ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, ग्लोबल इण्टरफेथवाश एलायंस के सह-संस्थापक एवं गंगा एक्शन परिवार के स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज और पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय के सचिव श्रीपरमेश्वरन अय्यर की बैठक हुई। इस दौरान भारत सरकार, राज्य सरकार, समाज, संस्थान, शिक्षण संस्थान और ग्लोबल इण्टर फेथवाश एलायंस मिलकर स्वच्छता कार्यक्रम को संपन्न कराएंगे।
श्री दीनदयाल उपाध्याय एकात्मकता दिवस के उपलक्ष्य में पूरे भारत में स्वच्छता पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। इसी परिपेक्ष में पूज्य स्वामी की श्रीपरमेश्वरन अय्यर से विश्व शौचालय काॅलेज एवं परमार्थ वाटर स्कूल के द्वारा किये जा रहे कार्यक्रम के विषय में भी विस्तृत चर्चा हुई।
हाल ही में बिहार की महिलाओं का दस दिवसीय प्रशिक्षण हुआ। इसके विषय में जानकारी देते हुए स्वामी ने कहा कि जिस प्रकार बिहार एवं उत्तराखण्ड सरकार ने महिलाओं को स्वच्छता के लिए प्रशिक्षित करने हेतु विश्व शौचालय काॅलेज भेजा। उसी प्रकार देश के अन्य राज्यों में भी विश्व शौचालय काॅलेज की सेवाओं को उपलब्ध करा सके इस पर चर्चा हुई। श्री दीन दयाल उपाध्याय एकात्मकता दिवस के उपलक्ष्य में पूरे भारत में चल रहे स्वच्छता पखवाड़ा को को गति देने के लिए सरकार के साथ परमार्थ निकेतन उत्तराखण्ड तथा भारत के सभी धार्मिक एवं महत्वपूर्ण स्थलों पर स्वच्छता अभियान चलाने के विषय पर भी चर्चा हुई।
श्रीपरमेश्वरन अय्यर ने कहा कि स्वच्छता के प्रति जागरुकता के क्षेत्र में विश्व शौचालय काॅलेज अद्वितीय कार्य कर रहा है, स्वच्छ कल के निर्माण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह स्वच्छता कार्यक्रम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज के मार्गदर्शन में सम्पन्न किया जायेगा। जिसमे पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय, नमामि गंगे, विभिन्न धर्मों के धर्मगुरू, राज्य सरकार, स्थानीय प्रशासन, स्थानीय नेतागण, नगरपंचायत, संस्थानों के मालिक, जनता, जीआईसी लक्ष्मणझूला, सत्य हाईस्कूल, स.वि.म. इण्टर कॉलेज आवास विकास, टैक्सी यूनियन, सारथी संस्था, परमार्थगुरूकुल के ऋषिकुमार एवं परमार्थ परिवार के सदस्यों के साथ अनेक विद्यालय एवं संस्थाओं के सदस्य सहभाग कर रहे है।
महात्मा गांधी के सपनों को साकार करना तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को गति प्रदान करना इस कार्यक्रम का उद्देश्य है। ’स्वच्छता ही सेवा है’ को लक्ष्य बनाकर स्वच्छता के प्रति जनता में जागरुकता, एकात्मकता एवं एकरुपता लाने के लिए ताकि सब मिलकर एक कदम नहीं बल्कि सबकदम स्वच्छता की ओर बढ़े और निरन्तर बढ़ते रहें। इसके लिए ग्लोबल इण्टर फेथवाश एलायंस, भारत सरकार के साथ समन्वय से तथा स्थानीय सहयोग से सभी को जोड़ते हुए ’स्वच्छता ही सेवा’का संदेश देने के लिये धरातल पर मिलकर सभी कार्य करेंगे जिसमें लक्ष्मणझूला से लेकर रामझूला तक महास्वच्छता अभियान चलाया जायेगा।
इस कार्यक्रम के लिये पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने सभी से आहृवान किया कि आप सभी सादर आमंत्रित हैं। यह कार्य किसी एक का नहीं हम सबका है। अतः आप सब इस स्वच्छता अभियान से जुड़े ताकि एक कदम स्वच्छता ओर नहीं बल्कि सवा सौ करोड़ लोगों के कदम स्वच्छता की ओर बढ़े तो वास्तव में स्वर्णिम भारत का उदय होगा। 25 सितम्बर को 9 बजे से 11 तक लक्ष्मण झूला से राम झूला तक होने वाले इस महास्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।
