दोस्त और पत्नी के बीच रिश्तों के शक में की हत्या
रेप के बाद हत्या का खुलासा
लावारिश शव मिलने से दून पुलिस में हड़कंप
नेहरु काॅलोनी के खट्टा पानी-फोदोंवाला क्षेत्र के दूधली मार्ग के जंगल में एक व्यक्ति का शव पड़े होने की सूचना थाना नेहरु काॅलोनी को मिली। सूचना पर थाने से पुलिस बल मौके पर पहुँचा। घटनास्थल का मौका मुआयना करने पर प्रथम दृष्टया पत्थरों से सर कुचलकर व्यक्ति की हत्या किया जाना प्रतीत हो रहा है।
पुलिस द्वारा मौके पर आस-पास के लोगों से पूछताछ कर शव की शिनाख्त के प्रयास किए गए। काफी प्रयासों के बाद व्यक्ति की पहचान एजाज अहमद, उम्र 23 वर्ष के रूप में हुई है। मौके पर फॉरेंसिक साइंस लेब से वैज्ञानिकों की टीम तथा डॉग एस्कॉर्ट की टीम को बुलाकर आवश्यक साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की गयी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा घटनास्थल पर जाकर मौका मुआयना किया गया तथा घटना के खुलासे के लिए उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गए। पुलिस द्वारा मृतक के साथ गए लोगो के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है, पुलिस द्वारा शव का पंचायतनामा भर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
ओवर बजट होने के चलते बंद हुई बिपाशा बासु की वेब सीरिज
सबसे हॉट और बोल्ड मानी जाने वाली बिपाशा बसु का कैरिअर करण सिंह ग्रोवर के साथ उनकी शादी के बाद से एक तरह से ठप्प हो गया है। 2105 में ‘अलोन’ के बाद बिपाशा बसु की कोई नई फिल्म नहीं बनी है और न ही इस वक्त वे किसी फिल्म में काम कर रही हैं।
कुछ दिनों पहले बिपाशा बसु ने एक बेव सीरिज शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन अब कहा जा रहा है कि ओवर बजट होने की वजह से इस वेब सीरिज को बंद कर दिया गया है। खुद बिपाशा बसु ने अपनी वेब सीरिज बंद होने की खबर की पुष्टि की है। बिपाशा का कहना है कि वे प्रोड्यूसर नही हैं, फिर भी उन्होंने कोशिश जरुर की, लेकिन बजट ओवर होने की वजह से उनको इसे बंद करना पड़ा।
बिपाशा का कहना है कि उनको फिल्मों के आफर लगातार मिल रहे हैं, लेकिन अब वे ऐसी फिल्मों में काम करना चाहती हैं, जिनसे उनको बतौर एक्ट्रेस संतुष्टी मिले। सन 2001 में अब्बास मस्तान की फिल्म अजनबी में बाबी देओल और करीना कपूर के साथ अपने कैरिअर की शुरुआत करने वाली बिपाशा बसु ने अपनी पहचान बोल्ड हीरोइन के तौर पर बनाई। उनकी चर्चित फिल्मों में राज, जिस्म, जमीन, एतबार, मदहोशी, बरसात, नो एंट्री, अपहरण, फिर हेराफेरी, कारपोरेट, ओंकारा, धूम 02, नो स्मोकिंग, रेस, बचना-ए-हसीनो, आक्रोश, प्लेयर्स, आ देखें जरा, आल-द-बेस्ट, दम मारो दम, आत्मा और क्रिएचर के नाम प्रमुख रहे।
‘पोस्टर ब्वॉयज’ और ‘डैडी’ का पहला वीकेंड कमजोर
पिछले शुक्रवार को रिलीज हुई दोनों बड़ी फिल्मों की बॉक्स ऑफिस पर दयनीय स्थिति कायम है। देओल भाइयों सनी और बॉबी की प्रमुख भूमिकाओं वाली श्रेयस तलपड़े निर्देशित फिल्म ‘पोस्टर ब्वायज’ और इसके साथ रिलीज हुई अर्जुन रामपाल की फिल्म ‘डैडी’ ने पहले तीन दिनों में बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कारोबार नहीं किया।
लगभग 26 करोड़ के बजट से बनी ‘पोस्टर ब्वायज’ रिलीज के पहले ही दिन निराशाजनक कारोबार के साथ शुरू हुई थी, जब इसने पहले दिन महज 1.80 करोड़ का कारोबार किया था। दूसरे दिन इसकी स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ और शनिवार को फिल्म का कारोबार 2.50 करोड़ के लगभग रहा और रविवार को ये तीन करोड़ के आसपास रहा और इस तरह से पहले तीन दिनों में फिल्म का कारोबार 7.50 तक जा पहुंचा।
दूसरी ओर मुंबई के अंडरवर्ल्ड सरगना रहे अरुण गवली की जिंदगी पर बनी अर्जुन रामपाल की फिल्म ‘डैडी’ का हाल और ज्यादा बुरा रहा। इस फिल्म ने पहले दिन दो करोड़ के लगभग का कारोबार किया था, लेकिन शनिवार और रविवार को इसकी कमाई में गिरावट रही और तीन दिनों बाद इसका कुल कारोबार 4.50 करोड़ रहा, जबकि फिल्म का बजट 20 करोड़ रहा।
