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नवरात्र: हरिद्वार के सभी मंदिरों, बाजारों में बढ़ी रौनक

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बृहस्पतिवार से शक्ति की आराधना का पुण्य पर्व शारदीय नवरात्र आरम्भ हो जाएंगे। नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालु घट स्थापना के साथ नौ दुर्गाओं मेें प्रथम मां भगवान शिव की प्रिया मां शैलपुत्री का पूजन अर्चन करेंगे।

गुरुवार से आरम्भ हो रहे नवरात्र के चलते बुधवार को तीर्थनगरी के सभी देवी मंदिरों में आज खासी रौनक दिखाई दी। मंदिरों में खासी चहल-पहल के साथ सजावट की गई। नवरात्र की पूर्व संध्या पर सभी देवी मंदिर पूरी तरह से मां भगवती के पूजन के लिए सजकर तैयार हो गए।

तीर्थनगरी मायापुरी की अधिष्ठात्री देवी मां माया देवी, चण्डी देवी, मंशा देवी, शीतला माता मंदिर, काली मंदिर, दक्षिणेश्वर काली मंदिर, महिषासुर मर्दिनी मंदिर समेत तमाम सिद्ध पीठों व दुर्गा मंदिरों में उत्सव का माहौल रहा। सभी जगह मंदिरों को भली प्रकार से सजाया संवारा गया। इसी के साथ 15 दिनों से बाजारों में छायी मंदी का दौर भी समाप्त हो गया।

बुधवार को बाजारों में खासी चहल-पहल दिखाई दी। पूजन सामग्री व भगवान के श्रृंगार की दुकानों पर भारी भीड़ देखी गई। लोग नवरात्र उपासना के लिए जमकर खरीददारी करते दिखाई दिए। इसी के साथ फल व फूलों के दामों में अचानक तेजी देखने को मिली। 

भगवान राम जन्म लीला का मंचन

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भगवान राम जन्म लीला का मंचन

श्री रामलीला मंचन काशीपुर के दूसरे दिन रावण दिग्विजय के बाद रामजन्म लीला का मंचन किया गया। भगवान राम के जन्म के बाद सभी हर्षित होकर भगवान की जय-जयकार करने लगे। अवध में नाच गाना कर सभी झूमते नजर आए।

 देर रात रामलीला के मंच पर रावण दिग्विजय और रावण के अत्याचार से सभी देवता और पृथ्वीवासियों के दुखी होने के प्रसंग का मंचन किया गया। लोगों ने दुखी होकर भगवान की स्तुति की तो आकाशवाणी द्वारा भगवान के जन्म लेने की जानकारी मिली। इससे सभी हर्षित हो गए। सभी अपने अपने घर जाकर बेसब्री से भगवान की प्रतीक्षा करने लगे।

बहुत सुहावने मौसम में भगवान ने कौशल्या के पुत्र के रूप में जन्म लिया। साथ ही कौशल्या को अपना चतुर्भुज रूप दिखाया। इसे देखकर कौशल्या भयभीत हो गईं। जिसके बाद भगवान उनको बताते है कि वो उनकी कोख से जन्म लेंगे और राक्षसों के विनाश के लिए जन्म लेंगे। रामलीला मंचन के दौरान रंगमंच पर स्थानीय कलाकारों की ओर से श्रीराम जन्म का दृश्य प्रस्तुत किया गया। ताड़का- सुबाहु वध मारिच और अहिल्या उद्धार की लीला का मंचन आज किया जाएगा। कलाकारों की ओर से किए गए मंचन की दर्शकों ने जमकर प्रशंसा की। रात दिखाए गए रामलीला में कलाकारों ने अपने-अपने अभिनय के माध्यम से दर्शकों को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मंचन में दशरथ की भूमिका में  गहतोडी, विश्वामित्र पंत जी, विष्णू शिवम अग्रवाल, शिव विशाल भारद्वाज, अग्नि राजकुमार यादव बने थे। इस मौके पर अध्यक्ष रामलीला कमेटी विष्णु अग्रवाल, संरक्षक महेश कुमार अग्रवाल, शरद मित्तल, उपमंत्री मनोज अग्रवाल, भण्डारी मुकेश कुमार, दीनेश अग्रवाल, राजेन्द्र मेहरोत्रा, शर्वेश शर्मा, रिषभ अग्रवाल, कैलाश प्रजापति, मनोज अग्रवाल, अजय अग्रवाल आदि मौजूद थे।

