्ट के खाते से एक लाख बीस हजार रुपये उड़ा लिए। उन्होंने जिला विधिक समिति को पत्र लिख कर अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया।

डाॅ. नारायण सिंह निवासी सुभाषनगर ने बताया कि चार सितम्बर को उनके मोबाइल नंबर पर अज्ञात व्यक्ति ने स्वयं को एसबीआई बाजार शाखा का कर्मचारी बता कर एक मैसेज भेजा जिस पर छह अंक की संख्या थी। मुझसे कहा कि छह अंक की संख्या की पुर्नावृत्ति करों उनमें से एक संख्या 859739 थी। इस प्रकार उसने लगातार मोबाइल पर कई बार छह अंको की संख्या भेजकर आठ सितम्बर को फोन किया, तो अमुक व्यक्ति के कहने पर संख्या को डिलीट कर दिया। इस बीच मेरा स्वास्थ्य खराब होने के कारण बैंक नहीं गया। मैसेज में भेजी गई छह अंको की संख्या शायद फर्जी थी। उसी के आधार बैंक अकाउंट से 4, 8 व 9 सितंबर के बीच एक लाख बीस हजार रुपये निकाले गए। इसकी एफआईआर दर्ज कराने के लिए शाखा प्रबंधक को भी पत्र लिखा है।

वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने अपनी बेटी को लगाए सितारें

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”नन्ही कली अब बड़ी हो गई,
माता पिता की आंखों का उजियाला हो गई।।
शिक्षित होकर जीवन में विजेता हो गई,
भाई के हाथों में रक्षा सूत्र बांधने वाली बिटिया, आज देश की रक्षा के लिए तैयार हो गई।।
बिटिया आज माता पिता के लिए अभिमान हो गई।।”

यह कविता किसी लेखक ने नहीं बल्कि प्रदेश के वित्त मंत्री प्रकाश पन्त ने अपनी की बेटी नमिता पन्त के लिए लिखी है।बीते शनिवार को चेन्नई के ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी में वित्त मंत्री प्रकाश पंत की बेटी नमिता पंत ने आर्मी अफसर की उपाधि ली। इस दौरान नमिता के पिता प्रकाश पन्त, मां चन्द्रा पन्त, दादा मोहन चन्द्र पन्त, ताउ जी कैलाश पन्त और चाचा भूपेन्द्र पन्त आदि परिवार के सभी लोग इस दौरान मौजूद रहें।

गौरतलब है कि पिथौरागढ़ खड़कोट निवासी उत्तराखण्ड के वित्त मंत्री प्रकाश पन्त की सबसे बड़ी पुत्री नमिता पन्त ने 2012 में एलएलबी के बाद 2016 में एलएलएम किया। इसके बाद इंदौर में एसएसबी क्वालिफाई किया। पूरे देश से सिर्फ चार लड़कियों ने एसएसबी क्वालिफाई किया था। इसमें उत्तराखंड से सिर्फ नमिता का चयन हुआ है। नमिता को सेना में जेएजी ब्रांच जज एडवोकेट जनरल में आर्मी अफसर की उपाधि मिली है। देश के गिने चुने नेताओं के बच्चे ही देश रक्षा में तैनात आर्मी में है। ऐसे में उत्तराखण्ड के वित्त मंत्री प्रकाश पन्त की पुत्री ने आर्मी को ज्वाइंन कर युवाओं को एक नई राह दी है। वहीं महिलाओं को भी सशक्तिकरण का संदेश दिया है।

इस अवसर पर पिता नमिता के पिता वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने भावनात्मक होकर कुछ पंक्तियां लिखी और अपने फेसबुक वाॅल पर शेयर किया।

पुलिस के लिए सिरदर्द बना किट्टी प्रकरण

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किट्टी मामले के पीड़ितों के कारण पुलिस परेशान है। प्रत्येक पीड़ित यही गुहार लगा रहा है कि सर हमारे पैंसों का क्या होगा और कब तक मिल सकते हैं? सर सविंदर की संपत्ति का कुछ पता चला? कुछ इसी प्रकार के सैंकड़ों लोगों के सवालों का सामना हरिद्वार पुलिस रोजाना कर रही है।

