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ब्रिटिश संसद में सलमान का सम्मान

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फिल्मों में अभिनय के अलावा अपने समाजिक कामों और ह्यूमन बिंग संस्था के जरिए गरीबों की मदद के लिए चलाए जाने वाले कार्यक्रमों के लिए लंदन में सलमान खान का सम्मान किया गया। ब्रिटिश संसद के एलिजाबेथ हाल में हुए समारोह में सलमान खान को ग्लोबल डायवर्सिटी सम्मान से नवाजा गया। ये सम्मान वहां के संसद सदस्य कीथ वाज के हाथों दिया गया, जो 1987 से वहां के अपर हाउस के सदस्य हैं।

सम्मान देने के बाद कीथ वाज ने कहा कि हमें गर्व है कि आप हमारे मेहमान बनें और इस सम्मान को स्वीकार किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि सलमान अपनी समाज सेवाओं को जारी रखेंगे। सलमान ने इस मौके पर कहा कि सम्मान पाकर उनको अच्छा लग रहा है। सलमान ने कहा कि वे अपने भावी कार्यक्रमों के प्रति कटिबद्ध हैं और उनको आगे बढ़ाएंगे। सलमान का संगठन बिंग ह्यूमन मुंबई के अस्पतालों में कैंसर सहित कई भीषण बीमारियों के शिकार गरीब लोगों के इलाज की व्यवस्था करता है। साथ ही इस संगठन से गरीब बच्चों की पढ़ाई लिखाई का इंतजाम भी किया जाता है। आंकड़ों के अनुसार, बिंग ह्यूमन के माध्यम से अब तक 3000 से ज्यादा गरीब लोगों का अस्पतालों में इलाज कराया जा चुका है।

किक 2 में सलमान के साथ दीपिका

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अभी तक खबर थी कि किक की सिक्वल में भी सलमान के साथ जैक्लीन फर्नांडिज होंगी, लेकिन अब इसे लेकर एक और खबर मिल रही है कि इस बार सलमान की जोड़ी दीपिका पादुकोण के साथ बनने जा रही है। फिल्म का निर्माण करने जा रही साजिद नडियाडवाला की कंपनी के सूत्रों ने इस खबर का संकेत दिया है।

किक 2014 में बनी थी, जिसका निर्देशन साजिद ने किया था। किक की सिक्वल को लेकर कहा जा रहा है कि जैक्लीन मेहमान रोल में होंगी। रेस 3 में सलमान के साथ जैक्लीन काम कर रही हैं। सलमान के साथ दीपिका के काम करने की चर्चा लंबे समय से हो रही है। ट्यूबलाइट से लेकर सुलतान तक सलमान की कई फिल्मों में दीपिका के हीरोइन बनने की चर्चा रही, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ा।

सूत्रों के मुताबिक, किक की सिक्वल अगले साल शुरु हो सकती है। सलमान इन दिनों टाइगर जिंदा है की शूटिंग निपटा रहे हैं। इसके बाद उनको रेस 3 शुरु करनी है और फिर दबंग 3 शुरु होगी।

स्मैक व चरस सहित तीन अभियुक्त गिरफ्तार

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एसएसपी देहरादून के निर्देशन में जनपद देहरादून में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत एवं क्षेत्राधिकारी नेहरु कॉलोनी महोदय के पर्यवेक्षण में नशे के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए थाना क्लेमेंट टाउन पुलिस ने अाज  तीन अभियुक्तों को स्मेक व चरस के साथ गिरफ्तार किया।

मनजीत सिंह नेगी, सोनू राठोर व मनीष पवार सभी पटेल नगर के रहने वाले है। मनजीत से कुल 102 ग्राम चरस, सोनू राठौर से 5.5 ग्राम स्मैक व अभियुक्त मनीष पवार से 6.0 ग्राम स्मैक बरामद हुई। तीनों अभियुक्तगणों के विरुद्ध एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। अभियुक्त गणों को आज न्यायालय के सामने पेश किया जा रहा है।

