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साइकिल के पहियों से तय किया गिनीज बुक रिकॉर्ड का सफर इस उत्तराखंडी ने

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उत्तराखंड में हर तरफ युवा कला और प्रतिभा हर क्षेत्र में मिसाल कायम कर रहे हैं। उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में गरुड़ क्षेत्र के रहने वाले प्रदीप राणा ने साइकिल से 116 दिनों में 15261 किलोमीटर का सफर तय कर नया कीर्तिमान रचा है। एक साधारण किसान के बेटे प्रदीप ऐसा कारनामा करने वाले पहले इंसान बन गये हैं।

वो कहते हैं ना जहां चाह वहां राह, कुछ ऐसा ही कर दिखाया ग्राफिक एरा हिल यूनिर्वसिटी के प्रदीप राणा ने।आपको बतादें कि प्रदीप ने अपनी मुहिम की शुरुआत अपने यूनिर्वसिटी कैंपस से करी। लगभग 116 दिन पहले उन्होंने अपने कैंपस से साइकिल चलाना शुरु किया और आज वह बहुत से राज्यों को पार कर चुके हैं। साइकिल यात्रा के दौरान बहुत से नए अनुभव और यादें सजोतें हुए प्रदीप को पता भी नहीं चला कि कब उन्होंने इतना लंबा सफर तय कर लिया। प्रदीप साइकिल यात्रा के दौरान उ.प्र.,बिहार,नागालैंड,सिक्किम,कर्टक,पश्चिम बंगाल,गोवा,राजस्थान,पंजाब,महाराष्ट्र,आंध्र प्रदेश,केरल,असम और हरियाणा जैसे काफी राज्यों का सफर कर चुके हैं। प्रदीप का कहना कि “यह लाज़मी है कि अगर आप साइकिल से सफर कर रहे तो बहुत से लोगों से सामना होता है। कभी जानवर तो कभी इंसान लेकिन यह सभी आपके जीवन में एक अनुभव की तरह होते हैं।”

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जिस तरह बूंद बूंद से तालाब भरता है ठीक उसी तरह प्रदीप ने हर दिन इसके लिए मेहनत की है। यह रिकार्ड बनाना आसान नहीं था लेकिन एक निरंतर मेहनत से यह बड़ा काम भी मुमकिन हो गया।मन में लगन और मेहनत से प्रदीप हर रोज 130-150 किलोमीटर साइकिल चलाते हैं।हालांकि उन्होंने अपने सफर की शुरुआत मॅनसून में कि थी और ऐसे बहुत से दिन हुए जब उन्हें सफर के दौरान भारी बारिश का सामना करना पड़ा, लेकिन प्रदीप इसमें भी साइकिल चलाते रहें और आगे बढ़ते रहे। पहाड़ी क्षेत्रों में उबड़-खाबड़ रास्तों में साइकिल के टायर पंचर होते तो प्रदीप उसे ठीक कर लेते और फिर आगे बढ़ जाते और किसी भी बात को अपने सफर का रुकावट नहीं बनने देते। उन्होंने बताया कि प्रसाद इरांडे का 141 दिन में 14576 किलोमीटर साइकिल चलाने का विश्व रिकॉर्ड तोड़कर संतोष होली ने साल 2015 में 111 दिन में 15222 किलोमीटर साइकिल चलाने का विश्व कीर्तिमान स्थापित किया था। गिन्नीज बुक के संतोष होली के इस रिकॉर्ड को प्रदीप राणा ने तोड़ दिया है।

प्रदीप इतने से हार नहीं मानने वाले हैं और 20 हजार किलोमीटर साइकिल चलाने का रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं। प्रदीप राणा अक्टूबर के पहले सप्ताह देहरादून पहुंचेंगे। गौरतलब हैं कि ग्राफिक एरा के शिक्षक और छात्रों का यह पांचवा कीर्तिमान है।

