बदरीनाथ धाम के अलकापुरी में प्रतिबंधित सेटेलाइट फोन रखने तथा उसका प्रयोग करने के आरोप में पुलिस ने एक आस्ट्रेलियाई युवक को गिरफ्तार किया है। मामला पंजीकृत कर उसे न्यायालय में पेश किया गया है।
पुलिस अधीक्षक चमोली तृप्ति भट्ट ने बताया कि मंगलवार को थाना बदरीनाथ के थानाध्यक्ष दीपक रावत व उनकी टीम के विपिन, राहुल व अजय रौथाण ने बदरीनाथ के अलकापुरी क्षेत्र में अवैध रूप से प्रतिबंधित सेटेलाइट फोन का प्रयोग करते हुए आस्ट्रेलिया के स्टुर्वट इयान स्काॅट पुत्र इयान जाॅन निवासी टिन्नी स्ट्रीट क्वीनलैंड आस्ट्रेलिया को गिरफ्तार किया है।आरोपी के खिलाफ भारतीय टेलीग्राफ एक्ट व भारतीय बेतार तार यांत्रिकी अधिनियम के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। इससे पूर्व भी पुलिस ने बदरीनाथ में ही न्यूजीलैंड के हैंस मैक्स लिंडेमन को बिना वैध पासपोर्ट के कारण गिरफ्तार किया था।
सेटेलाइट फोन के साथ ऑस्ट्रेलियाई युवक गिरफ्तार
पंचेश्वर बांध पर सरकार स्थिति करे स्पष्टः टम्टा
अल्मोड़ा-राज्य सभा सदस्य प्रदीप टम्टा ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने पहाड़ी क्षेत्रों के किसानों की पारंपरिक खेती जड़ी-बूटी को बाबा रामदेव की कंपनी के हाथों दे दिया। अब इसके मूल्य व उत्पादन से लेकर बेचने तक का करार सरकार ने कंपनी के साथ कर किसानों के साथ धोखा किया है। जिसे कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी। टम्टा ने पंचेश्वर बांध निर्माण में सरकार पर अब तक की जा रही कार्रवाई को सार्वजनिक न करने का आरोप लगाया। जिसमें कहा गया कि बांध का निर्माण वहां रहने वाले सैकड़ों परिवारों के लिए विनाशकारी साबित होगा।
प्रदीप टम्टा ने कहा कि प्रदेश सरकार जहां किसानों की जड़ी-बूटी की खेती को बाबा रामदेव की कंपनी के हाथों बेच चुकी है। अब कंपनी अपने तरीके से इन बहुमूल्य उपज का मूल्य व बाजार तय करने में जुट गई है। इसको लेकर करार हो गया है। इसका कांग्रेस पुरजोर विरोध करती है। यह किसानों से उनकी आत्मा छीनने का काम है। इसका समर्थन मूल्य निर्धारित करने का अधिकार सरकार को था अब निजी कंपनी इसके मूल्य का निर्धारण करेंगी। यह उत्पादकों के लिए नुकसान साबित होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचेश्वर बांध के मामले में भी प्रदेश सरकार जहां आम आदमी की आवाज को दबाने का काम लगातार कर रही है। इससे कांग्रेस डरने वाली नहीं है। आने वाले समय में कांग्रेस के कार्यकर्ता पंचेश्वर बांध को लेकर जनता के साथ सड़क पर उतरेंगे।