पूछताछ में तीनों ने बताया कि वह स्वयं भी नशे के आदी थे एवं अपने नशे के खर्चे को पूरा नहीं कर पाने के कारण बरेली से स्मैक तथा आसपास के क्षेत्रों से चरस लाकर छात्रों को बेचते हैं व खुद भी नशा करते हैं। अभियुक्त कई बार बरेली भी जा चुके हैं, जिनके द्वारा बरेली से मामू नाम के आदमी से स्मैक ली जाती है। अभियुक्तगण द्वारा अन्य नशे को बेचने वाले व्यक्तियों के नाम पता बताए हैं, जिनके विरुद्ध भी कार्यवाही की जा रही है।

नए रूप में जल्द ही दिखेगा दून रेलवे स्टेशन

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देहरादून,। उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून के रेलवे स्टेशन को जल्द स्मार्ट रूप दिया जाएगा और इस काम को पूरा करने के लिए स्टेशन पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। रेलवे स्टेशन को सुन्दर व सुविधा युक्त बनाने के लिए कुछ महीने पहले से ही निर्माण कार्य शुरू हो गया है। हालांकि निर्माण कार्य की गति पिछले दिनों कुछ धीमी रही लेकिन वर्तमान में कार्यों को तेजी से किया जा रहा है जिसे छह माह में पूरा कर लिया जाएगा।
स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य प्लान के मुताबिक चल रहा है। देवभूमि धार्मिक व पर्यटन दोनों दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। इस लिहाज से यहां देशभर से यात्रियों का भरमार रहता है। इसमें अधिक से अधिक यात्री रेलवे मार्ग को चुनते हैं।
स्टेशन पर एस्केलेटर, लिफ्ट और सुरक्षा के लिए इंटीग्रेटेड स्कीम के तहत मेटल डिटेक्टर, सीसीटीवी कैमरे, ऑटोमैटिक अनाउंसमेंट सिस्टम को जगह-जगह लगाया जा रहा है। ताकि हर आने जाने वाले यात्रियों पर पैनी नजर रखी जा सके। साथ ही स्टेशन पर डॉग स्क्वॉड और निर्भया भी होंगे। स्टाफ क्वॉटर नये बना दिए गए हैं और पुराने क्वॉटर की जगह पर नया यार्ड बनाया जाएगा।
देहरादून रेलवे स्टेशन के अधीक्षक करतार सिंह का कहना है कि स्टेशन पर निर्माण तेजी से चल रहा है। इस बात का पूरा ध्यान रखा जा रहा है कि वर्तमान में इस निर्माण कार्य से यात्रियों को कोई असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि शंटिंग का काम पूरा हो चुका है और नये प्लेटफॉर्म का काम चल रहा है। इलेक्ट्रिक लाइन डालने का काम पूरा हो चुका है।
स्मार्ट सिटी के सीईओ दिलीप जावलकर, मुरादाबाद रेल मंडल के डीआरएम एके सिंघल और प्रशासन के बीच निर्माण कार्य को लेकर इस संबंध में बैठकें हुई है। स्टेशन तक लोगों को पहुंचने में दिक्कत ना हो, इसके लिए बैठक में विचार विमर्श किया गया है। साथ ही स्टेशन पर मल्टी लेवल पार्किंग बनायी जाएगी और पास की रोटरी हटाकर रास्ते चौड़े किए जाएंगे। ताकि यातायात को बेहतर बनाया जा सके और आसानी से यात्री रेलवे स्टेशन से आ जा सके।

विवादों के बाद भी बढ़ रहा है चीन से कारोबार

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बीते दिनों के डोकलाम विवाद का लिपूलेख दर्रे से होने वाले व्यापार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। व्यापार निर्बाध गति से चल रहा है। अलबत्ता व्यापार चीन के पक्ष में अधिक रहता है। इस व्यापार में निर्यात से आयात अधिक होता जा रहा है।