स्वच्छता पखवाड़ा अभियान में सरकार के साथ परमार्थ भी बढ़ाएगा हाथ
दिलीप कुमार की जिंदगी पर नहीं बनेगी बायोपिक
राज कपूर के बाद दिलीप कुमार की जिंदगी पर बायोपिक बनने की संभावनाएं खत्म हो गई हैं। देव आनंद के परिवार ने पहले ही इस संभावना को खारिज कर दिया है। पिछले सप्ताह ऋषि कपूर भी मना कर चुके हैं कि उनका परिवार राज कपूर पर बायोपिक बनाने की अनुमति नहीं देगा।
दिलीप कुमार पर बायोपिक की संभावनाओं पर उनकी बेगम सायरा बानो की ओर से मनाही आ गई है। कहा जा रहा है कि दो बड़े कारपोरेट घराने इस योजना को लेकर सायरा के सपंर्क में थे। सूत्रों का कहना है कि सायरा की ओर से दोनों को मना का संदेश भेज दिया गया है।
सायरा का भी यही मानना है कि दिलीप कुमार जिस स्तर के सितारे हैं, उनकी जिंदगी को किसी एक फिल्म में समेटना मुमकिन नहीं, बल्कि किसी भी बात को लेकर विवाद की गुंजाइश हो सकती है, जिससे उनका परिवार बचना चाहता है। दिलीप कुमार पर बायोग्राफी लिखी जा चुकी है। वरिष्ठ पत्रकार उदया तारा नायर ने ये बायोग्राफी लिखी, जिसका टाइटल ‘सब्स्टेंस एंड द शैडो’ है। तारा की ओर से भी उनकी लिखी बायोग्राफी को आधार बनाकर फिल्म बनाने की कोशिश हो रही थी, लेकिन तारा ने ये फैसला सायरा बानो पर छोड़ दिया था।
विद्या बालन की फिल्म तुम्हारी सुल्लू पीछे हटी
विद्या बालन की फिल्म ‘तुम्हारी सुल्लू’ को इस साल 1 दिसंबर को रिलीज होना था, लेकिन इसकी रिलीज डेट बदली गई है और अब ये फिल्म एक सप्ताह पहले, यानी 24 नवंबर को ही रिलीज हो जाएगी। जानकारी के अनुसार, ये फेरबदल अचानक 1 दिसंबर को संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ के रिलीज होने की घोषणा के बाद किया गया।
विद्या की इस फिल्म से एक नए निर्देशक सुरेश त्रिवेणी की शुरुआत हो रही है और टीम ऐसे में ‘पद्मावती’ जैसी बड़ी फिल्म के साथ टकराव नहीं चाहती थी, इसलिए तुम्हारी सुल्लू को एक सप्ताह पहले ही रिलीज करने का फैसला किया गया। नीरजा वाले निर्माता अतुल कास्बेकर और उनके साथ तनुज गर्ग ने टी सीरिज की पार्टनरशिप में ये फिल्म बनाई है। हाल ही में इस फिल्म का टीजर रिलीज किया गया, जिसे काफी पसंद किया जा रहा है।
विद्या बालन इस फिल्म में एक आरजे के रोल में है, जो अपनी आवाज के जादू से लोगों के साथ मस्ती करती हैं। मानव कौल इस फिल्म में विद्या के जोड़ी दार हैं। इस फिल्म में नेहा धूपिया भी नजर आएंगी। साथ ही विवादो में घिरी रही असली आरजे मलिश्का भी इस फिल्म में परदे पर होंगी।
जाॅन की फिल्म के दो नए पोस्टर
8 दिसंबर को रिलीज होने जा रही जान अब्राहम की फिल्म के दो नए पोस्टर लांच किए गए हैं, इनमें से एक पोस्टर जान का अपना है और दूसरा पोस्टर फिल्म में उनकी नायिका बनी डायना पेंटी का है। जान और डायना पेंटी ने सोशल मीडिया पर अपने अपने लुक वाले नए पोस्टर रिलीज किए। इन पोस्टरो के साथ लिखी पोस्ट में दोनों के फिल्म मे किरदारों के नाम भी जाहिर हो रहे हैं।
दोनों ही फिल्म में भारतीय सेना के अधिकारियों का रोल कर रहे हैं, जिनमें जान के किरदार का नाम अश्वत है, तो डायना पेंटी के किरदार का नाम अंबालिका है। पहली बार दोनों ने किसी फिल्म में साथ काम किया है। जान अब्राहम द्वारा अपने प्रोडक्शन में बनाई जा रही ये फिल्म 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार द्वारा किए गए परमाणु परीक्षणों को लेकर हुई घटनाओं पर बनी है, जिसका निर्देशन अभिषेक शर्मा ने किया है।
