प्रदेश के उच्च शिक्षा, सहकारिता एवं दुग्ध विकास मंत्री डॉ. धन सिंह रावत द्वारा सोमवार सरदार भगत सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शौर्य दीवार का अनावरण किया। इस दौरान 51.58 लाख से निर्मित 50 केवी सौर उर्जा संयत्र का लोकार्पण व महाविद्यालय मे 53 लाख से बनने वाले वाचनालय भवन का शिलान्यास किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत द्वारा दीप प्रज्जवन कर किया गया। रावत ने कहा कि सरकार पहली बार छात्र हितों के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश में वर्तमान में 02 लाख 76 हजार छात्र उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, उनके लिए सरकार द्वारा 02-02 लाख का निःशुल्क बीमा कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में कार्यरत प्राचार्यों, उपनल कार्मिकों, चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों का भी बीमा किया जायेगा। उन्होंनेे कहा कि जो छात्र विदेशों में अध्ययन कर रहे हैं, उन्हे 50 लाख का ऋण 08 प्रतिशत ब्याज की दर से उपलब्ध कराया जायेगा। प्रदेश में तकनीकी शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं को 20 लाख का एजूकेशन लोन दिया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि बच्चों को पीसीएस, आईआईटी कराने हेतु भी प्रशिक्षित किया जाएगा। उत्तराखण्ड में आईएएस व पीसीएस अधिक से अधिक लोग निकाले इसके लिए सभी महाविद्यालय मे कोचिंग क्लास प्रारम्भ की जाएगी, जिसमे जनपद मे कार्यरत आईएएस अधिकारी भी उनका मार्गदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि जिन अभिभावकों की आय एक लाख से कम हैं, ऐसे 100 बच्चों को निःशुल्क पीएचडी कराई जायेगी।
उन्होंने कहा कि सभी कॉलेजों में 180 दिन की पढाई करनी अवश्य होगी और ऐसी व्यवस्थाओं को 06 माह के अन्दर सभी महाविद्यालयों की आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएंगी। 04 माह के अन्दर सभी कॉलेजों में प्रोफेसरो की नियुक्ति कर दी जाएगी। उन्होंने कहा सभी डिग्री कॉलेजो में स्वैच्छिक रक्तदान किया जाएगा जो सेना के काम आएगा।
उन्होंने कहा कि इस सत्र से डिग्री को आधार कार्ड से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा सभी महाविद्यालयों में अगले सत्र से योग, वेद व संस्कृत की कक्षाए भी कराई जाएंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजकुमार ठुकराल ने कहा विज्ञान संकाय मे भवन निर्माण हेतु 03 करोड़ रुपये आवंटन करने, विज्ञान संकाय में एमएससी मे जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, गणित व सांख्यिकी मे इसी सत्र से प्रत्येक विभाग मे 02-02 पदो की सृजित कर कक्षाएं प्रारम्भ करने की मांग की गई। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य जीएस विष्ट द्वारा महाविद्यालय की आख्या प्रस्तुत की।
छात्रों के हित में सरकार तेजी से कर रही है काम : धन सिंह रावत
फिर नहीं पहुंची 108, दूध की गाड़ी में जन्मी बच्ची
राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाओं की हालत लगातार खराब होती जा रही है। रविवार को जहां गोपेश्वर में एंबुलेंस सेवा 108 के नहीं आने के कारण कूड़ा उठाने वाली गाड़ी में डिलीवरी करानी पड़ी थी, तो सोमवार को टिहरी जनपद में दूध की गाड़ी में एक महिला ने बच्ची को जन्म दिया, हालांकि, जज्चा-बच्चा दोनों ठीक हैं।