राज्यसभा सदस्य ने कहा कि बार-बार मांगने के बाद भी राज्य सरकार ने बांध निर्माण से प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्र को होने वाले लाभ व हानि के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं की है। जिससे लगता है कि सरकार पंचेश्वर बांध के निर्माण के पीछे जनता को ठगने का काम कर रही है। इससे प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर दूसरे राज्यों को ही फायदा होने वाला है। जिसका कांग्रेस हर स्तर पर विरोध करेगी। सांसद का कहना था कि जब अमेरिका व यूरोप बड़े डैम के निर्माण से पीछे हट रहे हैं। ऐसे में सरकार के पास बड़े डैम बनाए जाने का नजरिया स्पष्ट नहीं है। जबकि बड़े बांधों के निर्माण से लाभ के बजाए हानि अधिक है। सरकार ने बिजली व पानी देने के नाम पर जो पंचेश्वर बांध की परिकल्पना को साकार करने का इरादा किया है। यह जनता के साथ धोखा है। सरकार पहले यह बताए कि इससे कितने परिवार विस्थापन की मार झेलेंगे। उनको दूसरी जगह बसाने का क्या प्लान है
लगातार मलवा आने से नहीं खोला जा सका यमुनोत्री हाईवे
सोमवार शाम से मलबा आने से बंद यमुनोत्री हाईवे बुधवार को भी नहीं खोला जा सका। यात्रियों को विभिन्न पड़ावों पर रोका गया है। मौसम विभाग के अनुसार सूबे में अगले 24 घंटे में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम वर्षा के आसार हैं।
आपदा कन्ट्रोल रूम उत्तरकाशी से जारी रिपोर्ट के अनुसार यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग ओजरी के पास लगातार मलवा पत्थर आने से अवरुद्ध है। यात्रियों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन ने यात्रियों को पैदल वैकल्पिक मार्ग से ट्रांसमेट कर रहा है। अवरुद्ध राष्ट्रीय राजमार्ग पर पूर्ति विभाग द्वारा यात्रियों एवं आवाजाही करने वाले लोगों को जलपान एवं भोजन भी करवाया जा रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि जैसे ही मलवा पत्थर गिरने बंद होंगे सड़क खोलने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जिसके लिए जेसीबी, पोकलेंड एवं एनएच के कर्मचारी मुस्तैदी से तैनात है। जबकि जनपद के शेष सभी राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिए सुचारू है।
क्यो हो रही मंत्री जी की सोशल मीडिया पर फजीहत!!
सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता जांचने पहुंचे विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे की सोशल मीडिया में जमकर फजीहत हो रही है। इसे लेकर किसी ने जोक्स पोस्ट किए हैं तो कोई कार्टून शेयर कर रहा है।
सोशल मीडिया से:
- नया फार्मूला हजूर! केमेस्ट्री में. गधा + गधा = गधा होता है हजूर! और गणित में. गधा + गधा = घोड़ा होता है हजूर!
- छप्पर फाड़ बहुमत मिला है तो इसका मतलब ये नहीं कि गणित के नए नये सूत्र ईजाद करो।
- गब्बर- अरे ओ कालिया, माइनस प्लस माइनस कितना होता है बे?
- मित्रों, स्कूलों में गणित पखवाड़ा कब से शुरू हो रहा है बल। मंत्री जी से पूछ के मुझे बताना।
- तबादलों का फार्मूला तैयार करते-करते मैथ्स का नया फार्मूला तैयार कर दिया शिक्षा मंत्री जी ने। आपको ओलंपियार्ड में होना चाहिए।
- बच्चों के सामने शिक्षिका का अपमान। क्या यही सुशासन है?