पीड़ितों को उनकी रकम दिलाने के लिये हरिद्वार पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है। हालांकि इस पूरे प्रकरण में पुलिस के चक्कर लगाने वाले हजारों पीड़ित अपने लालच के चलते आज मुसीबत में है। लेकिन पीड़ितों का लालच पुलिस के गले की फांस बन गया है। हरिद्वार के रानीपुर मोड़ स्थित जीआईजी मार्ट में सविंदर और गुरमीत कौर किट्टी का अवैध धंधा चलते थे। सविंदर और गुरमीत के झांसे में आकर शहर के हजारों लोगों ने करोड़ों की रकम निवेश कर दी। 9 अगस्त को गुरमीत के अचानक शहर से गायब होने की खबर ने किट्टी में निवेश करने वालों की नींद उडा दी।

पीड़ितों ने सविंदर की घेराबंदी के लिये जीआईजी मार्ट पर डेरा डाला तो उसकी पत्नी गुरमीत कौर लोगों के सामने आ गई। पीड़ितो की शिकायत पर गुरमीत कौर को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि फरार सविंदर ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इस हाईप्रोफाइल प्रकरण में रकम गंवाने वाले हजारों पीड़ितों को कोई इंसाफ नहीं मिल पाया। आरोपियों के जेल जाने के बाद पीड़ित लोग पुलिस से रकम मिलने के संबंध में लगातार पूछताछ कर रहे हैं। जबकि पुलिस को सविंदर से करोड़ों की रकम का कोई सुराग नहीं मिल पाया। ऐसी स्थिति में सवाल उठता है कि पीड़ितों की रकम कहां से और कैसे मिल पायेगी। तमाम पीड़ित पुलिस से कोतवाली जाकर यही पूछ रहे हैं कि सर हमारे पैंसे का क्या होगा। इस पूरे प्रकरण में हरिद्वार एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने पुलिस की लंबी चैड़ी फौज तफ्तीश में लगा दी है।

एसएसपी के मार्ग दर्शन में एसपी क्राइम के नेतृत्व में एसआईटी और नगर कोतवाली के प्रभारी चंद्रभान सिंह अधिकारी समेत करीब 12 लोग सविंदर की संपत्ति और पीड़ितों की रकम का मिलान करने में लगे है। पुलिस का कहना है कि पीड़ितों को रकम कोर्ट से ही मिल पायेगी। पीड़ितों को उनकी मेहनत की कमाई मिल जाये इसके लिये पुलिस हरसंभ भरसक प्रयास कर रही है। वहीं शिवांगी त्रिपाठी के सताए लोग भी अपनी रकम को लेकर परेशान हैं। 

मलबे में दबकर 150 भेड़-बकरियों की मौत

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मोरी ब्लॉक के सिरगा गांव में हुए भूस्खलन के कारण मलबे में दबकर करीब 150 भेड़- बकरियों की मौत हो गई। बीती शाम हुई इस घटना में दो गायों की भी मलबे में दबने से मौत हो गई है। प्रशासन की टीम भी घटना स्थल के लिए रवाना हो गई है।

सिरगा गांव के छाड़का तोक में हुए भूस्खलन से ग्रामीणों की करीब 150 भेड़ बकरियां व 2 गाएं दब गई हैं।  देर शाम ग्रामीण अपनी भेड़ बकरियों व गायों को क्षेत्र में चरा रहे थे। तभी भारी भूस्खलन होने से मूर्ति सिंह, कृपाल सिंह, केदार सिंह, राय सिंह, विरेंद्र सिंह व सुरतनू लाल की भेड़ बकरियां मलबे में दफन हो गई। भूस्खलन में सरदार सिंह की 2 जर्सी गाएं भी दब गई हैं।