टिहरी जिले के दूरस्थ क्षेत्र भिलंगना ब्लॉक के मोल्डा गांव निवासी विनोद ममगाईं की पत्नी प्रिंयका को रविवार देर रात रात प्रसव पीड़ा हुई तो परिजनों ने महिला को अस्पताल ले जाने के लिए 108 आपातकालीन सेवा को कॉल की। मगर 108 आपालकालीन सेवा काफी देर के बाद भी नहीं आई। इसके बाद गांव के ही हीरामाणि ममगाईं महिला प्रियंका को दूध बेचने वाली गाड़ी से पिलखी स्थित अस्पताल ले जाने के लिए निकले। कुछ दूर जाने के बाद महिला की पीड़ा बढ़ गई और 12 बजे के करीब महिला ने एक बच्ची को गाड़ी में ही जन्म दिया। इसके बाद जच्चा-बच्चा को पिलखी अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों के अनुसार दोनों स्वस्थ हैं। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में रोष है।
खतरों को न्यौता देते सड़कों के गड्ढे
कांवड़ यात्रियों के आवागमन और अन्य दिनों आम लोगों के लिए सुविधा बनने वाली कांवड़ पटरी जगह-जगह टूटी होने के कारण हादसों को दावत दे रही है। वहीं, इससे गंगनहर के लिए भी खतरा बढ़ रहा है।
रुड़की से हरिद्वार और मुजफ्फर नगर की ओर कांवड़ यात्रा के दबाव को कम करने के लिए गंगनहर के किनारे कांवड़ पटरी का निर्माण किया गया है। बारिश में यह पूरी तरह से टूट गई है। कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। सड़कों का अधिक कटाव होने के कारण नहर का पानी आबादी क्षेत्र में घुसने का खतरा भी बना हुआ है, वहीं इस मार्ग पर रात में वाहन इन गड्ढों में गिर सकते हैं। स्थानीय लोगों की तमाम शिकायतों के बावजूद विभाग इनकी ओर ध्यान नही दे रहा है। करीब 15 दिन पहले पीरबाबा कॉलोनी के समीप टूटी कांवड़ पटरी को विभाग द्वारा मिट्टी डालकर भरा गया। उसपर चलने वाले राहगीरों के लिए हादसों का खतरा बरकार है। अब मोहनपुरा मोहमदपुर के समीप कांवड़ पटरी पर बनी एक पुलिया का एक बड़ा हिस्सा जमीन में धंस गया है और बड़ा गढ्ढा राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बना है। ग्रामीण संदीप, कुशलवीर, सुभाष राठी, नीरज कुमार, मनीष कुमार, संजय कुमार, संजय राठी, दीपक धारीवाल, महिपाल, कल्लू आदि ने इस मामले में लोक निर्माण विभाग में शिकायत की है। उनका कहना है इस रास्ते से स्कूली बच्चों के अलावा काफी संख्या में राहगीर गुजरते हैं और विभाग इस ओर से आंखें मूंदे बैठा है।
आकस्मिक निरीक्षण में स्कूलों से गायब मिले पांच शिक्षक
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की लापरवाही का सिलसिला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। विभाग के तमाम कड़े दिशा निर्देशों का शिक्षक जमकर मखौल उड़ा रहे हैं। आलम यह है कि सोमवार को विभाग द्वारा किए गए आकस्मिक निरीक्षण में प्रदेश के चार जनपदों के विभिन्न स्कूलों में पांच शिक्षक गैरहाजिर पाए गए।
सरकारी स्कूलों को ढर्रे पर लाने की शिक्षा विभाग की तमाम कोशिशें फेल साबित हो रही हैं। खास बात यह कि विभाग के प्रयासों को स्कूलों में तैनात शिक्षक ही पलीता लगाने का काम कर रहे हैं। यह हम नहीं बल्कि विभाग द्वारा सोमवार को प्रदेश के चार जनपदों के सरकारी स्कूलों में किए गए आकस्मिक निरीक्षण के बाद सामने आए आंकड़े बता रहे हैं। सोमवार को महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा उत्तराखंड कैप्टन आलेक शेखर तिवारी के निर्देश पर चार जिलों के मंडलीय, जनपदीय व विकासखंड स्तर के अधिकारियों ने प्रारंभिक व माध्यमिक विद्यालयों में आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण देहरादून, पौड़ी, नैनीताल व ऊधमसिंह नगर जिलों के 75 स्कूलों में किया गया। निरीक्षण के दौरान पांच शिक्षक बिना अनुमति के स्कूलों से गैरहाजिर पाए गए।