शिवम के विष्णु भगवान के किरदार की अनुठी छाप
कम उम्र मगर अभिनय का गूड अनुभव ही शिवम की कलाकारी का लोहा है, शिवम पायते वाली रामलीला में विभिन्न किरदार निभाते करते है, शोम्य स्वभाव और सुरों के धनी शिवम राम के अभिनय को भी रामलीला में करते हैं, शुरुवाती रामलीला में भगवान विष्णु का किरदार निभागर शिवम ने अपनी एक अनुठी छाप छोडी है।
काशीपुर के रहने वाले शिवम बचपन से ही अभिनय का शोक रखते हैं, और अभिनय को पंख देने के लिए रामलीला के मंच को जरीया बनाकर शिवम ने अपनी अदाकारी से सभी का मन मोह लिया है, शिवम के गले से निकले सुर, रागों पर पकड और अदा के धनी होने के कारण ही उनकी विशेष छवि रामलीला में रही है, लम्बे समय से रामलीला में राम , भरत और विष्णु का किरदार करते आ रहे हैं शोम्य स्वभाव के कारम ही उनको मिलने वाले पाठ भी उनकी छवि के अनुसार ही मिलते हैं, वहीं जल्द शिवम राम के किरदार में काशीपुर की पायते वाली रामलीला में दिखाई देंगें।

मर्डर कर हरिद्वार में छिपे आरोपी गिरफ्तार

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हरिद्वार। दिल्ली पुलिस की टीम ने उत्तरी हरिद्वार की एक धर्मशाला में दबिश देकर करीब छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस काफी समय से आरोपियों की तलाश कर रही थी। पुलिस सभी आरोपियों को लेकर दिल्ली रवाना हो गई है। ये लोग धर्मशाला में कब से ठहरे थे तमाम जानकारी धर्मशाला संचालकों से लेकर गई है।

मंगलवार की देर रात्रि उत्तरी हरिद्वार के बसंत गली के एक धर्मशाला में दिल्ली पुलिस की टीम पहुंची। धर्मशाला पहुंचते ही पुलिस ने मुख्य द्वार को बंद करा दिया। पुलिस ने धर्मशाला संचालक से कुछ लोगों के संबंध में जानकारी जुटाई। कुछ देर बाद ही धर्मशाला के भीतर से करीब छह को पुलिस हिरासत में लेकर बाहर आई।
इस दौरान पुलिस ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। ये तमाम लोग किस मामले के आरोपी हैं। धर्मशाला में कब से ठहरे हुये थे। धर्मशाला संचालक ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।

दिल्ली पुलिस की टीम में करीब 12 से अधिक लोग शामिल रहे। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर दिल्ली पुलिस रात्रि में ही दिल्ली रवाना हो गई है। जब इस संबंध में खड़खड़ी चौकी प्रभारी दीपक कठैत से बात की गई तो बताया कि हत्या के मुजरिम की तलाश में दिल्ली पुलिस की टीम आई थी। आश्रम से छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हत्या का मामला है। दिल्ली पुलिस ने आमद दर्ज कराई हुई है।

नवजात बेटी के साथ सेल्फी लाओ और सरकारी फायदे पाओ

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राज्य में बाल लिंग अनुपात की संख्या में सुधार करने के लिए, उत्तराखंड सरकार ने नवजात शिशु लड़की के माता-पिता को ईनाम देने का फैसला किया है,जो अपनी पैदा हुई बेटी के साथ सेल्फी लेकर उसे जमा करेगा। 2011 की जनगणना के अनुसार, उत्तराखंड में लिंग अनुपात प्रति 1000 पुरुषों में 890 महिलाओं की है।

नवजात बेटियों के माता-पिता एक टोल फ्री नंबर पर फोन कर सकते हैं जो महिला और बाल कल्याण मंत्री रेखा आर्य की तरफ से एक बधाई संदेश देगी। 24 घंटे के भीतर, स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल कल्याण विभाग की एक टीम परिवार तक पहुंच जाएगी, यह टीम माता पिता द्वारा खींची गई सेल्फी जिले के नोडल अधिकारी के पास जमा करेगी।

