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परमार्थ निकेतन के साथ देशी-विदेशी लोगों ने शुरु की गंगा को स्वच्छ रखने की मुहिम

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फोटोः कृष्णा रावत

गंगा को स्वच्छ रखने की मुहिम को बढ़ावा देने और लोगों को गंगा स्वत्छता के लिए जागरूक करने के लिए तीर्थनगरी ऋषिकेश में सामूहिक स्वत्छता अभियान चलाया गया। जिसमे हजारों लोगों ने एक साथ गंगा तटों पर साफ़ सफाई की और इस स्वच्छता मिशन को आगे बढ़ाया।  राष्ट्रीय स्वत्छ गंगा मिशन एवं जल संसाधन भारत सरकार द्वारा गंगा नदी के किनारे बसे शहरों पर गंगा स्वच्छता पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है,जिसमें हजारों लोग जुड़ रहे है और गंगा के महत्व के बारे में जानकारी ले रहे है। इसी कड़ी में ऋषिकेश के रामझूला-लक्ष्मणझूला के गंगा घाटों पर भी नमामि गंगे और परमार्थ निकेतन के सहयोग से गंगा स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया जिसमें बहुत से स्कूली बच्चों और देशी-विदेशी मेहमानों ने भी बड़- चड़कर हिस्सा लिया।

sanitation

अभियान का उदेश्य लोगों को गंगा स्वत्छता से जोड़ना और सफाई के प्रति जागरूक करना है।गा घाटों को साफ़ रखने के उद्देश्य से यहाँ रैली भी निकली गई और साथ ही साथ गंगा के घाटों पर सफाई अभियान चलाया गया जिसमें हर कोई साथ देता नजर आया। परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद मुनि के बताया की सबको संकल्प लेने की जरूरत है की वो देश को स्वत्छता की और लेकर जाना है। सिर्फ स्कूली बच्चे ही नहीं बल्कि देशी और विदेशी मेहमान भी इस अभियान से जुड़ते नजर आये सफाई के प्रति उनका जोश देखने लायक था। तो वहीँ स्वत्छता अभियान में पहुँचे नमामि गंगे प्रोजेक्ट उत्तराखंड के डायरेक्टर राघव लंगर ने बताया कि नमामि गंगे के तहत हर जन को गंगा के प्रति जागरूक किया जा रहा है ताकि मैली होती गंगा को साफ़ और स्वच्छ बनाया जा सके। इस तरह के अभियान की सख्त जरुरत है।करोडो हिन्दुओ कि आस्था का प्रतीक गंगा एक राष्ट्रीय धरोहर है लेकिन बढ़ते आबादी के बोझ ने इसे प्रदूषित कर दिया है उत्तराखंड मे ही गंगा धीरे-धीरे मैली होती जा रही है ऐसे मे हर एक को गंगा स्वच्छता के लिए आगे आने की जरूरत है।

सूबे में बारिश थमी, सौ से ज्यादा सड़कें अवरुद्ध

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सूबे के कई इलाकों में शुक्रवार से जारी बारिश सोमवार को थम गई है लेकिन दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। बारिश के चलते राज्य में सौ से ज्यादा सड़के अवरुद्ध हैं। हालांकि शासन प्रशासन इन्हें खोलने की कार्रवाई में लगा है।

मौसम विज्ञान केंद्र देहारादून के अनुसार राज्य में आंशिक रूप से लेकर आमतौर पर बादल छाये रहेंगे। उत्तराखण्ड में अनेक स्थानों में हल्की से मध्यम गर्जन के साथ वर्षा हो सकती है। 4500 मीटर की ऊंचाई वाले स्थानों में हिमपात होने की संभावना है। इससे सर्द हवाएं चलेंगी। लेकिन सोमवार को तापमान में बढ़ोत्तरी दर्ज होगी और अधिकतम तापमान 31 डिग्री तक जायेगा। जबकि न्यूनतम 19 डिग्री रहने का अनुमान है।

देहरादून में आंशिक रूप से लेकर आमतौर पर बादल छाये रहेंगे। कुछ क्षेत्रों में गर्जन वाले बादल विकसित होने के साथ हल्की वर्षा की सम्भावना है। अधिकतम तापमान 31 सेल्सियस के लगभग रहेगा।

ट्रेन की चपेट में आकर एक व्यक्ति घायल

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थाना डोईवाला क्षेत्र के गूलर घाटी में एक व्यक्ति ट्रेन की चपेट में आकर घायल हो गया। सूचना पर चौकी हर्रावाला पुलिस मौके पर पहुंचकर उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। घायल की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।