अकेले देहरादून से चार शिक्षक गैरहाजिर
शिक्षा नगरी देहरादून की बात करें तो यहां सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के गैर हाजिर रहने की स्थिति बाकी सभी जिलों की तुलना में सबसे बुरी है। यह हम नहीं बल्कि निरीक्षण से सामने आए परिणाम इसकी तस्दीक करते हैं। काम से मुंह मोड़ने का आलम यह है कि चार जिलों में निरीक्षण के दौरान गैरहाजिर शिक्षकों की संख्या राजधानी में सबसे ज्यादा है। पांच में से चार शिक्षक अकेले देहरादून जिले में गैरहाजिर पाए गए। खास बात यह कि इन चारों शिक्षकों में से तीन शिक्षक एक ही स्कूल से गायब मिले।
दुर्गम में देंगे सेवाएं
निरीक्षण के बाद विभाग ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया है। महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा कै. आलोक शेखर ने बताया कि बिना अवकाश स्वीकृति के अनुपस्थित पाए गए शिक्षकों को दुर्गम स्थानों में स्थानांतरित किए जाने के लिए नीति बनाए बनाई गई है। जिसके तहत स्कूलों में आकस्मिक निरीक्षण में अनुपस्थित पाए जाने वाले शिक्षकों को दुर्गम स्थानों में स्थानांतरित किया जाएगा। दुर्गम में सेवाएं देने की नीति के तहत विभाग निरंतर स्कूलों से गायब रहने वाले शिक्षकों के रिकार्ड खंगालेगा। जिसके बाद ऐसे शिक्षकों को दुर्गम में भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि स्कूलों की गुणवत्ता विभाग की पहली प्राथमिकता है। ऐसे में शिक्षकों की गैरहाजिरी बेहद संजीदा मुद्दा है। उन्होंने बताया कि शिक्षक के गैर हाजिर रहने से बच्चों को शिक्षित करने का कार्य प्रभावित हो रहा है। ऐसे में बच्चे भी स्कूलों से गैर हाजिर हो रहे हैं।
यह शिक्षक रहे गैरहाजिर
- बिजेंद्र सिंह रावत, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, देहरादून
- प्रतिक्षा पुंडीर, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, कौलागढ़, देहरादून
- अमर सिंह, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, कौलागढ़, देहरादून
- अनीता सकलानी, राजकीय प्राथमिक विद्यालय कौलागढ़, देहरादून
- सुरेश जोशी, राजकीय इंटर कॉलेज, सितारगंज, ऊधमसिंह नगर
इन स्कूलों में हुआ निरीक्षण
- जिला स्कूल की संख्या बिना स्वीकृत अवकाश गैरहाजिर
- देहरादून 41 04
- पौड़ी 09 —
- नैनीताल 23 —
- ऊधमसिंह नगर 02 01
- कुल 75 05
सांसद निशंक को मिला इण्डोनेशिया सरकार का न्यौता
लोकसभा में सरकारी आश्वासन समिति के अध्यक्ष और उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक को इण्डोनेशिया सरकार से विधिवत आमंत्रण मिला है। इस कार्यक्रम में डाॅ. निशंक 14 से 19 सितंबर तक हो रहे इस अंतर्राष्ट्रीय शिविर में मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत करेंगे। जहां वे भारतीय संस्कृति और उसके मानवीय मूल्यों पर व्याखान देंगे।
गुरूदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की इण्डोनेशिया यात्रा की 90 वीं वर्षगांठ पर इण्डोनेशिया सरकार और भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में सेमिनार का आयोजन 14 से 19 सितंबर तक योगायाकाती में किया जा रहा है। इण्डोनेशिया दूतावास के शिक्षा और संस्कृति में प्रभारी प्रोफेसर इवान प्रानातो ने डाॅ. निशंक के दिल्ली स्थित आवास पर मिल कर उन्हें विधिवत निमंत्रण दिया। भारतीय कला, संस्कृति, स्थापत्य कला, मूर्तिकला, भाषा, चित्रकला, नृत्य का इण्डोनेशिया पर गहरा प्रभाव रहा है। इसी के चलते इण्डोनेशिया सरकार द्वारा गुरूदेव की यात्रा की वर्षगांठ को बड़े पैमाने पर मनाने का निर्णय लिया गया है।
डा. निशंक ने बताया कि भारतीय संस्कृति और उसके मानवीय कूल्यों पर व्याखान देंगे। उन्होंने कहा कि हिमालय भारतीय सभ्यता का जन्मदाता एवं पोषक रहा है और वे हिमालय से भारत की सद्भावना लेकर वहां जा रहे हैं। डाॅ. निशंक ने आशा प्रकट की कि उनकी इस यात्रा से दोनों देश अत्यंत निकट आएंगे। डाॅ. निशंक के साथ उच्च स्तरीय शिष्टमंडल भी दौरे पर जाएगा। योगायाती में हो रही इस महत्वपूर्ण बैठक में दुनिया भर से विद्वान जमा होंगे।
डाॅ. निशंक ने बताया कि वे यात्रा को लेकर बेहत उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृति राष्ट्र का प्राण है और इण्डोनेशिया द्वारा भारतीय संस्कृति को पुष्पित पल्लवित किया जाना अद्वितीय है। कहा कि भारत इण्डोनेशिया विश्व शांति बंधुत्व के लिए बड़ा कार्य कर सके हैं। सांसद निशंक ने कहा कि भारत इण्डोनेशिया को सामरिक साझीदार करार दिया। उन्होंने कहा कि मानवीय मूल्यों, संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन की इण्डोनेशिया ने अनूठी मिसाल पेश की है।
प्रोफेसर इवान प्रांतो ने डाॅ. निशंक की साहित्य पर्यावरण, गंगा सफाई हिमालय के क्षेत्र में किए गए कार्यों की सहाहना करते हुए कहा कि उनका देश भारत और इण्डोनेशिया के संबंधों को नई उंचाईयों तक ले जाने के लिए कृतसंकल्प है।
उन्होंने कहा कि संस्कृति के आदान प्रदान में बड़ी ताकत है और घनिष्ठ सांस्कृतिक संबंधों की मजबूत नींव पर मजबूत द्विपक्षीय संबंधों की ईमारत खड़ी हो सकती है। डाॅ. प्रांतों ने कहा कि उनका देश डाॅ. निशंक सरीखे विद्वान राजनेता को आमंत्रित करने पर अभिभूत है। रामायण और महाभारत की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि उनका देश इस्लाम धर्मावलम्बी होने के बावजूद भारतीय संस्कृति से बेहद प्यार करता है।
छेड़छाड़ करने के आरोप में सात युवक गिरफ्तार
टिहरी जिले के चम्बा के समीप स्थित दिखोल गांव की स्कूली छात्राओं और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने और अश्लील कमेंट करने की शिकायत पर पुलिस ने सात युवकों को गिरफ्तार किया है। युवकों को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा था। मामला दो संप्रदायों से जुड़ा होने के कारण क्षेत्र में तनाव की स्थिथि बन गई है, हालांकि पुलिस ने मामला शांत कराया।
पुलिस के अनुसार, ग्रामीणों ने पुलिस से शिकायत की थी कि टिहरी के पास चम्बा में एक संप्रदाय के कुछ युवक समूह बनाकर छात्राओं को अपने जाल में फंसाने की कोशिश काफी दिन से कर रहे थे। ये युवक नाम बदल कर हिंदु छात्राओं और महिलाओं को परेशान कर रहे थे। 10 सितम्बर की रात्रि पुरानी टिहरी रोड पर सात युवक आती-जाती युवतियों के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे। ग्रामीणों ने जब युवकों को देखा तो वे वहीं रूक गए।