भारत-चीन व्यापार सीमांत जिला पिथौरागढ़ के धारचूला तहसील के व्यास घाटी से होता है। इस व्यापार के लिए भारत में गुंजी को मंडी तथा तकलाकोट में पुलांग को मंडी बनाया गया है। भारतीय व्यापारी चीन की तकलाकोट मंडी पहुंचते हैं। 25 साल के व्यापार में अभी तक चीनी व्यापारी भारतीय मंडी गुंजी तक नहीं आए हैं। जबकि इस व्यापार में भारतीय व्यापारियों को लंबी पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। घोड़ों, खच्चरों, भेड़, बकरियां की पीठ से सामान लाद कर कई पड़ाव पार कर पैदल भारत-चीन सीमा तक पहुंचना पड़ता है। व्यापार की रजत जयंती वर्ष चल रहा है परंतु भारतीय व्यापारियों के लिए पैदल पड़ावों पर अभी भी रात्रि विश्राम व ठहरने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। भारतीय व्यापारियों को तमाम तरह की परेशानियां और विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इसके बाद भी यह व्यापार चीन के पक्ष में अधिक नजर आता है।

इस वर्ष भी अभी तक के आंकड़ों के हिसाब से आयात अधिक हुआ है और निर्यात कम है। 31 अक्टूबर को व्यापार की समाप्ति के बाद भी वास्तविक आंकड़े मिलेंगे। गत 24 वर्षो के व्यापार में निर्यात से अधिक आयात हुआ है। जो चीन के पक्ष में अधिक जाता है।

जागेश्वर मंदिर प्रबंधन :पहले चोरी और फिर सीना जोरी

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पहले चोरी और फिर सीना जोरी, ये कहावत जागेश्वर मंदिर के प्रबन्धक पर फिट बैठती है, ये महाशय कोर्ट के नियमों की अवेहलना कर तीन साल तक प्रबन्धक पद पर आसीन रहे। मंदिर के पुजारियों की सूची में इनका नाम 35वें नम्बर पर साफ-साफ दर्ज है। इतना ही नहीं इन्होंने पद पर रहकर हमेशा ही अपने चहेतों को जमकर लाभ पहुंचाया है। हमारे पास मौजूद आरटीआई की सूचनाएं इसकी खुली तस्दीक कर रहे हैं।

दरअसल, कुछ दिन पूर्व हमने सूत्रों पर आधरित एक खबर प्रकाशित की थी। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक ऊपर से आई जांच के आधार पर खुफिया एजेंसियों ने प्रबंधक को अल्मोड़ा तलब कर संयुक्त पूछताछ की। वाकई इनसे कई एंगल से पूछताछ हुई थी। खबर डिजिटल मीडिया में प्रकाशित होते ही प्रबंधक आपा खो बैठे। अब वह अलग-अलग लोगों से फोन करवाकर मीडिया पर प्रेशर बनाने की कोशिश भी कर रहे है यही नहीं अपने पद का दुरूपयोग कर कुछ अधिकारियों को भी गुमराह धमकाने की कोशिश भी की जा रही है।

अब हम बताते हैं इनकी हकीकत। करीब तीन साल पूर्व हाई कोर्ट ने जब प्रबन्धन समिति का गठन किया था तो इसकी नियमावली भी कोर्ट ने ही बनाई थी। नियमों के अनुसार प्रबन्धक पद पर पुजारी या राजनीति से जुड़े लोग आवेदन नहीं कर सकते हैं। बाकायदा आवेदकों को इस आशय का शपथ पत्र भी देना होता है। वर्तमान प्रबंधक का नाम पुजारियों की सूची में 35वें नम्बर पर साफ दर्ज है। इसके अलावा ये एनएसयूआई से भी जुड़े हुए थे। पुजारियों का आरोप है कि प्रबन्धक भट्ट ने लगातार तीन साल तक अपने पद का खुला दुरुपयोग किया। पब्लिक की आवाज को ऊंचा करना जनाब को पच नहीं रह रहा है।