- उस अध्यापक की खोज शुरू हो गई है, जिन्होंने हमारे शिक्षा मंत्री जी को स्कूली जीवन में गणित सिखाई।
- बच्चों के बीच बंदूकधारी गार्ड। विद्यालय में अध्यापकों व बच्चों के बीच किसी को क्यों भय लगता है मेरी समझ से बाहर।
शिक्षा मंत्री सोमवार को देहरादून के जीआइसी थानो इंटर कॉलेज में शिक्षा की गुणवत्ता जांचने पहुंचे थे। मंत्री ने विज्ञान की कक्षा के दौरान शिक्षिका से गणित और केमिस्ट्री का सवाल पूछा था। मंत्री सवाल पूछने में खुद उलझ गए और उन्होंने शिक्षिका को भरी क्लास में फटकार लगा दी। इसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद शिक्षकों की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई। राजकीय शिक्षक संघ की नैनीताल जिला इकाई ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि शिक्षिका को अपमानित करना दुर्भाग्यपूर्ण है। गलत प्रश्न कर शिक्षकों में खौफ पैदा किया जा रहा है। जिलाध्यक्ष डॉ. गोकुल मर्तोलिया ने कहा कि प्रांतीय कार्यकारिणी से इसका विरोध करने की मांग की गई है।
एक शिक्षक ने लिखा है, शिक्षा मंत्री को सभी विषयों का ज्ञान होना जरूरी नहीं है, लेकिन भाषाई शिष्टाचार का ज्ञान होना जरूरी है। यदि शिक्षक को विषय का ज्ञान नहीं है तो दोष व्यवस्था का भी है। एक ने लिखा है, शिक्षक समाज का वो अंग है यदि उसमें खराबी आ गई तो सारा तंत्र बिगड़ जायेगा। शिक्षकों का सम्मान करना ही होगा।
किडनी गैंग की धर-पकड़ को टीमें गठित, दो आईपीएस करेंगे नेतृत्व
देहरादून के लालतप्पड़ में पकड़े गए किडनी गिरोह को लेकर दून पुलिस के हाथ कई अहम सुराग लगे हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिए हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपी डा. अमित कुमार, डा. अक्षय कुमार, संचालक राजीव चौधरी की जानकारी जुटाकर गिरफ्तारी के लिए 2 आईपीएस के नेतृत्व में टीमें गठित की गई है। पुलिस का दावा है कि जो गिरोह लालतप्पड़ में चल रहा था वो ही महाराष्ट्र, गुजरात, गुडग़ांव समेत देश के कई इलाकों में चलाया जा चुका है।
आपको बता दें कि आम लोगों की किडनी निकालकर उनका सौदा करने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर के गिरोह का उत्तराखंड पुलिस ने सोमवार को भंडाफोड़ किया था। यह अवैध कारोबार उत्तरांचल डेंटल कॉलेज लालतप्पड़ डोईवाला के परिसर में स्थित गंगोत्री चैरिटेबल हास्पिटल में चल रहा था। सोमवार सुबह सप्तऋषि पुलिस चौकी पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने इनोवा गाड़ी में किडनी बेचकर लौट रहे लोगों को पकड़ लिया। गाड़ी में सवार दो पुरुष, दो महिलाओं में 2 किडनी बेच कर आ रहे थे। गिरोह के एक सदस्य जावेद खान को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया है।
एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि अब तक पुलिस को जांच में यह जानकारी हाथ लगी है कि यह गिरोह देश के कई राज्यों में धंधा चला चुके हैं।
एसएसपी ने बताया कि गिरोह ने महाराष्ट्र से अपने धंधे की शुरूआत की जिसको डा. अमित कुमार, डा. अक्षय कुमार चलाते थे। अक्षय अमित कुमार का बेटा है। यानि बाप बेटा ही इस धंधे को चलाते हैं। महाराष्ट्र के अलावा ये गिरोह गुजरात और गुडग़ांव में भी किडनी का गिरोह चला चुके हैं। पुलिस का दावा है कि 2013 में जो गिरोह गुडगांव में पकड़ा गया था उसमें भी यही गिरोह सक्रिय था।
