Page 528

पंतनगर में प्लेन हाईजैक, सुरक्षाकर्मियों ने सकुशल छुड़ाया

0

रुद्रपुर- पंतनगर एयरपोर्ट पर प्लेन हाईजेक की सूचना से हड़कम्प मच गया। भारी फोर्स तैनात कर किसी तरह से प्लेन को हाईजेकर्स के चुंगल से छुड़ा लिया गया और यात्रियों को सकुशल निकाल दिया गया। मगर ये घटना वास्तव में नहीं बल्कि एक माॅकड्रिल के दौरान हई। इस ड्रिल के सफल परीक्षण पर ऑपरेशन खत्म होते ही एयरपोर्ट डायरेक्टर एसके सिंह ने सभी कमांडो को सफलता पर बधाई दी।

दरअसल पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण प्रक्रिया प्रस्तावित है, जिसके बाद यहां से देश के प्रमुख महानगरों के लिए हवाई सेवाएं प्रारंभ होनी हैं। इसके मद्देनजर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने पंतनगर एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती को लेकर सचेत है। इसी के चलते पंतनगर एयरपोर्ट प्रबंधन द्वारा सुरक्षा संबंधी अलर्टनेस को परखने के लिए एंटी प्लेन हाइजेकिंग मॉकड्रिल कराई गई। मॉकड्रिल की शुरूआत दोपहर बारह बजे तब हुई जब एक प्लेन एयरोड्रम पर मंडराया। अपहर्ताओं ने विमान के अपहरण की सूचना देते हुए इसके लेंडिंग की इजाजत मांगी। एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने इसकी जानकारी एयरपोर्ट डायरेक्टर को दी। डायरेक्टर ने लेंडिंग की इजाजत देते हुए विमान के अपहरण की सूचना से जिलाधिकारी, एसएसपी, अग्निशमन आदि विभागों को अवगत कराया। जहाज के लैंड करते ही कमांडो दस्ता एयरपोर्ट पर पहुंच गया। अपहर्ताओं से वार्ता शुरू होते ही विमान के आगे फायर ब्रिगेड की गाड़ी लगा दी गई, ताकि विमान दोबारा उड़ान न भर सके। इस बीच कमांडो दस्ते ने विमान में पीछे से पहुंचकर अपहर्ताओं को काबू में करते हुए प्लेन में सवार अन्य यात्रियों को मुक्त करा लिया।

मॉकड्रिल के बाद डायरेक्टर एसके सिंह के नेतृत्व में एयरपोर्ट पर हुई बैठक में मॉकड्रिल के दौरान सामने आई सुरक्षा खामियों को दूर करने पर मंथन हुआ। 35 मिनट चली मॉकड्रिल में विमान की जगह टाटा 407 (एंबुलेंस) प्रयोग की गई थी, तथा एक घायल सहित 20 यात्रियों के स्थान पर एयरपोर्ट कर्मचारी शामिल थे। विमान अपहरण की सूचना के 30 सेकंड में सुरक्षाबल एवं क्राइसिस मैनेजमेंट कंट्रोल रूम सक्रिय होने सहित 10-15 मिनट में डीएम, एडीएम, एसएसपी, एएसपी समेत अग्निशमन, बमनिरोधक दस्ता, कमांडो, डॉग स्क्वॉड आदि एयरपोर्ट पहुंच गए। केवल स्वास्थ्य महकमा ऐसा था जो मॉकड्रिल से अनभिज्ञ रहा और एयरपोर्ट नहीं पहुंचा, जिसके लिए सीएमओ ने खेद जताते हुए भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न होने का आश्वासन दिया।

सरकार के खिलाफ गरजीं आशा कार्यकत्री

0

नियत मानदेय की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से सीएचसी परिसर में धरने पर बैठी आशा कार्यकत्रियों ने मंगलवार को सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। आंदोलनरत कार्यकत्रियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जच्चा बच्चा की देखभाल व सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण कार्य करने के बावजूद प्रदेश सरकार उनकी उपेक्षा कर रही है। जबकि आशा कार्यकत्री विषम परिस्थितियों में अपने कार्य को अंजाम दे रही है। सम्मानजनक मानदेय नहीं मिलने से आक्रोशित कार्यकत्रियों ने राष्ट्रीय पोलियो अभियान व रुबेला, मीजिल्स टीकाकरण कार्यक्रम के बहिष्कार का ऐलान किया भी किया है।