इसके बाद नवजात बेटी के माता पिता को जो उपहार मिलेगा उसका नाम होगा ‘वैष्णवी किट’।वैष्णवी किट में वैष्णवी कार्ड शामिल होगा जो नवजात शिशु के लिए एक विशेष स्वास्थ्य बीमा कार्ड है, कार्ड के लाभार्थियों को राज्य सरकार के किसी भी पैनल में अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकता है।

महिला एवं बाल कल्याण विभाग की मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि, “किट में बच्चे के लिए अन्य सामान भी होंगे जैसे कपड़े और टॉयलेटरीज़, यह कदम माता-पिता को बताना है कि उन्होंने श्रृष्टि के निर्माता को जन्म दिया है इसलिए विभाग उन्हें एक छोटे से धन्यवाद स्वरुप टोकन दे रहा है।” यह पहल राज्य में लड़की के जन्म के आंकड़ों को बराबर लाने में भी मदद करेगी।स्वास्थ्य विभाग द्वारा लड़कियों के लिए विभिन्न राज्यों और केंद्र में चलने वाली योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी भी दी जाएगी।इसके अलावा एक टीकाकरण कार्ड जिसमें बताया जाएगा कि किस उम्र में कौन से टीका लगवाना आवश्यक है, यह भी सूचना दी जाएगी।

वहीं महिला एंव बाल कल्याण मंत्री रेखा आर्य ने टीम न्यूज़पोस्ट से बातचीत में कहा कि, ”यह शुरुआत समाज में बसी मानसिकता को बदलने के लिए हैं जिसमें मां-बाप बेटी को बोझ समझते हैं।हालांकि उन्होंने माना की समाज में भ्रूण हत्या पर रोक लगाना ज्यादा बड़ी चुनौती है लेकिन सरकार और विभाग उसपर भी काम कर रहे हैं”।

आपको बतादेंकि वैष्णवी किट जैसी पहल कहीं ना कहीं समाज में फैसी सोच को कम करने में मदद करेगा। लेकिन उससे भी बड़ी चुनौती है भ्रूण हत्या को रोकना जिसके लिए ना केवल महिला एंव बाल विकास मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय को जागरुक होने की जरुरत है बल्कि सभी विभागों को इसपर सोचने और काम करने की जरुरत हैं।

पलायन रोकने के लिए मजबूत करें शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की धार

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देहरादून। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों से निरंतर हो रहे पलायन का मामला भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के समक्ष भी उठा। पार्टी कार्यकर्ताओं ने पलायन को रोकने के लिए पहाड़ में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मसलों पर खास फोकस करने का सुझाव दिया। बैठक में कार्यकर्ताओं ने राज्य अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर पलायन के सामरिक खतरों की ओर भी शाह का ध्यान खींचा।