एसएसपी ने ये भी बताया कि लालतप्पड में चलाए जा रहे कारोबार का लाइजनर राजेश चौधरी है जो हरियाणा का रहने वाला है। मामले में पुलिस ने डा. अमित राउत, डा. अक्षय कुमार, राजीव चौधरी समेत 9 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। फिलहाल पूरे प्रकरण की जड़ तक जाने के लिए महकमें ने दो टीमों का गठन किया हैै। टीमों का नेतृत्व दो आईपीएस करेंगे।
अंगदान प्रत्यारोपण के लिए मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम 1994 बना हुआ है। वर्ष 2014 में इस अधिनियम में संशोधन के जरिए नई अधिसूचना जारी की गई। इस कानून के तहत अंगों की खरीद फरोख्त करना गैरकानूनी धंधा है। इस नियम की अवहेलना व अंगों की खरीद फरोख्त करने पर तीन साल से लेकर 10 साल तक की सजा और 30 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
सरकार की धौस दिखाकर सरकारी भूमि पर कब्जा
जबकि एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ने बताया कि स्कूल प्रबंधक ने सरकारी जमीन पर कब्जा किया और उल्टा धौंस दिखा रहा है। पटवारी व कानूनगो से जांच रिपोर्ट मांगी गई है। जमीन पर कब्जा करने वालों का चालान किया जाएगा।
दीपावली पर कुमांऊ को नई ट्रेन का तोहफा
टनकपुरः दीपावली पर कुमांऊ के लोगों को रेलवे का बडा तोहफा मिलने जा रहा है, अब पहाड का रास्ता कम करने के लिए टनकपुर से मझौला तक चल रहे ब्रॉड गेज रेल लाइन का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। रेलवे विभाग की मानें तो दीपावली पर लोगों को नई ट्रेन की सौगात मिल सकती है।
वर्ष 2016 जून माह में टनकपुर से पीलीभीत तक ब्रॉड गेज करने का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। इसके चलते टनकपुर-पीलीभीत रेल सेवा बंद हो गई थी। पीलीभीत से मझौला तक रेल सेवा शुरू हो चुकी है, जबकि टनकपुर से मझौला तक का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। रेलवे अधीक्षक केडी कापड़ी ने बताया कि टनकपुर में दो प्लेटफार्म बनाएं जा रहे हैं। एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म तक पहुंचने के लिए ओवर ब्रिज का कार्य भी तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि रेल सेवा शुरू होने से पूर्व ही फुट ओवर ब्रिज बनकर तैयार हो जाएगा। इसके अलावा यात्री शेड बनकर तैयार हो चुका है, जिसमें 100 से अधिक यात्री बैठ सकते है। यात्रियों के लिए डोरमेट्री सुविधा दी जाएगी, जिसे बनाने का काम भी जल्द शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्टेशन यार्ड में पांच लाइन बिछाई गई है। वहीं ट्रेन को धोने के लिए वॉशिंग पिट का भी निर्माण कार्य चल रहा है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल टनकपुर से शुरू में पैसेंजर ट्रेन चलाई जाएगी, जो बरेली, पीलीभीत, कासगंज तक जाएगी। वाशिंग पिट बनने के बाद टनकपुर से लंबी रेल यात्रा शुरू कर दी जाएगी। वाशिंग यार्ड बनने में अभी करीब एक वर्ष का समय लगेगा। दीपावली पर ट्रेन चलाने की तैयारी चल रही है।
अज्ञात युवकों ने वकील को सरेआम मारी गोली
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार में एक वकील को अज्ञात युवकों ने दिन दहाड़े गोली मार दी। हमले में वकील गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार एडवोकेट सुशील रघुवंशी को उनके घर के बाहर अज्ञात युवकों ने गोली मारी जिसके बाद उन्हें राजकीय संयुक्त चिकित्सालय कोटद्वार में भर्ती कराया गया। जहां पर उनकी हालत गम्भीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर के लिये रेफर कर दिया है। आज लगभग 11 बजे एडवोकेट सुशील रघुवंशी अपने घर के बाहर खड़े थे। जिसके बाद सफेद रंग की कार से दो युवक बाहर आये जिन्होंने अचानक गोली चला दी जिसमें सुशील घायल हो गए। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है। डॉक्टरों ने हालात गंभीर बताते हुए तुरंत बाहर रेफर करने को कहा। इस घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