पूजा में भी किया बड़ा खेल
लोग लम्बे समय से प्रबंधक पर चहेतों को लाभ पहुंचने का आरोप लगा रहे हैं। हमारे पास मौजूद आरटीआई में भी इसकी तस्दीक हो रही है। प्रकाश भट्ट की मंदिर में सात दिन बारी आती है। प्रकाश भट्ट ने अपने पिता और भाई को एक समय रसीद के कमीशन के तौर पर करीब एक लाख रुपये का भुगतान किया था। वहीं जिन पुजारियों की साल में छह माह बारी आती है उन्हें माह 19 हजार कमीशन भुगतान किया गया था। मामला सामने आने से हड़कम्प मच गया था। कोर्ट ने पुजारियों में समानता के मकसद से भी कमेटी का गठन किया था। आज भी जागेश्वर के पुजारियों  की सूची में दर्जनों ऐसे पुजारी हैं, जिन्हें  प्रबन्धक की ओर से साल का महज दो सौ या ढाई सौ रुपया ही कमीशन भुगतान किया गया है। स्थानीय लोग तो यहां तक भी कह रहे है कि भारी विरोध के बावजूद प्रबंधक पद का मोह नहीं छोड़ रहे हैं। इसके पीछे वजह ये बताई जा रही है कि इन्होंने तीन साल के कार्यकाल में एक एम्पायर खड़ा कर लिया था। इनके मंदिर से बाहर हटते ही वो एम्पायर ध्वस्त होना तय है।

भाई पुजारी तो साहब क्यों नहीं
अल्मोड़ा।  कुछ समय पूर्व जागेश्वर के पुजारियों ने कमीशन से सम्बंधित आरटीआई मांगी थी। आरटीआई के मुताबिक तब प्रबन्धक ने रसीद के एवज में अपने पिता देवीदत्त को करीब 64 हजार का भुगतान किया था। साथ ही अपने भाई विनोद भट्ट को भी 8827 रुपए का भुगतान किया था। जागेश्वर मंदिर परिसर में रसीद केवल पुजारियों की ही काटी जाती है। सूची में शामिल विनोद भट्ट पुजारी हैं तो उसी सूची में शामिल प्रकाश भट्ट भी साफ तौर पर पुजारी ही होंगी। उसके बाद से प्रबन्धन समिति ने लोगों को आरटीआई के जरिये सूचना देना भी बंद कर दिया था। यह मामला राज्य सूचना आयोग तक भी पहुंच चुका है।

कानूनविदों से आधारित थी खबर
पछले दिनों हमने एक खबर डिजिटल मीडिया में चलाई थी। प्रकाश भट्ट से खुफिया एजेंसियों द्वारा  पूछताछ वाले तथ्य हमने सूत्रों के हवाले से लिखे थे। इसके अलावा जानेमाने अधिवक्ताओं से भी इस सम्बंध में बात की थी। अधिवक्ताओं के मुताबिक इस तरह से झूठे शपथ पत्र दाखिल करने और धोखाधड़ी में धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत केस का प्रावधान भारतीय दंड संहिता में है। इन मामलों में सात साल से अधिक की सजा का प्रावधान भी है। यानी मुकदमा दर्ज होने पर ऐसे अभियुक्त की गिरफ्तारी का प्रावधान भी है। अधिवक्ताओं की राय पर ही वह खबर प्रकाशित की गई थी। इसके बाद भी हम सीना ठोक कर कहते हैं कि हमारे पास धोखाधड़ी  से सम्बंधित पूरे दस्तावेज उपलब्ध हैं।

क्यों ले रहे हैं दुग्ध संघों के कर्मचारी जबरन वीआरएस?