स्वच्छता व खुले में शौच से मुक्ति के महायज्ञ में सभी दें योगदान की आहुति : राज्यपाल

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स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रम के तहत रविवार को सेवा दिवस के अवसर पर राज्यपाल डाॅ. कृष्ण कांत पाॅल ने नगर निगम कॉम्प्लेक्स के समीप श्रमदान करते हुए साफ-सफाई की। उनके साथ कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत, विधायक खजानदास ने भी स्वच्छता अभियान में प्रतिभाग किया। उन्होंने एक सार्वजनिक शौचालय के निर्माण की नींव भी रखी।
राज्यपाल डाॅ. पाल ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। उन्होंने पर्यावरण मित्रों को स्वच्छता किट भी वितरित किए। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में राज्यपाल ने कहा कि स्वच्छता के लिए जनजागरूकता बहुत जरूरी है। इसमें शिक्षकों की अहम भूमिका हो सकती है। शिक्षक अपने छात्र-छात्राओं को स्वच्छता के महत्व के बारे में जानकारी दें और इसके लिए प्रेरित करें। स्वच्छता के प्रति जागरूक बच्चे अपने अभिभावकों व परिवारजनों को गंदगी फेलाने से रोक सकते हैं। समाज में स्वच्छता का एक सकारात्मक माहौल बनाना होगा।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 02 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत अभियान प्रारम्भ करते हुए आमजन को इससे जोड़ा। आज प्रधानमंत्री के जन्म दिन को सेवा दिवस के तौर पर मनाकर हम सभी अपने घरों के साथ ही अपने मोहल्लों, सार्वजनिक स्थलों, शहरों, राज्य व देश की स्वच्छता का संकल्प ले रहे हैं। प्रधानमंत्री के भारत को खुले में शौच से मुक्त कराने की मुहिम को बड़ी कामयाबी मिल रही है। इस मुहिम को पूरी तरह से सफल बनाने के लिए हम सभी मिलकर काम करना होगा।
राज्यपाल ने कहा कि देश की स्वच्छता व खुले में शौच से मुक्ति का महायज्ञ चल रहा है। इसमें हम सभी को अपने योगदान की आहुति देनी है। पक्के शौचालयों के निर्माण से न केवल स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा बल्कि महिला कल्याण व महिला सुरक्षा की दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है।
राज्यपाल ने कहा कि स्वच्छता करना ही काफी नहीं है बल्कि स्वच्छता बनाए रखना अधिक महत्वपूर्ण है। यह तभी हो सकता है जबकि हमारा ध्यान लगातार इस ओर हो। स्वच्छता का भाव हमारी आदत में शुमार होना चाहिए। उत्तराखण्ड, देवभूमि है और इस देवभूमि में स्वच्छता का महत्व और भी अधिक है। इधर -उधर कचरा फैलाते समय हर व्यक्ति के जेहन में यह बात आनी चाहिए कि यह देवभूमि है। हम सभी को समझना होगा कि स्वच्छता हमारी मौलिक आवश्यकता है।
राज्यपाल ने शहरी विकास के अधिकारियों को देहरादून की स्वच्छता की मुहिम में अधिक से अधिक वालन्टियर्स को जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर नगम की मोबाईल टीमें हों जो कि लगातार शहर का निरीक्षण करते रहे और जहां भी गंदगी हो, तुरंत साफ करवाए। आमजन द्वारा मोबाईल पर गंदगी की सूचना देने पर कार्यवाही किए जाने के संबंध में बताए जाने पर राज्यपाल ने कहा कि इस बात का पूरा रिकॉर्ड रखा जाए कि किसी व्यक्ति द्वारा कब गंदगी के बारे में सूचना दी गई और कितनी देर में इस पर कार्रवाई की गई।
कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि हम केवल अपने घरों की सफाई पर ही ध्यान देते हैं और मान लेते हैं कि सार्वजनिक स्थलों की सफाई का जिम्मा केवल सरकार का है। निस्संदेह सरकारी विभागों का दायित्व है। परंतु इसे अगर जनसाधारण का सक्रिय सहयोग मिल जाए तो गंदगी हो ही नहीं सकती है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने सफाई का अभियान प्रारम्भ करते हुए करोड़ों लोगों को इससे जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
यही कारण है आज निचले स्तर से लेकर सर्वोच्च स्तर तक विराजमान व्यक्ति भी एक साथ स्वच्छता के लिए संकल्पबद्ध है। श्री पंत ने कहा कि केवल कानून बनाने से परिवर्तन नहीं आता है। परिवर्तन होता है जब समाज आगे आता है। उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्र ओडीएफ हो चुके हैं। अब शहरी क्षत्रों पर ध्यान देना है विशेष तौर पर साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर।