आशा कार्यकत्री संगठन की जिलाध्यक्ष सलिता चौहान ने कहा कि सरकार से लंबे समय से सम्मानजनक मानदेय दिए जाने की मांग की जा रही है। लेकिन सरकार आशा कार्यकत्रियों की मांग को अनदेखी कर रही है। जबकि आशा प्रत्येक गांव में जच्चा बच्चा की सुरक्षा व देखभाल का कार्य मनोयोग से कर रही हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग व राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के संचालन में भी आशा कार्यकत्रियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि जनता के स्वास्थ्य से संबंधित योजनाओं का संचालन किए जाने के बावजूद सरकार उनकी उपेक्षा कर रही है। हर मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओ को स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने व बच्चों का टीकाकरण आशा कार्यकत्रियों के सहारे ही संचालित हो रहा है। नौ माह तक जच्चा बच्चा के स्वास्थ्य की देखभाल व सुरक्षा का जिम्मा संभालने के बावजूद कार्यकत्री को प्रसव उपरांत मात्र सात सौ रुपए की राशि दी जाती है। उन्होंने सम्मानजनक मानदेय मुहैया कराने के साथ ही वार्षिक प्रोत्साहन राशि दिए जाने की मांग सरकार से की है। साथ ही चेताया कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर राष्ट्रीय पोलियो अभियान व रुबेला, मीजल्स टीकाकरण अभियान का बहिष्कार किया जाएगा। प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने वालो में बबली, विमला मैठाणी, संजू डबराल, कुसुमलता, गीता चौहान, राज बिहाल, शबाना, प्रमिला, दीपा देवी, विजय देवी आदि शामिल रहे।

मकान का ताला तोड़कर जेवरात व नकदी उड़ाई

0

बंद पड़े मकान का ताला तोड़कर चोर घर में रखी अलमारी से जेवरात एवं 25 हजार की नकदी चोरी कर ले गए। ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के शाह कॉलोनी निवासी रफीक अहमद पुत्र इस्लाम रविवार को परिवार सहित घर बंद कर सलेमपुर गांव स्थित रिश्तेदारी में गये थे। इसी का फायदा उठाते हुए चोरों ने बंद पड़े मकान के ताले तोड़ डाले। चोरों ने मकान में रखी अलमारी से हजारों रुपये की सोने एवं चादी के जेवरात एवं 25 हजार रुपये पर हाथ साफ कर दिए।

मंगलवार को जब रफीक परिवार के साथ घर लौटा तो मकान के ताले टूटे देख उसके होश उड़ गए। रफीक ने चोरी की घटना की सूचना पुलिस को दी।कोतवाल अमरजीत सिंह ने बताया कि अभी मामले की जांच की जा रही है। चोरी करने वाले आरोपी आसपास के ही हो सकते है।

 

मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में हो रहा खुलेआम अवैध खनन!

0
फोटोः कृष्णा रावत

राजधानी से सटे डोईवाला छेत्र में सोंग और सुसवा नदी पर खनन माफिया का राज है,आए दिन खनन माफिया अवैध खनन कर के राजस्व को चूना लगा रहा है। लेकिन इस पर रोक लगाने में प्रसाशन नाकाम साबित हो रहा है। रोज की मिलती शिकायत के बाद भी प्रशाशन इस पर लगाम लगाने में नाकाम है। आपको बता दे की डोईवाला छेत्र में सोंग-सुसवा -जाखण-भिडालदा नदी में काफी लम्बे समय से आवेद खनन का कारोबार चल रहा है। पुलिस-प्रशाशन को जानकारी के बावजूद इनपर अभी तक कोई बड़ा एक्शन नहीं लिया गया है। कभी कभी प्रशाशन द्वारा छापेमारी की जाती तो है लेकिन बावजूद इसके अवैध खनन के कारोबार पर कोई फर्क नहीं पड़ता है।

 