अभिषेक शर्मा इससे पहले तेरे बिन लादेन बना चुके हैं। सैफ अली के साथ काकटेल और फिर हैप्पी भाग जाएगी फिल्मों में काम कर चुकी डायना पेंटी की हाल ही में फिल्म लखनऊ सेंट्रल रिलीज हुई है, जिसे बाक्स आफिस पर कोई सफलता नहीं मिली।
नए जिलों का पुनर्गठन नवरात्र के तुरंत बादः भाजपा
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के निर्देश के अनुपालन में भाजपा उत्तराखंड के वर्तमान 23 संगठनात्मक जिलों का पुनर्गठन कर कुल 14 जिले बनाने का कार्य नवरात्र के तुरंत बाद कर लिया जाएगा। पुनर्गठन तक पुरानी व्यवस्था लागू रहेगी।
शनिवार को भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ देवेंद्र भसीन ने प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के बयान को कुछ समाचार पत्रों में वर्तमान 23 जिला संगठन भंग कर दिए जाने को भ्रामक बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भट्ट ने भाजपा राष्ट्रीय कार्य परिषद की बैठक के बाद जिलों के पुनर्गठन की बात कही थी, किंतु उनके तत्काल भंग किए जाने सम्बंधी कोई वक्तव्य नही दिया था। उन्होंने कहा था कि भाजपा राष्ट्रीय कार्य परिषद की बैठक होने के बाद उत्तराखंड में जिलों का पुनर्गठन किया जाएगा।
डॉ भसीन ने कहा कि, “भाजपा राष्ट्रीय परिषद की बैठक के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी 24 सितम्बर को यहां से रवाना हो जाएंगे और परिषद की बैठक के बाद 27-28 सितम्बर तक देहरादून वापस आएंगे। उनके वापस आते ही जिला पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।”
यह प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के बाद नवरात्र जो 29 सितम्बर को पूर्ण हो रहे हैं के बाद इस बारे में घोषणा की जाएगी। पुनर्गठन घोषणा के समय तक पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी।
इन महिलाओं के हाथ के लड्डू खाए जाते हैं देश-विदेश में
जोशीमठः चमोली जिले के सीमांत नगर जोशीमठ में छह साल पहले एक महिला ने चौलाई के लड्डू बनाने की जो पहल शुरू की थी, वह आज 50 से अधिक लोगों के रोजगार का आधार बन गई है। इतना ही नहीं, महिलाओं द्वारा तैयार इन लड्डुओं को देश-दुनिया के यात्री भी हाथों हाथ ले रहे हैं। अन्य मिठाइयों के मुकाबले दाम कम होने और स्थानीय उत्पाद से बने होने के कारण इन लडडुओं की बाजार में भी मांग बढ़ी है।
जोशीमठ ब्लॉक को चौलाई उत्पादन करने वाले अग्रणी क्षेत्रों में गिना जाता है। यहां प्रतिवर्ष 500 टन चौलाई का उत्पादन काश्तकार करते हैं। लेकिन, स्थानीय स्तर पर इसका व्यावसायिक उपयोग न होने के कारण काश्तकार बिचौलियों के हाथों औने-पौने दाम पर फसल बेचने को मजबूर रहते हैं। इसी को देखते हुए वर्ष 2012 में ब्लॉक के गणेशपुर गांव की धर्मा देवी ने चौलाई का उपयोग और इससे स्थानीय लोगों को रोजगार देने की दिशा में पहल की। धर्मा देवी को स्वयं सेवी संस्था हैस्को ने स्थानीय उत्पादों पर आधारित उद्योग लगाने की प्रेरणा दी थी। धर्मा देवी ने सबसे पहले अपने घर पर ही चौलाई के लड्डू बनाकर उन्हें स्थानीय बाजार में बेचना शुरू किया। परिणाम सकारात्मक मिले तो बदरीनाथ धाम आने वाले यात्रियों को प्रसाद के रूप में चौलाई के लड्डू परोसने की मुहिम शुरू हुई।