स्वच्छता सेवा संकल्प के रूप में मनाया जन्मदिवस, चलाया घाटों पर सफाई अभियान

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स्वच्छ गंगा अभियान टीम के सदस्यों ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस को स्वच्छता ही सेवा संकल्प के रूप में मनाया। स्वच्छ गंगा अभियान टीम के सदस्यों ने गंगा घाटों पर साफ सफाई अभियान चलाते हुए दिव्यांग घाट वेद भारती घाट पर सफाई अभियान चलाया। टीम के सदस्यों ने गंगा घाटों पर स्नान कर रहे यात्रियों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।

गंगा घाटों की सफाई अभियान में यूरोप से पहुंचे यात्री श्रद्धालुओं ने भी गंगा घाटों की सफाई की। सौरभ सामंत ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूरे देश में स्वच्छता का संदेश आमजनमानस में फैला रहे हैं। टीम का प्रत्येक सदस्य उनके जन्मदिवस पर स्वच्छता ही सेवा संकल्प के रूप में आगे कार्य करता रहेगा। गंगा घाटों पर फैली गंदगी को नियमित रूप से साफ किया जाएगा साथ ही जन-जागरूकता पैदा करने के लिए समय-समय पर टीम के सदस्य आवासीय क्षेत्रों में पहुंचकर गंगा के प्रति जनजागरूक करेगें।
रजनीश भारद्वाज ने कहा कि स्वच्छ गंगा अभियान टीम के सदस्य सराहनीय कार्य कर रहे हैं उनके द्वारा गंगा घाटों पर फैली गंदगी को एकत्र कर स्वच्छता का संदेश फैलाया जा रहा है जिससे निश्चित तौर पर गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने में मदद मिलेगी। हिमांशु प्रधान एवं आशीष शर्मा ने प्रण लेते हुए कहा कि निश्चित तौर पर गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जायेगी। हमारा प्रयास है कि गंगा घाटों को स्वच्छ सुन्दर बनाये साथ ही आमजनमानस को भी गंगा घाटों को स्वच्छ रखने के लिए अपना सहयोग प्रदान करना होगा।
पाॅलीथीन पन्नियां वेस्ट सामग्री का उपयोग गंगा घाटों पर न करें। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस की उन्होंने बधाई दी। सफाई अभियान में शामिल अजय धीमान सन्नी राणा, शिवम गुप्ता, सुबोध मिश्रा, गंगा शर्मा, आयुष श्रेत्रीय, हेमन्त, मोहित भारद्वाज, रचित गुज्जर, बाली कौशिक, तेजस, मोनू, कुणाल, मनोज, शिवम, उत्कृर्ष आदि शामिल रहे। 