ग्रामीण विकास का कहना है कि ये युवक छात्राओं को बर्बाद करने की बात कर रहे थे। इस पर ग्रामीणों ने एकत्र होकर इन सातों युवकों को पकड़ने की कोशिश की तो वे भाग खड़े हुए। हालांकि, ग्रामीणों ने थोड़ी दूरी पर ही उन्हें दबोच लिया। इस पर युवक ग्रामीणों से भिड़ गए और हाथापाई की। इसमें कुछ ग्रामीणों को चोट भी आईं। मुश्किल से ग्रामीणों ने इन युवकों को पकड कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची चंबा पुलिस ने युवकों को गिरफ्तार कर थाने भेजा। इसके बाद चम्बा बाजार में माहौल तनावपूर्ण हो गया और पूरा बाजार बन्द किया कराया गया। पुलिस ने स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया है।
चंबा थानाध्यक्ष देवेंद्र चौहान ने बताया कि विका रावत की तहरीर पर सात युवकों रिजवान पुत्र इस्माइल खान, सलमान पुत्र खुर्शीद, वरिश पुत्र नसीम, सलमान पुत्र बुंदु ठेकेदार, शाबीर पुत्र कासिम, अबुल कलाम पुत्र खुर्शीद और शाबिर पुत्र मुस्तफा के विरुद्ध धर्म के आधार पर साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और नाबालिग लड़कियों से छेड़छाड़ के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है।
सेना मेडल से सम्मानित हुआ पिथौरागढ़ का लाल
द्वाराहाट के मटेला गांव, निवासी सेना के जवान भूपेंद्र को उत्कृष्ट बहादुरी, सराहनीय नेतृत्व और अत्यधिक सतर्कता के लिए सेना मेडल से नवाजा गया है। भूपेंद्र सिंह को सम्मान मिलने से उनके परिजनों के साथ ही क्षेत्रवासियों ने खुशी जताई है।
अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट निवासी भूपेंद्र सिंह ने चार फरवरी 2016 को अभियान के दौरान एक घर में छुपे आतंकवादी को मार गिराया था। भूपेंद्र ने साहस का परिचय देते हुए कई लोगों की जान बचाई थी, इस सराहनीय कार्य के लिए भूपेंद्र को सेना मेडल से सम्मानित किया गया है।
भूपेंद्र ने प्राथमिक शिक्षा राजकीय प्राथमिक विद्यालय मटेला और माध्यमिक शिक्षा जूनियर हाईस्कूल गगास से ग्रहण की है। राजकीय इंटर कॉलेज नौगांव से उन्होंने इंटर तक की शिक्षा ली। उत्तरी कमान अधिकारी ने उधमपुर (जम्मू कश्मीर) में भूपेंद्र को इस सम्मान से नवाजा है। वहीं भूपेंद्र के परिजनों के साथ ही ग्रामीणों में भी खुशी की लहर दौड़ पड़ी है.
गैस लीकेज से मचा हड़कम्प
रुद्रपुर के मेट्रोपोलिस कॉलोनी में गैस लीकेज की सूचना से हड़कंप मच गया। सूचना पर मौके पर पहुंची अग्निशमन की टीम ने कालोनी की जांच की, लेकिन लीकेज का स्रोत का पता नहीं चल सका। एतिहात के तौर पर कालोनी की बिजली भी काट दी गई।
सुबह मेट्रोपोलिस कॉलोनी के एक ब्लॉक में गैस लीकेज से हड़कंप मच गया। लोगो ने एक दूसरे का दरवाजा खटखटाकर स्वयं यह जानने का प्रयास किया कि रिसाव कहां से हो रहा है। इसके बाद भी गैस की बदबू कम न होने पर अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई।
इस पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी एन एस कुँवर, अग्निशमन अधिकारी हरीश गिरी विभागीय कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घरो के दरवाजे खुलवा कर जांच की। दो घंटे के अभियान के बाद भी कुछ नही मिला, लेकिन बदबू कम होने पर सबने राहत की सांस ली। इस दौरान एहतियात के चलते कालोनी की बिजली बंद कर दी गई।
17 वाहन सीज़ व 18 के कटे कोर्ट चालान,जानिए क्यों!