धर्मा देवी ने जय बदरी विशाल स्वयं सहायता समूह गठित कर इस कार्य में अन्य ग्रामीण महिलाओं का भी सहयोग लिया। वह बताती हैं, कि पहले चरण में उनके साथ सात परिवार जुड़े, लेकिन वर्तमान में 50 से अधिक परिवार चौलाई के लड्डू बनाने में जुटे हैं। इन परिवारों की महिलाएं लड्डू तैयार कर उन्हें बदरीनाथ धाम में प्रसाद की दुकानों में भेजती हैं। इनकी उन्हें 250 रुपये प्रति किलो कीमत मिल जाती है। भविष्य में इसका दायरा बढ़ाकर अन्य गांवों की महिलाओं को भी स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का विचार है।
ग्रामीणों से खरीदते हैं चौलाईः जोशीमठ प्रखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांवों में चौलाई का उत्पादन बहुतायत में होता है। ये महिलाएं सीधे काश्तकारों से चौलाई खरीदती हैं। इसका उन्हें बाजार भाव दिया जाता है। चौलाई के लड्डू बनाने के बाद महिलाएं स्वयं इनकी पैकिंग, मार्केटिंग व अन्य कार्य करती हैं।
अब तक बना चुकीं 600 क्विंटल लड्डूःमहिलाओं ने इस वर्ष 600 क्विंटल लड्डू तैयार कर उन्हें बाजार में पहुंचाया। इस बार यात्रियों की आमद बढ़ने के कारण ये लड्डू प्रसाद में खूब बिके। महिलाओं को इससे 2.52 लाख का शुद्ध मुनाफा हुआ।
वर्षा के चलते बद्रीनाथ सहित ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी शुरू
गोपेश्वर। चमोली जिले में हो रही लगातार वर्षा के कारण बद्रीनाथ, हेमकुंड, औली गौरसों की पहाड़ियों पर बर्फबारी शुरू हो गई है। जिससे यहां ठंड बढ़ने लगी है। वहीं नीचले स्थानों पर हो रही वर्षा के कारण ठंड बढ़ने लगी है।
शुक्रवार से जनपद में हो रही लगातार वर्षा के कारण ठंड बढ़ने लगी है। बद्रीनाथ धाम के नर नारायण, नीलकंठ हेमकुंड साहेब, जोशीमठ के औली गौरसों सहित अन्य पहाड़ियों पर बर्फबारी शुरू हो गई है।
बर्फबारी के कारण ठंड बढ़ने लगी है। ठंड से बचने के लिए लोगों ने गर्म कपड़े पहनने शुरू कर दिए है। लगातार वर्षा के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
छात्रवृत्ति की पहली कट ऑफ डेट 31 अक्टूबर
समाज कल्याण विभाग ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग एवं अन्य पिछड़ी जाति पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए पहली, दूसरी व तीसरी कट ऑफ डेट जारी कर दी है।
निदेशक समाज कल्याण वीएस धनिक की ओर से जारी किए गए निर्देश में छात्र-छात्राओं द्वारा ऑनलाइन आवेदन करने की पहली कट ऑफ डेट 20 सितम्बर से 31 अक्टूबर तय की गई है। इस अवधि में छात्र-छात्राएं आवेदन करेंगे। इसके बाद 10 नवंबर तक संबंधित शैक्षणिक संस्थान उक्त आवेदन को जिला समाज कल्याण अधिकारी को भेजेंगे, जिसकी विभाग दस दिसंबर तक जांच करेंगे। 31 दिसंबर तक छात्रों के खाते में छात्रवृत्ति भेजी जाएगी।
इसी तरह से दूसरी कट ऑफ डेट 11 नवंबर से 31 दिसंबर तय की गई है। इसमें दस जनवरी 2018 तक कॉलेज आवेदन जिला समाज कल्याण अधिकारी को भेजेंगे, जिस पर दस फरवरी तक विभाग अपनी जांच पूरी कर छात्रवृत्ति भेजेगा। 11 जनवरी 2018 से 28 फरवरी तक तीसरी कट ऑफ डेट रहेगी। पांच मार्च तक कॉलेज विभाग को आवेदन भेजेंगे, जिस पर 20 मार्च तक विभाग अपनी जांच पूरी करेगा। निदेशक ने साफ किया है कि तय समय के बाद भेजे जाने वाले आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
अगले 24 घंटे भारी बारिश की चेतावनी
देहरादून। प्रदेश की राजधानी देहरादून सहित राज्य के सात जिलों में अगले 24 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर प्रशासन अलर्ट पर है। मौसम विभाग के मुताबिक कुमाऊं मंडल के चार जिलों और गढ़वाल मंडल के तीन जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी बारिश के आसार हैं।