ग्रामीणों द्वारा घटना की सूचना तहसील प्रशासन को दे दी गई है। एसडीएम पुरोला शैलेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि मौके के लिए नायब तहसीलदार के नेतृत्व में प्रशासन और पशु चिकित्सक, एडीएआरफ व आपदा प्रबंधन की टीम भेजी गई है। फिलहाल टीम से संपर्क नहीं हो पाया है। टीम के लौटने के बाद ही नुकशान का सही आंकलन लग पायेगा। 

बदरीनाथ केदारनाथ पहुंचे 11.37 लाख से अधिक तीर्थयात्री

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बदरीनाथ केदारनाथ में अब तक रिकार्ड तीर्थ यात्री भगवान के कर चुके हैं। शनिवार तक बदरीनाथ केदारनाथ में 11 लाख 37 हजार 992 भक्त भगवान के दरबार में शीष झुकाने पहुंच चुके है। श्राद्ध पक्ष चल रहा है, इसलिए बदरीनाथ के ब्रह्म कपाल में अपने पित्रों को तपर्ण देने के लिए देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौैड़ ने बताया कि बदरीनाथ में कपाट खुलने से लेकर शनिवार तक 7 लाख 25 हजार 479 श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किये। जबकि केदारनाथ में इस अवधि तक 4 लाख 12 हजार 513 श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किये। बताया जा रहा है कि गत वर्ष इस अवधि में दोनों धामों साढे दस लाख के लगभग तीर्थ यात्रियों ने भगवान के दर्शन किये थे। शनिवार को बदरीनाथ में 2 हजार 155 तथा केदारनाथ में 1 हजार 434 तीर्थ यात्रियों ने भगवान के दर्शन किये।

भागीरथी नदी के तट पर मिला अज्ञात शव

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जिला मुख्यालय स्थित केदारघाट के पास सुबह भागीरथी नदी तट पर एक शव बरामद हुआ है। पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेज दिया।

थानाध्यक्ष महादेव उनियाल ने बताया कि सुबह केदारघाट के पास एक नर कंकाल बरामद हुआ है। शव काफी पुराना लगता है। उसका नीचे का हिस्सा पूरी तरह से कंगाल बना हुआ है। शव किसी अधेड़ व्यक्ति का बताया जा रहा है। भागीरथी नदी से बहकर यह केदारघाट के किनारे लगा है। पुलिस शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल के शव गृह में रखा गया है। जहां पीएम आदि की कार्रवाई की जा रही है।

महादेव उनियाल ने बताया कि आशंका जताई जा रही है कि यह शव पूर्व में सुनगर के पास हुई बुलेरो दुर्घटना सवार लोगों में से किसी का हो सकता है। जिसमें कुल 12 लोग सवार थे। इनमें से अभी तक आठ लोग लापता चल रहे हैं। फिलहाल पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। 

पुलिस को छका रहे खनन माफिया

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काशीपुर- जिले के कप्तान साहब अवौध खनन पर रोक लगाने के दावे तो कर रहे हैं लेकिन खनन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद है कि पुलिस के सामने से ही फरार हो जाते है लेकिन पुलिस हाथ मलते रह जाती है, तो सवाल ये उठता है कि क्या ऐसे में अवैध खनन रुकेगा? जब खनन माफिया के सामने खाकी बौनी नजर आती हो! अवैध खनन में पकड़ी गई ट्रैक्टर-ट्रॉली से चालक रेता उतारकर पुलिस के सामने से खाली वाहन लेकर उत्तर प्रदेश भाग गया और पुलिस कुछ न कर सकी। पकड़ने के लिए दौड़ लगाई लेकिन नतीजा जीरो ही रहा।