फिल्मी कारोबार के जानकार पहले वीकेंड के बाद दोनों ही फिल्मों को साल की फ्लॉप फिल्मों की लिस्ट में शामिल कर चुके हैं। आने वाले दिनों में इन दोनों में से किसी फिल्म से कोई उम्मीद नहीं रही है।
फिल्म ‘रेस 3’ में सलमान के साथ दिखेंगे सिद्धार्थ मल्होत्रा
सलमान खान की नई फिल्म के तौर पर ‘रेस 3’ का मामला जोर पकड़ता जा रहा है। फिल्म की शूटिंग का पहला शेड्यूल मुंबई में शुरू होने जा रहा है, जिसके लिए टीम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इसी बीच इस फिल्म की कास्टिंग को लेकर एक और अहम जानकारी मिली है, जिसके मुताबिक, ‘रेस 3’ में सलमान खान के साथ सिद्धार्थ मल्होत्रा महत्वपूर्ण रोल करेंगे। सिद्धार्थ पहली बार सलमान खान के साथ काम करने जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि वे फिल्म में सलमान के छोटे सौतेले भाई का रोल करेंगे।
सिद्धार्थ मल्होत्रा के करियर के लिए ये फिल्म मिलना बहुत बड़ी बात समझी जा रही है। हाल ही में सिद्धार्थ की फिल्म ‘ए जेंटलमैन’ रिलीज हुई और भारी भरकम प्रचार के बाद भी फिल्म बाक्स आफिस पर सफल नहीं रही। ‘रेस 3’ के लिए माना जा रहा है कि उनके नाम की सिफारिश जैक्लीन फर्नांडिज ने की, जो ‘ए जेंटलमैन’ में सिद्धार्थ की हीरोइन रही हैं और सलमान की करीबी दोस्त मानी जाती है।
रिमो डिसूजा के निर्देशन में रेस की इस तीसरी कड़ी का निर्माण टिप्स कंपनी द्वारा किया जा रहा है, जिसने रेस की पहली दो कडियां बनाई हैं। ‘रेस 3’ इसलिए भी चर्चा में है कि इस फिल्म में सलमान खान के साथ अमिताभ बच्चन के काम करने की संभावनाएं हैं। अमिताभ बच्चन ने खुद माना है उनको इस फिल्म का प्रस्ताव मिला है। अमिताभ जल्दी कहानी सुनेंगे और फिर इस बारे में अंतिम फैसला करेंगे। सलमान की गर्लफ्रेंड रहीं ऐश्वर्या राय की शादी अभिषेक के साथ होने के बाद से बच्चन परिवार अब तक सलमान से दूर रहा है। अमिताभ बच्चन पूर्व में सलमान खान के साथ ‘बागंबा’, ‘बाबुल’ और ‘गॉड तुसी ग्रेट’ हो फिल्मों में काम कर चुके हैं।
टीएचडीसी ने ऋषिकेश के प्रमुख घाटो पर लगाया वार्निंग सिस्टम
एशिया के बड़े बांधों में शुमार टिहरी की भागीरथी नदी पर बना टिहरी डैम हमेशा से ही सुर्खियों में बना रहता है। सबसे ज्यादा समस्या मैदानी इलाकों में टिहरी डैम से छोड़े गए पानी को लेकर बनी रहती है। ऋषिकेश में कई बार टिहरी डैम के पानी के चलते स्नान घाटों पर जल स्तर में वृद्धि होने के चलते लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ता था।
कई बार पुलिस ने रेस्क्यू कर के पानी में फंसे लोगों को बाहर निकाला। अब जाकर टीएचडीसी प्रशासन ने ऋषिकेश के प्रमुख घाट त्रिवेणी घाट पर राम झूला और लक्ष्मण झूला के घाटों पर टिहरी डाम से छोड़े गए पानी के लिए सैटेलाइट से कनेक्टेड वार्निंग सिस्टम को लगाया है।
तटीय इलाकों पर रहने वाले लोगों को टिहरी डैम से छोड़े गए पानी की सूचना सायरन के द्वारा समय पर ही दे देगा, जिससे आने वाले समय में बाहर से आने वाले तीर्थ यात्री को जल स्तर के बढ़ने और घटने की जानकारी स्थानीय प्रशासन के द्वारा दे दी जाएगी। सायरन बजते ही लोग सचित होकर गंगा के गहरे पानी से दूर हो जाएंगे जिससे किसी भी अनहोनी को टाला जा सकता है
डंपर के खाई में गिरने से दो की मौत, चार घायल
बागेश्वर जिले के कपकोट स्थित लिली-गैनाड़ मोटर मार्ग पर अनियंत्रित डंपर खाई में गिरने से उसमे सवार दो महिला की मौत हो गई, जबकि चार घायल बताए जा रहे हैं जिनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि सुबह करीब 8 बजे एक बेकाबू डंपर लिली-गैनाड़ मोटर मार्ग में गहरी खाई में समा गई। जिससे डंपर में सवार धन सिंह(47) पुत्र नाथ सिंह निवासी फरसाली व रमा देवी (37) पत्नी कुंदन सिंह निवासी गिनाड की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि घटना में घायल चार लोगों को सीएचसी कपकोट में भर्ती कराया गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही राजस्व पुलिस व एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच कर राहत बचाव कार्य में जुट गई है। टीम ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया, जिसमें एक की हालत बेहद नाजुक है। जिसे बेहतर उपचार के लिए बागेश्वर रेफर कर दिया गया है। वहीं अन्य घायलों का उपचार कपकोट में चल रहा है।