नम आंखों से दी गई मार्शल अर्जन सिंह को अंतिम विदाई

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नई दिल्ली। वायुसेना के रिटायर्ड मार्शल अर्जन सिंह का अंतिम संस्कार आज सुबह साढ़े नौ बजे यहां बरार स्क्वॉयर स्थित सैन्य छावनी में किया गया। मार्शल अर्जन सिंह का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार छावनी स्थित बरार स्क्वायर में किया गया।
मार्शल अर्जन सिंह के पार्थिव शरीर को सोमवार को उनके निवास स्थान से प्रातः 8 बजकर 15 मिनट पर बन्दूकधारी गाड़ी में जलूस के रूप में ले जाया गया। अंत्येष्टि से पहले मार्शल अर्जन सिंह के सम्मान में वायुसैनिक बंदूकों की सलामी दी। वहीं वायुसेना की तरफ से युद्धक विमानों की परेड के माध्यम से सम्मान दिया गया।
गृह मंत्रालय के अनुसार सोमवार को राजधानी में सभी सरकारी भवनों पर जहां राष्ट्रीय ध्वज नियमित तौर पर जहां-जहां फहराया जाता है वो आधे-झुके रहेंगे। मार्शल अर्जन सिंह को आकिरी श्रद्धांजली देने के लिये खास और आम लोगो का तांता लगा रहा। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री, तीनों सेना अंगों के प्रमुख, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ादि सामिल रहे।
गौरतलब है कि वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध के नायक और पांच सितारा रैंक तक पदोन्नत किए गए वायुसेना के एकमात्र अधिकारी मार्शल अर्जन सिंह का शनिवार को सेना के अस्पताल में निधन हो गया था। वह 98 वर्ष के थे

कूड़े के ढेर में बायो मैडिकल कूड़ा मिलने पर मैड ने दायर की याचिका

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देहरादून। शिक्षित छात्र संगठन मेकिंग ए डिफरेंस बाय बीइंग दी डिफरेंस (मैड) ने बीते रविवार को शहर में सफाई एवं जागरुकता अभियान के दौरान खुले में पाए गए बायो मेडिकल पदार्थों के मामले में नगर निगम और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में याचिका दायर कर आपत्ति जताई है।
शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में (मैड) संस्थापक व अधयक्ष अभिजित नेगी ने रविवार को सफाई अभियान में पाए गए बायो मेडिकल कूड़े को वीडियो के माध्यम से दिखाया। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों शहर के कई स्थानो पर सफाई कार्यक्रम चलाया गया था। इस दौरान जब खुले में इस प्रकार से पदार्थ मिलने लगे तो तत्काल अभियान को रोककर उसका सैंपल लिया गया और इसे निगम कर्मचारियों को दिखाया गया।
वहीं, संस्था के सदस्यों का कहना है इस प्रकार के कूड़े का खुले में मिलना न सफाई कर्मचारियों के लिए बल्कि जानवरों के लिए भी बड़ा खतरा है। ऐसे कूड़े को सड़क पर फेंकने से महामारी का संकट गहरा सकता है। इसे समय रहते रोकना होगा नही तो आने वाले दिनों में ये बड़ा खतरा साबित हो सकता है। मैड संस्था इसके लिए शहर में विशेष अभियान चलाकर लोगों को इसके प्रति जागरूकता लाएगी।ताकि ऐसे पदाथों को कूड़े की ढ़ेर में न फेंका जाए।
इधर, संस्था का कहना है पिछले वर्ष हरित न्यायाधीकरण द्वारा सरकार को फटकार लगाई गई थी फिर भी सरकार द्वारा बायो मेडिकल कूड़े का निस्तारण सही ढंग से नही किया जा रहा है। साथ ही ऐसे चिकित्सालयों पर निगरानी भी नही रखी जा रही है जो कूड़े में ढेर में ऐसी हानीकारक पदार्थ को डाल रहे है। ऐसे लोगों पर शासन प्रशासन की ओर से रोक लगाई जाए। इस मौके पर विवेक गुप्ता, करण महेश्वरी सहित अन्य उपस्थित रहे।