मंगलवार को राजपुर रोड स्थित एक होटल में भाजपा के प्रदेश पदाधिकारियों, कोर ग्रुप के सदस्यों, सांसदों, विधायकों, जिला इकाइयों के अध्यक्ष व महामंत्रियों, जिला पंचायत अध्यक्षों, सहकारी बैंकों के अध्यक्ष, मेयर और राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ बैठक में पलायन का मुद्दा केंद्र में रहा। वहीं, कार्यकर्ताओं ने विकराल रूप लेती पलायन की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो पहाड़ को खाली होते देर नहीं लगेगी। उन्होंने ने सुझाव दिया कि पहाड़ में बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार पर फोकस किया जाए तो समस्या से काफी हद तक निजात मिल सकती है। पलायन की सबसे बड़ी वजह भी इन सवालों की अनेदखी है। महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य ने कहा कि पानी, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य व रोजगार से जुड़े सवालों के समाधान को केंद्र की मदद की दरकार है। अन्य कई कार्यकर्ताओं ने भी पलायन रोकने को ठोस नीति बनाने का सुझाव दिया। इधर, पलायन के चलते गुजरे 17 सालों में तीन हजार गांव खाली हो चुके हैं।
बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने शाह के सामने प्रमुख रूप से राज्य में अटकी 15 जलविद्युत परियोजनाएं को केंद्र सरकार को मंजूरी, पर्वतीय क्षेत्रों में यहां की परिस्थितियों के अनुरूप इलेक्ट्रॉनिक औद्योगिक इकाइयां लगाए जाने, असंगठित उद्योग क्षेत्र के लिए खास पैकेज की व्यवस्था करने के साथ ही श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतनमान हर हाल में अनुमन्य किए जाने, पिछले 17 सालों से लटके राजधानी के मसले का हल तलाशे जाने, दून में सुविधाओं को देखते हुए स्थायी राजधानी घोषित किए जाने के सुझाव दिए। साथ ही सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की मुहिम को स्पष्ट रूप से लागू करने, ऊधमसिंहनगर में फसल बीमा योजना के नाम पर काटी जा रही राशि पर स्थिति स्पष्ट करने, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में पहाड़ में होने वाले कृषि कार्यों को भी जोड़े जाने, खरीफ और रबी दोनों की फसलों के लिए ठोस एवं विस्तृत कार्ययोजना तैयार किए जाने, पर्वतीय क्षेत्रों में खेती से विमुखता की बड़ी वजह सिंचाई सुविधा का अभाव भी है।
इस पर खास फोकस करने, किसानों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने, प्रदेश के 40 फीसद गावों में सड़कें न पहुंच पाने की वजह वन एवं पर्यावरणीय कानून आड़े आ रहे हैं। इसका निदान किए जाने, राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण कार्य तेज गति से किए जाने के सुझाव भी बैठक में मौजूद लोगों ने दिए। साथ ही पहली सरकार मानी जाने वाली पंचायतों को अधिकार संपन्न बनाने, क्षेत्र पंचायतों में प्रमुख और कनिष्ठ व ज्येष्ठ उपप्रमुखों का चुनाव सीधे जनता के माध्यम से कराए जाने के मामला भी बैठक में उठा। राज्य सरकार ने 10 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को बंद करने का निर्णय लिया है, लेकिन सीमांत क्षेत्रों के लिए छात्र संख्या का मानक पांच किए जाने का सुझाव भी बैठक में आया। इसके अलावा, गावों के विकास, जीएसटी, स्थानीय निकायों की मजबूती, छात्रवृत्ति आदि को लेकर भी कार्यकर्ताओं ने सुझा दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने शाह का अभिनंदन किया। बैठक में प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिवप्रकाश, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन अनिल जैन, अरविंद मेनन, मीडिया विभाग के प्रमुख अनिल बलूनी, केंद्रीय राज्य मंत्री व अल्मोड़ा सांसद अजय टमटा, सांसद भुवन चंद्र खंडूड़ी, भगत सिंह कोश्यारी, रमेश पोखरियाल निशंक व माला राज्यलक्ष्मी शाह, पूर्व सीएम विजय बहुगुणा, राज्य सरकार के तमाम मंत्री व विधायक, पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व सांसद आदि भी मौजूद रहे।
शाह की दावत में 60 विशिष्ट मेहमान
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने दून में भोज के बहाने उद्योग, मेडिकल व्यवसाय, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र के नामी संस्थानों के संचालकों को एक साथ बुलाकर विकास में भागीदारी की अपेक्षा की। आमंत्रित 67 में से 60 लोगों ने शाह के भोज में उपस्थिति दर्ज कराई। भाजपा अध्यक्ष करीब 1:35 बजे मेहमानों को मिलने पहुंचे। परिचय के साथ शाह ने चर्चा शुरू की। साथ ही भोजन का आग्रह किया। इस दौरान मौजूद मेहमानों ने शाह को अपने सुझाव दिए। अमित शाह के लिए एक स्थानीय पार्टी कार्यकर्ता के घर से भी भोजन आया था। इसमें रोटी, भिंडी की सब्जी, पीली दाल, पनीर, मिक्स वेज शामिल थे। इनमें से रोटी, दाल और सब्जी लेते हुए शाह ने भोज की शुरुआत की। स्वीट डिश में शाह ने मूंग की दाल का हलवा लिया। भोज के बाद सभी ने आयोजन की तारीफ की है। इस भोज में उद्योग क्षेत्र से 17, मेडिकल क्षेत्र से 15, शिक्षा के क्षेत्र से 12 और सामाजिक क्षेत्र से 16 लोगों ने शिरकत की।