हर्रावाला चौकी पुलिस ने बताया कि सोमवार को सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति गूलर घाटी में ट्रेन की पटरी के किनारे घायल अवस्था मे पड़ा है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। वहां एक व्यक्ति की दाहिनी टांग घुटने से नीचे से कटी हुई थी और बेहोशी की हालत में था। पुलिस ने तुरंत घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया।

व्यक्ति की पहचान छोटे पहाड़िया पुत्र चंदा पहाड़िया ग्राम बड़ा पत्थर थाना बरहेट जिला साहेबगंज झारखंड के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक यह व्यक्ति 10-12 दिन से डॉक्टर दौलतराम डोभाल राजा पैलेस होटल मालिक देहरादून के यहां सफाई का काम करता था। डॉक्टरों के अनुसार छोटे पहाड़ियां की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस द्वारा परिवारजनों को सूचित किया गया है।

चार पीढ़ियों से बना रहा मुस्लिम परिवार रावण का पुतला

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काशीपुर। कला किसी पहचान की मोहताज नहीं, किंतु आधुनिकता की चकाचौंध में उसे कायम रखना मुश्किल है। आर्थिक लाभ के फेर में लोग पुश्तैनी कार्यों को छोड़ रहे हैं। पीढ़ी दर पीढ़ी हाथ के हुनर का हस्तांतरण खत्म होने से कलाओं का अस्तित्व भी खोने को है।

लेकिन परिवार को विरासत में मिली कला को कायम रखने की अनोखी मिसाल पेश कर रहा है एक मुस्लिम परिवार, जो पूर्वजों से मिली पुतले बनाने की कला को तीसरी पीढ़ी न केवल जिंदा रखे हुए है, बल्कि उनकी ख्वाहिश अगली पीढ़ी को भी यह कला सौंपने की है।
असत्य पर सत्य की विजय के पर्व दशहरे को लेकर जहां एक ओर गुरु द्रोणाचार्य की तप स्थली काशीपुर में गंगा-जमुनी तहजीब को बनाये रखने वाले शहर काशीपुर में मुस्लिम बंधुओं द्वारा रावण का पुतला तैयार किया जा रहा है। वहीं दशहरे के पर्व को लेकर भी लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है, वहीं जगह जगह रावण के पुतले भी नज़र आने लगे हैं। काशीपुर के रामलीला मैदान में होने वाले पुतला दहन के लिए रावण का 70 फीट ऊँचा पुतला तैयार किया जा रहा है। पुतला दहन के साथ मुस्लिम बंधुओं का भी कर्म जुड़ा हुआ है। यहाँ जलाये जाने वाले पुतलों को पिछले कई दशक से मुस्लिम परिवार ही बनाता आ रहा है। चार पीढ़ियों से दशहरे के पर्व पर रावण सहित कुम्भकर्ण और मेघनाथ का पुतला बनाने का काम कर रहे महबूब कहते है, “इस काम में हमें दिल से बहुत खुशी मिलती है क्योंकि यह एक धार्मिक आस्था का काम है। जब लोग दशहरे के दिन पुतला दहन के बाद खुश होते हैं तो हमें भी त्यौहार मनाने वालों की तरह ही ख़ुशी होती है। महबूब कहते हैं कि , “इस काम को करते हुए हमारी चार पीढ़ियां गुजर गई लेकिन इस बार महंगाई की मार सबसे अधिक है।

वहीं आयोजकों द्वारा भी महबूब और उसके परिवार के लोगों के लिए दो माह पहले से ही तैयारी के लिे जगह देदी जाती है, मेरठ के रहने वाले महबूब की चार पीढीयों से आज तक पुतला बनाने का काम एक ही परिवार को दिया जाता रहा है, वहीं रामलीला कमेठी भी महबूब ौर ुसके परिवार के कार्यों की सराहना करता है।
गौरतलब है कि शहर में रावण का सबसे बड़ा पुतला यहीं जलाया जाता है। पुतला दहन के साथ यहाँ होने वाली भव्य आतिशबाजी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र होती है। काशीपुर के रामलीला मैदान में जब रावण, कुम्भकर्ण और मेघनाथ के पुतले को आग के हवाले किया जाएगा तो असत्य पर सत्य की जीत की मिसाल पेश होगी।

राज्य में तीन नए आयुर्वेदिक कॉलेजों को मिली मान्यता

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देहरादून। आयुर्वेद चिकित्सक बनने के इच्छुक प्रदेश के युवाओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य में तीन नए आयुर्वेदिक कॉलेजों को मान्यता मिल गई है। यह कॉलेज बेशक निजी क्षेत्र के हैं लेकिन इनकी पचास प्रतिशत सीट राज्य कोटे में ही भरी जाएंगी।

उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने इसी माह तीन सितम्बर को यूएपीएमटी का आयोजन किया था। जिसका परिणाम जारी किया जा चुका है और विवि अक्टूबर माह में काउंसलिंग आयोजित करेगा। यूएपीएमटी की अधिसूचना में तब सरकारी व निजी कॉलेजों की 880 सीट का उल्लेख था। जिसमें अब बढ़ोत्तरी हो गई है। राज्य में तीन और निजी कॉलेजों को बीएएमएस की 60-60 सीट के लिए मान्यता मिल गई है। इनमें शिवालिक इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद एंड रिसर्च झाझरा, दून इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद फैकल्टी मेडिकल साइंसेज शंकरपुर सहसपुर और देवभूमि मेडिकल कॉलेज ऑफ आयुर्वेद एंड हॉस्पिटल मांडूवाला शामिल हैं। विवि के कुलसचिव प्रो. अनूप कुमार गक्खड़ ने बताया कि मान्यता मिलने पर इन कॉलेजों को भी काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है। इनमें 30-30 सीट राज्य कोटे में भरी जाएगी। ऐसे में सीट बढ़ने का फायदा राज्य के युवाओं को मिलेगा। 

गैस सिलेंडरों से भरे ट्रक में लगी आग

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सोमवार दिन में करीब 12 बजे नैनीताल वीरभट्टी के पास एक गैस सिलेंडर के ट्रक में आग लग गई जिसके चलते सिलेंडरों में विस्फोट भी होने लगा। इस दौरान विस्फोट से ट्रक के परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद यातायात बंद हो गया है। चालक और क्लीनर किसी तरह भागकर जान बचाने में सफल रहे।  भवाली वीरभट्टी रास्ता आम जनता के लिए बंद कर दिया गया और साथ ही फायर ब्रिगेड और साथ ही फायर ब्रिगेड और एक आॅफिसर को घटना स्थल के पास भेज दिया गया आग पर काबू करने के लिए।

हल्द्वानी से अल्मोड़ा की ओर जा रहे गैस सिलेंडर से लदे ट्रक पर सोमवार दिन में करीब 12 बजे आग लग गई। गोठिया पुल पर ट्रक में आग लगने की भनक लगते ही चालक व क्लीनर ट्रक से कूदकर दूर भाग निकले। सूचना पर नैनीताल से फायर ब्रिगेड भी मौके के लिए रवाना कर दी गई।सिलेंडर की गाड़ी में आग ठीक एक पुराने पुल के ऊपर हुई जोकि एनएच 87 का हिस्सा भी है, खबर  यह भी आ रही है कि है कि पुल भी इस विस्फोट से कमजोर हुआ है।

एसएसपी नैनीताल जन्मेजय खंडूड़ी ने बताया कि ”लगभग 12 बजे के आसपास ये घटना हुई और तुरंत ही फायर ब्रिगेड टीम और फायर आॅफिसर घटना स्थल के लिए रवाना किए गए।इस गटना में जान हानि की कोई खबर नहीं है।पहले पुलिस के लिए महत्तवपूर्ण था आग को काबू  में करना।घटना के दौरान ट्रेफिक रोक दिया गया था।बाद में घटना की जांच की जाएगी”।

देश विदेश के श्रद्धालु होंगे महासू महिमा से परिचित

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विकासनगर। अब देश, विदेश के श्रद्धालु भी जौनसार-बावर परगने समेत रवांई, जौनपुर व हिमाचल प्रदेश के आराध्य देव चार महासू की महिमा से परिचित होंगे। जय महासू सिरीज ने महासू दरबार चलो रे नाम से वीडियो एलबम तैयार की है। इसमें चार महासू की वंदना व महिमा का वर्णन है।

रविवार को एलबम के निर्माता आशीष भट्ट ने बताया कि धार्मिक नगरी हनोल, थैना सहित जौनसार-बावर परगने में चार महासू के दर्जनों मंदिर है, जहां देश विदेश से श्रद्धालु आराध्य देवों के दर्शन के लिए आते हैं। हिंदी में महासू महिमा का वर्णन उपलब्ध नहीं होने से श्रद्धालुओं को इनकी विस्तृत जानकारी नहीं मिल पाती है। लिहाजा जय महासू सिरीज के बैनर तले एक वीडियो एलबम तैयार किया गया है। एलबम में महासू महिमा के साथ ही परगने की सुंदरता को भी दर्शाया गया है ताकि धार्मिक पर्यटन के साथ ही मुख्य पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सके। एलबम में गीत संगीत स्थानीय प्रतिभाओं द्वारा दिया गया है। उन्होंने बताया कि वीडियो एलबम आगामी 28 सितंबर को बाजार में उपलब्ध हो जाएगा। इस दौरान गीतम पंडित, मनोज भट्ट, रोशन, पिंकेश, शेखर अधिकारी, राहुल वर्मा, हिरोज महंता आदि मौजूद रहे।