आखिर टूटी सरकार की नींद, 108 को छह करोड़ जारी

0

लगातार आ रही शिकायतों के बाद आखिरकार सरकार की नींद टूटी और राज्य में 108 (आपातकालीन सेवा) के संचालन को सुदृढ़ करने के लिए शासन ने छह करोड़ रुपये की राशि अवमुक्त कर दी। इसका शासनादेश अपर सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय ने महानिदेशक स्वास्थ्य के लिए जारी कर दिया है।

राज्य में आपातकालीन सेवा 108 के तहत 138 एंबुलेंस वाहन और एक एंबुलेंस बोट संचालित है। बीते कुछ दिनों में लगातार एंबुलेंस खराब होने और समय पर नहीं पहुंच पाने के मामले सामने आ रहे हैं। हाल ही में एंबुलेंस समय से नहीं आने पर दो बच्चों का जन्म दूध और कूड़े की गाड़ी में हुआ। इसको लेकर सरकार की लगातार किरकिरी हो रही थी।
मंगलवार को सरकार ने इस मामले में कदम उठाते हुए छह करोड़ की धनराशि जारी की।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस मौके पर कहा कि राज्य के दुर्गम व दूरस्थ क्षेत्रों में सुचारु रूप से स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। आपातकालीन सेवा 108 राज्य के सभी क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। विशेषकर दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं के प्रसव काल के दौरान उन्हें स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने की दिशा में यह सेवा महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर समस्याएं आईं, उन्हें तत्काल दूर किया जा रहा है। 

सीएम की नसीहत पर टूटी लिंगानुपात पर नींद

0

कल तक कन्या भ्रुण हत्या रोकने के उपायों पर गंभीरता न दिखाने वाले स्वास्थ्य महकमे के जिम्मेदारों को अब अपनी कार्यशैली में सुधार करने के लिए मजबूर हो गया है।

गली कूचों में बगैर पंजीकरण के दर्जनों अल्ट्रासाउंड व सोनोग्राफी सेंटरों के संचालन को रोकने के लिए अब विभागीय चिकित्साधिकारी गंभीरता से पहल करने को मंथन कर रहे हैं। वजह सोमवार को सीसीआर सभागार में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की नसीहत। हालांकि जून महीने में जिलाधिकारी ने चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया था कि वे स्टिंग ऑपरेशन कर कन्या भ्रुण हत्या रोकने में जुटें लेकिन अभी तक कोई स्टिंग हुआ नहीं।
जिले में प्रति एक हजार पुरुषों पर हैं 906 बच्चियों के लिंगानुपात को सुधारने में अब पूरी संजीदगी दिखाने की नौबत आ गई है। जिले में पुरूष व महिलाओं के लिंगानुपात में असमानता को खत्म करने के लिए पीसीपीएनडीटी का कड़ाई से पालन नहीं हो रहा है। विभाग की नाक के तले शहर से लेकर देहात तक बगैर पंजीकरण के कई सोनोग्राफी केंद्र संचालित हो रहे हैं। जहां चोरी छिपे लिंग जांच का काम किया जाता है। लेकिन विभाग इस पर नियंत्रण नहीं कर पा रहा है। यह आलम तब था जब जून महीने में जिलाधिकारी दीपक रावत ने पीसीपीएनडीटी समिति की बैठक में कलक्ट्रेट सभागार में कन्या भ्रुण हत्या रोकने के लिए चिकित्साधिकारियों को अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर स्टिंग ऑपरेशन करने को कह चुके हैं। लेकिन करीब दो ढाई महीने बीतने के बाद भी एक भी स्टिंग ऑपरेशन विभागीय अधिकारियों ने नहीं किया जिससे इनके संचालन बेरोकटोक चलते रहे। लेकिन अब सीएम की नसीहत के बाद विभाग नींद से जाग गया है।
सीएमओ ने एडिशनल सीएमओ डॉ. एचडी शाक्य को पीसीपीएनडीटी के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

डेंगू के सात मरीज और आए सामने

0

मॉनसून की विदाई के साथ ही डेंगू का डंक भी गहराने लगा है। हर अंतराल बाद डेंगू के नए मरीज सामने आ रहे हैं। हरिद्वार के बाद अब देहरादून में भी डेंगू का प्रकोप बढऩे लगा है। मंगलवार को सात और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इन सभी मरीजों की उम्र 25 वर्ष से नीचे है। सात मरीजों में तीन महिलाएं व चार पुरुष हैं। पांच मरीज ऋषिकेश और दो मरीज दून के रहने वाले हैं।