उत्तराखंड के पुर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी की हालत बिगड़ी,अस्पताल में भर्ती

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पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी दिल्ली साकेत में एडमिट।लगभग आज सुबह 9 बजे ब्रेन स्ट्रोक होने की वजह से मैक्स हॉस्पिटल साकेत में एडमिट किया गया था। डॉक्टर ने बताया कि अभी पूर्व मुख्यमंत्री को 72 घंटे तक आईसीयू में रखा जाएगा वहीं उनके पुत्र रोहित शेखर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने पहुंचे।

शाह की सलाह : अभिमान न पालें, केरल, बंगाल और पूर्वोत्तर के कई राज्य बाकी

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देहरादून। लोकसभा चुनाव-2019 में देशभर में भाजपा को विजय दिलाने के मिशन के तहत राज्यों के दौरे पर निकले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंगलवार को उत्तराखंड पहुंचे। शाह ने दिनभर में आठ कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और उन्होंने हर स्तर के कार्यकर्ताओं को एक ही संदेश देने की कोशिश की कि संगठन सर्वोपरि है। इतना ही नहीं उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अगर किसी को गलतफहमी है तो निर्दल मैदान में उतर कर देखे। इसके साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं को भविष्य के लक्ष्यों की ओर देखने की नसीहत देते हुए कहा कि हम शिखर पर पहुंचे हैं, लेकिन अभी लंबा सफर बाकी है। उन्होंने विशेष तौर पर बंगाल, केरल और पूर्वोत्तर के राज्यों की ओर इशारा किया।
उन्होंने कहा कि भाजपा को संपूर्ण भारत में पहुंचाकर उसे अजेय संगठन बनाना है। पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक इतना मजबूत बनाना होगा कि कोई उसे पराजित न कर सके। संगठन की शक्ति के कारण ही भाजपा आज देश के हर हिस्से में मजबूती के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। बैठकों का हिस्सा रहे भाजपा नेताओं के मुताबिक भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि उनका मकसद देश के हर कोने में भाजपा को पहुंचाना है। प्रवास कार्यक्रमों से सभी कार्यकर्ताओं से बात करने का अवसर मिलता है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में हालिया विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी को चुनाव में तीन-चौथाई बहुमत मिला है, लेकिन इसे संभाल कर रखना जरूरी है। इसके लिए पार्टी के हर कार्यकर्ता को जनता के बीच रहना होगा। उनकी समस्याओं का समाधान करना होगा और पार्टी की विचारधारा का प्रचार-प्रसार करना होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा ऊंचाई पर है, लेकिन गलती से भी इसका अभिमान नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में विजय से कार्यकर्ताओं में विश्वास जागृत हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत मिलने से कहीं न कहीं कार्यकर्ता आलसी भी हो जाते हैं। उन्हें लगता है बड़े किले फतह कर लिए अब सब आसान होगा, लेकिन ऐसा नहीं है। अभी बंगाल, केरल और पूर्वोत्तर के कुछ राज्य बाकी हैं। लोकतंत्र की सबसे छोटी इकाई पंचायत से लेकर सबसे बड़ी संस्था संसद तक भाजपा का वर्चस्व कायम करने की मंशा जताते हुए उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक सिर्फ भाजपा ही भाजपा रहे। 

‘स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम’ के तहत निकाली जागरूकता रैली