दून में 4 जुअारी गिरफतार

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कल रात धारा चौकी पुलिस द्वारा सेंट थॉमस स्कूल के पीछे फालतू लाइन से 4 व्यक्ति ललित थापा, मोनू कुमार,रोबिन गर्ग व विकास त्यागी  को सार्वजनिक स्थान पर जुआ खेलते हुए गिरफ्तार किया गया।

मौके से उक्त अभियुक्तों के कब्जे से 8400/- ₹ की धनराशि बरामद की गई। अभियुक्तों के विरुद्ध धारा 13 जी एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया। जिन्हें आज माननीय न्यायालय पेश किया जाएगा।

बजट का संकट, अधर में लटका ‘अमृत प्रोजेक्ट’

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देहरादून। केंद्र सरकार भले ही अमृत प्रोजेक्ट को लेकर गंभीरता दिखा रही हो, लेकिन स्थिति यह है कि तीन साल पहले शुरू हुए इस प्रोजेक्ट के लिए अब तक सरकार ने एक तिहाई बजट भी नहीं भेजा है। इसका परिणाम ये है कि 90 में से 87 योजनाओं का काम अब तक पूरा नहीं हो सका है।

वर्ष 2015 में शुरू हुए अमृत प्रोजेक्ट के लिए 144.83 करोड़ रुपये में 30 पेयजल, सीवेज, ड्रेनेज योजनाएं स्वीकृत की गई लेकिन इसमें से सिर्फ बीस फीसद बजट ही जारी किया गया। इसके बाद वर्ष 2016 में 192.58 करोड़ रुपये में 31 योजनाएं स्वीकृत हुई। इसमें मात्र देहरादून के लिए बीस फीसद बजट जारी किया गया। बाकी छह शहरों के लिए सरकार ने कोई पैसा नहीं दिया। इतना ही नहीं इस साल 230.49 करोड़ रुपये में 29 योजनाएं स्वीकृत हुई लेकिन इस साल अब तक पेयजल निगम को बजट के नाम पर एक रुपया तक नहीं मिला है। इतना ही नहीं, पेयजल निगम की भी अमृत के प्रति कार्यप्रणाली सुस्त है। इसी का नतीजा है कि तीन साल के भीतर पेयजल निगम मात्र तीन योजनाओं के ही निर्माण कार्य पूरा कर पाया है, बाकी के कार्य अधूरे पड़े हुए हैं। चूंकि, ये प्रोजेक्ट पांच साल का है और इस रफ्तार से तो समय से प्रदेश में अमृत प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद नहीं है।
सूत्रों की मानें तो इस साल के लिए बजट की एक किश्त शहरी विकास विभाग के पास पहुंची हुई है लेकिन अब तक यह पैसा पेयजल निगम को नहीं मिल पाया है। यदि शहरी विकास विभाग समय से इस पैसे को निगम को सौंप दे तो योजनाओं के निर्माण कार्य में तेजी आए। वहीं पेयजल निगम प्रबंध निदेशक भजन सिंह ने कहा कि बजट के अभाव में योजनाओं के निर्माण में कुछ देरी हो रही है। इस संबंध में बात चल रही है कि जल्दी बजट मंगाया जाए, जिससे कि योजनाओं का निर्माण समय से पूरा हो सके। 

भैयादूज को बंद होंगे केदारनाथ धाम के कपाट

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रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट भैयादूज पर्व पर 21 अक्टूबर को विधि-विधान पूर्वक बंद कर दिए जाएंगे। जबकि द्वितीय केदार मद्महेश्वर धाम व तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट बंद होने की तिथि विजयादशमी पर्व पर घोषित की जाएगी। इन तीनों धामों के कपाट बंद करने के लिए बद्री-केदार मंदिर समिति ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।

प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि पर्व पर केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की घोषणा होती है, जबकि धाम के कपाट भैयादूज पर बंद होने की पौराणिक परंपरा है। इसके साथ ही द्वितीय केदार मद्महेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट बंद होने की तिथि की आधिकारिक घोषणा भी 30 सितम्बर को विजयदशमी पर्व पर की जाएगी।
बद्री-केदार मंदिर समिति के कार्याधिकारी अनिल शर्मा ने बताया कि भगवान मद्महेश्वर के कपाट बंद होने की तिथि पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ व तुंगनाथ मंदिर के कपाट बंद होने की तिथि मार्कंडेय मंदिर मक्कूमठ में तय होगी।