विडियो साभारः मोहित डिमरी
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रिश्वत लेने की वीडियो वायरल, जांच के आदेश
लक्सर में राजस्व निरीक्षक की रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल होने के बाद एसडीएम ने इस पर जांच शुरू करा दी है। जांच के बाद पता लगेगा वीडियो असली है या नकली।
लक्सर में सोमवार को राजस्व निरीक्षक बीर सिंह की रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हुई थी। खानपुर के कमलपुर डेरा निवासी किसान ने एसडीएम से मिलकर बताया था कि उसी के गांव का एक परिवार उसके खेत के रास्ते अपने खेतों तक सिंचाई के नाली बनवाना चाहता है। उसने इसकी शिकायत तहसीलदार लक्सर से की थी तहसीलदार ने राजस्व निरीक्षक से मिलने की बात कही। मनप्रीत ने बताया कि राजस्व निरीक्षक ने कहा कि वह रिपोर्ट उसके पक्ष में लगा देगा और उसके एवज में पांच हजार रुपए देने होंगे।
मनप्रीत के अनुसार उसने पांच हजार रुपए राजस्व निरीक्षक को दिए तब उसके पक्ष में रिपोर्ट लगी और आदेश पर सोमवार को राजस्व विभाग ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर नाली भी खुदवा दी। इसके बाद मनप्रीत एसडीएम कौस्तुभ मिश्रा से मिले और वीडयो रिकॉर्डिंग भी एसडीएम को सौंपी। वहीं एसडीएम ने वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच के बाद कार्रवाई की बात कही।
बाल सुरक्षा: बच्चों को पता हो सही गलत का फर्क
बीते दिनों में घटित घटनाओं ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। ऐसी घटनाओं से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें अलर्ट रखना बेहद जरूरी हो गया है। सुरक्षा के नजिरए से यह बेहद जरूरी है कि बच्चों को अच्छे और बुरे स्पर्श के बीच का अंतर मालूम हो।
कुछ रोज पहले रायन इंटरनेशनल स्कूल में हुई एक बच्चे की हत्या ने पूरे देश के अभिभावकों को चिंता में डाल दिया। आपका बच्चा जिस स्कूल में पढ़ने जा रहा है, वहां कितनी सुरक्षा है। इसको लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सीबीएसई ने स्कूल-कालेजों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर गाइडलाइन तैयार की है, जिसे हर अभिभावक को जानना बेहद जरूरी है। दरअसल बच्चों से जुड़ी यौन शोषण की बात हो या फिर उत्पीड़न की। ऐसे मामलों में सबसे पहला कारण होता है कि बच्चों को ये मालूम ही नहीं होता कि उन्हें किस तरह से छुआ जा रहा है। ऐसे में परिवार के सदस्यों के लिए जरूरी है कि घर के बच्चों को ये सिखाया जाए कि किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा छूने पर ही इस बात का पता चल जाए कि ये गुड टच है या बैड टच।
सबसे पहले सिखाएं, किस पर यकीन करें और किस पर नहीं:
सीबीएसई की स्टूडेंट काउंसलर व न्यूरो साइक्लॉजिस्ट डात्र सोना कौशल गुप्ता के मुताबिक अभिभावकों को कम से कम 4 साल की उम्र से यह बात समझाना शुरू कर देना चाहिए कि वे किस पर यकीन करें और किस पर नहीं। अगर कोई उसकी जान पहचान का नहीं है तो किसी के साथ नहीं जाना चाहिए। अनजान व्यक्ति से उसे कुछ भी खाने की चीज नहीं लेनी चाहिए। इसके अलावा बच्चों से खुलकर बात करना बेहद जरूरी है। बच्चे को कभी भी ऐसा नहीं लगना चाहिए कि वह कुछ कहेगा तो उसे डांट पड़ सकती है या उसकी बात अनसुनी कर दी जाएगी।
आराम से समझाएं सारी बातें:
सीनियर क्लीनिकल चाइल्ड साइक्लॉजिस्ट डा. मुकुल शर्मा का कहना है कि बच्चे से जुड़ा यह मुद्दा बेहद संवेदनशील है, इसलिए इस बारे में बच्चे को बहुत धैर्य और आराम से जानकारी दें। कई बार बच्चों के लिए ये बातें समझना थोड़ा मुश्किल होता है क्योंकि बच्चे को ऐसी बातें समझने में समय लगता है। उसे प्राइवेट पार्ट्स के बारे में बताएं और समझाएं कि उसे इस जगह पर उसके अलावा कोई दूसरा नहीं छू सकता है। इसके अलावा कई बार लोग गोद लेने और चूमने का प्रयास करते हैं। परिवार इसे नजरअंदाज कर देता है। लेकिन ऐसी स्थिति में बच्चों को ये बताना बहुत जरूरी है कि अगर कोई आपको चूूमने या गोद में बैठाने की कोशिश कर रहा है तो इसकी शिकायत अभिभावकों से जरूर करें।
बच्चे को दिलाएं अपने साथ होने का भरोसा:
ऐसे मामलों में बसेस ज्यादा जरूरी है कि बच्चों को अपने माता पिता पर भरोसा हो। अगर उसे कुछ भी गंदा लग रहा हो तो वो अपने माता-पिता को तुरंत बता दे। हर छोटी से छोटी बात मां बाप के साथ साझा करे। दून इंटरनेशनल स्कूल के उप—प्रधानाचार्य दिनेश बड़थ्वाल ने बताया कि कई लोग मानसिक रोगी होते है और बच्चो तक के साथ दुष्कर्म करने से पीछे नहीं हटते। ऐसे में बच्चे को यह जरूर पता होना चाहिए कि गुड टच और बैड टच में क्या फर्क है ताकि मासूम बच्चे किसी की गलत भावनाओं का शिकार न होने पाएं। ऐसी वारदातों से बचाने के लिए इस बारे में सही से शिक्षा दी जाएं।
सीबीएसई ने बनाए हैं नियम:
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक गाइडलाइन तैयार की है। सीबीएसई ने असे अपनी वेबसाइट पर भी अपलोड किया है। इसमें सिर्फ उनकी देखरेख के बारे में ही नहीं बल्िक, शारीरिक और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान रखा गया है। यानी कि स्कूल परिसर के अंदर आपके बच्चे की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की होती है। पांच हिस्सों में बंटी गाइडलाइन में बोर्ड ने न सिर्फ स्कूलों बल्कि अभिभावकों की जिम्मेदारी भी निर्धारित कर रखी है। बोर्ड गाइडलाइन में फिजिकल सेफ्टी सबसे अहम मानी गई है। इसके अलावा इमोशनल सेफ्टी, सोशल सेफ्टी, हैंडल डिजास्टर और साइबर सेफ्टी आदि को लेकर भी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
हर स्कूल में दिखाई जा रही फिल्में:
विशेषज्ञों की मानें तो छूने भर से ही यह पता चल जाता है कि वह अच्छा स्पर्श है या फिर बुरा। ऐसे में इसके लिए स्कूली स्तर पर इसके लिए जागरुकता लाना बेहतद अहम है। इसी को देखते हुए सीबीएसई से जुड़े स्कूलों में बीते कुछ वक्त से निरंतर बच्चों को यूट्यूब के माध्यम से गुड टच व बैड टच को लेकर शॉर्ट फिल्मों का दिखाया जा रहा है। ताकि बच्चोें को स्पर्श के दौरान मानसिकता का आभास हो सके।
यह हैं बोर्ड की गाइडलाइन:
- स्कूल के अंदर आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखना।
- स्कूल परिसर में किसी भी तरह की गुप्त या छुपी हुई जगह नहीं होनी चाहिए।
- स्कूल में काम करने वाले हर एक व्यक्ित (टीचर, प्रिंसिपल, चपरासी, अकाउंटेंट, या अन्य) के बैकग्राउंड के बारे में पता करने के बाद उन्हें काम पर रखना।
- स्कूल परिसर में एक डॉक्टर या नर्स की तैनाती होना अनिवार्य।
- स्कूल परिसर से 2 किमी की दूरी पर जो भी हॉस्पिटल होगा, उसके साथ टाई अप करना जरूरी।
- स्कूल प्रशासन को चाइल्ड प्रोटेक्शन पॉलिसी को फॉलो करना जरूरी है। यानी कि बच्चे के साथ किसी भी तरह का टॉर्चर, मारपीट या शारीरिक शोषण नहीं किया जा सकता।





























