देहरादून एसएसपी के निर्देशो के अनुपालन में पुलिस अधीक्षक,नगर एवं सहायक पुलिस अधीक्षक,क्षेत्राधिकारी सदर देहरादून के निर्देशन में जनपद क्षेत्रान्तर्गत बढती हुई सडक दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाये जाने एवं यातायात प्रबन्धन के निर्देशों के क्रम में पूर्व में ही सभी स्कूल प्रबन्धन को एसएसपी के आदेश को अनुपालन में नोटिस निर्गत किये जा चुके थे।
नोटिस निर्गत किये जाने के बाद भी क्षमता से अधिक स्कूली बच्चे बिठाये जाने व यातायात के नियमों का पालन न किये जाने के कारण आज थाना पटेलनगर क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न स्कूलों के छात्र/छात्राओं के आवागमन हेतु बसों/ऑटो/ विकम/ वैन की अलग-अलग स्थानों पर 9 टीम बनाकर 9 स्थानों पर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली पटेलनगर के नेतृत्व में अभियान चलाकर आकस्मिक चैकिंग की गयी।
उन वाहनों में क्षमता से अधिक बैठे स्कूली छात्र/ छात्राओं एवं सम्बन्धित चालक द्वारा यातायात के नियमों का पालन न करने के सम्बन्ध में सम्बन्धित वाहन का मोटरयान अधिनियम के अन्तर्गत आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की गयी।
जिनमें शहर के नामी स्कूल जैसे कि ओलम्पस स्कूल; जी.आर.डी एकेडमी, सेण्ट ज्यूड्स, राजा राम मोहन राय स्कूल, आर्मी स्कूल, ग्राफिक एरा, हिल्टन पब्लिक स्कूल, न्यू एरा एकेडमी झिबरहेडी व द दून युधिष्ठिर रामगढ शमिल हैै।कुल वाहन सीज़ – 17 तथा कोर्ट के चालान 18 काटे गये।
3 महीने में 24 किडनी निकालने का आरोप,डॉक्टर की तलाश जारी
उत्तरांचल डेन्टल कॉलेज, लालतप्पड, डोईवाला के अन्दर स्थित गंगोत्री चैरिटेबल हस्पिटल में किडनी निकालने का अवैध करोबार किया जा रहा हैं। इस सूचना पर विश्वास कर जानकारी ली गई तो पता चला की आज सुबह 4 व्यक्ति किडनी निकलवाकर हरिद्वार के रास्ते दिल्ली जा रहे है। सूचना पर देहरादून पुलिस व हरिद्वार पुलिस की संयुक्त टीम नेगाडी न: यू.ए. 08 टीए 5119 इनोवा को सप्तऋषि चौकी के पास रोक दिया गया। जिसमें दो महिला व दो पुरूष मौजूद मिले और एक अन्य वाहन चालक था। मौजूदा व्यक्ति ने अपना नाम भाव जी, शेखताज अली, सुशमा बेनर्जी व कृष्णा दास व चालक ने अपना नाम दीपक कुमार बताया।
लोगों से पूछताछ करने पर भाव जी ने बताया की एक व्यक्ति जावेद खान हम को गंगोत्री चेरिटेबल हस्पिटल लालतप्पड लेकर आया था और हमको एक किडनी के बदले 3 लाख रु देने का वादा किया था। पहले हस्पिटल में कृष्णा दास व शेखताज अली की किडनी निकाली गयी, फिर मेरा व सुशमा का नंबर था लेकिन जब जावेद खान के द्वारा पैसे नहीं दिये गये तो मैंने और सुशमा ने किडनी देने से मना कर दिया और हल्ला मचाना शुरू कर दिया। इस पर अस्पताल वालों ने हम चारों को जावेद खान के साथ दिल्ली रवाना कर दिया। रास्ते में पुलिस ने हमें पकड़ लिया लेकिन आप लोगों के देखते ही जावेद गाड़ी से उतर कर भाग गया।
फरार अभियुक्त जावेद खान को पुलिस ने पकड़ लिया है। सम्बन्धित घटनाक्रम में प्रकाश में आये डॉ. अमित रावत फरार है, जिसकी तलाश के लिये पुलिस द्वारा संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। घटना स्थल से ओमान के टिकट मिले है, जिससे प्रतीत होता है कि सम्भवत: किडनी की खरीद फरोख्त अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर भी की जा रही है। पुलिस द्वारा घटना स्थल पर स्वास्थ्य विभाग व एफ.ए.0एल की टीमों के साथ मिलकर जांच की जा रही है तथा अस्पताल व दूसरे स्टाफ की प्रकरण में संलिप्तता की जांच भी की जा रही है।





























