जनपद देहरादून में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 84 पहुंच गई है। इनमें 37 मरीज हरिद्वार से हैं और 34 देहरादून से हैं। जबकि टिहरी से दो, चमोली व रुद्रप्रयाग से एक-एक और यूपी के नौ मरीज शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक जुलाई, अगस्त व सितंबर में अब तक 647 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें से 84 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। बीती अगस्त में 31 और सितंबर में अब तक 49 मरीजों को डेंगू का डंक लग चुका है। डेंगू के निपटने के सरकारी दावे भी धरे के धरे रह गए हैं। स्वास्थ्य विभाग से लेकर नगर निगम यह दावा कर रहा था कि बीते साल से सबक लेते हुए इस बार डेंगू फैलाने वाले मच्छर के खात्मे के लिए शुरुआती दौर से ही कदम उठाए जा रहे हैं। शहरी व ग्रामीण इलाकों में फॉगिंग के साथ ही आमजन को जागरूक करने का दावा भी किया जा रहा था। लेकिन सारे दावे फुस्स साबित हुए हैं। यही वजह कि डेंगू का मच्छर लगातार अपनी सक्रियता बढ़ा रहा है। पहाड़ हो या मैदान डेंगू का डंक गहराता जा रहा है। 

सांसद वरुण गांधी ने गिनाई राजनीति की कमियां, कसे तंज

0

देहरादून के एक संस्थान में व्याख्यान देने आए सुल्तानपुर के सांसद वरुण गांधी मंगलवार को अलग रूप में नजर आए। अमेरिका में भले ही उनके बड़े भाई राहुल गांधी ने परिवारवाद की पैरवी की हो, लेकिन वरुण ने परिवारवाद पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘मेरे नाम के आगे गांधी न लगा होता तो मैं भी आप के बीच बैठकर भाषण सुन रहा होता।’ कहा कि, देश में ऐसी व्यवस्था बननी चाहिए, जिससे आम परिवार के लोग भी राजनीति में आएं। सिस्टम में सुधार के लिए आम लोगों का दखल बेहद जरूरी है।
मंगलवार को बीएफआईटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट में ‘द रोड टू इंडियाज फ्यूचर’ विषय पर आयोजित व्याख्यान में वरुण ने राजनीति की कमियों को गिनाया, लचर सिस्टम पर तंज कसे, किसान, गरीब और मजदूर की बात करते हुए युवाओं से देश को बदलने का आह्वान किया। कहा कि जब तक जनप्रतिनिधि जनता के समक्ष जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ पेश नहीं आएंगे, तब तक असली लोकतंत्र की स्थापना नहीं होगी। उन्होंने नेताओं से अपील कि संसद को नीति का केंद्र ही रहने दें। उन्होंने कहा कि गरीब की किसी को चिंता नहीं है। तमिलनाडु के किसानों ने दिल्ली में मूत्र पीकर पीड़ा बयां की, लेकिन कोई उनसे मिलने तक नहीं गया। इसके बाद तमिलनाडु में विशेष सत्र बुलाया गया, लेकिन किसानों की चर्चा करने के बजाय विधायकों ने अपना वेतन बढ़ा लिया। सांसदों का ही वेतन पिछले पांच साल में पांच गुणा बढ़ चुका है। जबकि, पिछले 15 सालों में औसतन एक साल में 60 दिन ही काम हो रहा है। जब सांसद काम नहीं कर रहे तो वेतन किस बात का बढ़ाते हैं।
चुनाव से पहले तमाम मुद्दों पर हो खुली बहस
उन्होंने कहा कि अगली बार देश में प्रधानमंत्री का चुनाव हो या किसी का भी, जनता के तमाम मुद्दों पर खुली बहस होनी चाहिए, जैसे अमेरिका व अन्य देशों में होती है। महिला सशक्तीकरण की बात करते हुए उन्होंने राजनीतिक दलों को कठघरे में खड़ा करते हुए पूछा कि कितनी महिलाओं को लोकसभा या विधानसभा का टिकट मिलता है। उन्होंने युवाओं से कहा कि पैसा कमाने के साथ ही सामाजिक उद्यमिता से जनकल्याण के कार्य कर सकते हैं। वरुण गांधी ने कहा कि संसद में भी मेरे ऐसे कई साथी हैं, जो 12 से 21 फीसद वोट पाकर सांसद बन गए। क्या वो जनप्रतिनिधि हैं, इस पर भी हमें गंभीरता से सोचने की जरूरत है।
आगामी सत्र में संसद में आ सकता है ‘राइट टू रि-कॉल’
वरुण गांधी ने कहा कि ‘मैंने संसद में राइट टू रि-कॉल’ का प्रस्ताव दिया है। यह आगामी सत्र में संसद में आ सकता है। इसमें अगर चुने गए प्रतिनिधि से क्षेत्र की जनता असंतुष्ट है तो गंभीर मुद्दों को लेकर 50 फीसद वोटर रि-कॉल का प्रस्ताव दे सकते हैं। आखिर कब तक जनता भाषण सुनने तक सीमित रहेगी। जनता को बराबरी का हिस्सा मिलना चाहिए।