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रुद्रपुर। सोशल एण्ड हेल्थ अवेयरनेस सोसाइटी, जिला प्रशासन व नगर निगम ने ‘स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम’ केे अन्तर्गत रैली निकाल कर लोगों को जागरूक किया। बुधवार को गांधी पार्क से जिला पंचायत कार्यालय तक जागरुकता रैली निकाली गई। जिसमे जिले के विभिन्न विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। जागरुकता रैली समापन के बाद अपर जिलाधिकारी प्रताप सिंह शाह द्वारा जिला पंचायत सभागार मे स्वच्छता ही सेवा की शपथ दिलाई गई।
मुख्य अतिथि के रूप मे बोलते हुए सुरेश गंगवार ने कहा सहस संस्था द्वारा लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से यह अच्छा कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा दो अक्टूबर को जनपद की 391 ग्राम सभाओं में स्वच्छता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सहस संस्था व जिला पंचायत राज कार्यलय का सहयोग लिया जाएगा।
अपर जिलाधिकारी प्रताप सिंह शाह ने कहा सरकार द्वारा 15 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा व 01 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक ग्राम समृद्धि एवं स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा हमें इस अवधि तक ही सीमित न रहकर सफाई को अपनी आदतों में सुधार कर हमेशा सफाई के प्रति जागरूक रहना है। उन्होंने कहा हम सभी अपने घर व आस-पास को साफ-सुथरा रखें।
जिलाधिकारी ने कहा कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता है इसलिए जनपद के प्रत्येक नागरिक को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझते हुए स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। स्वच्छ वातावरण से ही निरोग रहते हुए स्वच्छ तन व मन का निर्माण होता है। संस्था के कुलीन गुप्ता ने कहा स्वच्छता एक ऐसा अभियान है जो सबकी जिम्मेदारी है। उन्होने कहा संस्था के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के लिए समय-समय पर ऐसे अभियान चलाए जाएंगे।
कार्यक्रम मे सफाई कर्मचारी यूनियन, सिडकुल के अजय तिवारी, सिडकुल एसोशिएशन के मनोज तिवारी व उनकी टीम, बार एशोसिएशन के राजेन्द्र चन्द्र, इंडियन मेडिकल एशोसिएशन के रवि फुटेला कुमार आदि ने हिस्सा लिया।

चमोली के सणकोट गांव में जर्जर विद्युत पोल बने परेशानी का सबब

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चमोली जिले के विकास खंड नारायणबगड के सणकोट गांव के बिजली के पोल जर्जर हाल में पहुंच गए हैं। जिससे कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है। स्थानीय लोगों द्वारा कई बार विद्युत विभाग से पोलों को बदलने की गुहार लगाई जा चुकी है लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अब ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही पोलों को बदला नहीं जाता है तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
सणकोट के ग्रामीण व सामाजिक कार्यकर्ता जयवीर कंडारी, पप्पु रावत, मनोज नेगी, प्रदीप नेगी, राजेंद्र बुटोला ने जिलाधिकारी चमोली से भेंट कर समस्या से अवगत कराया। उन्होंने जिलाधिकारी को जर्जर हाल में पहुंचे पोलों की फोटो और वीडियों भी दिखाई। उन्होंने कहा कि इन जर्जर हाल में पहुंचे विद्युत पोलों के कारण तार ग्रामीणों के मकान के ऊपर तक झुल रहे हैं जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
इससे पहले भी नारायणबगड में बिजली के तार टूटने से सड़क पर कार्य कर रहे दो नेपाली मजदूरों की मौत हो गई थी। विभाग को इस संबंध में कई बार लिखा जा चुका है लेकिन विभाग द्वारा कोई पहल नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि अविलंब पोलों को बदला जाय अन्यथा ग्रामीणों को बाध्य होकर आंदोलन की राह पकड़नी पड़ेगी।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे बद्रीनाथ के दर्शन

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गोपेश्वर। भारत के नए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार बद्री-केदार के दर्शन करेंगे। हालांकि अभी उनके बद्री-केदार आने का कार्यक्रम प्रस्तावित है फिर भी प्रशासन की ओर से इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

कोविंद ऐसे छठवें राष्ट्रपति होंगे जो बद्रीनाथ आएंगे। राष्ट्रपति के बद्रीनाथ प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। राष्ट्रपति का बद्रीनाथ की प्रस्तावित यात्रा 24 सितम्बर को होनी है। जिलाधिकारी आशीष जोशी के साथ प्रशासन की यात्रा संबंधित तैयारियों का जायजा लिया। कहा कि अभी राष्ट्रपति का दौरा प्रस्तावित है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को बद्रीनाथ केदारनाथ के दर्शन का आमंत्रण सीएम त्रिवेंद्र रावत ने दिया था। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, नीलम संजीव रेड्डी, आर वेंकटरमन, प्रतिभा पाटिल, प्रणब मुखर्जी ने बद्रीनाथ के दर्शन किये थे। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इसी वर्ष कपाटोद्घाटन की तिथि पर बद्रीनाथ के दर्शन किए थे।