मट्रोपोलिस सिटी में प्रबन्धन की मनमानी
रुद्रपुर शहर की पाउस कालोनी में अव्यवस्थाओं के चलते सोसायटी के लोगों ने प्रबन्धन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कार्यवाही की बात कहीं है, मेट्रोपोलिस सिटी में लोगों ने वहां व्याप्त विभिन्न समस्याओं को उठाते हुए कहा कि मेट्रोपोलिस प्रबंधन मनमानी पर उतारू है। मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने में भी आनाकानी की जा रही है।
नियमों की जमकर उडाई धज्जियां, घोटालेबाजों ने बटोरे करोडों
एन एएच 74 में हुए भूमि घोटाले की जांच में हर दिन नये पहलू जुडते जा रहे हैं। कहीं अकृषि भूमि दिखाकर दस गुना लाभ कमाने का मामला सामने आता है तो कहीं अधिकारियों की मिलीभगत, वहीं अब एनएच के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठने से ये बी जाहिर हो गया है कि मुआवजे के लिए अधिकारियों ने स्थलीय निरीक्षण किया ही नहीं और कागजों में हाी कोरम पुरा कर करोडों रुपये की बंदरबांट कर ली।जिसके चलते अब एनएच 74 में भूमि अधिग्रहण के समय हुए नोटिफिकेशन में गड़बड़ी सामने आ रही है।
बगैर भूमि का निरीक्षण किए नोटिफिकेशन कर दिया गया। यदि थ्री डी से थ्री जी में बदलाव को घोटाले का बिन्दु माना जाता है तो पूरे प्रदेश के ही नहीं बल्कि अन्य प्रदेशों में हुए भूमि अधिग्रहणों पर सवाल उठने लाजमी हैं। दरअसल, नोटिफिकेशन में जमीन की प्रकृति एवं प्रकार, रकबा स्पष्ट नहीं होने के कारण सक्षम अधिकारी से आख्या प्राप्त करके थ्री जी में बदलाव किया गया, जो सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। एनएच 74 में जिस समय भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना थ्री ए जारी की गई, उसमें सिर्फ खसरा नंबर का जिक्र था। थ्री सी के आदेश एवं थ्री डी की अधिसूचना से भी यह बात साफ है कि अधिकारियों ने जमीन का स्थलीय निरीक्षण नहीं किया गया। थ्री ए, थ्री सी एवं थ्री डी में भूमि के प्रकार एवं भूमि की प्रकृति के संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। निजी भूमि को भूमि की प्रकृति में कृषि दर्शाया गया और भूमि का प्रकार सरकारी होने की स्थिति में भूमि की प्रकृति गैर कृषि दर्शाया गया। सामान्यता ऐसे मामले पाए गए जिनमें एक खसरा नंबर में सहखातेदार भी थे।
किसके हिस्से में कितनी जमीन है? जमीन की प्रकृति व प्रकार क्या है? यह स्पष्ट ही नहीं था। भूमि के प्रकार, प्रकृति, रकवे के संबंध में सही जानकारी के लिए सक्षम अधिकारी से आख्या तक नहीं ली गई। ऐसे में जब मुआवजा धनराशि तय करने की प्रक्रिया शुरू की गई तो यह पता लगाना जरूरी था कि किस खसरे में कितने सह खातेदार हैं। जमीन कृषि है अथवा अकृषि? इसके लिए विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी ने संबंधित उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार की रिपोर्ट मंगाई। उसके बाद ही प्रतिकर तय किया गया। जानकारों की मानें तो एक्ट में इस बात का उल्लेख नहीं है कि भूमि की प्रकृति प्रतिकर निर्धारण करते समय थ्री डी के अनुसार ली जाए। एसआईटी की जांच का एक बिन्दु यह भी है कि थ्री डी से थ्री जी में बदलाव किया गया। यदि इसे घपला माना जाता है तो अन्य स्थानों पर हुए भूमि अधिग्रहण भी जांच के दायरे में आ जाएंगे, क्योंकि लगभग यह प्रक्रिया सभी स्थानों पर अपनाई जाती है।
हालांकि भूमि अर्जन एवं पुनर्वासन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 में भी स्पष्ट ही है कि पारदर्शिता के साथ उचित प्रतिकर निर्धारित किया जाए। इसके बाद भी विकल्प खुले हैं कि यदि किसी को उचित प्रतिकर नहीं मिलता है तो वह आर्विटेटर के यहां और उसके बाद कोर्ट में अपील कर सकता है।





























