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देहरादून। पिछले 20 माह से वेतन न मिलने से परेशान पौड़ी और टिहरी के दुग्ध संघों के कर्मचारियों के सामने सरकार ने दो विकल्प रखे हैं। इसके तहत वे या तो स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) को आवेदन कर सकते हैं या फिर उन्हें हरिद्वार अथवा देहरादून के दुग्ध संघों में शिफ्ट किया जा सकता है। इसके लिए अब इन कार्मिकों के जवाब का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि, 37 कर्मियों ने तो वीआरएस लेने का मन बनाते हुए आवेदन करने की बात कही है।
पौड़ी और टिहरी के दुग्ध संघों की एक दौर में धाक हुआ करती थी। संघ लाभ में रहे तो वहां कर्मियों की भर्ती भी की जाती रही। प्रबंधन की खामियों समेत दूसरे कारणों के चलते धीरे-धीरे इन संघों की माली हालत खराब होती चली गई। अब आलम ये है कि दोनों दुग्ध संघों के 110 कर्मचारियों को पिछले 20 माह से वेतन के लाले पड़े हैं। वेतन भुगतान की मांग को लेकर वे आंदोलित भी हैं, मगर अभी तक कोई ठोस पहल नहीं हो पाई है।
दुग्ध विकास राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि दुग्ध संघों के कर्मचारियों का वेतन संघों की लाभ-हानि से जुड़ा है। चूंकि, पौड़ी व टिहरी दुग्ध संघों में दुग्ध उपार्जन नाममात्र का रह गया है। इसी वजह से कर्मियों को वेतन नहीं मिल पा रहा। उन्होंने बताया कि इस सबको देखते हुए वीआरएस का विकल्प रखने पर 37 कर्मचारियों ने इसकी हामी भरी है। उन्होंने कहा कि बाकी कर्मियों को लाभ में चल रही हरिद्वार व देहरादून के दुग्ध संघों में समायोजित किया जा सकता है लेकिन यह कर्मचारियों को तय करना है कि वे शिफ्ट होना चाहते हैं अथवा नहीं।

तो दून के इन बिल्डरों को मिला “रेरा” का नोटिस

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देहरादून। रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) में पंजीकरण कराए बिना शहर में होर्डिंग लगाकर प्रचार-प्रसार करने पर पनाश वैली व पैसिफिक हिल्स को नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा शहर के विभिन्न हिस्सों में तीन और नोटिस जारी किए गए। इनमें विशपरिंग विलोज, शिमला बाइपास रोड स्थित सरदार जसवीर सिंह व जीएमएस रोड पर बिना नाम की एक परियोजना शामिल है। बिना पंजीकरण परियोजना का प्रचार करने पर रेरा अब तक 29 बिल्डरों को नोटिस जारी कर चुका है। वहीं, पूर्व में जारी नोटिस के क्रम में 14 बिल्डरों ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है।
रेरा के नियामक प्राधिकारी व सचिव आवास अमित नेगी के मुताबिक, तय समय के भीतर जिन बिल्डरों ने जवाब नहीं दिया है, उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। यह राशि कुल परियोजना लागत की पांच फीसद तक हो सकती है। बिना पंजीकरण परियोजनाओं का प्रचार-प्रसार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उधर, रेरा के सचिवालय के रूप में काम कर रहे उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण (उडा) के कार्यक्रम प्रबंधक कैलाश पांडे ने बताया कि रेरा में पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 जुलाई (एक मई 2017 से पहले कंप्लीटीशन सर्टिफिकेट न लेने वाले बिल्डर) तक 168 बिल्डर पंजीकरण को आवेदन कर चुके थे। जबकि इसके बाद अब तक 185 बिल्डर आवेदन कर चुके हैं। बाद के 17 बिल्डरों पर परियोजना लागत का एक फीसद जुर्माना लगाया जा रहा है। इनमें सात का पंजीकरण पूरा हो चुका है, जबकि शेष के दस्तावेज में खामियां पाए जाने के चलते कार्रवाई गतिमान है। वहीं, 100 पॉपर्टी डीलर/रियल एस्टेट एजेंट भी पंजीकरण को आवेदन कर चुके हैं और 57 का पंजीकरण पूरा हो चुका है। वहीं, रेरा के नियामक प्राधिकारी अमित नेगी के मुताबिक पंजीकरण के लिए सितम्बर माह के अंत से ऑनलाइन प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। उन्होंने सभी बिल्डरों व रियल एस्टेट एजेंट से अपील की कि वह बिना पंजीकरण किसी भी तरह का प्रचार-प्रसार न करें। 