तो ऐसे चाय की दुकान पर खुले थे किडनी रैकेट के राज़

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पिछले दिनों उत्तराखंड पुलिस को एक बड़ी कामयाबी तब मिली जब उसके हत्थे अंतर्राजीय किडनी रैकेट का सरगना डाॅ अमित चढ़ा। इसके बाद परत दर परत किडनी रैकेट में शामिल लोगों के राज़ खुलते रहे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उत्तराखंड में फैले इस गिरोह का सुराग पुलिस को कैसे मिला? इसके पीछे न कोई तकनीक थी न ही कोई बड़ी टीम बल्कि एक सजग पुलिस कर्मी की सूझबूझ।

करीब एक महीने पहले रानीपुर थाने में तैनात कांस्टेबल पंकज शर्मा चाय पीने के लिये नुक्ड़ की दुकान पर गये। वहां पहले से मौजूद दो ड्राइवरों को बात करते उन्होनें सुना। वो दोनों किसी निजि अस्पताल में गैरकानूनी काम होने के बारे में बात कर रहे थे। दरअसल इन दोनों ड्राइवरों पर गंगोत्री अस्पताल में किडनी डोनरों को लाने की जिम्मेदारी थी।

पंकज कहते हैं कि, “दोनों की बात सुनकर मुझे शक हुअा कि हो न हो देहरादून या आसपास के इलाके में कोई बड़ा अंगों का अवैध रैकेट चल रहा है।” इसके बाद शर्मा ने अपने सीनियर अधिकारियों को इसके बारे में सूचित किया। जिसके बाद ये मामला हरिद्वार एसएसपी कृष्ण कुमार तक पहुंचा। जिन्होंने न्यूज़पोस्ट टीम को बताया कि, यह जानकारी दो लोगों से मिली पंकज शर्मा और सब इंस्पेक्टर अभिनव शर्मा और फिर तकरीबन एक महीने से ऊपर की कड़ी मेहनत के बाद कुछ साॅलिड लीड्स हाथ लगे,जिसके आधार पर एक टीम गठित की गई।

मामले में कोई सटीक जानकारी न होने के बावजूद पुलिस विभाग ने अपने खुफिया तंत्र की मदद से आखिरकार डोईवाला में गंगोत्री चैरिटेबल अस्पताल की पहचान कर ली चहां ये किडना रैकेट फल फूल रहा था।लेकिन देहरादून पुलिस को इस बारे में बताने के लिेये हरिद्वार पुलिस के पास अभी भी पर्याप्त सबूत नहीं थे। इसलिये दोबारा करीब एक महीने की कड़ी मेहनत के बाद पुलिस को ये पुख्ता जानकारी मिली कि 10 सितंबर को किडनी डोनरों को एक गाड़ी में ले जाया जायेगा। इसके चलते पुलिस ने एक्शन लिया और पांच लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें डाॅ अमित का मुख्य गुर्गा जावेद भी सामिल था जिसपर डोनरों को लाने ले जाने की जिम्मेदारी थी।

समय पर सूझबूझ दिखाने और इस कांड के खुलामें में अहम भूमिका निभाने के लिये हरिद्वार पुलिस ने कांस्टेबल शर्मा का नाम पदक के लिये चुना है। वहीं राज्य पुलिस महानिदेशालय ने शर्मा को अगले गणतंत्र दिवस पर सम्मानित करने का फैसला किया है।

ईडी जब्त करेगी किडनी कांड के सरगना के 1.5 करोड़

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किडनी कांड के सरगना अक्षय राऊत के पुलिस के फंदे में फंसने बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मुख्य आरोपी पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसकी शुरुआत करते हुए ईडी ने अक्षय राऊत के नौ बैंक खातों में जमा करीब डेढ़ रुपये को कब्जे में लेने की तैयारी शुरू कर दी है।