राजधानी दून में शुक्रवार की देर रात से शुरू हुई बारिश शनिवार दोपहर तक जारी है। बारिश के कारण शहर के मार्ग पर यातायात बाधित रहा। वहीं कुमाऊं के नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, पिथौरागढ़, चंपावत और गढ़वाल के पौड़ी, हरिद्वार में बारिश हो रही है।
मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि इन जिलों के ज्यादातर स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है, जिससे भूस्खलन का खतरा बना रहेगा। बताया कि सामान्य तौर पर प्रदेश से मानसून की विदाई सितम्बर अंत या अक्टूबर शुरू में होती है। अगले दो दिनों तक बारिश का क्रम इसी तरह जारी रह सकता है।
महंत मोहनदास को खोजने में प्रदेश सरकार की रुचि नहीं: प्रीतम सिंह
हरिद्वार। उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने शनिवार को कनखल स्थित श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन पहुंचकर अखाड़े के कोठारी महंत मोहनदास की गुमशुदगी की बाबत जानकारी ली। उन्होंने अभी तक महंत का पता नहीं लगा पाने पर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया है।
विदित हो कि बड़ा अखाड़े के कोठारी महंत मोहनदास महाराज 15 सितम्बर को रात्रि लोकमान्य तिलक रेल से मुम्बई के लिए निकले थे। रास्ते में ही वह अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गए। पुलिस की लाख कोशिशों के बाद भी उनका आज तक कुछ पता नहीं चल पाया। अब जांच एसआईटी को सौंप दी गई है। महंत का पता न लगा पाने से आक्रोशित संतों ने शुक्रवार को शिवमूर्ति से सुभाष घाट हरकी पैड़ी तक सांकेतिक मार्च भी निकाला और सरकार को तीन दिन का अल्टीमेटम महंत को ढूढ़ने के लिए दिया। इसी कड़ी में शनिवार की दोपहर उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष प्रीतम सिंह अखाड़े पहुंचे। उन्होंने कहा कि आठ दिन बीत जाने के बाद भी महंत मोहनदास का पता न चलना प्रदेश सरकार की नाकामी को दर्शाता है। कहा कि दो दिन पूर्व देहरादून में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का आगमन हुआ। पूरी सरकार उनकी आवभगत में लगी रही। किन्तु महंत मोहन दास की तलाश में सरकार ने कोई रूचि नहीं दिखाई। श्री सिंह ने कहा कि यदि सरकार महंत मोहनदास को ढूढ़ने में तत्परता दिखाती तो उनका पता चल सकता था। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। आम आदमी आज सुरक्षित नहीं है। उन्होंने महंत मोहनदास की खोज के लिए केन्द्रीय जांच एजेंसी से जांच की मांग की।
प्रदेश अध्यक्ष ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को भी कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जिस कोच में महंत मोहनदास सफर कर रहे थे, वह एसी कोच था। जिसमें सुरक्षा गार्ड होता है। सुरक्षा गार्ड के होते हुए एक महंत का लापता हो जाना आश्चर्यजनक है। उन्होंने कहा कि यह तो एक संत की बात है। आम आदमी की सुरक्षा का इसी से पता चल जाता है। यदि एसी कोच का ऐसा हाल है तो साधारण कोच की स्थिति का अनुमान लगाया जा सकता है। उन्होंने महंत मोहनदास के गायब होने के लिए रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को भी जिम्मेदार ठहराया। इस दौरान उन्होंने संतों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाते हुए प्रदेश सरकार से तन्मयता से लापता महंत मोहनदास की खेज की मांग की।




























