किडनी कांडः एक और आरोपी हुआ गिरफ्तार

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पिछले दिनों लालतप्पड़ (डोईवाला क्षेत्र) में किडनी खरीद- फरोख्त / ट्रांसप्लांट प्रकरण में थाना डोईवाला पुलिस द्वारा थाना डोईवाला में पंजीकृत मु0अ0सं0 256 /17 धारा 420/120B/370 ( i ) / 342 IPC व 18 / 19/20 मानव अंगो का प्रत्यारोपण अधिनियम 1994 में घटना के दिन से ही फरार चल रहे अभियुक्त राजीव कुमार चौधरी पुत्र स्व0 श्री सुरेन्द्रपाल पाल सिंह नि0 14/41 आदर्श नगर बिनोली रोड बडौत बागपत को मय कार होंडा सिटी नंबर . डीएल-8 सीएनबी-0010 के 17 सितंबर को मुखबीर की सूचना पर देव संस्कृति विश्वविद्यालय गेट के सामने गली नं-02 हरिपुर कलां थाना रायवाला के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। राजीव चौधरी राज्य छोडकर भागने की फिराक में था। राजीव चौधरी की कार की डिग्गी से बरामद एक कम्प्यूटर कैबनेट जिस पर एसस का डीवीडी राईडर लगा है एवं पीले रंग की गत्ते की फाईल मिली, जिसमें कॉलेज से सम्बन्धित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज व मेडिकल रिपोर्ट है। राजीव का जन्म एक सम्पन्न परिवार में हुआ था। राजीव के पिता बीडीओ थे तथा राजीव ने अपनी पढाई बडौत से ही शुरू की थी। उसने बीएससी एग्रीकल्चर एवं फिर एम.ए इकोनाॅमिक्स किया। सन् 1998 में उसने स्नेह से शादी की जिससे उसको एक बेटा है फिर वर्ष 2000 में उसका तलाक हो गया। वर्ष 2004 में दूसरी शादी अर्चना से की जिससे एक लडकी हुई तथा वर्ष 2013 में उसका फिर से तलाक हो गया, फिर वह अनुपमा के सम्पर्क में आया जो पहले से तलाकशुदा थी। दोनों ने वर्ष 2014 में विवाह कर लिया। राजीव शुरू से जल्दी – जल्दी पैसा कमाना चाहता था। वर्ष 1999 में उसने हरिद्वार में बीएसएनएल अन्डर ग्राउण्ड केबिल बिछाने का टैण्डर लिया था। टैण्डर खत्म होने के बाद वह हरिद्वार में प्रोपर्टी डीलिंग का कार्य करने लगा। फिर उसके बाद उसने लक्सर में खनन का काम भी शुरू कर दिया और साथ -साथ प्रोपर्टी डीलिंग का कार्य भी करता रहा। वर्ष 2005 में अपने एक मित्र अब्बास, जो कि अब दुबई में रहता है, के माध्यम से राजीव की जान – पहचान डॉ0 अमित से हुई। राजीव ने अपनी पत्नी अनुपमा को नेचरविला में मैनेजर की नौकरी दिलायी और यहां से इनकी उत्तरांचल डेन्टल कॉलेज के चेयरमेन पाण्डे से भी जान – पहचान हो गयी। वर्ष 2016 में डॉ0 अमित ने जब राजीव से देहरादून में एक हॉस्पिटल खोलने की बात कही तो राजीव चौधरी ने उत्तरांचल डेन्टल कॉलेज के चेयरमैन पाण्डे से बात कर जुलाई 2016 में डॉ0 अमित को गंगोत्री चेरिटेबिल हॉस्पिटल लालतप्पड की बिल्डिंग को लीज पर दिलाया। उसके बाद राजीव चौधरी के द्वारा ही उक्त हॉस्पिटल की फिनिशिंग की गयी जिसमें कि डॉ0 अमित का एक साथी भी शामिल था। इन लोगों के द्वारा ही उक्त हॉस्पिटल में सम्पूर्ण सामान लगाया गया । 03 – 04 महीने में कार्य खत्म होने पर राजीव चौधरी डॉ0 अमित के साथ इस हॉस्पिटल को चलाने लगा। जब हॉस्पिटल से मोटी कमाई होने लगी तो राजीव चौधरी ने अपनी पत्नी को वहां पर कैन्टीन भी दिला दी। राजीव चौधरी सम्पूर्ण किडनी प्रकरण में सम्मिलित था, उसके द्वारा ग्राहकों को हॉस्पिटल में लाया जाता था, जिससे राजीव चौधरी को हॉस्पिटल से अच्छी कमाई होने लगी। राजीव चौधरी की चल – अचल सम्पत्ति एवं आपराधिक इतिहास की अन्य जानकारी प्राप्त की जा रही है।