अवैध खनन व ओवरलोडिंग पर रोक लगाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसके लिए रात में चेकिंग अभियान चलाया जाता है। फिर भी माफिया बेखौफ हैं। पुलिस ने रात करीब सवा 12 बजे अवैध खनन में लोहिया पुल के पास बिना नंबर की ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ ली। इसके बाद सड़क किनारे अवैध खनन से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कराकर पुलिस पिकेट स्थल पर चली गई। आइटीआइ थाने से दो पुलिस कर्मी भी बुला लिए। इसके बाद पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से उपखनिज नीचे गिरा दिया और चालक से खाली ट्रैक्टर-ट्रॉली आइटीआइ थाने में खड़ी करने को कहा। चालक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली घुमाई तो कर्मियों ने ट्रैक्टर पर बैठने का इशारा किया। इस पर चालक ने पुलिस ट्रैक्टर की रफ्तार बढ़ा दी। चालक करीब दो किलोमीटर तक पुलिस को छकाते हुए उत्तर प्रदेश क्रॉस कर दिया। इसके बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर फरार हो गया। पुलिस प्रयास के बाद भी हाथ मसलती रह गई और पछतावा के सिवाय कुछ नहीं मिला। जिसकी लाईव फूटेज आपके सामने है।

हथियारों के बल पर ट्रेक्टर लूटने वाले गिरफ्तार, एक फरार

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हथियारों के बल पर दो दिन पूर्व हुी ट्रेक्टर की लूट का काशीपुर पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन युवकों को गिरप्तार कर लिया है जबकि एक युवक अभी भी फरार बताया जा रहा है। जिनके पास से पुलिस को घटना के दौरान प्रयोग में लाये गये तमन्चे और कारतूश के साथ ही एक मोटर साईकल भी बरामद हुई है। बताया जा रहा है कि जिन चार युवकों द्वारा लूट की घटना को अंजाम दिया गया उनमे से दो चचेरे भाई है जो विदेश जाने के लिए पैसे कमाना चाहते थे जिसके लिए उन्होने घटना को अंजाम दिया था।

जबकि एक किसान है और साटकट में पैसे कमाने के लालच में आकर वो घटना में शामिल हुआ था, वहीं फरार युवक के बारे में बताया जा रहा है कि उसका पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है और वो ट्रेक्टर को बेचने की फिराक में था। तभी पुलिस ने मुखबीर की सूचना पर दबीश दी तो वो फरार हो गया, लूट की घटना को अंजान दैेने वाले चारों युवकों ने ट्रेक्टर को मोडिफाई करने की पुरी प्लानिंग कर ली थी और इन्जन नम्बर और चेसेस नम्बर तक मीटा दिया थे, लेकिन पुलिस ने बेचने से पहले ही तीन युवको को पकड लिया है।

अवैध हाॅटमिक्स को बंद करने का एनजीटी का आदेश

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लगातार पर्यावरण को बचाने की मुहिम में एक और पहल की गई है।नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने प्रदेश सरकार व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पर्यावरण पर असर डालने वाले अवैध हॉट मिक्स प्लांट तुरंत बंद कराने के निर्देश दिए हैं।अपने निर्देश के अनुसार एनजीटी ने चार सप्ताह के उंदर आदेशों के पालन करने संबंधी सभी रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने को कहा है।

एनजीटी के अध्यक्ष जस्टिस स्वतंत्र कुमार ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रदेश सरकार को यह निर्देश जारी किया। उन्होंने प्रदेश सरकार को सभी जिलाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में हॉट मिक्स प्लांट की सूची बनाकर इसे उचित कार्यवाही के लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग को भी सौंपने को कहा, ताकि वह इन पर उचित कार्यवाही कर सके।

इस दौरान सरकारी वकील ने एनजीटी को बताया कि प्रदेश में 91 हॉट मिक्स प्लांट हैं। इनमें से कुछ चल रहे हैं और कुछ बंद पड़े हैं। इनमें से 35 हॉट मिक्स प्लांट को बंद करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से नोटिस जारी कर इन्हें बंद करने का आदेश दिया जा चुका है।उन्होंने कहा कि इन आदेशों का पालन करने के लिए बोर्ड कटिबद्ध है। इस पर एनटीजी ने सरकार को चार सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद यह मामला फिर से सुनवाई के लिए लाया जाएगा।