ईडी के राज्य प्रमुख सहायक निदेशक पीके चौधरी के मुताबिक किडनी कांड के सरगना अक्षय पर अन्य प्रदेशों में ईडी पहले ही जांच कर रही है और अक्षय की देश व देश से बाहर विभिन्न प्रॉपर्टी अटैच की गई है। अब दून में भी इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद यहां से भी जांच शुरू की जा रही है। सबसे पहले अक्षय के बैंक खातों में जमा करीब डेढ़ करोड़ रुपये को जब्त किया जाएगा। अच्छी बात यह है कि पुलिस ने ये खाते फ्रीज कर दिए हैं। इससे रकम को हासिल करने में आसानी होगी। सोमवार से इस दिशा में कार्रवाई शुरू करते हुए पुलिस से एफआइआर प्राप्त की जाएगी। देखा जाएगा कि इसमें पुलिस ने आरोपी व उसके साथियों की किन-किन संपत्तियों का जिक्र किया है। इनका मिलान उन संपत्तियों से किया जाएगा, जिनमें पहले अटैचमेंट किया जा चुका है। जो भी नई संपत्ति पाई जाएगी, उसे भी अटैच करने की कार्रवाई की जाएगी क्योंकि जिस तरह से कम समय में अक्षय राऊत ने अकूत संपत्ति अर्जित की है, उससे यह मामला सीधे तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग का नजर आता है। ऐसे में आरोपियों की संपत्ति को अटैच करना जरूरी हो जाती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अन्य प्रदेशों में भी ईडी के अधिकारियों संपर्क किया जा रहा है, ताकि किडनी कांड के सरगना व उसके सहयोगियों के बचने की हर राह बंद की जा सके।

मुख्यमंत्री ने शौचालय का शिलान्यास किया

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फोटोः कृष्णा रावत

आंगनबाड़ी में सहायक के रूप में काम करने वाली कुम्हार बस्ती निवासी प्रभा देवी के घर पहुंच कर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने अतिथि के रूप में चाय पीना स्वीकार किया, प्रभा देवी के घर में मुख्यमंत्री ने शौचालय का शिलान्यास किया।

स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री हरिद्वार रोड के कुम्हार बस्ती निवासी विधवा प्रभा देवी के घर पहुंचे। भारत स्वच्छता अभियान के तहत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण योजना का लाभ प्रभा देवी को मिला है। प्रभा देवी के घर पर मुख्यमंत्री ने शौचालय का शिलान्यास किया। यहां करीब 15 मिनट ठहरे मुख्यमंत्री ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के साथ गरीब परिवार का आतिथ्य स्वीकार किया। इनके घर में मुख्यमंत्री सहित अन्य लोगों ने चाय पी। प्रभा देवी ने अपने परिजनों सहित मुख्यमंत्री का आदर सत्कार किया।

अपने घर में मुख्यमंत्री को पाकर यह परिवार खुश नजर आया। प्रभावती के 97 वषीर्य ससुर तुगल राम और 80 वर्षीय सास राजी देवी की खुशी का ठिकाना नहीं था। उन्होंने मुख्यमंत्री का माल्यार्पण कर स्वागत किया, परिवार की बुजुर्गों का माल्यार्पण किया। मुख्य मंत्री ने यहां घर के बाहर सांकेतिक रूप से स्वच्छता अभियान भी चलाया। इस मौके पर पालिका के अध्यक्ष दीप शर्मा,अधिशासी अधिकारी महेंद्र ¨सह यादव ,स्थानीय सभासद अनिता बहल आदि भी मौजूद रहे।

24 घंटे तक उत्तराखंड को नहीं मिलेगा पानी, जल संस्थान के कर्मचारी 19 सितम्बर को रहेंगे हड़ताल पर