बरामदगी का विवरण : –

1- 01 कार होंडा सिटी नंबर . डीएल 8 सीएनबी 0010,
2- कम्प्यूटर कैबनेट जिस पर एसस का डीवीडी राईडर लगा है
3- पीले रंग की गत्ते की फाईल जिसमें हॉस्पिटल से सम्बन्धित महत्तवपूर्ण कागजात है।

पुलिस टीम : –

1- थानाध्यक्ष रायवाला, श्री आशीष गुंसाई।
2- का0 नितिन कुमार।
3- का0 नवनीत सिंह।
4- का0 देवेन्द्र चौधरी।
5- का0 मनोज कुमार।

पर्यटन विभाग सुधारेगा चौरासी कुटिया की दशा: सतपाल महाराज

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फोटोः कृष्णा रावत
देर आए, दुरुस्त आए कुछ यही हाल है उत्तराखंड सरकार का भी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके महर्षि महेश योगी के चौरासी कुटिया बीटल्स आश्रम के दिन अब सुधरने की उम्मीद बनी है।
पर्यटन विभाग ने अब जाकर इस अंतर्राष्ट्रीय पॉइंट पर अपनी रुचि दिखानी शुरू की है। गौरतलब है कि 60-70 के दशक में ब्रिटिश बैंड बीटल्स के महर्षि महेश योगी के संपर्क में आने पर ऋषिकेश की चौरासी कुटिया का नाम पूरे विश्व में तेजी से उभरा। आज भी बीटल्स के दीवाने ऋषिकेश के आश्रम में आकर बड़ी संख्या में चौरासी कुटिया के खंडर को देखते हैं।
सालों से उपेक्षा झेल रहे इस अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र पर अब उत्तराखंड के पर्यटन विभाग ने रुचि दिखानी शुरू करी है। पर्यटन मंत्री ने राजाजी टाइगर रिजर्व की गौहरी रेंज के अंतर्गत आने वाले चौरासी कुटी का भ्रमण किया, उन्होंने वन क्षेत्राधिकारी को चौरासी कुटिया की मरम्मत व सुधारीकरण के लिए पर्यटन विभाग को प्रांकलन भेजने के निर्देश दिये है।
उन्होंने महर्षि महेश योगी व बीटल्स ग्रुप से जुड़ी कुटिया व साधनास्थली का निरीक्षण किया अौर कहा, ‘बीटल्स ग्रुप के 50 वर्ष पूरे होने पर वर्ष 2018 में चौरासी कुटिया में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। यह कार्यक्रम वन विभाग व पर्यटन विभाग संयुक्त रुप से करेंगे।’ उन्होंने चौरासी कुटिया की मरम्मत के लिए वन क्षेत्राधिकारी राजेंद्र नौटियाल को पर्यटन विभाग को शीघ्र प्रांकलन भेजने के निर्देश दिए।