शादी का झांसा देकर एक वर्ष तक करता रहा यौन शोषण

0

लक्सर क्षेत्र में एक महिला ने युवक पर शादी का झांसा देकर एक वर्ष तक यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला संज्ञान में लेकर छानबीन शुरू कर दी है। रुड़की क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती की शादी वर्ष 2012 में काशीपुर में हुई थी। कुछ समय के बाद महिला का पति से तलाक हो गया था। इसके बाद से महिला मायके में रह रही थी। महिला के दो बच्चे हैं।

करीब एक वर्ष पूर्व महिला गांव में ही एक व्यक्ति के यहां जन्मदिन समारोह में गई थी। जहां उसकी मुलाकात लक्सर कोतवाली के खंरजा गांव निवासी एक युवक के साथ हुई। समारोह के दौरान दोनों के बीच बातचीत हुई। इसके बाद दोनों का एक दूसरे के साथ संपर्क बन गया। इसके बाद युवक ने शादी करने की बात कही। जिस पर महिला ने हामी भर दी। आरोप है कि करीब 11 माह तक युवक ने महिला से संबंध बनाए। लेकिन शादी की बात कहने पर टालता रहा। बाद में शादी करने से साफ इन्कार कर दिया। कोतवाली निरीक्षक टीएस राणा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। आरोपी युवक से भी पूछताछ की जा रही है।

पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को मिले उप्र के समान लाभ

0

मंगलवार को राजकीय इंटर कालेज सेलाकुई के स्वच्छता पखवाड़ा समारोह में शिरकत करने आए शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के सामने राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों ने उत्तर प्रदेश के समान देयकों का लाभ देने की मांग रखी।

शिक्षकों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय व राज्य सरकार से पुरस्कृत शिक्षकों को कई लाभ दिए जा रहे हैं जबकि उत्तराखंड में शिक्षकों को इससे वंचित किया गया है, जिससे शिक्षकों में निराशा है।
शिक्षकों ने प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री को बताया कि उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय व राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को सेवा विस्तार अवधि का लाभ पेंशन निर्धारण में भी दिया जाता है जबकि उत्तराखंड सरकार ने शिक्षकों को इससे वंचित रखा है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार ने पुरस्कृत शिक्षकों के सेवा विस्तार की अवधि तीन वर्ष कर दी है और उत्तराखंड में यह अवधि अभी दो वर्ष ही है।
उप्र में पुरस्कृत शिक्षकों को पुरस्कार प्राप्ति वर्ष से वैयक्तिक वेतन के रूप में एक वेतन वृद्धि शेष कार्यकाल के दे रहा है। यहां इस लाभ से शिक्षकों को वंचित रखा गया है। उप्र में पुरस्कृत शिक्षकों को राज्य परिवहन निगम की बसों में चार हजार किमी तक निश्शुल्क यात्रा की सुविधा मिली हुई है जबकि उत्तराखंड में ऐसी कोई भी सुविधा शिक्षकों को नहीं दी जा रही है।
पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों ने उत्तर प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड के शिक्षकों को भी लाभ दिए जाने की मांग की है। शिक्षा मंत्री से मिलने वालो में प्रदीप डबराल, रविंद्र सैनी, बेनी प्रसाद पुष्पकार, जेपी जगूड़ी आदि शामिल रहे।