दरअसल, एक एनजीओ ने एनजीटी में एक याचिका दायर की थी। इसमें कहा गया था कि अवैध रूप से चलाए जाए रहे हॉट मिक्स प्लांट के लिए संचालक अवैध तरीके से पेड़ काट रहे हैं और इसकी लकड़ी का इस्तेमाल आग लगाने के लिए कर रहे हैं। इससे वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। उन्होंने एनजीटी से इस मामले में कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

लावारिस 5450 अस्थियों को मिला मां गंगा का आसरा

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श्री देवोत्थान सेवा समिति के अध्यक्ष अनिल नरेन्द्र ने कहा कि अस्थि कलश विसर्जन यात्रा का उद्देश्य युवा पीढ़ी में संस्कारों के अभाव को दूर करने के साथ सामाजिक कार्यों की प्रेरणा देना है। समाजिक और धार्मिक मान्यताओं को पूरा करने के लिए उनके पास समय नहीं है। युवा पीढ़ी की इस उदासीनता के कारण ही उनके पूर्वजों की अस्थियां लावारिस अवस्था में वर्षों से श्मशान घाटों में पड़ी थी। ऐसे में उन्होंने युवा पीढ़ी में भारतीय संस्कारों के प्रति जागृति पैदा करने और लावारिस अस्थियों को मोक्ष दिलाने के लिए अभियान की शुरुआत की।

आज उन्हें इस बात की खुशी है आज वे अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं। इसका प्रमाण यह है कि लगातार लावारिस अस्थियों की संख्या में कमी आ रही है। वहीं यात्रा में सहयोग करने वाले लोगों की संख्या में दिनों दिन बढ़ोत्तरी होती जा रही है। श्री देवोत्थान सेवा समिति के तत्वाधान में पितृ पक्ष की सबसे बड़ी व एतिहासिक 16वीं अस्थि कलश विसर्जन यात्रा में बैंडबाजों के साथ 5450 लावारिस हुतात्माओं की अस्थि कलशों को पूर्ण वैदिक विधान से मां गंगा की गोद में प्रवाहित किया गया।

इस मौके पर अनिल नरेन्द्र ने कहा कि आधुनिकता की दौड़ में समाजिक मान्यताएं काफी पिछे छूट गई हैं। युवा पीढ़ी के पास भारतीय परंपराओं को निभाने के लिए समय का अभाव है। इसीलिए संपन्न परिवारों के भी पितरों की अस्थियों श्मसान घाटों पर लावारिस पड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि देवोत्थान सेवा समिति का उद्देश्य मात्र लावारिस अस्थियों को गंगा में विसर्जित करना नहीं है अपितु युवा पीढ़ी में सनातन संस्कृति का प्रचार करना भी है।

इसके पूर्व अस्थि कलश विसर्जन यात्रा का शुभारंभ निष्काम सेवा ट्रस्ट, अग्रवाल सेवा सदन, भूपतवाला से वैदिक मंत्रों के साथ किया गया। यात्रा भूपतवाला, भीमगौड़ा, हरकी पैड़ी, अपर रोड, शिवमुर्ति चैक, बंगाली मौड़, चैक बाजार कनखल होते हुए सतीघाट पहुंची। जहां पंडित जितेन्द्र शास्त्री ने पूर्ण विधि विधान से लावारिस अस्थियों को मां गंगा में विसर्जित कराया। इस मौके पर आयोजित श्ऱद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए कालिका पीठाधीश्वर महंत सुरेन्द्र नाथ अवधूत ने कहा कि राजा भागीरथ ने अपने पूर्वजों को उद्धार के लिए कठोर तप किया था। लेकिन देवोत्थान सेवा समिति के अध्यक्ष अनिल नरेन्द्र लावारिस हुतात्माओं की मोक्ष प्राप्ति के लिए लगातार 16 वर्षो से प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि देवोत्थान सेवा समिति की ओर से पिछले 15 वर्षो के दौरान 116063 अस्थियों को मां गंगा में विसर्जित किया जा चुका है।