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देहरादून। सातवें वेतनमान की मांग को लेकर जल संस्थान के कर्मचारी आगामी 19 सितम्बर को हड़ताल पर रहेंगे। इसके तहत प्रदेश में 24 घंटे तक पेयजल आपूर्ति ठप रहेगी। इस दौरान होने वाली पेयजल समस्या से निपटने के लिए जल संस्थान प्रबंधन ने उपभोक्ताओं से 18 सितम्बर तक घरों में पर्याप्त पानी स्टोर करने की अपील की है।
सातवें वेतनमान की मांग को लेकर जल संस्थान के सभी श्रमिक संगठनों ने 19 सितंबर को एक दिवसीय हड़ताल करने की चेतावनी दी है। साथ ही संगठनों ने कहा है कि हड़ताल के दौरान वह समूचे प्रदेश में पेयजल आपूर्ति को भी ठप रखेंगे। जिससे जल संस्थान के हाथ-पांव फूल गए हैं। हड़ताल के दौरान 18 सितंबर रात 12 बजे से 19 सितंबर राति 12 बजे तक पेयजल आपूर्ति ठप रहेगी। जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक एसके गुप्ता ने लोगों से अपील की है कि वह समय से घर में पर्याप्त पानी जमा कर लें। क्योंकि, कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए पानी की बर्बादी न करें। साथ ही यदि किसी क्षेत्र में लोगों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ता है तो वह जल संस्थान के हेल्पलाइन नंबर 18001804100 पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। उक्त स्थान पर जल संस्थान पानी के टैंकर भेजकर आपूर्ति को सुचारु करने का प्रयास करेगा।
एक दिन पहले मिलेगा पर्याप्त पानी
19 सितंबर को आपूर्ति बाधित होने से पहले जल संस्थान ने 18 सितंबर को सभी क्षेत्रों में पर्याप्त पानी की आपूर्ति करने की तैयारी कर ली है। दून समेत सभी शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में जल संस्थान एक से दो घंटे तक पेयजल आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश में जुटा हुआ है।

80 हजार कर्मचारी 19 को हड़ताल पर रहेंगे, करेंगे चक्का जाम

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देहरादून। सातवें वेतनमान समेत दो सूत्रीय मांगों को लेकर राज्य निगम, निकाय, जल संस्थान, विकास प्राधिकरण, जिला पंचायत कर्मचारी महासंघ ने 19 सितम्बर को एक दिवसीय प्रदेशव्यापी हड़ताल व चक्का जाम का ऐलान किया है। महासंघ की ओर से सभी घटक संघों के साथ की गई बैठक में यह निर्णय लिया गया।
रविवार को रोडवेज वर्कशॉप में आयोजित बैठक में महासंघ के अध्यक्ष संतोष रावत ने कहा कि महासंघ सातवें वेतनमान का लाभ देने एवं उपनल, आउटसोर्स, विशेष श्रेणी के कर्मचारियों का मानदेय 21 हजार रुपये प्रतिमाह बढ़ाने की मांग को लेकर संघर्षरत है। बताया कि 15 सितंबर को मुख्य सचिव के साथ महासंघ की वार्ता हुई, लेकिन वार्ता में सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आए। जिससे हताश होकर महासंघ के 80 हजार कर्मचारियों ने यह निर्णय लिया है। कार्यकारी अध्यक्ष गजेंद्र कपिल ने कहा कि हाई पावर कमेटी ने जल संस्थान को सातवें वेतनमान की संस्तुति कर दी, लेकिन शासन के प्रशासकीय विभाग ने प्रस्ताव पर कोई कार्रवाई नहीं की। उत्तराखंड रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष रविंद्र भगत व महासचिव रवि पचौरी ने कहा कि परिवहन निगम का प्रस्ताव तीन सितंबर से शासन में विचाराधीन है, लेकिन शासन द्वारा अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। इस दौरान निकाय कर्मचारी महासंघ के महासचिव महावीर सिंह राणा, पेयजल निगम कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष प्रवीन रावत, वन विकास निगम कर्मचारी संगठन के महासचिव हरदेव सिंह रावत, जिला पंचायत कर्मचारी महासंघ के महासचिव रमेश नेगी, उपनल कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष दीपक चौहान, विकास प्राधिकरण कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष वीपी बहुगुणा, बहुद्देशीय वित्त विकास निगम कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष गुरमीत सिंह, तराई बीज विकास निगम के संरक्षक केएन कोडिंल्य ने भी विचार रखे।